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ड्रग पार्टी किंग यासीन गिरफ्तार, होटल में युवती से रेप और भारी रकम वसूली का आरोप

भोपाल  भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार डीजे यासीन उर्फ मछली शहर में सबसे ज्यादा नाइट पार्टी ऑर्गेनाइज करता था। वह क्लब, लाउंज और पब में नशे के आदी युवक-युवतियों के साथ पार्टी की प्लानिंग करता था।खास बात यह है कि इन पार्टी में एंट्री के लिए 10 से 25 हजार रुपए तक की वसूली की जाती थी। जबकि ड्रग के लिए अलग से रकम ऐंठी जाती थी। खुद यासीन ने रिमांड पर रहने के दौरान क्राइम ब्रांच की पूछताछ में इन तमाम बातों का खुलासा किया है। उसके मोबाइल से पुलिस को कई रेव पार्टीज के भी वीडियो मिले हैं। शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि हर पार्टी से पहले यासीन के बताए पब में पार्टी में शामिल होने वाले लोग एकत्र होते थे। बाद में एक साथ वेन्यू के लिए रवाना होते थे। वेन्यू शहर के आउटर में बने फार्म हाउस में होते हैं। जहां रात भर लाउड म्यूजिक के साथ डांस मस्ती और धमाल करने पर भी इन लोगों की शिकायत नहीं की जाती थी। क्योंकि पार्टी के लिए ऐसे फार्म को चुना जाता था, जो आबादी से दूर हों। ड्रग्स कांड में यासीन के खिलाफ पीड़िता ने कराई FIR भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग्स केस में एक-एक कर कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस बीच एक और पीड़िता सामने आई है। जिसने यासीन मछली के खिलाफ शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया है। वहीं आरोपी से पुलिस ने कई हैरान करने वाले राज उगलवाए हैं।  लड़कियों को शिकार बनाने के लिए किराए पर फार्म हाउस लेता था मछली यासीन मछली ने पुलिस को बताया कि ड्रग पार्टी के लिए 25 हजार रुपए तक वसूले जाती थे। मछली क्लब लॉन्ज और पब में नशे के आदी युवक-युक्तियां के साथ नई शिकार की प्लानिंग करता था। इसके लिए किराए पर फार्म हाउस, डुप्लेक्स और फ्लैट लिए जाते थे। पुलिस ड्रग पार्टी में शामिल होने वाले युवक-युवतियों समेत मकान मालिकों की भी तलाश में जुट गई है। पीड़िता ने यासीन के खिलाफ लगाए रेप के आरोप ड्रग्स कांड और लव जिहाद मामले में एक और पीड़िता सामने आई है। पीड़िता ने बताया कि पब में 1 साल पहले यासीन की इससे मुलाकात हुई थी। फाइव स्टार होटल में यासीन उससे मिला था। जिसके बाद शादी का झांसा देकर इसके साथ दुष्कर्म किया। फिर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया था। पीड़िता ने महिला थाने में रेप और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पब-क्लब मैनेजरों और मालिकों को नोटिस जारी क्राइम ब्रांच शहर के उन तमाम क्लब-पब और लाउंज मालिक और मैनेजरों को नोटिस जारी कर रही है, जहां यासीन और उसके गिरोह के लोगों का बैठना उठना था। जिससे यह साफ हो सके कि ड्रग तस्कर गिरोह की मिलीभगत क्लब, पब मालिक या स्टाफ से तो नहीं है।पब में मिली युवती से रेप कर चुका यासीन एमपी नगर थाने की सब इंस्पेक्टर अर्चना तिवारी के मुताबिक 29 वर्षीय युवती प्राइवेट जॉब करती है। करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात ड्रग तस्कर यासीन से एक पब में हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद एक-दूसरे से दोस्ती हो गई थी। दोनों ने मोबाइल नंबर शेयर किए थे। बाद में आरोपी यासीन ने युवती को मिलने के लिए एक फाइव स्टार होटल में बुलाया, जहां उसने शादी करने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। उसके बाद से वह लगातार युवती का शोषण कर रहा था। यासीन को अरेरा हिल्स पुलिस ने लिया रिमांड पर यासीन को अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। 4 अगस्त को उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी कर पत्रकार पास हासिल करने का मामला दर्ज है। वह अपनी स्कॉर्पियो में विधानसभा का पास लगाकर घूमता था। इसके अलावा उसे एमपी नगर और महिला थाने की पुलिस भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। महिला थाने में रेप पॉस्को और एमपी नगर थाने में रेप की एफआईआर दर्ज हैं। उससे अहम साक्ष्यों की जब्ती भी की जाना है। यासीन के गुर्गे की रिमांड बढ़ी गिरोह से जुड़े अंशुल सिंह उर्फ भूरी को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी से डिटेल पूछताछ के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश कर 4 अगस्त तक की रिमांड पर लिया था। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे फिर तीन दिन की रिमांड (7 अगस्त) तक भेज दिया है। वह नए शहर में संगठित अपराधों में शामिल रहा है। टीटी नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ ही पूर्व में भी शराब तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी खुद को एक कांग्रेस नेत्री का बेटा बताता है। शहर के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 20 से अधिक हत्या के प्रयास, मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट और तस्करी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। अंशुल सिंह उर्फ भूरी (35) टीटी नगर इलाके का रहने वाला है। वह पुराना बदमाश है, ड्रग तस्कर यासीन से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में उसका नाम पैडलर के तौर पर सामने आया था। दोनों के बीच लेन-देन संबंधी चैट्स और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। पिस्टल के साथ एक और आरोपी पकड़ाया अंशुल सिंह उर्फ भूरी की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच ने ऐशबाग में रहने वाले 32 वर्षीय तौफीक निजामी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्टल और 1 जिंदा राउंड जब्त किया गया है। इसी ने अंशुल को अवैध पिस्टल दी थी। उससे पूछताछ की जा रही है।

भोपाल नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ० मथुरा प्रसाद को नोटिस जारी

सीएम हेल्पलाइन के हंटर से हायर एजुकेशन के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक को नोटिस जारी छात्र को स्कॉलरशिप दिलाने में लापरवाही भारी पड़ी उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी को भोपाल नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ० मथुरा प्रसाद को नोटिस जारी कारण बताओ नोटिस जारी कर दो वेतन वृद्धि रोकी विदिशा शासकीय महाविद्यालय, नटेरन जिला विदिशा में अध्ययनरत छात्र सुमित साहू को वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की पिछडा वर्ग संवर्ग की पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति समय-सीमा में नहीं प्रदान करायी गई। जिस कारण छात्र सुमित साहू द्वारा सी०एम० हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज की गई। छात्र द्वारा प्रथम वर्ष की स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के दिनांक 22.01.2021 से एक वर्ष से अधिक समय के बाद 11.03.2022 को महाविद्यालय द्वारा मंजूर की गई।  शिकायत का संतुष्टिपूर्ण समाधान किये जाने के पूर्व ही एल-2 अधिकारी डॉ० नीता पाण्डे, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय अग्रणी महाविद्यालय, विदिशा द्वारा कराए जाने की अनुशंसा एल-3 स्तर अधिकारी डॉ० मथुरा प्रसाद क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, भोपाल-नर्मदापुरम संभाग, भोपाल को की गई।  छात्रवृत्ति का भुगतान समय-सीमा में न होने के कारण छात्र सुमित साहू की शिकायत समाधान आनलाईन पर चर्चा के लिए चिन्हित हुई। इस मामले में नोटिस जारी कर सात दिन में मांगा जबाब जबाब नहीं देने पर एक पक्षीय होगी कार्यवाही  उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह मलावी ने जारी किया नोटिस

रेप केस में कांग्रेस विधायक पर दोबारा जांच के निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने दिए सख्त आदेश

अटेर  भिंड के अटेर से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ दर्ज रेप केस की जांच एक बार फिर शुरू होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए जांच की निगरानी भोपाल रेंज के डीआईजी स्तर के अधिकारी को सौंपी है. बता दें कि ये मामला 2018 का है. इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति कई बार गरमा चुकी है. अब ये मामला एक बार फिर तूल पकड़ चुका है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत कटारे की गिरफ्तारी पर रोक को बरकरार रखा. लेकिन ये राहत उन्हें तभी मिलेगी, जब वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश मध्य प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें हाईकोर्ट के 2 दिसंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. बता दें कि हेमंत कटारे मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यदेव कटारे के बेटे हैं. एक-दूसरे पर दर्ज कराई थी FIR यह मामला वर्ष 2018 का है, जब भोपाल में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही 21 वर्षीय छात्रा ने विधायक हेमंत कटारे पर रेप और अपहरण के गंभीर आरोप लगाए थे. छात्रा की शिकायत पर भोपाल के महिला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. दूसरी ओर, हेमंत कटारे ने इसे भी राजनीतिक साजिश बताते हुए छात्रा पर ब्लैकमेलिंग और करोड़ों की फिरौती मांगने का आरोप लगाया था. कटारे की शिकायत पर छात्रा को गिरफ्तार भी किया गया था. छात्रा की आत्महत्या से मामला और उलझा छात्रा ने जेल से छूटने के बाद कटारे और पुलिस पर मिलकर उसे झूठे आरोप में फंसाने की बात मीडिया से कही थी. उसने कटारे यौन शोषण के आरोप लगाए थे. मामला तब और जटिल हो गया जब 2019 में छात्रा ने प्रयागराज में आत्महत्या कर ली. इस घटना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया था. वहीं, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस प्रकरण में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फिर से जांच की मांग की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अब यह मामला फिर चर्चा में आ गया है. भिंड जिले के अटेर से कांग्रेस विधायक और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ रेप केस की जांच फिर से शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हेमंत कटारे के खिलाफ दर्ज मामले की जांच भोपाल रेंज के डीआईजी की निगरानी में कराने का आदेश दिया है सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच की निगरानी DIG स्तर के अधिकारी करेंगे। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि फिलहाल हेमंत कटारे की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी, बशर्ते वे जांच में पूरा सहयोग करें। सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश मध्यप्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है, जिसमें हाईकोर्ट के 2 दिसंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू, एएजी अमित शर्मा और अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे। वहीं, हेमंत कटारे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गगन गुप्ता ने पक्ष रखा। जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की निगरानी डीआईजी भोपाल करेंगे, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक हेमंत कटारे की गिरफ्तारी नहीं की जाए, यदि वे जांच में पूरा सहयोग करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चार सप्ताह में जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी। भूपेंद्र सिंह बोले- कांग्रेस विधायक पर रेप केस में रिपोर्ट बदली पूर्व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने उप नेता प्रतिपक्ष और अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे पर दर्ज रेप केस में एफएसएल रिपोर्ट बदले जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेटर लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। 

MP Assembly : कांग्रेस ने उठाया पुरानी पेंशन का मुद्दा, शिवाजी पटेल का इनकार, विपक्ष ने किया वॉकआउट

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का आज सातवां दिन है। झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही शुरू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी श्रद्धांजलि दी। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने पुरानी पेंशन योजना का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2005 के बाद पेंशन को एनपीएस के अंतर्गत लाया। इसमें लाभ की कोई गारंटी नहीं है। सरकार ने जवाब दिया है कि हमारे पास इस पुरानी पेंशन योजना को लेकर कोई जानकारी नहीं है, कोई प्लानिंग नहीं है। क्या हमारे कर्मचारी देश की और प्रदेश की सेवा में कोई कसर छोड़ते हैं? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को सुरक्षा मिले। अन्य प्रदेशों में पुरानी पेंशन योजना लागू है तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं? जवाब में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, उत्तर पटल पर रखा है। पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का न कोई प्लान है और न ही विचार। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया। जबलपुर में शासकीय विक्टोरिया अस्पताल में फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया था। उप मुख्यमंत्री राकेश शुक्ला के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया है। सदन की कार्यवाही जारी है।

पं. प्रदीप मिश्रा के आयोजन से पहले कुबेरेश्वर धाम में अफरा-तफरी, भगदड़ में 2 की मौत

सीहोर   मध्य प्रदेश के सीहोर मे स्थित कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मचने से 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। बताया जा रहा है कि घायलों में कईयों की हालात गंभीर बनी हुई है। घायलों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। कुबरेश्वेर धाम में मची भगदड़ दरअसल, 6 अगस्त को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में कांवड़ यात्रा निकाली जानी है. यात्रा से पहले सीवन नदी घाट से कुबेश्वर धाम तक भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हालात यह हैं कि इंदौर भोपाल हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई है. इसी बीच कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मच गई. घटना में घबराहट और अत्यधिक भीड़ के चलते दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है. जबकि दो महिला गंभीर हैं. वहीं 8 से 10 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया है. गर्मी और उमस बनी कारण, अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि शुरूआती जानकारी में बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर के समय कुबेरेश्वर धाम परिसर में बढ़ती भीड़ और गर्मी-उमस के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. यहां अफरा-तफरी और भगदड़ के हालात निर्मित हो गए. इनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर है, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीहोर ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. मृत महिलाओं की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस घटना की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. वहीं, कई अन्य श्रद्धालु भी बेचैनी, घबराहट और चक्कर जैसी समस्याओं से पीड़ित बताए जा रहे हैं. जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल आने की सूचना भी है. कौन हैं प्रदीप मिश्रा, कुबेरेश्वर धाम से नाता बता दें पंडित प्रदीप मिश्रा एक मशहूर कथावाचक हैं. वे सीहोर के रहने वाले हैं. उनकी कथा मध्य प्रदेश के साथ-साथ देशभर में आयोजित की जाती है. वहीं सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्री की कथा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां मौजूद शिव मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. वहीं सावन के मौके पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. 17 अगस्त को कांवड़ यात्रा में शामिल होने देश और प्रदेश से श्रद्धालु सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे. हालात यह थे कि सारे होटल, लॉज सब फुल चल रहे हैं. साल 2023 में भी मची थी भगदड़ गौरतलब है कि कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 16 फरवरी साल 2023 में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भी भगदड़ मची थी. तब एक महाराष्ट्र के नाशिक की 53 वर्षीय मंगल बाई नाम की महिला की मौत हो गई थी. जबकि 4 लोग लापता हुए थे. इसके बाद दूसरे दिन 17 फरवरी को एक 3 साल के बच्चे अमोघ भत्त की मौत हो गई थी. बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को रुद्राक्ष महोत्सव रोकना पड़ा था. जानकारी के मुताबिक, कल पंडित प्रदीप मिश्रा की कावड़ यात्रा निकलने वाली है। उसके चलते 1 लाख श्रद्धालु अभी तक सीहोर आ चुके हैं।  

कुबेरेश्वर धाम जाने का प्लान है? पहले जान लें कांवड़ यात्रा के ट्रैफिक डायवर्जन

सीहोर  सावन माह में आयोजित हो रही ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में 6 अगस्त को निकलने वाली इस भव्य यात्रा में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। यह व्यवस्था 5 अगस्त रात 12 बजे से 6 अगस्त रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे धैर्य और सहयोग बनाए रखें तथा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। ट्रैफिक डायवर्जन के तहत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल, यातायात कर्मी और मेडिकल टीम तैनात रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। भारी वाहनों के लिए विशेष मार्ग तय भोपाल से इंदौर या देवास की ओर जाने वाले भारी वाहन अब सीधे नहीं जा सकेंगे। इन्हें परवलिया क्षेत्र के मुबारकपुर जोड़ और खजूरी क्षेत्र के तुमड़ा जोड़ से होते हुए श्यामपुर–कुरावर–ब्यावरा–शाजापुर–मक्सी मार्ग से भेजा जाएगा। वहीं, इंदौर/देवास से भोपाल आने वाले भारी वाहनों को भी यही मार्ग अपनाना होगा। छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन या इंदौर की ओर जाने वाले छोटे वाहन अब सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहे से भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए अमलाहा मार्ग से जाएंगे। वापसी में वाहन आष्टा–अमलाहा–भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए भोपाल पहुंचेंगे। प्रशासन ने यात्रियों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से ट्रैफिक प्लान में सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने हड़बड़ी या रूट तोड़ने से बचने की सलाह दी है, जिससे आपात स्थिति से बचा जा सके। भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी कांवड़ यात्रा सीवन नदी घाट से जल लेकर कुबेरेश्वर धाम तक करीब 11 किलोमीटर पैदल यात्रा के रूप में निकलेगी। इसे लेकर शहर में साफ-सफाई, पार्किंग, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। यह यात्रा धार्मिक इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय मानी जा रही है। सीवन घाट और कुबेरेश्वर धाम पर 5 अगस्त सुबह 6 बजे से यात्रा समापन तक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर डेहरिया को प्रभारी बनाया गया है। मौके पर एम्बुलेंस, दवाएं और मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम भी अलर्ट रहेगी।   400 से अधिक जवान रहेंगे तैनात जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान 400 से अधिक पुलिस जवान, 4 डीएसपी, 7 थाना प्रभारी और 30 सब-इंस्पेक्टरों की तैनाती की गई है। इनमें से कई जवान बाहरी जिलों से बुलाए गए हैं ताकि स्थानीय पुलिस को अन्य कार्यों में लगाया जा सके। कई सामाजिक संगठनों द्वारा यात्रा मार्ग में सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें जल वितरण, फलाहारी प्रसाद और रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी। विठलेश सेवा समिति, रामसेवा समिति और अन्य स्थानीय मंडल इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। "सेवा, श्रद्धा और अनुशासन का पर्व" प्रशासन और आयोजकों का संदेश है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला पर्व है। श्रद्धा और अनुशासन के साथ हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इस आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करे। 

प्रशासनिक हलकों में हलचल, देर रात राज्य शासन ने किए तबादले

भोपाल   राज्य शासन ने सोमवार देर रात प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का तबादला किया है। इस आदेश के तहत उमरिया जिले में दो अहम प्रशासनिक नियुक्तियां की गई हैं। जिले में लंबे समय से खाली चल रहे अपर कलेक्टर के पद पर अब 2014 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी प्रमोद कुमार सेन गुप्ता को नियुक्त किया गया है। प्रमोद सेन गुप्ता की नियुक्ति को जिले के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीते दो महीनों से अपर कलेक्टर का पद रिक्त होने के कारण कई अहम फैसलों में विलंब हो रहा था। अब उनके कार्यभार ग्रहण करने से जिले में नीति निर्धारण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इधर, मानपुर के एसडीएम टीआर नाग का तबादला अनूपपुर जिले में कर दिया गया है। टीआर नाग का कार्यकाल मानपुर में काफी सक्रिय और उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने स्थानीय विवादों के समाधान, राजस्व मामलों की सुनवाई और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों में प्रभावी कार्य किया। उनके स्थानांतरण के बाद मानपुर में एसडीएम का पद रिक्त हो गया है, जिस पर शीघ्र नई नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। प्रदेशभर में इस तबादला सूची को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। माना जा रहा है कि यह बदलाव आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और सुशासन की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। शासन द्वारा संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अधिक प्रभावशाली और जनहितैषी बनाया जा सके। उमरिया जिले के प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को उम्मीद है कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया गुना में वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

गुना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को गुना में बाढ़/अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने जिले के विभिन्न वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने कैंट क्षेत्र, पटेल नगर में घर-घर जाकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यू टेकरी रोड स्थित पवन कॉलोनी पहुँचकर वर्षा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर हालात जाने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत दिनों हुई भारी वर्षा ने जिले में 32 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिससे अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई। इस चुनौती का प्रशासन ने तत्परता एवं समन्वय के साथ सामना किया। गुना न्यू सिटी कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला सहित 170 नागरिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। विभिन्न जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से राहत कार्यों की गति तेज की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम द्वारा सघन बचाव कार्य किए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं प्रशासनिक अमले ने मिलकर भोजन पैकेट वितरण, अस्थायी आश्रय स्थल की स्थापना तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसे राहत कार्य किए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें। यह हर्ष की बात है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन हर हाल में उनके साथ है, किसी भी प्रकार की कठिनाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी बहनों का रक्षाबंधन के साथ स्वागत करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान विधायक पन्‍नालाल शाक्‍य, जिला पंचायत अध्‍यक्ष अरविन्‍द सिंह धाकड़, पूर्व मंत्री महेन्‍द्र सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक राजेन्‍द्र सिंह सलूजा, संभाग आयुक्‍त ग्‍वालियर मनोज खत्री, आईजी अरविन्‍द सक्‍सेना सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मंत्री तोमर का दावा: जनजातीय अंचलों में पहुंची रौशनी, 12 हजार घरों में जली उम्मीद

भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा "प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान" (प्रधानमंत्री जनमन योजना) में कंपनी कार्यक्षेत्र के 10 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में अब तक बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति परिवारों के 12 हजार से अधिक घरों को रोशन किया है। कंपनी कार्यक्षेत्र के इन दस जिलों में ग्वालियर,  विदिशा,  अशोकनगर,  श्योपुर,  दतिया, गुना, शिवपुरी, रायसेन, मुरैना एवं भिण्ड शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा "प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान" (प्रधानमंत्री जनमन योजना) में अब शेष लगभग 02 हजार पात्र जनजातीय हितग्राहियों के घरों को जल्दी ही विद्युतीकृत कर रोशन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रमुख योजनाओं में जनमन योजना शामिल है। जिस पर तीव्र गति से काम किया जा रहा है। योजना में जनजातीय बहुल गावों के बैगा, भारिया तथा सहरिया जनजाति के अविद्युतिकृत  घरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है जिसमें कंपनी के अंतर्गत ग्वालियर में 210, विदिशा में 3697, मुरैना में 62, अशोकनगर में 738, श्योपुर में 752, दतिया में 431, गुना में 2213, शिवपुरी में 3640, रायसेन में 252 एवं भिण्ड में 43 घरों में बिजली पहुंचाई गई है। पीएमजनमन योजना में कंपनी कार्यक्षेत्र के 10 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों के (बैगा, भारिया, सहरिया) पात्र परिवारों के घरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है। इस योजना से एक ओर जहाँ जनजातीय परिवारों के बच्चों को पढ़ने-लिखने के साथ ही घरेलू कामकाज और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं वहीं दूसरी ओर पीने के पानी, सड़क बत्ती और मूलभूत सुविधाएं मिलने से उनके रहन-सहन के स्तर में सुधार दिखाई दे रहा है।  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की विभाग प्रमुखों के साथ तैयारियों की बैठक

भोपाल प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2025 हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण तरीके से मनाने के लिए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सोमवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाने के लिए जरूरी तैयारियों पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्य समारोह लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ध्वजारोहण करेंगे। राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण किया जायेगा। संस्कृति, जनसम्पर्क एवं लोक निर्माण विभाग समारोह की आवश्यक तैयारियां करेंगे। कार्यक्रम की व्यवस्था समारोह की पूर्ण व्यवस्था संभागायुक्त भोपाल एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा की जायेगी। गणमान्य नागरिकों के लिए आमंत्रण पत्र छपवाने एवं वितरण का कार्य संभागायुक्त, भोपाल दवारा सम्पादित किया जायेगा। दूरदर्शन एवं आकाशवाणी द्वारा समारोह के प्रसारण की व्यवस्था, दिल्ली से राष्ट्रीय प्रसारण कराने की व्यवस्था जनसम्पर्क विभाग द्वारा की जायेगी। समारोह स्थल पर आवश्यकतानुसार साफ-सफाई, पीने का पानी, पानी के निकास, बेरीकेटिंग, प्रसाधन आदि की जिम्मेदारी नगर निगम, भोपाल की होगी। सभी सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर 14 एवं 15 अगस्त 2025 को रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था की जायेगी। आमंत्रित आतिथि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों एवं प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को कार्यक्रम में सम्मान पूर्वक आमंत्रित किया जायेगा। वृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जिला कलेक्टर अथवा उनके नामित प्रतिनिधि द्वारा घर जाकर शाल, श्रीफल से सम्मानित किया जायेगा। शासकीय भवनों में ध्वजारोहण व राष्ट्र गान का आयोजन सभी शासकीय भवनों पर विभाग प्रमुख / कार्यालय प्रमुख दवारा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण व राष्ट्र गान का आयोजन किया जायेगा। जिला स्तर पर विधान सभा अध्यक्ष/मंत्रीगण एवं कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा, जिसकी जिलेवार सूची सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी की जायेगी। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया, श्रीमति रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव, शिवशेखर शुक्ला, संभाग कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर उपस्थित थें। अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।