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राज्यपाल पटेल ने कहा- योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के प्रत्येक चरण के क्रियान्वयन में गंभीरता रखें। पात्र हितग्राही को योजना का लाभ दिया जाए। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो। विभागीय अधिकारी समय-समय पर हितग्राहियों से संवाद करें। उनके घर जाकर योजना से मिल रहे लाभों की वास्तविक जानकारी लें। हितग्राहियों की कठिनाईयों को गंभीरतापूर्वक सुनकर समाधान करें। राज्यपाल श्री पटेल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना की समीक्षा कर रहे थे। राजभवन के जवाहर खण्ड सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना अति पिछड़ी जनजातियों के कल्याण की महत्वाकांक्षी योजना है। यह बैगा, भारिया और सहारिया जनजातियों के जीवन स्तर को बेहतर करने वाली योजना है। पशुपालन विभाग पात्र और गरीब हितग्राहियों के लिए विशेष संवेदनशील रहे। उनके लिए हमेशा मदद के भाव के साथ काम करें। राज्यपाल श्री पटेल ने बैठक में मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना के विगत तीन वर्षों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन से हितग्राहियों के जीवन स्तर में हुए सुधार की जानकारी ली। योजना के प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा के दौरान हितग्राही चयन, पशु प्रदाय, आय, लक्ष्य एवं पूर्ति संबंधी जरूरी निर्देश दिए। पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा कि योजना की सफलता के लिए सतत मॉनिटरिंग आवश्यक है। विभाग इसके लिए आवश्यक व्यवस्था बनाएं। जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर ने योजना के तहत् हितग्राही को जरूरी प्रशिक्षण प्रदाय, पशु की देखभाल आदि पर चर्चा की। पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने योजना की पात्रता, मूल्यांकन, आगामी लक्ष्य, प्रशिक्षण और प्रबंधन आदि बिन्दुओं पर जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव डॉ. सत्येन्द्र सिंह, संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, प्रबंध संचालक डॉ. सत्यनिधि शुक्ला, डॉ. संजय गोवानी, महाप्रबंधक श्री असीम निगम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री को स्व-सहायता समूह की बहनों ने बांधीं बांस से बनी राखियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025" में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी लक्ष्य की पूर्ति और प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किए हैं। प्रदेश के औद्योगिकीकरण में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सिंचाई के लिए 32 लाख सोलर पंप बांटने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य की कृषि उत्पादकता अच्छी है और अब हम फूड प्रोसेसिंग में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) केवल किसानों से फसल खरीदने तक सीमित न रहें, बल्कि अनाज और अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग कर उसे बाजार में बेचें, जिससे एफपीओ से जुड़े किसान सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्था में 'समृद्ध एफपीओ-आत्मनिर्भर किसान-विकसित भारत' संकल्प के अंतर्गत एफपीओ फेडरेशन मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित "एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में रतलाम जिले से आई स्व-सहायता समूह की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर बांस से बनी राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए किसानों को स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और श्री बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों को फूड प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। मालवा अंचल में आलू चिप्स निर्माण के लिए बड़ा उद्योग स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिकरण में एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। एफपीओ केवल फूड प्रोसेसिंग ही न करें, बल्कि वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स में भी योगदान दें। एफपीओ के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाएं। सरकार सभी प्रकार के उद्योगों को बिजली, पानी और जमीन देकर हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार द्वारा उद्योगों में नियोजित महिला कर्मचारी को उनके मासिक वेतन में 6000 रुपए और पुरूष कर्मचारी को पांच हजार रूपए अनुदान, 10 वर्ष तक दिया जाएगा। विश्व में मध्यप्रदेश के जैविक कपास की विशेष मांग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उत्पादन बढ़ाने के लिए फसलों में रासायनिक दवाओं के उपयोग की चुनौतियां आ रही हैं। प्रदेश में पारंपरिक खेती का दायरा कम हुआ है। पहले जहां चावल उत्पादन नहीं होता था, वहां अब चावल की खेती बढ़ रही है। इसी प्रकार कपास का रकबा कम हो रहा है। पहले मालवा और निमाड़ अंचल का कपास उत्पादन में विशेष स्थान था। मध्यप्रदेश में उच्च गुणवत्ता का जैविक कपास होता है। दुनिया में धागा और कपड़ा बनाने के लिए चीन के कपास को पसंद नहीं किया जाता, मध्यप्रदेश के कपास की विशेष मांग है। चीन और वियतनाम अपने कपास को मध्यप्रदेश के कपास के नाम से बेच रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार किसान संगठनों का सहयोग लेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गतिविधियों के संचालन में राज्य सरकार, भारतीय किसान संघ और मालवम फेडरेशन जैसे संगठनों की सहायता लेगी। राज्य सरकार ने किसानों को गेहूं का प्रति क्विंटल दाम 2600 रुपए कर दिया है। तुअर दाल पर टैक्स हटाया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज (कोदो-कुटकी) खरीदने की भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी पर गाय-भैंस जैसे दुधारू पशु उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग के साथ प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग और मिल्क प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है – मंत्री श्री कंषाना कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। जब प्रदेश का किसान समृद्ध होगा, तो देश समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन डीएपी की थोड़ी कमी है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 14 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 12 लाख मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। सरकार 10 लाख मैट्रिक टन यूरिया किसानों को बांट चुकी है। किसानों पर भगवान श्रीराम की कृपा है। प्रदेश में पर्याप्त वर्षा हो रही है। बाढ़-बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करेगी।  

राजनीति के पंडित थे पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय द्वारका प्रसाद मिश्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मिश्र की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. द्वारका प्रसाद मिश्र की जयंती पर मंगलवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में श्रद्धेय द्वारका प्रसाद मिश्र का योगदान सदैव याद किया जाएगा। उन्हें राजनीति का पंडित कहा जाता था। पूर्व मुख्यमंत्री पंडित मिश्र ने तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के साथ अपने दल का नेतृत्व किया और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुष्पांजलि अर्पित करने की परंपरा शुरू करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर बधाई के पात्र हैं। इस परंपरा से प्रदेश की सेवा करने वाले तत्कालीन स्वनामधन्य महापुरुषों के कल्याणकारी कार्यों को नमन किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंह सिंघार सहित मंत्री परिषद् के सदस्य उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पूर्व राज्यपाल श्री मलिक के निधन पर शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ नेता श्री सत्यपाल मलिक के असामयिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से स्व. श्री मलिक की पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।  

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने व्यक्त किया शोक

भोपाल पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता श्री सत्यपाल मलिक के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पूर्व राज्यपाल श्री मलिक के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा को मोक्ष गति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिजनों एवं उनके अनुयायियों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की समीक्षा: प्रदेश में चलेगा सोलर पंप स्थापित करने का सघन अभियान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसानों के खेतों पर कुसुम योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का किसानों को लाभ दिलवाते हुए सोलर पंप स्थापना में पूर्ण सहयोग किया जाए। इसके लिए नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से कार्य कर लक्ष्य पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राकेश शुक्ला की उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष सोलर पंप स्थापित करने का अभियान प्रारंभ हो चुका है। इस कार्य की प्रगति की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विस्तार पूर्वक समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में आगामी वर्ष तक 10 लाख सोलर पंप स्थापित किए जाएंगे। चरणबद्ध रूप से यह कार्य किया जा रहा है। किसानों को खेतों में सोलर पंप की स्थापना से जहां सामान्य बिजली के उपयोग पर होने वाले अत्यधिक व्यय से मुक्ति मिलेगी वहीं इस नवाचार से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। यह कार्य प्रदेश में गति प्राप्त करेगा। इसके लिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे। आने वाले समय में यह भी संभव होगा कि किसान उत्पादित ऊर्जा का विक्रय कर सकेंगे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

CBI बनकर फंसाया, डिजिटल अरेस्ट का ड्रामा रचा और ठग लिए 20.81 लाख, MP में छह गिरफ्तार

देवास डिजिटल अरेस्ट के अपराधों को करने वाले संगठित गिरोह को दबोचने में जिले की सतवास थाना पुलिस को सफलता मिली है। इस गिरोह के सदस्यों ने सतवास के एक व्यक्ति को पुलिस, सीबीआई का अधिकारी बताकर मनी लांड्रिंग का केस चलने की बात करके डिजिटल अरेस्ट कर लिया था और 20.81 लाख रुपए जमा करवा लिए थे। मामले में पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली, महाराष्ट्र, इंदौर, नीमच आदि क्षेत्रों के रहने वाले हैं। आरोपितों में से एक ने खुद को सीबीआई चीफ आकाश कुलहरि बताकर वीडियो कॉल पर बात की थी। खुद को कोलाबा थाने का अधिकारी बताया देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बताया सतवास निवासी प्रमोद गौर के पास 24 जून 2025 को एक फोन कॉल आया जिसमें सामने वाले ने कोलाबा पुलिस स्टेशन मुंबई का अधिकारी स्वयं को बताया और कहा नरेश गोयल के साथ मनी लांड्रिंग केस में आप शामिल हैं, केनरा बैंक मुंबई में आपका खाता है जिसकी सीबीआई जांच चल रही है जिसके सुप्रीम कोर्ट के नोटिस आपको सोशल मीडिया पर भेजे हैं।   सीबीआई के नाम पर डिजिटल अरेस्ट इसके बाद प्रमोद को वीडियो कॉल किया गया और सामने वाले ने स्वयं को सीबीआई चीफ आकाश कुलहरि बताया और पुलिस, सीबीआई के नाम पर डिजिटल अरेस्ट करके कहा आपके खाते में जितनी भी राशि है, सुप्रीम कोर्ट उसका वेरिफिकेशन कराना चाहती है। इसके बाद फरियादी से 20 लाख 81 हजार रुपए अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के माध्यम से डलवाए गए। इन आरोपितों को दबोचा पुलिस ने पुलिस ने सोमेश्वर उर्फ सोम उर्फ सेमीनाम उर्फ सैम, संजय उर्फ संजू उर्फ वैम्पायर, गौरव उर्फ रितिक उर्फ लाला उर्फ गुप्ताजी, हर्ष उर्फ पीटर बास प्रजापति, ऋषिकेश पंवार, सुनील उर्फ सागर जाधव को गिरफ्तार किया है। आरोपित संजय उर्फ संजू पर पहले से हत्या व अन्य धाराओं के मामला दर्ज हैं। कमीशन का लालच देकर अकाउंट लिए किराए पर पुलिस के अनुसार आरोपितों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर अच्छा कमीशन देने का लालच देकर लोगों के बैंक खाते किराए पर लिए थे, इन खातों में ही धोखाधड़ी की राशि जमा करवाई जाती थी। बैंक खातों के उपयोग के दौरान आरोपी एक शहर से दूसरे शहर में जाने में हवाई यात्रा करते थे। आरोपियों के द्वारा देवास के अलावा मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में इस तरह ठगी की 37 वारदातें की जा चुकी हैं।

महापौर का बयान: अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने की सिफारिश, परिषद में जाएगा प्रस्ताव

इंदौर  लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोपी पार्षद अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव एमआईसी में पारित करेंगे और उस प्रस्ताव को परिषद में रखने का निर्णय लिया है। जल्द अगली परिषद में हम दो-तिहाई बहुमत और जिन मुद्दों पर उनको हटाना जरूरी है उन पर चर्चा करेंगे। पार्षद अनवर कादरी को भी सुनवाई का मौका देंगे। पार्षदी समाप्त करने का प्रस्ताव अगली परिषद में लेकर आने का भी एमआईसी में शिकायत के आधार पर निर्णय लिया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अनवर कादरी जैसे पार्षद ने न केवल अपनी पार्षदी का, बल्कि इस निगम और शहर का मान कम करने का काम किया है। डिविजनल कमिश्नर को भी लिखा लेटर महापौर ने बताया कि कई प्रकरणों के कारण, कब्जों के कारण, लव जिहाद की फंडिंग करने के आरोपों के कारण फरार चल रहा है। इस पार्षद का पार्षद बने रहना न तो शहर हित में है न ही निगम हित में। हमने एक लेटर डिविजनल कमिश्नर को लिखा था कि वह धारा 19 के प्रावधान के तहत तत्काल कार्र‌वाई करें। वो अपनी कार्रवाई कर रहे होंगे। मैं मानता हूं कि वो कार्रवाई करेंगे, नहीं करेंगे तो इंदौर की जनता और हमारे पार्षद उनसे सवाल जरूर करेंगे, लेकिन जो काम हमारी सीमा में है हम वो करेंगे। जानलेवा हमले पर 14 साल पहले काटी एक साल की सजा 2011 में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। यह हमला 6 मई 2009 को इंदौर के आजादनगर चौराहे के पास अनवर हुसैन पर किया गया था। अनवर हुसैन आरोपियों पर चल रहे एक अन्य मामले में गवाह था। पुलिस ने कादरी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पिस्तौल, कट्टा, तलवार और चाकू बरामद किए गए थे। उज्जैन में डकैती का केस, इसी से मिला डकैत नाम अनवर कादरी पर 1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाने लगा। अनवर ने इंदौर में भी मारपीट, घर में घुसकर धमकाने जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया। अनवर कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है। उसकी पत्नी दो बार पार्षद रही है। प्रमोद टंडन के शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए अनवर को शहर कांग्रेस का महामंत्री भी नियुक्त किया गया था। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, जेल जाना पड़ा 28 अप्रैल 2025 को अनवर ने इंदौर के वार्ड 58 स्थित बड़वाली चौकी पर पहलगाम हमले के विरोध में पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला दहन किया था। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कादरी ने 'पाकिस्तान' शब्द बोला, वहां मौजूद उसके कुछ समर्थकों ने 'जिंदाबाद' के नारे लगा दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। घटना के वीडियो को लेकर बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर अनवर कादरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

साज़िश या मजबूरी? बच्चा लेकर पहुंची महिला, राजा रघुवंशी के घर से भागा भाई सचिन

इंदौर मेघालय में हनीमून के दौरान जिस रजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई, उसके घर अब एक नई मुश्किल आ पड़ी है। राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की एक कथित पत्नी सामने आ गई है, जिसका दावा है कि वह उसके बच्चे की मां है। महिला का आरोप है कि सचिन ने मंदिर में उसके साथ शादी की थी और दोनों का एक बच्चा भी है। महिला मंगलवार को अपने बच्चे को लेकर सचिन के घर पहुंच गई और गेट पर खड़ी हो गई। लेकिन सचिन अपनी गाड़ी में बैठकर भाग निकला। रघुवंशी परिवार का गेट पीटती रही महिला खुद को सचिन की पहली पत्नी बताने वाली महिला रोते हुए बच्चे को गोद में लेकर लगातार गेट पीटती रही। लेकिन अंदर से कोई बाहर नहीं आया। बताया जा रहा है कि जब सचिन ने उसे पत्नी मानने से इनकार किया तो उसने दुष्कर्म का आरोप लगाया था और दोनों के बीच कानूनी जंग चल रही है। महिला का दावा है कि कोर्ट के आदेश पर डीएनए की जांच की गई थी और वह सचिन के डीएनए से मैच हो गई है। ऐसे में वह चाहती है कि सचिन अब उसे और अपने बच्चे को स्वीकार करे। 'बच्चे को देखकर भी नहीं पिघला और भाग निकला सचिन' सचिन के घर के बाहर महिला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'जब मैं यहां पहुंची तो सचिन सामने ही खड़ा था। मैंने बच्चे से कहा कि देखो कि पापा खड़े हैं। उसने हमसे कोई बात नहीं की और देखते ही भाग गया। कैसा पिता है, उसे थोड़ा भी दर्द नहीं है कि बच्चे को सामने दिखकर पिघल जाए। उसे देखकर लगा ही नहीं कि उसे कुछ दर्द है बच्चे को लेकर या मेरे साथ इतना गलत किया है। मैं कितनी खराब तरह से अपनी जिंदगी जी रही हूं।' महिला बोली मेरे पास सारे सबूत उधर, सचिन ने कहा कि उन्हें महिला ब्लैकमेल कर रही है। इस पर कथित पत्नी ने कहा, 'बच्चा है क्या, क्या नासमझ है जो मैं उसे ब्लैकमेल करुंगी। बच्चा पैदा नहीं करना था। बच्चे की डीएनए रिपोर्ट आ चुकी है। अब वह यही कह सकते हैं कि मैं ब्लैकमेल कर रही हूं। औरत पर तो यही इल्जाम लगा सकते हैं वो पैसे वाले हैं। वो मुझे गलत साबित करने के लिए कितनी भी नीचता कर सकते हैं। मेरे पास फोटो, वीडियो, बच्चे की डीएनए रिपोर्ट सबकुछ है।' 'आज नहीं तो कल गेट तो खोलना पड़ेगा' महिला ने कहा कि सचिन की मां ने अंदर से गेट बंद कर दिया है, लेकिन वह गेट खुलने के इंतजार में खड़ी रहेगी। उसने कहा, 'मैं यहीं रहूंगी, कहां जाऊं। आज नहीं तो कल उन्हें गेट तो खोलना पड़ेगा। सचिन को लेकर मैं क्या बोलूं, उसको जरा सा दर्द नहीं बच्चे को लेकर।'

सतना कलेक्टर ने पेश की मिसाल, साइकिल से दफ्तर जाकर दिया सादगी का संदेश

सतना  मध्य प्रदेश के सतना जिले में मंगलवार को एक अनोखा नजारा दिखा। कलेक्टर समेत कई अधिकारी साइकिल लेकर निकले। करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर कलेक्टर अपने ऑफिस पहुंचे को यहां काम करने वाले लोग भी हैरान हो गए। रोज सरकारी गाड़ी से आने वाले कलेक्टर आज अचानक साइकिल से कैसे ऑफिस पहुंच गए। दरअसल, कमिश्नर बीएस जामोद के अपील के बाद सतना जिले में हर मंगलवार को ‘ साइकिल डे ’ के रूप में मनाने की अनूठी पहल की गई है। इस पहल की शुरुआत मंगलवार को देखने को मिली है। जब कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी साइकिल से दफ्तर पहुंचे। सुबह कलेक्टर अपने बंगले से संयुक्त कलेक्ट्रेट तक की करीब तीन किलोमीटर की दूरी 25 मिनट में साइकिल से तय की है। उनके साथ एसडीएम सिटी राहुल सलाडिया, तहसीलदार रघुराज नगर सौरभ मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी साइकिल चलाते नजर आए। पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा रीवा संभाग के कमिश्नर ने एक अभिनव पहल शुरू की है। इस अभियान का मकसद वायु प्रदूषण में कमी, ईंधन की बचत, और स्वास्थ्य लाभ जैसे बहुआयामी उद्देश्यों को हासिल करना है। गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में कमी आने से न केवल वायु प्रदूषण घटेगा, बल्कि शहर का पर्यावरण भी स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनेगा। साइकिल चलाना एक बेहतरीन व्यायाम है, जो न केवल शरीर को तंदरुस्त रखता है, बल्कि मानसिक रूप से भी ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही, यह निजी आर्थिक बचत और राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक है। महिला कर्मचारियों के लिए ई स्कूटी की सुविधा कमिश्नर द्वारा दी गई गाइडलाइन में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-स्कूटी या सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आने का विकल्प भी दिया गया है। इसके अलावा फील्ड विजिट के लिए पूल गाड़ी प्रणाली अपनाने की सलाह दी गई है। जिससे 2-3 अधिकारी मिलकर एक ही वाहन से क्षेत्रीय निरीक्षण कर सकें। इससे समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं का त्वरित समाधान भी संभव होगा। साइकिल चलाने में आनंद आया कलेक्टर सतीश कुमार एस ने बताया कि यह एक अच्छी पहल है। स्वास्थ्य और फिटनेस के हिसाब से यह एक अच्छा माध्यम भी है। इसमें हम पर्यावरण के साथ साथ खुद के स्वास्थ्य को भी अच्छा रख सकते हैं। साइकिल से चलने में एक तरह से प्रदूषण में कमी आएगी। आज करीब तीन किलोमीटर साइकिल चलाकर टीम के साथ पहुंचा तो एक अलग ही आनंद महसूस कर रहा हूं।