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MP में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नया जीवन! इन शहरों में सबसे पहले चलेंगी सरकारी बसें

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा शुरू करने के लिए सरकार ने कदम बढ़ा दिए। प्रदेश के अंदर और दूसरे राज्यों तक सरकारी बसों को दौड़ाने के लिए सरकार ने कंपनियों के गठन का अहम चरण पूरा कर लिया। मप्र यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड नाम से राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी बनाई है। इसकी 7 सहायक कंपनियों का भी पुनर्गठन किया। ये वे कंपनियां हैं, जो अभी भोपाल, इंदौर, उज्जैन (Ujjain), जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में सिटी बस कंपनी के तौर पर काम कर रही है। इनके शेयर होल्डिंग में बदलाव किया गया है। सबसे पहले इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरू होगी सरकारी लोक परिवहन सेवा सरकारी लोक परिवहन सेवा सबसे पहले इंदौर (Indore)-उज्जैन संभाग में शुरू होगी। यहां रूट के निर्धारण व ट्रैफिक दबाव संबंधी सर्वे लगभग अंतिम दौर (Survey Complete) में है। वहीं, जबलपुर-सागर संभाग में भी सर्वे शुरू हो गया है। अगले चरण में भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग में मार्ग निर्धारण सर्वे होंगे। बता दें, अप्रेल में सीएम ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को मंजूरी दी थी। सीएम अध्यक्ष, परिवहन मंत्री और सीएस उपाध्यक्ष प्रदेशस्तरीय होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव होेंगे। कंपनियों में आइएएस स्तर के अफसर सीईओ होंगे। ये कंपनियां परिवहन विभाग के अधीन होंगी। हर जिले में दफ्तर होंगे। मॉडर्न बस स्टैंड, क्विक रिस्पांस पोर्टल, कैशलैस किराया सिस्टम होगा।

सड़क किनारे खड़ी बस से टकराई चार्टर्ड बस, पलटने से मचा हड़कंप; 25 लोग घायल

सीहोर  रविवार सुबह करीब 10:15 बजे भोपाल-इंदौर हाईवे पर सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में अरनिया गाजी जोड़ के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। इंदौर से भोपाल जा रही चौहान ट्रेवल्स की बस पैसेंजर्स को उतार रही थी, तभी पीछे से तेज रफ्तार चार्टर्ड बस (MP09 AM 6115) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चार्टर्ड बस पलट गई और उसमें सवार यात्री घायल हो गए। पुलिस जांच में शुरुआती कारण ब्रेक फेल होना सामने आया है। चार्टर्ड बस नाथद्वारा से भोपाल की ओर आ रही थी। इसी दौरान अरनिया गाजी जोड़ पर ब्रेक फेल होने से आगे खड़ी बस से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चार्टर्ड बस के ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और रफ्तार में आकर बस सीधी दूसरी बस से टकरा गई। दो दर्जन घायल, एक की हालत गंभीर इस हादसे में दो दर्जन यात्री घायल हुए हैं। आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर व एएसपी सुनीता रावत सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक व्यक्ति को पैर में गंभीर चोटें आई हैं, बाकी को हल्की चोटें हैं। हाईवे पर लंबा जाम, यातायात प्रभावित हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण व राहगीर मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में पुलिस की मदद की। मानवता का नजारा दिखा जब कई लोग खुद अपने वाहन से घायलों को अस्पताल ले जाने लगे। सड़क पर चीख-पुकार के बीच मानवीय संवेदनाएं जाग उठीं। बस पलटने और टक्कर के बाद भोपाल-इंदौर हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया और यातायात सामान्य करने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही। एसडीओपी आष्टा आकाश अमलकर के अनुसार, टक्कर के बाद चार्टर्ड बस पलट गई। स्थानीय नागरिकों की मदद से पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस से आष्टा के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया। एक व्यक्ति के पैर में गंभीर चोट आई है, जबकि 6-7 अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हाईवे पर लगा जमा घटना की सूचना मिलते ही आष्टा और जावर पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बसों को हटाने में जुटी है। एडिशनल एसपी सुनीता रावत के निर्देशन में मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पुष्टि जारी फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बसों के ड्राइवरों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी। हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।

चार्जिंग अधोसंरचना के लिये केन्द्र सरकार से मिलेगी 100 प्रतिशत राशि

प्रदेश के शहरी मार्गों पर 582 इलेक्ट्रिक बस चलाने की योजना ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 6 शहरों  में 582 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिये प्रस्ताव तैयार  चार्जिंग अधोसंरचना के लिये केन्द्र सरकार से मिलेगी 100 प्रतिशत राशि भोपाल  प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिये मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 तैयार की गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा परिवहन कर में छूट और अनुदान दिये जाने की भी व्यवस्था की गई है। प्रदेश के बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवा के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बस सेवा को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में इंदौर में शहरी मार्गों पर 80 इलेक्ट्रिक बसों को संचालन किया जा रहा है। फेम योजना के अंतर्गत 40 और अमृत योजना 1.0 में 40 बसें संचालित हो रही हैं। 582 इलेक्ट्रिक बसों के चलाने का प्रस्ताव ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 6 शहरों  में 582 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिये प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था, जिसे केन्द्रीय शहरी मंत्रालय नई दिल्ली से स्वीकृति मिल गयी है। इंदौर में 150, भोपाल में 100, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 100, सागर में 32 एवं उज्जैन में 100 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का प्रस्ताव है। प्रदेश के 6 शहरों में बस संचालन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा निविदा जारी कर बस संचालकों का चयन किया जा चुका है। पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत बस डिपो अधोसंरचना निर्माण के लिये भी प्रस्ताव तैयार किया गया है, इसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा और शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदाय की जायेगी। इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग अधोसंरचना निर्माण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि प्रदान की जायेगी। नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो एवं चार्जिंग स्टेशन निर्माण के लिये प्राक्कलन तैयार कर राज्य स्तरीय संचालन समिति से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। अनुमोदन के बाद प्रस्ताव केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है। भोपाल एवं जबलपुर शहर द्वारा बस डिपो अधोसंरचना निर्माण के लिये निविदा जारी की जा चुकी है। प्रदेश के शहरों में लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल के संचालन को बढ़ावा देने के लिये भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर शहर में 34 चार्जिंग स्टेशन पर 190 चार्जिंग पाइंट लगाये गये हैं।