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मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा- सुपोषित मध्यप्रदेश’ की दिशा में मजबूत क़दम

भोपाल गुजरात के केवड़िया में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित जोनल सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने राज्य में चल रहे योजनाओं, नवाचारों और ज़मीनी पहल का प्रभावशाली विवरण प्रस्तुत किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि “मध्यप्रदेश, अपनी जनजातीय बहुलता और भौगोलिक विविधता के बावजूद, महिलाओं और बच्चों के संपूर्ण सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत है। डिजिटल पारदर्शिता और नियुक्ति प्रणाली में सुधार मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे लगभग 19,500 पदों की पारदर्शी तरीके से पूर्ति हो रही है। यह प्रक्रिया हर छह माह में रिक्तियों के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाएगी। पोषण सुधार और तकनीकी नवाचार महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि AIIMS भोपाल के सहयोग से पोषण ट्रैकर डेटा की गुणवत्ता में सुधार किया गया है।कार्यकर्ताओं के लिए नेत्र परीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है जिससे स्मार्टफोन आधारित ऐप संचालन में उन्हें सुविधा मिले।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि झाबुआ जिले में “मोटी आई कार्यक्रम” और डिण्डौरी जिले में “रेवा प्रोजेक्ट” जैसे नवाचारों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन में अद्भुत परिणाम मिल रहे हैं। बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रशिक्षण “ सशक्त वाहिनी कार्यक्रम” के तहत अब तक 11,000 से अधिक बालिकाओं को निःशुल्क शारीरिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण दिया गया है। कई बालिकाएं आज पुलिस, चिकित्सा एवं अन्य सेवाओं में चयनित होकर सेवा दे रही हैं। महिला सुरक्षा और सहायता सेवाओं का विस्तार हेल्पलाइन 181 और 1098 का ERSS-112 से तकनीकी एकीकरण जुलाई 2024 में सफलतापूर्वक किया गया।विगत छह महीनों में 86,000 से अधिक मामलों में 91% से अधिक का समाधान हुआ है।शक्ति निवास” के माध्यम से कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित आवास की सुविधा दी जा रही है। इंदौर में 100-बेड का नया शक्ति निवास तैयार है, प्रदेश के चार और शहरों में निर्माण जारी है। महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिये योजनाएं “ मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के अंतर्गत हर माह 1.27 करोड़ महिलाओं को ₹1250 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक ₹38,000 करोड़ से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है। अटल पेंशन योजना से जोड़ने के लिए राज्य स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बाल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम “ मिशन वात्सल्य” के अंतर्गत चार बड़े जिलों में कंपोजिट शेल्टर होम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। “ मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना” के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को ₹4000 प्रति माह की सहायता और आफ्टर केयर बच्चों को ₹5000 की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। केंद्रीय योजनाओं को मजबूत बनाने के लिये सुझाव मंत्री सुश्री भूरिया ने केन्द्र सरकार के समक्ष योजनाओं को और प्रभावशाली बनाने के लिये सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा की  दरों को CPI के अनुसार संशोधित करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, 2019-20 से लंबित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की बहाली, प्री-स्कूल शिक्षा सामग्री में वृद्धि और ‘जादुई पिटारा’ जैसी पहल, PMMVY योजना में द्वितीय गर्भावस्था पर भी मातृत्व सहायता, शक्ति सदन एवं सखी केंद्रों के कर्मचारियों के वेतन में संशोधन, स्पॉन्सरशिप योजना में बजट वृद्धि, आफ्टर केयर लाभार्थियों की सहायता राशि में बढ़ोतरी आदि प्रमुख मुद्दे शामिल थे। 

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा- विकास सतत प्रक्रिया है

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि विकास सतत प्रक्रिया है, जो समय और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर चलती रहती है। यही कारण है कि नरेला विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड, कॉलोनी और मोहल्ले में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे यहाँ के नागरिकों को बेहतर जीवन, आधारभूत सुविधाएँ और स्वच्छ पर्यावरण मिल सके। मंत्री श्री सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड-39 के ऐशबाग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्ष 2008 के पहले नरेला विधानसभा में पक्की सड़कों का अभाव था, नालियां नहीं थीं और पीने के पानी के लिए नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नरेला क्षेत्र की हर सड़क पक्की हो चुकी है। कॉलोनियों का समुचित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया गया है और नालों का व्यवस्थित चैनलाइजेशन कर जल-भराव की समस्या को पूरी तरह समाप्त किया गया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘विकास’ ही हमारा ध्येय है। चाहे वह सड़क हो, सीवेज हो, जल-प्रबंधन हो या सामुदायिक सुविधाएँ, हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, वरिष्ठजन, समाजसेवी एवं पार्षद उपस्थित रहे।  

मोदी के नेतृत्व की तारीफ में शिवराज का बयान– ऐसा विजन दुर्लभ होता है

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं को बड़ी सौगात दी। देश के 47 शहरों में आयोजित हुए रोजगार मेले में 51 हजार से भी ज्यादा युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र बांटे गए। पीएम मोदी ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं को संबोधित भी किया। रोजगार मेले पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी का विजन भारत के लिए वरदान है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का महायज्ञ पीएम मोदी के नेतृत्व में चल रहा है। सभी क्षेत्रों में व्यापक काम हो रहा है। पीएम मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम काल है जिसमें 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं। रोजगार की दिशा में 10 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया गया है। 51 हजार से अधिक युवाओं को रेलवे सहित अन्य विभागों में नौकरी प्रदान की गई है। युवाओं के चयन में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी गई है। बिना पर्ची खर्ची के योग्यता के आधार पर नियुक्ति पत्र दिए गए। यह युवा विकसित भारत के संकल्प में पीएम मोदी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'रोजगार मेला' के अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में चयनित देशभर के 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का महायज्ञ चल रहा है। 'रोजगार मेला' से युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली है और देश का हर युवा नई उम्मीद तथा नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मैंने भोपाल में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम में सम्मिलित होकर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं की प्रतिभा का सम्मान मोदी सरकार की पहचान है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा यही प्रयास है कि देश का हर युवा सशक्त हो, सम्मान के साथ रोजगार पाए और विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। उन्होंने कहा कि आज आपको नियुक्ति पत्र मिले हैं। यह केवल नौकरी या आजीविका नहीं है, यह राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के महायज्ञ में आहुति देने के लिए आपको चुना गया है। एक बड़ा काम आपको मिला है। शासकीय सेवा केवल करियर नहीं है। शासकीय सेवा का मतलब है-जो काम आपको मिला है, उसे प्रमाणिकता और ईमानदारी के साथ जनता और देश के लिए करना। नियुक्ति पत्र पाने के बाद एक व्यक्ति ने कहा कि मैं गाजियाबाद से आया हूं और मुझे रेलवे में तकनीशियन के पद पर नौकरी मिल गई है। मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि यह नियुक्ति पत्र इतने बड़े कार्यक्रम में मिला है। यहां पर दूसरे लोगों से मिलकर काफी अच्छा लगा है।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में भारतीय ज्ञान परंपरा शीर्ष समिति की बैठक हुई

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में शनिवार को, सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल के सभाकक्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत "भारतीय ज्ञान परंपरा शीर्ष समिति" की बैठक हुई। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर, अध्यादेश 14(1) एवं अध्यादेश 14(2) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के 10 संभागों में समयपूर्वक कार्यशालाओं के आयोजन कर व्यापक रूप से विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों तक लागू अध्यादेशों से अवगत कराने के निर्देश दिए। श्री परमार ने विश्वविद्यालय स्तर पर पाठ्यक्रमों के लिए कार्यशालाओं के आयोजन भी समयपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने प्रदेश के समस्त भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ प्रभारियों को लेकर भी कार्यशाला आयोजित करने को कहा। श्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं में अध्यापन के लिए कार्ययोजना बनाई जाए और इसे विद्यार्थियों के मूल्यांकन क्रेडिट से भी जोड़ा जाए। श्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों को भारतीय भाषा में अध्यापन का केंद्र बनाने के लिए कार्य करें। मंत्री श्री परमार ने कहा कि "ज्ञान बोध प्रतियोगिता" में पाठ्यक्रम के अतिरिक्त पारंपरिक विषयों में भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण आधारित प्रश्नावली का समावेश करें ताकि विद्यार्थियों को भारतीय दृष्टि के साथ समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान के अध्ययन एवं शोध का अवसर मिले। श्री परमार ने कहा कि विश्व शांति दिवस पर भारतीय दृष्टिकोण वसुधैव कुटुंबकम् – विश्व एक परिवार का भाव, को मूल में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। हिंदी पखवाड़े के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में विशुद्ध हिंदी भाषा के उपयोग के साथ पूर्णता प्रदान की जाए। श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, मप्र हिंदी ग्रन्थ अकादमी द्वारा प्रकाशित कला, वाणिज्य एवं विज्ञान विषयों में उत्कृष्ट पुस्तक लेखन के लिए, "श्रेष्ठ लेखक पुरस्कार" प्रदान किया जाए। बैठक के आरंभ में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ धीरेंद्र शुक्ल ने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में स्नातक प्रथम वर्ष के लिए चिन्हित विषयों की पांडुलिपियों में अकादमिक गुणवत्ता परीक्षण के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला से प्राप्त निष्कर्ष पर प्रकाश डाला। उक्त कार्यशाला में प्रदेश एवं देश भर के 200 से अधिक शिक्षाविदों ने सहभागिता की। बैठक में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परम्परा को समाहित करने के लिए, प्रदेश के 27 विश्वविद्यालयों में कार्यशालाओं के आयोजन करने को लेकर चर्चा हुई। अध्यादेश 14(1) एवं अध्यादेश 14(2) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के 10 संभागों में कार्यशालाओं के आयोजन करने को लेकर भी विमर्श हुआ। भारतीय ज्ञान परम्परा के परिप्रेक्ष्य में महाविद्यालयों में किए जाने वाले आयोजन संबंधी त्रैमासिक कैलेंडर को लेकर व्यापक विचार मंथन हुआ। साथ ही भारतीय ज्ञान परम्परा आधारित पाठ्यक्रम निर्माण, पुस्तक लेखन, पांडुलिपि परीक्षण, दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला, अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उच्च शिक्षा विभाग एवं मप्र हिंदी ग्रन्थ अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में सामान्य ज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित "ज्ञान बोध प्रतियोगिता" के आयोजन, भारतीय ज्ञान परम्परा के जानकार शिक्षकों की बैठक का आयोजन एवं प्रतिवर्ष प्रत्येक वर्ष की समाप्ति के पश्चात् वृहद संगोष्ठी के आयोजन को लेकर भी व्यापक विमर्श हुआ। समस्त सम्बंधित विषयों में संदर्भ पुस्तकों के लेखन को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें भारतीय ज्ञान परम्परा पर शोध की दृष्टि से कार्य किया गया है। राज्यस्तरीय भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ स्थापित करने को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में शीर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के सचिव डॉ अतुल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक श्री अशोक कड़ेल और प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरुगण, शीर्ष समिति के सदस्यगण, शिक्षाविद् तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

रानी अबंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की दोनों यूनिट से उत्पादन शुरु : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की रानी अबंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की 45-45 मेगावाट दोनों यूनिट से विद्युत उत्पादन पूर्ण क्षमता के साथ शुरु हो गया। दोनों यूनिट 9 जुलाई की शाम को क्रि‍याशील हो गईं। दोनों यूनिट को वार्ष‍िक रखरखाव (ओवरहॉलिंग) के लिए क्रमशः 20 जून एवं 1 जुलाई को विद्युत उत्पादन से पृथक कर दिया गया था। सामान्यतः एक यूनिट की ओवरहॉलिंग में 30 दिन का समय लगता है लेकिन बरगी की यूनिट नंबर 1 को 20 दिन और यूनिट नंबर 2 को सिर्फ 8 दिन में ओवरहॉलिंग करके विद्युत उत्पादन के लिए तैयार कर दिया गया। बरगी में किसी बाहरी एजेंसी की सहायता के बिना ओवरहॉलिंग का कार्य विद्युत गृह के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों द्वारा करके दोनों यूनिट को निर्धारित समय से पूर्व क्रियाशील कर दिया गया। इस कार्य को करने के लिए अंडर वाटर में जाकर उपकरण जांचे गए और दोनों यूनिट के पेनल बदले गए। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की जल विद्युत गृहों का जून व जुलाई माह में वार्षिक रखरखाव (ओवरऑलिंग) होता है। उसी प्रकार रानी अबंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की दोनों यूनिट को बारी-बारी से ओवरहॉलिंग के लिए योजनानुसार बंद किया गया। जल विद्युत गृह की दोनों यूनिट से उत्पादन प्रभावित न हो इसके लिए जल संसाधन विभाग से बातचीत कर समन्वय किया गया। जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी कि मानसून आने के बाद सामान्य तौर पर बरगी बांध के गेट 15 से 31 जुलाई तक खोले जाते हैं। मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने इस जानकारी के आधार पर बरगी का वार्षिक रखरखाव कार्यक्रम तैयार किया। इस वर्ष मानसून के जल्द आने और लगातार बरसात होने पर बरगी जल विद्युत गृह में निर्धारि‍त समय से पूर्व ओवरहॉलिंग कार्य पूर्ण कर जल विद्युत का समुचित उपयोग करने की दृष्टि से दोनों यूनिट से विद्युत उत्पादन शुरु कर दिया गया। वर्तमान में दोनों यूनिट से 41-41 मेगावाट उत्पादन हो रहा है।  

एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत मनरेगा का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण

परियोजना अधिकारी, ब्लॉक के एपीओ, एसआरएलएम के डीपीएम का हुआ प्रशिक्षण भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा “एक बगिया मां के नाम’’ परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को भोपाल में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के सभी 313 जनपद पंचायत के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, 52 जिलों परियोजना अधिकारी मनरेगा एवं ग्रामीण आजीविका के डीपीएम शामिल हुए। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार, विकास भवन अरेरा हिल्स, भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को आयुक्त मनरेगा-संचालक वाटर शेड मिशन श्री अवि प्रसाद एवं आयुक्त एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह ने अधिकारियों को “एक बगिया मां के नाम’’ परियोजना के बारे में जानकारी दी और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं डीपीएम एसआरएलएम को संयुक्त रूप से पारदर्शिता के साथ एक बगिया मां के नाम परियोजना के लिए हितग्राहियों का चयन, परियोजना के उद्देश्य और लाभ के बारे में जानकारी दी। साथ ही अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया और उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए। बैनर का किया विमोचन राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मनरेगा परिषद द्वारा तैयार कराए गए “एक बगिया मां के नाम’’ प्रोग्राम बैनर का मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद एवं आयुक्त श्रीमती हर्षिका सिंह ने विमोचन किया। एक बगिया मां के नाम परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर अब तक 2100 से अधिक इंजीनियर एवं 600 से अधिक कृषि सखी को तकनीकी रूप से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री और उपयंत्री (आरईएस एवं मनरेगा), डीपीएम एसआरएलएम शामिल है। तकनीकी रूप से किया गया दक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा परियोजना अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं डीपीएम एसआरएल को व्यक्तिगत / फलोद्यान के लिये तैयारी, भूमि चयन, पौधों की प्रजाति चयन, देखभाल, सुरक्षा एवं शतप्रतिशत उत्तरजीविता सुनिश्चित करते हुए वैज्ञानिक तकनीकियों का उपयोग पर पौधरोपण की बारीकियों पर प्रशिक्षण दिया गया। पौधरोपण के कार्य में अत्याधुनिक तकनीक (सिपरी सॉफ्टवेयर) का उपयोग किया जाएगा। पौधे लगाने से पहले जिले की जलवायु, मिट्टी का परीक्षण, एग्रो क्लाइमेट जोन के आधार पर पौधों की प्रजातियों का चयन, स्थल चयन, पानी की उपलब्धता सहित अन्य जरूरी गतिविधियों का पता लगाया जाएगा। साथ ही, अगर सॉफ्टवेयर यह बताता है कि संबंधित जगह पर पौधे नहीं लगाए जा सकते, वहां पौधरोपण नहीं होगा।  

बहनों ने सावन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बांधी राखी, बड़ी राखी भी भेंट की

हर बहन को बनाकर देंगे पक्का मकान बहनों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्राण-प्रण से आगे बढ़ रही है राज्य सरकार 30 लाख बहनों को उज्ज्वला योजना की सब्सिडी के रूप में मिले 46.34 करोड़ रुपए उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा में हुआ राज्य-स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राखी भाई-बहन के परस्पर स्नेह का बंधन है। यह अनंतकाल से चला आ रहा अटूट बंधन है। राखी आई है, तो भाई का बहन को शगुन देना लाजिमी है। राखी 9 अगस्त को है। इसलिए राखी से पहले हमारी सरकार सभी लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में देगी।  अगस्त माह में प्रत्येक लाड़ली बहन को 1500 रुपए मिलेंगे। हम यही नहीं रुकेंगे, बल्कि प्रदेश की हर लाड़ली बहन को पक्का मकान भी बनाकर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा में लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता राशि सहित अन्य योजनाओं के तहत बहनों को सहायता राशि वितरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.27 करोड़ लाडली बहनों को 26वीं किश्त के रूप में 1543.16 करोड़ रुपए की सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 46.34 करोड़ रुपए सब्सिडी राशि तथा 56.74 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 340 करोड़ रुपए की पेंशन राशि भी उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा कि लाड़ली बहनों को दी जा रही यह सहायता राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रूपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना एवं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं कन्या-पूजन के साथ राज्यस्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही लाड़ली बहनों का पुष्पवर्षा के साथ अभिवादन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित माता-बहनों ने पवित्र श्रावण मास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी। बहनों की ओर से मुख्यमंत्री को एक विशाल राखी भी भेंट की गई। चार करोड़ से अधिक पक्के मकानों की रजिस्ट्री हो रही है बहनों के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में नारी सशक्तिकरण का अभियान जारी है। बहनों के कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार सभी दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। बहनों के मान-सम्मान और उनके सिंदूर की रक्षा करना और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना सरकार की प्राथमिकता मे है। हम देश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। देश की सभी बहनों को पक्के घर की सौगात मिले, इसके लिए पीएम आवास योजना के तहत निर्मित 4 करोड़ से अधिक पक्के मकानों की रजिस्ट्री बहनों के नाम से ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बहनें मायके और ससुराल दोनों को धन्य करती हैं। बहनें देश का सौभाग्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के त्यौहार से पहले 1543 करोड़ राशि दी गई है। राखी से पहले बहनों को 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा जाएगा। दीपावली के बाद भाईदूज भी अलग होगी, बहनों को हर माह 1500 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें अपने पैसों को सहेजना अच्छी तरह से जानती हैं। बहनों के हाथ में पैसा रहे, तो परिवार और बच्चों को बेहतर जीवन मिलता है। बहनों के जतन से ही घर में खुशियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश की 30 लाख बहनों को उज्ज्वला गैस योजना की सब्सिडी के रूप में 46.34 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। इसी क्रम में अलग-अलग 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 56.74 लाख से अधिक हितग्राहियों को कुल 340 करोड़ रुपए की पेंशन राशि भी दी गई है।  अब मजरे-टोलों तक भी बनवाएंगे सड़कें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक 5 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गांव-कस्बों तक ही नहीं, अब हम प्रदेश के सभी मजरे-टोलों तक भी पक्की सड़कें बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का अभियान शुरू किया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए सम्मान निधि शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक सरोकारों के प्रति बेहद संवेदनशील है। गरीब और जरूरतमंदों को आवश्यकता पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस और हेली-सेवा की भी हमने शुरुआत की है। इससे गंभीर मरीज को समय पर इलाज मिलने से उसके प्राण बचाने में सुविधा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक लोग सड़क पर पड़े किसी दुर्घटनाग्रस्त गंभीर व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचाने में हिचकते थे। सरकार ने इसी दिशा में कदम उठाया और राहवीर योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ा पुण्य है। यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर हास्पिटल में भर्ती कराता है, तो ऐसी परोपकारी सहायता करने वाले व्यक्ति को राज्य सरकार पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दे रही है। किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए संकल्पित है। हमारी सरकार 'हर खेत को पानी, हर हाथ को काम' की भावना से काम कर रही है। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत प्रदेश के सभी किसानों को भारी … Read more

मंत्री सारंग ने आज नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया

मंत्री सारंग ने किया निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण मंत्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिये निर्देश मंत्री सारंग ने आज नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर के प्रत्येक खंड का बारीकी से अवलोकन किया और निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो न केवल सरकारी शिक्षा को मजबूती देगा, बल्कि निजी विद्यालयों की तुलना में कहीं अधिक सुव्यवस्थित और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा में बन रहा यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा। गाइडलाइन के अनुरूप हो बैठक व्यवस्था मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सांदीपनि विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, समावेश और आधुनिकता सुनिश्चित हो सके। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय भवन में शाला कक्षों की बैठने की व्यवस्था का पुन: परीक्षण किया जाए और निर्माण कार्य पूरी तरह गाइडलाइन के अनुरूप हो। सांदिपनी विद्यालय में विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा मंत्री सारंग ने कहा कि गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय को मॉडल स्कूल एवं स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की वरीयता के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और समग्र विकास के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में आधुनिक क्लासरूम के साथ विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर जैसे विषयों की प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल मैदान, बास्केटबॉल कोर्ट, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण कक्ष, और स्वच्छता की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

वैश्विक निवेश को साधने निकले सीएम मोहन यादव, 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन में रहेंगे सक्रिय

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई से 19 जुलाई तक सात दिवसीय विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वे दुबई और स्पेन का दौरा करेंगे।। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करना  है। अपनी यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समृद्धि आए और सभी क्षेत्रों में समान रूप से अवसर मिले, इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने का कि ‘आज रात दिल्ली होते हुए स्पेन और दुबई की यात्रा पर रवाना हो रहा हूँ। जहां हम निवेश की संभावनाओं पर उद्योगपतियों से संवाद करेंगे, ताकि मध्यप्रदेश में और अधिक रोज़गार के अवसर आएं और विकास को नई गति मिले।’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई को भोपाल से दुबई के लिए रवाना होंगे जहां वे 15 जुलाई तक रहेंगे। इसके बाद 16 से 19 जुलाई तक वे स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि ये यात्रा मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के साथ निवेशकों को आमंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसे खुद लीड कर रहे हैं, वे अलग अलग शहरों में जाकर मध्य प्रदेश की विशेषताएं, यहाँ उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देकर निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं साथ ही विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रित कर रहे हैं जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ यादव एक बार फिर निवेशकों को मध्य प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। राज्य शासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा मध्य प्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दुबई में मुख्यमंत्री निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल कॉउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दुबई प्रवास पर इन बड़े ग्रुपों से करेंगे चर्चा  निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा। 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर, बार्सिलोना में करेंगे संवाद  दुबई के बाद सीएम डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। MP की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनेगी यात्रा  सरकार के अनुसार इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य निवेश के ज़रिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। यह निवेश यात्राएं मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनती जा रही हैं। पिछले वर्ष की थी यूके, जर्मनी, जापान की यात्रा  उल्लेखनीय है कि यूके, जर्मनी , जापान और अब दुबई से लेकर स्पेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सतत प्रयास मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी संकल्प का प्रमाण है। इन यात्राओं के ज़रिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्यप्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं। निवेश और रोजगार पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री दुबई में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के लोगों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश की उद्योग नीति और निवेश के मौके पर जानकारी देंगे। दुबई मिडिल ईस्ट का बड़ा व्यापारिक शहर है और वहां से प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज़्म जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने की कोशिश होगी। वहीं स्पेन में मुख्यमंत्री ऑटोमोबाइल, शिप मेकिंग और फैशन इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। स्पेन की डिजाइन, मशीनरी और टिकाऊ ढांचे की तकनीक से मध्यप्रदेश में नए मौके बन सकते हैं। इस यात्रा का मकसद है कि इन क्षेत्रों में तकनीक का आदान-प्रदान हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी मजबूत हो। साथ ही मध्यप्रदेश के युवाओं को रोज़गार मिले  और अलग अलग क्षेत्रों में विकास हो, ये भी इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।

मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी निर्माण से खत्म होगी बंगाल पर निर्भरता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मत्स्य पालन को मिलेगा उद्योग का दर्जा, अन्य उद्योगों की तरह मिलेगी सुविधाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को मत्स्य उत्पादन में देश का नम्बर वन राज्य बनाएंगे मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी निर्माण से खत्म होगी बंगाल पर निर्भरता भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क का निर्माण जारी इंदिरा सागर बांध में हुआ 92 करोड़ रुपए से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का किया भूमि-पूजन मछली पालन में स्टार्टअप और आधुनिक मशीनों का उपयोग शुरू महाराज निषादराज ने सबसे पहले श्रीराम की प्रभुता को पहचाना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन को किया संबोधित उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम के मित्र महाराज निषादराज ने सबसे पहले श्रीराम की प्रभुता को पहचाना था। मछुआ समुदाय अपने जीवन को खतरे में डालकर पानी में खेती करता है, यह साहस का कार्य है। मछली और मछुआरों का सदियों से संबंध रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में भी मछुआ कल्याण बोर्ड के माध्यम से कई योजनाएं संचालित हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार का लाभ दे रही है। मछली पालन भी एक उद्योग है, इसे भी अन्य उद्योगों की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का भूमि-पूजन और इंदिरा सागर बांध में लगभग 92 करोड़ लागत से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मछुआरा समुदाय को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्स्य पालन से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर एवं भगवान निषादराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मछली पालन सिर्फ पारम्परिक कार्य नहीं, एक आधुनिक उद्योग है। इसमें निवेश बढ़ेगा, उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क (मछलीघर) का निर्माण किया जा रहा है। सरकार मस्त्य पालन के लिए मछुआरों को अनुदान देगी। राज्य सरकार ने प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया है, जिसका लाभ मछुआरों को भी मिल रहा है। पिछली सरकार में प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती थी, यह रकबा हमारी सरकार में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना से सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचेगा। कई तालाब भी बनाए जाएंगे। मछलियां कई लोगों के लिए आजीविका का साधन हैं। इंदिरा सागर सहित अन्य जलाशयों में 3 लाख से अधिक केज स्थापित किए जाएंगे। मछुआरों को आईस बॉक्स लगी 430 मोटरसाइकिलें बांटी गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मछुआरों को 430 मोटर साइकिलें बांटी गई हैं, जिनमें आईस बॉक्स भी लगे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 4.4 लाख हेक्टेयर में मछली पालन कार्य हो रहा है, वर्ष 2024-25 में प्रदेश का मछली उत्पादन 3.81 लाख मैट्रिक टन रहा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक मत्स्य पालक पंजीकृत हैं। महिलाएं भी इस व्यवसाय में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि 217 करोड़ लागत से मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। इससे बीज के लिए बंगाल पर निर्भरता खत्म होगी। हमारी सरकार दूध उत्पादन और मस्त्य उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बदलते समय में मछली पालन क्षेत्र में आधुनिक मशीनों का उपयोग और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। रक्षाबंधन का समय आ रहा है, आज लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरित करने का दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 15 से 30 जुलाई तक प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थितजन को नशा मुक्ति एवं फिजूलखर्ची से बचने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में स्वयं को बदलने की जरूरत है। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद पिछड़े मछुआ समुदाय को मुख्य धारा में लाने की पहल शुरू की गई है। मछुआरों को व्यापार संचालन के लिए मछुआ क्रेडिट कार्ड बांटे जा रहे हैं। वर्ष 2028 तक मछुआ कल्याण विभाग प्रदेश में कई उपलब्धियां अर्जित करेगा। म.प्र. मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सीताराम बाथम ने कहा कि प्रत्येक जिले में कुछ निषाद मंगल भवन बने हैं। बाथम ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जो कार्य वर्षों में नहीं हुए, वे अब महीनों में हो रहे हैं। यह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है। राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन में उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित थे।