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जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के बीच हुआ द्विपक्षीय एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सोमवार को दो अलग-अलग विषयों से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एक संक्षिप्त कार्यक्रम में हुए इन एमओयूस को हस्ताक्षरित कर संबंधित पक्षों द्वारा आदान-प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पक्षों को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे। पहला त्रिपक्षीय एमओयू राज्य आनंद संस्थान, भोपाल, दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट एवं मप्र जन अभियान परिषद, भोपाल के मध्य हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य तीनों संस्थानों द्वारा आपसी प्रशिक्षण के जरिए प्रदेश में आनंद ग्रामों के विकास तथा सतत् विकास के लक्ष्य पर आधारित ग्राम विकास अवधारणा के क्रियान्वयन की साझा पहल करना है। दूसरा द्विपक्षीय एमओयू म.प्र. जनअभियान परिषद, भोपाल और नर्मदा समग्र, भोपाल के बीच हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों द्वारा मध्यप्रदेश में नदी संरक्षण से जुड़े विविध आयामों पर नागरिकों की मनःस्थिति और वर्तमान परिस्थिति बदलने के लिए साझा प्रयास करना है। म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव आनंद विभाग श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ श्री आशीष कुमार गुप्ता, जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़, दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संगठन सचिव श्री अभय महाजन, संस्थान के कोषाध्यक्ष सह सचिव श्री बसंत पंडित, नर्मदा समग्र न्यास, भोपाल के अध्यक्ष श्री राजेश दवे, सचिव श्री करण सिंह कौशिक एवं मुख्य कार्यकारी श्री कार्तिक सप्रे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। एमओयू की पृष्ठभूमि म.प्र. जन अभियान परिषद अपने लक्षित उद्देश्यों के अनुरूप स्वैच्छिकता, सामूहिकता एवं स्वावलंबन के माध्यम से शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों में आमजनों की सह‌भागिता सुनिश्चित कर लोगों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रयत्नशील है। इसके लिए परिषद निरन्तर विशेषज्ञता वाले शासकीय विभागों और संगठनों के साथ एमओयू करके सभी पक्षों की सहमति, सहयोग और समन्वय से कार्यक्रमों और आयोजनों की रूपरेखा तैयार करती है। परिषद के साथ सोमवार को हुए पहले त्रिपक्षीय एमओयू का उद्देश्य यह है कि तीनों संस्थान एक-दूसरे की विशिष्टताओं और विशेषज्ञताओं का लाभ लेकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान करें। दूसरे द्विपक्षीय एमओयू का उद्देश्य अविरल, निर्मल और कल-कल करती मां नर्मदा नदी के साथ-साथ इसकी सहायक नदियों को भी पुनर्जीवन प्रदान करने में आपसी सहयोग और समन्वय से विशेष रणनीति बनाकर इसे नदी संरक्षण की दिशा में तेजी से लागू करना है।  

पालकी यात्रा बनी भक्ति और आस्था का प्रतीक, मंत्री टेटवाल ने किया विधिवत शुभारंभ

भोपाल  राजगढ़ जिले के सारंगपुर में सावन के पावन माह में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां बटकेश्वर महादेव मंदिर से निकली महादेव की भव्य पालकी यात्रा में लाखों शिवभक्तों ने भाग लिया। यात्रा का शुभारंभ कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने महाकाल के जयकारों के साथ किया। उन्होंने पालकी यात्रा की अगुवाई करते हुए पूर्ण श्रद्धा के साथ नगर भ्रमण कराया। बड़ी संख्या में सहभागिता के लिये श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कलशधारी महिलाओं ने दी यात्रा को भव्यता पालकी यात्रा में हजारों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर मंगल कलश लेकर यात्रा को भव्यता प्रदान की। मंत्री टेटवाल ने सभी माताओं-बहनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह दृश्य जनशक्ति और आस्था की एक अनुपम मिसाल है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को सजीव करती है। भक्ति, संस्कृति और अनुशासन का संगम ढोल-नगाड़ों, मंजीरों और बम-बम भोले के जयघोष के साथ जब पालकी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, तो पूरा वातावरण शिवमय हो गया। शिव के गण, नंदी की झांकियां और भक्तों की टोलियों ने यात्रा को एक दिव्य स्वरूप प्रदान किया। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने यात्रा का पुष्प-वर्षा एवं आरती कर स्वागत किया। बटकेश्वर महादेव ‘चंद्रमौलेश्वर’ रूप में करते हैं नगर भ्रमण बटकेश्वर महादेव को चंद्रमौलेश्वर के रूप में जाना जाता है। वे प्रतिवर्ष इस यात्रा के माध्यम से नगर में भ्रमण करते हैं और अपनी प्रजा का हाल जानते हैं। यात्रा के समापन पर मंदिर में विशेष श्रृंगार आरती व भंडारे का आयोजन किया गया। टेटवाल ने श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन मंत्री टेटवाल ने नगर निगम, पुलिस बल, सफाई मित्रों, श्रद्धालुओं एवं समस्त प्रशासनिक अमले का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग से यह यात्रा न केवल अनुशासित रही, बल्कि भक्ति और संस्कृति का अनुपम उदाहरण भी बनी। सारंगपुर की इस ऐतिहासिक पालकी यात्रा ने न केवल धार्मिक समरसता का संदेश दिया, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और जन आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।  

मंत्री पटेल में स्वच्छता रील्स प्रतियोगिता में मोहन रोकड़े को किया सम्मानित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये शॉर्ट वीडियो रील्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को माध्यम बनाकर स्वच्छता के संदेश का प्रचार-प्रसार करना था। प्रतियोगिता की थीम "कचरा निपटान, गांव की शान – बनाएं स्वच्छता अपनी पहचान" पर आधारित थी। प्रतियोगिता तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित रही कचरे का पृथक्करण (जैविक और अजैविक), कचरे का पुनरुपयोग औऱ खुले में कचरा नहीं फैलाना। इस प्रतियोगिता में खालवा जनपद के ग्राम मल्हारगढ़ (जिला खंडवा) निवासी मोहन रोकड़े की रील का उत्कृष्ट मानते हुए चयन किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रोकड़े को 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन संचालक दिनेश जैन भी उपस्थित थे। राज्य स्तरीय शॉर्ट वीडियो प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को अपशिष्ट प्रबंधन के सुरक्षित उपायों, व्यवहारों एवं समाधानों को उजागर करने वाली शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए प्रेरित करना था, जिससे युवा रचनात्मकता से स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में अपना योगदान दे सकें। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर सकारात्मक सोच विकसित होगी।  

मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने किया शिवपुरी के ग्राम पचावली में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

सरकार का पहला कर्त्तव्य है नागरिकों की सुरक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी प्रभावितों को शीघ्र प्रदान किया जायगा मुआवजा : केंद्रीय मंत्री सिंधिया मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने किया शिवपुरी के ग्राम पचावली में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण प्रभावितों को सहायता राशि वितरित शिवपुरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शिवपुरी जिले के ग्राम पचावली पहुंचकर हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित स्‍थानीय नागरिकों को मकान क्षति तथा खाद्यान्न के लिए सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने ग्राम पचावली में ग्रामवासियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेन्द्र सिंह यादव, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनहानि, पशुहानि अथवा फसल क्षति जैसी हर स्थिति में सरकार पीड़ितों के साथ है। प्रभावित परिवार को राहत राशि सीधे उनके खाते में प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे बाढ़ प्रभावितों के दुख-दर्द जानने आए हैं। सरकार हर हाल में प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अतिवर्षा से उत्पन्न परिस्थितियाँ हमारे लिए परीक्षा की घड़ी हैं। जनता के सहयोग और प्रशासन के समर्पण से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया है। उन्‍होंने कहा कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ग्रस्‍त क्षेत्रों में राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। शासन-प्रशासन पूरी मुस्‍तैदी के साथ राहत कार्यों में लगा है। उन्‍होंने बाढ़ प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि चिंता न करें, दुख की घड़ी में सरकार आपके साथ है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि हम सुख-दुख के हर क्षण प्रभावितों के साथ हैं। संकट की घड़ी में हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार औसत वर्षा से कहीं अधिक वर्षा हुई है, जिसके कारण सिंध नदी में उफान आया और पचावली सहित 32 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर से दो हेलीकॉप्टर राहत कार्य के लिए भेजे गए थे। मौसम प्रतिकूल होने के कारण वे प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाए। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राहत दलों के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। लगभग 400 लोगों की जान बचाई गई और प्रभावितों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने कहा कि मक्का एवं सोयाबीन की फसल को व्यापक क्षति हुई है, जिसकी भरपाई के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाए।  

विश्वास की मिसाल बनें, भय का कारण नहीं — राज्यपाल पटेल का संदेश

विश्वास की मिसाल बनें, भय का कारण नहीं — राज्यपाल पटेल का संदेश राज्यपाल से मिले 77वें आर.आर. बैच के प्रशिक्षु आई.पी.एस भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पुलिस के लिए जितना जरूरी कानून व्यवस्था बनाए रखना है, उतना ही जरूरी जनहितैषी छवि को पुख्ता बनाना भी है। इसलिए जरूरी है कि "जनता के बीच आपकी उपस्थिति विश्वास का प्रतीक बने।" राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के 77वें परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और डी.जी.पी. के प्रिन्सिपल स्टाफ ऑफिसर विनीत कपूर भी मौजूद रहे। भारत भ्रमण के तहत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मित्र राष्ट्र भूटान, नेपाल और मालदीव के अधिकारी भी शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसमें अनुशासन, ईमानदारी, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और जनसेवा समाहित है। पुलिस को आम जनता कानून व्यवस्था के रक्षक और न्याय दिलाने वाले के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि आई.पी.एस. अधिकारी के रूप में मिलने वाली शक्तियां और विशेषाधिकार समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा के साधन हैं। इसलिए अपने सेवा काल में हमेशा जनसेवा को ही केंद्र में रखें। साइबर अपराधों में कमी लाना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राज्यपाल पटेल ने कहा कि साइबर अपराध वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसमें कमी लाना आप सबकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सतत जन जागरूकता और जन संवाद के नवाचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब भी दूरस्थ क्षेत्रों में जाएं तो गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के प्रति आत्मीय और संवेदनशील रहें। अपनी शिक्षा और मेधा का उपयोग जनता की सेवा में करें। राज्यपाल पटेल का प्रशिक्षु अधिकारी नारायण उपाध्याय ने पौधा भेंट कर स्वागत किया। उपाध्याय ने भारत भ्रमण के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी भी दी। प्रशिक्षु अधिकारी सुनीपा मनोचा और राहुल आर. अतराम ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। आभार प्रशिक्षु अधिकारी सुसुषमा सागर ने माना। संचालन ए.आई.जी. ट्रेनिंग सुश्रद्धा जोशी ने किया। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।  

अवधपुरी में महाराजाधिराज श्री महाकाल सरकार अपनी प्रजा का हाल जानने भ्रमण पर निकले, रीगल टाउन गेट पर भव्य स्वागत

भोपाल  सावन के चौथे सोमवार को  अवधपुरी भोपाल में महाराजाधिराज  श्री महाकाल सरकार अपनी प्रजा का हाल जानने अवधपुरी क्षेत्र में भ्रमण पर निकले। जगह जगह महाकाल जी की सवारी का भव्य स्वागत किया गया । महाकाल जी की सवारी शिव शक्ति धाम मंदिर से शुरू होकर वैष्णवी वस्त्रालय,अवधपुरी व्यापारी संघ, निर्मल पैलेस, संगम विहार, तुलसी विहार, सौम्य पार्कलैंड, रीगल टाउन, कंचन नगर चौराहा, युगान्तर कॉलोनी, विद्यासागर व्यापारी संघ, गुरुकृपा डेयरी होते हुए शिव शक्ति धाम मंदिर पहुंची। रीगल टाउन गेट पर मनकामनेश्वर उत्सव समिति के सभी सदस्यों ने श्री महाकाल बाबा की सवारी का भव्य स्वागत किया । स्वागत में समस्त रीगल टाउन एवं रीगल कस्तूरी के भक्तगण उपस्थित रहे और सभी ने धर्म का लाभ लिया। बच्चों और महिलाओं ने महाकाल सवारी  का भव्य स्वागत स्वागत किया।

MP में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मेकओवर: पूरे प्रदेश में दौड़ेंगी किफायती और कंफर्टेबल बसें

भोपाल  मध्यप्रदेश में जल्द ही कम किराएवाली आरामदायक बसें दौड़ती नजर आएंगी। प्रस्तावित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए परिवहन विभाग की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए प्रदेश में राज्यस्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां भी गठित की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृत मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत नगर वाहन सेवा और अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने का काम किया जा रहा है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट के तहत राज्यस्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन किया गया। 3 जुलाई 2025 को इसका पंजीयन हुआ। राज्यस्तरीय कंपनी के अध्यक्ष सीएम होंगे जबकि परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्यस्तरीय कंपनी के साथ पूरे प्रदेश में 7 सहायक कंपनियां भी रहेंगी। इसके लिए राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में वर्तमान में संचालित सिटी बस कंपनियों के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन किया गया है। इन सातों शहरों के लिए नए सिरे से कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत पूरे प्रदेश में नए सिरे से बस रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी का भी निर्धारण किया जा रहा है। इसके लिए वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे किया जा रहा है। उज्जैन और इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का काम जहां अंतिम चरण में है वहीं जबलपुर तथा सागर संभाग में भी सर्वे चल रहा है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग में सर्वे किया जाएगा। आरामदायक, सुरक्षित और कम किराए वाले बस मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि सातों क्षेत्रीय सहायक कंपनियों पर अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी रहेगी। सुगम परिवहन बस सेवाओं में यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और कम किराए वाले बस उपलब्ध कराने पर खासा जोर दिया जा रहा है।

MP के चार हाईवे होंगे हाईटेक: यात्रा के दौरान फूड, फ्यूल और चार्जिंग की पूरी सुविधा

 ग्वालियर  नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की सहयोगी संस्था नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) मध्यप्रदेश के चार हाइवे किनारे यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है। एनएचएआई की खाली पड़ी जमीन को विकसित कर फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, शॉपिंग स्टोर, पार्किंग, शौचालय, ईवी चार्जिंग स्टेशन और डोरमेट्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां वाहन चालक थोड़ी देर रुककर आराम कर सकेंगे और यात्रियों के लिए बच्चों का खेलकूद एरिया भी विकसित किया जाएगा। इन चार स्थानों पर यह सुविधाएं विकसित होंगी:     ग्वालियर-शिवपुरी हाइवे पर घाटीगांव     तेजाजीनगर-बलवारा के पास बैग्राम (एनएच 347)     नेशनल हाइवे 52 पर भाटखेड़ी     इंदौर-गुजरात नेशनल हाइवे 47 पर हटोड अभी तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर केवल टोल प्लाजा के आसपास कुछ सुविधाएं उपलब्ध होती थीं। लेकिन नए बने एक्सप्रेसवे की तरह अब पुराने नेशनल हाइवे पर भी यात्रियों की सुविधाओं को लेकर गंभीर पहल की जा रही है। इन परियोजनाओं से सरकार को भी फायदा होगा क्योंकि विकसित की गई जमीन लीज पर दी जाएगी, जिससे राजस्व प्राप्त होगा। सर्वे रिपोर्ट से सामने आई जानकारी     तेजाजीनगर-बलवारा (एनएच 347) बैग्राम: 4.86 हेक्टेयर जमीन, यहां से रोजाना 330 कारें और 1,871 ट्रक गुजरते हैं।     नेशनल हाइवे 52, भाटखेड़ी: 2.58 हेक्टेयर जमीन, यहां से औसतन 3,023 कारें और 3,134 ट्रक गुजरते हैं।     ग्वालियर-शिवपुरी (एनएच 46) घाटीगांव: 0.82 हेक्टेयर जमीन, रोजाना 1,637 कारें, 156 बसें और 2,105 ट्रक गुजरते हैं।     इंदौर-गुजरात हाइवे (एनएच 47) हटोड: 2.86 हेक्टेयर जमीन, प्रतिदिन 2,243 कारें, 359 बसें और 1,230 ट्रक गुजरते हैं। क्षेत्रीय कारीगरों को बढ़ावा इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि हाईवे सुविधाओं में क्षेत्रीय कला और कारीगरों के लिए कियोस्क और स्टॉल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यात्री यहां से स्थानीय कलाकृतियां खरीद सकेंगे, जिससे क्षेत्रीय कारीगरों को रोजगार मिलेगा और हाइवे पर गुजरने वाले लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बनेगा।  

’ये वक्त हमारा है’ अभियान का शुभारंभ एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी होगा

स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल हाट में 5 अगस्त से राखी मेला :पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल करेंगे मेले का उद्घाटन ’ये वक्त हमारा है’ अभियान का शुभारंभ एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी होगा भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल 5 अगस्त को प्रात: 10 बजे प्रारंभ होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मेले का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह भी उपस्थित रहेंगीं। मेले के शुभारंभ के साथ ही आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों की दीदियों की खुशहाली और सशक्तिकरण के अभियान ‘’ये वक्त हमारा है’’ की शुरुआत भी होगी। मेले में अभियान के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया जाएगा, जो समूहों की गतिविधियों और उपलब्धियों को रेखांकित करेगा। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा समूह उत्पादों का विक्रय सह प्रदर्शन किया जायेगा। मेले की साज-सज्जा में खास तौर पर ग्रामीण परिवेश की झलक के लिये “सावन की थीम” के साथ पर्यावरण हितैषी बस्तुओं का उपयोग किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को वृहद बाजारों से जोड़ने के लिये अनेक प्रयास आजीविका मिशन द्वारा किये जा रहे हैं। इसी क्रम में स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल हाट में आयोजित किया जा रहा है। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा 40 स्टॉल लगाये जायेंगे। राखी के त्यौहार को ध्यान में रखते हुये विशेष रूप से राखी, मिठाईयां वस्त्र एवं सजावटी सामान सहित विभिन्न प्रकार की समूहों द्वारा निर्मित बस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। मेले में आने बाले आगन्तुकों को झूला, खटिया, बैलगाड़ी, मटके, विभिन्न जिलों के जनजातीय समुदाय द्वारा बांस एवं अन्य पत्तियों आदि से बनाई जाने वाली टोपी एवं खान-पान में मिलेट्स, महुआ आदि के व्यंजन एवं प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के अन्य व्यंजन पूरे ग्रामीण परिवेश का एहसास करायेंगे। इस दौरान विभिन्न लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जायेंगीं। यह मेला न केवल स्व-सहायता समूहों की मेहनत और हुनर का उत्सव होगा, बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और सामुदायिक एकजुटता का भी शानदार प्रदर्शन करेगा उत्पादों की विविधता मेले में चार चांद लगाएगी। मेला न केवल लोगों को खरीदारी का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि लोगों को समूह से जुडी ग्रामीण महिलाओं के आत्म-निर्भरता और उद्यमिता के प्रेरक सफर को देखने का अवसर भी प्रदान करेगा।  

इंदौर में डिजिटल रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, अब शादी का रजिस्ट्रेशन घर बैठे और वीडियो कॉल से

इंदौर  नगर निगम इंदौर का पोर्टल बनकर तैयार हो चुका है। 15 अगस्त से इसके शुरू होने की संभावना है। अभी इसका ट्रायल किया जा रहा है। वार्ड 82 में सबसे पहले काम शुरू होगा फिर पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से लोग घर बैठे ही जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। संपत्तिकर भर सकेंगे। इंदौर में संपत्तिकर के सात लाख खाते हैं।  नागरिकों को घर बैठे मिलेगी पारदर्शी और सरल सेवा महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि डिजिटल इंदौर की अवधारणा को साकार करने के लिए एकीकृत नगर निगम पोर्टल की आवश्यकता है, जिससे नागरिकों को विभिन्न सेवाएं घर बैठे सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से मिल सकें। इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति कर, जल कर और कचरा प्रबंधन शुल्क जैसे करों की वसूली अब एक ही करदाता आईडी के माध्यम से संभव होगी। डिजिटल पता भी जुड़ेगा डिजिटल पते को इस नई प्रणाली में जोड़कर एक एकीकृत पहचान प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इससे करदाताओं को बार-बार जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं होगी और दोहरे खाते की समस्या भी समाप्त हो सकेगी। विशेषज्ञों के द्वारा बताया गया है कि पोर्टल पर भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिक अपनी सुविधा अनुसार भुगतान कर सकेंगे। संपत्तिकर से जुड़ी प्रक्रिया में एआरओ, बिल कलेक्टर और कैशियर की भूमिकाएं पोर्टल के माध्यम से स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी। विवाह पंजीयन के लिए वीडियो कॉल भी विकल्प होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण के साथ-साथ विवाह पंजीयन प्रक्रिया भी सरल होगी। यदि पति-पत्नी में से कोई एक इंदौर में मौजूद है और दूसरा किसी अन्य शहर में है, तो ऐसी स्थिति में एक की भौतिक उपस्थिति और दूसरे की वर्चुअल उपस्थिति (वीडियो कॉल) के माध्यम से विवाह पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।