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मुख्यमंत्री निर्देश पर MP में प्राथमिक स्तर पर 13,089 शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

इंदौर  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। यह भर्ती स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 13,089 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के तहत 10,150 पदों और जनजातीय कार्य विभाग के तहत 2,939 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह परीक्षा दोनों विभागों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। पात्रता मानदंड इस भर्ती प्रक्रिया में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) 2020 या 2024 में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ सफलता प्राप्त की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास डीएलएड (D.El.Ed) डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके अवाला, उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, अधिकतम आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को की जाएगी। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस तिथि तक निर्धारित आयु मानदंडों को पूरा करते हों। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जा सकती है। बीएड धारक आवेदन के पात्र नहीं उम्मीदवार ध्यान दें, इस भर्ती प्रक्रिया में बीएड डिग्री धारियों को पात्र नहीं माना गया है। केवल डीएलएड धारक ही आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अभ्यर्थियों को विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक ही आवेदन पत्र के माध्यम से वे सभी योग्य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि और समय एमपी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 की चयन परीक्षा 31 अगस्त से दो पालियों में आयोजित की जा सकती है। पहली पाली सुबह 10:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें ताकि समय पर प्रवेश और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। आवेदन शुल्क इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित किया गया है। अनारक्षित वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों को 500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। कितना मिलेगा वेतन? इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित शिक्षकों को शुरुआती रूप में न्यूनतम 25,300 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा, जिससे कुल वेतन में और बढ़ोतरी होगी। यह वेतन राज्य सरकार की निर्धारित वेतनमान के अनुसार मिलेगा। कैसे करें आवेदन     आधिकारिक वेबसाइट https://esb.mp.gov.in पर जाएं।     प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिंक पर क्लिक करें।     अगर आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो पहले "प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन" करें।     रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।     सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, योग्यता, श्रेणी आदि सावधानीपूर्वक भरें।     पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।     ऑनलाइन मोड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) से आवेदन शुल्क जमा करें।     सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।     भविष्य के उपयोग के लिए आवेदन फॉर्म का एक प्रिंट आउट अपने पास रख लें।  

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला  भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।  

एमपी के 45 जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी, जानें अपने शहर का ताजा हाल

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन प्रभावित हो रहा है।शुक्रवार को सिवनी, छतरपुर, उमरिया, सतना, कटनी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। सिवनी में 9 घंटे में ही साढ़े 6 इंच पानी गिर गया। 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को 10 जिलों में अति भारी और 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी सीजन में अब तक करीब 16 इंच बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा असर है। खासकर मंडला, सिवनी, बालाघाट, मैहर, डिंडौरी समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई है। शुक्रवार को भी ऐसे ही हालात रहे। मंडला में सबसे ज्यादा नुकसान बारिश की वजह से मंडला जिले में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यहां अब तक बाढ़ के कारण 7 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 2 लापता हैं। 300 मकान समेत कई सड़कें और पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 312 लोगों को रेस्क्यू कर 7 राहत कैंप में रखा गया है। शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया। इससे पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। सिवनी में 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश दर्ज शुक्रवार को पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश हो गई। छतरपुर के खजुराहो में करीब ढाई इंच, उमरिया-नौगांव में 1.8 इंच, सतना में 1.1 इंच, पचमढ़ी-ग्वालियर में आधा इंच बारिश हो गई। कटनी, शहडोल, सीधी, मैहर, मऊगंज जिले में भी तेज बारिश से घर-दुकानों में पानी भर गया। दतिया, नर्मदापुरम, रतलाम, श्योपुर, दमोह, जबलपुर, रीवा, टीकमगढ़, सीहोर समेत कई जिलों में बारिश का दौर चलता रहा। मध्यप्रदेश में बारिश अब आफत बनकर बरस रही है। चित्रकूट में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते रामघाट, भरतघाट सहित सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। घरों-दुकानों में भी पानी घुस रहा है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। एक गेट एक मीटर और दूसरा आधा मीटर तक खोला गया है। वहीं, मंडला में बाढ़ से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को सिवनी, छतरपुर, उमरिया, सतना, कटनी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। सिवनी में 9 घंटे में ही साढ़े 6 इंच पानी गिर गया। 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को 10 जिलों में अति भारी और 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी सीजन में अब तक करीब 16 इंच बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा असर है। खासकर मंडला, सिवनी, बालाघाट, मैहर, डिंडौरी समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई है। शुक्रवार को भी ऐसे ही हालात रहे। आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार के लिए 10 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें छतरपुर, दमोह, सागर, कटनी, जबलपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिले शामिल हैं। यहां 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मध्य प्रदेश से गुजर रही 3 टर्फ मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में 3 टर्फ का असर है। इनमें एक मानसून टर्फ है। इस वजह से अति भारी और भारी बारिश का दौर बना हुआ है। अगले चार से पांच दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। 48 घंटों के लिए इन जिलों में बारिश का अलर्ट     शनिवार के लिए : छतरपुर, दमोह, सागर, कटनी, जबलपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा नर्मदापुरम अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट । भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला बालाघाट में भारी बारिश का येलो अलर्ट।     रविवार के लिए: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट ।भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, दतिया, दमोह, सिवनी, बालाघाट में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान     वर्तमान में मानसून द्रोणिका बीकानेर, देवमाली, हमीरपुर, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। उत्तरी छग और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तरी छग, उत्तरी ओडिशा से होकर जा रही है।     उत्तर-पूर्वी अरब सागर से उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बने चक्रवात तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो दक्षिणी गुजरात, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणी एमपी से होकर गुजर रही है।एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास सक्रिय है। इन अलग-अलग सक्रिय इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना हुआ है।  

नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित हुआ मप्र पर्यटन बोर्ड, सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र टूरिज्म बोर्ड को नेशनल अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई मप्र टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी शुभकामनाएं नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित हुआ मप्र पर्यटन बोर्ड, सीएम मोहन यादव ने दी बधाई मप्र का Responsible Tourism Mission बना देश के लिए मिसाल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मप्र टूरिज्म बोर्ड को विशिष्ट श्रेणी में नेशनल अवार्ड मिलने पर टूरिज्म बोर्ड की पूरी टीम को बधाई दी है। मुंबई में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को "National Award for Most Effective & Transformational Initiative" से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर इस प्रतिष्ठित उपलब्धि के लिए हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा चलाया गया 'Responsible Tourism Mission' देश में पर्यटन विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल है। इस मिशन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिलना, प्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए टूरिज्म बोर्ड की पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार से न केवल मध्यप्रदेश की पर्यटन योजनाओं को नई पहचान मिली है, बल्कि यह सम्मान प्रदेश की विविध संस्कृति, समृद्ध विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों को भी मान्यता प्रदान करता है। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का "Responsible Tourism Mission" स्थानीय समुदायों की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर आधारित है। यह मिशन न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से ग्राम विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा दे रहा है। यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश की नई पर्यटन नीति और विजन का परिचायक है, जिसमें पर्यटन को जन-सरोकारों और रोजगार से जोड़कर सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के 'Responsible Tourism Mission' को मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में National Award for Most Effective & Transformational responsible Tourism Project of the Year मुंबई के होटल ताज लैंड्स एंड में संस्था फन एंड जॉय द्वारा प्रदाय किया गया। मप्र टूरिज्म बोर्ड की ओर से डायरेक्टर डॉ. डी पी सिंह ने यह अवार्ड प्राप्त किया।  

रीवा संभाग में नशे के विरूद्ध अभियान सराहनीय : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

नशे के सौदागरों और उनके तंत्र को करें समाप्त : उप मुख्यमंत्री शुक्ल नशे से पीड़ितों के पुनर्वास की भी करें व्यवस्था : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा संभाग में नशे के विरूद्ध अभियान सराहनीय : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा संभाग में पिछले 6 महीने में नशामुक्त अभियान में अच्छा कार्य किया गया है। बड़ी संख्या में नशे के व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों को जेल भेजने के साथ गांजा और कोरेक्स की भारी मात्रा में बरामदगी की गई है। नशा व्यक्ति के तन, मन और धन तीनों का विनाश करता है। रीवा और पूरे विन्ध्य क्षेत्र में चारों ओर हो रहा तेजी से विकास तभी सार्थक होगा जब भावी पीढ़ी को नशे से दूर रखा जाए। सर्किट हाउस रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कोरेक्स तथा अन्य नशीले कफ सीरप जहाँ पर बनाए जाते हैं वहाँ से जिले में पहुंचने और बिक्री होने तक के पूरे तंत्र पर कड़ी निगरानी रखकर कार्रवाई करें। नशे के सौदागरों को जेल में भेजने के साथ कड़ी सजा दिलाने के प्रयास करें। अपराधियों पर कार्रवाई के साथ-साथ नशीले पदार्थों के आदी व्यक्तियों के पुनर्वास के भी प्रयास करें। इस कार्य में विभिन्न विभागों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजनों का सहयोग प्राप्त करें। नशा सामाजिक और आर्थिक बुराई होने के साथ-साथ अपराधों का भी मूल है। पूरे संभाग में नशे के विरूद्ध बड़ा जागरूकता अभियान चलाएं। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने संभाग विशेषकर रीवा जिले में नशे के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 6 महीने में दो करोड़ से अधिक राशि के नशीले कप सीरप और गांजा की जप्ती की गई है। संभाग में अभियान चलाकर एक दिन में ही अवैध शराब के निर्माण पर कार्रवाई करते हुए 1017 आरोपियों को गिरफ्तार कर 22 लाख रुपए की अवैध शराब जप्त की गई। नशे के अवैध कारोबार में लिप्त व्यक्तियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। रीवा जिले में वर्ष 2023 में 176, वर्ष 2024 में 162 तथा वर्ष 2025 में अब तक 129 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आमजनता से संवाद के लिए थाना स्तर पर जनचौपाल का आयोजन करके समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है। पुलिस ने पशु तस्करों पर कार्रवाई करते हुए दो हजार से अधिक पशुओं को मुक्त कराकर विभिन्न गौशालाओं में भेजा है। पशु तस्करी में लिप्त 32 आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस ने 250 से अधिक गुमे हुए व्यक्तियों को बरामद कर उनके परिजनों को सौंपा है। पुलिस महानिरीक्षक ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही रात्रिकालीन गश्त, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी तथा अन्य कार्यवाहियों की भी जानकारी दी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

विद्युत परियोजनाओं में लापरवाही नहीं चलेगी, समयसीमा में पूरा हो काम: उप मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

फीडर सेपरेशन और नए विद्युत सब स्टेशन का निर्माण समय सीमा में करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल फीडर सेपरेशन और नए सब स्टेशन का निर्माण समय पर पूरा करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश विद्युत परियोजनाओं में लापरवाही नहीं चलेगी, समयसीमा में पूरा हो काम: उप मुख्यमंत्री का सख्त संदेश बिजली ट्रिपिंग रोकने के करें प्रभावी उपाय – बिजली उपभोक्ताओं को न हो असुविधा भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस रीवा में बैठक में कहा कि विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए कई परियोजनाओं में कार्य किया जा रहा है। फीडर सेपरेशन तथा नए विद्युत सब स्टेशन के निर्माण का कार्य तय समय सीमा में पूरा करें। शहर में पीटीएस चौराहा तथा चोरहटा में दो नए सब स्टेशन का निर्माण पूरा होने से विद्युत व्यवस्था बेहतर हुई है। शहर में कई स्थानों में विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें तत्काल बदलें। इनसे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। शहर में बिजली की ट्रिपिंग को रोकने के लिए भी प्रभावी उपाय करें। कई बिजली उपभोक्ताओं द्वारा मीटर की जाँच के नाम पर परेशान करने की शिकायतें की गई हैं। जाँच के नाम पर ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को परेशान न करें। यदि कोई व्यक्ति बिजली की चोरी कर रहा है तो सही मूल्यांकन करके ही जुर्माना लगाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन सिक्स लेन बायपास रोड से बिजली लाइनों की तत्काल शिफ्टिंग कराएं। प्रस्तावित सड़क में भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित करें। अतिरिक्त मुख्य अभियंता पाण्डेय ने बताया कि खराब विद्युत पोल बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसका कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने का कार्य पूरा हो गया है। खराब ट्रांसफार्मर तय समय सीमा में बदले जा रहे हैं। संभाग के सभी डिपो में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

प्रधानमंत्री आवास योजना से हर जरूरतमंद को मिल रहा पक्का घर: उप मुख्यमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के पक्के आवास के सपने को पूरा कर रही है। योजना से देश में 4 करोड़ पक्के आवास लोगों को मिल चुके हैं आने वाले समय में 3 करोड़ मकान गरीबों को दिये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा के टाउन हाल में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 224 हितग्राहियों को आवास की एक लाख रूपये की प्रथम किश्त के स्वीकृति पत्र सौंपे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत प्रदेश के 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 1626 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से हितग्राहियों को राशि का वितरण किया। इंदौर के कार्यक्रम का संजीव प्रसारण भी किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना से रीवा में 1736 आवास तैयार किये जा चुके हैं। इसी प्रकार पूर्व में 4198 आवास पूर्ण हो गये हैं तथा 224 हितग्राहियों को प्रथम किश्त के तौर पर एक लाख रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि कोई भी गरीब कच्चे आवास में न रहे। उनकी संकल्पना को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से प्रदेश व जिले में भी गरीबों को पक्के आवास प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, युवाओं, किसानों व महिलाओं के कल्याण के लिये कृत संकल्पित है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।  

उज्जैन के गौरवशाली अतीत को लौटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है सरकार: सीएम डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 360 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया उज्जैन के पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने के निरंतर प्रयास जारी : मुख्यमंत्री डॉ यादव उज्जैन के गौरवशाली अतीत को लौटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है सरकार: सीएम डॉ. यादव उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के नाम से किया जाएगा। उज्जैन शहर का अत्यंत गौरवशाली इतिहास रहा है। उज्जैन आदिकालीन नगरी है और इसके पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है। यहां देश के प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा उद्योगों की स्थापना की जाएगी। उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को देवास रोड स्थित क्षिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में यूडीए ,उच्च शिक्षा विभाग और महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत 360 करोड रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सबका सौभाग्य है कि उज्जैन में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन संत जनों की उपस्थिती में संपन्न हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों के चेहरे की प्रसन्नता और आंखों की चमक से स्पष्ट प्रतीत होता है कि उज्जैन शहर की चमक दिनो दिन बढती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत भी विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर,उज्जैन,धार,देवास,शाजापुर को मिलाकर मेट्रो पोलिटन नगरी के रुप में विकसित किया जाएगा। शासन द्वारा युवाओं को रोजगार देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। आने वाले समय में 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। विभिन्न वर्गों की संयुक्त रुप से एक ही परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाएगी और विभागों के रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी। मंगलनाथ, भूखिमाता, गढकालीका, हरिसिध्दी माता मंदिर को और भव्य रुप प्रदान किया जाएगा। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो लाईन डाली जाएगी। फ्रीगंज के ब्रिज के समानांतर एक नए ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। उज्जैन खगोल कालगणना और विज्ञान की नगरी रही है इसें पुन: उसी स्वरुप में लाने के प्रयास किए जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम यहां विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने मंच पर संतों का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान लोकप्रिय गायिका सुअभिलिप्सा पांडे के द्वारा शिव स्तुति और शिवाष्टक की प्रस्तुति दी गई। विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। बहुउदेशीय वाणिज्यिक काम्पलेक्स प्रतिकल्पा का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नानाखेड़ा स्थित यू डी ए द्वारा निर्मित शहर के पहले 7 मंजिला बहुउदेशीय वाणिज्यिक काम्पलेक्स (प्रतिकल्पा) का फीता कांट कर लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर सांसद उज्जैन आलोट अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक और अधिकारीगण उपस्थित थे।  

भोपाल के एक्वा पार्क का भी होगा भूमिपूजन

उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन आज  मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे 152 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात भोपाल के एक्वा पार्क का भी होगा भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा लक्ष्य मछुआ समाज को सम्मान देने के साथ ही तकनीकी नवाचार, सुरक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। मध्यप्रदेश अब नीलक्रांति की दिशा में पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन 12 जुलाई शनिवार को आयोजित होगा। यह आयोजन मछुआ समाज को सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों को और भी मजबूती देगा। मछुआ समुदाय की सामाजिक समरसता और आधुनिक मछली पालन की दिशा में यह सम्मेलन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सीता राम बाथम की मौजूदगी में मछुआरों को हितलाभ वितरण और अनेक सौगातें दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देंगे विकास कार्यों की सौगात     453 स्मार्ट फिश पार्लर (22.65 करोड़)     अंडरवॉटर टनल और एक्वा पार्क (40 करोड़)     इंदिरा सागर जलाशय में 3060 केज फिशिंग (91.80 करोड़)     430 मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स, 100 यूनिट्स का वितरण     डेफर्ड वेजेस में 9.63 करोड़ का सिंगल क्लिक अंतरण     उत्कृष्ट मछुआरों एवं सहकारी समितियों का सम्मान सुरक्षा से समृद्धि की ओर – मछुआ समाज के लिए तकनीकी क्रांति राज्य सरकार अब मछुआरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इंदिरा सागर जैसे जलाशयों में ड्रोन, GPS और CCTV युक्त आधुनिक कंट्रोल कमांड सेंटर की स्थापना हो रही है। इससे 24×7 निगरानी, नावों की ट्रैकिंग और आपात स्थिति में त्वरित सहायता संभव हो सकेगी। गांधी सागर और इंदिरा सागर में 5 ट्रांजिट हाउस और 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। मछुआ भाइयों के लिए सोलर मोबाइल चार्जिंग, बायो टॉयलेट और आपात रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाएगी। भोपाल में FIDF योजना अंतर्गत ₹5 करोड़ की लागत से केवट प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण होगा जिसमें केज कल्चर, बायोफ्लॉक, RAS तकनीक, फिश प्रोसेसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक समरसता का उत्सव निषादराज को समर्पित: राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह पंवार उज्जैन की पवित्र भूमि पर होने वाला राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन निषाद समाज के गौरव और उसकी सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि समर्पण, समानता और सेवा के सनातन प्रतीक निषादराज को समर्पित ऐतिहासिक आयोजन है। उन्होंने कहा कि श्रीराम और निषादराज की मित्रता आज भी सामाजिक समरसता की सबसे प्रेरक कथा है। "मछलीघर" से "एक्वा पार्क" तक: भोपाल के लिए यादों और भविष्य का संगम भोपाल के दिल में बसने वाले पुराने मछलीघर की स्मृतियों को नया जीवन देने जा रहा है अत्याधुनिक "एक्वा पार्क" का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली करेंगे। इस 40 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना में केंद्र सरकार की 25 करोड़ व राज्य सरकार की 15 करोड़ की साझेदारी है।     समुद्री और मीठे पानी की सैकड़ों मछलियों की प्रजातियाँ यहां देखने को मिलेगी     डिजिटल एक्वेरियम, वॉटर टनल और 3D इंटरेक्टिव जोन     बच्चों के लिए सी-लाइफ लर्निंग सेंटर     पर्यावरण शिक्षा और संरक्षण आधारित कार्यक्रम नीलक्रांति में अग्रदूत बना प्रदेश मध्यप्रदेश में 4.42 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें से 4.40 लाख हेक्टेयर में मत्स्य पालन किया जा रहा है। बीते वर्ष लक्षित मत्स्योत्पादन का 98 फीसदी (3.81 लाख मैट्रिक टन) मत्स्योत्पादन किया गया। प्रदेश में 2595 पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों के 95,417 सदस्य मछली पालन में कर रहे हैं। 1.45 लाख मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए देश में अंतर्देशीय राज्यों में मध्यप्रदेश मछुआरों को क्रेडिट कार्ड वितरण में पहले स्थान पर है। प्रदेश में मछलीपालन से 2 करोड़ 75 लाख से ज्यादा मानव दिवसों के रोजगार सृजित किए गए। बीते वर्ष प्रदेश में 217 करोड़ से ज्यादा मत्स्यबीज उत्पादित किए गए, जिससे मत्स्य क्षेत्र में प्रदेश ने आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम आगे बढ़ाए।  

इशरा का दर्द खत्म, हमीदिया के डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन किया इलाज

भोपाल राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने एक बार फिर उम्मीद की नई किरण जगाई है। 15 साल की इशरा खान टीबी और मवाद के कारण अपनी रीढ़ की हड्डी की भयानक बीमारी से जूझ रही थीं, उन्हें अब नई जिंदगी मिली है। इशरा की रीढ़ की हड्डी इतनी खराब हो चुकी थी कि वे चल-फिर नहीं पाती थीं। उनका इलाज लगभग 15 साल से चल रहा था, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हो रहा था। इशरा को भोपाल के कई निजी अस्पतालों में दिखाया गया, लेकिन सब जगह उन्हें निराशा ही मिली। हर जगह ऑपरेशन की सलाह दी गई, जिसमें जान का भी खतरा था। इशरा के पिता रईस खान ने हार नहीं मानी और हमीदिया अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने इशरा की गंभीर हालत को देखते हुए बिना किसी बड़े ऑपरेशन के इलाज करने का फैसला किया। यह ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निश्शुल्क किया गया।   बिना चीर-फाड़ के निकाला एक लीटर मवाद हमीदिया अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने 23 जून 2025 को इशरा का ऑपरेशन किया। इस दौरान उन्होंने बिना किसी बड़ी चीर-फाड़ के इशरा की रीढ़ की हड्डी से एक लीटर से भी ज़्यादा मवाद बाहर निकाला। इसके साथ ही हड्डी को जोड़ने वाली एक खास ''स्क्रू तकनीक'' का भी इस्तेमाल किया गया। यह आपरेशन बहुत मुश्किल था, क्योंकि रीढ़ की हड्डी के पास से नसें गुजरती हैं और ज़रा सी भी गलती से मरीज को लकवा हो सकता था। खास मशीन से किया उपचार डॉक्टरों ने बताया कि इशरा के ऑपरेशन के दौरान एक खास मशीन ''न्यूरो मानिटर'' और ''इंट्रा आपरेटिव एक्स-रे मानिटर'' का इस्तेमाल किया गया, जिससे नसें सुरक्षित रहीं। इस टीम में अस्तिरोग विभाग के डॉ. वैभव जैन, डॉ. सुनीत टंडन, डॉ. आशीष गोहिया, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. अभिषेक निगम, डॉ. ट्विंकल केवल, डॉ. उर्मिला केसरी और डॉ. आरपी कौशल शामिल थे। मेरी बेटी को नया जन्म मिला: पिता रईस खान ऑपरेशन के बाद इशरा के पिता रईस खान ने अस्पताल प्रशासन औरडॉक्टरों का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी को नया जन्म मिला है। इस अस्पताल में मेरी बेटी को नई जिंदगी दी है। यह सफल सर्जरी न केवल इशरा के लिए, बल्कि उन सभी मरीजों के लिए एक उम्मीद है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। हमीदिया अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने कहा कि 'हमीदिया अस्पताल में भी अब अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के साथ जटिल सर्जरी संभव हैं। यह सर्जरी न केवल इशरा को नया जीवन देगी, बल्कि सीमित संसाधनों वाले मरीजों के लिए भी आशा की किरण बनेगी।'