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सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत स्कूल शिक्षा विभाग आवश्यक तैयारियां करें

भोपाल : गुरूवार, सितम्बर 11 स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 वृहद स्तर का आयोजन है, इसको देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग अभी से आवश्यक तैयारियां शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि स्कूल भवनों की स्थिति और उनमें आवश्यक सुधारप्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर भेजें। उन्होंने शासकीय स्कूल भवनों की सूची तैयार किये जाने के भी निर्देश दिए। मंत्री श्री सिंह बुधवार को उज्जैन में संभागीय स्तर की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि युवा शिक्षकों को सिंहस्थ की आवश्यक व्यवस्था में सहयोग देने के लिये अभी से प्रशिक्षण दिलाये जाने की व्यवस्था की जाये। बैठक में बताया गया कि उज्जैन जिले में 1733 शासकीय विद्यालय और 985 अशासकीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को शत् प्रतिशत नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों और साईकिल का वितरण किया जा चुका है। बैठक में परीक्षा परिणाम में वृद्धि के लिये प्रत्येक विद्यालय के विषय शिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संभागीय स्तर पर शुरू किया जा चुका है। प्रत्येक विद्यार्थी की प्रोफाईल बनाई जा रही है। बैठक के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने ग्राम दाउखेड़ी में निर्माणाधीन सांदीपनि स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने संभाग के अन्य जिलों की स्कूल शिक्षा से संबंधित प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा परिवहन मंत्री श्री सिंह ने उज्जैन में बुधवार को परिवहन विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित किया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि उज्जैन में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लापरवाही एवं अनियंत्रित तरीके से वाहन चलाने वालों के विरूद्ध लायसेंस सस्पेंड की कार्रवाही की जाए। परिवहन मंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के आयोजन को देखते हुए उज्जैन में परिवहन व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाए। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाये जाने पर भी जोर दिया। परिवहन सचिव श्री मनीष सिंह ने सिंहस्थ के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिये पार्किंग व्यवस्था के लिये स्थल चयन और त्रिस्तरीय पार्किंग व्यवस्था की कार्ययोजना बनाने के लिये कहा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को मूर्त रूप देने के लिये राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कम्पनी का गठन किया जा चुका है। आयुक्त परिवहन श्री विवेक शर्मा ने राहवीर योजना अंतर्गत पात्र राहवीरों को प्रोत्साहन राशि समय पर दिलाये जाने की व्यवस्था करने के लिये कहा।

मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड

भोपाल : बुधवार, केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रतिष्ठित बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के ली मेरिडियन में 9 सितम्बर को भव्य इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 समारोह में प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और सतत विकास को लेकर मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड हमारी टीम की साझा मेहनत और विजन का परिणाम है। हमारा लक्ष्य सिर्फ नए पर्यटन स्थल बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, महिलाओं को नए अवसर प्रदान करना, हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोना, प्राकृतिक धरोहर को बचाना और पर्यटन को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह सम्मान हमें और प्रेरित करता है कि हम मध्यप्रदेश को ऐसा खास पर्यटन स्थल बनाएं, जहां परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता एक साथ दिखाई दें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, सामुदायिक होमस्टे को बढ़ावा देने, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन को विस्तार देने के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार और विज़िटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बोर्ड सतत रूप से कार्यरत है। लक्ष्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करना है।

श्रम कल्याण गतिविधियों को गति प्रदान की जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय मुख्यमंत्री ने की श्रम विभाग की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल : शनिवार, सितम्बर 6, 2025, 22:11 IST मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण की दिशा में किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। श्रमिक कल्याण गतिविधियों को गति प्रदान कर विभागीय योजनाओं और कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को समत्व भवन में हुई बैठक में श्रम विभाग और विभाग के अंतर्गत कार्यरत संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा संबल जैसी योजना में अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य किया गया है, जो सराहनीय है। असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के पंजीयन, ई-श्रम पोर्टल के विकास, युवा संगम के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने के प्रयास सराहनीय हैं। नवाचारों के तहत लोगो तैयार किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के विभिन्न आयामों पर आधारित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमोदय विद्यालयों के निर्माण और अन्य श्रमिक कल्याण से जुड़े निर्माण कार्यों में पुलिस हॉउसिंग कॉरपोरेशन सहित सक्षम निर्माण एजेंसियों का उपयोग किया जाए, जो एजेंसी श्रेष्ठ परिणाम दें उनका उपयोग प्राथमिकता से किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  कहा कि राज्य में समग्र आर्थिक विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित करने के लिए श्रम क्षेत्र में व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि श्रम कल्याण योजनाओं को लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए ग्राम सभा की पारदर्शिता और तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे योजनाओं का सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सके।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘श्रम स्टार रेटिंग’ का लोगो भी जारी किया। यह पहल व्यवसायों के लिए अपने श्रमिक कल्याण प्रयासों को स्वेच्छा से प्रदर्शित करने का एक माध्यम है। साथ ही उन्होंने श्रम सहकारी समितियों के गठन पर भी जोर दिया, जिनके माध्यम से तकनीक आधारित सहयोग से श्रमिक सामूहिक रूप से उद्यम स्थापित कर सकेंगे।  इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘SHREE पहल’ (स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यम सहयोग) को भी मंजूरी प्रदान की, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को उन्नत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रजेंटेशन भी देखा। श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप श्रम कल्याण की परिभाषा को पुनर्परिभाषित करने की आवश्यकता है, जिससे नए युग की चुनौतियों और अवसरों के अनुसार श्रमिकों का सर्वांगीण विकास हो सके। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  श्री नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को मंडला में बलराम जयंती समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आरडी कॉलेज मंडला में आयोजित कृष्ण भ्राता, कृषि देवता भगवान बलराम जयंती समारोह में शामिल हुए जहा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्रदेश के करीब 83 लाख किसानों के खातों में 1671 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई । इसमें मंडला जिले के 01 लाख 39 हजार 197 किसानों को 28.11 करोड़ रूपए की राशि अंतरित । इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव 226.12 करोड़ रूपए की लागत के कुल 24 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण । इसमें 202.25 करोड़ रूपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन एवं 23.87 करोड़ रूपए के 15 कार्यों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम भीमडोंगरी विकासखंड मवई में 172 लाख रूपए की लागत के पुलिस जनमित्र सहयोग केन्द्र स्थापना कार्य, 387.71 लाख रूपए की लागत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खजरी में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 386.49 लाख रूपए की लागत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहमदपुर में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 123.20 लाख रूपए की लागत के शासकीय हायरसेकेंडरी स्कूल दाढ़ीभानपुर में 3 लैब एवं 4 अतिरिक्त कक्षों का भवन निर्माण 641.74 लाख रूपए की लागत के लावाधार जलाशय का नहर सहित निर्माण 42.23 लाख रूपए की लागत के माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य बसनी, 27.04 लाख रूपए की लागत के ग्राम पंचायत ग्वारा में मुक्तिधाम में बाउंड्रीवॉल एवं समतलीकरण कार्य, 33.08 लाख रूपए की लागत के ग्राम पंचायत किन्द्री सड़क एवं पुलिया निर्माण, 49.27 लाख रूपए की लागत के चुटका से चुटका टोला (कुंडा) मार्ग निर्माण, 199.78 लाख रूपए की लागत के तिलगांव से चंदेहरा बैगाटोला मार्ग निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र लावर का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र बुदरा का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र सलैया का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र भालीवाड़ा का भवन निर्माण कार्य एवं 65 लाख रूपए की लागत के उपस्वास्थ्य केन्द्र जामगांव का भवन निर्माण कार्यों का लोकार्पण किये गए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत बना शक्तिशाली राष्ट्र, अब सहन नहीं होगा अन्याय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है। अब अन्याय सहन नहीं किया जाएगा। हमारी जांबाज सेना ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देकर भारत की शक्ति का परिचय कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार इंदौर में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान की विशाल यात्रा में शामिल हुए। पूरा शहर राष्ट्र की आन-बान-शान तिरंगे के रंग में रंग गया। देशभक्ति के जोश और जुनून का अद्भूत वातावरण देखने को मिला। शहर देशभक्ति गीतों और वंदे् मातरम तथा भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया, जिसमें हजारों नागरिक सहभागी बने। समाज के हर वर्ग, हर जाति, हर धर्म के लोग जोश और जुनून के साथ शामिल हुए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायकगण श्री रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, मधु वर्मा, पूर्व विधायक जीतू जिराती तथा सुदर्शन गुप्ता, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां के नागरिकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा लोकतंत्र के प्रहरियों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारे तिरंगे की आन, बान और शान पहले से कहीं अधिक बुलंद हुई है। यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि 15 अगस्त को हमारा देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मनायेगा। इस अवसर को अविस्मरणीय बनाने के लिए “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय पर्व को राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाने के लिए सभी जिलों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों को मूर्त रूप देने के लिए जन-जन तक स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए इंदौर नगर निगम के स्मार्ट इंदौर हेल्पलाइन (वाट्सएप चेटबॉट सेवा) का शुभारंभ भी किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की स्वच्छता यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार 8 वर्षों से देश में स्वच्छता में अव्वल है। इंदौर अब डिजिटल तकनीकी का उपयोग कर स्वच्छता के कार्यों तथा जनसमस्याओं के निराकरण को त्वरित और अधिक प्रभावी बना रहा है। उन्होंने आज से प्रारंभ हुई स्मार्ट इंदौर हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को श्री सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। तिरंगे से सजे रथ में सवार हुए मुख्यमंत्री-नागरिकों का किया अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा में तिरंगे से सजे विशेष रथ पर सवार हुए। उन्होंने यात्रा मार्ग में नागरिकों का अभिवादन किया। जगह-जगह नागरिकों ने मुख्यमंत्री का उत्साह और उमंग से भव्य स्वागत किया। यात्रा ऐतिहासिक राजवाड़ा से शुरू होकर कृष्णपुरा छत्री, जेल रोड, जिला न्यायालय के सामने से होते हुए ऐतिहासिक गांधी हाल में सम्पन्न हुयी। सैंकड़ों मंचों से हुआ स्वागत यात्रा के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों और दुकानों को तिरंगे से सजाया। यात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। विभिन्न समाज, व्यापारी वर्ग, खेल संगठनों, औद्योगिक संगठनों आदि द्वारा मंचों के माध्यम से यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा में युवा, छात्र-छात्राएं, एनसीसी के विद्यार्थी, यूथ क्लब, खिलाड़ी विशेष रूप से सम्मिलित हुए। यात्रा में विशेष रूप से विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि अपनी पारंपरिक वेशभूषा में दिखाई दिये। संत समाज, धर्माचार्य, महिलाएं भगवा साड़ी में सम्मिलित हुई। यात्रा में स्वच्छता कर्मी भी विशेष रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता कर्मियों और लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के स्वच्छता में देश में लगातार आठवीं बार अव्वल रहने पर स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता दीदियों और अन्य बहनों से राखी भी बंधवायी। यह राखी जीरो वेस्ट थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया। ब्रास बैंड और संगीत मंडली के देशभक्ति के तरानों से गूंजा शहर तिरंगा यात्रा में देश भक्ति के तराने प्रस्तुत करते हुए ब्रास बैंड शामिल हुए। वहीं अनुसूचित जनजाति समाज की नृत्य मंडली ने भी देश भक्ति गीतों पर पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में सिख समाज के अनुयायी भगवा पगड़ी में शामिल हुए। महाराष्ट्रियन समाज के लोगों विशेषकर महिलाओं ने पारंपरिक वस्त्रों के साथ नासिक ढोल पर प्रस्तुति दी। यात्रा में महापुरुषों की वेशभूषा में सजे युवा भी आकर्षण का केन्द्र रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनाधिकार और पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहली बैठक में दिए निर्देश

सरकार वनवासियों के साथ है, यह भावना जन जन तक जानी चाहिए दुग्ध उत्पादन के जरिए जनजातीय भाई-बहनों की बढ़ाएं नकद आय पेसा मोबालाईजर की निुयक्ति के अधिकार अब ग्राम सभाओं को देगी सरकार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्नेह का बंधन एकतरफा नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार हर पल वनवासियों के साथ खड़ी है, यह बात पूरी शिद्दत से उन तक पहुंचनी चाहिए। सभी वनवासियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ें और उनके जीवन में विकास का प्रकाश लाने की दिशा में काम करें। वनवासियों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के अध्ययनरत एवं रोजगार कर रहे बच्चों का सामाजिक सम्मेलन बुलाएं। इस सम्मेलन के जरिए सरकार इन बच्चों को उन तक पहुंचने वाले लाभ का फीड-बैक भी लेगी और जिन्हें जरूरत है, उन तक सरकार की योजनाएं तथा सुविधाएं भी पहुंचाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के लिए गठित की गई राज्य-स्तरीय टास्क फोर्स की शीर्ष समिति तथा इसी विषय के लिए गठित कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कार्य एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को वनाधिकार के व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों का तेजी से निराकरण कर 31 दिसंबर 2025 तक पेंडेसी जीरो करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पेसा एक्ट यानि पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 लागू है। इसमें पेसा मोबालाईजर्स के जरिए जनजातियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देकर योजनाओं से लाभान्वित भी कराया जाता है। इन सभी पेसा मोबालाईजर्स की अपने काम पर उपस्थिति और उच्च कोटि का कार्य प्रदर्शन फील्ड में दिखाई भी देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा मोबालाईजर्स को नियुक्त करने और संतोषजनक प्रदर्शन न करने पर इन्हें हटाने के अधिकार सरकार अब ग्राम सभाओं को देने जा रही है।इस निर्णय से एकरूपता आएगी और ग्राम सभाएं पेसा मोबालाईजर्स से अपने मुताबिक काम भी ले सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वनवासियों की बेहतरी के लिए संकल्पित है। उनके सभी हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग का मैदानी अमला यह सुनिश्चित करे कि वन भूमि पर अब कोई भी नये अतिक्रमण कदापि न होने पाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र सरकार के 'जलयुक्त शिविर' अभियान की तरह समन्वय पर आधारित मॉडल मध्यप्रदेश में भी अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों द्वारा इस अधिनियम के अमल के लिए की जा रही कार्यवाही के सभी पहलुओं का अध्ययन कर लें और जो सबसे उपयुक्त है उसी मॉडल पर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए विधायकों द्वारा विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है। वनाधिकार अधिनियम और पेसा कानून के अमल के लिए समुचित प्रावधान भी इसी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार क्रमबद्ध रूप से विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों और अन्य जनजातीय बहुल गांव, मजरों-टोलों तक सड़कों का निर्माण कर रही है। ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना में पेसा कोष की राशि खर्च करने का अधिकार भी संबंधित पेसा ग्राम सभा को दिया जा रहा है। बैठक में समिति के सदस्य एवं पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी अमल के लिए बालाघाट जिले में पुलिस विभाग द्वारा सभी पुलिस चौकियों में एकल सुविधा केन्द्र स्थापित कर इसके जरिए कैम्प लगाकर जनजातियों को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 450 वनाधिकार दावे भरवाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 88 जनजातीय विकासखंडों वाले जिलों के कलेक्टर को बालाघाट मॉडल भेजकर इसी अनुरूप कार्यवाही करने के लिए कहा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र के सभी गांवों के विकास के लिए प्रस्ताव दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य एक्शन प्लान बनाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर 2025 तक सभी गांवों के दावे प्राप्त कर लें और इसी दौरान इनका निराकरण भी कर लें। वन अधिकारियों की ट्रेनिंग का काम 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई तकनीकी परेशानी आ रही है तो इसके लिए वन और जनजातीय कार्य विभाग मिलकर एक नया पोर्टल भी विकसित कर लें। वनांचल विकास केन्द्र को करें और अधिक सक्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के पारम्परिक ज्ञान को उनके विकास के लिए बनाई जा रही नीति निर्माण में भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को और भी सशक्त बनाने, सामुदायिक वन संसाधनों के समुचित प्रबंधन, जैव विविधता के संरक्षण और वन एवं वनोपज संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए वन/वनांचल विकास केन्द्रों को और अधिक भी सक्रिय कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि ये केंद्र वन अनुसंधान, प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज और कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व-सीएसआर/कैम्पा जैसे वित्त स्रोतों के समन्वय में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी अदा करें। सामुदायिक आजीविका पर करें फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीविका सबसे पहली जरूरत होती है। सामुदायिक आजीविका के साधनों पर फोकस कर जनजातियों की नकद आय के साधन बढ़ाने की दिशा में उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें शासन की योजना के तहत अधिक से अधिक दुधारू पशु (मुख्यत: गाय, भैंस) उपलब्ध कराए जाएं। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातियों को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की रोजगारमूलक योजनाओं से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि चूंकि वनवासी वनोपजों पर विशेष रूप से आश्रित रहते हैं। इसलिए लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों में जनजातीय समुदायों को लाभ का बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए,इससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा। औषधीय पौधों की खेती पर विशेष जोर दिया जाए ताकि जनजातीय वर्ग के उत्पाद सीधे बाजार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्गों की स्थायी आजीविका विकास के लिए मूल्य संवर्धन केंद्र भी विकसित किए जाएं, जिससे जनजातियां रोजगार की तलाश में बाहर न जाएं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न … Read more

अंगदान को बढ़ावा देने की पहल, MP सरकार करेगी डोनर्स का राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मान

भोपाल अंगदान को महादान की संज्ञा दी जाती है, क्योंकि इसके जरिए एक व्यक्ति जाते-जाते भी कई जिंदगियों को नया जीवन देने की क्षमता रखता है। ऐसे लोग जो अंगदान करते हैं, उनको सम्मानित करने का ऐलान मध्य प्रदेश की मौहन सरकार ने किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की तरफ से जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि देहदान अथवा हृदय, लीवर व गुर्दा दान करने वाले महान लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसकी जानकारी अपने एक्स अकाउंट पर दी। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी लिखित आदेश की कॉपी शेयर करते हुए लिखा- मृत्यु के बाद जीवन का उपहार देना, यह केवल दान नहीं, अमरता है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि देहदान अथवा हृदय, लीवर व गुर्दा दान करने वाले महान लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी जाएगी, साथ ही उनके परिजनों को 26 जनवरी एवं 15 अगस्त को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। अर्थात देहदान करने वालों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने खास इंतजाम किया है, ताकि और लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जा सके। इसके अलावा अपने अंगों को दान करने वाले शख्स और उसके परिजनों को इसके लिए सम्मानित महसूस कराया जा सके।