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मुख्यमंत्री जूनियर स्टेट लेवल बैडमिंटन चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में बैडमिंटन प्रति अच्छा वातावरण बन रहा है। उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम का विकास 11:45 करोड रुपए की लागत से किया गया है। आने वाले समय में यहां 50 करोड़ रुपए की लागत से एस्ट्रो टर्फ और पेवीलियन बनाए जाने की मंजूरी सरकार द्वारा दी गई है। यहां सिंथेटिक ट्रेक भी बनाया जाएगा। स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी में 1000 एकड़ जमीन उद्योगों की स्थापना के लिए आवंटित की गई है, आने वाले समय में 1000 एकड़ जमीन और दी जाएगी। विकास के मामलों में अब उज्जैन पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित जी एच रायसोनी मेमोरियल 58 वीं मध्यप्रदेश राज्य जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया और एसोसिएशन के सदस्यों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैडमिंटन चैंपियनशिप के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार वितरण किये। चैंपियनशिप के फाइनल में जीते खिलाड़ी मिक्स्ड डबल अंडर 17 कन्हैया शर्मा, कृतिका पाठक, मिक्स्ड डबल्स अंडर 19 ओम पटेल, कीर्ति तिवारी, बॉयज सिंगल अंडर 17 मेदांश शर्मा, बॉयज सिंगल अंडर 19 नैवेद्य तोंडे, गर्ल्स सिंगल अंडर 17 नित्या जादौन, बॉयज डबल अंडर 19 देव कुमावत, अंगद मुछाल, गर्ल्स डबल अंडर 19 आस्था शर्मा, कीर्ति तिवारी, गर्ल्स सिंगल अंडर 19 माही पवार, बॉयज डबल्स अंडर 17 शौर्य मिश्रा, अथर्व सक्सेना, गर्ल्स डबल अंडर 17 नित्या जादौन, नाविका सोमानी को ट्राफी प्रदान की गई। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित एसोसिएशन के राजेंद्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, अश्विन गुप्ता और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अंडर 19 के यहां के जो विनर हैं वे गोवा में बेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की टीम का नेतृत्व करेंगे। आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के सचिव अनुराग शर्मा ने किया।  

मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के बीच सामाजिक व आर्थिक संबंधों को मिलेगी मजबूती : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र उन्नति और प्रगति की ओर सतत अग्रसर है। रीवा को 17वीं ट्रेन की सौगात मिली है। रीवा से पुणे (हडपसर) ट्रेन को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को वर्चुअली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रीवा रेवले स्टेशन से रवाना किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा रेलवे स्टेशन से कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन से मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के बीच सामाजिक व आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी वर्चुअली संबोधित किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा से पुणे ट्रेन के संचालन से रेल कनेक्टिविटी को गति मिलेगी और महाराष्ट्र की व्यावसायिक नगरी पुणे तक पहुंचना अधिक सरल और सुलभ हो जाएगा। विन्ध्य के व्यवसायियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली ट्रेन मार्ग के बन जाने से रीवा मुख्य धारा में शामिल हो जाएगा और यह क्षेत्र विकसित क्षेत्र के तौर पर जाना जाने लगेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग के बन जाने पर रीवा विकसित रेलवे स्टेशन होगा और इस क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन आयोग की शर्त अब मूर्त रूप ले रही है जबकि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन को गति मिलनी प्रारंभ हो गई है। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से रीवा रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण करने की अपेक्षा की। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा रेलवे के अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में सीटी स्केन मशीन का किया लोकार्पण उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी अस्पताल रीवा में 8 करोड़ रुपए की लागत की सीटी स्केन मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि कहा कि अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से अब मरीजों को सीटी स्केन की सुलभता हो जाएगी। अत्याधुनिक मशीन उच्च गुणवत्ता से सीटी स्केन करने में सहायक होगी। इस अवसर पर डीन मेडिकल कालेज डॉ सुनील अग्रवाल, अधीक्षक संजय गांधी अस्पताल डॉ राहुल मिश्रा सहित रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा में कांवड़ यात्रा में हुए शामिल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को बाबा घाट रीवा से कांवड़ यात्रा को रवाना किया। कांवड़ यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुइ पचमठा धाम पहुंची जहाँ वृहद भण्डारे का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वयं कांवड़ लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कांवड़ियों का अभिनंदन किया तथा कांवड़ यात्रा में शामिल भगवान के विभिन्न स्वरूपों को धारण करने वालों का अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पचमठा शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को दिव्य कांवड़ यात्रा में शामिल होकर शिवभक्ति, सेवा और अनुशासन का अनुपम संगम प्रस्तुत करने के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास की यह पावन यात्रा जन आस्था, सामाजिक एकता और आध्यात्म की गहराई का अद्भुत प्रतीक है। शुक्ल ने मनकामेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और शिवलिंग निर्माण एवं रूद्राभिषेक भी किया। कांवड़ यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में कांवड़िए व स्थानीयजन शामिल हुए।      

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी

विकास के साथ संस्कृति, संस्कार, धर्म और आध्यात्म आवश्यक : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल विकास तभी पूर्ण जब साथ हों संस्कृति, संस्कार और आध्यात्म: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी आधुनिकता के साथ आध्यात्मिकता जरूरी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संतुलित विकास पर जोर भारतीय संस्कृति उत्थान कार्यक्रम में हुए शामिल रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकास के साथ संस्कृति, संस्कार, धर्म और आध्यात्म आवश्यक है। भारतीय संस्कृति और सनातन को साथ लेकर चलने से ही आने वाली पीढ़ी के लिए विकास वरदान साबित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम रीवा में एडीए इंपैक्ट फाउंडेशन के भारतीय संस्कृति उत्थान कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि एडीए इंपैक्ट फाउंडेशन ने फैशन उद्योग के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का उल्लेखनीय प्रयास किया है। फैशन शो में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी और पारंपरिक भारतीय बुनाई कला, पुनर्नवीनीकरण सामग्री के उपयोग और पर्यावरण चेतना को सशक्त करने के संदेश देने वाले वस्त्र शामिल किए गए हैं, जो प्रशंसनीय हैं। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन की ओर फैशन के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने युवाओं को रचनात्मक कार्यों के लिए एकजुट होकर कार्य करने के लिए बधाई देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामना दी।  

राज्य मंत्री गौर बोलीं – भारतीय त्यौहार संस्कृति और संस्कारों के जीवंत प्रतीक

भारतीय त्यौहारों की बात ही निराली है, हमारे उत्सव हमारी संस्कृति के जीवंत उत्सव हैं: राज्य मंत्री श्रीमती गौर भारतीय उत्सवों में रचा-बसा है हमारी परंपरा और पहचान: श्रीमती गौर का बयान राज्य मंत्री गौर बोलीं – भारतीय त्यौहार संस्कृति और संस्कारों के जीवंत प्रतीक भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि भारतीय त्यौहारों की बात ही निराली है, हमारे उत्सव हमारी संस्कृति के जीवंत उत्सव होते हैं। सावन वह ऋतु है, जिसमें प्रकृति स्वयं नृत्य करती है। यह महीना केवल बारिश का नहीं है, यह शिव की भक्ति, नारी की शक्ति और प्रकृति की भव्यता का संगम है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर रविवार को अयोध्या नगर में सावन उत्सव समारोह में हजारों की संख्या में उपस्थित नारी शक्ति को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि सावन तो जैसे नारी का ही महीना है, जिसमें वह घर को सजाती है, समाज को जोड़ती है और परंपरा को अगली पीढ़ी तक सौंपती है। नारी सिर्फ घर की नहीं, हमारी संस्कृति की संरक्षक भी हैं। उन्होंने कहा कि "नारी जब परंपरा निभाती है, तो पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं। सच पूछिए तो… स्त्री की यही आस्था, हमारी सनातन संस्कृति की असली शक्ति है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुझे आज बहुत प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में आप सावन महोत्सव मनाने के लिए आए। यह जरूर कहना चाहूंगी उत्सव के साथ कुछ संकल्प लेने की हमको आवश्यकता है। सामाजिक एकता परिवार की खुशहाली और स्वस्थ जीवन से जुड़ने का काम भी करें। मैं सभी बहनों से कहना चाहूंगी कि सावन के महीने में सभी को एक पेड़ जरूर लगाना है। दूसरा यह कि विवाह और हमारे त्यौहार में गाए जाने वाले गीत अपने घर की बेटी और बेटी स्वरूप बहू को जरूर सिखाएंगे। सावन उत्सव में तीन हजार से अधिक महिलाएं उपस्थित थी। उत्सव स्थल पर स्टाल लगाए, डांस, संगीत, रैंप वाक, झूलों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बहनों को पुरस्कृत किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सान्निध्य में जन अभियान परिषद करेगी दो अहम करार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में जन अभियान परिषद के साथ दो एमओयू होंगे साइन CM डॉ. यादव की मौजूदगी में जन अभियान परिषद और दो संस्थाओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सान्निध्य में जन अभियान परिषद करेगी दो अहम करार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद् द्वारा दो समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होंगे। पहला त्रिपक्षीय एमओयू जनअभियान परिषद्, दीनदयाल शोध संस्थान एवं राज्य आनंद संस्थान के मध्य होगा। इसका उद्देश्य आपसी प्रशिक्षण द्वारा प्रदेश में आनंद ग्रामों का विकास एवं सतत् विकास लक्ष्य आधारित ग्राम विकास अवधारणा के क्रियान्वयन के साझा पहल करना है। दूसरा द्विपक्षीय एमओयू जनअभियान परिषद् और नर्मदा समग्र भोपाल के मध्य होगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश में नदी संरक्षण के विविध आयामों पर मनःस्थिति और परिस्थिति बदलने के साझा प्रयास करना है। "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का होगा शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन अभियान परिषद के "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का सोमवार को शुभारंभ करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अभियान की संकल्पना पर केन्द्रित पोस्टर का विमोचन भी किया जायेगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुडी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी के गणेश की घर-घर स्थापना करायी जायेगी।  

रक्षाबंधन पर CM डॉ. यादव का संदेश: भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल

भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है रक्षाबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – रक्षाबंधन स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन पर CM डॉ. यादव का संदेश: भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल मुख्यमंत्री ग्राम तालोद और उज्जैन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुए शामिल उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत तालोद में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे रक्षाबंधन पर्व पर बहनों से मिले प्रेम और स्नेह से अभिभूत हैं। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। आज बहनों ने मुझे जो राखियाँ बांधी हैं वह सभी बहनों का प्रेम, विश्वास और सम्मान दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में सरकार निरंतर विकास के कार्य कर रही है। गाँवों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए निरंतर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। शासन ने द्वारा "एक पेड-माँ के नाम” अभियान से प्रेरित होकर "एक बगिया-माँ के नाम" योजना बनाई है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को हरा भरा बनाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुडी महिलाओं को उनकी निजी भूमि पर फलदार पौधों के बगीचे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार द्वारा बगिया में फलदार पौधे, खाद, गड्डे खोदने का खर्च, फेंन्सिग, सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर के जल कुंड बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को पूरे देश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रतिमाह प्रदाय की जाने वाली राशि में भी वृध्दि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन कर फल और मिठाई की टोकरी भेंट स्वरुप दी। मुख्यमंत्री ने बहनों से राखी बंधवाई और उन्हें परंपरा अनुसार सावन का झूला भी झुलाया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, सदस्य शोभाराम मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, राजेश धाकड, संजय अग्रवाल, रवि वर्मा, अमृत लाल कुमावत, लाल सिंह भाटी, दिनेश पटेल, अनिल मालवीय, गोपाल आंजना एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के अथर्व होटल में आयोजित लाडली बहना रक्षाबंधन उत्सव कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी बहनों का स्नेह उन्हें बीते कई वर्षों से प्राप्त हो रहा है। वर्ष में भाई-बहन के दो उत्सव आते हैं एक रक्षाबंधन और दूसरा भाई दूज। इस वर्ष दिवाली के बाद आने वाली भाई दूज से लाडली बहनों को 1250 रूपए के स्थान पर 1500 रूपए प्रति माह प्रदान किए जाएंगे। आने वाले वर्षों में बहनों को प्रदाय की जाने वाली राशि में और वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन, देवास और धार शहर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएगी। आने वाले दिनों में शहर में सदावल, पुलिस डीआरपी लाइन और दताना मताना में हेलीपैड होंगे। दताना मताना को हवाई अड्डे के रुप में भी विकसित किया जाएगा। श्रीमहाकालेश्वर और श्रीओमकारेश्वर ज्योर्तिलिंग को हवाई मार्ग से जोडा जाएगा। चिंतामण, पंवासा और विक्रम नगर रेलवे स्टेशन को भी विकसित किया जाएगा। लाल पुल से रामघाट, मंगलनाथ से सिद्धवट और शनि मंदिर से गउघाट तक नाव का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में उज्जैन में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से लगभग 20 हजार नागरिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। आने वाले दिनों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नए उद्योगो की स्थापना भी सतत की जा रही है। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें एवं नागरिक उपस्थित थे।  

IIT इंदौर की लैब से इंडस्ट्री तक: जल्द शुरू होगा माइक्रो 3डी प्रिंटर का व्यावसायिक निर्माण

इंदौर  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर ने माइक्रो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का लाइसेंस वीफ्यूज मेटल प्रालि को प्रदान किया है। यह कदम आईआईटी की प्रयोगशाला में विकसित तकनीक को उद्योग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस तकनीक को लेजर डेकल ट्रांसफर (एलडीटी) आधारित माइक्रो 3डी प्रिंटर कहा जाता है, जिसे संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की शोधकर्ताओं की टीम ने विकसित किया है। अधिकारियों के मुताबिक अब इस तकनीक की मदद से कंपनी इंडस्ट्री प्रोडक्शन शुरू कर सकेगी। जल्द ही बाजार में माइक्रो 3डी प्रिंटर उपलब्ध हो सकेगा। माइक्रो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग पर संस्थान की प्रयोगशाला में दो साल से अधिक समय से शोधकार्य किया जा रहा है। इसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. पलानी आनंद, प्रो. विपुल सिंह, डॉ. अंशु साहू और शोधार्थी कृष्ण तोमर का अहम योगदान रहा है। यह माइक्रो 3डी प्रिंटर बेहद पतली परतों वाले मटेरियल (थिन फिल्म फीडस्टाक) का उपयोग करके सूक्ष्म और अत्यंत सटीक डिजाइन बनाने में सक्षम है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह मटेरियल की बर्बादी को कम करता है, जिससे लागत कम होती है और परिणाम अधिक सटीक मिलते हैं। इन क्षेत्रों में होगा उपयोग यह उन्नत तकनीक उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जहां सूक्ष्मता और उच्च सटीकता की आवश्यकता होती है। इनमें माइक्रो इलेक्ट्रानिक्स, बायोमेडिकल उपकरण, पहनने योग्य (वियरेबल) तकनीक, उन्नत सेंसर, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं। इस तकनीक से न केवल उद्योगों को लाभ होगा, बल्कि यह भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम सिद्ध होगा। रिसर्च से समाज को दिशा आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास एस. जोशी ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत अनुसंधान को समाज पर वास्तविक प्रभाव डालने वाला बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के संकाय सदस्य अब अपनी शोध गतिविधियों को प्रयोगशाला से आगे बढ़ाकर उद्योग की जरूरतों से जोड़ रहे हैं। संस्थान के अनुसंधान एवं विकास के अधिष्ठाता प्रो. अभिरूप दत्ता ने कहा कि यह साझेदारी इस बात का प्रमाण है कि निरंतर शोध और नवाचार से कैसे मजबूत औद्योगिक सहयोग स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईटी इंदौर अपनी अत्याधुनिक तकनीकों को व्यावसायिक समाधानों में बदलने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

रक्षाबंधन पर मिठाइयों में मिलावट की आशंका, फूड सेफ्टी टीम अलर्ट लेकिन रिपोर्ट फंसी

ग्वालियर  भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही शहर की मिठाइयों की दुकानों पर मिठाई बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन इस मिठास में कहीं मिलावट का जहर न घुल जाए, इसे लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पिछले सालों में त्योहारों पर मिलावटी मावा, नकली घी और अशुद्ध दूध की आपूर्ति के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे पहले से ही सख्त नजर रखी जा रही है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट समय पर नहीं आने से कार्रवाई महज औपचारिकता लग रही है। जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिकने वाले मावा, खोया, दूध, मिठाई, घी व तेल की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं, और बिना लाइसेंस व लेबलिंग वाले उत्पादों की बिक्री पर सख्ती की जा रही है, लेकिन शहर में फूड लैब शुरू नहीं होने से सख्ती बेअसर नजर आती है, क्योंकि सैंपल की जांच समय पर नहीं हो पा रही है। मिलावट का खतरा सबसे अधिक मावा व मिठाई में गर्म मौसम और बढ़ी हुई मांग को देखते हुए सबसे अधिक मिलावट मावा और मिठाइयों में होने की आशंका है। कई मामलों में स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति फैट और रासायनिक रंग का उपयोग कर नकली मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जो लीवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। पिछली कार्रवाई बनी चेतावनी     – अप्रैल 2024 में खाद्य विभाग ने मुरैना ले जाए जा रहे 4,780 किलो मिलावटी मावा को जब्त किया था।     – एक मसाला फैक्ट्री में 100 किलो लकड़ी का बुरादा और रंग बरामद हुआ था, जिसे मसालों में मिलाया जा रहा था।     – दिसंबर में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री भी पकड़ी गई, जहां दूध की जगह केमिकल बेस का उपयोग हो रहा था। इन कार्रवाइयों के बाद 18 दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा चुके हैं, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। त्यौहार से पहले शहर में निगरानी तेज –     कलेक्टर डा. रुचिका चौहान के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वाड और स्थानीय प्रशासन की टीमें दुकानों, मिठाई कारखानों, डेयरियों व थोक बाजारों में सघन निरीक्षण कर रही हैं।     खाद्य अधिकारी डा. संतोष शर्मा के मुताबिक जो भी प्रतिष्ठान मिलावटी सामग्री बेचते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ FSSAI अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह     चमकदार, अत्यधिक रंगीन मिठाईयों से बचें ।     बिना ब्रांड, बिना पैकेजिंग व बिना बिल के खरीदारी न करें।     घर पर दूध, मावा की शुद्धता की जांच के लिए FSSAI द्वारा बताए गए घरेलू परीक्षण अपनाएं।  

सुगम परिवहन सेवा का नया ढांचा तैयार, मुख्यमंत्री होंगे राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष

भोपाल प्रदेश में नगर वाहन सेवा समेत अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश में जल्द ही शुरू किये जाने के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे है। इसके लिये प्रदेश में राज्य स्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को राज्य शासन द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृति दी जा चुकी है। कंपनियों का गठन प्रदेश में राज्य स्तरीय कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट में 3 जुलाई 2025 को पंजीयन के साथ हो गया है। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष होंगे। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन राज्य शासन के द्वारा लिये गये निर्णयों के अनुसार 7 सहायक कंपनी सम्पूर्ण प्रदेश में रहेगी। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनिया बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सभी संभागों में वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे करते हुए नये सिरे से नवीन बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस क्रम में उज्जैन एवं इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का कार्य अंतिम चरण में है। जबलपुर एवं सागर संभाग में सर्वे कार्य जारी है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर तथा चंबल संभाग के रूट्स सर्वेक्षण का कार्य भी किया जाएगा। अधोसंरचना का कार्य पीपीपी मॉडल पर होगा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में वर्तमान निजी बस ऑपरेटर्स को पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन नियंत्रित बस कंपनी द्वारा अनुबंधित कर कंपनी के सुपरविजन में बस संचालित होंगी। इस योजना में प्रत्येक जिले में बस डिपो, अत्याधुनिक बस स्टेंड और बस स्टॉप का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप) मॉडल में किया जाएगा। उज्जैन एवं इंदौर रूट सर्वे कार्य अंतिम चरण होने से इन बस कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलेवार बस ऑपरेटर्स से सलाह कर रूट निर्धारण के संबंध में आवश्यक सलाह मशविरा कर सकेंगे। संदीप सोनी को अतिरिक्त प्रभार उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संदीप सोनी को सौपा गया है। संदीप सोनी वर्तमान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन प्राधिकरण भी हैं। क्षेत्रीय सहायक कम्पनी प्रदेश की 7 क्षेत्रीय सहायक कम्पनी अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रदेश में लम्बे समय से शहरी और अंतरशहरी बस सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन बस सेवाओं में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती दर पर निर्धारित समय पर बस सेवा उपलब्ध हो सकें।  

महाकाल की सवारी में उमड़ेगा आस्था और कला का संगम, उमा-महेश की झलक और जनजातीय नृत्य का समावेश

उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर से सावन महीने की चौथी सवारी सोमवार, 4 अगस्त को निकलेगी। इस बार भगवान महाकाल की पालकी के साथ नंदी रथ पर भगवान श्री उमा-महेश की प्रतिमा भी शामिल की जाएगी। चौथी सवारी की थीम मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित होगी। सवारी शाम 4 बजे निकलेगी भगवान महाकाल की यह सवारी शाम 4 बजे मंदिर से निकलेगी। भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजेंगे, श्री मनमहेश हाथी पर और श्री शिव-तांडव गरुड़ रथ पर होंगे। भगवान का पूजन-अर्चन मंदिर में किया जाएगा, फिर पालकी नगर भ्रमण पर रवाना होगी। मंदिर के बाहर पुलिस जवान भगवान को सलामी देंगे। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस, होमगार्ड, भजन मंडली, झांझ मंडली और पुलिस बैंड भी चलेगा। इन मार्गो से निकलेगी सवारी सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। वहाँ भगवान का शिप्रा नदी के जल से अभिषेक होगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचेगी। पर्यटन पर आधारित झांकियां रहेगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार, इस बार की सवारी में मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल रहेंगी।     वन्यजीव पर्यटन: कान्हा, पेंच, रातापानी और पन्ना टाइगर रिजर्व की झांकियां     धार्मिक पर्यटन: उज्जैन के सांदीपनि आश्रम और ओंकारेश्वर का एकात्मधाम     ऐतिहासिक स्थल: ग्वालियर और चंदेरी के किले, खजुराहो के मंदिर     ग्रामीण पर्यटन: ओरछा में होम स्टे और मंदिर की झांकी चार जनजातीय और लोक नृत्य दल सवारी में प्रस्तुति देंगे।     धार से भगोरिया नृत्य– मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में     छिंदवाड़ा से भड़म नृत्य– मोजीलाल डाडोलिया     उज्जैन से मटकी नृत्य- कृष्णा वर्मा के नेतृत्व में     सिवनी से सैला नृत्य- राहुल धुर्वे के नेतृत्व में