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श्रम कानून संशोधन: हड़ताल और बंद से पहले कंपनियों को देना होगा 6 सप्ताह का नोटिस

 भोपाल  वर्षों पुराने श्रम कानूनों में तीन संशोधन विधेयक गुरुवार को विधानसभा में पारित हो गए। इनमें ठेका श्रम अधिनियम 1970, कारखाना अधिनियम 1948 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 शामिल हैं। ठेका श्रम अधिनियम में संशोधन के बाद अब 50 से अधिक मजदूर होने पर पंजीयन की आवश्यकता होगी। हालांकि, पीएफ, ईएसआइ जैसे नियम कम संख्या पर भी लागू होंगे। इसी तरह से कारखाना अधिनियम में 20 की जगह 40 मजदूर होने पर पंजीयन जरूरी होगा। औद्योगिक विवाद अधिनियम में कारखाना बंद करने के छह सप्ताह पहले नियोक्ता को सूचना देनी होगी। इसी तरह से श्रमिकों को हड़ताल करने के लिए भी नियोक्ता को छह सप्ताह पहले बताना होगा। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इन विधेयकों को मजूदरों के हित के विपरीत बताया। प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, दोनों के हितों का ध्यान रखा गया कांग्रेस की ओर से हीरालाल अलावा, सोहन लाल वाल्मीकि व अन्य सदस्यों ने कहा कि ऐसे में तो मजदूर अब हड़ताल ही नहीं कर पाएंगे। उनका शोषण होगा। सरकार की ओर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जैसे हड़ताल की सूचना मजदूर के लिए जरूरी है उसी तरह से नियोक्ता को तालाबंदी के पहले बताना होगा। कांग्रेस ने विधेयकों के विरोध में दो मिनट के लिए बहिर्गमन कर नारेबाजी की। इसी बीच घ्वनिमत से तीनों संशोधन विधेयक पारित हो गए। कांग्रेस ने किया विरोध कांग्रेस नेताओं ने कहा, इस विधेयक से मजदूरों का हड़ताल और आंदोलन करने का अधिकार छीन जाएगा। वहीं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह संशोधन विधेयक श्रमिकों के हित में है। सरकार श्रमिकों के हितों का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत छोटी विनिर्माण इकाइयों को कारखाना अधिनियम के उपबंधों से राहत देने के लिए इसके तहत नियोजित श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कारखाना अधिनियम के तहत निर्माण इकाई के पंजीयन के लिए अब मशीनों से उत्पादन होने की स्थिति में नियोजित श्रमिकों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 और बिना मशीन के उत्पादन होता है वहां 20 से बढ़ाकर 40 की जा रही है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा, संशोधन छोटी संस्था के कामगारों के हित में नहीं है। एक ओर सरकार निवेश बढ़ाकर रोजगार को बढ़ावा दे रही है। वहीं श्रमिकों का नुकसान कर रही है। विधायक दिनेश जैन बोस ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी का ठेका प्रणाली से भारी शोषण होता है। कंप्यूटर ऑपरेटर को सरकार क्ञस् 13 हजार भुगतान करती है, पर उन्हें 12-13 हजार रुपए मिलते हैं। बिचौलिए पैसे खा जाते हैं। सीधे आउटसोर्स कर्मी के खाते में रुपए डालने की व्यवस्था होनी चाहिए। एसजीएसटी संशोधन विधानसभा में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने मप्र माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। इसमें विशेष आर्थिक जोन, मुक्त व्यापार, भंडारण क्षेत्र में माल आपूर्ति को जीएसटी विधान में सप्लाय की श्रेणी से बाहर किया। इसमें जब तक माल की निकासी निर्यात के लिए न हो, करदाता इस जोन में बिना कर दिए आपस में कारोबार कर सकेंगे।

मौसम अपडेट: एमपी में भारी बारिश से राहत, कुछ इलाकों में हल्की फुहारें; रायसेन अभी भी प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 74 प्रतिशत है। पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। इस वजह से बाढ़ के हालात भी बन गए। हालांकि, अब भारी बारिश का दौर थम गया है।  इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इनमें भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, दमोह, जबलपुर, मंडला, रीवा, बालाघाट, शाजापुर, सीहोर, देवास शामिल हैं।कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का दौर रह सकता है। कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। पूर्वी हिस्से में ज्यादा गिरा पानी मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी हिस्से में अब तक 62 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 55 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया, खेत-मंदिर और पुल डूब गए     पिछले दो से तीन दिन तक रायसेन जिले में अति भारी बारिश का दौर रहा। गुरुवार को बारिश थमी, लेकिन हालात गंभीर नजर आए। बेतवा नदी ने विशाल रूप ले लिया। आसपास के खेत, मंदिर और पुल डूब गए। हर तरफ सिर्फ पानी ही नजर आया।     श्योपुर में पार्वती नदी की बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। शिवपुरी में माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई। सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची, जो सर्चिंग करती रही। वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई थी।     खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों से पानी छोड़ा गया। इनमें 8 गेट 4 मीटर और 4 गेट साढ़े तीन मीटर तक खोले गए। पावर स्टेशन पर पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदा में बाढ़ के हालात हैं।     खंडवा के मोरटक्का में प्राचीन जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पानी पहुंच गया। लोगों का कहना है कि बरसों से देखते आ रहे हैं कि नर्मदा मैया हर साल जबरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने आती हैं। अभी भारी बारिश का अलर्ट नहीं सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार को कुछ जिलों में बारिश का दौर रहा, लेकिन अगले चार दिन तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। सिस्टम एक्टिव होने के बाद फिर से तेज बारिश का दौर चलेगा।

भोपाल गैस त्रासदी: कचरे के निपटान पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 14 अगस्त को

भोपाल/जबलपुर  भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष पूर्व निर्देश के अनुसार जहरीले कचरे को नष्ट करने से निकली राख को नष्ट करने संबंध में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट पर हाई कोर्ट ने नाखुशी जताई. एक्सपर्ट कमेटी को सवालों के जवाब देने के निर्देश युगलपीठ द्वारा किये गये प्रश्नों को एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित की है साथ ही एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से प्रश्नों के संबंध में संतोषजनक जवाब पेश करने के आदेश जारी किए. गौरतलब है कि साल 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग करते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रही थी. सरकार ने जहरीले कचरे के निपटान का किया था दावा पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से पेश रिपोर्ट में बताया गया था "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है. केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण किया गया है. जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है. एमपी-पीसीबी से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा." जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ का दावा हाई कोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था. इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये थे. वहीं, हाई कोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है. हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई किये जाने की व्यवस्था दी थी. इस पर गुरुवार को सभी मामलों की संयुक्त रूप से सुनवाई हुई." जहरीले कचरे की राख को अमेरिका भेजने की मांग याचिका में यह मांग की गई है कि जैसे साल 2003 में तमिलनाडु सरकार ने कोडैकनाल में पड़े यूनीलीवर कंपनी के जहरीले कचरे को अमेरिका भेज दिया था, वैसे ही यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले कचरे की राख को भी अमेरिका भेजा जाए। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने के बाद बची राख को पीथमपुर में इंसानी आबादी के पास क्यों दफनाया जा रहा है। यह भी नहीं बताया गया कि अगर कचरा जलाने के बाद जहरीली मरकरी राख में नहीं बची, तो वह आखिर गई कहां। अगली सुनवाई में सरकार को बताना होगा प्लान याचिकाकर्ता ने दो स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों को सुनवाई में शामिल करने की मांग की है, जिस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 14 अगस्त तय की है। इस दिन मध्यप्रदेश सरकार को हाईकोर्ट में यह बताना होगा कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख को सुरक्षित दफनाने के लिए उसकी क्या योजना है। इसके लिए पीथमपुर के अलावा कौन-कौन सी वैकल्पिक जगह चिह्नित की गई है। पिछले सुनवाई में सरकार ने ये रिपोर्ट पेश की थी याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रख रहे सीनियर वकील नमन नागरथ और खालिद नूर फखरुद्दीन ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसमें कहा गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निपटारा सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे को नष्ट किया गया है। जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख और अन्य अवशेष एकत्रित हुए है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा। कोर्ट ने इल रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था। इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस बीच हाईकोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है। हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई की व्यवस्था दे दी है। आगामी सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों के जवाबों पर गौर करने के साथ अन्य बिंदुओं पर भी विचार किया जाएगा। जहरीले कचरे की राख में हेवी मेटल व मर्करी हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यूनियन कार्बाइड के जहरीला कचरा की राख में हेवी मेटल व मर्करी के संबंध में सवाल किये. इसके अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास कचरे के विनिष्टीकरण की साइट का चयन किये जाने के संबंध में भी युगलपीठ ने एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से सवाली किये. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा खालिद नूर फखरुद्दीन ने पैरवी की. 

AIIMS भोपाल में नेतृत्व परिवर्तन: संदेश कुमार जैन होंगे नए डिप्टी डायरेक्टर, 4 अगस्त से संभालेंगे पद

 भोपाल  नक्सल ऑपरेशन, एटीएस और पुलिस रेडियो विंग जैसे संवेदनशील महकमों में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदेश कुमार जैन अब AIIMS भोपाल के नए डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) होंगे। यह पहली बार है, जब किसी पुलिस अधिकारी को एम्स भोपाल में प्रशासनिक कमान सौंपी।  भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था पीएमएसएसवाई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जैन को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे भोपाल में पुलिस अधीक्षक (रेडियो) के रूप में पदस्थ हैं। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड, आईटी में विशेषज्ञता संदेश कुमार जैन तकनीकी रूप से भी दक्ष हैं। उन्होंने मैनिट भोपाल से बीटेक और इसके बाद इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है। वे राज्य पुलिस सेवा के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें अनुशासन और संकट प्रबंधन का लंबा अनुभव है। पीछे छूटे 100 से ज्यादा दावेदार एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए 100 से अधिक आवेदन आए थे। इनमें से ज्यादातर आवेदन रिटायर्ड आर्मी अफसरों सहित विभिन्न प्रशासकीय पृष्ठ भूमियों से थे। सभी आवेदकों का इंटरव्यू नई दिल्ली में हुआ, जिसमें संदेश कुमार जैन ने सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में चयन हासिल किया। क्यों खास है ये नियुक्ति AIIMS जैसे संस्थानों में डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह पद क्लीनिकल सेवाओं, संसाधन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान परियोजनाओं के सुचारु संचालन से जुड़ा होता है। संदेश कुमार जैन जैसे अनुभवी पुलिस अधिकारी की नियुक्ति से संस्थान के प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और दक्षता के नए मानक स्थापित हो सकते हैं। पदभार अभी तक किसके पास था वर्तमान में यह जिम्मेदारी कर्नल (डॉ.) अजीत कुमार के पास थी। इससे पहले श्रमदीप सिन्हा, जो राजकोट एम्स में डिप्टी डायरेक्टर हैं, को भोपाल एम्स का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। यह नियुक्ति न सिर्फ प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बताती है कि अब तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक अनुभव को मिलाकर संस्थानों में नई सोच के साथ बदलाव लाए जा रहे हैं। AIIMS भोपाल की कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल भी 4 अगस्त को समाप्त हो रहा है। हालांकि, उनके स्थान पर कौन आएगा यह अभी तय नहीं हैं। केंद्र स्तर पर इसके लिए आवेदन मंगाए गए हैं। वहीं, नए डायरेक्टर आने तक एम्स भोपाल का प्रभार एम्स रायपुर के निदेशक को दिया जा सकता है।  

विपक्ष का सरकार पर निशाना, विजय शाह की बर्खास्तगी को लेकर विधानसभा में हंगामा

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा में जनजातीत कार्य, भोपाल गैस राहत त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोपाल गैस पीड़ित समिति की अनुशंसाओं को लेकर प्रश्न पूछा था। मंत्री विजय शाह को इसका जवाब देना था। लेकिन तभी कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री पर महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगा दिया। विपक्ष ने जमकर की नारेबाजी इसके बाद सभी विपक्षी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और फिर आसंदी के सामने आ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सबको अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल में बात करने के लिए बार-बार आग्रह किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली। इस बीच सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी होने लगी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सेना का अपमान करने वाले सेना के सम्मान की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान और चीन का सपोर्ट करते हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी हुई। थोड़ी देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सदन में उपस्थित थे। मीडिया से बचते नजर आए विजय शाह मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन मंत्री विजय शाह को लेकर बवाल मच गया। विपक्ष ने विजय शाह को सदन से बाहर करने की मांग की और इस्तीफा दो के नारे लगाए। आसंदी के पास पहुंचकर धरना दिया। भारी हंगामे के बीच कार्यवाही को प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मंत्री विजय शाह सदन से बाहर निकले। इस दौरान मीडिया ने उनसे सवाल किया, लेकिन वे बचते नजर आए। सदन के अंदर से लेकर मीडिया के कैमरे पर भी सवालों की बौछार के बीच मुस्कुराते रहे। जब तक इस्तीफा नहीं होगा छोड़ेंगे नहीं- नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी को हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की टीप और सुनवाई सुनाई नहीं देती है। भाजपा देश की भावनाओं को नहीं समझती है। 1971 की लड़ाई नहीं समझती है। बीजेपी हर मोर्चे पर विफल रही है, सिर्फ बहाने बनाती है, बयान पलटती है। न राष्ट्रभक्ति की बात करती है न देश प्रेम की बात करती, बीजेपी सिर्फ राजनीति करती है। विजय शाह ने हमारी बहन हमारी सेना के मान का अपमान किया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह इनका देश प्रेम नहीं मंत्री प्रेम है, जब तक इस्तीफा नहीं होगा हम छोड़ेंगे नहीं। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि देश का अपमान करने वालो की सदन में कोई जगह नहीं है। जबसे मंत्री विजय ने देश की बेटी का अपमान किया, हम उसी दिन से विरोध कर रहे है। हम इस्तीफा लेकर रहेंगे। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि चीन हो या पाकिस्तान किसने की जासूसी, किसके पाकिस्तानी एजेंट पकड़ाए यह जनता के सामने हैं। बीजेपी की राष्ट्रभक्ति सिर्फ छलावा है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि बात देश की हो या प्रदेश की हर मामले में सदन से लेकर सड़क बीजेपी भागती है। यही भाजपा का चेहरा है। विजय शाह के मामले में सरकार में बात करने का दम नहीं है। किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे- मंत्री सारंग मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने आज फिर सदन की गरिमा को तार-तार किया। ये किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे है। लोकसभा में राहुल गांधी ने देश और सेना का अपमान किया। विपक्ष चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलता है। कांग्रेस का मकसद ही देश द्रोह के साथ देश का अपमान करना है।

भोपाल में नया आदेश लागू: पेट्रोल-सीएनजी केवल हेलमेट पहनने वालों को ही मिलेगा

भोपाल   भोपाल जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार वृद्धि और जनहानि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए एक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, 1 अगस्त शुक्रवार से बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को जिले के किसी भी पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशन से पेट्रोल अथवा गैस नहीं दी जाएगी। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना उद्देश्य राजधानी में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है। भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई कलेक्टर की आदेश के मुताबिक इस फैसले का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करना और सड़क हादसों में कमी लाना है। कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईएसआई मार्क हेलमेट जरूरी भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के इस आदेश में लिखा है मध्य प्रदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन सवारी तथा वाहन चालक अनिवार्य रूप से आईएसआई. मार्क हेलमेट पहनेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल

टेक्सटाइल उद्योगों को प्रोत्साहित करने होंगे हरसंभव प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक और गुणवत्तापूर्ण कपास उत्पादन करने वाला राज्य है। राज्य सरकार ने कपास से धागा, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। न केवल देश बल्कि अन्य देशों की टेक्सटाइल इकाइयों से भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बायर-सेलर के साथ चर्चा को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट में शामिल हुए जहां देश-दुनिया के कई इंडस्ट्री लीडर्स उपस्थित हुए। राज्य सरकार ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर वन-टू-वन मीटिंग भी की हैं। इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग प्रोत्साहक राज्य की छवि बनाते हुए सभी सेक्टर्स के उद्यमियों को आमंत्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स का स्वागत करते हुए कहा कि देश ऐसे ही नहीं बदलता है इसके लिए दृढ़ संकल्पों की आवश्यकता होती है। इन संकल्पों में नवीनता होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी प्रकार के व्यवसायों को आगे बढ़ा रही है। औद्योगीकरण को गति प्रदान करने में बायर-सेलर वर्ग का विशेष स्थान होता है। प्रधानमंत्री मोदी के देश की बागडोर संभालने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और वर्ष 2014 के बाद आज 15वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। "ईज ऑफ डूइंग" के अंतर्गत 42 कानूनों को किया खत्म मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के अंतर्गत 42 कानूनों को खत्म किया है, जो व्यापार में बाधा बनते थे। राज्य सरकार ने उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी 29 अनुमतियों को भी कम करके 10 तक सीमित कर दिया है। प्रदेश में उद्योगपतियों को बिजली, पानी, जमीन सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रमिकों के वेतन के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है। मेक इन इंडिया से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमें प्रतिकूलता से आगे बढ़कर अनुकूलता की ओर बढ़ने की जरूरत है। राज्य सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में औद्योगीकरण का वातावरण तैयार किया है। सरकार खनन, पर्यटन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट्स सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश में हैंडीक्राफ्ट्स और हैंडलूम के आर्टिजंस और छोटे-छोटे उद्योग उपलब्ध है। राज्य की चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों ने देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेशकों को वित्तीय एवं गैर वित्तीय सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। वित्तीय प्रोत्साहन निवेशकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करने की सुविधा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश करने पर सरकार सभी नीतियों का पूर्ण लाभ प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4000 से अधिक दिनों का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को मिलकर पूरा कर सकते हैं। राज्य सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में विद्युत, ऊर्जा और जल की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य की नीतियां उद्योपतियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। भारत का दिल मध्यप्रदेश में बसता है और यह टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए नया केंद्र बन रहा है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में 4 औद्योगिक कॉरिडोर, 5 लाख कि.मी. से ज्यादा सड़कें, पर्याप्त पानी, 1 लाख एकड़ से ज्यादा औद्योगिक जमीन और 31 जीडब्ल्यू बिजली की उपलब्धता है। भारत का सबसे बड़ा पी.एम. मित्रा टेक्सटाइल पार्क 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर राज्य में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" में शीर्ष राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे बड़ा ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक राज्य है और कपास उत्पादन में भी पाँचवें स्थान पर है। वस्त्र और फुटवियर उद्योग के लिए सरकार पूंजी सब्सिडी, इंडस्ट्री प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी और स्टाम्प शुल्क की छूट देती है। उन्होंने कहा कि चंदेरी, महेश्वरी, बाघ और बटिक प्रिंट जैसे मशहूर हैंडलूम क्लस्टर राज्य में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किए पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान करीब दो दर्जन देशों में काम करने वाली कंपनी वॉलमार्ट सोर्सिंग के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद को बेस्ट ग्लोबल सोर्सिंग अवॉर्ड और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक समाधान प्रदाता ली एंड फंग ग्रुप की सीईओ श्रीमती दीपिका राणा को क्वीव ऑफ एक्सिलेंस द बीएसएल प्लेटिनम अवॉर्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएसएल के दो वर्ष के उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। टेक्सटाइल सेक्टर के उद्योगपतियों ने रखें विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राउंड टेबल मीटिंग के दौरान उद्योगपतियों ने अपनी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराया। बीएसएल के फाउंडिंग मेंबर एवं नेशनल जनरल सेक्रेटरी रमन दत्ता ने कहा कि यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री इस प्रकार उद्योगपतियों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को सुन रहे हैं, यह बहुत अनुकरणीय पहल है। नॉइस जींस से फाउंडर एवं सीईओ मनीष चौहान, वॉलमार्ट के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद, एच एंड एम कंपनी के ग्लोबल सोर्सिंग हेड अमित हेमराजानी, ली एंड फंग कंपनी की सीओओ श्रीमती दीपिका राणा और वाइल्डक्राफ्ट इंडिया के भूपिंदर सिंह ने अपनी बात रखी। उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीएसएल ग्लोबल आउटरीच … Read more

यातायात सुधार की मिसाल बने भोपाल: न्यायमूर्ति सप्रे की पहल

हेलमेट, सीट बेल्ट सहित यातायात नियमों के पालन को बनाएं आदत नियम उल्लंघन और नशे में वाहन चलाने पर हो सख्त कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति अध्यक्ष के साथ जिला सड़क सुरक्षा समिति की हुई बैठक भोपाल सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे ने कहा है कि भोपाल में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के क्षेत्र में संगठित प्रयासों के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों को गंभीरता, लगन और समर्पण भाव से कार्य करना होगा। उन्होंने समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आगामी 3 माह में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा संबंधी समिति भोपाल को इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। न्यायमूर्ति श्री सप्रे की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय भोपाल में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव, नगर निगम आयुक्त श्री हरेन्द्र नारायण, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती अंजू अरुण कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती ईला तिवारी एवं एडीएम श्री अंकुर मेश्राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने कहा कि हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा दिया जाए, सीट बेल्ट उपयोग के प्रति जागरूकता लाई जाए, शराब पीकर वाहन चलाने वालों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोक परिवहन को बढ़ावा दिया जाए ताकि सड़कों पर छोटे वाहनों का दबाव कम हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग सहित सभी शासकीय कर्मचारी वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट/हेलमेट का उपयोग करें। स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने मीडिया से जन-जागरूकता अभियान को गति देने में सहयोग का भी आग्रह किया। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने भोपाल जिले के अंतर्गत विगत 5 वर्षों में हुई सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन एवं उनके सुधार कार्यों, चालानी कार्रवाई, जन-जागरूकता अभियानों और अन्य नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और किसी की गलती से निर्दोष की जान न जाए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने निर्देश दिए कि वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच की जाए, ड्राइविंग टेस्ट में सख्ती बरती जाए, बीमा और लाइसेंस की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए तथा ओवरलोडिंग पर रोक के लिए विशेष कार्रवाई की जाए। सड़कों पर मानक गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए राहवीर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। श्री सप्र ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस बड़ी संस्थाओं से अपील करे कि वे अपने कर्मचारियों के लिए परिवहन सुविधाएं, जैसे बसें आदि, उपलब्ध कराएं जिससे सड़कों से वाहनो का अत्यधिक दबाब कम हो। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी आग्रह किया कि बच्चों को बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि भोपाल जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें नवाचार और जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि पुलिस विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सक्रियता से कार्य करेगा तथा जागरूकता अभियान को गति देकर उसे प्रभावी बनाया जाएगा।  

सेवानिवृत्त हुए प्रकाश सिंह, कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ भावभीना विदाई समारोह

राजगढ़  जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में लंबे समय से कार्यरत एवं स्टे नंबर-2 और शस्त्र लाइसेंस शाखा के वरिष्ठ कर्मचारी प्रकाश सिंह की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आज एक भावभीना विदाई समारोह कलेक्टर सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, उनके परिजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में श्री प्रकाश सिंह को उनके उत्कृष्ट सेवाभाव, विनम्र आचरण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पुष्पमालाओं, साफा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथी कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके साथ बिताए गए क्षणों को साझा किया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि श्री सिंह के परिजनों ने भी समारोह में भाग लेकर उनके सेवा-जीवन पर गर्व व्यक्त किया। समारोह के दौरान माहौल आत्मीयता और भावनाओं से भरा रहा। श्री प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “यह सेवा मेरे लिए सम्मान का विषय रही। कार्यालय मेरे परिवार जैसा रहा है, और आप सभी मेरे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।” उन्होंने सभी सहकर्मियों का आभार जताते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक अलविदा कहा। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

एम.पी. ट्रांसको देवास में हुआ सी.पी.आर. प्रशिक्षण सत्र

सब-स्टेशन स्टाफ ने सीखी जीवन बचाने की तकनीक भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा देवास व आसपास के सब-स्टेशनों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों सहित अन्य कार्मिकों के लिए सी.पी.आर. (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और आपातकालीन चिकित्सा तकनीकों पर केंद्रित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन सिविल हॉस्पिटल देवास में किया गया। डॉ. बी.आर. शुक्ला (मेडिसिन विशेषज्ञ) और डॉ. कुलदीप एवं उनकी टीम द्वारा कर्मचारियों को जीवन रक्षक प्राथमिक चिकित्सा के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा सी.पी.आर. की तकनीकी जानकारी और उसका लाइव प्रदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हृदयगति रुकने की स्थिति में शुरुआती तीन मिनट के भीतर दी गई सी.पी.आर. सहायता से मरीज के जीवित बचने की संभावना तीन गुना तक बढ़ जाती है। डॉ. शुक्ला ने कहा कि “हर व्यक्ति को जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए, सी.पी.आर. जैसी सरल विधि भी किसी की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। बिजली व्यवस्था से जुड़े स्टाफ अगर यह ज्ञान रखते हैं तो वे केवल अपने परिवार ही नहीं, समाज के लिए भी मददगार बन सकते हैं। स्वास्थ्य शिविर में देवास, चापड़ा, सोनकच्छ, शंकरगढ़, बरोठा, मक्सी, किशनगढ़ सहित 9 सबस्टेशनों के आउटसोर्स कर्मियों सहित लगभग 40 कर्मियों ने हिस्सा लिया।