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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पॉक्सो अधिनियम पर कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ

भोपाल लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो अधिनियम) विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 7 अगस्त (गुरुवार) को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री द्रविंद्र मोरे उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में पूरे प्रदेश से महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस तथा जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर अधिकारियों को संवेदनशील बनाना और उन्हें विधिक जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला में बाल संरक्षण के क्षेत्र में नीति निर्धारण से लेकर ज़मीनी कार्यान्वयन तक की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया जाएगा।  

आजादी के जश्न में सफाई का संकल्प, स्टेशनों पर जागरूकता फैलाने उतरे कलाकार

जबलपुर आजादी का अमृत महोत्सव अब सफाई के संकल्प से भी जुड़ गया है। रेलवे द्वारा 1 अगस्त से 15 अगस्त तक देशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल को स्वतंत्रता दिवस की भावना से जोड़ा गया है, जिससे सफाई को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके। इस अभियान का फेज(1) 1 से 15 अगस्त तक चलेगा, जिसके बाद फेज(2) 16 अगस्त से अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य मिलकर विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।   पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों जबलपुर, कटनी और सतना में सफाई की शुरुआत शपथ ग्रहण से हुई। मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एम. विजय कुमार और मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के निर्देशन में अभियान को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यार्ड और कोच डिपो में सफाई अभियान चलाया गया। श्रमदान, जागरूकता रैली, और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से यात्रियों को साफ-सफाई के प्रति सजग किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक-ट्रेनिंग से बढ़ाई जागरूकता स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर आम जनता को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। साथ ही, कर्मचारियों के लिए स्वच्छता पर वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए, जिससे वे सफाई को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।

गांव के मरीजों को मिला डिजिटल इलाज का सहारा, जानें E-Sanjeevani से कैसे हो रहा फायदा

भोपाल भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने सोमवार को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में तीन नई पहलों की शुरुआत की। इसमें सबसे अहम रही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत, जिससे दमोह, सिंगरौली और मंडला के मरीजों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे ऑनलाइन परामर्श मिल सकेगा। क्या है ई-संजीवनी सेवा और कैसे मिलेगा फायदा? ई-संजीवनी सेवा एक ऑनलाइन टेलीपरामर्श सुविधा है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू की गई है। इस सेवा के तहत अब इन जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टर, भोपाल स्थित BMHRC के विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे।   विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल होंगे     जनरल मेडिसिन     स्त्री रोग     गैस्ट्रो मेडिसिन     क्रिटिकल केयर इससे मरीजों को भोपाल या जिला अस्पताल तक बार-बार आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ग्रामीण मरीजों के लिए क्यों है ये सेवा उपयोगी? BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इससे दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ, सस्ती और तेज बनाएगी। नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हिंदी टाइपिंग का शुभारंभ ICMR उपमहानिदेशक ने BMHRC में दो अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया 1. ओरिएंटेशन प्रोग्राम     यह प्रशिक्षण ICMR के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए है।     इसमें प्रशासनिक कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर फोकस किया गया। 2. हिंदी टाइपिंग प्रशिक्षण     4 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 15 कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी प्रशासनिक कार्यों में दक्ष बनाया जाएगा।     प्रशिक्षण का नेतृत्व श्री घनश्याम नामदेव करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 7 अगस्त को पॉक्सो कार्यशाला, बाल अधिकारों पर होगा फोकस

भोपाल  लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो अधिनियम) विषय पर जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा 7 अगस्त (गुरुवार) को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्रविंद्र मोरे उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में पूरे प्रदेश से महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस तथा जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर अधिकारियों को संवेदनशील बनाना और उन्हें विधिक जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला में बाल संरक्षण के क्षेत्र में नीति निर्धारण से लेकर ज़मीनी कार्यान्वयन तक की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया जाएगा।  

इंदौर की तरक्की पर सीएम का दावा, सिंघार ने पूछा- करोड़ों का निवेश आया कैसे? PM 25 को धार में रखेंगे नींव

भोपाल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि विकास को लेकर मध्य प्रदेश से नहीं बल्कि देश को देखकर बात करनी होगी। उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि पूरा देश लाभान्वित होना चाहिए। बिजली, सड़क आखिरी महत्व तक का और प्रवासियों की मानसिकता उनके काम करने का तरीका मध्य प्रदेश अनुकूल है।  फालतू के कानून खत्म मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार में कारखाने में हड़ताल नहीं हुई। मध्य प्रदेश में चाहे कांग्रेस की सरकार हो या बीजेपी की। परमात्मा की कृपा से इंदौर की गति जेट विमान की तरह चल रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर चारों टाउन बड़ी-बड़ी स्थिति में बड़ी-बड़ी संभावनाएं रखते हैं। हमने मेट्रोपॉलिटन इलाका पांच पांच शहरों को मिलाकर बनाया है। मास्टर प्लान को लेकर झगड़ा लैंड यूज का होता है। हम क्षेत्र आधार विकास को लेकर योजना पर काम कर रहे हैं। यह आगामी समय में 10-12 जिलों का नया मॉडल बनेगा। हम फालतू के कानून खत्म करते हुए नई विचारधारा नए कानून की ओर बढ़ रहे हैं। हम योजनाओं का सरलीकरण कर रहे हैं। धार में भूमिपूजन करेंगे PM मोदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा कि GIS के लिए भोपाल का चयन किया है। GIS के लिए पीएम मोदी रात रुके। कोयंबटूर में वहां के नेता प्रतिपक्ष ने उद्योग को लेकर आंदोलन कर दिया था। मैंने कहा…कंपनियां वहां भी करें, और एमपी में भी काम करें। स्विट्जरलैंड के व्यापारी मोटा अनाज कोदू कुटकी खरीदने को तैयार है। हमारा माल दुनिया खरीद रही। पर्यटन के कई आयामों से रोजगार दिए जा रहे। इंजीनियरिंग कॉलेज में ही IT पार्क बना रहे। पढ़ाई के साथ काम भी एक ही कैंपस में मिल जाएगा।” सीएम ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को धार में पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करेंगे / सीएम के वक्तव्य पर उमंग सिंघार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के वक्तव्य पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा, “मध्य प्रदेश मेकिंग मध्य प्रदेश कब बनेगा? मुख्यमंत्री का आभार आपने आंकड़े गिनाए। करोड़ों का निवेश आया। लेकिन कैसे आया यह समझ ही नहीं आया। किसानों की जमीनों को लेकर मुआवजा दे नहीं पा रहे। 120 इंडस्ट्रियल पार्क बना रहे हैं। उद्योगपति को क्यों नहीं बोलते कि वह डेवलपमेंट करें। सरकार जनता के पैसे से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कर रही है। सरकार को विचार करना चाहिए।” उमंग सिंघार ने आगे कहा, “बेरोजगारों को आप आकाशी रोजगार कह रहे हो। मध्य प्रदेश के सालों से बेरोजगार पड़े युवाओं की रोजगार नहीं दे पा रहे हैं।हम सफेद प्याज की खेती को बढ़ावा नहीं दे पा रहे। चावल को लेकर मध्यप्रदेश कहा हैं? सोयाबीन के प्लांट बंद पड़े हैं। देश का सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्य की आज हालत खराब है। इस पर सरकार ने कुछ नहीं किया।” “IT सेक्टर की बात करते हैं..लेकिन IT मध्यप्रदेश नहीं आता। बड़ी कंपनियां बंद हो रही हैं, सिर्फ 11 बची है। नाम कहें तो गिना सकता हूं। पॉलिसी में खराबी है न। मांडू के पर्यटन की बात करते हैं। तालाब सूखे पड़े हैं..पर्यटन नहीं आता। पर्यावरण में घोटाला हो रहा है। मुख्यमंत्री के पास रिपोर्ट पेंडिंग पड़ी है। मेडिकल टूरिज्म की बात करते हैं आप। लेकिन लोग प्रदेश से बाहर जाते हैं..ये क्या है मेडिकल टूरिज्म? भावनाएं अच्छी है आपकी लेकिन आपकी भावनाएं लोगों तक नहीं पहुंच पाती। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आपने समूह की बात की लेकिन यहां भ्रष्टाचार हो रहा है।”

सरकार देगी बाढ़ पीड़ितों को राहत: सीएम मोहन ने अधिकारियों को दिए मुआवजे के निर्देश

 भोपाल  एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि/बाढ़ से जनता को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। कोई चिंता न करें, सरकार आपके साथ है। प्रत्येक प्रभावित परिवार का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की जाए। सरकार द्वारा ‘डीबीटी प्रणाली’ के माध्यम से सहायता राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई जाएगी। मुख्‍यमंत्री यादव ने सोमवार को गुना में बाढ़/अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। उन्होंने जिले के विभिन्न वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने कैंट क्षेत्र, पटेल नगर में घर-घर जाकर प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।   मुख्यमंत्री यादव ने न्यू टेकरी रोड स्थित पवन कॉलोनी पहुँचकर वर्षा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर हालात जाने। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि गत दिनों हुई भारी वर्षा ने जिले में 32 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिससे अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई। इस चुनौती का प्रशासन ने तत्परता एवं समन्वय के साथ सामना किया। गुना न्यू सिटी कॉलोनी की एक बुजुर्ग महिला सहित 170 नागरिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। विभिन्न जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से राहत कार्यों की गति तेज की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम द्वारा सघन बचाव कार्य किए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं प्रशासनिक अमले ने मिलकर भोजन पैकेट वितरण, अस्थायी आश्रय स्थल की स्थापना तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसे राहत कार्य किए। मुख्‍यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी वर्षा संभावित है, इसलिए प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें। यह हर्ष की बात है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यादव प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन हर हाल में उनके साथ है, किसी भी प्रकार की कठिनाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी बहनों का रक्षाबंधन के साथ स्वागत करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। 

घर बैठे इलाज का समाधान: E-Sanjeevani से गांवों को कैसे मिल रहा फायदा?

भोपाल  भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने सोमवार को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में तीन नई पहलों की शुरुआत की। इसमें सबसे अहम रही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत, जिससे दमोह, सिंगरौली और मंडला के मरीजों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे ऑनलाइन परामर्श मिल सकेगा। क्या है ई-संजीवनी सेवा और कैसे मिलेगा फायदा? ई-संजीवनी सेवा एक ऑनलाइन टेलीपरामर्श सुविधा है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू की गई है। इस सेवा के तहत अब इन जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टर, भोपाल स्थित BMHRC के विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल होंगे     जनरल मेडिसिन     स्त्री रोग     गैस्ट्रो मेडिसिन     क्रिटिकल केयर इससे मरीजों को भोपाल या जिला अस्पताल तक बार-बार आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ग्रामीण मरीजों के लिए क्यों है ये सेवा उपयोगी? BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इससे दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ, सस्ती और तेज बनाएगी। नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हिंदी टाइपिंग का शुभारंभ ICMR उपमहानिदेशक ने BMHRC में दो अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया 1. ओरिएंटेशन प्रोग्राम     यह प्रशिक्षण ICMR के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए है।     इसमें प्रशासनिक कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर फोकस किया गया। 2. हिंदी टाइपिंग प्रशिक्षण     4 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 15 कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी प्रशासनिक कार्यों में दक्ष बनाया जाएगा।     प्रशिक्षण का नेतृत्व श्री घनश्याम नामदेव करेंगे।  

अब मेट्रोपॉलिटन रीजन बनेंगे MP के बड़े शहर, बदलेगा विकास का नक्शा

भोपाल  प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को मेट्रोपॉलिटन रीजन का दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। सोमवार को विधानसभा में "मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025" पेश किया गया। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा की जाएगी। विधेयक के लागू होते ही भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों को नए शहरी ढांचे के तहत विकसित किया जाएगा। इन शहरों के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। भोपाल के लिए सीमांकन का सर्वे कार्य जारी है, जबकि इंदौर में यह प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रस्तावित प्राधिकरण में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, आयुक्त, नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण जैसे विभागों के प्रतिनिधि, साथ ही मेट्रो, रेलवे, दूरसंचार, नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। विकास को मिलेगा नया ढांचा प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र मेट्रोपॉलिटन एरिया होगा, जहां वह भूमि उपयोग, अधोसंरचना, परिवहन, ऊर्जा, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विषयों पर योजनाएं तैयार करेगा। इसके दायरे में नगरीय निकायों की विकास योजनाओं की निगरानी, टाउनशिप योजना का निर्माण, भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन, तथा निवेश की संभावनाएं तलाशना शामिल रहेगा। एकीकृत परिवहन प्रणाली का गठन प्राधिकरण द्वारा मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित शहरों में परिवहन नेटवर्क के विकास, संचालन, टिकटिंग प्रणाली और परिवहन संबंधी नीतिगत सलाह के लिए कार्य करेगी। योजना समिति और विकास अधिकार प्रत्येक महानगर क्षेत्र में एक योजना समिति बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय सांसद, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि सदस्य होंगे। यह समिति निवेश योजनाओं को अंतिम रूप देगी और दो या अधिक महानगरों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रूपरेखा तैयार करेगी। भूमि उपयोग और शुल्क वसूली का अधिकार प्राधिकरण को बीडीए (भोपाल विकास प्राधिकरण) या आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) की तर्ज पर योजनाएं लागू करने और शुल्क वसूली का अधिकार प्राप्त होगा। इसके तहत दावा-आपत्ति और अधिसूचना की प्रक्रिया भी अनिवार्य रूप से अपनाई जाएगी।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 ने लगातार 150 दिन तक किया विद्युत उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 ने अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों के असाधारण समर्पण व कड़ी मेहनत की बदौलत 150 दिन तक सतत् और निर्बाध विद्युत उत्पादन करने में सफलता हासिल की है। यह यूनिट इस वर्ष 5 मार्च से अभी तक लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। पिछले डेढ़ सौ दिनों में पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों ने टीम भावना और पेशेवर ढंग से कार्य करते हुए यूनिट नंबर 10 को श्रेष्ठतम शिखर तक पहुंचाया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सारनी की यूनिट नंबर 10 के अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों को इस गौरवशाली उपलब्ध‍ि पर बधाई दी। पिछले 12 वर्षों में यूनिट नंबर 10 ने रचे नए कीर्तिमान सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 की कमीशनिंग 18 अगस्त 2013 को हुई थी। पिछले बारह वर्षों में इस यूनिट ने विद्युत उत्पादन और ऑपरेशन के नए कीर्तिमान रचे। यूनिट नंबर 10 ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 305 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया था, जिसे गत दिवस अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने पिछले दिनों तोड़ा। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस यूनिट ने क्रमश: 170 व 235 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया था। यूनिट ने अर्जित किया 98.35% पीएएफ सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 ने जब 150 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने में सफलता हासिल की तब यूनिट का प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) 98.35 फीसदी, प्लांट लोड फेक्टर 84.71 फीसदी व ऑक्जलरी कंजम्पशन 8.86 प्रतिशत रहा।  

मंत्री श्री पटेल ने म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार मंडल की बैठक ली

निर्माण श्रमिकों के कल्याण के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए भोपाल  श्रम मंत्री एवं भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मण्डल के अध्यक्ष श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल की 40वीं बैठक मंगलवार को होटल पलाश में ली। बैठक में श्रम मंत्री श्री पटेल ने मंडल के कार्यों की समीक्षा करते हुए, 39वीं बैठक में किए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन का अवलोकन किया, जिसे बोर्ड सदस्यों ने अनुमोदित किया। बैठक में बोर्ड द्वारा संचालित गतिविधियों, आगामी दिनों में किए जाने वाले बोर्ड के कार्यों और श्रमिक कल्याण के लिए मण्डल द्वारा प्रस्तुत एजेंडा पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक में मंडल द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रस्ताव, बजट आंवटन एवं बजट अनुमोदन, श्रमोदय विद्यालय एवं आई.टी.आई. के विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक की संतानों को प्रथम किश्त आंवटन के बाद पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने अथवा 60 वर्ष आयु होने के बाद भी शेष शैक्षणिक सत्रों के लिये संपूर्ण राशि का भुगतान निरंतर किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया। इस निर्णय से पात्र विद्यार्थी की शिक्षा पूर्ण की जा सकेगी। बैठक में मंडल के वार्षिक प्रतिवेदन को भी अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया, साथ ही बोर्ड बैठक में श्रमिक कल्याण से सम्बंधित विवाह सहायता योजना, श्रमोदय विद्यालय, श्रमिक रैन बसेरा सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सचिव, श्रम विभाग श्री रघुराज राजेंद्रन, सचिव, म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्डल श्री बसंत कुर्रे, मण्डल के अशासकीय एवं शासकीय सदस्यों सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।