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सदी पुरानी वास्तुकला को मिलेगा नया जीवन, वल्लभ भवन की पुरानी संरचना की तैयारी शुरू

भोपाल वल्लभ भवन की पुरानी इमारत को इसी महीने से नया रूप दिया जाएगा। सबसे पहले पांचवीं मंजिल का काम शुरू होगा। यहां पहले मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी बैठते थे। इसके बाद बाकी मंजिलों का काम होगा। सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी के अफसर संजय कुमार शुक्ल ने 19 विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस रेनोवेशन में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पुरानी बिल्डिंग को नया बनाने में लगभग दो साल लगेंगे और 86 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग को नया बनाने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। जीएडी के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काम इसी महीने शुरू हो जाएगा। सबसे पहले पांचवीं मंजिल का रेनोवेशन होगा। इसके बाद चौथी, तीसरी, दूसरी, पहली और फिर ग्राउंड फ्लोर का काम किया जाएगा। फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी होगा काम संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्होंने 19 विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम शुरू करने के लिए कहा है। उन्होंने जीएडी के रजिस्ट्रार और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को भी जरूरी निर्देश दिए हैं। जीएडी के एसीएस के तौर पर काम शुरू करने के बाद संजय कुमार शुक्ल ने एक मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने कहा कि पुरानी बिल्डिंग के फायर सेफ्टी सिस्टम और बिजली की लाइनों को ठीक किया जाएगा। इस तरह से खर्च होंगे 86 करोड़ शुक्ल ने रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव को विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अफसरों को शिफ्ट कराएं, ताकि ठेकेदार इसी महीने से काम शुरू कर सके। खबर है कि ठेकेदार जुलाई के आखिरी हफ्ते में काम शुरू कर सकता है। पहले वह डंपिंग यार्ड बनाएगा। पीडब्ल्यूडी इस रेनोवेशन पर 86 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसमें 49 करोड़ रुपए सिविल वर्क पर और 36 करोड़ रुपए बिजली के काम पर खर्च होंगे।  

भ्रष्टाचारी पंचायत सचिव राशन पर्ची ऑनलाइन कराने के एवज में घूस लेते दिखा रिश्वखोर

मुंगावली सरकार की तमाम सख्तियों और छापामार टीमों की लगातार कार्रवाईयों के बावजूद मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ता जा रहा है। आलम ये है कि प्रदेश में हर रोज किसी न किसी विभाग का अफसर या कर्मचारी रिश्वतखोरी करते गिरफ्तार किया जा रहा है। बावजूद इसके रिश्वतखोरों की भूख कम होने का नाम नहीं ले रही। रिश्वतखोरी की ताजा बानगी सूबे के अशोकनगर में सामने आई है। यहां एक पंचायत सचिव राशन पर्ची ऑनलाइन करने के एवज में ग्रामीण से 1 हजार रुपए की रिश्वत ली है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। दरअसल, मुंगावली तहसील के पारकना पंचायत सचिव राजधर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि, जनवरी 2025 में उसने एक ग्रामीण से राशन पर्ची ऑनलाइन करने के नाम पर 1 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। उसने काम पूरा करने की गारंटी ली थी। लेकिन, पैसे लेने के बाद भी आज तक हितग्राही को पर्ची उपलब्ध नहीं करवाई है, जिसके चलते पीड़ित ने अब उसका रिकॉर्ड किया रिश्वतखोरी का वीड उसने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। हालांकि, इस मामले में अब तक विभाग के किसी अधिकारी या पीड़ित पक्ष की ओर से किसी तरह का बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि, प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है?

TIT कॉलेज गैंगरेप प्रकरण: छठे आरोपी को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने लगाई स्ट्रिक्ट शर्तें

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के टीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स से गैंगरेप मामले के छठे आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। 20 जून को आरोपी अबरार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। न्यायाधीश नीलू राजीव श्रृंगीऋषि ने फैसला सुनाया है। गैंगरेप के सभी आरोपी अब जेल के सलाखों के पीछे है। यह था मामला दरअसल, राजधानी भोपाल में लव जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया था। आरोपियों ने धर्म देखकर रेप की वारदात को अंजाम दिया था। धर्म देखकर दोस्ती की फिर तीन युवतियों से रेप किया गया। फरहान खान, साहिल खान और अली खान ने पहले नाम बदलकर दोस्ती की थी। नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, रेप, ब्लैकमेलिंग ही नहीं, जबरन धर्म परिवर्तन की दबाव भी बनाया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट देर फंसाया। पीड़िताओं को नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए गए। इन वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें डराया गया और दूसरी लड़कियों को फंसाया गया। आयोग ने यह भी पाया कि आरोपी आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से थे। आरोपियों की भव्य जीवनशैली ड्रग या अपराध के नेटवर्क से जुड़ाव की ओर इशारा करता है। भोपाल में भी सामने आया अजमेर जैसा कांड  भोपाल में रायसेन रोड स्थित TIT कॉलेज से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह केस इस कदर खौफनाक है कि 1992 के कुख्यात अजमेर रेप कांड की याद दिला देता है। TIT कॉलेज में एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ रेप किया, अश्लील वीडियो बनाए और इन वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों और बहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने इस मामले में 2 मुख्य आरोपियों, फरहान खान और मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है, और SIT मामले की गहन जांच कर रहा है। 20 वर्षीय छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए कराई FIR यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया, जब 17 अप्रैल 2025 को बैतूल की रहने वाली एक 20 साल की छात्रा ने बागसेवनिया थाने में हिम्मत जुटाकर FIR दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि फरहान खान ने 2022 में उसे प्रेम जाल में फंसाया और जहांगीराबाद स्थित अपने दोस्त हमीद के घर ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस दौरान उसका अश्लील वीडियो बनाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण किया जाता रहा। यही नहीं, फरहान ने उसकी बहन को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर शिकार बनाया। पीड़िता ने जब फरहान के मोबाइल में अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो देखे, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। मांस खाने का बनाया दबाव और धर्मांतरण की कोशिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, पीड़िताओं को गांजा, शराब जैसे नशीले पदार्थ दिए गए और जबरन मांस, खासकर मटन, खिलाने का दबाव बनाया गया। कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन पर धर्मांतरण का दबाव भी डाला गया। बैतूल की 2 सगी बहनों ने बताया कि फरहान और उसके साथियों ने उन्हें गांजा पिलाया, मांस खिलाया, और फिर गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि बाकी लोगों ने भी उनका यौन शोषण किया। आरोपियों की हरकतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़िता ने डर के मारे तीसरे वर्ष में पढ़ाई तक छोड़ दी। 3 थानों में दर्ज की गई FIR, जांच के लिए SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बागसेवनिया, अशोका गार्डन, और जहांगीराबाद थानों में 3 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें BNS, POCSO एक्ट, IT एक्ट, और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। चौथी पीड़िता की काउंसलिंग जारी है, जिसके बाद एक और FIR दर्ज हो सकती है। पुलिस ने TIT कॉलेज के छात्र और जहांगीराबाद के रहने वाले मुख्य आरोपी फरहान खान के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करने वाले और अशोका गार्डन में रहने वाले मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 10 से 15 अन्य युवतियों के अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनकी साइबर फॉरेंसिक टीम जांच रही है। अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है यह केस DCP जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया, ‘बागसेवनिया थाने में एक नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज की गई है। POCSO और रेप की धाराओं में कार्रवाई शुरू की गई है। वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई है, और SIT इसकी गहन जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जा सके।’ पुलिस के अनुसार, यह मामला 1992 के अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है, जहां एक गिरोह ने छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों को भी निशाना बनाया। भोपाल में भी आरोपियों ने पहले एक छात्रा को फंसाया, उसका वीडियो बनाया, और फिर उसे अपनी सहेलियों से मिलवाने के लिए मजबूर किया। बीजेपी नेताओं ने की सख्त सजा की मांग भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को ‘केरल स्टोरी जैसी साजिश’ करार देते हुए आरोपियों को सार्वजनिक सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने बेटियों के वीडियो बनाकर उनका अपमान किया, उन्हें बंद कमरों में क्यों रखा जा रहा है? उनकी ठुकाई सार्वजनिक होनी चाहिए। यह अकेली घटना नहीं, तीन ऐसी वारदातें हुई हैं। सरकार हर एंगल से जांच कर रही है, और किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।’ मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, ‘पुलिस ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार किया। SIT का गठन किया गया है ताकि इस साजिश की हर कड़ी का खुलासा हो। मध्य प्रदेश में लव जिहाद जैसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ

भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा से पेड़-पौधों में भी जीवन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय वैदिक साहित्य और परंपरागत ज्ञान ने हमें सिखाया है कि पेड़-पौधों में भी जीवन है। इसी आधार पर हम पेड़ -पौधों की पूजा भी करते हैं और उनको अपना संरक्षक भी मानते हैं। वे हमारे लिए जीवन यापन का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन में महाकाल परिसर में पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। अभियान का शुभारंभ मंत्रोउच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी और महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीत गिरी महाराज का शाल और महाकाल का प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने विदेशों में जाकर यह सिद्ध किया कि वनस्पतियों में भी जीवन है। वहां के लोगों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। विदेशी नागरिकों ने कहा कि जब आप यह बात भारत में बताएंगे तो आपकी खूब प्रशंसा होगी। इस पर डॉ. बोस ने बताया हम भारतीय तो परंपरागत ज्ञान से ही जानते हैं कि पेड़-पौधों में जीवन होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए। इससे हमें प्रकृति के उपकार को चुकाने अवसर मिलता है। हम कोशिश करें कि वर्षा ऋतु में पांच पौधे अवश्य लगाएं, इससे हम प्रकृति को उसके आशीर्वाद के बदले एक उपहार दे सकते हैं। इस अवसर पर उज्जैन प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद और संत उमेश नाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, अनिल जैन कालूखेड़ा, संजय अग्रवाल और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।  

एक और झटका! कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता नभा की मौत, चोटों के निशान ने बढ़ाई चिंता

श्योपुर  मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से दुखद खबर सामने आ रही है. नामीबिया से लाई गई मादा चीता नभा की मौत हो गई है. जिसकी जानकारी कूनो के द्वारा दी गई है. कूनो प्रबंधन ने बताया कि नामीबिया की 8 वर्षीय मादा चीता नभा की आज शनिवार को मौत हो गई. वह एक हफ्ते पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा के अंदर घायल अवस्था में पायी गई थी. क्या शिकार के दौरान घायल हुई चीता नभा संभवतः वह शिकार के प्रयास के दौरान घायल हुई थी. अन्य चोटों के साथ उसके दोनों बाएं आगे एवं पिछले पैरों (Ulna and Fibula) में फ्रैक्चर पाया गया है. एक हफ्ते से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी उसकी मृत्यु हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चीते की मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. 31 से 30 रह गई चीतों की संख्या कूनो नेशनल पार्क में अब 28 चीते मौजूद हैं. जिनमें 9 व्यस्क (6 मादा और 3 नर) और 17 भारतीय जन्में शावक हैं, सभी स्वस्थ हैं और अच्छे से विचरण कर रहे हैं. इसके अलावा, गांधीसागर अभ्यारण में दो नर चीते शिफ्ट हुए हैं. कूनो राष्ट्रीय उ‌द्यान में 26 चीतों में से 16 चीते खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं. भारत में कुल चीतों की संख्या 30 रह गई है. वे कूनो नेशनल पार्क के वातावरण से पूर्णतः अनुकूलित हो गए हैं. साथ ही उन्होंने सह-शिकारियों के साथ रहना सीख लिया है और नियमित रूप से शिकार कर रहे हैं. हाल ही में सभी चीतों की एंटी एक्टो-परजीवी दवा सफलतापूर्वक लगायी गई है. दो माताएं, वीरा और नीरवा अपने नन्हे शावकों के साथ स्वस्थ हैं. 2022 में 70 साल बाद भारत आए थे चीते बता दें कि भारत से कई सालों पहले विलुप्त हो गए थे. करीब 70 साल के बाद चीतों की पुनरुत्थान योजना के तहत 17 सितंबर 2022 को 8 चीते नामीबिया से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे. 18 फरवरी 2023 को 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया. इन 20 चीतों के साथ धीरे-धीरे इन चीतों का कुनबा तो बढ़ा लेकिन कई चीतों की मौत भी हुई. 11 मार्च 2023 को चीता प्रोजेक्ट के तहत एक नर और एक मादा चीता को खुले जंगल में छोड़ा गया. इस बीच कूनो में खुशियों की किलकारी गूंजी, मादा चीता ज्वाला ने 4 शावकों को जन्म दिया. ये देश में चीतों की विलुप्ति के बाद भारत की धरती पर जन्मे पहले चीता शावक थे.

राजेंद्रग्राम के सरकारी विद्यालय तक की पदयात्रा: सांसद हिमाद्री सिंह ने बनाया मिसाल, बेटी का किया दाखिला

 शहडोल प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह की तारीफ में जमकर कसीदे गढ़े हैं. BJP सांसद हिमाद्री अपनी बेटी का सरकारी स्कूल में एडमिशन करवाकर चर्चा में आई हैं. इस वजह से सड़क से संसद तक उनकी सराहना हो रही है.   पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेत्री उमा भारती का कहना है, ''शहडोल की सांसद का अपनी बच्ची को सरकारी स्कूल में पढ़ाना एक आदर्श उदाहरण है. हिमाद्री सिंह का इस आदर्श पहल के लिए अभिनंदन करती हूं और शासन-प्रशासन में उच्च स्थानों में बैठे हुए सभी नवदंपतियों से कहूंगी कि वह भी अपने बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से ही इस तरह की पहल करें.'' IAS अफसर की पहल का भी जिक्र उमा भारती ने उत्तराखंड के एक आईएएस अफसर का भी जिक्र किया. कहा, ''अपने अच्छे कार्यों के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुके एक जिला कलेक्टर ने अपने बेटे को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना शुरू किया था और उनकी उच्च शिक्षा प्राप्त पत्नी ने भी एक सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के अभाव होने पर स्वयं पढ़ाना प्रारंभ किया था. उस आदर्श दंपती की मैंने अनुमति नहीं ली है इसलिए मैं उनके नाम का उल्लेख नहीं कर रही हूं. ऐसे प्रयासों से सरकारी शिक्षण संस्थानों में अपने आप सुधार शुरू हो जाएगा.''  गांव के स्कूल में पढ़ेगी सांसद की बेटी बता दें कि मध्यप्रदेश के शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी का दाखिला अपने गृह गांव के एक सरकारी स्कूल में कराया है. सांसद हिमाद्री सिंह की बेटी गिरिजा कुमारी राजेंद्रग्राम की शासकीय प्राथमिक कन्या शाला में शिक्षा ग्रहण करेंगी. हिमाद्री के पिता थे केंद्रीय मंत्री सांसद हिमाद्री सिंह के पिता दिवंगत दलबीर सिंह केंद्र की राजीव गांधी सरकार में वित्त राज्य मंत्री थे. दलबीर सिंह कई साल तक शहडोल का संसद में प्रतिनिधित्व करते रहे. हिमाद्री का परिवार कांग्रेसी था. उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए केंद्र की सरकार सरकार में दो बार मंत्री रहे. हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी भी कांग्रेस से सांसद रही हैं. दिल्ली में जन्मीं थीं हिमाद्री वहीं, खुद हिमाद्री सिंह का जन्म राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ और उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली स्कूल और यूपी के कॉलेजों में हुई है. सांसद बनने से पहले वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं. 

‘लव जिहाद’ फंडिंग मामले में पुलिस ने बनाई स्पेशल टीमें, NSA के तहत फरार पार्षद अनवर कादरी की तलाश तेज

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बार फिर ‘लव जिहाद’ को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। इस बार मामला सीधे एक राजनीतिक प्रतिनिधि से जुड़ गया है। कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर आरोप है कि उसने ‘लव जिहाद’ के लिए आर्थिक सहायता (फंडिंग) की है। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे फरार घोषित कर दिया है। वहीं, उसकी गिरफ्तारी के लिए डीसीपी जोन-3 के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। अनवर कादरी की गिरफ्तारी पर इंदौर पुलिस ने 10 हज़ार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी नहीं होती है तो इनाम की राशि और बढ़ाई जा सकती है। कई गंभीर मामलों में पहले से है आरोपी अनवर कादरी का आपराधिक रिकॉर्ड भी बेहद चिंताजनक है। उसके खिलाफ डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें कई मामले सांप्रदायिक तनाव, भड़काऊ बयान, और मारपीट से जुड़े हैं। यह वही अनवर कादरी है जिसे पुलवामा हमले के बाद ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने के आरोप में जेल भेजा गया था। उस वक्त भी कादरी की गिरफ्तारी ने शहर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ी बहस छेड़ दी थी। पुलिस कर रही सघन तलाश पुलिस अब शहर के कई इलाकों में दबिश दे रही है और कादरी की संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए है। डीसीपी जोन 3 के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की संयुक्त टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। फिलहाल पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को अनवर कादरी के ठिकाने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस पूरे मामले में कांग्रेसी पार्षद की भूमिका ने राजनीति को भी गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगा है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच जारी है, पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर हैं।

भोपाल से हज जाने वाले यात्रियों को अब पहले इंदौर पहुंचकर हज फ्लाइट पकड़नी होगी

भोपाल  हज यात्रा की सुविधा में प्रदेश एक पायदान पीछे हो गया। इम्बारकेशन प्वॉइंट की सूची से इस बार भोपाल का नाम हटा दिया गया है। सूची में देश के 17 शहरों में प्रदेश से अब सिर्फ इंदौर ही शामिल है। यहीं से मक्का-मदीना जाने के लिए सीधी उड़ान मिलेगी। यानी, भोपाल के यात्रियों को हज पर जाने के लिए इंदौर से उड़ान लेनी होगी। सेंट्रल हज कमेटी ने हजयात्रा की गाइडलाइन जारी कर दी है। 30 जुलाई तक इसके आवेदन की प्रक्रिया चलेगी। नई गाइडलाइन में इंदौर समेत देश के 17 शहरों से ही इंटरनेशनल फ्लाइट मिलेगी। यात्रियों को आवेदन फॉर्म में इन प्वॉइंट को शामिल करना होता है। बता दें, पिछले साल प्रदेश से हज यात्रा पर 8500 लोग रवाना हुए थे। हज यात्रा के ये प्वॉइंट — श्रीनगर –गया — गुवाहाटी — इंदौर — जयपुर –नागपुर — दिल्ली — मुंबई — कोलकाता — बेंगलूरु, — हैदराबाद — कोचीन — अहमदाबाद — चेन्नई — लखनऊ — कालीकट (कोझीकोड)। संगठनों का विरोध, बोेले-भोपाल के साथ नाइंसाफी इम्बारकेशन प्वॉइंट से भोपाल का नाम कटने के बाद संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है, राजधानी होने के बाद भी नाम हटाना, भोपाल के साथ बड़ी नाइंसाफी है। ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी के मोहम्मद तौफीक ने बताया कि हज कमेटी समेत पीएमओ को पत्र भेजेंगे। नाम शामिल कराने की बात कही गई है।

भाई गोविंद ने सोनम के गहने राजा के परिवार को लौटाए

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग जेल में बंद सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे सभी हैरान हैं। गोविंद ने राजा के परिवार को करीब 16 लाख रुपये के गहने वापस लौटा दिए हैं जो उन्होंने शादी के दौरान सोनम को दिए थे। राजा के परिवार की ओर से सोनम को दिया गया मंगलसूत्र और एक अंगूठी अभी शिलांग पुलिस के पास ही है। उधर अंगूठी, चूडियां और सोने का हार राजा के परिवार को वापस कर दिया गया है, जो उन्होंने शादी के दौरान अलग-अलग रस्मों में सोनम को दिया था। राजा को गिफ्ट और कैश दिया था वो वापस नहीं लेंगे गोविंद रघुवंशी ने राजेंद्र नगर पुलिस थाने के जरिए यह सारे गहने राजा के परिवार को वापस सौंद दिए हैं। उसका कहना है कि इस पर उनका कोई हक नहीं है, ये राजा के परिवार द्वारा ही दिए गए थे, तो उन्हें ही वापस लौटा दिए। उधर सोनम के परिवार की ओर से राजा को जो गिफ्ट और कैश दिया गया था उसे उन्होंने वापस लेने से इन्कार कर दिया है। सोनम के पिता के अनुसार हमने कन्यादान किया है, इसलिए दी हुई चीजें वापस नहीं लेंगे। जानकारी के मुताबिक सोनम रघुवंशी शिलांग जाने से पहले सारे गहने मायके में ही रख गई थी। वह केवल मंगलसूत्र और अंगूठी को अपने साथ में ले गई थी। गोंविद घर में रखे सोनम के गहने लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचा और उसने पुलिस के जरिए इसे राजा के परिवार को वापस लौटाने की बात कही। शिलांग पुलिस को सोनम के पास मिले थे दो मंगलसूत्र राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच के दौरान शिलांग पुलिस को सोनम रघुवंशी के पास से दो मंगलसूत्र मिले थे। इनमें से एक राजा के परिवार द्वारा दिया गया है। वहीं दूसरा मंगलसूत्र किसने दिया यह खुलासा नहीं हो पाया है। उधर इस मामले में राजा के परिवार को आशंका है कि सोनम ने हत्याकांड के बाद इंदौर में आकर राज कुशवाह के साथ शादी कर ली थी। राज ने ही सोनम को दूसरा मंगलसूत्र पहनाया होगा। सोनम से मिलने जाएगा भाई गोविंद गोविंद रघुवंशी का कहना है कि वह एक बार अपनी बहन से मिलना चाहता है। राजा हत्याकांड में जब जांच पूरी हो जाएगी तब वह शिलांग जाकर सोनम से जेल में मिलेगा। अगर उसे लगता है कि सोनम निर्दोष है तो वह अपनी बहन को बचाने के लिए वकील हायर करेगा। गोविंद का कहना है कि अगर सोनम दोषी है तो उसे सजा होनी चाहिए।

हृदय विदारक वारदात: धार में लुटेरों ने लाठी-डंडों से हमला कर महिला से छीने गहने, काटे कान

धार   धार जिले के राऊ-खलघाट फोरलेन के गुजरी बायपास पर देर रात करीब 11 बजे अज्ञात पांच बदमाशों द्वारा कार से खरगोन से इंदौर जा रहे परिवार वल्लभ सुरेशचंद्र महाजन, सचिन सुरेशचंद्र महाजन, शारदा महाजन, रेखा सचिन महाजन और भांजी निशि महाजन के साथ लाठियों से मारपीट कर सभी के सोने के आभूषण लूट लिए गए। घटना के बाद कार सवार सभी लोग खरगोन जिले की काकड़दा पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद काकड़दा पुलिस एवं धामनोद पुलिस चारों ओर तलाश में जुट गई। वहीं परिजनों को इलाज के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। गाली-गलौज और लूटपाट बताया जा रहा है कि गाड़ी का टायर अचानक पंचर हो गया था। कुछ दूरी चलने के बाद गाड़ी रोकनी पड़ी। इसी दौरान जब टायर बदला जा रहा था, तभी पांच अज्ञात लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने सभी के सोने के आभूषण छीन लिए। इस दौरान सचिन महाजन, वल्लभ महाजन और उनकी माता को चोटें आईं। सचिन की माता के कान से सोने का आभूषण खींचने में उनका कान कट गया। सभी घायलों को धामनोद के शासकीय अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल स्कूल के संचालक, भंडारी परिवार और अग्रवाल समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। रात करीब 1:30 बजे घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद धामनोद थाने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले में धामनोद पुलिस आसपास के क्षेत्र में जांच कर रही है।