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सरकारी बस सेवा का विस्तार, सीधे जुड़ेंगे करोड़ों लोग हर इलाके से

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार एक नई परिवहन कंपनी  बनाने जा रही है। यह राज्य भर में चलने वाली सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। यह कंपनी प्रदेश में पहले बंद हो चुके सड़क परिवहन निगम से पूरी तरह अलग होगी। साथ ही, पूरी तरह आधुनिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से काम करेगी। कंपनी न केवल शहरों में सिटी ट्रांसपोर्ट का संचालन करेगी, बल्कि उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा और सागर में पहले से ही अलग-अलग सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियां कार्यरत हैं। भोपाल में बीसीएलएल (BCLL) और इंदौर में एआईसीटीएल (AICTSL) जैसे मॉडल को अब नई राज्य स्तरीय कंपनी के तहत लाया जाएगा। यह कंपनी इन सभी का संचालन करेगी।   गांवों तक पहुंचेंगी बसें इस कंपनी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब बस सेवाएं केवल शहरों या उनके आसपास के उपनगरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ये सेवाएं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी। अभी ग्रामीण बस सेवाओं के लिए कोई व्यवस्थित प्रणाली नहीं है, लेकिन नई कंपनी इन क्षेत्रों में भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करेगी। हर बस पर होगा कंपनी का नियंत्रण इस नई परिवहन कंपनी के पास राज्य में संचालित सभी प्राइवेट बसों के रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा। वर्तमान में बसों के परमिट सीधे आरटीओ के माध्यम से जारी किए जाते हैं, लेकिन अब ये परमिट राज्य स्तरीय कंपनी के नाम पर होंगे। इसके बाद कंपनी अपने नियमों और शर्तों के अनुसार ऑपरेटर को परमिट ट्रांसफर करेगी। मध्य प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी सरकारी बसें… नई परिवहन कंपनी की स्थापना: मध्य प्रदेश सरकार एक नई राज्य स्तरीय परिवहन कंपनी बनाएगी, जो राज्य में सभी प्राइवेट बसों के संचालन पर निगरानी रखेगी। ग्रामीण क्षेत्रों तक बस सेवाएं: यह कंपनी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवाएं उपलब्ध कराएगी। कंपनी का नियंत्रण: राज्य स्तरीय कंपनी के पास रूट, किराया, परमिट और सेवा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार होगा, और परमिट कंपनी के नाम पर जारी किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा: बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा, जिसमें अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। बिजली कंपनी जैसे ढांचे में काम: यह परिवहन कंपनी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। यात्रियों की सुरक्षा का रखेगी खयाल बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कंट्रोल विंग बनाया जाएगा। इसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुभवी इंजीनियर शामिल होंगे। यह टीम बसों की नियमित जांच, सेवा मानकों की निगरानी और शिकायतों के निवारण का कार्य करेगी। बिजली कंपनी की तरह होगा ढांचा नई परिवहन कंपनी का ढांचा भी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की तरह होगा, जो राज्य की सभी बिजली कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है। इसी तरह यह परिवहन कंपनी सभी ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की निगरानी और संचालन करेगी। गांव से शहर तक का सफर होगा आरामदायक मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य के परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल शहरी क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को बेहतर करेगी, बल्कि यह ग्रामीण इलाकों में भी एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की स्थापना करेगी। नई परिवहन कंपनी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती परिवहन सेवाएं मिल सकें।

शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती, ट्रंप की धमकियां और टैरिफ भी नहीं डिगा सके भरोसा

मुंबई डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी के टैरिफ को बुधवार को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया. इसका कोई बड़ा असर गुरुवार को शेयर बाजार में देखने को नहीं मिला. हालांकि, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर जरूर ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स जहां खुलते ही 250 अंक से ज्यादा टूटा और फिर अचानक रिकवरी मोड में नजर आने लगा, तो निफ्टी ने भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की. हालांकि, ट्रंप के टैरिफ का डर सिर्फ बाजार ही नहीं, बल्कि भारतीय करेंसी रुपया पर भी नहीं दिखा और ये डॉलर के मुकाबले तेजी के साथ ओपन हुआ. Rupee, अमेरिकी डॉलर की तुलना में 3 पैसे की बढ़त के साथ 87.69 पर ओपन हुआ. ट्रंप टैरिफ के डर से बेअसर बाजार ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ाने के बाद शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,543.99 की तुलना में 80,262 पर ओपन हुआ, लेकिन फिर तेज रिकवरी मोड में नजर आया और कुछ ही मिनटों में ट्रंप के टैरिफ डर को दरकिनार करते हुए 80,421 पर ट्रेड करने लगा. निफ्टी की भी चाल सेंसेक्स की तरह ही रही और ये भी 24574 के अपने पिछले बंद की तुलना में बेहद मामूली गिरावट के साथ 24,464 पर खुला और फिर अचानक 24,542 पर पहुंच गया. इसकी चाल देखकर ऐसा नहीं लगता कि Trump Tarifff का बाजार में कोई डर है. 1433 शेयर गिरावट में खुले शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर 751 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की थी, तो वहीं 1433 कंपनियों के स्टॉक्स ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 150 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबार में जिन शेयरों में तेज गिरावट आई, उनमें Kotak Mahindra Bank, Tata Steel, SBI, Coal India और Jio Financial शामिल रहे. इसके अलावा जो शेयर ट्रंप के टैरिफ के बावजूद उछाल मारते नजर आए, उनमें Hero MotoCorp, Cipla, Bajaj Finserv, Maruti Suzuki, JSW Steel शामिल थे. एक्सपर्ट भी सीमित असर का जता रहे थे अनुमान शेयर बाजार में एक्सपर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक ही 50% टैरिफ का मामूली असर देखने को मिल रहा है. बता दें कि ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि बाजार अब ट्रंप टैरिफ में उतार-चढ़ाव के असर को पूरी तरह से समझ चुका है और बाजार में यह गिरावट सीमित रहेगी, इसके पीछे की एक बड़ी वजह ये भी है कि भारतीय बाजारों में इससे भी खराब स्थिति का सामना भी किया है और इंडेक्स पहले से ही ओवरसोल्ड स्थिति में हैं. इन 10 शेयरों में तूफानी तेजी बाजार में शेयरों की चाल पर नजर डालें, तो टैरिफ के डर से बेअसर लार्जकैप कंपनियों में शामिल ITC, Titan, Trent जैसे शेयर ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Lupin Share (4.50%), Tornt Power Share (2%) और Coforge Share (1.95%) की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कंपनियों में Rain Share (10.25%), ITI Ltd Share (6.65%), Kirlosker Brothers Share (5.75%), Data Matics Share (5.52%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.

डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को आज देंगे रक्षाबंधन का शगुन रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को आज मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ रक्षाबंधन पर सीएम डॉ. यादव का उपहार, सभी लाड़ली बहनों को मिलेगा शगुन 1.26 करोड़ बहनों के खातों में करेंगे 1859 करोड़ का अंतरण 07 अगस्त को प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में आएंगे 1500 रूपये राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत् गुरूवार 07 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार 823 लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 859 करोड़ 1 लाख 32 हजार 350 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। इस बार लाड़ली बहनों को नियमित किश्त 1250 रूपये के अतिरिक्त रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रूपये भी दिये जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना को रक्षाबंधन के पूर्व 1500 रूपये मिलेंगे। लाड़ली बहना योजना वर्ष 2023 से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। योजना की पात्र महिलाएं (21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्याक्ता महिलाएं) को प्रतिमाह 1250 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक 6198.88 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है। 28 लाख से अधिक बहनों को 43.90 करोड़ रूपये की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं और गैर श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों और विशेष पिछड़ी जनजाति की आर्थिक सहायता योजना अंतर्गत पंजीकृत महिलाओं को गैस रिफिल की राशि भी प्रदाय करेंगे। योजना के तहत् मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेण्डर रिफिलिंग के लिये 43.90 करोड़ रूपये की सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में होने वाले रोड-शो में भी शामिल होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ‘कृष्णायन’ की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों की कृष्णायन" में प्रस्तुति सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्णायन में श्रीकृष्ण के जीवन की प्रेरक झलकियाँ, डॉ. यादव ने की सराहना "मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की 'कृष्णायन' की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण विधानसभा के मानसरोवर सभागार में कलाकारों ने दिखाए भगवान के जीवन के प्रसंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए "कृष्णायन" जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रभावशाली माध्यम हैं। इस प्रस्तुति में शामिल कलाकारों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश के ऐसे स्थानों जिनसे भगवान श्रीकृष्ण का संबंध है, उनके महत्व को भी ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुति से समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभाकक्ष में कृष्णायन की प्रस्तुति देखी। इसमें भगवान कृष्ण की जीवन की संपूर्ण कथा को सांगीतिक रूप से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रस्तुति के कलाकारों को एक लाख 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने जहां सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की वहीं अमझेरा में विवाह संबंध, नारायणा धाम से सुदामा के साथ मैत्री और जानापाव में सुदर्शन चक्र प्राप्त करने के प्रसंग जन रूचि के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "कृष्णायन" के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों की जानकारी वाद्य यंत्रों, ध्वनि, प्रकाश और आतिशबाजी के साथ रोचक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किये जाने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों को सम्मानित भी किया। मध्यप्रदेश बन सकता है, दूसरा वृंदावन: स्पीकर तोमर इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान कृष्ण का गहरा संबंध रहा है जिसे जन-जन तक पहुंचाया जाए तो मध्यप्रदेश दूसरा वृंदावन बन जाएगा। स्पीकर तोमर ने भजनों और गीतों के साथ की गई सुंदर प्रस्तुति के लिए समस्त कलाकारों को बधाई दी। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री गण, विधायक गण सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति कृष्णायन प्रस्तुति में निर्देशक और प्रमुख कलाकार मोहित शेवानी के साथ ही अभिषेक बरथरे, शुभम, अंतिका विश्वकर्मा, श्रीजा उपाध्याय, हिमांशु पवार, विजय गौर, स्वप्निल, अनानंद, करन, दिव्यांश, राहुल, दिव्या, धनीराम, पंकज और ओमी शामिल थे।  

चार साल बाद चीन जाएंगे पीएम मोदी, एससीओ समिट में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली  पीएम मोदी चीन दौरा 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन का दौरा करेंगे, जैसा कि बुधवार को बताया गया। शिखर सम्मेलन टियांजिन में आयोजित किया जाएगा, और यह दौरा 2019 के बाद मोदी की पहली चीन यात्रा है, और 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहली यात्रा है। यह उच्च-स्तरीय राजनयिक जुड़ाव दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक संभावित सुधार का संकेत देता है, जो पूर्वी लद्दाख में घातक सीमा गतिरोध के बाद से तनावपूर्ण बने हुए हैं।   पूर्व चीनी सैनिक वांग छी को भारत छोड़ने का मिला नोटिस, परिवार ने लगाई मदद की गुहार यह दौरा पूर्वी लद्दाख और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सीमा विवादों को लेकर भारत और चीन के बीच जारी तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। इस पर वैश्विक और क्षेत्रीय खिलाड़ी बारीकी से नजर रखे हुए हैं, खासकर क्योंकि दोनों एशियाई शक्तियां बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से जुड़ाव करते हुए तनावपूर्ण संबंधों को प्रबंधित करने की कोशिश कर रही हैं। बीजिंग में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में आठ सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे, जिनमें रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और ईरान शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में पूर्ण सदस्यता प्राप्त की है। मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात? पीएम मोदी का चीन दौरा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहली बार एक दुर्लभ व्यक्तिगत बैठक का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। जबकि दोनों नेता अन्य वैश्विक शिखर सम्मेलनों में एक-दूसरे से मिले हैं, तब से कोई औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन शिखर सम्मेलन के मौके पर पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत होने की संभावना है। भारत-चीन संबंध गलवान से धीरे-धीरे जुड़ाव तक मई 2020 के गलवान टकराव के बाद भारत-चीन संबंध बदतर हो गए हैं, जिसके दौरान 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे। चीन के भी सैनिक मारे गए, हालांकि संख्या का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। हिंसक टकराव दशकों में द्विपक्षीय संबंधों में सबसे निचले बिंदु को चिह्नित करता है। तब से, दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए सैन्य और राजनयिक वार्ता की है। पिछले कुछ महीनों में, तनाव कम होने के संकेत मिले हैं: • भारत और चीन के बीच सीधी हवाई संपर्क फिर से खोलना • भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय • वीजा में ढील देने और सीमा पार नदियों पर जानकारी साझा करने के प्रस्ताव • भारत ने हाल ही में चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा बहाल करने की घोषणा की। एससीओ शिखर सम्मेलन 2025 सामरिक महत्व टियांजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में सभी आठ सदस्य देशों – भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और ईरान के नेता शामिल होंगे, जो अभी पूर्ण सदस्य बना है। 2017 से सदस्य भारत ने इस मंच का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद, विशेष रूप से पाकिस्तान से, के मुद्दों को उठाने और संप्रभुता का सम्मान करते हुए क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए किया है, जो चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की स्पष्ट निंदा है। आगामी शिखर सम्मेलन भारत की रणनीतिक कूटनीति पर ध्यान केंद्रित करता है, एससीओ जैसे बहुपक्षीय संरचनाओं के साथ सक्रिय जुड़ाव रखते हुए, क्वाड (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका) जैसे अमेरिका के नेतृत्व वाले हिंद-प्रशांत समूहों के साथ संबंधों को मजबूत करता है। इसके बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर इस साल की शुरुआत में एससीओ रक्षा और विदेश मंत्रियों की बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। जयशंकर ने एक प्रारंभिक यात्रा पर बीजिंग में राष्ट्रपति शी से भी मुलाकात की, जिसमें संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए नेतृत्व के नेतृत्व वाले संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। शिखर सम्मेलन में प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है जैसे: • क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग • अफगानिस्तान में स्थिरता की बहाली • बहुपक्षीय व्यापार और ऊर्जा सहयोग • एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ना • यूरेशिया में संपर्क परियोजनाएं भारत के चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव, विशेष रूप से इसके पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) कॉरिडोर के विरोध को दोहराने की संभावना है, जिसमें संप्रभुता के मुद्दे उठाए गए हैं। पीएम मोदी का दौरा एक राजनयिक सफलता और चीन के साथ संबंधों को सामान्य करने के नए प्रयासों का संकेत देता है, भले ही भारत अपने रणनीतिक और क्षेत्रीय हितों की रक्षा करता रहे।

टूरिज्म बूस्ट! इंदौर-गोवा के बीच विंटर से शुरू होगी वीकली डायरेक्ट फ्लाइट

इंदौर इंदौर से गोवा जाने वाले यात्रियों को विंटर सीजन से सीधी उड़ान की सुविधा मिलने जा रही है। इंडिगो विमान कंपनी ने 26 अक्टूबर से सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान सप्ताह में एक दिन सिर्फ रविवार को संचालित होगी। इस उड़ान के शुरू होने के साथ ही गोवा जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। देशभर के एयरपोर्ट के साथ ही इंदौर एयरपोर्ट पर विंटर सीजन की शुरुआत 27 अक्टूबर से हो रही है। इसकी शुरुआत के साथ ही इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से विमान कंपनियों ने नई उड़ानों को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इंडिगों विमान कंपनी ने विंटर सीजन में जम्मू उड़ान के बाद अब गोवा के लिए 26 अक्टूबर से उड़ान शुरू करने की घोषणा की है।   वीकेंड पर गोवा जाने वाले यात्रियों को होगा फायदा यह उडा़न इंदौर से सुबह गोवा जाएगी और दोपहर में वापस आएगी। वीकेंड पर जाने वाले यात्रियों को इसका फायदा होगा। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि गोवा के लिए साप्ताहिक उड़ान शुरू होने से यात्रियों को फायदा होगा। अतिरिक्त उड़ान विकल्प मिलने से यात्री आसानी से यात्रा कर सकेंगे। यह उडा़न सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचाएगी, इससे चेकइन के लिए यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं गोवा से वापस आने वाले यात्रियों को भी सुबह 11 बजे उड़ान मिलने से फायदा होगा। तीन कैटेगरी में होगी बुकिंग इंडिगो विमान कंपनी द्वारा शुरू की जा रही साप्ताहिक उड़ान का फेयर साढ़े दस हजार रुपये के करीब आ रहा है। विमान कंपनी ने तीन कैटेगरी में बुकिंग शुरू की है। सेल फेयर, फ्लेक्सी प्लस फेयर और सुपर फेयर में यह बुकिंग की जा रही है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बुकिंग करवा सकेंगे। दोनों एयरपोर्ट के लिए उड़ाने संचालित वर्तमान में इंदौर से गोवा के दोनों एयरपोर्ट के लिए एक-एक उड़ाना संचालित हो रही है। यह उड़ाने नियमित संचालित होती है। इंडिगो कंपनी की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.30 बजे रवाना होती है और साउथ गोवा के डोबोलिम एयरपोर्ट जाती है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.20 बजे रवाना होती है और नार्थ गोवा के मनोहर पर्रिकर एयरपोर्ट जाती है। यह रहेगा शेड्यूल इंदौर से गोवा – फ्लाईट 6ई 314 इंदौर से सुबह 8.55 बजे रवाना होगी और सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचेगी। गोवा से इंदौर – फ्लाईट 6ई 6738 गोवा से सुबह 11.05 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.45 बजे इंदौर पहुंचेगी।

राखी पर सीएम मोहन यादव की सौगात, लाड़ली बहनों को 250 रुपये शगुन का ऐलान

भोपाल रक्षाबंधन पर मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। राखी पर सीएम डॉ. मोहन यादव बहनों को 250-250 रुपये का विशेष शगुन देंगे। यह शगुन लाड़ली बहना योजना के 1250 रुपये के अतिरिक्त होंगे। सीएम डॉ. यादव बहनों को यह राशि 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से दोपहर करीब 2:45 पर जारी करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को अपना मान-सम्मान मानती है। इसलिए वह उनके सल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव खुद इस बात को कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। गौरतलब है कि इस बार राखी पर लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से शगुन का उपहार मिलेगा। सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में इस बात पर विशेष जोर दिया था कि 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि यह शगुन रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार स्वरूप है। 250 रुपये की यह राशि हर महीने मिलने वाली 1250 रुपये से अतिरिक्त होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। इस तरह लगातार बढ़ती जाएगी राशि बता दें, मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से बढ़ोतरी होगी। साल 2028 तक महिलाओं को तीन हजार रुपये हर महीने मिलने लगेंगे। इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए सरकार हर महीने 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा उनके खातों में ट्रांसफर कर रही है। प्रदेश सरकार दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज पर सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपये से बढ़ाकर हर महीने 1500 रुपये देगी। पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे सीएम डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के ‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों, स्थानीय-नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध करवा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इरादों को साकार करने में अथक मेहनत कर रहे हैं। सीएम डॉ. यादव का कहना है कि जैसे मोदी सरकार लोकसभा-विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी तरह हमारी सरकार भी महिलाओं के रोजगार और उनकी आर्थिक तरक्की के लिए संकल्पित है।

पीएम सूर्य घर योजना का लाभ बढ़ाने सरकार का कदम, वेन्डर्स होंगे स्किल्ड

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में वेन्डर्स की क्षमता संवर्धन और सोलर रूफटॉप की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। प्रशिक्षण वसुधा फाउन्डेशन के सहयोग से आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश के 10 शहरों में अलग-अलग दिनांकों में प्रशिक्षण होंगे। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार 11 अगस्त को भोपाल, 13 को इंदौर, 18 को जबलपुर, 20 को ग्वालियर, 22 को सागर, 25 को उज्जैन, 27 को रीवा, 29 को मुरैना, एक सितम्बर को नर्मदापुरम और 4 सितम्बर को शहडोल में निर्धारित स्थानों पर प्रशिक्षण होगा। सभी जिलों के अक्षय ऊर्जा अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा

जन-जन को जोड़ें आजादी पर्व से आयोजन और प्रबंधन में कोई कमी न रहे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। यह अवसर हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और योगदान को स्मरण करने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह-2025 के आयोजन से जुड़ी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का सभी जिलों में होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाईव प्रसारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता के नाम संदेश का लाईव प्रसारण पूरा होने के बाद जिलास्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपने संबोधन में जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, विकास कार्यक्रमों, जिले में आए निवेश, कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में हुए विकास और अन्य उल्लेखनीय गतिविधियों के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरे हर्ष उल्लास, गरिमा और जन सहभागिता के साथ हो। विशेष रूप से युवा वर्ग में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समारोह में लोकतंत्र सेनानियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होकर देशभक्ति के संदेश का प्रसार करें। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्रीगण द्वारा राज्य एवं जिलास्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में गरिमा के अनुरूप नवाचारों के संबंध में सुझाव भी दिए गए। अधिकारियों द्वारा समारोह के सुचारु आयोजन के लिए की जा रही व्यापक तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी गई।  

बेटी के लिए 25 हजार, बेटे के लिए 20 हजार – जानें योगी सरकार की खास स्कीम और आवेदन का तरीका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जनकल्याणकारी पहल की है। यह पहल गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 25 हजार और बेटे के जन्म पर 20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। खास बात यह है कि इस योजना से दिव्यांग बालिकाओं को भी लाभ हो रहा। दिव्यांग बालिकाओं के जन्म पर सरकार 50 हजार की सावधि जमा भी कराती है। इस योजना ने हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत दी है। यदि आप या आपके जानने वाले इस योजना के पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें और इसका लाभ उठाएं। क्या है मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना? मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संतान के जन्म पर आर्थिक राहत देना है। यह योजना खासकर उन मजदूर परिवारों के लिए लाभकारी है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत रोजाना की मेहनत-मजदूरी है। योजना की मुख्य विशेषताएं बेटे के जन्म पर 20 हजार की सहायता राशि बेटी के जन्म पर 25 हजार की सहायता राशि दिव्यांग बालिका के लिए 50 हजार की सावधि जमा महिला श्रमिक को अस्पताल में प्रसव के बाद 3 महीने की न्यूनतम वेतन राशि और 1 हजार चिकित्सा बोनस बेटियों के लिए ज्यादा मदद क्यों? सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यही वजह है कि बेटे की तुलना में बेटी के जन्म पर 5 हजार अधिक रूपये दिए जाते हैं। यदि पहली या दूसरी संतान बेटी है, या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका है, तब भी 25 हजार की सावधि जमा का प्रावधान है। दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान यदि जन्म से कोई बालिका दिव्यांग है, तो सरकार उसकी आर्थिक मदद के लिए 50 हजार की सावधि जमा करती है। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर मिलती है।  योजना के लिए पात्रता शर्तें  श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण कार्य किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क: 20 रूपये वार्षिक अंशदान: 20 रूपये   योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़  आधार कार्ड पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन कैसे करें: निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन करें या www.upbocw.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें