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शिवभक्ति का महासैलाब: सीहोर से निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा, पुष्पवर्षा से होगा स्वागत

सीहोर  सावन मास के पावन अवसर पर सीहोर का कुबेरेश्वरधाम देश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा का साक्षी बनने जा रहा है। सीवन नदी से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक का संपूर्ण मार्ग 'बोल बम' के नारों और शिवभक्तों के जयघोष से गूंज उठा है। पं. प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा के दौरान इस बार विशेष आकर्षण के रूप में हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जाएगी। हर कदम पर सेवा, श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से स्वागत यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सेवा पंडाल लगाए गए हैं, जहां भक्तों को चाय, नाश्ता और पेयजल की सुविधा दी जा रही है। स्थानीय निवासी भी श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत कर रहे हैं। इस बार यात्रा में देशभर से दो दर्जन से अधिक हाई-टेक डीजे शामिल किए गए हैं। इनमें सीहोर का बाबा डीजे, झारखंड का सार्जन डीजे, उत्तर प्रदेश का रावण डीजे, दिल्ली का कसाना डीजे, महाराष्ट्र का प्रशांत डीजे और इंदौर का श्याम बैंड प्रमुख हैं। ये डीजे भक्ति संगीत और धमाकेदार धुनों से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर देंगे। भारत की सबसे बड़ी भोजनशाला से बंटेगी प्रसादी विठलेश सेवा समिति के व्यवस्थापक समीर शुक्ला ने बताया कि लाखों की संख्या में कांवड़िये देश के विभिन्न राज्यों से यहां पहुंच रहे हैं। इनके लिए देश की सबसे बड़ी भोजनशाला से प्रसादी वितरित की जाएगी। यह आयोजन शिवभक्ति के महाकुंभ का स्वरूप ले चुका है। विठलेश सेवा समिति के संयोजक मनोज दीक्षित ने कहा कि यह आयोजन कलियुग में शिव युग की वापसी जैसा प्रतीत हो रहा है। बीते 20-25 दिनों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु सीवन नदी से जल लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच चुके हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर चुके हैं। हर आयु वर्ग में उमंग, लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भगवान शंकर के भजन, ढोल-नगाड़ों, डमरू और डीजे की धुनें गूंज रही हैं। 6 अगस्त को सुबह 9 बजे मुख्य यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जिला कलेक्टर बालागुरु के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने सीवन नदी घाट और यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए होमगार्ड, मोटरबोट, फायर ब्रिगेड और सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।  

साइबर खतरे की सुनामी! भारत में रिकॉर्ड तोड़ हमले, इन राज्यों पर सबसे ज्यादा अटैक

नई दिल्ली डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर क्राइम के मामलों में बहुत तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है. गृह मंत्रालय ने संसद में पेश आंकड़ों से साफ कर दिया है कि साइबर अपराधों का ग्राफ आसमान छू रहा है. बीते चार सालों में ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और साइबर अटैक जैसे मामलों में 401 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साल 2021 में करीब 4.5 लाख साइबर क्राइम के केस दर्ज हुए थे. साल 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर 22 लाख से ज्यादा पहुंच गया. यानी साइबर क्राइम के मामलों में चार गुना से भी ज्यादा उछाल आया है. ये आंकड़ा यहीं नहीं रुका. साल 2025 के आधे साल खत्म होते-होते ही 30 जून तक 12 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो 2021 और 2022 के सालाना आंकड़ों को भी पीछे छोड़ चुके हैं. साइबर क्राइम के केस में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं. इस साल अब तक महाराष्ट्र में 1.6 लाख मामले दर्ज किए जा चुके हैं. उत्तर प्रदेश 1.4 लाख के साथ दूसरे और कर्नाटक 1 लाख के साथ तीसरे स्थान पर है. बीते तीन साल से यही तीनों राज्य साइबर क्राइम से सबसे ज्यादा जूझ रहे हैं. बीते चार वर्षों में गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है. गुजरात में 824 फीसदी, ओडिशा में 783 फीसदी और कर्नाटक में 763 फीसदी का इजाफा दर्ज हुआ है. बच्चों पर मंडराता सबसे बड़ा खतरा साइबर क्राइम के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं. गृह मंत्रालय के मुताबिक, साल 2018 से 2022 के बीच तीन हजार से ज्यादा चाइल्ड पोर्नोग्राफी के केस सामने आए हैं. से जुड़े रहे. 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ स्टॉकिंग के 500 केस सामने आए हैं. इन मामलों की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन क्राइम साल 2021 में 25 फीसदी बढ़े. 2022 में यह आंकड़ा 32.5 फीसदी तक पहुंच गया. शेयर हो रही थी चाइल्ड पोर्नोग्राफी इनमें सोशल मीडिया, चैट रूम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अपराध प्रमुख रहे. पिछले साल इंडिया टुडे की OSINT टीम ने ऐसे टेलीग्राम चैनलों का खुलासा किया था, जो बड़े पैमाने पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी शेयर कर रहे थे. इसके बाद टेलीग्राम को मजबूरन इन अकाउंट्स को हटाना पड़ा. भारत में हर मिनट 761 साइबर अटैक देश का सुरक्षा ढांचा भी लगातार साइबर हमलों की चपेट में है. डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में भारत में हर मिनट औसतन 761 साइबर अटैक के प्रयास हुए. इनमें सबसे ज्यादा हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और बैंकिंग सेक्टर पर साइबर अटैक हुए हैं. पहलगाम हमले के बाद साइबर अटैक साल 2025 में पहलगाम टेरर अटैक के बाद भारत में सबसे ज्यादा साइबर हमले हुए हैं. इस दौरान 15 लाख से ज्यादा साइबर अटैक हुए थे. इनमें सबसे ज्यादा निशाना देश के रक्षा, बिजली, दूरसंचार, वित्त और परिवहन जैसे अहम ढांचे बने. जांच एजेंसियों के मुताबिक ये हमले पाकिस्तान और उसके सहयोगी हैकिंग ग्रुप्स ने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिए. ये है डिजिटल क्राइम का नया चेहरा इन आंकड़ों से साफ है कि भारत अब साइबर अपराध के सबसे खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुका है. एक तरफ धोखाधड़ी और यौन शोषण जैसे अपराध आम लोगों को जकड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी हैकिंग नेटवर्क देश की रणनीतिक सुरक्षा पर निशाना साध रहे हैं.

बीजेपी फिलहाल नहीं करेगी अध्यक्ष का खुलासा, क्या VP चुनाव बना देरी की वजह?

नई दिल्ली नए बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव की चर्चा लंबे समय से चल रही है। वहीं पार्टी का संविधान कहता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तभी हो सकता है जब कम से कम 50 फीसदी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठन के चुनाव पूरे हो जाते हैं। बीच में ही उपराष्ट्रपति रहे जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद पार्टी का पूरा फोकस अब शिफ्ट हो गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही अब बीजेपी अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेगी। कब है उपराष्ट्रपति का चुनाव? पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मॉनसून सेशन शुरू होते ही अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से वह पदमुक्त होना चाहते हैं। वहीं चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान भी कर दिया है। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे और इसी दिन शाम तक परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा। यह भी तय माना जा रहा है कि विपक्ष इंडिया गठबंधन का कोई साझा उम्मीदवार उतार सकता है। 21 अगस्त नामांकन दाखिल करने का आखिरी तारीख है। ऐसे में विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के पास उम्मीदवार घोषित करने के लिए पर्याप्त समय है। नंबरगेम की बात करें तो लोकसभा और राज्यसभा में कुल 782 सांसद हैं। एनडीए के पास लोकसभा में 293 तो इंडिया गठबंधन के पास 232 सांसद हैं। वहीं राज्यसभा में एनडीए के पास 133 और इंडिया गठबंधन के पास 107 सांसद हैं। ऐसे में सदन में एनडीए का पलड़ा भारी है। बीजेपी चीफ के चुनाव में देरी के पीछे कारण मौजूदा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद ही खत्म हो रहा था हालांकि उनकी सफलताओं को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया। अब माना जा रहा है कि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान के लिए उपराष्ट्रपति चुनाव पूरे होने का इंतजार कर रही है। बिहार चुनाव से पहले बीजेपी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कर देना है। फिलहाल बीजेपी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए फ्लोर मैनेजमेंट में लगी हुई है। इस बार के चुनाव में लोकसभा में एनडीए के बहुमत का आंकड़ा कम हो गया था और राज्यसभा में । ऐसे में यह फाइट आसान नहीं माना जा सकती। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य, राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 सदस्य शामिल होते हैं। राज्यसभा में पांच और लोकसभा में एक सीट रिक्त है, जिससे निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 782 है और जीतने वाले उम्मीदवार को 391 मतों की आवश्यकता होगी, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें। लोकसभा की 543 सीट में से एक सीट, पश्चिम बंगाल में बशीरहाट रिक्त है, जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में पांच सीट खाली हैं। राज्यसभा में पांच खाली सीट में से चार जम्मू-कश्मीर से और एक पंजाब से है। लोकसभा में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 542 सदस्यों में से 293 का समर्थन प्राप्त है। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा (प्रभावी सदस्य संख्या 240) में 129 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, बशर्ते कि मनोनीत सदस्य राजग उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करें। सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।

हाथियों से बचाव के लिए तकनीक का सहारा, MP सरकार ने लॉन्च किया ‘गजरक्षक’ ऐप

उमरिया जंगली हाथियों से जंगलों के नजदीकी गांवों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश वन विभाग ने गजरक्षक एप तैयार कराया है। इसे लांच कर दिया गया है। एप बताएगा कि हाथियों की लोकेशन कहां है। इससे मानव-हाथी द्वंद्व टाला जा सकेगा। बाघ दिवस (29 जुलाई) पर जारी एप को ग्रामीणों के साथ ही विभागीय अमले के मोबाइल फोन में डाउनलोड कराया जा रहा है। एप से आम लोगों को भी हर पल हाथियों की लाइव लोकेशन के साथ ही नोटिफिकेशन मिलेंगे। इससे उस क्षेत्र के लोग सतर्क हो सकेंगे। बता दें कि नवंबर 2024 में मप्र में पहली बार दो जंगली हाथियों को रेडियो कालर पहनाई गई थी। ये हाथी दल में शामिल रहते हैं। वन विभाग का दल इनकी लाइव लोकेशन भेजेगा। ग्रामीणों पर हमले की हो चुकी हैं घटनाएं यह भी बता दें कि पिछले कुछ दिनों में गांवों और ग्रामीणों पर हमले की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। हाथियों के हमले में कई लोग जान गंवा चुके हैं। इससे लोगों में हाथियों के प्रति गुस्सा है। अक्टूबर 2024 में उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिनों के अंदर दस हाथियों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का मामला देशभर में सुर्खियों में रहा था। तब इस घटना को मानव-हाथी द्वंद्व का परिणाम कहा गया था। बाद में जांच में पता चला था कि हाथियों की मौत विषाक्त कोदो खाने से हुई थी। यही कारण है कि वन विभाग चाहता है कि द्वंद्व न हो। ग्रामीण और हाथी दोनों सुरक्षित रहें। इसके लिए अब एप का सहारा लिया जा रहा है। सात साल पहले झारखंड और छग से आया था 60 हाथियों का दल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अगस्त 2018 में झारखंड और छत्तीसगढ़ से आया 60 हाथियों का दल अब यहीं का हो गया है। दल के यहीं बसने से उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों के जंगली क्षेत्र से लगे गांवों में आए दिन इनकी दहशत की खबरें आती रहती हैं। खासकर कच्चे घरों में रहने वाले ग्रामीणों को हर समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जब हाथी घर के पास पहुंच जाते हैं तब इनकी मौजूदगी पता चलती है। हाथी दल अनाज खाने के साथ ही घरों को तोड़कर भी चले जाते हैं। अब एप में आए नोटिफिकेशन के मिलते ही खतरे का आकलन हो सकेगा और बचाव के उपाय किए जा सकेंगे। इससे मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति से बचा जा सकेगा। मप्र के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) सुभरंजन सेन का कहना है कि गजरक्षक एप न सिर्फ उन क्षेत्रों में रहने वालों की सुरक्षा के लिए है जहां जंगली हाथियों का ज्यादा प्रभाव है, बल्कि हाथी-मानव द्वंद्व में कमी लाने और हाथी-मानव सुरक्षा के लिए भी है। अब तक हुए यह प्रयास सोलर पावर फेंसिंग, सेंसर अलार्म, हाथी मित्र दलों का गठन, वॉट्सएप ग्रुप बनाकर मॉनीटरिंग, जागरूकता के लिए स्थानीय स्तर और राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएं की जा चुकी हैं।

कुंभ को देखते हुए उज्जैन के 5 स्टेशनों में बड़े बदलाव, कलेक्टर ने दिए निर्देश

उज्जैन  सिंहस्थ 2028 महाकुंभ के आयोजन को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। इसी क्रम में शनिवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उज्जैन सहित आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और रेलवे स्टेशन से मेला क्षेत्र तक आवागमन को सुगम बनाना रहा। निरीक्षण की शुरुआत उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन से की गई। इसके बाद कलेक्टर ने निरीक्षण यान के माध्यम से विक्रमनगर, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामण गणेश सहित अन्य स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने सभी स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों के लिए आगमन और निर्गमन के मार्ग अलग-अलग रखने और स्टेशनों से सीधे मेला क्षेत्र तक आवागमन के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। निरीक्षण के दौरान चिंतामण गणेश स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का विस्तार करने तथा चिंतामण से शनि मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर स्थित लेवल क्रॉसिंग पर नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाने पर चर्चा हुई। पिंगलेश्वर स्टेशन को दोनों ओर से जोड़ने के लिए 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड का निर्माण किया जाएगा। वहीं, वर्तमान में निर्माणाधीन अंडरपास के पास एक और अंडरपास बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। पंवासा फ्लैग स्टेशन को एनएचएआई मार्ग से जोड़ने के लिए स्टेशन तक सर्विस रोड बनवाई जाएगी। प्लेटफार्म क्रमांक 2 से मक्सी मार्ग तक सर्विस लेन का विस्तार भी किया जाएगा। नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का विस्तार करने के साथ यात्रियों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दोनों ओर एप्रोच रोड और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। वहीं मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ROB के दोनों ओर सर्विस रोड के निर्माण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, ईई पीडब्ल्यूडी गौतम अहिरवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। रेलवे विभाग से सिंहस्थ मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती हीना वी. केवलरामानी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) पीयूष पांडे, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक आलोक चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल रहे। सिंहस्थ कुम्भ को लेकर कलेक्टर सिंह के साथ जिला पंचायत सीईओ जयती सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, रेलवे विभाग से सिंहस्थ मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हीना वी. केवलरामानी और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर रोशन सिंह सभी अधिकारियों के साथ उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण यान से विक्रमनगर, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामण गणेश एवं अन्य स्टेशनों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने संभावना को देखते हुए सभी स्टेशन पर यात्रियों की क्षमता वाले होल्डिंग एरिया बनाने, यात्रियों की सुविधा के लिए एंट्री और एग्जिट मार्ग को अलग-अलग रखने तथा स्टेशन से सीधे मेला क्षेत्र तक सुगम अवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के कलेक्टर में ये निर्देश भी दिए     चिंतामण गणेश स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का विस्तार किए जाने साथ ही, चिंतामण से शनि मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित लेवल क्रॉसिंग पर एक नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाने।     पिंगलेश्वर स्टेशन को दोनों ओर से जोड़ने के लिए 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड।     निर्माणाधीन अंडरपास के पास एक और अंडरपास का निर्माण किया जाने।     पंवासा फ्लैग स्टेशन को NHAI मार्ग से जोड़ने के लिए स्टेशन तक सर्विस रोड का निर्माण।     प्लेटफार्म क्रमांक 2 से मक्सी मार्ग तक सर्विस लेन का विस्तार किए जाने हैं।     नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफार्म का विस्तार किए जाने हैं।     यात्रियों की सुविधा के लिए एंट्री और एग्जिट मार्ग अलग-अलग करने तथा दोनों ओर एप्रोच रोड और एक ROB भी बनाए जाने और मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ROB के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा की गई।  

3-4 अगस्त को एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को लोगों ने राहत की सांस ली। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में दोपहर के समय सूरज धूप खिली। लोगों को लंबे समय से जारी वर्षा से कुछ राहत मिली है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा, लेकिन मौसम विभाग की माने तो 3 और 4 अगस्त को मध्यप्रदेश में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान के मुताबिक, मानसून द्रोणिका फिलहाल एमपी के सीधी जिले से होकर गुजर रही है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश(Heavy Rain Alert) हो सकती है। लोकल वेदर सिस्टम की वजह से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश गिर सकती हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में सीधी, नरसिंहपुर और मलाजखंड में एक से दो सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ प्रदेश के ऊपर है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर थमा रहा। ग्वालियर, गुना, श्योपुर, दमोह, मंडला और उमरिया में हल्की बारिश हुई। भिंड के बाढ़ग्रस्त गांव से बीमार बुजुर्ग का रेस्क्यू बारिश के कारण भिंड जिले में शुक्रवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। सिंध और चंबल नदियां खतरे के निशान से 6 से 7 मीटर ऊपर बही। जिससे कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया। शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त मुसावली गांव से एक बीमार बुजुर्ग की सूचना मिलते ही NDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सालय पहुंचाया। बचाव कार्य के दौरान भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की टीमें तैनात कर दी हैं। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य कर रही हैं। 3 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अगस्त को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगड़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को ग्वालियर, दतिया और मुरैना में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट(Heavy Rain Alert) है जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और छतरपुर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बाकी बचे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर: मानसून के 2 माह में बारिश 32% कम मानसून के दो माह (जून-जुलाई) में इंदौर में 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जुलाई में शुरू के दो सप्ताह में लोकल सिस्टम सरि य नहीं होने से बादल कम बरसे। जिले में दो माह में 11 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 16 इंच था। 1 जून से 30 सितंबर तक जिले में बारिश का औसत 38 इंच है, लेकिन दो माह में औसत की 29% बारिश ही हुई। अब दो माह में 62% पानी बरसने पर ही औसत पूरा होगा। मौसम विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, अगस्त में बारिश के साथ दिन-रात के तापमान में जुलाई की अपेक्षा कमी रहेगी। ग्वालियरः बारिश में 18 लोगों की मौत, 800 कच्चे व पुराने घर गिरे ग्वालियर मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जनजीवन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, वहीं 30 पशुओं की भी मौत हुई और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। शंकरपुर में तेज आंधी की वजह से टीन शेड उड़ गया। इसकी चपेट में आकर चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत मकान ढह जाने से हुई है। पिछले सप्ताह कुछ जिलों में बाढ़ के हालात बने पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी, मुख्यमंत्री साय का संदेश – खुशहाल किसान, मजबूत छत्तीसगढ़

  प्रदेश के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में 553 करोड़ 34 लाख रुपये का हुआ अंतरण राज्य के अन्नदाताओं को अब तक पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत मिली 9 हजार 700 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के 2.34 लाख वन पट्टाधारी और 32,500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है योजना का लाभ   रायपुर सावन के पवित्र महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20500 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2019 से अब तक देशभर के किसानों को 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है और पीएम किसान निधि इसका सशक्त उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि कृषि विकास में पिछड़े जिलों के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है और इसके लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिंचाई योजनाओं पर भी सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन में वृद्धि हो। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ संचालित है, जो उन्हें संकट से उबारने का कार्य करती है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और 3 करोड़ के लक्ष्य में से आधा काम हमने पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ के सतत् कल्याण, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देकर उनके परिश्रम का सम्मान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। आज छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत दी जा रही है, जो उनकी आय को और सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के दस दिनों के भीतर ही 3716 करोड़ रुपये की 2 वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर हमने किसानों के भरोसे को और मजबूत किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ की शुरुआत हुई, जिसने खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले किसान भारी ब्याज दरों पर उधार लेकर खेती करते थे, लेकिन आज केसीसी (KCC) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी और आसान हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और हम बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को सिंचित और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों को भी सशक्त करने में जुटी है। ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 6 जिलों से प्रारंभ किया गया है, जिसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उसकी उचित कीमत मिलेगी। साय ने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न) जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरंतर किसानों को इस योजना के तहत राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव-गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं धरातल पर लाकर किसानों की बेहतरी के लिए कार्य किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 20वीं किश्त की राशि 553 करोड़ 34 लाख रुपये अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान और जय-अनुसंधान की परिकल्पना के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर खेती-किसानी को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद रूप से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक लाख से अधिक किसानों से मुलाकात कर खेती-किसानी के तरीकों और उनके फायदों की जानकारी दी। कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक प्रदान … Read more

राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर सीधा निशाना, 2024 में धांधली का लगाया आरोप, EC को बताया मरा हुआ

नई दिल्ली राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर जोरदार जुबानी हमला बोला है. राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के 'एनुअल लीगल कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में चुनाव आयोग का अस्तित्व नहीं रह गया है. उन्होंने कहा कि मैं हाल के इलेक्शन सिस्टम के बारे में बोल रहा हूं. मुझे हमेशा से शक था कि इसमें कुछ गड़बड़ है, 2014 से ही. मुझे गुजरात विधानसभा चुनाव में भी शक था. किसी एक पार्टी की लैंड स्लाइड विक्ट्री का ट्रेंड शक पैदा करता है. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी को राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात (लोकसभा चुनावों में) में एक भी सीट नहीं मिलती, ये मेरे लिए आश्चर्य की बात थी. जब भी हम बोलते थे तो लोग कहते थे, सबूत कहां है? फिर, महाराष्ट्र में कुछ हुआ. लोकसभा चुनाव में हम जीत गए और फिर चार महीने बाद, हम न सिर्फ हारे, बल्कि पूरी तरह से खत्म हो गए. तीन मजबूत पार्टियां अचानक गायब हो गईं.' देश में अब चुनाव आयोग है ही नहीं राहुल गांधी ने कहा, 'हमने चुनावी धांधलियों की गंभीरता से जांच शुरू की. हमें महाराष्ट्र में यह पता चला, लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाता सामने आते हैं. इनमें से ज्यादातर वोट भाजपा को जाते हैं… अब मैं बिना किसी संदेह के कहता हूं कि हमारे पास सबूत हैं. हमारे पास ऐसे सबूत हैं जो बताते हैं कि चुनाव आयोग है ही नहीं.' कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची की डिजिटल प्रति उपलब्ध नहीं कराता. इन दस्तावेजों को स्कैन नहीं किया जा सकता. चुनाव आयोग ऐसी प्रतियां क्यों उपलब्ध कराएगा जिन्हें स्कैन नहीं किया जा सकता? उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एक लोकसभा क्षेत्र में हमने मतदाता सूची की जांच की और पाया कि 6.5 लाख मतदाताओं में से 1.5 लाख मतदाता फर्जी थे. लोकसभा चुनावों में हुई थी धांधली राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'हम इसे साबित करने जा रहे हैं, हमारे पास अब डेटा है. लोकसभा चुनाव में धांधली हो सकती है और धांधली हुई भी थी. भारत में चुनाव आयोग मर चुका है. इसे साबित करने के लिए हमारे पास दस्तावेज हैं. अगर उन्हें 15-20 सीटें कम मिलतीं, तो वह (पीएम मोदी) प्रधानमंत्री नहीं बनते.' रिटायर चुनाव अधिकरियों को भी नहीं छोड़ेंगे: राहुल एक दिन पहले संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि मैं बड़ी गंभीरता के साथ कह रहा हूं कि चुनाव आयोग वोटों की चोरी कर रहा है और वह ऐसा बीजेपी के लिए कर रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में बैठकर जो भी लोग ये काम कर रहे हैं, वे देश के खिलाफ काम कर रहें हैं. ऊपर से लेकर नीचे तक कोई भी हो हम उसको छोड़ेंगे नहीं. ये राजद्रोह है. उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था, 'आप कहीं भी हो, रिटायर हो या कुछ भी हो, हम आपको ढूंढ निकालेंगे.' वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का दावा राहुल गांधी ने एक लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा, "हमने एक सीट की वोटर लिस्ट की जांच की। उसमें 6.5 लाख वोटर थे, जिनमें से 1.5 लाख फर्जी निकले।" उनका दावा है कि यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित योजना के तहत किया गया फर्जीवाड़ा है। कांग्रेस नेता ने पार्टी के विधि विभाग द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान यह टिप्पणी की। "अगर 15-20 सीटें कम होतीं, मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते" राहुल गांधी ने आगे कहा कि बीजेपी की बहुमत सरकार इसी गड़बड़ी के कारण बनी है। उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी को 15-20 सीटें कम मिलतीं, तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते।" राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, "भारत में चुनाव आयोग अब मर चुका है।" उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह संस्था स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही। "शक 2014 से था, अब सबूत मिल गए" राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें 2014 से ही चुनाव प्रणाली पर शक था, और गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान यह शक और गहराया। उन्होंने कहा, “राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलना, हैरान करने वाला था। जब भी हम बोले, लोग कहते थे सबूत कहां हैं?” महाराष्ट्र बना टर्निंग पॉइंट राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में उन्हें पहली बार ठोस सुराग मिले। उन्होंने कहा, "लोकसभा में हमने जीत हासिल की, लेकिन चार महीने बाद विधानसभा में हमारी बुरी हार हुई। जब हमने जांच की तो पाया कि लोकसभा और विधानसभा के बीच 1 करोड़ नए वोटर जुड़ गए, जिनमें से अधिकतर वोट बीजेपी को गए। अब मेरे पास कोई शक नहीं कि ये चुनाव गड़बड़ी से प्रभावित था।" राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब इन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर पूरे देश के सामने यह सच्चाई उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि वे इसे कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाएंगे। हम ऐसी धमकियों पर ध्यान नहीं देते: चुनाव आयोग चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा और चुनावों में धांधली के विस्फोटक आरोपों का तीखा खंडन करते हुए उनके दावों को निराधार और गैरजिम्मेदाराना बताया था. आयोग ने कहा कि जब हम राहुल गांधी को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए बुलाते हैं तो वह नहीं आते और अब हमारे कर्मचारियों को धमकाने लगे हैं. कांग्रेस नेता के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने कहा, 'हम हर दिन लगाए जा रहे ऐसे निराधार आरोपों को नजरअंदाज करते हैं और हर दिन दी जा रही धमकियों के बावजूद, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं. हमने अपने सभी चुनाव अधिकारियों से ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयानों पर ध्यान नहीं देने के लिए कहा है.'

चित्रकूट में नौकरानी की मौत का मामला गहराया, पूर्व कांग्रेस नेता की पत्नी पर संगीन आरोप

 सतना चित्रकूट में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के निवास पर काम करने वाली 24 साल की नौकरानी सुमन की आत्महत्या मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस केस में अहम खुलासे किए हैं। मृतका के प्रेमी अरविंद उर्फ रज्जू यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर शस्त्र अधिनियम के तहत लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। 29 जुलाई को नौकरानी सुमन ने पूर्व कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में पता चला कि यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर है और उसे घर में असुरक्षित तरीके से रखा गया था। इस लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद उर्फ रज्जू यादव दास हनुमान गोशाला में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। दोनों की नजदीकियां सब्जी दुकान के पास बैठने के दौरान बढ़ीं, जहां सुमन का परिवार दुकान लगाता था। जब सुमन की मां को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने उसकी शादी कटनी निवासी एक युवक से तय कर दी। इसके बाद सुमन और अरविंद के बीच तनाव गहराता गया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उसे दो बार मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए दबाव बनाया। 28 जुलाई को सुमन की मां ने अरविंद का दिया दूसरा मोबाइल भी जब्त कर लिया। इसके बाद घर में विवाद हुआ और सुमन पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव काफी बढ़ गया। मां की सख्ती, प्रेमी का दबाव और तय विवाह की उलझनों के बीच मानसिक तनाव में सुमन ने अगले दिन खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर चित्रकूट पुलिस ने अरविंद की भूमिका की पुष्टि की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 107 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने एक ओर प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी पर लापरवाही से शस्त्र रखने को लेकर मामला दर्ज कर अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान युवती सुमन और पूर्व विधायक के घर के कई सदस्यों के फिंगर प्रिंट की जांच कराई थी। गौर करने वाली बात यह कि मृतका की मां ने पुलिस से कहा था कि सुमन को दो माह पूर्व दिमागी बुखार आया था जिससे वह परेशान थी। 

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली बैठक खत्म, बस्तर विकास और कैबिनेट विस्तार पर हुआ मंथन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।