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उज्जैन के आर्यन चौहान ने मोबाइल गेमिंग में जीते ₹1.25 करोड़, अब लक्ष्य 605 करोड़ रुपए पर

उज्जैन  उज्जैन के 20 साल के युवक ने मोबाइल गेमिंग में 1 करोड़ 25 लाख की इनामी राशि अपने नाम की है। युवक का नाम आर्यन चौहान है, उसने अपनी 4 सदस्यीय टीम के साथ मिलकर BGMI (बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया) प्रो सीरीज 2025 (BMPS) का फाइनल जीता है। आर्यन ने बताया कि इस प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले दिल्ली के यशोभूमि सेंटर में 4 से 6 जुलाई तक हुआ था। इसमें देश की टॉप 16 गेमिंग टीमें शामिल थीं। आर्यन की टीम में उज्जैन के अलावा देवास, सूरत और रांची के खिलाड़ी थे। अब यह टीम सऊदी अरब में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेगी, जिसमें कुल पुरस्कार राशि लगभग 605 करोड़ रुपए है। अब भिड़ंत होगी इंटरनेशनल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बीएमपीएस जीतने के बाद आर्यन की टीम अब 8 जुलाई से 24 अगस्त 2025 तक रियाद (सऊदी अरब) में होने वाले ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप (EWC) 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इस प्रतियोगिता की कुल इनामी राशि 70.45 मिलियन डॉलर (लगभग 605 करोड़ रुपए) है। क्या है BGMI गेम? BGMI यानी बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया एक ऑनलाइन मोबाइल गेम है, जिसमें खिलाड़ी वर्चुअल दुनिया में टीम बनाकर लड़ते हैं। इसमें रणनीति, टीमवर्क और तेज रिफ्लेक्स की जरूरत होती है। ये गेम भारत में युवाओं के बीच काफी पॉपुलर है और अब प्रोफेशनल लेवल पर इसके टूर्नामेंट भी होते हैं, जिनमें करोड़ों की प्राइज मनी मिलती है। 90 दिनों में आएगी प्राइज मनी आर्यन ने बताया, "दिल्ली में चार राउंड हुए थे। मैंने टीम बनाई थी जिसमें देवास, रांची और सूरत के तीन अन्य खिलाड़ी शामिल थे। इस प्रतियोगिता में हमारी टीम 'टीएमजी गेमिंग' ने पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर रही एनओएनएक्स टीम को 55 लाख रुपए, जबकि तीसरे स्थान पर रही लॉस हरमनोस टीम को 35 लाख रुपए की इनामी राशि मिली। हमें बताया गया है कि प्राइज मनी 90 दिनों के भीतर हमारे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। बचपन से मोबाइल पर गेम खेलना पसंद था। घरवाले पहले नाराज होते थे लेकिन मम्मी ने हमेशा सपोर्ट किया। आज इस मुकाम तक पहुंचकर बहुत खुशी हो रही है। अब मेरा अगला लक्ष्य सऊदी अरब में होने वाला इंटरनेशनल मुकाबला है, जहां दुनिया भर के गेमर्स हिस्सा लेंगे।" मां ने किया सपोर्ट आर्यन की मां मीनाक्षी चौहान ने कहा, शुरुआत में जब वह मोबाइल पर गेम खेलता था तो अच्छा नहीं लगता था। लेकिन बाद में महसूस हुआ कि वह इसे गंभीरता से ले रहा है और इसमें उसका भविष्य हो सकता है। इसलिए हमने उसे कभी रोका नहीं। आज वह जो कर रहा है, उस पर हमें गर्व है।

समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग

मंत्री सारंग ने किया नरेला विधानसभा के तीन वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है- मंत्री सारंग समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75, 70 एवं 69 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। बारिश की तेज़ बौछारों के बीच कार्यक्रम समय पर आरंभ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि नरेला के नागरिक विकास के प्रति कितने जागरूक और प्रतिबद्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के नित नए आयाम स्थापित कर रही है। विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के हर नागरिक से किया गया हर वादा प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। नरेला के हर घर में नर्मदा जल, सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले यही हमारा संकल्प है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे। भीषण बारिश में भी लोगों का उत्साह नहीं हुआ कम कार्यक्रम के दौरान तेज़ बारिश के बावजूद न तो रहवासियों की उपस्थिति कम हुई और न ही उनका उत्साह। लोग बारिश में भीगते हुए भी मंत्री सारंग का उद्बोधन सुनते रहे। रहवासियों को मिली इन विकास कार्यों की सौगात नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75 के बजरंग कॉलोनी छेहगरा व कृषक नगर में नवीन सीसी सड़क निर्माण एवं वार्ड 70 के बिजली नगर कॉलोनी में पार्क का विकास, पुलिया निर्माण, सांस्कृतिक मंच निर्माण, सी.सी बेंच निर्माण व सीवेज पाइपलाइन का निर्माण तथा वार्ड 69 के ओल्ड सुभाष नगर में नाली निर्माण व लाला लाजपत राय कॉलोनी में पेवर ब्लॉक निर्माण की रहवासियों को सौगात मिली है।  

टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश की वजह से नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला, डिंडौरी, श्योपुर, शहडोल, उमरिया समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सोमवार को 30 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर चला। वहीं, मंगलवार को 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     नरसिंहपुर के कौड़ियां गांव में बाढ़ आ गई है। रहवासियों का कहना है कि घर में बैठने तक की जगह नहीं है।     बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोल दिए गए हैं।     टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए हैं।     नर्मदापुरम में जिला शिक्षा अधिकारी ने बारिश को देखते हुए मंगलवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।     मंडला में नर्मदा नदी 438.10 मीटर पर बह रही है। ये खतरे के निशान 437.8 से ऊपर है।     सोमवार रात मंडला में उफनती नदी पार करने के दौरान बाइक सवार बह गए। दो युवक बाहर निकल आए, जबकि एक लापता है। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।

भारी बारिश के कारण सुबह बागेश्वर धाम में एक दीवार गिरने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो

 छतरपुर भारी बारिश के कारण छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में एक दीवार गिरने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबने से 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना मंगलवार तड़के की है, यह सभी लोग बागेश्वर धाम में दर्शन करने आए थे और पास में ही एक ढाबे पर रुके हुए थे, जहां यह हादसा हुआ। यूपी से आए थे सभी श्रद्धालु मिली जानकारी के अनुसार, मृतका और सभी घायल श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और बागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रहे थे। वे गढ़ा गांव में एक ढाबे पर रुके थे, तभी अचानक भारी बारिश के कारण कमजोर हुई एक दीवार भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई है और 10 श्रद्धालु घायल हैं। एक-दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल अस्पताल में भर्ती बमीठा थाना पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

चोरों ने सेंधमारी कर किया लाखो का माल पार।

सीधी मामला पिपराव चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत गड़हरा राघोभान  सिंह के ग्राम धनेसर का है जंहा बीती रात धीरेंद्र सिंह,जितेंद्र सिंह पिता लालन सिंह के घर मे अज्ञात चोरों ने घर मे सेंधमारी  कर लाखो का माल पार कर दिया  चोरों ने घर के बाहर से किवाड़ बंद कर दिया था ताकी जानने पर हल्ला गुहार बाहर न जा सके और  सुबह जब घर के लोग जागे तो देखा कि घर का सामान सन्दूख सूटकेश एवम जरूरी कागजात घर के पास खेत में पड़े थे मौके से घर खोदने के लिए सब्बर पड़ा मिला है सूचना देने पर मौके में पहुँचे चौकी प्रभारी पिपराव  शेषमणि मिस्र स्थल निरीक्षण कर चोरी में उपयोग लाई गई लोहे की सब्बर अपने कब्जे में लिया है मामला कायम कर विवेचना वा तलास जारी है।

सिंगरौली के जंगल में संदिग्ध हालात में युवती की मिली लाश, परिजन बोले- यह सड़क दुर्घटना नहीं, सोची-समझी हत्या है

सिंगरौली के जंगल में संदिग्ध हालात में युवती की मिली लाश, परिजन बोले- यह सड़क दुर्घटना नहीं, सोची-समझी हत्या है सिंगरौली: जिले के धौहनी क्षेत्र में रविवार देर रात करीब 12 बजे एक युवती रिया की रहस्यमयी मौत हो गई। दिलीप इसे सड़क दुर्घटना बता रहा है वहीं परिजन इसे हत्या करार दे रहे हैं। मृतका के परिजनों के अनुसार, रिया और दिलीप के बीच पिछले 5 व  6 वर्षों से संबंध थे। इसी दौरान किसी विवाद में रिया ने दिलीप को जेल भी भिजवाया था। बाद में दोनों के बीच समझौता हुआ और उन्होंने विवाह कर लिया। लव, सेक्स, रेप केश, जेल, कोर्ट मैरिज, पति-पत्नी, सड़क दुर्घटना, हत्या या साजिश  थाना सरई इलाके के निवास चौकी अंतर्गत बरका के रहने वाले दिलीप जायसवाल ने उत्तरप्रदेश की रहने वाली रिया राय से 5-6साल पहले दोनों के बीच प्रेम हो गया और दोनों ने सेक्स भी किया जिसके बाद रिया ने शादी के लिए दिलीप के ऊपर दबाव बनाया तो दिलीप ने शादी के लिए मना कर दिया जिससे क्षुब्ध होकर रिया ने केस दर्ज कराया जिसमें दिलीप को जेल जाना पड़ा।इसके बाद दिलीप जेल से छुटने के बाद रिया से बातचीत करना शुरू किया और  मामला शादी तक पहुंच गया फिर दोनों ने कोर्ट मैरिज कर लिया, लेकिन दिलीप को जेल जाने का दिमाग में कचोट रहा था जिससे दिलीप ने रिया से बदला लेने के लिए रिया को इंदौर से बुलेट बाईक से सिंगरौली तक के शफर के लिए मना लिया और दोनों ने इंदौर से भोपाल, भोपाल से जबलपुर, जबलपुर से व्यवहारी, व्यवहारी से टिकरी, टिकरी से बरका आते हुए बुलट गाड़ी सड़क दुर्घटना हो गई जिससे रिया का मौके पर ही मौत हो गई।जबकि पति दिलीप को मामूली चोटें आई हैं । परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद भी दिलीप का बर्ताव ठीक नहीं था और रविवार की रात उसने सुनियोजित तरीके से रिया को धौहनी जंगल में ला कर हत्या कर दी, जिसे अब दुर्घटना का रूप दिया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है और जांच प्रारंभ कर दी है परिजनों की मांग है कि पीएम डाक्टरों की टीम बना कर किया जाए। रिया के गले में मिले नाखुन के निशान हत्या की ओर बढ़ रहा मामला, एसडीओपी देवसर, थाना प्रभारी सरई निरीक्षक जितेंद्र सिंह भदौरिया के निर्देश में मामले की जांच जारी है ।

आपदा प्रबंधन दल जल भराव क्षेत्रो की लगातार करते रहे मानीटरिंग :-कलेक्टर

 सिंगरौली   जिले मे लगातार हो रही बर्षा को दृष्टिगत रखते हुयें कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला ने आपदा प्रबंधन दलो को निर्देश दिए है कि लगातार जल भराव वाले क्षेत्रो की मानीटरिंग करते रहे है। ताकि जिले में जल भराव बाढ़ के कारण कोई अप्रिय घटना घटिन न होने पायें। उन्होने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि राजस्व एवं पुलिस दल संयुक्त रूप से समन्वय बनाकर लगातार चिन्हित जल भराव क्षेत्रो की सूचना से हर समय अपडेट रहे। अपने सूचना तंत्र को मजबूत रखे। कलेक्टर ने चितरंगी क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी से सोन नदी के बाढ़ प्रभावित वाले क्षेत्र के वास्तु स्थिति की जानकारी लेने के पश्चात निर्देश दिए कि सोन नदी के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गावो में हर पल निगरानी बनाये रखे। जहा पर बाढ़ आने की संभावना है ऐसे स्थलो पर निवास करने वाले नागरिको को पहले से ही चिन्हित सुरंक्षित स्थानो पर ले जाने की व्यवस्था बनाकर रखे।   कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्र में भी नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्र के जल भराव वाले प्रभावित स्थलो की लगातार मानीटरिंग कराते रहे। नाले नालियो को उचित साफ सफाई कराये ताकि कही पर भी जल भराव कि स्थिति निर्मित न होने पायें। कलेक्टर ने 24 घण्टे कंट्रोल रूम संचालित करने के निर्देश दिए।

मरीज के श्रेष्ठतम उपचार के लिए नवीनतम तकनीक अपनाना आवश्यक

मरीज के श्रेष्ठतम उपचार के लिए नवीनतम तकनीक अपनाना आवश्यक –   श्री अरबिंदो यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय “इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसायटी” के “ऑर्थो कुंभ-2025” में देश के 250 से अधिक दंत विशेषज्ञों ने की शिरकत  .     आष्टा (इंदौर)  हम एक ऐसे दौर के साक्षी बन रहे हैं, जिसमें चिकित्सा से जुड़े अमूमन हर क्षेत्र की तकनीक हर दिन के साथ बेहतर हो रही है। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े निजी चिकित्सा संस्थान के रूप में श्री अरबिंदो अस्पताल अपने मरीजों को, इन नित नई बेहतर हो रही तकनीकों का फायदा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। “ऑर्थो-कुंभ-2025” के माध्यम से हम दंत चिकित्सा जगत में हो रहे नवाचारों से रूबरू हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स के साथ-साथ इस आयोजन में हिस्सा ले रहे स्टूडेंट्स भी कुछ बहुत ही रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कर रहे हैं। यहाँ प्रजेंट की गई “टेबल क्लीनिक्स” में भी कई स्टूडेंट्स ने अपने कमाल के इनोवेशन शेयर किए हैं।   ये बात सैम्स के फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने शनिवार को तीन दिनी “सेंट्रल इंडिया जोनल पी.जी. कन्वेंशन – ऑर्थो कुंभ-2025” का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ऐसे सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत कार्यक्रमों से जुड़े रहकर ही हम श्री अरबिंदो अस्पताल में मरीजों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करनें में सफल हो रहे हैं। “इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसायटी” और “श्री अरबिंदो विश्वविद्यालय” के द्वारा “श्री अरबिंदो कॉलेज ऑफ डेंटिस्ट्री” में आयोजित किए गए दंत चिकित्सा समारोह में देश भर के 250 से अधिक डेंटिस्ट और एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर श्री अरबिंदो यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. ज्योति बिंदल, डॉ. पुनीत बत्रा (अध्यक्ष, आईओएस), डॉ. संजय लाभ (सचिव, आईओएस) और डॉ. श्रीदेवी पद्मनाभन (निर्वाचित अध्यक्ष आईओएस) समे

दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर शिकारियों और तस्करों की हमेशा निगाह बनी रहती, उनपर नजर रखने 650 कैमरे, 35 वॉच टॉवर, 40 पेट्रोलिंग कैंप

दमोह  बारिश के मौसम को देखते हुए अन्य टाइगर रिजर्व की तरह वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को आगामी तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान रिजर्व क्षेत्र में शिकारियों की गतिविधियों और अन्य संदिग्ध हरकतों पर नजर रखने के लिए प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। वन्यजीवों की बढ़ी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए टाइगर रिजर्व के भीतर 650 से अधिक ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से हर मूवमेंट की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में 35 वॉच टॉवर, 40 पेट्रोलिंग कैंप और 300 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।  गश्त के लिए टीमें दिन और रात ड्यूटी पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और चौकसी को विशेष रूप से बढ़ाया गया है। टाइगर रिजर्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नौरादेही क्षेत्र है, जहां सबसे अधिक सुरक्षा संसाधन लगाए गए हैं। यहां 35 वॉच टॉवर, 650 ट्रैप कैमरे, करीब 40 पेट्रोलिंग कैंप और एक हाथी कैंप के साथ 300 से अधिक सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी में जुटे हैं। दरअसल एक जुलाई से सभी टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद हो जाते हैं और एक अक्तूबर को ही खुलते हैं। यह समय बाघिनों के प्रजनन के लिए माना जाता है और कीचड़ होने के कारण जंगल में घूमना मुश्किल होता है। इसलिए टाइगर रिजर्व को बंद रखा गया है। इसी अवधि में शिकारी भी सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए ऐसे समय प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होती है। दमोह में अब भी अधूरी व्यवस्थाएं टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले दमोह वनमंडल में फिलहाल 30-35 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और कुछ ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं, लेकिन इस क्षेत्र में वायरलेस स्टेशन जैसी सुविधाएं अब तक तैयार नहीं हो सकी हैं। अधिकारी मानते हैं कि यहां सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। प्राकृतिक संपदा पर बुरी नजर 2339 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले इस रिजर्व में 24 बाघों समेत 250 से अधिक जीव-जंतुओं की प्रजातियां, 90 से अधिक प्रकार के पेड़, 49 तरह की झाड़ियां, 30 प्रकार की घास और 15 तरह की बेल-लताएं पाई जाती हैं। यही वजह है कि इस जैव विविधता पर शिकारियों और घुसपैठियों की नजर बनी रहती है। अधिकारियों की अपील रिजर्व प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि वे इस बंद अवधि में टाइगर रिजर्व की ओर न जाएं और गाइडलाइन का पालन करें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बना रहे। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एए अंसारी का कहना है मानसून को ध्यान में रखते हुए ट्रैप कैमरे, गश्त व निगरानी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। 

वनतारा प्रबंधन उज्जैन के प्रस्तावित चिड़ियाघर को वन्यजीव देने पर पूरी तरह सहमत, अधिकारियों का दल 11 जुलाई को करेगा भ्रमण

उज्जैन   मध्य प्रदेश में पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद अब चिड़ियाघर में भी चीते देखे जा सकेंगे। राज्य सरकार उज्जैन में प्रस्तावित चिड़ियाघर में चीता बसाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस के वनतारा सेंटर से मध्य प्रदेश सरकार चीता सहित अन्य वन्यप्राणी ला सकती है। प्रदेश के अधिकारियों का दल वनतारा जाएगा और वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वनतारा गए थे। उन्होंने वहां व्यवस्थाओं को देखा था। वहां का अनुभव मध्य प्रदेश के अधिकारियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि वनतारा प्रबंधन मध्य प्रदेश को वन्यजीव देने पर सहमत है। वनतारा में 48 चीते हैं मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मप्र वन विभाग के अधिकारी वनतारा रेस्क्यू सेंटर का भ्रमण कर हाथी प्रबंधन, विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण माडल, मानव-वन्यजीव द्वंद्व कम करने के प्रबंधन का अध्ययन करें। बता दें कि वनतारा में 48 चीता हैं। इन्हें दुबई व दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। 11 से 13 जुलाई तक वनतारा का अध्ययन करेंगे वन अधिकारी मप्र के वन अधिकारी 11 जुलाई से 13 जुलाई तक वनतारा रेस्क्यू सेंटर का अध्ययन करेंगे। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन एवं अन्य अधिकारियों का दल 10 जुलाई को रवाना हो जाएगा। 80 हेक्टेयर में होगा विकसित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में 300 करोड़ रुपये की लागत से 80 हेक्टेयर में चिड़ियाघर-सह-सफारी बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मंजूर की गई है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार बाघ, सफेद बाघ और तेंदुआ, चीता सहित बड़े मांसाहारी जानवरों के लिए 47 अलग-अलग बाड़ों के साथ-साथ छोटे मांसाहारी, शाकाहारी, पक्षी, प्राइमेट, सरीसृप, एक तितली गुंबद, एक मछलीघर, एक बचाव केंद्र और एक पशु चिकित्सा अस्पताल की योजना है। इसका प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। चीता समेत कुछ अन्य जीव भी लाए जा सकते हैं     अधिकारियों का दल 11 जुलाई को जामनगर के वनतारा रेस्क्यू सेंटर का अध्ययन करने जाएगा। वहां जाकर देखेंगे कि किस तरह वन्यजीवों को रखा जाता है। उनकी देखरेख, खानपान से लेकर हर बिंदु का अध्ययन करेंगे। वहां से चीता समेत कुछ अन्य वन्यजीव मप्र लाए जा सकते हैं। हम इसकी संभवनाएं देखेंगे। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र।