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बीएसएल समिट में CM मोहन यादव का उद्योगपतियों को संदेश: निवेश करें, एमपी बनेगा टेक्सटाइल हब

भोपाल  देश की राजधानी दिल्ली में बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 का आयोजन हुआ. इस खास कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की और उद्योग जगत से जुड़े नामचीन हस्तियों से सीधे संवाद किया. इस दौरान सीएम ने उद्योगपतियों से कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हर उस मदद के लिए तैयार है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिले. उन्होंने साफ शब्दों में कहा- 'आप बताइए, हम पूरा करेंगे.' 'भारत बदल रहा है, मध्य प्रदेश भी बदल रहा है' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज का भारत नवाचार और विकास का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न केवल देश, बल्कि राज्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था, तब भारत की अर्थव्यवस्था 15वें नंबर पर थी. आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं. महिलाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को मिलेगी मदद सीएम यादव ने रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि यदि कोई उद्योग महिला वर्कर्स को रोजगार देता है, तो सरकार प्रति महिला वर्कर 6,000 रुपये तक की सहायता देने को तैयार है. यह सहायता 10 साल तक दी जाएगी. टेक्सटाइल हब बनेगा मध्य प्रदेश- मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट में टेक्सटाइल-गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा की. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अब केवल कपास उत्पादक राज्य नहीं रह गया है, बल्कि "खेत से कपड़े तक" की पूरी वैल्यू चेन विकसित कर रहा है. हमारा लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को देश का टेक्सटाइल हब बनाया जाए. सीएम ने बताया कि मध्य प्रदेश जैविक कपास उत्पादन में अग्रणी है और यहां GOTS सर्टिफाइड कृषक समूह सक्रिय हैं. इसका फायदा टेक्सटाइल कंपनियों को सीधे मिलेगा. उन्होंने कहा कि 'मेक इन एमपी' और 'मेड इन एमपी' जैसे विजन को साकार करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उद्योग शुरू करने के लिए 29 तरह की अनुमतियां लगती थीं, लेकिन अब इसे घटाकर 10 कर दिया गया है. साथ ही, सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए ऑनलाइन मंजूरी और समयबद्ध अनुमति की व्यवस्था कर दी गई है. अब 30 दिन के अंदर उद्योग शुरू करने की गारंटी दी जा रही है. ईको फ्रेंडली फैक्ट्रियों पर फोकस सीएम यादव ने कहा कि सरकार केवल फैक्ट्रियों की बात नहीं कर रही, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल फैक्ट्रियों को बढ़ावा दे रही है. जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, श्रम सुधार, और जैविक उत्पादन जैसे पहलुओं को सरकार प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ESG यानी Environmental, Social और Governance मूल्यों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सीएम यादव ने कहा, 'हम चाहते हैं कि दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां मध्य प्रदेश आएं और यहीं से अपना प्रोडक्शन करें. पीएम मित्र पार्क और औद्योगिक नीति 2025 के तहत हम उन्हें हर तरह की सुविधा देने को तैयार हैं. हम हर मापदंड पर खरे उतरेंगे, बल्कि उससे ऊंचे स्तर पर जाकर काम करेंगे.' कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश एक उद्योग आधारित छवि बना रहा है. हमने कपास से लेकर रेडीमेड गारमेंट तक पूरी प्रक्रिया को एक प्लेटफॉर्म पर लाया है. उन्होंने कहा कि 'आज का आयोजन बताता है कि हम दुनिया से कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं.' उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे मध्य प्रदेश आएं, यहां की सुविधाएं देखें और फिर फैसला लें. उद्योगपतियों से वन-टू-वन बातचीत कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कई बड़े उद्योगपतियों से वन-टू-वन संवाद किया. वॉलमार्ट सहित कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए. सीएम ने उन्हें मध्य प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी.

प्रधानमंत्री के प्रदेश आगमन की तैयारी तेज, डॉ. यादव ने किया ऐलान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मिल रहा आशीर्वाद सभी प्रदेशवासियों के लिए उत्साहवर्धक है। प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और धार में आरंभ होने वाले प्रधानमंत्री मित्र पार्क के भूमिपूजन में स्वयं उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करने की मौखिक सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रदेश के किसान सम्मान कार्यक्रम में भी सहभागिता के लिए अनुरोध किया है। इन तीनों कार्यक्रमों के लिए शीघ्र ही प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तिथि निर्धारित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।  

संत को धमकी: मैं गर्दन उतार लेता… – संत प्रेमानंद महाराज को मिली धमकी से सनसनी

सतना   वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज का बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने आज के युवाओं में फैले मनमानी आचरण से बचने की सलाह दी थी। आगे उन्होंने कहा था कि आजकल समाज में बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड, ब्रेकअप और पैचअप का चलन बढ़ गया है। जो कि युवाओं के जीवन को बर्बाद कर रहा है। इसी वीडियो को लेकर संत प्रेमानंद महाराज को मध्यप्रदेश के सतना शहर के युवक के द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। सतना के युवक ने दी जान से मारने की धमकी  सतना निवासी शत्रुघ्न सिंह नाम की फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया है। जिसमें संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रही है। युवक ने फेसबुक पर खुद की पत्रकार की प्रोफाइल बना रखी है।  पहले अनिरुद्धाचार्य फिर प्रेमानंद हालांकि, इससे पहले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने कहा था कि 25 साल की शादी की उम्र तक लड़कियों के कई ब्रेकअप हो जाते हैं। उसके बाद अब सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का वीडियो वायरल होने के बाद नई बहस छिड़ गई है। कई तथाकथित लोग उनके बयान पर नाराजगी जता रहे हैं तो कई लोग उनकी बात का समर्थन भी कर रहे हैं। युवक के द्वारा प्रेमानंद के उसी वायरल वीडियो पर कमेंट किया गया है कि जिसमें उसने लिखा है कि 'पूरे समाज की बात है। मेरे घर के बात में बोलता तो प्रेमानंद होता या और कोई मैं उसकी गर्दन उतार लेता।"

शेयर मार्केट में बिकवाली का तूफान, सेंसेक्स 585 अंक गिरा, निफ्टी नीचे लुढ़का

मुंबई  शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली है। दिन में एक वक्त पर मार्केट हरे निशान के ऊपर ट्रेड करने लगा था। लेकिन बाजार तेजी को बरकरार नहीं रख पाया। जिसकी वजह सेंसेक्स 0.72 प्रतिशत या फिर 585.67 अंक की गिरावट के साथ 80,599.91 अंक पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 0.82 प्रतिशत या फिर 203 अंक की गिरावट के साथ 24,565.35 अंक रहा है। बता दें, ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले और एफपीआई की निकासी ने घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ाया है। जिसकी वजह से यह गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को निफ्टी का इंट्रा-डे हाई 24734.90 अंक और इंट्रा-डे लो 24535.05 अंक रहा है। सेंसेक्स का इंट्रा-डे हाई 81,317.51 अंक और इंट्रा-डे लो लेवल 80,495.57 अंक रहा है। ट्रेंट में दिखी तेजी सेंसेक्स की टॉप 30 में से 24 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। सनफार्मा के शेयरों का भाव 4.63 प्रतिशत तक लुढ़क गया है। वहीं, टाटा स्टील के शेयर 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इंफोसिस, मारुति, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा के शेयरों में भी 2 या फिर 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है। दूसरी तरफ इस दबाव के माहौल में रिलायंस, कोटक बैंक, आईटीसी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और ट्रेंट (3 प्रतिशत) के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है। शेयर बाजार में गिरावट और बड़ी हो गई है। सेंसेक्स 424.14 अंक या फिर 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,761.44 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी, 153.05 अंक या फिर 0.62 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,615.30 अंक पर ट्रेड कर रहा था।  शेयर मार्केट में गिरावट बढ़ गई है। एफएमसीजी और मीडिया को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल हैं। बैंक निफ्टी से लेकर ऑयल एंड गैस तक सेक्टोरल इंडेक्स में भारी गिरावट हैं। फार्मा और हेल्थ केयर स्टॉक्स तो बुरी तरह पिटे हैं। निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 3 फीसद टूटा है तो हेल्थ केयर इंडेक्स में 2.35 पर्सेंट की भारी गिरावट है। निफ्टी गिरावट का शतक लगाकर 105 अंक नीचे 24662 पर आ गया है। एक समय 24,784 पर पहुंच गया था। जबकि, सेंसेक्स भी अब 275 अंकों के नुकसान के साथ 80910 पर ट्रेड कर रहा है। एक समय यह 81317 पर था। शेयर मार्केट में आज तेज उतार-चढ़ाव है। बाजार एक बार फिर लाल निशान में आ गया है। बैंक निफ्टी से लेकर ऑयल एंड गैस तक सेक्टोरल इंडेक्स लाल हैं। फार्मा और हेल्थ केयर स्टॉक्स तो बुरी तरह पिटे हैं। निफ्टी फार्मा इंडेक्स और हेल्थ केयर इंडेक्स में क्रमश: 2.75 और 2.21 पर्सेंट की भारी गिरावट है। निफ्टी गिरावट का शतक लगाकर 103 अंक नीचे 24665 पर आ गया है। एक समय 24,784 पर पहुंच गया था। जबकि, सेंसेक्स भी अब 240 अंकों के नुकसान के साथ 80944 पर ट्रेड कर रहा है। एक समय यह 81317 पर था। शेयर मार्केट में आज तेज उतार-चढ़ाव है। बाजार एक बार फिर लाल निशान में आ गया है। निफ्टी 59 अंक नीचे 24709 पर आ गया है। एक समय 24,784 पर पहुंच गया था। सेंसेक्स भी अब 136 अंकों के नुकसान के साथ 81,048 पर ट्रेड कर रहा है। एक समय यह 81317 पर था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप की आशंका के बीच रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 40 पैसे मजबूत होकर 87.25 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिका के भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। अंतरबैंक विदेशी विनिमय मुद्रा बाजार में रुपया 87.60 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 87.25 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 40 पैसे की बढ़त दर्शाता है।  शेयर मार्केट आज के नुकसान की भरपाई कर हरे निशान पर आ गया है। हरियाली लौट आई है। सेंसेक्स अब 90 अंकों की उछाल के साथ 81275 पर है। जबकि, निफ्टी में 8 अंकों की तेजी है और यह 24776 पर है। निफ्टी टॉप गेनर्स में आयशर मोटर्स, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और नेस्ले के शेयर हैं। शेयर मार्केट अब रिकवरी मोड में है। सेंसेक्स केवल 6 अंक नीचे 81179 पर है। जबकि, निफ्टी में 21 अंकों की गिरावट है और यह 24746 पर है। निफ्टी टॉप गेनर्स में आयशर मोटर्स, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और नेस्ले के शेयर हैं। जबकि, निफ्टी टॉप लूजर में सन फार्मा, सिप्ला, डॉक्टर रेड्डी, टाटा मोटर्स और जेएसडब्ल्यू स्टील।  

पुणे में communal clash: प्रतिमा विवाद के बाद मस्जिद पर हमला

 पुणे  महाराष्ट्र के पुणे जिले में आज (शुक्रवार) को दो समुदायों के बीच तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब दौंड तालुका के यवत गांव में एक मस्जिद पर पथराव की घटना हुई. ये घटना तब सामने आई जब 26 जुलाई को यवत रेलवे स्टेशन परिसर स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को किसी ने खंडित कर दिया था. इससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था. प्रतिमा खंडित करने की घटना के विरोध में कल बीजेपी विधायक गोपीचंद पडळकर ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर यवत गांव में मोर्चा निकाला था. इसके अगले ही दिन यानी आज मस्जिद पर पथराव की खबर आई, जिससे गांव और आसपास के इलाके में भारी तनाव फैल गया. हालात बिगड़ने से पहले ही पुलिस मौके पर पहुंची और भारी संख्या में बल तैनात कर दिया गया. हिंदू संगठनों का आरोप हिंदू संगठनों का कहना है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया ताकि दो समुदायों के बीच नफरत फैलाई जा सके. इस घटना से हिंदू समाज की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं. संगठनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. गांव में बंद और प्रदर्शन इस घटना के विरोध में यवत और आसपास के ग्रामीणों ने आज गांव पूरी तरह बंद रखा. बाजार, स्कूल और सार्वजनिक गतिविधियां थम गईं. ग्रामीणों ने विरोध मार्च निकाला और प्रशासन से आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की. प्रशासन की अपील पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सघन निगरानी की जा रही है. प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. साथ ही मामले की जांच तेज़ी से जारी है. पुणे के SP संदीप सिंह गिल ने क्या कहा? समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए पुणे के एसपी संदीप सिंह गिल ने जानकारी दी, 'यहां यवत गांव में दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे के बीच पुलिस को जानकारी मिली कि एक युवक ने अपने व्हाट्सऐप या फेसबुक पर आपत्तिजनक स्टेटस डाला है. इस शिकायत के बाद युवक को थाने लाया गया और उस पर कार्रवाई शुरू की गई. इसके बाद कुछ गांववाले भी थाने पहुंच गए. पुलिस टीम ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए गांव के प्रतिनिधियों के साथ बैठक शुरू की. लेकिन तब तक यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था. करीब एक हफ्ते पहले गांव में एक और घटना हुई थी, जिससे पहले से ही माहौल तनावपूर्ण था." उन्होंने कहा, ऐसे में लोगों की भावनाएं पहले से ही आहत थीं. इसी वजह से कुछ लोग सड़कों पर उतर आए और कुछ युवकों ने एक ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. हालांकि, इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई है. पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और गांव में गश्त शुरू की. फिलहाल गांव में शांति है और स्थिति नियंत्रण में है.

श्रम कानून संशोधन: हड़ताल और बंद से पहले कंपनियों को देना होगा 6 सप्ताह का नोटिस

 भोपाल  वर्षों पुराने श्रम कानूनों में तीन संशोधन विधेयक गुरुवार को विधानसभा में पारित हो गए। इनमें ठेका श्रम अधिनियम 1970, कारखाना अधिनियम 1948 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 शामिल हैं। ठेका श्रम अधिनियम में संशोधन के बाद अब 50 से अधिक मजदूर होने पर पंजीयन की आवश्यकता होगी। हालांकि, पीएफ, ईएसआइ जैसे नियम कम संख्या पर भी लागू होंगे। इसी तरह से कारखाना अधिनियम में 20 की जगह 40 मजदूर होने पर पंजीयन जरूरी होगा। औद्योगिक विवाद अधिनियम में कारखाना बंद करने के छह सप्ताह पहले नियोक्ता को सूचना देनी होगी। इसी तरह से श्रमिकों को हड़ताल करने के लिए भी नियोक्ता को छह सप्ताह पहले बताना होगा। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इन विधेयकों को मजूदरों के हित के विपरीत बताया। प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, दोनों के हितों का ध्यान रखा गया कांग्रेस की ओर से हीरालाल अलावा, सोहन लाल वाल्मीकि व अन्य सदस्यों ने कहा कि ऐसे में तो मजदूर अब हड़ताल ही नहीं कर पाएंगे। उनका शोषण होगा। सरकार की ओर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जैसे हड़ताल की सूचना मजदूर के लिए जरूरी है उसी तरह से नियोक्ता को तालाबंदी के पहले बताना होगा। कांग्रेस ने विधेयकों के विरोध में दो मिनट के लिए बहिर्गमन कर नारेबाजी की। इसी बीच घ्वनिमत से तीनों संशोधन विधेयक पारित हो गए। कांग्रेस ने किया विरोध कांग्रेस नेताओं ने कहा, इस विधेयक से मजदूरों का हड़ताल और आंदोलन करने का अधिकार छीन जाएगा। वहीं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह संशोधन विधेयक श्रमिकों के हित में है। सरकार श्रमिकों के हितों का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत छोटी विनिर्माण इकाइयों को कारखाना अधिनियम के उपबंधों से राहत देने के लिए इसके तहत नियोजित श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कारखाना अधिनियम के तहत निर्माण इकाई के पंजीयन के लिए अब मशीनों से उत्पादन होने की स्थिति में नियोजित श्रमिकों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 और बिना मशीन के उत्पादन होता है वहां 20 से बढ़ाकर 40 की जा रही है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा, संशोधन छोटी संस्था के कामगारों के हित में नहीं है। एक ओर सरकार निवेश बढ़ाकर रोजगार को बढ़ावा दे रही है। वहीं श्रमिकों का नुकसान कर रही है। विधायक दिनेश जैन बोस ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी का ठेका प्रणाली से भारी शोषण होता है। कंप्यूटर ऑपरेटर को सरकार क्ञस् 13 हजार भुगतान करती है, पर उन्हें 12-13 हजार रुपए मिलते हैं। बिचौलिए पैसे खा जाते हैं। सीधे आउटसोर्स कर्मी के खाते में रुपए डालने की व्यवस्था होनी चाहिए। एसजीएसटी संशोधन विधानसभा में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने मप्र माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। इसमें विशेष आर्थिक जोन, मुक्त व्यापार, भंडारण क्षेत्र में माल आपूर्ति को जीएसटी विधान में सप्लाय की श्रेणी से बाहर किया। इसमें जब तक माल की निकासी निर्यात के लिए न हो, करदाता इस जोन में बिना कर दिए आपस में कारोबार कर सकेंगे।

भोपाल गैस त्रासदी: कचरे के निपटान पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 14 अगस्त को

भोपाल/जबलपुर  भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष पूर्व निर्देश के अनुसार जहरीले कचरे को नष्ट करने से निकली राख को नष्ट करने संबंध में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट पर हाई कोर्ट ने नाखुशी जताई. एक्सपर्ट कमेटी को सवालों के जवाब देने के निर्देश युगलपीठ द्वारा किये गये प्रश्नों को एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित की है साथ ही एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से प्रश्नों के संबंध में संतोषजनक जवाब पेश करने के आदेश जारी किए. गौरतलब है कि साल 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग करते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रही थी. सरकार ने जहरीले कचरे के निपटान का किया था दावा पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से पेश रिपोर्ट में बताया गया था "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है. केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण किया गया है. जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है. एमपी-पीसीबी से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा." जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ का दावा हाई कोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था. इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये थे. वहीं, हाई कोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है. हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई किये जाने की व्यवस्था दी थी. इस पर गुरुवार को सभी मामलों की संयुक्त रूप से सुनवाई हुई." जहरीले कचरे की राख को अमेरिका भेजने की मांग याचिका में यह मांग की गई है कि जैसे साल 2003 में तमिलनाडु सरकार ने कोडैकनाल में पड़े यूनीलीवर कंपनी के जहरीले कचरे को अमेरिका भेज दिया था, वैसे ही यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले कचरे की राख को भी अमेरिका भेजा जाए। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने के बाद बची राख को पीथमपुर में इंसानी आबादी के पास क्यों दफनाया जा रहा है। यह भी नहीं बताया गया कि अगर कचरा जलाने के बाद जहरीली मरकरी राख में नहीं बची, तो वह आखिर गई कहां। अगली सुनवाई में सरकार को बताना होगा प्लान याचिकाकर्ता ने दो स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों को सुनवाई में शामिल करने की मांग की है, जिस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 14 अगस्त तय की है। इस दिन मध्यप्रदेश सरकार को हाईकोर्ट में यह बताना होगा कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख को सुरक्षित दफनाने के लिए उसकी क्या योजना है। इसके लिए पीथमपुर के अलावा कौन-कौन सी वैकल्पिक जगह चिह्नित की गई है। पिछले सुनवाई में सरकार ने ये रिपोर्ट पेश की थी याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रख रहे सीनियर वकील नमन नागरथ और खालिद नूर फखरुद्दीन ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसमें कहा गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निपटारा सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे को नष्ट किया गया है। जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख और अन्य अवशेष एकत्रित हुए है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा। कोर्ट ने इल रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था। इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस बीच हाईकोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है। हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई की व्यवस्था दे दी है। आगामी सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों के जवाबों पर गौर करने के साथ अन्य बिंदुओं पर भी विचार किया जाएगा। जहरीले कचरे की राख में हेवी मेटल व मर्करी हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यूनियन कार्बाइड के जहरीला कचरा की राख में हेवी मेटल व मर्करी के संबंध में सवाल किये. इसके अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास कचरे के विनिष्टीकरण की साइट का चयन किये जाने के संबंध में भी युगलपीठ ने एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से सवाली किये. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा खालिद नूर फखरुद्दीन ने पैरवी की. 

विपक्ष का सरकार पर निशाना, विजय शाह की बर्खास्तगी को लेकर विधानसभा में हंगामा

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा में जनजातीत कार्य, भोपाल गैस राहत त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोपाल गैस पीड़ित समिति की अनुशंसाओं को लेकर प्रश्न पूछा था। मंत्री विजय शाह को इसका जवाब देना था। लेकिन तभी कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री पर महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगा दिया। विपक्ष ने जमकर की नारेबाजी इसके बाद सभी विपक्षी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और फिर आसंदी के सामने आ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सबको अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल में बात करने के लिए बार-बार आग्रह किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली। इस बीच सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी होने लगी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सेना का अपमान करने वाले सेना के सम्मान की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान और चीन का सपोर्ट करते हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी हुई। थोड़ी देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सदन में उपस्थित थे। मीडिया से बचते नजर आए विजय शाह मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन मंत्री विजय शाह को लेकर बवाल मच गया। विपक्ष ने विजय शाह को सदन से बाहर करने की मांग की और इस्तीफा दो के नारे लगाए। आसंदी के पास पहुंचकर धरना दिया। भारी हंगामे के बीच कार्यवाही को प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मंत्री विजय शाह सदन से बाहर निकले। इस दौरान मीडिया ने उनसे सवाल किया, लेकिन वे बचते नजर आए। सदन के अंदर से लेकर मीडिया के कैमरे पर भी सवालों की बौछार के बीच मुस्कुराते रहे। जब तक इस्तीफा नहीं होगा छोड़ेंगे नहीं- नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी को हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की टीप और सुनवाई सुनाई नहीं देती है। भाजपा देश की भावनाओं को नहीं समझती है। 1971 की लड़ाई नहीं समझती है। बीजेपी हर मोर्चे पर विफल रही है, सिर्फ बहाने बनाती है, बयान पलटती है। न राष्ट्रभक्ति की बात करती है न देश प्रेम की बात करती, बीजेपी सिर्फ राजनीति करती है। विजय शाह ने हमारी बहन हमारी सेना के मान का अपमान किया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह इनका देश प्रेम नहीं मंत्री प्रेम है, जब तक इस्तीफा नहीं होगा हम छोड़ेंगे नहीं। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि देश का अपमान करने वालो की सदन में कोई जगह नहीं है। जबसे मंत्री विजय ने देश की बेटी का अपमान किया, हम उसी दिन से विरोध कर रहे है। हम इस्तीफा लेकर रहेंगे। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि चीन हो या पाकिस्तान किसने की जासूसी, किसके पाकिस्तानी एजेंट पकड़ाए यह जनता के सामने हैं। बीजेपी की राष्ट्रभक्ति सिर्फ छलावा है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि बात देश की हो या प्रदेश की हर मामले में सदन से लेकर सड़क बीजेपी भागती है। यही भाजपा का चेहरा है। विजय शाह के मामले में सरकार में बात करने का दम नहीं है। किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे- मंत्री सारंग मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने आज फिर सदन की गरिमा को तार-तार किया। ये किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे है। लोकसभा में राहुल गांधी ने देश और सेना का अपमान किया। विपक्ष चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलता है। कांग्रेस का मकसद ही देश द्रोह के साथ देश का अपमान करना है।

‘नमस्ते नहीं, नापसंद’: भारत ने ठुकराया F-35 ऑफर, कहा– भरोसा है अपने साथी पर

भारत की दमदार चाल से बौखलाए अमेरिका, ट्रंप बोले– ये पुष्पा स्टाइल नहीं चलेगी! ‘नमस्ते नहीं, नापसंद’: भारत ने ठुकराया F-35 ऑफर, कहा– भरोसा है अपने साथी पर नई दिल्ली अमेरिका की सत्ता में जब डोनाल्ड ट्रंप ने वापसी की तो उन्होंने पूरी दुनिया को टैरिफ की धमकी दी थी. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में उनसे मुलाकात की थी. साथ ही भारत शुरू से ट्रेड डील पर बात कर रहा था. लेकिन अब अमेरिका ने यह जगजाहिर कर दिया है कि रूस और भारत की दोस्ती से वह नाराज रहा है. इसके अलावा भारत ट्रेड डील से जुड़ी बातचीत में अमेरिका के सामने झुका नहीं जो ट्रंप प्रशासन के कुंठा का बड़ा कारण बना. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने न्यूयॉर्क में CNBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘भारत को लेकर ट्रंप और पूरी ट्रेड टीम बहुत हताश हो गई है. बातचीत की शुरुआत भारत ने की थी लेकिन फिर चीजें खींचती चली गईं.’ वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद से यूक्रेन में मास्को के युद्ध प्रयासों को बनाए रखने में मदद मिल रही है और यह निश्चित रूप से वाशिंगटन के साथ नई दिल्ली के संबंधों में ‘चिढ़ का विषय’ है. यह दोनों बयान तब आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अचानक ऐलान कर दिया कि 1 अगस्त से भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा. किस बात पर तैयार नहीं भारत रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ट्रेड डील के लिए तैयार है. लेकिन उसने एक रेड लाइन खींच दी है, जिसे वह अमेरिका को पार करने नहीं देगा. यह रेडलाइन देश के किसानों को बचाने के लिएबनाई गई है. दरअसल भारत मक्का, सोयाबीन, डेयरी और बादाम के आयात को छूट देने के लिए तैयार नहीं है, जो व्यापार वार्ता में एक प्रमुख अड़चन साबित हुआ. भारतीय वार्ताकारों ने भारतीय बाजारों में बेरोकटोक पहुँच की अनुमति देने की अमेरिकी मांगों पर स्पष्ट रूप से लाइन तैयार कर दी है. किसान संघों ने भी अमेरिका के साथ ऐसे किसी भी समझौते को लेकर सरकार को बार-बार चेतावनी दी थी, जिससे आयात की अनुमति मिलती हो. भारत पर अमेरिका ने लगाया टैरिफ भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नया मोड़ आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अचानक ऐलान कर दिया कि 1 अगस्त से भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा. इतना ही नहीं, भारत की ओर से रूस से कच्चा तेल और सैन्य उपकरण खरीदने पर भी एक अलग ‘पेनल्टी’ लगाने की बात कही गई है. इस फैसले के ठीक एक दिन बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने न्यूयॉर्क में CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘भारत को लेकर ट्रंप और पूरी ट्रेड टीम बहुत हताश हो गई है.’ स्कॉट बेसेन्ट ने सीधे तौर पर भारत की रूस से तेल खरीद को अमेरिका के लिए बड़ी चिंता बताया. उन्होंने कहा, ‘भारत बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित रूसी तेल खरीद रहा है और फिर उसे रिफाइन कर बेचता है. ऐसे में वह एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी नहीं माना जा सकता.’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा? विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, ‘भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है, लेकिन हर मसले पर 100% सहमति होना संभव नहीं.’ उन्होंने माना कि भारत की ऊर्जा जरूरतें बहुत बड़ी हैं और रूस से तेल खरीदना उसकी आर्थिक मजबूरी भी है क्योंकि वहां से तेल सस्ता मिल रहा है. उन्होंने आगे कहा, ‘ निराशाजनक है कि जब दुनिया में तेल के इतने विकल्प हैं, तब भी भारत रूस से इतनी बड़ी मात्रा में खरीदारी करता है. इससे रूस को युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है.’. ‘नमस्ते नहीं, नापसंद’: भारत ने ठुकराया F-35 ऑफर, कहा– भरोसा है अपने साथी पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसद टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. भारतीय उत्‍पादों के लिए अमेरिका बहुत बड़ा बाजार है, ऐसे में ट्रंप की घोषणा का कारोबार पर असर पड़ने की पूरी संभावना है. हालांकि, अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने इस मसले पर बातचीत की मंशा भी जाहिर की है. इन सबके बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के F-35 फाइटर जेट को खरीदने से इनकार कर दिया है. नई दिल्‍ली ने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि वह ज्‍वाइंट वेंचर के तौर पर 5th जेनरेशन का लड़ाकू विमान डेवपल करना चाहता है. बता दें कि भारत के ऑल वेदर फ्रेंड रूस ने भी पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट मुहैय कराने का ऑफर दिया है. कुछ रिपोर्ट की मानें तो रूस ने टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्‍त रूप से पांचवीं पीढ़ी का विमान डेवलप करने का प्रस्‍ताव दिया है. F-35 फाइटर जेट पर भारत के रुख के बाद ऐसा माना जा रहा है कि रूस का Su-57 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट डील में फ्रंट रनर हो सकता है. ‘ब्‍लूमबर्ग’ की र‍िपोर्ट के अनुसार, भारत अमेरिकी F-35 फाइटर जेट खरीदने को लेकर इच्‍छुक नहीं है. रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस बाबत भारत ने अमेरिका को सूचित कर दिया है कि वह F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने का इच्छुक नहीं है. फ़रवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत को ये महंगे लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश की थी. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि मोदी सरकार घरेलू स्तर पर रक्षा उपकरणों के संयुक्त डिज़ाइन और निर्माण पर केंद्रित साझेदारी में ज़्यादा रुचि रखती है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि भारत ज्‍वाइंट और टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर के आधार पर डिफेंस डील करना चाहता है. बता दें कि ब्रिटेन की रॉयल नेवी का एफ-35 लड़ाकू विमान तकनीकी दिक्‍कतों के चलते केरल में तकरीबन 37 दिनों तक अटका रहा. इसके अलावा कैलिफोर्निया में एफ-35 जेट क्रैश भी हुआ है. इन दोनों घटनाओं से F-35 की एफिशिएंसी पर गंभीर सवाल उठे हैं. ट्रंप के टैरिफ वॉर से निपटने का तरीका रिपोर्ट के अनुसार, भारत अमेरिका से आयात बढ़ाकर हालात को संतुलित करने की कोशिश कर सकता है. इसमें खास तौर पर प्राकृतिक गैस, कम्‍यूनिकेशन … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल

टेक्सटाइल उद्योगों को प्रोत्साहित करने होंगे हरसंभव प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक और गुणवत्तापूर्ण कपास उत्पादन करने वाला राज्य है। राज्य सरकार ने कपास से धागा, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। न केवल देश बल्कि अन्य देशों की टेक्सटाइल इकाइयों से भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बायर-सेलर के साथ चर्चा को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट में शामिल हुए जहां देश-दुनिया के कई इंडस्ट्री लीडर्स उपस्थित हुए। राज्य सरकार ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर वन-टू-वन मीटिंग भी की हैं। इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग प्रोत्साहक राज्य की छवि बनाते हुए सभी सेक्टर्स के उद्यमियों को आमंत्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स का स्वागत करते हुए कहा कि देश ऐसे ही नहीं बदलता है इसके लिए दृढ़ संकल्पों की आवश्यकता होती है। इन संकल्पों में नवीनता होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी प्रकार के व्यवसायों को आगे बढ़ा रही है। औद्योगीकरण को गति प्रदान करने में बायर-सेलर वर्ग का विशेष स्थान होता है। प्रधानमंत्री मोदी के देश की बागडोर संभालने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और वर्ष 2014 के बाद आज 15वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। "ईज ऑफ डूइंग" के अंतर्गत 42 कानूनों को किया खत्म मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के अंतर्गत 42 कानूनों को खत्म किया है, जो व्यापार में बाधा बनते थे। राज्य सरकार ने उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी 29 अनुमतियों को भी कम करके 10 तक सीमित कर दिया है। प्रदेश में उद्योगपतियों को बिजली, पानी, जमीन सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रमिकों के वेतन के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है। मेक इन इंडिया से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमें प्रतिकूलता से आगे बढ़कर अनुकूलता की ओर बढ़ने की जरूरत है। राज्य सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में औद्योगीकरण का वातावरण तैयार किया है। सरकार खनन, पर्यटन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट्स सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश में हैंडीक्राफ्ट्स और हैंडलूम के आर्टिजंस और छोटे-छोटे उद्योग उपलब्ध है। राज्य की चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों ने देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेशकों को वित्तीय एवं गैर वित्तीय सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। वित्तीय प्रोत्साहन निवेशकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करने की सुविधा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश करने पर सरकार सभी नीतियों का पूर्ण लाभ प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4000 से अधिक दिनों का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को मिलकर पूरा कर सकते हैं। राज्य सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में विद्युत, ऊर्जा और जल की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य की नीतियां उद्योपतियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। भारत का दिल मध्यप्रदेश में बसता है और यह टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए नया केंद्र बन रहा है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में 4 औद्योगिक कॉरिडोर, 5 लाख कि.मी. से ज्यादा सड़कें, पर्याप्त पानी, 1 लाख एकड़ से ज्यादा औद्योगिक जमीन और 31 जीडब्ल्यू बिजली की उपलब्धता है। भारत का सबसे बड़ा पी.एम. मित्रा टेक्सटाइल पार्क 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर राज्य में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" में शीर्ष राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे बड़ा ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक राज्य है और कपास उत्पादन में भी पाँचवें स्थान पर है। वस्त्र और फुटवियर उद्योग के लिए सरकार पूंजी सब्सिडी, इंडस्ट्री प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी और स्टाम्प शुल्क की छूट देती है। उन्होंने कहा कि चंदेरी, महेश्वरी, बाघ और बटिक प्रिंट जैसे मशहूर हैंडलूम क्लस्टर राज्य में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किए पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान करीब दो दर्जन देशों में काम करने वाली कंपनी वॉलमार्ट सोर्सिंग के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद को बेस्ट ग्लोबल सोर्सिंग अवॉर्ड और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक समाधान प्रदाता ली एंड फंग ग्रुप की सीईओ श्रीमती दीपिका राणा को क्वीव ऑफ एक्सिलेंस द बीएसएल प्लेटिनम अवॉर्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएसएल के दो वर्ष के उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। टेक्सटाइल सेक्टर के उद्योगपतियों ने रखें विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राउंड टेबल मीटिंग के दौरान उद्योगपतियों ने अपनी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराया। बीएसएल के फाउंडिंग मेंबर एवं नेशनल जनरल सेक्रेटरी रमन दत्ता ने कहा कि यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री इस प्रकार उद्योगपतियों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को सुन रहे हैं, यह बहुत अनुकरणीय पहल है। नॉइस जींस से फाउंडर एवं सीईओ मनीष चौहान, वॉलमार्ट के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद, एच एंड एम कंपनी के ग्लोबल सोर्सिंग हेड अमित हेमराजानी, ली एंड फंग कंपनी की सीओओ श्रीमती दीपिका राणा और वाइल्डक्राफ्ट इंडिया के भूपिंदर सिंह ने अपनी बात रखी। उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीएसएल ग्लोबल आउटरीच … Read more