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प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में उम्रकैद की सजा, कोर्ट ने ठोका 5 लाख का जुर्माना

बेंगलुरु कर्नाटक की बेंगलुरु कोर्ट ने जेडीएस से निष्कासित पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के मामले में दोषी करार देने के बाद उम्रकैद की साल की सजा सुनाई है। एक दिन पहले बेंगलुरु की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को दोषी करार दिया था। जन प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित एक फार्महाउस में घरेलू नौकरानी से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौकरानी की उम्र 47 साल थी। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना के ऊपर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पिछले साल प्रज्वल रेवन्ना के सेक्स टेप की पेनड्राइव सुर्खियों में आई थी। इसके बाद उनके महिलाओं के साथ वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने अपनी घरेलू सहायिका के साथ रेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्‍वल रेवन्‍ना पर अदालत ने 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने प्रज्‍वल रेवन्‍ना को अधिकतम सजा सुनाई है. प्रज्‍वल रेवन्‍ना को 48 साल की महिला के यौन उत्‍पीड़न से जुड़े मामले में यह सजा सुनाई गई है. यह महिला घरेलू सहायिका थी. उनके खिलाफ यौन उत्‍पीड़न और इस कृत्य का वीडियो प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया था. हासन जिले के होलेनरसीपुरा में रेवन्ना परिवार के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली महिला ने आरोप लगाया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 2021 से उसके साथ बार-बार रेप किया. साथ ही इस दौरान रिकॉर्डिंग भी की और धमकी दी कि अगर उसने किसी को भी अपने किए के बारे में बताया तो वह वीडियो जारी कर देगा. पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी हासन से जेडीएस के सांसद रह चुके प्रज्वल रेवन्ना को पिछले सात 31 मई को अरेस्ट किया गया था। रेवन्ना की गिरफ्तारी बड़े पैमाने पर महिलाओं के साथ अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद हुई थी। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पीड़ित महिलाओं ने रेप के दर्ज कराए थे। रेवन्ना को बेंगलुरु की कोर्ट ने पहले मामले में सजा सुनाई है। कोर्ट में जब रेवन्ना को दोषी करार दिया गया तो परिवार की तरफ से कोई मौजूद नहीं रहा। प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। 2144 पेज की चार्जशीट कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने पिछले साल अगस्त में जांच के बाद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ 2144 पेज की बड़ी चार्जशीट दाखिल की थी। यह यौन उत्पीड़न और रेप के मामलों के लिए की गई थी। प्रवज्ल रेवन्ना ने घर में काम करने वाली महिलाओं का यौन शोषण किया था। प्रज्वल रेवन्ना के तमाम महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में 26 अप्रैल को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इस घटनाक्रम ने कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला दिया था। सियासी बवंडर के बीच जहां रेवन्ना विदेश चले गए थे। 31 मई को जर्मनी से लौटने पर उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अरेस्ट किया गया था। कैसे खुला मामला प्रज्वल रेवन्ना का पूरा कांड साल 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान खुला। 24 अप्रैल 2024 की सुबह हासन स्टेडियम के रनिंग ट्रैक पर सैकड़ों पैन ड्राइव मिले। जिसमें पूर्व सांसद से जुड़े 3 हजार सेक्स क्लिप थे। देखते ही देखते अश्लील वीडियो कर्नाटक सहित देश भर में वायरल होने लगे। रेवन्ना का ताल्लुक देश के बड़े सियासी परिवार से है। जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगोड़ा देश के प्रधानमंत्री रहे। चाचा कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। पिता राज्य में कद्दावर मंत्री रहे। रेवन्ना खुद हासन सीट से सांसद रहा। लिहाजा मामले ने तुरंत राजनीतिक तूल पकड़ लिया। लोकसभा चुनाव होने के कारण जनता दल सेक्युलर और उसकी सहयोगी पार्टी BJP पर कांग्रेस व अन्य दलों ने जमकर हमला बोला। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कर्नाटक पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद एक बाद एक करके 50 से अधिक युवतियां व महिलाएं सामने आई। उन्होंने रेवन्ना के दुराचार की बात देश के सामने रखी। रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। कर्नाटक पुलिस ने आरोपी रेवन्ना के खिलाफ 4 मामले दर्ज किए। रेप केस में नाम आने पर जर्मनी भाग गया रेवन्ना मामले का वीडियो सामने आने के बाद आरोपी प्रज्ज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार करने के लिए कर्नाटक पुलिस पर दवाब बढ़ने लगा। गिरफ्तारी के डर से प्रज्ज्वल जर्मनी भाग गया। 31 मई 2024 को वह भारत लौटा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कर्नाटक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हासन सीट से करना पड़ा हार का सामना यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद देवेगौड़ा परिवार की सियासी रसूख पर भी बट्टा लग गया। रेवन्ना हासन सीट से हार गया। कांग्रेस के श्रेयस पटेल ने जीत दर्ज की। साड़ी में मिला शुक्राणु, खुद के बनाए वीडियो से फंसा पीड़िता प्रज्ज्वल के यहां काम करती थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साल 2021 में प्रज्ज्वल ने दो बार उसका रेप किया। पूर्व सांसद के कृत्य की पुष्टि रेप पीड़िता के साड़ी से हुई। पीड़िता की साड़ी से प्रज्ज्वल का DNA मिला। पीड़िता ने कहा कि जब उसका वीडियो वायरल हुआ तो वह पुलिस के पास पहुंची। पीड़िता ने 28 अप्रैल 2024 को रेवन्ना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का रेप वाला वीडियो भी पुलिस के हाथ लगा। फॉरेंसिक की जांच में वीडियो फुटेज में दिख रहा व्यक्ति और रेवन्ना एक ही शख्स है। इसकी पुष्टि हुई। दोषी साबित होती फूट-फूटकर रोने लगा रेवन्ना बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने 1 अगस्त को जैसे ही प्रज्वल के दोषी होने का फैसला सुनाया, कर्नाटक के सबसे ताकतवर परिवार से आने वाला प्रज्वल फूट-फूटकर रोने लगा। पीड़िता की ओर से केस लड़ने वाले वकील अशोक नायक ने कहा कि विक्टिम का बयान बहुत मजबूत था। यह केस चार साल पुराना था। इसलिए भी आरोपी दोषी साबित करना जटिल था। नायक ने कहा कि सबूत और पीड़िता के गवाह के आधार पर कोर्ट ने रेवन्ना को दोषी पाया। भारत में रेप के मामले … Read more

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग, बस्तर और विकास एजेंडे पर मंथन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।  

किसानों को मिली राहत! पीएम मोदी ने ट्रांसफर की 20वीं किस्त, ऐसे करें स्टेटस चेक

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 2183.45 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. यह उनका काशी का 51वां दौरा होगा. वहीं इस दौरान वह पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत देश भर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. PM मोदी ने आज बनारस से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त को योग्य किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। इन सभी किसानों के खाते में 2000 रुपये भेज दिए गए हैं। बता दें, सरकार की तरफ से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आधार कार्ड के जरिए चेक कर सकते हैं बैलेंस पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सबसे पहले PM Kisan की वेबसाइट पर जाएं। उसके बाद वहां Beneficiaey Status पर क्लिक करें। अब आपका आधार नंबर और अकाउंट नंबर माना जाएगा। आप दोनों में से किसी एक को भर कर आगे बढ़ें। Get Data पर क्लिक करते ही लाभार्थी की सूची दिख जाएगी। साथ ही पेमेंट्स के डीटेल्स सामने आ जाएंगे। नहीं आया है पैसा तो क्या करें? जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सबसे पहले वो चेक कर लें कि उन्होंने ई-केवाईसी करवाई है या नहीं। अगर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले इसे पूरा करें। बता दें, सरकार की तरफ से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। हर साल मिलते हैं 6000 रुपये पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसकी पहली किस्त 2019 में ट्रांसफर की गई थी। उसके बाद से ही योग्य किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त एक साल में ट्रांसफर की जाती है। इन किसानों को हर साल सरकार की तरफ से 6000 रुपये मिलते हैं। कौन-कौन से किसान उठा सकते हैं इसका फायदा 1- भारतीय नागरिक होना चाहिए। 2- खेत होना चाहिए। 3- छोटे या फिर सीमांत किसान होने चाहिए। 4- 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने नहीं होने चाहिए। 5- इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हों। कैसे करें पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन 1- सबसे पहले https://pmkisan.gov.in 2- New Farmer Registration पर क्लिक करें। 3- अपना आधार नबंर और Captcha लिखें। 4- डीटेल्स भरने के बाद YES पर क्लिक करें। 5- पूरे फॉर्म को भरें उसके बाद Submit पर क्लिक करें। किसी भी सहायता या शिकायत के लिए पीएम किसान की हेल्प लाइन नंबर 155261 या फिर 011-243300606 पर फोन करें।

अगस्त-सितंबर में मेघ करेंगे जमकर बरसात, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार

नई दिल्ली मानसून की बारिश से देश के अधिकांश हिस्सों में हाहाकार मचा है। खासतौर पर हिमालयी राज्यों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। पिछले दिनों से जारी भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जगह-जगह रास्ते टूटने से अमरनाथ यात्रा 3 सितंबर तक रोक दी गई है। जम्मू-कश्मीर के साथ ही हिमाचल प्रदेश में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए हैं। कई मैदानी राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फिलहाल, कोई राहत भी नजर नहीं आ रही क्योंकि मौसम विभाग ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से लेकर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अगले सात दिन भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में आज भी बारिश की संभावना श्रीनगर में अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों ही मार्गों से अमरनाथ यात्रा दो दिन और स्थगित कर दी गई है। दोनों मार्गों पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से लगातार दूसरे दिन तीर्थयात्रियों की आवाजाही स्थगित रही। इस वर्ष अब तक 4.05 लाख से अधिक यात्री पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू संभाग में भी कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। धुंध के कारण कई दिनों से कटड़ा-सांझीछत हेलिकॉप्टर सेवा बाधित रही। भूस्खलन के कारण बुधवार रात उधमपुर में जखैनी से हाईवे को दूसरी लाइन पर घंटों डायवर्ट करके वाहनों को भेजना पड़ा। बसंतगढ़-रामनगर मार्ग पर मलबे के कारण तीसरे दिन भी आवाजाही बंद रही। शनिवार को भी केंद्र शासित प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। हिमाचल में 6 तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना जताई है। इस दौरान 2 और 3 अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मेघालय और 3 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और बिहार में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 6 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण राज्य में 283 मार्ग अभी भी बंद हैं। इनमें चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। लाहौल और स्पीति जिले में मशेरन नाला में बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग को बंद करना पड़ा है। राज्य आपका संचालन केंद्र ने बताया कि 314 बिजली ट्रांसफार्मर और 221 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। झारखंड में घर गिरा, बच्चे की मौत झारखंड के दुमका जिले में भारी बारिश के कारण शुक्रवार सुबह एक घर के गिर जाने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई और उसकी 14 वर्षीय बहन घायल हो गई। यह घटना हंसडीह थाने के बामनखेटा गांव में हुई। स्थानीय लोगों ने बच्चों को मलबे से निकाला। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसकी बहन को इलाज के लिए देवघर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   राजस्थान के धौलपुर में मिनी ट्रक बहा राजस्थान के कई जिलों में भी पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे नदी-नाले उफान पर हैं। शुक्रवार को धौलपुर जिले में उफनती पार्वती नदी में एक मिनी ट्रक बह गया। इसमें उसके ड्राइवर और खलासी के मारे जाने की आशंका है। अभी तक दोनों लापता हैं और उनकी तलाश चल रही है। खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी इलाके में बाइक सवार एक युवक की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। एहतियात के तौर पर नागौर जिले में प्रशासन ने लूनी नदी के जसनगर पुलिया पर लगभग छह इंच पानी भर जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-458 को बंद कर दिया है। भारी बारिश के कारण 16 जिलों में शुक्रवार को स्कूल भी बंद रहे।   दक्षिण-पश्चिम मानसून का दूसरा चरण होगा सक्रिय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी अगस्त और सितंबर माह के लिए राहतभरी भविष्यवाणी की है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून का दूसरा चरण देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा लेकर आएगा। हालांकि पूर्वोत्तर और कुछ अन्य क्षेत्रों में कम बारिश की आशंका भी जताई गई है। प्रशांत और हिंद महासागर में समुद्री परिस्थितियों का अध्ययन इस पूर्वानुमान का आधार है। अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक वर्षा 31 जुलाई को जारी आईएमडी के मासिक पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। विभाग ने इस बारिश को लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 106% से अधिक बताया है। यानी यह सामान्य वर्षा से भी बेहतर हो सकती है। हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का अनुमान है, लेकिन पूर्वोत्तर भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीपीय इलाकों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों 2021से 2025 में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में लगातार सामान्य से कम बारिश हुई हैऔर इस क्षेत्र में वर्षा में गिरावट का दीर्घकालिक रुझान देखा जा रहा है। अगस्त-सितंबर की वर्षा का औसत और संभावित वितरण 1971 से 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर अगस्त-सितंबर में औसतन 422.8 मिमी वर्षा होती है।आईएमडी का अनुमान है कि अगस्त 2025 के दौरान बारिश एलपीए के 94% से 106% के बीच रह सकती है। हालांकि पूर्वोत्तर, पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी भारत और पश्चिमी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान है।  

आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी

भारत सरकार ने उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो सेटअप की दी मंजूरी उज्जैन को मिली नई सौगात: आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप को भारत सरकार की मंजूरी आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो निर्माण को केंद्र की मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री का स्वीकृति पत्र सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना भारत सरकार का आभार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार की शाम केन्द्रीय सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर उज्जैन में आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप स्थापित करने का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस स्वीकृति के लिए भारत सरकार का आभार मानते हुए कहा कि मालवा क्षेत्र की समृद्ध कला और सांस्कृतिक परम्पराएं हैं। आज के सूचना युग में अन्य जन माध्यमों के साथ प्रसारण माध्यमों का विशेष महत्व है। आकाशवाणी की अपनी प्रामाणिकता है। इस नाते मालवा अंचल में इंदौर के साथ ही उज्जैन एक महत्वपूर्ण केंद्र है जहां आकाशवाणी के स्टूडियो सेटअप की आवश्यकता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने गत 8 जुलाई को केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरूगन से भेंट की थी। भारत सरकार से उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र एवं स्टूडियो सेटअप का आग्रह किया गया था। भारत सरकार द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने तक आकाशवाणी इंदौर से सप्ताह में छह दिन अल्पकालिक प्रसारण की व्यवस्था की गई है। सुदूर अंचलों तक पहुंचेंगी जनहितैषी निर्णयों की सूचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत जहां अन्य प्रकार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं, वहीं ऑफीशियल मीडिया के विस्तार की दिशा में उज्जैन में आकाशवाणी सेटअप स्वीकृत किए जाने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन एवं मालवा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी सर्वसुविधायुक्त रेडिया स्टेशन की आवश्यकता थी। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए यह विशेष आउटरीच सपोर्ट होगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार ओर सामुदायिक रेडियो नेटवर्क का विस्तार उपयोगी सिद्ध होगा। जनहितैषी निर्णयों की सूचनाओं को सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने में विशेष सहायता मिलेगी। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत प्रसार भारती ने मध्यप्रदेश में उज्जैन को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्ताव को बिना विलंब के स्वीकृति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती ने पूरे भारत में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रसारण सेवाएं बढ़ाने की पहल की है। आकाशवाणी के लोकप्रिय चैनल अब स्मार्टफोन, टैबलेट और पर्सनल कम्प्यूटर पर गुणवत्तापूर्ण आडियो के साथ सुने जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय सूचना प्रसारण सचिव की भेंट के अवसर पर जनसम्पर्क आयुक्त और सचिव डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।  

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन, श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सबके दिलों में हमेशा बनें रहेंगे गोस्वामी तुलसीदास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में समाई है पूरी भारतीय संस्कृति प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे हैं गुरू गोविंद देव गिरि महाराज को मिला पं. रामकिंकर राष्ट्रीय सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम संग्रहालय निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की मानस भवन में हुआ तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गोस्वामी तुलसीदास का 528वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस देश का पुरातन महाकाव्य है। आज हम सब जिन समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्पराओं में पोषित और पल्लवित हो रहे हैं, उसकी नीव सदियों पहले गोस्वामी तुलसीदास ने रख दी थी। रामचरित मानस के जरिए देश को एक ऐसी काव्यधारा मिली है, जो जन-जन को धर्म, नीति, जीवन मूल्य और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोस्वामी तुलसीदास की अमर कृति रामचरित मानस को भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति को समृद्ध बनाने में उनका योगदान अमिट और चिर-स्मरणीय रहेगा। वे भारतीयों के हृदय में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी वाणी आज भी हमारे जीवन को दिशा देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से तुलसी साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास की संस्कृति को अपनाया है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में पूरी भारतीय संस्कृति समाई हुई है, इसलिए हम भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बताए जीवन मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। सरकार प्रदेश में श्रीराम वनगमन पथ विकसित करने के अलावा मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान के तत्वावधान में आयोजित तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को पंडित रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया। अलंकरण के रूप में गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को अंगवस्त्र, सम्मान पट्टिका एवं दोलाख रुपए सम्मान राशि दी गई। गोविंद देव महाराज प्रख्यात चिंतक हैं और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के न्यासी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में राम संग्रहालय बनाने के लिए तुलसी मानस प्रतिष्ठान को 5 करोड रुपए की विकास राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम में पंडित रामकिंकर उपाध्याय की शिष्या एवं मानस पुत्री सुमंदाकनी दीदी, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित बड़ी संख्या में तुलसी साहित्यप्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण हमारा राष्ट्रग्रंथ है। गोस्वामी तुलसीदास के संकल्प से ही आज घर-घर में रामायण पहुंची है। प्रदेश सरकार रामराज्य स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वर्ष 2024 में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला विराजमान हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर के लोकार्पण और भूमि-पूजन में शामिल हुए। पहलगाम में जब बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया तो भारत सरकार की कार्रवाई में श्रीराम की दिव्य शक्ति दिखाई देती है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में ही पूरी भारतीय संस्कृति समाई है इसलिए उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को रामायण और गीता से जोड़ा। सरकार ने प्रदेश के हर नगरीय निकाय में सर्वसुविधायुक्त गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ के साथ श्रीकृष्ण पाथेय पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम राजधानी भोपाल में राजाभोज और विक्रमादित्य द्वार के नाम से दो प्रवेश द्वारों का निर्माण करा रहे हैं। गुरु गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि भारत ने संपूर्ण विश्व को संस्कृति प्रदान की है। प्राचीन संस्कृति का पूरा दर्शन भगवान श्रीराम के जीवन में दिखाई देता है। हमारी परंपरा में 10 मूल्यों को धर्म कहा गया है। ये सभी मूल्य श्रीराम में नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विरासत के साथ विकास का संकल्प लिया है। विदेशी आक्रांताओं ने देश में सदियों तक शासन किया, लेकिन फिर भी हम अपनी संस्कृति के साथ खड़े हुए हैं। उनके द्वारा तोड़े गए श्रीराम मंदिर का पुनर्निमाण हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण, शासकीय विद्यालयों और कारागारों में गीता पढ़ाने की अनुमति प्रदान की है। यह अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश सरकार का अभिनंदन कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। पंडित राम किंकर उपाध्याय की शिष्या सुमंदाकिनी दीदी ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार सनातन संस्कृति को समृद्ध करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उज्जैन के महाकालेश्वर से लेकर ओरछा के रामराजा मंदिर को विकसित किया गया है। आज पाश्चात्य संस्कृति की आंधी में हमारा समाज वैदिक संस्कृति से कट गया है। आज संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता है। पंडित राम किंकर उपाध्याय ने राष्ट्र मंगल के लिए देशभर में रामकथाएं की। महाराज की विचारधारा से मानस भवन के मंच से लगभग 50 साल से श्रीराम कथा वाचन एवं प्रवचन चल रहा है। उन्होंने इस तरह के संस्कृति संरक्षण से जुड़े आयोजनों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की मुक्तकंठ से सराहना की। प्रमुख सचिव, संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि पद्मभूषण से सम्मानित युगतुलसी रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का यह दूसरा वर्ष है। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किए गए गुरु गोविंद देव गिरि महाराज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन्होंने मात्र 8 वर्ष की छोटी उम्र से ही रामायण, श्रीमद् भगवत् गीता और महाभारत की कथाएं करना आरंभ कर दिया था। तुलसी साहित्य की बड़ी प्रखरता … Read more

दहशत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: कुलगाम में मुठभेड़, आतंकी मारा गया

जम्मू जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। सुरक्षा बलों ने अब तक एक आतंकवादी को मार गिराया है। जबकि बचे हुए आतंकियों की तलाश की जा रही है। चिनार कॉर्प्स भारतीय सेना ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि सुरक्षा बलों ने अब तक एक आतंकवादी को मार गिराया है। ऑपरेशन जारी है। जानकारी के अनुसार, देर शाम को जिले के देवसर के अखल वन इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। सेना, पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ के जवानों ने वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। छिपे आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। दोनों ओर से थोड़ी देर तक फायरिंग हुई, लेकिन आतंकी अंधेरे की आड़ में जंगल में भाग निकले। आतंकियों ने रात में घेरा और सख्त कर दिया। शनिवार को सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराने में सफलता हासिल की। बता दें कि यह घाटी में पिछले पांच दिनों में दूसरा ऑपरेशन है। इससे पूर्व श्रीनगर के दाछीगाम में एक ऑपरेशन के दौरान लश्कर के कमांडर सहित तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

रोजगार के 1165 नए अवसर होंगे उपलब्ध, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित करेंगे आशय पत्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 अगस्त शनिवार को सीहोर स्थित औद्योगिक क्षेत्र बड़ियाखेड़ी में लगभग 1406 करोड़ रूपये निवेश करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित करेंगे। जिससे यहां लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा। इन औद्योगिक इकाइयों से सीहोर जिले में 1165 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 4 औद्योगिक इकाइयों का होगा भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। इन इकाइयों में सीहोर जिले में लगभग 1406 करोड़ रूपये का निवेश होगा और 854 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिन ऑैद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन होगा उनमें वान्यावेदा ग्रीन्स जो (झिलेला) सीहोर में 20.020 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 115 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार बारमॉल्ट माल्टिंग इंडिया प्रा.लि. (बड़ियाखेड़ी फेस.2) 10.250 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 400 करोड़ रुपए के निवेश से देश की सबसे बड़ी माल्ट निर्माता कंपनी की इकाई स्थापित होगी, जिससे 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लि. (जहांगीरपुरा) सीहोर में 18.260 हेक्टेयर में 888 करोड़ रुपए के निवेश से एशिया की सबसे बड़ी ट्रांसफार्मर इकाई स्थापित होगी, जिसमें 394 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कृष्णा इंडस्ट्रीज (बड़ियाखेड़ी) सीहोर 0.476 हेक्टेयर में 3 करोड़ रुपए के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित होंगे आशय पत्र मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर में 6 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र वितरित करेंगे, जिनमें आरटीडीबी इंडस्ट्रीज, स्वाति सोनी, संजय कुमार, अमित मूंदड़ा, प्रकाश पैकेजिंग और आरना वेंचर्स शामिल हैं। इन इकाइयों द्वारा सीहोर जिले में लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा और 311 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

अब 1500 रुपए प्रतिमाह! जानें कब आएगी लाडली बहनों की अगली किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर बहनों को शगुन के रूप में 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के बाद से लाडली बहना योजना की राशि को स्थायी रूप से 1500 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की 1.31 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों को मिलेगा. कब आएगी 27वीं किस्त  लाडली बहना योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 1,250 रुपए दिए जा रहे थे. अब इसे 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार इस बार संभावना है कि 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच लाडली बहनों के खाते में 27वीं किस्त ट्रांसफर हो सकती है. सीएम ने कहा कि दीपावली के बाद से लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से फैक्ट्री में कार्य करने पर सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. रक्षाबंधन से पहले खाते में आएंगे कितने पैसे 9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अगस्त में 1500 रुपये एक साथ नहीं आएंगे। 9 अगस्त से पहले एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में 250 रुपये का शगुन ट्रांसफर किए जा सकते हैं। फिर 10 तारीख के बाद लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। एक साथ 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। मतलब दो किस्तों में खाते में पैसा आएगा। पिछले महीने 12 जुलाई को ही खाते में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त का पैसा आएगा। 9 अगस्त से पहले 1500 क्यों नहीं अगर आपके मन में भी सवाल है कि 9 अगस्त से पहले 1500 रुपये क्यों खाते में नहीं आएंगे तो हम आपको बता दें कि लाडली बहना योजना के लिए सरकार को हर महीने 1550 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल करती है। आमतौर पर यह पैसा 10 तारीख के बाद ही आता है, इसी वजह से लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख 10 से आगे बढ़ा दी गई है। कैसे चेक करें भुगतान की स्थिति आपके खाते में पैसा आया या नहीं, इसे आप लाडली बहना योजना की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, इसे enter करने के बाद ही आपको आपके खाते की स्थिति का पता चल जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने की थी तोहफे की शुरुआत पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। ये योजना इतनी मशहूर हुई की देश के ज्यादातर राज्य इसे शुरू कर चुनावी दंगल में हाथ आजमाना चाहते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भाजपा की बंपर जीत का कारण इसी योजना को माना जाता है। भाजपा की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तब और बढ़ गया जब शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि अब रक्षाबंधन साल में एक बार लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि किस्त की राशि के साथ लाडली बहनों के खातों में जमा की जाएगी। लाड़ली बहना योजना पर एक नजर कहां से हुआ शुभारंभ शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मासिक आर्थिक सहायता शुरुआत- 1000 रुपए 2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए अब घोषणा- दिवाली 2025 से बढ़ेंगे 250 रुपए, 1500 रुपए होगी हर माह की किस्त, वहीं 2028 तक खाते में 3000 रुपए जमा करने का वादा रक्षाबंधन पर का तोहफा- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन (Rakshabandhan Bonus), पिछले साल भी मिला था तोहफा, इस तोहफे की शुरुआत भी शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में ही की थी। लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन? उम्र- 21-60 साल स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए। परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। कब आती है लाड़ली बहना योजना की किस्त? लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है। कुल लाभार्थी महिलाएं, कितना है सरकार का बजट वर्तमान में1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार को 22,000 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते हैं। लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन (फिलहाल बंद) लाडली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में बंद है। अगस्त 2023 के बाद से अब तक नए पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं। पहले आवेदन MP Online, समग्र पोर्टल और ग्राम पंचायत/वार्ड कैंप के माध्यम से किए गए थे। कांग्रेस को मिला भाजपा को घेरने का मौका बता दें कि भाजपा की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना कांग्रेस के लिए ऐसा मोहरा बनी हुई है, जिसे लेकर एमपी की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कई बार मोर्चा खोल चुकी है। चाहे विधान सभा सत्र हों या फिर सामान्य दिन, अक्सर भाजपा को घेरने का मौका तलाश रही कांग्रेस बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को सरकार कब तक 3000 रुपए देगी? कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हों या फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कई बार भाजपा सरकार के वादे पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं कई बार राजनीतिक गलियारों में ये खबरें भी सुर्खियों में रहीं कि लाडली बहना योजना बंद होने वाली … Read more

साध्वी ऋतंभरा के बयान से भड़का विवाद: महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों ने जन आक्रोश बढ़ाया

हरिद्वार भारत में धर्मगुरुओं के महिलाओं और लड़कियों को लेकर विवादित बयानों का दौर लगातार जारी है। हाल ही में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और प्रेमानंद जी महाराज के बाद अब साध्वी ऋतंभरा ने भी इस सूची में अपना नाम जोड़ा है। साध्वी ऋतंभरा ने हिंदू लड़कियों के रील्स बनाने और उनकी आधुनिक जीवनशैली पर कड़ी टिप्पणी की है जिससे विवाद फिर से उभर कर सामने आया है। साध्वी ऋतंभरा के विवादित बयान साध्वी ऋतंभरा, जिन्हें 'दीदी मां' के नाम से जाना जाता है, ने अपने एक प्रवचन में कहा कि "हिंदू लड़कियों को देखकर शर्म आती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कियां गंदे ठुमके लगाकर और गंदे गाने गाकर पैसे कमाती हैं। उनका कहना था कि इनके पति और पिता भी पैसों के कारण कुछ नहीं कहते। साध्वी ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर घर में गंदी कमाई आती है तो पूर्वज तड़पने लग जाते हैं।" यह बयान मार्च महीने का है लेकिन हाल ही में अन्य धर्मगुरुओं के विवादित बयानों के कारण यह फिर से चर्चा में आ गया है। साध्वी ऋतंभरा ने खासकर सोशल मीडिया पर लड़कियों और महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले रील्स पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि रील्स में ठुमके लगाना, गंदे गाने बजाना और कम कपड़े पहनना आम बात हो गई है। साध्वी ने महिलाओं से अपील की कि वे मर्यादित जीवन जीएं और अपनी जीवनशैली सुधारें। साध्वी ऋतंभरा राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं और वर्तमान में ‘वात्सल्य ग्राम’ नामक आश्रम चलाती हैं जहां अनाथ बच्चों और विधवा या परित्यक्त महिलाओं को आश्रय दिया जाता है। प्रेमानंद महाराज के विवादित बयान साध्वी ऋतंभरा से पहले वृंदावन के प्रेमानंद महाराज भी महिलाओं और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि आजकल की 100 लड़कियों में से मुश्किल से दो-चार ही पवित्र होती हैं, बाकी सभी बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो युवक या युवती कई लोगों के साथ संबंध बनाते हैं, वे बाद में अपने पति या पत्नी से संतुष्ट नहीं रह पाते क्योंकि उन्हें व्यभिचार की आदत लग जाती है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अनिरुद्धाचार्य का भी विवादित बयान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी कुछ समय पहले कहा था कि लड़कियों की शादी 25 साल से पहले हो जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा न होने पर लड़कियों के 4-5 बॉयफ्रेंड बन जाते हैं, जो उनके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। अनिरुद्धाचार्य ने सोशल मीडिया और आधुनिक जीवनशैली को लड़कियों के जीवन में अस्थिरता का कारण बताया और माता-पिता से कहा कि वे समय रहते बेटियों की शादी तय करें। इन धर्मगुरुओं के बयानों ने महिलाओं की भूमिका, आधुनिक जीवनशैली और नैतिक मूल्यों पर समाज में गहरी बहस छेड़ दी है। कई लोग इन बयानों को महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और पिछड़ेपन भरा मानते हैं, तो कुछ लोग इसे समाज में पारंपरिक मूल्यों की रक्षा के रूप में देखते हैं।