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इंदौर हादसे के बाद भी नहीं जागा भोपाल नगर निगम, बाजपेई नगर में सीवेज मिला पानी पीने को मजबूर लोग

सीवेज लाइनों से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन, उबालकर पानी पी रहे नागरिक, जिम्मेदार बेखबर अधिकारी दे रहे गोलमोल जवाब कहते हैं हमें जानकारी ही नहीं इंदौर में हाल ही में सामने आई लापरवाही और उससे जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं के बाद भी भोपाल नगर निगम ने कोई ठोस सबक नहीं लिया है। राजधानी भोपाल से एक बार फिर नगर निगम की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। ताजा मामला भोपाल के बाजपेई नगर मल्टी क्षेत्र का है, जहां स्थानीय नागरिक सीवेज से दूषित पानी को उबालकर पीने के लिए मजबूर हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और सेहत दोनों ही खतरे में पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल की अधिकांश पाइपलाइन सीवेज नालियों के बीच से होकर गुजर रही है। कई जगह पाइपलाइन काफी पुरानी और जर्जर हालत में है, जिनमें जगह-जगह लीकेज हो रहा है। इन लीकेज पाइपों के कारण सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी में मिलकर सीधे घरों तक पहुंच रहा है। नागरिकों का आरोप है कि कई बार इस समस्या की शिकायत नगर निगम से की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले, समाधान आज तक नहीं हुआ। स्थानीय रहवासियों ने बताया कि मजबूरी में वे पानी को उबालकर पी रहे हैं, फिर भी संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों में पेट से जुड़ी बीमारियां, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यहां किसी बड़े स्वास्थ्य संकट से इनकार नहीं किया जा सकता। इस गंभीर मामले पर जब हमारे संवाददाता ने संबंधित नगर निगम अधिकारियों से चर्चा की, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला रहा। अधिकारी ने कहा कि “घटना इंदौर में हुई है, भोपाल में नहीं” और साथ ही यह भी दावा किया कि नगर निगम अपना काम कर रही है। यह गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि किस तरह जिम्मेदार अधिकारी जनता की समस्याओं को हल्के में ले रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सीवेज मिश्रित पानी का सेवन सीधे तौर पर टाइफाइड, हेपेटाइटिस, डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को न्योता देता है। बावजूद इसके नगर निगम द्वारा न तो पाइपलाइन बदलने की कोई ठोस योजना बनाई गई है और न ही तत्काल मरम्मत का काम शुरू किया गया है। बाजपेई नगर मल्टी के रहवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पेयजल पाइपलाइन को सीवेज लाइनों से अलग किया जाए, पुरानी और लीकेज पाइपों को बदला जाए तथा क्षेत्र में शुद्ध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही लोगों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह पूरा मामला भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और यह दिखाता है कि किस तरह नागरिकों की जिंदगियों के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस खबर के बाद कोई ठोस कदम उठाता है या फिर लोग यूं ही गंदा पानी पीने को मजबूर रहते हैं।

भाजपा कार्यालय में मंत्री करेंगे जन समस्या का निराकरण

कार्यकर्ताओं की समस्याओं का भी होगा निराकरण भोपाल – भारतीय जनता पार्टी ने जन समस्या एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्या के निराकरण के लिए भारतीय जानत पार्टी कार्यालय में जन सुनवाई करने के लिए मुहिम शुरू की है जिसमें सरकार के मंत्री हर दिन नियमित रूप से बैठेंगे मंत्री कैलाश विजय वर्गीय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ओर संगठन मिल कर आम जनता एवं कार्यकर्ताओं की समस्या को सुन कर तत्काल प्रभाव से अधिकारियों से बात करेंगे और उसका निराकरण करेंगे ।मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैं प्रदेश अध्यक्ष जी को धन्यवाद देता हूं कि इस तरह की सुविधा उन्होंने शुरू की है इससे पहले जब कप्तान सिंह जी संगठन मंत्री हुआ करते थे तब यह व्यवस्था उन्होंने शुरू की थी इस तरह की जनसुनवाई से सभी को सरकार की योजनाओं का फायदा मिलने में ओर आसानी होगी ।

सोनिया गांधी लड़ेगी पंचायत चुनाव

भाजपा ने बनाया प्रत्याशी भोपाल – भारतीय जनता पार्टी ने केरल के मुन्नार से सोनिया गांधी को पंचायत चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है इस खबर को सुनकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तो जरूर हुई होगी लेकिन आपको बता दे ये सोनिया गांधी वो सोनिया गांधी नहीं है जो कभी कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रही है यह तो वह सोनिया गांधी है जिनके पिता केरल से कांग्रेस से राजनीति किया करते थे लेकिन भाजपा द्वारा जिन सोनिया गांधी को पंचायत चुनाव का उम्मीदवार बनाया गया है उनकी सादी भाजपा नेता से हुई है जिन्हें भाजपा ने केरल के मुन्नार से अपना उम्मीदवार बनाया है । केरल के रहने वाले सुभाष भाजपा कार्यकर्ता है जिनकी शादी सोनिया से हुई और उनके नाम के आगे गांधी जुड़ने से वह सोनिया गांधी हो गई आज सोनिया गांधी केरल के मुन्नार से पंचायत चुनाव में भाजपा की तरफ से उम्मीदवार है ।

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : सोमवार, अक्टूबर 27, 2025, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब– 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी।अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक श्री मधु वर्मा, महापौर इंदौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री सुमित मिश्रा, श्री चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मंडल में केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार की उपस्थिति में वरिष्ठजनों ने सुना मन की बात

टीकमगढ़। आज जिले में मन की बात कार्यक्रम अलग-अलग बूथों पर सुना गया। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी ने बताया कि जिले के 808 बूथों पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत के निर्देशन में मंडल अध्यक्ष ,बूथ अध्यक्ष व समितियों कार्यकर्ताओं द्वारा मन की बात कार्यक्रम का 125 वां संस्करण सुना गया। वहीं नगर मंडल की बूथ 47 पर केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार की मुख्य उपस्थिति में वरिष्ठ जनों व कार्यकर्ताओं ने मन की बात कार्यक्रम को सुना, जिसमें साथ में वरिष्ठ नेता विवेक चतुर्वेदी, अनुराग वर्मा, अशोक गोयल, अमित नुना,मंडल अध्यक्ष नरेश तिवारी, ब्रजकिशोर तिवारी, प्रफुल्ल द्विवेदी ,सतेंद्र ठगन, मुन्ना लाल साहू, रोहित खटीक, आशुतोष भट्ट, प्रतेंद्र सिंधई, जिनेंद्र धुवारा, रविंद्र श्रीवास्तव, जनमेजय तिवारी, रिंकी भदौरा, जीतू सेन, अनीश खान, अरविंद खटीक,गौरव उपाध्याय, वीरेंद्र परमार, रोहित वैसाखिया,आदित्य योगी, राजेश साहू, कौशलेंद्र गिरी, देवेंद्र सेन, मनोहर अहिरवार, आकाश अवस्थी,हनी जैन, अंशुल सैनी, राजेश सोनी, संस्कार रजक, हिमांशु जैन, अभिषेक सोनी, विक्रम मिश्रा, जितेंद्र सेन,अरविंद राय , पीयूष साहू आदि ने मन की बात कार्यक्रम सुना। डमरू भाटा बूथ पर कार्यकर्ताओं संग भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभिषेक खरे रानू द्वारा, वहीं बूथ नं 85 पर अश्विनी चढ़ार व शक्ति सिंह राय , 59 नंबर बूथ पर शुभम व्यास ने मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं संग मन की बात कार्यक्रम सुना। नगर मंडल में डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देना है , देशी उत्पादों को ही अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में खरीदना है, हमें अपने आसपास स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छता बनाए रखनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात 125वें संस्करण में कहा कि खेलो इंडिया गेम्स में महिला एथलीट्स ने भाग लेकर अद्भुत प्रदर्शन किया, बाढ़ और लैंडस्लाइड की आई आपदा में भारतीय सेना रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों की जान बचाई। जम्मू कश्मीर में भी दो उपलब्धि आई जब पुलवामा में डे एंड नाइट मैच खेला गया और डल झील में वॉटर स्पोर्ट्स का आयोजन हुआ। आज सोलर पैनल से किसानों की किस्मत बदल रही है।

रक्षाश्रीवास्तव के सुरों में रंगेगा महिदपुर-16 अगस्त को हलधर महोत्सव का भव्य आयोजन

महिदपुर (उज्जैन): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 16 अगस्त को महिदपुर के कृष्ण गोपाल मंदिर में संस्कृति विभाग द्वारा ‘हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम नट प्रकटोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन शाम 7 बजे से कृष्ण भजन संध्या के रूप में होगा, जिसमें बॉलीवुड की प्रसिद्ध गायिका रक्षाश्रीवास्तव अपने बैंड के साथ अपनी मनमोहक प्रस्तुति देंगी।भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत इस विशेष संध्या में रक्षाश्रीवास्तव कृष्ण भजनों की मधुर धुनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगी। सुरों की गंगा में डूबे श्रोता भक्ति रस का अद्वितीय अनुभव प्राप्त करेंगे।श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम नट प्रकटोत्सव’ में स्थानीय भक्तों और बाहर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस शाम को और भी खास बनाएगी। यह कार्यक्रम उज्जैन जिले के महिदपुर में होगा, जहां भक्ति और आनंद का संगम देखने को मिलेगा।

प्रज्ञा ठाकुर का सनातन के लिए असाधारण संघर्ष

भोपाल, 07/08/2025। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने गुरूवार को पार्टी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के भोपाल स्थित निवास पहुंचकर सौजन्य भेंट की और अभिनंदन किया। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर जो आरोप लगाए गए थे वह बहुत ही दुखद व दुर्भायपूर्ण थे। उन्होंने सनातन के लिए असाधारण संघर्ष किया है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं। न्यायालय के फैसले ने सिद्ध कर दिया है कि सनातन धर्म का व्यक्ति कभी आतंकवादी घटना में शामिल नहीं हो सकता।न्यायालय के फैसले से झूठे नैरेटिव का पर्दाफाश हो चुका हैभाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि “हिन्दू आतंकवाद“ जैसे नैरेटिव गढ़ने वाली कांग्रेस को सदैव याद रखना चाहिए कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। न्यायालय के फैसले ने सनातन धर्म, साधु-संतों एवं भगवा को अपमानित करने वाले लोगों को जवाब दिया है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित 7 आरोपियों ने बीते 17 वर्षों में असहनीय पीड़ा, सामाजिक बहिष्कार और राजनीतिक प्रहारों को सहन किया है। वोट बैंक के लालच और तुष्टिकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने न सिर्फ निर्दोषों को फंसाया, बल्कि पूरे हिंदू समाज की छवि को धूमिल करने का संगठित प्रयास भी किया। इस फैसले से हिंदू धर्म को मानने वालों में खुशी की लहर है।

सिंधिया ने थामा दिग्विजय सिंह का हांथ

राजनीतिक मंच में आजक दिन की सबसे खूबसूरत तस्वीर जब निकलकर सामने आई जब ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच से नीचे बैठे दिग्विजय सिंह को लेने नीचे खुद पहुंचे और दिग्गविजय सिंह का हाथ पकड़ कर अपने साथ मंच साझा करने के लिए ले गए यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है काई राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक मतभेद और विचारधाराओं की खाइयों से परे यह सूचित ओर सम्मान की तस्वीर है ।

विकसित मध्यप्रदेश 2047 की दिशा में वित्तीय अनुशासन की मजबूत नींव

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट अनुमान और वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके लिये वित्त विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं। इस बार भी राज्य सरकार द्वारा शून्य आधार बजटिंग (Zero Base Budgeting) की प्रक्रिया को जारी रखते हुए वित्तीय अनुशासन और परिणाम आधारित बजट निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने पहली बार वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के लिए “त्रिवर्षीय रोलिंग बजट” तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जो प्रदेश की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ पर केन्द्रित है। बजट स्वीकृति के पहले हर योजना का होगा मूल्यांकन वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक योजना के लिए यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे होगा और उसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या होगा। इस प्रक्रिया में गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त करने और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत करने पर भी विचार किया जाएगा। बजट निर्माण की प्रमुख तिथियां     28–31 जुलाई 2025: विभागीय प्रशिक्षण और प्रारंभिक चर्चा।     10 सितम्बर 2025: IFMIS में आंकड़े भरने की अंतिम तिथि।     15–30 सितम्बर 2025 : प्रथम चरण चर्चा।     31 अक्टूबर: नवीन योजनाओं के प्रस्ताव की अंतिम तिथि।     1 अक्टूबर – 15 नवम्बर: द्वितीय चरण चर्चा।     दिसम्बर–जनवरी: मंत्री स्तरीय बैठकें।     31 मार्च 2026: समायोजन प्रस्तावों की अंतिम तिथि। वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की भी अलग होगी गणना     विभागों को अपने स्थायी खर्चों जैसे वेतन, पेंशन, भत्तों की गणना करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।     प्रत्येक वित्तीय वर्ष के वेतन में 3% वार्षिक वृद्धि जोड़ी जाएगी।     महंगाई भत्ते की गणना क्रमशः 74%, 84% और 94% के हिसाब से होगी।     संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4% वार्षिक वृद्धि का भी प्रावधान रहेगा। अजा-अजजा उपयोजना के लिए न्यूनतम बजट सुनिश्चित करना होगा अनिवार्य वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 16% और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 23% बजट सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए सेगमेंट कोडिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। ऑफ-बजट व्यय और केंद्रीय योजनाओं पर भी निगरानी जिन विभागों को भारत सरकार से सीधे फंड प्राप्त होता है, उन्हें वह राशि भी बजट प्रस्ताव में दर्शानी होगी। इसके अलावा, ऑफ-बजट ऋण, प्रोत्साहन योजनाओं का वित्तीय असर, और नवीन योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है। सभी प्रस्ताव तय समय पर IFMIS में हों दर्ज सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बजट की तैयारी के लिए जो आई.एफ.एम.आई.एस. (IFMIS) प्रणाली अपनाई गई है, उसमें तय समय के बाद प्रविष्टि की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी प्रस्ताव निर्धारित समयसीमा में दर्ज करें और विभागीय बैठक के पूर्व पूरी जानकारी तैयार रखें। जनहित में होगा व्यय शून्य आधार बजटिंग प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर योजना के पीछे ठोस उद्देश्य हो, उसका समाज पर प्रभाव दिखे और प्रत्येक व्यय राज्य की विकास प्राथमिकताओं से मेल खाता हो। राज्य सरकार का यह प्रयास केवल राजकोषीय अनुशासन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रभावी शासन और नागरिक सेवा सुधार के लिए भी सराहनीय कदम साबित होगा।