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राज्य सरकार का बड़ा फैसला: अरुण चतुर्वेदी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा और विशेष अधिकार

जयपुर राजस्थान राज्य वित्त आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को राज्य सरकार ने कैबिनेट मंत्री स्तर का दर्जा दिया है और इस बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। अब चतुर्वेदी को कैबिनेट मंत्री के समकक्ष वेतन, भत्ते और अन्य सभी सुविधाएं मिलेंगी। कैबिनेट सचिवालय के आदेश के अनुसार राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को कैबिनेट स्तर का दर्जा दे दिया गया है। ओंकारसिंह लखावत के बाद उन्हें ही कैबिनेट स्तर का दर्जा मिला है। मंत्री का दर्जा मिलने के बाद उन्हें अब प्रतिमाह 65,000 रुपये वेतन के साथ 55,000 रुपये भत्ते के रूप में दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें 2,000 प्रतिदिन के हिसाब से दैनिक भत्ता मिलेगा, जो अधिकतम 180 दिन के लिए देय होगा। चतुर्वेदी को सरकारी टेलीफोन, पोस्टपेड मोबाइल, ब्रॉडबैंड और इंटरनेट के लिए 10,000 प्रतिमाह की राशि दी जाएगी। हालांकि राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष को हर बार मंत्री का दर्जा दिया जाता है। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में ज्योति किरण को राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के तौर पर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। वहीं पिछले गहलोत सरकार में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व वित्तमंत्री प्रद्युम्न सिंह को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। राजस्थान की मौजूदा भजनलाल सरकार को भी डेढ़ साल से ज्यादा हो गया, लेकिन अब तक 8 बोर्ड आयोगों में ही अध्यक्ष पद दिए गए हैं। पिछली सरकार में भी करीब 80 बोर्ड आयोगों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाए गए थे। नियुक्तियों का सिलसिला चुनाव आचार संहिता लगने तक जारी रहा और इनमें से कई तो पदभार ही ग्रहण नहीं कर सके।

भजनलाल सरकार का रक्षाबंधन गिफ्ट: महिलाएं दो दिन कर सकेंगी फ्री सफर

जयपुर रक्षाबंधन के अवसर पर राजस्थान सरकार ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद 9 और 10 अगस्त को प्रदेश की सभी साधारण और नॉन-एसी श्रेणी की रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह योजना केवल राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर यात्रा करने वाली महिलाओं पर लागू होगी। एसी, वॉल्वो और ऑल इंडिया परमिट वाली बसें इस योजना से बाहर रखी गई हैं। गौरतलब है कि यह योजना कई साल से चलाई जा रही है लेकिन अब तक इसे एक दिन ही चलाया जा रहा था लेकिन इस साल यह सुविधा दो दिन के लिए दी जा रही है। राजस्थान रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि हर साल रक्षाबंधन पर यह योजना चलाई जाती है, जिसे इस बार भी सरकार ने मंजूरी दी है। इस साल करीब 8.5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और सरकार पर 14 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। महिलाओं को यात्रा के समय अपना कोई वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी साथ रखना अनिवार्य होगा। पहचान की पुष्टि के बिना योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जयपुर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम में इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह रक्षाबंधन की भावना को सशक्त करने वाला निर्णय है।

पायलट का मंच से संदेश– सोचकर बोलें, शब्द लौटते नहीं

जयपुर राजधानी जयपुर में मंगलवार को एनएसयूआई द्वारा छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भी शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने छात्र राजनीति, संयम और भाषा की मर्यादा को लेकर युवाओं को महत्वपूर्ण संदेश दिया। सचिन पायलट ने कहा कि जो शब्द मुंह से निकलते हैं, वे वापस नहीं आते। राजनीति में भाषा और व्यवहार का बहुत महत्व होता है और इसकी शुरुआत छात्र राजनीति से होती है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए स्पष्ट किया कि संयम, सौम्यता और सही शब्दों का चयन ही किसी नेता की असली ताकत होती है। युवाओं को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि आप में से ही कोई भविष्य में विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनेगा लेकिन उस पद की गरिमा आपकी भाषा, संयम और सोच से तय होती है। इसलिए छात्र राजनीति से ही यह सीख लेनी चाहिए कि क्या बोलना है, कैसे बोलना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई बार उकसावे की स्थिति आएगी, कई तरह के आरोप लगेंगे, लेकिन संयम नहीं छोड़ना है। जैसे अर्जुन को सिर्फ मछली की आंख दिखती थी, वैसे ही आपको भी सिर्फ लक्ष्य दिखना चाहिए। पायलट ने कहा कि कोई भी आपकी सहनशीलता, मधुर भाषा और संयम को आपकी कमजोरी न समझे। ताकत क्या है, यह जनता अच्छी तरह जानती है। हालांकि पायलट ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनके यह शब्द पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान की ओर इशारा करते हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बीकानेर दौरे पर अशोक गहलोत ने कहा था कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं और अगर कोई मतभेद की बात करता है तो वह मीडिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि मानेसर प्रकरण को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए। इस बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा था कि गहलोत तो भूल सकते हैं, लेकिन क्या सचिन पायलट भूल पाएंगे कि उन्हें नकारा और निकम्मा कहा गया था? अब सचिन पायलट का यह संयमित लेकिन स्पष्ट संदेश न सिर्फ कांग्रेस के भीतर की स्थिति को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि वे अपनी राजनीतिक सोच और सार्वजनिक व्यवहार को किस स्तर पर लेकर चल रहे हैं। इन बयानों के बाद लगता है कि आने वाले दिनों में राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में और भी दिलचस्प मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

एसी कोच में भी सुरक्षित नहीं यात्री, मंडोर एक्सप्रेस में चोरी की वारदात से हड़कंप

जोधपुर मंडोर एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली से जोधपुर आ रही इस ट्रेन में बीती रात अज्ञात चोरों ने दो विदेशी पर्यटकों और चार स्थानीय यात्रियों के बैग चोरी कर लिए। यह वारदात जयपुर से जोधपुर के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित विदेशी पर्यटकों के मुताबिक जैसे ही ट्रेन जयपुर से आगे बढ़ी, उन्होंने देखा कि उनकी सीटों के पास रखे बैग गायब हैं। चोरी गए बैगों में लगभग दो लाख रुपये नकद, एप्पल एयरपॉड्स की एक जोड़ी, एक एप्पल पेंसिल और कुछ जरूरी दस्तावेज थे। घटना की जानकारी तुरंत ट्रेन के टीटीई और सुरक्षाकर्मियों को दी गई। साथ ही एसी कोच में सफर कर रहे अन्य स्थानीय यात्रियों ने भी अपने सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही पीड़ित यात्रियों ने जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विकास खेड़ा भी स्टेशन पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि चोरों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। चोरी की यह घटना तब हुई जब ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में जीआरपी के कांस्टेबल मौजूद थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। जोधपुर जीआरपी थाने में पांच जीरो नंबर एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए जयपुर जीआरपी को भेजा गया है, क्योंकि चोरी की वारदात जयपुर जीआरपी के क्षेत्राधिकार में आती है। अब जयपुर जीआरपी इस मामले की जांच आगे बढ़ाएगी।

सीएम भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी बहनों संग बांधा भाईचारे का बंधन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में ‘आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह’ को संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और आंगनबाडी बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान शर्मा ने डीबीटी के माध्यम से प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को राखी के उपहार स्वरूप 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी बहनों को छाता एवं मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। समारोह में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ भी किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों को पोषण शपथ भी दिलवाई।

करौली में जलभराव पर सख्त CM भजनलाल: अधिकारियों को दिए त्वरित राहत के निर्देश

करौली राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को करौली जिले के मंडरायल क्षेत्र का दौरा कर जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। हाल ही में भारी बारिश के कारण क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया और स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।   मुख्यमंत्री के मंडरायल पहुंचने पर उनका स्वागत करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, सपोटरा विधायक हंसराज मीणा, भाजपा नेता सुशील शर्मा, जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना और पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। ‘प्रभावितों को मिले त्वरित राहत, नहीं हो लापरवाही’ मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता पहुंचाई जाए, उन्हें सुरक्षित आवास, चिकित्सा और जरूरी वस्तुएं मुहैया कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ की समीक्षा बैठक हवाई निरीक्षण और क्षेत्रीय भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने करौली और सपोटरा के विधायकों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट ली और पुनर्वास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, सहकारिता मंत्री गौतम दक और मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ सिहाग ने भी राहत प्रयासों की समीक्षा की।   जनता के साथ है सरकार, हर स्तर पर मिलेगी सहायता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से आमजन के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जलभराव से हुए नुकसान का पूरा सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा और सहायता मिल सके। वहीं, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।   धौलपुर के लिए हुए रवाना, दिए स्पष्ट निर्देश मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का करौली दौरा समाप्त होने के बाद वे हेलीकॉप्टर से धौलपुर के लिए रवाना हो गए। रवाना होने से पहले उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए तथा प्रभावितों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जाए।  

दीवार गिरने से मचा कोहराम: भारजा गांव में तीन मजदूरों की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

सिरोही सिरोही जिले के रोहिड़ा थाना क्षेत्र के भारजा गांव में सोमवार को एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। दोपहर करीब सवा बारह बजे हुए इस हादसे में वहां काम कर रहे आठ श्रमिक दीवार और मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और आबूरोड अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन श्रमिकों को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पांच अन्य श्रमिकों का इलाज जारी है, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।   जानकारी के अनुसार, भारजा गांव निवासी भूराराम पुत्र भूबाराम के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान बन रही नई दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई और उसके नीचे काम कर रहे आठ मजदूर दब गए। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही रोहिड़ा थानाधिकारी माया पंडित और सरूपगंज थानाधिकारी कमलसिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे श्रमिकों को बाहर निकाला गया। तीन श्रमिकों की मौके पर ही मौत, पांच अस्पताल में भर्ती घायलों को आबूरोड अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने भारजा निवासी पिपली उर्फ दीपली (40) पत्नी मोयलाराम भील, काली पत्नी चुन्नीलाल और वाटेरा निवासी दिनेश (18) पुत्र ओरसिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल श्रमिकों में वाटेरा निवासी मोगली (21) पत्नी सवाराम, राजू (27) पुत्र देशराम निवासी पावटा फली, भारजा निवासी शैतान (20) पुत्र ओरसिया सहित दो अन्य शामिल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।   जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने किया घटनास्थल का दौरा जैसे ही हादसे की सूचना प्रशासन तक पहुंची, जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, निर्माण में लापरवाही या तकनीकी खामी के चलते दीवार अचानक गिर गई। प्रशासन की ओर से हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।   ग्रामीणों में शोक और आक्रोश का माहौल हादसे के बाद पूरे भारजा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को लेकर आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमन लागू किया जाए।    

भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में लापरवाही! चार्टर विमान की गलत लैंडिंग से बढ़ा खतरा

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चार्टर विमान की गलत लैंडिंग का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। घटना 31 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे की है, जब सीएम दिल्ली से फालौदी के लिए फाल्कन-2000 चार्टर विमान से रवाना हुए थे। विमान को फालौदी के एयरफोर्स स्टेशन पर उतरना था, लेकिन पायलटों की गलती से वह पास ही स्थित सिविल एयरस्ट्रिप पर उतर गया। रनवे पर लैंड करते ही पायलटों को अपनी चूक का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत विमान को दोबारा टेक-ऑफ कराया। करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित फालौदी वायुसेना स्टेशन पर फिर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। अब इस मामले में DGCA ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम भजनलाल के प्लेन की इसिलए कराई गई गलत लैडिंग       चार्टर कंपनी ने इस चूक की सूचना DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) को दी। जांच में सामने आया कि दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा और भौगोलिक स्थिति आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। इसी वजह से पायलटों को कन्फ्यूजन हुआ और यह बड़ी चूक हो गई।     DGCA सूत्रों के अनुसार, पायलटों को उड़ान से पहले दोनों एयरफील्ड की सटीक जानकारी नहीं दी गई थी। यही इस चूक का मुख्य कारण माना जा रहा है। पायलटों से क्यों हुई चूक? डीजीसीए सूत्रों के अनुसार, इस चूक का मुख्य कारण फलौदी में दो हवाई पट्टियों की समान भौगोलिक स्थिति है। फलौदी में सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के रनवे की दिशा और बनावट में काफी समानता है, जिसके चलते पायलट भ्रमित हो गए। इसके अलावा, उड़ान से पहले पायलटों को दोनों हवाई अड्डों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग को और सख्त करना होगा। चार्टर कंपनी ने डीजीसीए को इस गलत लैंडिंग की स्वैच्छिक रिपोर्ट दर्ज की है। सूत्रों ने बताया कि सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के बीच करीब 5-10 किलोमीटर का फासला है, लेकिन दोनों की समान विशेषताओं के चलते पायलटों से गलती हो गई। डीजीसीए ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम और वापसी? बता दें, लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से रामदेवरा पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ घंटे बिताए। इसके बाद वे उसी विमान से फलौदी वायुसेना स्टेशन से जयपुर लौटे। विमान रात में दिल्ली वापस चला गया। सूत्रों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के लिए बेहतर तालमेल की जरूरत है। फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है फाल्कन बताते चलें कि फाल्कन-2000 एक फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है, जो 8-10 यात्रियों को 6,000 किलोमीटर की रेंज तक ले जा सकता है। डीजीसीए की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पायलटों को उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग में क्या कमियां थीं और इस चूक को कैसे रोका जा सकता था। क्योंकि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ऑपरेटरों को उड़ान-पूर्व प्रक्रियाओं को और मजबूत करना होगा। क्यों राजस्थान के पायलट ड्यूटी से हटे     सुरक्षा पर सवाल DGCA ने तत्काल प्रभाव से दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस तरह की गलती अगर मिलिट्री एरिया में होती तो सुरक्षा और कानूनी संकट खड़ा हो सकता था।     सीएम भजनलाल शर्मा घटना के बाद हेलीकॉप्टर से रामदेवरा दर्शन के लिए गए और फिर फालौदी लौटकर उसी विमान से जयपुर पहुंचे। बाद में विमान दिल्ली रवाना हो गया। DGCA ने इस मामले को सुरक्षा में गंभीर चूक माना     दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा, भौगोलिक स्थिति और पहचान—पायलटों को उड़ान से पहले स्पष्ट तौर पर पता होनी चाहिए थी।     सैन्य हवाईपट्टी के बजाय सिविल एयरस्ट्रिप पर उतरने से सुरक्षा, परिचालन और संभावित कानूनी संकट पैदा हो सकता था।     घटना के बाद चार्टर कंपनी ने खुद यह पूरी रिपोर्ट विभाग को दी, और जांच में पाया गया कि उड़ान से पहले पर्याप्त ब्रीफिंग और सतर्कता नहीं बरती गई थी।     इसी गंभीर प्रोफेशनल लापरवाही और सुरक्षा के मद्देनज़र DGCA ने दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

दुष्कर्म के बाद ब्लैकमेलिंग, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार – अश्लील वीडियो बना कर दे रहा था धमकी

बाड़मेर बाड़मेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म कर वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करने के मामले के आरोपी को गुजरात के भरूच से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पीड़िता ने जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में महिला थाना बाड़मेर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे बार-बार ब्लैकमेल करने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। महिला थानाधिकारी मुकंददान ने बताया कि पीड़िता काफी डरी-सहमी थी और उसे आरोपी की आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर डर था। भरोसा दिलाने के बाद पीड़िता ने आरोपी बनेसिंह पुत्र हीरसिंह के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान भी दर्ज किए गए। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि वह गुजरात के भरूच जिले में छिपा हुआ है। इस पर पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने में जुटी है कि उसने पीड़िता का वीडियो और किन-किन लोगों के साथ साझा किया है। इसके साथ ही उसके अन्य आपराधिक गतिविधियों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  

‘आपके भूलने से क्या होगा?’ – गहलोत के बयान पर राठौड़ ने कसा तंज, पायलट का किया जिक्र

जयपुर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की लहरें लगातार उठती रहती हैं। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण को भूलने की बात पकड़ी है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि गहलोत भूलने की बात कर रहे हैं लेकिन उनके भूलने से क्या फर्क पड़ेगा, जब सचिन पायलट को वह सब कुछ आज भी याद है। राठौड़ ने कहा कि पायलट जब भी उस वक्त को याद करेंगे जब उन्हें नाकारा, निकम्मा कहा गया था, तो उनके मन में गुस्सा और निराशा ही आएगी। उन्होंने कहा कि गहलोत जैसे सीनियर और समझदार नेता को ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगर गहलोत वाकई में भूलना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे पायलट से कहें कि भूल जा भाई, मुझसे गलती हुई। भाजपा नेता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गुटबाजी के कारण कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत भूल सकते हैं, पर फर्क तभी पड़ेगा जब पायलट भी भूलने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि गहलोत कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, उन्होंने जो जहर घोला है, वो अपना असर दिखाएगा।