News Aazad Bharat

हज यात्रियों के लिए खुशखबरी: अंतिम तिथि बढ़ी, विजयवाड़ा से पहली बार होगी उड़ान

भोपाल   हज की ख्वाहिश रखने वाले अब 7 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। हज आवेदन की सुस्त रफ्तार को देखते हुए हज कमेटी आफ इंडिया मुंबई ने आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 7 अगस्त कर दी है। अंतिम तिथि तक प्रदेश भर से 16241 लोगों ने हज के लिए पंजीकरण किया है। हज-2026 के लिए इच्छुक मुस्लिम समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हज आवेदन की अंतिम तिथि को 31 जुलाई से बढ़ाकर अब 7 अगस्त 2025 रात 11:59 बजे तक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया ने 31 जुलाई को परिपत्र क्रमांक-6 जारी कर यह निर्णय लिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि इसके बाद आवेदन की तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी, इसलिए जिन इच्छुक लोगों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, वे समय रहते https://hajcommittee.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। इस वर्ष एक अहम बदलाव यह भी किया गया है कि देश के 17 इम्बार्केशन पॉइंट्स के साथ अब विजयवाड़ा को भी 30 जुलाई से एक नया इम्वार्केशन पॉइंट घोषित कर दिया गया है। जिन आवेदकों ने पहले से आवेदन कर दिया है और अब विजयवाड़ा को अपनी पसंद के रूप में चुनना चाहते हैं, वे आवश्यक बदलाव हेतु राज्य हज कमेटी से संपर्क कर सकते हैं। रफत वारसी ने आगे बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होते ही हज यात्रियों के चयन के लिए डिजिटल कुर्रा (Random Selection) प्रक्रिया की जाएगी। इस प्रक्रिया में चयनित होने वाले प्रोविजनल हज यात्रियों को 20 अगस्त 2025 तक 1,52,300 रुपए की अग्रिम राशि जमा करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी के कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 0755-2530139 पर संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें। हज-2026 के आवेदन से पहले ध्यान में रखें     पासपोर्ट की वैधता- 31 दिसंबर 2026 तक वैध होना अनिवार्य है।     मशीन रीडेबल पासपोर्ट- आवेदन के लिए पासपोर्ट मशीन द्वारा पढ़ने योग्य होना चाहिए।     नाम की सही प्रविष्टि जरूरी- सऊदी अरब के Nusuk Masar Portal पर पंजीयन पासपोर्ट की जानकारी से होता है। नाम में किसी भी तरह की गलती से पंजीयन में समस्या आती है।     उदाहरण: यदि नाम MOHAMMAD ANWAR QURESHI है, तो पासपोर्ट फॉर्म में इसे इस प्रकार दर्ज किया जाना चाहिए।     First Name: MOHAMMAD     Middle Name: ANWAR     Last Name: QURESHI, Surname/Last Name की फील्ड खाली न छोड़ी जाए।

कोई रोक नहीं: स्मार्ट मीटर पर सुप्रीम कोर्ट या MP हाईकोर्ट का आदेश नहीं आया, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को लाभ

भोपाल स्मार्ट मीटर की स्थापना रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा किसी भी प्रकार का निर्णय या आदेश नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर एक देश व्यापी स्कीम है जिसके तहत समूचे देश में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में कतिपय प्रिंट तथा सोशल मीडिया में यह खबर फैलाई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। यह खबर असत्य, भ्रामक और निराधार है। सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा इस प्रकार का कोई भी फैसला नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर के संबंध में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर निर्धारित प्लान के अनुसार लगाये जा रहे हैं और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना नहीं कर सकते हैं। इसी प्रकार सोशल मीडिया में यह भ्रम भी फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे है यह बात विभिन्न टेस्टिंग लैब में गलत साबित हो गई है। स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की जा रही बिजली के अनुसार ही तकनीकी रूप से वास्तविक और सटीक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं और उपभोक्ता हित में स्मार्ट मीटर के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। कंपनी द्वारा गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो उनके द्वारा फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा। लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। इसमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।  कंपनी ने कहा कि ऐप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपभोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। गुना के ही उपभोक्ता अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है। सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत की छूट कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। राजधानी भोपाल के एकतापुरी, अशोकागार्डन निवासी विजय शंकर को जारी जुलाई माह के बिल में 29 रुपये की छूट मिली है, जबकि उनकी कुल खपत 92 रीडिंग का बिल सिर्फ 86 रुपये आया है। इन्हें दिन के टैरिफ में 30 यूनिट पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इसी कॉलोनी के रहवासी महेश चंद्र को जुलाई माह के बिल में 99 रुपये की छूट मिली है। इनके स्मार्ट मीटर में कुल खपत 277 रीडिंग में से 85 रीडिंग पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इस तरह से स्मार्ट मीटर में ऑटोमेटिक सटीक रीडिंग होने से कोई गड़बड़ी भी नहीं हो रही है तथा उपभोक्ताओं को अनेक फायदे मिल रहे हैं।  उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे       विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है, बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती, एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं, ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं और ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

लाड़ली बहना योजना की 27वीं किस्त जल्द, इस बार 1500 रुपए मिलेंगे खातों में

भोपाल  अगस्त का महीना लाडली बहनों के लिए बहुत ही खास होने वाला है। मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के पैसों के साथ अगस्त में रक्षाबंधन के शगुन के तौर पर 250 रुपये ज्यादा मिलने वाले हैं। मतलब 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में अगले महीने अगस्त में 1500 रुपये आने वाले हैं। लेकिन 1500 रुपये खाते में कब आएंगे? क्या 9 अगस्त को रक्षाबंधन से पहले ही महिलाओं के अकाउंट में 1500 रुपये पहुंच जाएंगे?  प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। आज शुक्रवार से अगस्त का महीना लग गया है और अब जल्द लाड़ली बहना योजना की 27वीं किस्त आने वाली है। खास बात ये है कि इस बार लाड़ली बहनों के खाते में 1250 के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप भेजे जाएंगे यानि 1250 की जगह 1500 रुपए आएंगे। 9 अगस्त को रक्षाबंधन है उम्मीद है कि अगले हफ्ते में कभी भी मोहन सरकार द्वारा योजना की 26वीं किस्त जारी की जा सकती है।इसके साथ ही 30 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी राशि अंतरित की जाएगी। कब राशि बढ़कर होगी 3000 ? कब से शुरू होंगे पंजीयन?  मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में जौरा कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने लाड़ली बहना योजना की राशि 3000 करने और नए पंजीयन समेत कई प्रश्न पूछे थे।इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि योजना में राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।जून 2025 में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई। नए पंजीयन का भी कोई प्रस्ताव नहीं है, इसलिए पंजीयन नहीं किया जा रहा है। 20 जुलाई 2023 से सरकार द्वारा प्रतिमाह की 10 तारीख को राशि अंतरण करने के निर्देश हैं, परन्तु सुविधानुसार यह तिथि आगे-पीछे होती रहती है। लाभार्थियों को प्रतिमाह नियमित रूप से राशि का भुगतान किया जा रहा है। हितग्राही की संख्या तथा भुगतान की गई कुल राशि समेत बाकी की जानकारी एकत्रित की जा रही है। वर्तमान में मिलते है लाड़ली बहना योजना के तहत हर माह 1250 रू     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जुलाई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 26 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत कार्यों की कर रहे हैं लगातार समीक्षा

अति-वृष्टि एवं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी : मंत्री विजयवर्गीय 3 हजार 628 व्यक्तियों और 94 मवेशियों का रेस्क्यू किया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत कार्यों की कर रहे हैं लगातार समीक्षा भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी है कि प्रदेश में अति-वृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रभावित क्षेत्रों में चलाये जा रहे राहत कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में अभी तक औसत 703.33 मि.मी वर्षा हो चुकी है जो सामान्य से 60 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बारिश बहुत ही कम समय में तेजी से हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य संबंधी सभी जिला कलेक्टर्स, पुलिस अधिकारियों और राहत कार्य से जुड़े संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव से जुड़े कार्यों में ढ़िलाई न बरती जाये। एनडीआरएफ क्विक रिस्पांस टीम आदि की तैनाती नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एन.डी.आर.एफ) की 5 टीमों में से भोपाल में 2, जबलपुर, ग्वालियर तथा धार में एक-एक टीम तैनात की गई है। इन टीमों के अलावा 3 टीमों को अशोकनगर, श्योपुर तथा ग्वालियर में तैनात किया गया है। एन.डी.आर.एफ द्वारा 2 रेस्क्यू ऑपरेशन में 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (एस.डी.इ.आर.एफ) को बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के लिये अत्याधुनिक बचाव उपकरण उपलब्ध कराये गये है। प्रदेश के 259 संवेदनशील क्षेत्रों में डिजास्टर रिस्पाँस सेंटर स्थापित किया गया है। इसी के साथ 111 क्विक रिस्पाँस टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई है। प्रदेश के 11 जिलों में 3 हजार 300 आपदा मित्र वॉलंटियर्स को प्राथमिक सहायता के लिए प्रशिक्षित किया गया है। राज्य में 80 हजार 375 सिविल डिफेंस वालंटियर को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षित किये गये वालंटियर्स की सेवाएँ राहत और बचाव कार्यों के लिये ली जा सकेंगी। एसडीईआरएफ द्वारा एक जून से 30 जुलाई 2025 तक 432 रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत 3 हजार 628 व्यक्तियों और 94 मवेशियों का रेस्क्यू किया गया है। आपदा नियंत्रण कक्ष प्रदेश में राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अब तक SACHET पोर्टल के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 75 रेड अलर्ट 3 घंटे पूर्व भेजे गये है। इसी के साथ प्रमुख नदियों के जलस्तर बढ़ने की जानकारी तथा प्रभावित होने वाले जिले तथा गांवों की सूची आपदा सुरक्षा में जुड़े प्रमुख अधिकारियों और एजेंसियों को निश्चित अंतराल पर नियमित रूप से दी जा रही है। प्रदेश में डिजास्टर वॉर्निंग एण्ड रिस्पाँस सिस्टम (डीडब्ल्यूआरएस) के माध्यम से अति-वृष्टि, बाढ़ एवं आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान एवं चेतावनी प्रसारण की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर घटना की सूचना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर समन्वय किया जा रहा हैं। मंत्रालय से निगरानी और समन्वय बाढ़ आपदा के दौरान निगरानी एवं समन्वय के लिये राज्य स्तर पर मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में सिचुएशन रूम 24×7 कार्यरत है। एसडीईआरएफ मुख्यालय में स्थित राज्य कन्ट्रोल रूम में टोल फ्री नम्बर 1079 पर जन सामान्य द्वारा बाढ़ की स्थिति में 24×7 सहायता प्राप्त की जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के समस्त जिलों में डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर कमांड कंट्रोल एण्ड कोऑर्डिनेशन सेंटर (डीसीसीसी) स्थापित कर आपदा की स्थिति में 24×7 कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने किया कंट्रोल रूम का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जुलाई को भोपाल के राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर स्वयं स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बचाव दलों, पीड़ितों से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। राज्य, जिला तथा तहसील स्तर पर बाढ़ पूर्व तैयारी तथा मानसून के दौरान आकाशीय बिजली से जन-सामान्य के बचाव, सर्पदंश से बचाव के लिये विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय करते हुए एडवायजरी जारी की गई है। बाढ़ के दौरान "डूब की घटनाओं, पुलियों, रपटों पर दुर्घटना" के नियंत्रण तथा जन सामान्य के बचाव के लिये समस्त जिला प्राधिकरणों को निर्देश जारी किये जा चुके हैं। प्रदेश के सभी 55 जिलों में आपदा प्रतिक्रिया दलों के प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन अभ्यास तथा जनजागरूकता के लिए "आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण एवं क्षमता वृद्धि योजना" नियमित रूप से चल रही है। अब तक 28 करोड़ 49 लाख राहत राशि का वितरण प्रदेश में इस मॉनसून में अभी तक अतिवृष्टि और बाढ़ से लगभग 1632 पशु हानि हुई है। प्रदेश में हुई भारी बारिश से 128 मकानों के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 2 हजार 333 मकानों में आंशिक हानि भी हुई है। बाढ़ से प्रभावित पीड़ितों को अब तक जिला कलेक्टर्स द्वारा 28 करोड़ 49 लाख रूपये की राहत राशि वितरित की गई है। सभी जिला कलेक्टर्स द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशि जल्द से जल्द वितरित की जाये। प्रदेश में राहत मद में धनराशि की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में 53 राहत कैम्प चलाये जा रहे है, जिनमें 3065 लोगों को रखा गया है। आरआरडीए की कुल 254 सड़के व पुल अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 212 में अस्थायी सुधार कराया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग की क्षतिग्रस्त दो सड़कों की मरम्मत की गयी है। बांधों की सतत निगरानी की जा रही है। बाढ़ से बचाव के लिये आवश्यकतानुसार सेना की मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा भी पूरा सहयोग किया जा रहा है। प्रदेश में दवाईयों, खाद्य सामग्रियों की पूर्ति सुनिश्चित की गयी है। प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।  

बीएसएल समिट में CM मोहन यादव का उद्योगपतियों को संदेश: निवेश करें, एमपी बनेगा टेक्सटाइल हब

भोपाल  देश की राजधानी दिल्ली में बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 का आयोजन हुआ. इस खास कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की और उद्योग जगत से जुड़े नामचीन हस्तियों से सीधे संवाद किया. इस दौरान सीएम ने उद्योगपतियों से कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हर उस मदद के लिए तैयार है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिले. उन्होंने साफ शब्दों में कहा- 'आप बताइए, हम पूरा करेंगे.' 'भारत बदल रहा है, मध्य प्रदेश भी बदल रहा है' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज का भारत नवाचार और विकास का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न केवल देश, बल्कि राज्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था, तब भारत की अर्थव्यवस्था 15वें नंबर पर थी. आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं. महिलाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को मिलेगी मदद सीएम यादव ने रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि यदि कोई उद्योग महिला वर्कर्स को रोजगार देता है, तो सरकार प्रति महिला वर्कर 6,000 रुपये तक की सहायता देने को तैयार है. यह सहायता 10 साल तक दी जाएगी. टेक्सटाइल हब बनेगा मध्य प्रदेश- मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट में टेक्सटाइल-गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा की. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अब केवल कपास उत्पादक राज्य नहीं रह गया है, बल्कि "खेत से कपड़े तक" की पूरी वैल्यू चेन विकसित कर रहा है. हमारा लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को देश का टेक्सटाइल हब बनाया जाए. सीएम ने बताया कि मध्य प्रदेश जैविक कपास उत्पादन में अग्रणी है और यहां GOTS सर्टिफाइड कृषक समूह सक्रिय हैं. इसका फायदा टेक्सटाइल कंपनियों को सीधे मिलेगा. उन्होंने कहा कि 'मेक इन एमपी' और 'मेड इन एमपी' जैसे विजन को साकार करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उद्योग शुरू करने के लिए 29 तरह की अनुमतियां लगती थीं, लेकिन अब इसे घटाकर 10 कर दिया गया है. साथ ही, सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए ऑनलाइन मंजूरी और समयबद्ध अनुमति की व्यवस्था कर दी गई है. अब 30 दिन के अंदर उद्योग शुरू करने की गारंटी दी जा रही है. ईको फ्रेंडली फैक्ट्रियों पर फोकस सीएम यादव ने कहा कि सरकार केवल फैक्ट्रियों की बात नहीं कर रही, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल फैक्ट्रियों को बढ़ावा दे रही है. जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, श्रम सुधार, और जैविक उत्पादन जैसे पहलुओं को सरकार प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ESG यानी Environmental, Social और Governance मूल्यों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सीएम यादव ने कहा, 'हम चाहते हैं कि दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां मध्य प्रदेश आएं और यहीं से अपना प्रोडक्शन करें. पीएम मित्र पार्क और औद्योगिक नीति 2025 के तहत हम उन्हें हर तरह की सुविधा देने को तैयार हैं. हम हर मापदंड पर खरे उतरेंगे, बल्कि उससे ऊंचे स्तर पर जाकर काम करेंगे.' कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश एक उद्योग आधारित छवि बना रहा है. हमने कपास से लेकर रेडीमेड गारमेंट तक पूरी प्रक्रिया को एक प्लेटफॉर्म पर लाया है. उन्होंने कहा कि 'आज का आयोजन बताता है कि हम दुनिया से कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं.' उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे मध्य प्रदेश आएं, यहां की सुविधाएं देखें और फिर फैसला लें. उद्योगपतियों से वन-टू-वन बातचीत कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कई बड़े उद्योगपतियों से वन-टू-वन संवाद किया. वॉलमार्ट सहित कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए. सीएम ने उन्हें मध्य प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी.

प्रधानमंत्री के प्रदेश आगमन की तैयारी तेज, डॉ. यादव ने किया ऐलान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मिल रहा आशीर्वाद सभी प्रदेशवासियों के लिए उत्साहवर्धक है। प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और धार में आरंभ होने वाले प्रधानमंत्री मित्र पार्क के भूमिपूजन में स्वयं उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करने की मौखिक सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रदेश के किसान सम्मान कार्यक्रम में भी सहभागिता के लिए अनुरोध किया है। इन तीनों कार्यक्रमों के लिए शीघ्र ही प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तिथि निर्धारित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।  

इंदौर में गूंजेगा वर्ल्ड कप का शोर, शहरवासी देख सकेंगे इंटरनेशनल सितारे

इंदौर   इंदौर के रजत पाटीदार के नेतृत्व में बेंगलूरु पहली बार आइपीएल चैंपियन बनी। इससे पहले 1956 में महिला क्रिकेटर संध्या अग्रवाल ने भारत की ओर से टेस्ट मैच में सर्वाधिक रन बनाकर इंदौर को गौरान्वित किया था। अब अक्टूबर में होने वाले वूमन्स वर्ल्ड कप (Women's Cricket ODI World Cup 2025) के 5 मैचों की मेजबानी इंदौर के होल्कर स्टेडियम (holkar stadium) को मिली है। संध्या अग्रवाल से लेकर युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ तक मप्र में महिला क्रिकेट का पक्ष उजला रहा है। एमपी की लड़कियों ने किया कमाल मप्र की सीनियर टीम इंडिया विनर है तो जूनियर रनर अप। अब सौया तिवारी से लेकर अनादि तागड़े जैसी युवा खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम में दस्तक दे रही हैं। मप्र की तरफ से 14 महिला खिलाड़ी भारतीय सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व कर इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुकी हैं। करीब 10 खिलाड़ियों ने जूनियर स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली मप्र की पहली खिलाड़ी राजेश्वरी ढोलकिया हैं। उन्होंने वनडे और टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। संध्या अग्रवाल ने एमपी महिला क्रिकेट को चमकाया भारतीय टीम में ज्योत्सना पटेल भी खेली, लेकिन मप्र की महिला क्रिकेट को चमकाने वाली इंदौरी संध्या अग्रवाल रहीं। उनके नाम 1956 में भारत का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर 190 रन बनाने का रिकॉर्ड था, जो 16 साल बाद टूटा। 13 टेस्ट मैच में संध्या अग्रवाल ने चार शतक और चार अर्द्धशतक लगाए थे। अंडर-19 टीम की सदस्य रहीं सौया तिवारी, आयुषी शुक्ला, वैष्णवी शर्मा। टीम में दस्तक दे रहीं नई खिलाड़ी: संस्कृति गुप्ता, अनादि तागड़े, आशना पाटीदार, धानी बुछाडे, जिया जेठवा, राहिला फिरदौस, यामिनी बिल्लौरे। मप्र से इंटरनेशनल खेलने वाली खिलाड़ी राजेश्वरी ढोलकिया, ज्योत्सना पटेल, संध्या अग्रवाल, रेखा पुनेकर, मिनोती देसाई, रुपांजलि शास्त्री, अरुंधति किरकिरे, बिंदेश्वरी गोयल, बबीता मांडलिक, राजेश्वरी गोयल, निधि बुले, नुजहत परवीन, पूजा वस्त्रकार, सूची उपाध्याय, क्रांति गौड़। इंदौर में मैच वर्ल्ड कप मैचों का शेड्यूल     1 अक्टूबर : ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड     6 अक्टूबर : न्यूजीलैंड-साउथ अफ्रीका     19 अक्टूबर : भारत-इंग्लैंड     22 अक्टूबर : ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड     25 अक्टूबर : ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका  

संत को धमकी: मैं गर्दन उतार लेता… – संत प्रेमानंद महाराज को मिली धमकी से सनसनी

सतना   वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज का बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने आज के युवाओं में फैले मनमानी आचरण से बचने की सलाह दी थी। आगे उन्होंने कहा था कि आजकल समाज में बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड, ब्रेकअप और पैचअप का चलन बढ़ गया है। जो कि युवाओं के जीवन को बर्बाद कर रहा है। इसी वीडियो को लेकर संत प्रेमानंद महाराज को मध्यप्रदेश के सतना शहर के युवक के द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। सतना के युवक ने दी जान से मारने की धमकी  सतना निवासी शत्रुघ्न सिंह नाम की फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया है। जिसमें संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रही है। युवक ने फेसबुक पर खुद की पत्रकार की प्रोफाइल बना रखी है।  पहले अनिरुद्धाचार्य फिर प्रेमानंद हालांकि, इससे पहले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने कहा था कि 25 साल की शादी की उम्र तक लड़कियों के कई ब्रेकअप हो जाते हैं। उसके बाद अब सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का वीडियो वायरल होने के बाद नई बहस छिड़ गई है। कई तथाकथित लोग उनके बयान पर नाराजगी जता रहे हैं तो कई लोग उनकी बात का समर्थन भी कर रहे हैं। युवक के द्वारा प्रेमानंद के उसी वायरल वीडियो पर कमेंट किया गया है कि जिसमें उसने लिखा है कि 'पूरे समाज की बात है। मेरे घर के बात में बोलता तो प्रेमानंद होता या और कोई मैं उसकी गर्दन उतार लेता।"

कर्ज पर कर्ज, फिर भी लग्जरी! कैग रिपोर्ट ने खोली सरकार की फिजूलखर्ची की पोल

भोपाल   मध्य प्रदेश में किसानों के हित में किए जा रहे कामों की हकीकत विधानसभा में पेश सीएजी की रिपोर्ट में सामने आ गई है. सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक 5.31 करोड़ की जिस राशि से प्रदेश के किसानों के सहकारी विकास किया जाना था. उस राशि को किसानों के हित में खर्च करने के स्थान पर अधिकारियों ने अपनी लग्जरी गाड़ियां खरीद डाली. अधिकारियों ने 5.31 करोड़ रुपए में से 4.79 करोड़ की राशि गाड़ियां खरीदने में खर्च कर दी. ऑडिट में सामने आया है कि सरकार ने साल 2023-24 में 65 हजार 180 करोड़ का भारी-भरकर कर्ज लिया, लेकिन इसमें से 21 हजार करोड़ की राशि पुरानी उधारी और ब्याज चुकाने में ही खर्च कर दिया. उधार लेकर उधार चुका रही सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट में प्रदेश सरकार के बजट प्रबंधन पर सवाल उठाए गए हैं. बताया गया कि सरकार ने 3.72 लाख करोड़ का बजट पारित किया, लेकिन इसमें से सरकार 3.04 लाख करोड़ ही खर्च कर सकी. इस तरह 67 हजार 926 करोड़ रुपए की राशि खर्च न किए जाने की वजह से लैप्स हो गई. इसके बाद भी सरकार द्वारा 2 सप्लीमेंट बजट के जरिए 57 हजार 963 करोड़ रुपए और मांगे गए. जबकि इतनी राशि की जरूरत ही नहीं थी. उधर सरकार ने 2023-24 में 65 हजार 180 करोड़ लोन लिया, लेकिन इसमें से 33 फीसदी राशि उधारी चुकाने में उपयोग कर लिया. कैग ने कर्ज लेकर उधार चुकाने की प्रवृत्ति को नियमों के खिलाफ बताया है. पिछले 5 साल के उधार- भुगतान का लेखा-जोखा     साल 2019-20 में सरकार ने 34 हजार 364 करोड़ का लोन लिया, जबकि 10933 करोड़ का लोन का भुगतान किया गया.     साल 2020-21 में सरकार ने कुल 65 हजार 170 करोड़ का लोन लिया, जबकि 12757 करोड़ रुपए चुकाये गये.     साल 2021-22 में सरकार ने 46295 करोड़ की उधारियां ली गईं, इसमें से 15162 करोड़ रुपए चुकाये गये.     साल 2022-23 में सरकार 58 हजार 867 करोड़ का लोन लिया, लेकिन इसमें से 22 हजार 6 करोड़ रुपए चुकाया गया.     साल 2023-24 में सरकार ने 65 हजार 180 करोड़ का लोन लिया, जबकि 21 हजार 635 करोड़ का कर्ज चुकाया गया.

हूटर और फैंसी नंबर प्लेट पर रोक, हटाने के लिए MP हाईकोर्ट ने दी 7 दिन की मोहलत

इंदौर  निजी वाहनों पर लगे हूटर और गलत तरीके से लगी नंबर प्लेट सात दिनों में हटवाएं। हाईकोर्ट(MP High Court) की इंदौर खंडपीठ ने इंदौर पुलिस को ये अंतरिम आदेश जारी किया है। जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, डीजीपी, इंदौर पुलिस कमिश्नर, डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) समेत आरटीओ को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। पत्रिका ने उठाया मुद्दा, अब रंग लाया पत्रिका ने प्रदेशभर में हूटर का रौब दिखाने वाले नेता, जनप्रतिनिधि और दबंगों का रसूख उजागर किया था। इस पर पुलिस हरकत में भी आई। कई जगहों पर कार्रवाई हुई। अब हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिए। सीएम हेल्पलाइन पर नहीं की कार्रवाई हूटर को लेकर छह माह पहले एक अन्य वकील उज्ज्वल फणसे ने भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। गलत तरीके से गाड़ियाें पर लगे हूटर हटवाने की मांग की। छह माह में शिकायत टॉप लेवल पर पहुंची पर हर बार अफसर कार्रवाई करने की बात कह शिकायत खत्म करवाने के लिए कहते रहे। अदालत में कई गाड़ियों के फोटो भी पेश अभिभाषक मनीष यादव ने बताया, सरकार ने निजी गाड़ियों पर हूटर, बत्ती लगाने पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन कई निजी गाड़ियां पर ये लगे हैं। नंबर प्लेट भी नियमों के खिलाफ लगी है। इसके खिलाफ पूर्व पार्षद महेश गर्ग ने जनहित याचिका दायर की थी। इस पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट में ऐसी कई गाड़ियों के फोटो भी पेश किए गए, जिन्हें पात्रता नहीं थी, पर हूटर लगे थे। साथ ही बताया कि ये गाड़ियां पूरे शहर में घूम रही हैं, पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती। इस पर कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी किया। कोर्ट ने ७ दिन में सभी गाड़ियों से हूटर हटवाने को कहा है। गलत नंबर प्लेट्स, गाड़ियाें पर लगने वाली फ्लैश लाइट्स के साथ ही नियम विरुद्ध लगी सभी एसेसरीज हटवाने के भी आदेश दिए। इसकी पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट भी तलब की। हूटर बजाना गलत है, क्या हूटर लगाना भी गलत है.. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि गाड़ियों से हूटर बजाना तो गलत है, क्या ये लगाना भी गलत है? इस पर अभिभाषक यादव ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट में हूटर, फ्लैश लाइट्स, नंबर प्लेट्स आदि के लिए नियम तय हैं। उन्होंने नियमों का उल्लेख भी किया।