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जबलपुर में इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी! लैंडिंग के बाद फटा टायर, टला बड़ा हादसा

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट पर सोमवार को करीब 11.30 बजे इंडिगो का एयर बस के विमान का टायर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब एयरबस यात्रियों को उतारने के बाद एप्रान में खड़े होने ले जाया जा रहा था। राहत की बात ये रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। विमान को सुधार के लिए दिल्ली से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। इंडिगो ने कहा है विमान में टेक्निकल खराबी आई है जिसे सुधार किया जा रहा है। सुधार के बाद शाम को इसी विमान को मुंबई के लिए रवाना किया जाएगा। क्या है पूरा मामला? सुबह मुंबई से इंडिगो का एयरबस 180 यात्री क्षमता वाला विमान लैंड किया। यात्रियों को उतारने के बाद विमान को एप्रान में खड़े करने के लिए पायलट ले जाने लगे। इसी दौरान टायर क्षतिग्रस्त हो गया। सूत्र बता रहे हैं कि टायर में नुकीली धातु (कील नुमा) घुसी थी हालांकि प्रबंधन मामले को दबा रहा है। घटना स्थल के करीब से सभी को हटा दिया गया है ताकि मामले की जानकारी सार्वजनिक न हो। इंडिगो ने दिया है टेक्निकल खराबी का हवाला इंडिगो की तरफ से भी विमान में टेक्निकल खराबी आने की बात कहीं जा रही है। हकीकत में टेक्निकल टीम विमान के टायर को सुधार करने आई है इस काम में करीब एक घंटा लगने का अनुमान है जिसके बाद विमान सुधार कर लिया जाएगा और इसे वापस मुबंई की उड़ान के लिए तैयार किया जाएगा। शाम करीब पांच बजे इस विमान को मुंबई के लिए उड़ान भरना होता है बताया जा रहा है कि सुधार की वजह से सोमवार को मुंबई जाने के लिए विमान देरी से उड़ान भरेगा।

महाकाल की सवारी में जनसैलाब, लोक नृत्य से गूंजा उज्जैन, रामघाट पर पूजन की तैयारी

उज्जैन आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 2 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई।  भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन हुआ। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन हुआ। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन हुआ। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी गई। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल हो रहे हैं। इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सोरेन ने झारखंड राज्य के विकास और जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजन और समर्थकों को यह दुःख सहन करने का संबल प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।  

सुविख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार ने जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के गौरव, सुविख्यात पार्श्वगायक एवं अभिनेता किशोर कुमार की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराते खंडवा की माटी के लाल स्व. किशोर कुमार के कालजयी गीत और सदाबहार आवाज का जादू आज भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार ने आपातकाल के दौर में तत्कालीन निरंकुश सत्ता का प्रतिकार करते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण दिखाया था।  

MP हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी अब डिजिटल! 80 लाख दस्तावेज डिजीलॉकर में होंगे संरक्षित

भोपाल  मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी 80 लाख प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट अब डिजी लॉकर पर भी मिलेंगे। ऐसे में अब डॉक्यूमेंट आग लगने या चोरी होने पर भी सुरक्षित रहेंगे। अभी 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी को सुरक्षित किया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने अपने आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन का काम करीब पूरा कर लिया है। अब तक बोर्ड 75 हजार से ज्यादा आवंटियों की 80 लाख संपत्तियों के दस्तावेज और नस्तियां ऑनलाइन कर चुका है 80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज और नस्तियां 8 महीने तक स्केन करके ऑनलाइन किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट को हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर एप पर भी अपलोड कर दिया है। यानी, किसी आवंटी को अपने डॉक्यूमेंट की जरूरत है या देखना है तो वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपने दस्तावेज डिजी लॉकर पर देख सकता है। कुल 101 तहत के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन डिजी लॉकर पर मप्र शासन के 101 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनमें अब हाउसिंग बोर्ड भी आ गया है। चोरी होने, आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा में डॉक्यूमेंट गायब होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी। बोर्ड से किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग अब बिना ऑफिस के चक्कर लगाए 30-40 साल पुरानी प्रॉपर्टी के भी पेपर ऑनलाइन देख सकते हैं। बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के लेजर (खाता) पहले ही ऑनलाइन कर चुका है। बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं चीफ आईटी ऑफिसर एमके साहू ने बताया कि पूरे डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने में करीब 8 महीने लगे हैं। अभी भी टीम काम कर रही है। इससे आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा। डिजिटलाइजेशन से ये फायदा     चोरी होने, आग लगने या किसी भी प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।     आवंटी को अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की जानकारी के लिए बोर्ड के लोकल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे।     किसी कानूनी विवाद की स्थिति में आवंटी के पास सभी पेपर उसके मोबाइल में मौजूद रहेंगे।     30-40 सल पुराने दस्तावेज ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होगी।     नामांतरण और हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया में फाइल न मिलने जैसी समस्या दूर होगी। काम आसान होगा।     जो जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जाती थी वो ऑनलाइन मिल जाएगी।     प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट पेपर, लीज एग्रीमेंट, पेमेंट की रसीद जैसे पेपर ऑनलाइन अपलोड होंगे।     50 साल बाद भी नामांतरण-हस्तांतरण के लिए दस्तावेज ढूंढने नहीं पड़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीद-बेच में पारदर्शिता आएगी। 40 साल पुराने डॉक्यूमेंट भी ऑनलाइन हाउसिंग बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30 से 40 साल पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन कर रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवंटी अपने 40 साल पुराने पेपर भी घर बैठे देख सकता है। 75 हजार लोगों का प्रॉपर्टी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड हो गया है और बाकी लोगों के डॉक्यूमेंट की स्कैनिंग फेज वाइज चल रही है। सभी 15 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हाउसिंग बोर्ड ने संपत्ति के नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी जैसी अपनी सभी 15 सुविधाएं ऑनलाइन कर दी हैं। इन सुविधाओं के लिए पहले आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सभी प्रकार की राशि ऑनलाइन ही जमा हो रही हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जाती है। हर पेमेंट की डिटेल ऑटो मोड में ऑनलाइन अपडेट होती है। कमिश्नर बोले-डेटा और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी बुक करने से लेकर पेमेंट तक सभी काम ऑनलाइन होता है। डिजिटल होते जमाने में आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए डिजिटलाइजेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी आवंटी घर बैठे अपने सभी डॉक्यूमेंट एक्सेस कर पाएं। साथ ही उनका दस्तावेज सुरक्षित रहे।

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए बेहतर प्रयासों से विश्वविद्यालय को मिली नैक की ए ग्रेडिंग

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को नेशनल असेंसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल ‘नैक’ की “ए ग्रेडिंग” मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रबंधन, संकाय और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये बेहतर प्रयासों का सुफल है। राज्यपाल पटेल को यह जानकारी बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने राजभवन पहुंच कर दी। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा “ए ग्रेडिंग” मिलना शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, कार्य कुशल प्रबंधन और नवाचारों की उत्कृष्टता का प्रमाण है। इससे विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी। विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शोध और उच्च अध्ययन के नये अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय, सहभागिता और शोध अनुदान आदि की स्थिति बेहतर होगी।  

कैदियों से राखी पर मुलाकात सीमित: बहनों को सिर्फ 15 मिनट, मिठाई पर पाबंदी

उज्जैन  केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद कैदियों को रक्षाबंधन पर्व पर उनकी बहनें राखी बांध सकेंगी। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जेल प्रशासन विशेष मुलाकात करवाएगा। जेल कैंटीन से महिलाएं मिठाई, फल व नारियल खरीद सकेंगी। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में विभिन्न मामलों में बंद कैदियों को उनकी बहनों द्वारा राखी बांधने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। हालांकि रक्षाबंधन पर शासकीय अवकाश होने के बावजूद पूर्व वर्षों से जारी परंपरा को देखते हुए भाई-बहनों के मुलाकात की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात एवं रक्षाबंधन विशेष सुरक्षा प्रबंध के दायरे में होंगे। इन निर्देशों का करना होगा पालन     रक्षाबंधन पर केवल महिलाओं को मुलाकात दी जाएगी।     मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।     समय-सीमा 15 मिनट रहेगी।     बहनों के साथ तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।     मुलाकात पंजीयन के लिए फोटोयुक्त परिचय-पत्र अथवा आधार कार्ड की छायाप्रति साथ होना अनिवार्य है।     एक बंदी से एक ही बार मुलाकात होगी। सभी बहनें एक साथ आएं।     स्टील की थाली जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।     मुलाकात के पूर्व महिला स्टाफ को सघन तलाशी देना जरूरी होगा।     थाली में राखी, कुमकुम, चावल, फूटा हुआ नारियल, एक फल व 250 ग्राम मिठाई जेल कैंटीन से खरीदी जा सकेगी। मुलाकात के दौरान इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध महिलाएं अपने साथ झोला, बैग, पर्स, केरीबैग आदि नहीं ले जा सकेंगी। इसके अलावा नकद राशि, मोबाइल, नशीली वस्तु, धारादार वस्तुएं एवं बाहर से निर्मित खाद्य सामग्री एवं मिठाई नहीं ले जा पाएंगी। नियम एवं निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खाद वितरण में पारदर्शिता की तैयारी: किसानों के लिए बनेगा डेबिट कार्ड, ब्लैक मार्केटिंग होगी बंद

 राजगढ़ मध्यप्रदेश में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसानों को डेबिट कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। राजगढ़ में भी जिले की 140 सहकारी समितियों में किसानों को डेबिट कार्ड के जरिए खाद देने की व्यवस्था की जा रही है। सहकारी बैंकों से सबद्ध किसानों को अब डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसी के माध्यम से उन्हें रबी और खरीफ के सीजन में खाद मिलेगा। यानी एटीएम की तर्ज पर कम्प्यूटरीकृत ब्रांच में जाकर उन्हें कार्ड स्वैप करना होगा, तभी खाद मिल पाएगा। डेबिट कार्ड से मिलेगा किसानों को खाद सहकारी समितियों की हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। राजगढ़ जिले में भी सहकारी समितियों के तहत आने वाले किसानों के अब डेबिट कार्ड बनेंगे। एटीएम में जिस तरह से कैश निकाला जाता है उसी हिसाब से उक्त कार्ड के माध्यम से खाद मिलेगा। जिससे खाद की पूरी एंट्री ऑनलाइन रहेगी। हालांकि प्रबंधक का कहना है कि अभी भी खाद का वितरण पीओएस मशीन से किया जाता है लेकिन नई व्यवस्था से और पारदर्शिता आएगी। 15 अगस्त से कार्ड बनना शुरू होंगे। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त माह के बाद बिना डेबिट कार्ड के किसी भी किसान को खाद नहीं दिया जाएगा। सभी बैंकों की ओर से इस पर सख्ती से अमल करवाने के लिए निर्देशित किया गया। सभी समिति प्रबंधकों इसकी जिम्मेदारी दी गई है। डेबिट कार्ड से खाद बांटने पर ये होंगे फायदे..     खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, ये फायदे भी-     डेबिट कार्ड होने से वही किसान खाद ले पाएगा जिसका कार्ड हो।     एक तय लिमिट तक ही डेबिट कार्ड के माध्यम से खाद खरीदा जा सकेगा।     जरूरत से ज्यादा कोई खाद नहीं ले सकेगा, जितना तय होगा उतना ही मिलेगा।     किसानों को जारी खाद की डिटेल उनके मोबाइल फोन पर आएगी, मैसेज आएगा।     खाद लेने के लिए किसानों परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी।     किसान किसी भी समिति से कार्ड के जरिए खाद ले सकेंगे।

बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन में 05 अगस्‍त को विद्युत आपूर्ति रहेगी अवरुद्ध

अनूपपुर  म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अनूपपुर के अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.) ने बताया है कि उपसंभाग कोतमा के वितरण केन्‍द्र बिजुरी अंतर्गत ग्राम लोहसरा फीडर में स्थित स्‍टेडियम के ऊपर से गुजरी हुई 33 के.व्‍ही. लाइन शिफ्ट करने एवं रखरखाव करने हेतु मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इस कार्य के प्रभावी रूप से सम्पादन हेतु 05 अगस्‍त को 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र कोतमा से निकलने वाली 33 के.व्‍ही. बहेराबांध कॉलरी एवं बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन एवं सभी ग्राम की विद्युत आपूर्ति प्रातः 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक अवरुद्ध रहेगी। कार्य के अनुसार विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध रहने की समयावधि को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

MP में 35 हजार पैथोलॉजी लैब्स का संकट टला, निर्बाध संचालन का रास्ता खुला

भोपाल  मध्य प्रदेश में संचालित 35 हजार पैथोलॉजी लैब जो बंद होने की कगार पर खड़ी थीं, अब उनके निर्बाध संचालन का रास्ता खुल सकता है। मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेश शुक्ला ने यह कहा कि मध्यप्रदेश में पैथोलॉजी के सहज संचालन लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह बात उन्होंने मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन माल्टा के साथ लगातार हो रही चर्चा के बाद कही है। कई महीनों की चर्चा का नतीजा इस बारे में जानकारी देते हुए माल्टा के प्रदेश सचिव संजय श्रीवास्तव ने बताया कि माल्टा के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क और उनके निर्देश के बाद उनके भोपाल स्थित आवास में विभाग के अधिकारियों से पैथालाजी संचालन के नियमों को लेकर कई महीने चर्चा की। एमपी की 35 हजार लैब बंद हो जाएंगी चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अगर पैथोलॉजी लैब का संचालन सिर्फ पैथोलॉजिस्ट को ही करने का नियम लागू किया गया तो मध्यप्रदेश की 35 हजार लैब बंद हो जाएंगी, क्योंकि इतनी संख्या में प्रदेश में पैथोलॉजिस्ट नहीं। इस नियम की वजह से लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई करने वाले युवाओं का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन ही चला रहे लैब प्रदेश के सभी जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टेक्नीशियन ही लैब का संचालन कर रहे हैं। कुछ जिलों में ही जिला मुख्यालय के अस्पतालों में पैथोलॉजिस्ट हैं जबकि कई जिलों में तो पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर भी नहीं है। यह होगा फायदा माल्टा ने यह सवाल भी उठाया था कि जब सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन लैब को बेहतर ढंग से चला रहे हैं तो फिर किसी एक एमबीबीएस डॉक्टर के मार्गदर्शन में पैथोलॉजी लैब का संचालन होने में क्या परेशानी होगी। माल्टा ने यह मांग भी रखी कि मध्यप्रदेश में पैथालाजी संचालन के नियमों में उदारता जरूरी है। प्रदेश में ज्यादातर लैब का संचालन एमबीबीएस डॉक्टर के मार्गदर्शन में लैब टेक्नीशियन द्वारा किया जाता है, जो आगे भी जारी रह सकेगा। पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले उन हजारों छात्रों के सामने से संशय की स्थिति समाप्त हो जाएगी जो लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर रहे हैं। ग्रामीण स्तरों तक निजी पैथालाजी लैब खोलना संभव हो सकेगा।