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कल के शहरों का निर्माण थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में "मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025" अन्तर्गत कल के शहरों का निर्माण थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विकास के लिए संचालित विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विकसित सुदृढ़ अधोसंरचना, नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन नीतियों एवं योजनाओं से संबंधित प्रकल्प प्रदर्शित किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इंदौर विकास के मॉडल की झलक प्रदर्शनी में इंदौर विकास प्राधिकरण की अधोसंरचना विकास के लिए अपनाए गए मॉडल जिसमें पीपीपी मोड पर आधारित बहुउद्देशीय स्पोर्ट्स पार्क के निर्माण, एयरपोर्ट के पास कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए निर्माणाधीन स्टार्टअप पार्क को प्रकाशित किया गया। प्रदर्शनी में सारे प्रोजेक्ट्स की जानकारी को डिजिटली उपलब्ध कराने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल व्यवस्था देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। कल के शहरों में मेट्रो रेल की भूमिका "कल के शहरों" के निर्माण में मेट्रो रेल की भूमिका को दर्शाने वाली प्रदर्शनी में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना (येलो लाइन), भोपाल मेट्रो रेल परियोजना (ऑरेंज और ब्लू लाइन), रोलिंग स्टॉक (ट्रेन) देशी तकनीक से निर्मित आधुनिक मेट्रो ट्रेनें, सूचनात्मक पैनल को प्रदर्शित किया गया जिसके माध्यम से कल के शहरों में आवागमन के सशक्त साधन को दिखाया गया है। टेक्नोलॉजी आधारित प्रकल्प टेक्नोलॉजी आधारित विकास की पांच परिवर्तनकारी नीतियाँ आईटीईएस एवं ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2025, ड्रोन प्रोत्साहन एवं उपयोग नीति 2025, एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025 का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम इंदौर द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी भी प्रस्तुत की गई जिसमें राज्य के प्रमुख अधोसंरचना परियोजना के गतिशील औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, तेजी से विकसित होती आईटी अवसंरचना, और समावेशी शहरी विकास को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में विशेष रूप से इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर, आईटी पार्क-3, इंदौर, आईटी पार्क-4, सुपर कॉरिडोर, इंदौर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, रेडीमेड गारमेंट कॉम्प्लेक्स में प्लग एंड प्ले सुविधा को प्रदर्शित किया गया। हरित विकास नवाचार प्रदेश में हरित विकास को बढ़ावा देने वाली विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के नवाचारों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया। मध्य भारत में पॉलीकार्बोनेट शीट जो पूर्णतः हरित उत्पाद है के माध्यम से घरों में प्राकृतिक रोशनी आसानी से उपलब्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या के निराकरण के लिए रोबोटिक पार्किंग सिस्टम बनाए जाने के संबंध में मॉडल, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कचरा संग्रहण एवं कचरा निस्तारण के लिए ईवी का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यों में लगे प्रदेश के उद्योगपतियों की सराहना की। प्रदर्शनी में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, भोपाल विकास प्राधिकरण, उज्जैन विकास प्राधिकरण, अमृत हरित अभियान आदि प्रदर्शनियों का प्रदर्शन किया गया जो प्रदेश के गतिशील औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र एवं नवाचारों का प्रोत्साहन, तेजी से विकसित होती आईटी अवसंरचना, शहरी सुदृढ़ अधोसंरचना एवं समावेशी शहरी विकास शामिल है। प्रदर्शनी में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, निवेशक आदि उपस्थित थे।  

भविष्य के लिए हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी और नागरिकों की भागीदारी जैसे विषय पर हुई चर्चा भोपाल प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। श्री कोठारी इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" विषयक सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्योन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट और पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण के महत्व पर ज़ोर दिया गया है। एसएस गैस लैब एशिया सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर विशेष बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धांत गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्‍य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र में अन्य सदस्यों ने इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट,हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता,जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें।  

PHC सुधार को लेकर सरकार की पहल, हाईकोर्ट से मांगी 10 दिन की मोहलत

जबलपुर:  मप्र हाईकोर्ट ने अनूपपुर जिले के राजनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति तथा उपकरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू करने के निर्देश दिये थे. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए व्यवस्थाओं के लिए दस दिन का समय मांगा गया. एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की है. अनूपपुर निवासी विकास सिंह ने दायर की है जनहित याचिका अनूपपुर निवासी विकास प्रताप सिंह ने राजनगर स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी. जिसमें कहा था कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के निर्धारित पदों की संख्या 15 है. इसके अलावा पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ के पद भी निर्धारित हैं. निर्धारित पदों के हिसाब से डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ सहित अन्य पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है. केंद्र पर केवल एक ही डॉक्टर पदस्थ है, वह भी सप्ताह में सिर्फ दो दिन एक घंटे के लिए आते हैं. केंद्र तक पहुंचने वाली सड़क ऐसी हालत में है कि लोगों के लिए उस पर चलना भी मुश्किल है. युगलपीठ ने शासन से सड़क की स्थिति व अन्य सुविधाओं के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेष जारी किये थे. सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेट्स रिपोर्ट में कहा गया था कि केन्द्र में डॉक्टरों के निर्धारित 7 पद हैं. इसके अलावा बीपी तथा ईसीजी मशीन के अलावा लॉक बॉक्स व टेबल-कुर्सी सहित अन्य समान हैं. याचिकाकर्ता ने स्टेटस रिपोर्ट को बताया गलत स्वास्थ्य केन्द्र में व्यवस्था को सुधारने के लिए दस दिन का समय दिया जाए. याचिकाकर्ता की तरफ से विरोध करते हुए बताया गया कि उप केन्द्र के समय डॉक्टरों के निर्धारित पद सात होते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदों की संख्या 15 निर्धारित है. युगलपीठ ने सुनवाई के बाद ये आदेश जारी किए. 

विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करें, उनके उज्जवल भविष्य की चिंता सरकार करेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2047 तक भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनेगा और इसमें देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रदेश सरकार बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। शासकीय स्कूलों में कक्षा 6 और 9 के विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख साइकिलें वितरित की जा रही हैं। बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म तैयार करवाकर दी जाएंगी। सरकार ने शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें बांटी हैं। अब पुण्योदय प्रकल्प के माध्यम से कॉपियां भी उपलब्ध करा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में हिंद रक्षक संगठन द्वारा पुण्योदय प्रकल्प के 21वें वर्ष के अवसर पर बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स परिसर में प्रियजनों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉपी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि: शुल्क कॉपी वितरित की। स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के सपने पूरे किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थी स्कूल में टॉप करेगा, राज्य सरकार उसे इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान करेगी। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों के चिकित्सा शिक्षा की फीस में भी सरकार सहायता कर रही है। आगामी दो वर्ष में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंचेगी। सरकार द्वारा युवाओं के स्वावलंबन के लिए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य किये। विद्यार्थियों को नि:शुल्क कॉपियां वितरण का कार्य भी उनकी पुण्य-स्मृति में ही है। इंदौर में प्रतिवर्ष रंगपंचमी मनाने का अपना अलग आनंद है, रंगपंचमी को यह भव्य स्वरूप प्रदान करने का श्रेय भी पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ को ही जाता है। कार्यक्रम के आयोजक "हिंद रक्षक संगठन" के संयोजक श्री एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ ने "पुण्योदय प्रकल्प" के बारे में बताते हुए कहा कि वर्ष 2003 से इंदौर शहर के लगभग 300 समाजसेवी परिवार मिलकर प्रति वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक कॉपियां विद्यार्थियों को प्रति कॉपी मात्र एक रुपए के सांकेतिक शुल्क पर वितरित करते हैं। विद्यार्थियों को कॉपी वितरण का कार्य प्रतिवर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक जारी रहता है। उन्होंने इस कार्य में भागीदारी करने वाले सभी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, महापौर इंदौर डॉ. पुष्यमित्र भार्गव, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।  

दमोह की नदी में घात लगाए मगरमच्छ, महिला पर किया घातक हमला

दमोह मध्यप्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार की सुबह एक मगरमच्छ ने नदी के किनारे बैठी 40 वर्षीय महिला को मार डाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीड़िता मालती बाई सावन के पवित्र महीने के पहले दिन कनियाघाट पट्टी गाँव में नदी में नहाने गई थी। क्षेत्र के उप मंडल दंडाधिकारी आर एल बागरी ने बताया कि मालती नदी के पास बैठी थी, तभी एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे पानी में खींच लिया। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि बाद में, वन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने बचाव अभियान चलाया। अधिकारी ने बताया कि महिला का शव जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर नदी से एसडीआरएफ की एक टीम ने बरामद किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मालती के परिवार को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग ने जलाशय के पास होर्डिंग लगाकर ग्रामीणों को नदी में न जाने की चेतावनी दी है क्योंकि मगरमच्छों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।  

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून : POSH अधिनियम 2013

भोपाल  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में लागू किया गया। इस कानून में “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम” (POSH एक्ट, 2013) महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और मजबूत कानूनी संरचना के रूप में सामने आया है। इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना, उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, और समुचित समाधान की प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। सुश्री मिश्रा शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा पं. सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। सुश्री मिश्रा ने कहा कि POSH अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। पुलिस विभाग इसे केवल कानून प्रावधान नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में देखता है। कार्यस्थल पर पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने के लिये प्रेरित करना चाहिए। शासकीय सेवा में नियुक्ति के समय महिलाओं के साथ पुरूषों का भी ओरिएंटेशन किया जाना चाहिए। सुश्री मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर गठित समिति को देखना चाहिए कि POSH अधिनियम का दुरूपयोग न किया जा रहा हो। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर ने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न दण्डनीय अपराध है। POSH अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों वाला कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उत्पीड़न समिति के सदस्यों का नाम नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से लिखा होना चाहिए। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता से कार्य, सीसीटीवी और शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्री कपूर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखते हुए पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच की जाती है। म.प्र. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती निशा सक्सेना ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को POSH अधिनियम के प्रति जागरूक करना है। राज्य महिला आयोग के सचिव श्री सुरेश तोमर ने कहा कि POSH अधिनियम की जानकारी सभी कर्मचारियों को देना संस्थानों की जिम्मेदारी है। समय-समय पर कर्मचारियों के लिये संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि संस्थानों को नैतिक और कानूनी रूप से जवाबदेह भी बनाता है। कार्यशाला में सुफल सर्व उत्थान फॉर आर्ट, लाइफ एण्ड कल्चर वेलफेयर सोसायटी की श्रीमती भावना त्रिपाठी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न, निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष विषय पर विस्तृत जानकारी दी।  

भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषय पर हुई चर्चा भोपाल  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हुये सत्र में मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा है कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्य उन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट एवं पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है । एसएस गैस लैब एशिया के सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धात गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें ।  

मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी हुई बैठक

भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी बैठक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। वर्तमान में इस भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित 19 विभाग कार्य कर रहे हैं। बैठक में विभागों के स्थान परिवर्तन पर विचार-विमर्श किया गया। जीर्णोधार एवं उन्नयन में अग्निशमन, विद्युत, लिफ्ट, शौचालय, एयर कंडीशन, फर्नीचर की व्यवस्था एवं उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखे जाने पर बल दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अपर सचिव, उपसचिव सहित कार्यपालन यंत्री, उपस्थित थे।  

कानूनी मोर्चे पर राहत, पूर्व सीएम कमल नाथ को हाई कोर्ट से मिला सकारात्मक फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले की सीडी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर जनहित याचिका गुरुवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। एडवोकेट भूपेंद्रसिंह कुशवाह द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि नाथ ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास हनी ट्रैप मामले की सीडी है। मांग की गई थी कि नाथ को आदेश दिया जाए कि वे सीडी एसआईटी को उपलब्ध कराएं। याचिका निरस्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। किसी राजनेता के राजनीतिक बयान को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। प्रतिपरीक्षण का अवसर दिए बगैर प्रकरण में फैसला लेने के मामले में मप्र हाई कोर्ट ने सीजीएसटी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सीजीएसटी को आदेश दिया कि वह प्रकरण की दोबारा सुनवाई करे और प्रतिपरीक्षण का अवसर दे। एडवोकेट पीयुष पाराशर ने बताया कि पेपर ट्रेड लिंक के खिलाफ वर्ष 2023 में सीजीएसटी ने एक आदेश पारित किया था। इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी के 3.78 करोड़ रुपये की रिकवरी कंपनी पर निकाली गई थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर नहीं दिया गया था। कंपनी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका कंपनी ने यह बात बार-बार उठाई, लेकिन हर बार यह कहकर इसे खारिज कर दिया गया कि इससे केस के निराकरण में समय लगेगा। इस पर कंपनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार उन्हें गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना था, जो नहीं मिला। कोर्ट ने सभी पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ता को बहस और गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने जनवरी 2023 में जारी आदेश को रद करते हुए कहा कि केस में दोबारा सुनवाई करें।

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम