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अलीगढ़ में रक्षा उत्पादन की नई क्रांति, CM योगी बोले- अब देश की शान बनेगा शहर

अलीगढ़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना आज देश के अंदर एक मॉडल बनकर उभरी है। सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि आज स्वदेशी अपनाना हम सब लोगों की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमारा ही पैसा अगर हमारे ही कारीगर और हस्तशिल्पियों के पास जाएगा तो यह विकास और समृद्धि का आधार बनेगा। प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने कहा कि 2018 में शुरू हुआ डिफेंस कॉरिडोर आज ब्रह्मोस मिसाइल जैसे उन्नत हथियारों का उत्पादन कर रहा है। यह मिसाइल विश्व में अद्वितीय है और भारत के हर दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलीगढ़ ड्रोन और हार्डवेयर उद्योग में भी अपनी पहचान बना रहा है, जो स्थानीय कारीगरों को रोजगार और समृद्धि प्रदान कर रहा है। सीएम योगी ने मंगलवार को अलीगढ़ के नुमाइश मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में 958 करोड़ रुपए की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अगर हमारा यह पैसा विदेशी हाथों में जाएगा, तो आतंकवाद के रूप में, धर्मांतरण के रूप में, अव्यवस्था के रूप में, विस्फोट के रूप में, भारत को अस्थिर करने के लिए भारत के खिलाफ ही इस्तेमाल किया जाएगा।" सीएम योगी ने आने वाले सभी त्योहारों पर लोगों से अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को गिफ्ट के रूप में देने की अपील की। समारोह में सीएम योगी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सहायता राशि, टैबलेट, आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। सीएम ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भगवान कृष्ण के रूप में सजे बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चॉकलेट, माखन और खिलौने भेंट किए। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने अलीगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह ने अलीगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके सपनों को साकार करते हुए हम 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के माध्यम से ताला उद्योग को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं। उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय जल्द ही अलीगढ़ को उच्च शिक्षा का नया केंद्र बनाएगा, जो स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को जीवित रखने के साथ-साथ युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को दोहराते हुए सीएम योगी ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का ताला उद्योग, पीतल की मूर्तियां, और हार्डवेयर आज देश-विदेश में मांग को पूरा कर रहे हैं। विदेशी सामान खरीदने से हमारा पैसा आतंकवाद और अस्थिरता को बढ़ावा देता है। जब हम विदेशी सामान खरीदते हैं, तो उसका मुनाफा आतंकवाद, धर्मांतरण और देशविरोधी ताकतों को मिलता है। उन्होंने मुरादाबाद, फिरोजाबाद, भदोही, और मेरठ जैसे जिलों के ओडीओपी उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये स्थानीय कारीगरों की समृद्धि और रोजगार का आधार बन रहे हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना और इसे बढ़ावा देना आज की जरूरत है। इसी से हम अपने राष्ट्र को मजबूत कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी लोग स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। 'सिंगल यूज प्लास्टिक' का उपयोग बंद करें, ताकि नालियां न चोक करें और जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की अपील की और कहा कि 13 से 15 अगस्त तक हर घर, प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान में तिरंगा लहराएं। स्वाधीनता संग्राम के स्मारकों की सफाई करें और शहीदों को श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ झंडा नहीं, भारत के गौरव, बलिदान और आत्मसम्मान का प्रतीक है। सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अलीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिले दंगों और अराजकता से जूझ रहे थे। आज बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। हाल ही में हुई 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती में अलीगढ़ से 1,344 युवाओं का चयन हुआ, जिसे उन्होंने स्थानीय परिवारों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आगे हम यूपी पुलिस में 30 हजार और भर्तियां करने वाले हैं। उन्होंने कहा, "2017 से पहले सरकारी नौकरियां कुछ परिवारों की बपौती थीं, लेकिन अब चयन मेरिट के आधार पर हो रहा है। लॉजिस्टिक्स और निवेश परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं।" सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ ने मूर्ति के निर्माण को लेकर के पूरे देश के अंदर एक नया केंद्र बिंदु बना है। सीएम ने रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी लोग अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को उपहार में दें। इससे हमारी मेहनत का पैसा हमारे घर में ही रहेगा। योगी ने कहा कि सरकार 8 से 10 अगस्त तक महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। सीएम ने जनप्रतिनिधियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि आपके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों ने डबल इंजन सरकार को समर्थन देकर अलीगढ़ के विकास को गति दी है। हम उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

योगी आदित्यनाथ का हमला: 2017 से पहले नौकरियां बिकती थीं, मेरिट का नहीं था मूल्य

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में होने वाली भर्तियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हावी था। उस दौरान पैसों का लेन-देन, बोली और भेदभाव ने नौजवानों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 1,494 सहायक परिचालकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम ने चयनित कई अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र वितरित किए।  उन्होंने कहा कि 2017 के पहले दंगे, अराजकता, गुंडागर्दी और आतंकी घटनाएं बढ़ गयीं और जनता में असुरक्षा का माहौल बन गया। कभी अयोध्या, काशी और लखनऊ की कचहरी में हमले होते थे तो कभी आतंकी हमले। इस दौरान सीआरपीएफ कैंप रामपुर को भी निशाना बनाया गया। वहीं वर्ष 2017 में डबल इंजन की सरकार बनने पर सबसे पहले भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती बोर्ड का सुदृढ़ीकरण किया गया। इसी का परिणाम है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक पुलिस की भर्ती और सरकारी नौकरी देने वाले राज्यों में पहले स्थान पर है। अब तक हमारी सरकार साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर चुकी है, जो पूरे देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में जो ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, वे सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं हैं, बल्कि एक नई पहचान, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन चुके हैं। वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस में 2 लाख 17 हजार 500 से अधिक कार्मिकों की निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की जा चुकी है, जो देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी, तो सबसे पहले भर्ती बोर्ड को मजबूत करने का काम किया गया। यह तय किया गया कि यदि किसी ने नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ किया तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। आज पूरे देश में उत्तर प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया नजीर बन गयी है। सीएम ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के बाद निवेश भी बढ़ा, जिससे करीब 2 करोड़ युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के अवसर मिले। वही नहीं, आउटसोर्सिंग, टेक्नोलॉजी और नीति-निर्माण के सहयोग से उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2017-18 में पहली भर्ती हुई तो ट्रेनिंग क्षमता बेहद सीमित थी, लेकिन अब राज्य में 60,244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था उत्तर प्रदेश पुलिस के ही ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स में की जा रही है। पहले जहां सिर्फ 3,000 कार्मिकों की ट्रेनिंग हो पाती थी, आज वही संख्या 60 हजार के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी जिले में सबसे ऊंचा और बेहतर भवन पुलिस का बैरक होता है। प्रदेश के 10 जिलों में जहां पहले पुलिस लाइन नहीं थी, वहां नए पुलिस लाइन और मुख्यालय बनाए गए हैं।  वर्ष 1971-72 से लंबित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को डबल इंजन की सरकार ने लागू किया। अब तक 7 नए पुलिस कमिश्नरेट बनाए गए हैं, जिससे पुलिसिंग में आधुनिकता और जवाबदेही दोनों बढ़ी है। योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस एक मॉडल फोर्स बन चुकी है, जो दंगा मुक्त, अराजकता मुक्त और सुरक्षित प्रदेश की पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण महाकुंभ जैसे आयोजन में देखने को मिला, जहां पुलिस के समर्पण और व्यवहार ने इसे सफल बनाया। उन्होंने पुलिस बल को याद दिलाया कि जनता की नजर सिर्फ उनके कार्य नहीं, बल्कि उनके व्यवहार पर भी होती है।  वहीं पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल में 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। इसी के तहत टेलीकॉम विभाग में चयनित 1,494 अभ्यर्थियों में करीब 300 बेटियों का चयन हुआ है। वहीं आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में अग्निवीर को 20 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का निर्णय किया गया है। इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवा पुलिस बल का हिस्सा बन सकेंगे। सीएम ने महाकुंभ में दूरसंचार विभाग के उत्कृष्ट कार्यों का प्रशंसा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था किसी भी पुलिस फोर्स की रीढ़ होती है। 25 करोड़ की आबादी वाला प्रदेश में कम्युनिकेशन और टेलीकॉम पुलिस की जिम्मेदारी कहीं कम नहीं होती। उन्होंने कुंभ के दौरान टेलीकॉम पुलिस के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की और टेक्नोलॉजी को पुलिसिंग का अनिवार्य अंग बताया।

लखनऊ में शुरू हुई कार्यशाला, CM योगी बोले– ‘पशुधन विकास से मिल सकती है पशुपालकों की समृद्धि’

लखनऊ  राजधानी लखनऊ में शनिवार को 'भारत में पशु नस्लों का विकास' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के हाल में किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य 'पशुधन में वृद्धि से पशुपालकों की समृद्धि' है। इस मौके पर योगी सरकार में पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बंघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन मौजूद रहे।  

सीएम योगी ने कहा- बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई, धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया है। छांगुर बाबा पर अलग-अलग वर्गों और जातियों के लोगों का अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर में सुनियोजित ढंग से धर्मांतरण की साजिश रची गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की है। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा– सीएम योगी सीएम योगी ने कहा, “बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई। आरोपी ने धर्मांतरण के लिए अलग-अलग रेट तय किए थे। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन लोगों का मकसद देश के सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बिगाड़ना है। सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि छांगुर बाबा ने हिंदू, ब्राह्मण, क्षत्रिय, सिख, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों के धर्मांतरण के लिए अलग-अलग दरें तय कर रखी थीं। इस काम के लिए विदेशों से बड़ी मात्रा में फंडिंग भी की जा रही थी। 100 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन और 40 बैंक अकाउंट  सीएम योगी ने आगे कहा कि “आप सोचिए, अब तक उसके 40 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है। वह लगातार इस धर्मांतरण अभियान को बढ़ावा दे रहा था। ये देश के स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश है।” सीएम योगी ने यह भी कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन ऐसे लोगों का उद्देश्य वही है – भारत की सामाजिक एकता और संस्कृति को नुकसान पहुंचाना। हालांकि, अब सरकार पूरी तरह सतर्क है और ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। सरकार की सख्त चेतावनी उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अवैध धर्मांतरण कराने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।  

सीएम योगी ने सावन के पहले दिन शिव आराधना की, रुद्राभिषेक कर मांगी जनता के लिए मंगलकामना

लखनऊ  सावन माह के पहले दिन मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार प्रातः काल रुद्राभिषेक व हवन किया। रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कर उन्होंने भगवान भोले शंकर से चराचर जगत के कल्याण और सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।  शुक्रवार प्रातः गोरखनाथ मंदिर के अपने आवास के प्रथम तल स्थित शक्तिपीठ में सीएम योगी ने भगवान भोलेनाथ को विल्व पत्र, दुर्वा, मदार पत्र, कमल पुष्प समेत अनेकानेक पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद जल, दूध और ऋतुफल के रस से रुद्राभिषेक किया। मठ के विद्वत आचार्यगण एवं पुरोहितगण ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक संपन्न कराया।  रुद्राभिषेक के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन किया। विधि विधान से पूर्ण हुए रुद्राभिषेक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 लोगों की समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा कि परेशान मत हों, आपकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक महिला इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज का इस्टीमेट मंगा लीजिए, सरकार भरपूर मदद करेगी।  मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।  

सीएम योगी ने कहा- भारत की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। उन्होंंने मात्र 33 वर्ष की उम्र में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वह एक प्रखर वक्ता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महान शिक्षाविद थे। सीएम योगी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित था। बंगाल के अकाल के दौरान उनकी सेवाओं को पूरा देश स्मरण करता है। उनका जीवन भारत की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा। डॉ. मुखर्जी ने आजादी के बाद पंडित नेहरू के नेतृत्व में बनी पहली सरकार में भारत के खाद्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में देश में खाद्य की आत्मनिर्भरता और औद्योगीकरण की नींव रखी थी, जो नए भारत में भी स्पष्ट देखने को मिलता है। उन्होंने नेहरू सरकार के तुष्टिकरण की नीति के विरोध में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। इतना ही नहीं भारतीय जनसंघ का गठन और उसके पहले अध्यक्ष होने के साथ जब भारत के संविधान में नेहरू सरकार ने कश्मीर को 370 धारा के माध्यम से अलग स्टेटस देने का प्रयास किया और परमिट सिस्टम जम्मू-कश्मीर के लिए लागू किया, उसके खिलाफ सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ही आवाज उठाई थी। उन्होंने उस समय एक देश में ‘दो प्रधान, दो विधान और दो निशान’ नहीं चलेंगे का नारा दिया था। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इन सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करके कश्मीर को भारत के संविधान के अनुरूप शेष भारत के साथ जोड़ते हुए ‘एक विधान एक प्रधान और एक निशान’ के साथ भारत की लोकतांत्रिक धारा के साथ जोड़ने का अभिनव प्रयास किया है। आज जम्मू कश्मीर तेजी के साथ विकास कर रहा है, जो श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के संकल्पों की विजय है। यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हो पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया भर में इन्वेस्टमेंट के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण की नींव को आजाद भारत में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने प्रारंभ किया था और आज उसका एक बहुत ही वृहद स्वरूप देश में देखने को मिल रहा है। इस सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया त्रस्त थी, उस दौरान भारत ने अपने यहां 80 करोड़ लोगों को फ्री में राशन की सुविधा का लाभ दिया, जो आज भी निरंतर चल रहा है। यह सभी संकल्प श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने वाला है।  

धार्मिक यात्राओं के लिए योगी सरकार की योजना, पात्र लोगों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

लखनऊ यूपी की योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। प्रदेश के धार्मिक स्थलों के लिए पहले ही खजाना खोला जा चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के अलावा तमाम हिंदू धर्मस्थलों को सजाया और संवारा जा रहा है। अब इसी क्रम में बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लेकर आई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सरकार दो तीर्थ यात्राएं शुरू करने जा रही है। तीर्थ यात्रियों को दस-दस हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया भी जाएगा। शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशष्टि तीर्थ यात्राओं हेतु 'बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना' और सिख श्रद्धालुओं के लिए 'पंच तख्त यात्रा योजना' प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वह अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पाँच पवित्र 'तख्त साहिब' स्थल की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में 'श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,' शामिल हैं। प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए। दोनो ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को और सशक्त करेंगी। प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी। इसके साथ ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी।  

CM योगी का बयान: तकनीक के सहारे आम बागवानी में रचा गया सफलता का इतिहास

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम, अवध विहार योजना, सेक्टर 9, में तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025’ का शुभारंभ किया। इस महोत्सव में देशभर के बागानों से चुनकर लाए गए 800 से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारे बागवानों ने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों के बावजूद तकनीक का उपयोग कर शानदार प्रदर्शन किया है। ढाई से तीन किलो के आमों की किस्में देखकर आश्चर्य होता है, जो न केवल स्वाद में बेजोड़ हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी उत्तर प्रदेश की शान बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आम महोत्सव न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। आम उत्पादन को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए लखनऊ, अमरोहा, सहारनपुर और वाराणसी में चार आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इन पैक हाउसों के माध्यम से आम की गुणवत्ता, वैरायटी और एक्सपोर्ट के मानकों की जानकारी किसानों को दी जाती है। आम महोत्सव न केवल आम उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देता है, बल्कि बागवानों में औद्यानिक फसलों, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजारों के प्रति विश्वास जगाने का भी माध्यम है। सीएम योगी ने आगे कहा कि डबल इंजन सरकार की डबल इंजन नीति ने औद्यानिक फसलों के निर्यात को कई गुना बढ़ाया है। इस महोत्सव के दौरान दो देशों के लिए आमों का एयर कार्गो रवाना किया गया, जिसमें सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी ने बागवानों को बेहतर दाम दिलाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और लखनऊ की दशहरी, वाराणसी का लंगड़ा, गोरखपुर का गवर्जीत, बस्ती का आम्रपाली, मेरठ और बागपत का रटोल जैसी किस्मों की जानकारी ली। उन्होंने बागवानों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और तकनीकी नवाचार ने उत्तर प्रदेश को औद्यानिक फसलों का केंद्र बनाया है। योगी सरकार ने बागवानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाजार की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिससे उनकी आय कई गुना बढ़ी है। सीएम योगी ने बताया कि एक समय उत्तर प्रदेश की जीडीपी में कृषि और औद्यानिक फसलों का योगदान 25-30 प्रतिशत था। आज सरकार की नीतियों ने इस क्षेत्र को और सशक्त किया है। अर्जुन सहायक, बांध सागर और सरयू नहर जैसी परियोजनाओं ने बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जल की समस्या का समाधान किया है। परिणामस्वरूप, जहां पहले एक या दो फसलें होती थीं, वहां अब किसान तीन फसलें ले रहे हैं। उन्होंने हरदोई, कानपुर और औरैया के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मक्का की खेती से किसान प्रति एकड़ 1 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया है। गन्ना, मक्का और औद्यानिक फसलों में नए बीज और तकनीकों का उपयोग किसानों की आय को बढ़ा रहा है। 2017 में जहां 5 करोड़ पौधों का रोपण एक चुनौती थी, वहीं अब 9 जुलाई 2025 को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 50 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश की प्रगति और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। महोत्सव में संगोष्ठियों, प्रगतिशील किसानों के अनुभव साझा करने और बायर्स-सेलर्स मीट का आयोजन किया जाएगा। सीएम योगी ने सुझाव दिया कि कमिश्नरी स्तर पर भी ऐसे आयोजन होने चाहिए, ताकि स्थानीय बागवान अपनी फसलों की प्रदर्शनी और बिक्री कर सकें। उन्होंने बागवानों से हल्दी, अदरक और अन्य औद्यानिक फसलों के साथ फूड प्रोसेसिंग को अपनाने का आह्वान किया, ताकि उनकी आय को और बढ़ाया जा सके। यह महोत्सव बागवानों, किसानों और उत्तर प्रदेश की प्रगति को वैश्विक मंच पर ले जाने का एक शानदार मंच साबित होगा।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की, समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता : योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। योगी ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की। ध्यान से सबकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निराकरण शीघ्रता और पारदर्शिता शीघ्रता से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए।  हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।