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मुख्यमंत्री साय बोले – जीवन में सफलता के लिए शिक्षा है मजबूत आधार

छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम : नई शिक्षा नीति से बदली तस्वीर, छत्तीसगढ़ में स्थानीय भाषाओं में मिल रही शिक्षा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा। विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की। कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मंत्री सारंग ने आज नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया

मंत्री सारंग ने किया निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण मंत्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिये निर्देश मंत्री सारंग ने आज नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर के प्रत्येक खंड का बारीकी से अवलोकन किया और निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो न केवल सरकारी शिक्षा को मजबूती देगा, बल्कि निजी विद्यालयों की तुलना में कहीं अधिक सुव्यवस्थित और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा में बन रहा यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा। गाइडलाइन के अनुरूप हो बैठक व्यवस्था मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सांदीपनि विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, समावेश और आधुनिकता सुनिश्चित हो सके। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय भवन में शाला कक्षों की बैठने की व्यवस्था का पुन: परीक्षण किया जाए और निर्माण कार्य पूरी तरह गाइडलाइन के अनुरूप हो। सांदिपनी विद्यालय में विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा मंत्री सारंग ने कहा कि गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय को मॉडल स्कूल एवं स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की वरीयता के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और समग्र विकास के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में आधुनिक क्लासरूम के साथ विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर जैसे विषयों की प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल मैदान, बास्केटबॉल कोर्ट, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण कक्ष, और स्वच्छता की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

वैश्विक निवेश को साधने निकले सीएम मोहन यादव, 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन में रहेंगे सक्रिय

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई से 19 जुलाई तक सात दिवसीय विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वे दुबई और स्पेन का दौरा करेंगे।। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करना  है। अपनी यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समृद्धि आए और सभी क्षेत्रों में समान रूप से अवसर मिले, इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने का कि ‘आज रात दिल्ली होते हुए स्पेन और दुबई की यात्रा पर रवाना हो रहा हूँ। जहां हम निवेश की संभावनाओं पर उद्योगपतियों से संवाद करेंगे, ताकि मध्यप्रदेश में और अधिक रोज़गार के अवसर आएं और विकास को नई गति मिले।’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई को भोपाल से दुबई के लिए रवाना होंगे जहां वे 15 जुलाई तक रहेंगे। इसके बाद 16 से 19 जुलाई तक वे स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि ये यात्रा मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के साथ निवेशकों को आमंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसे खुद लीड कर रहे हैं, वे अलग अलग शहरों में जाकर मध्य प्रदेश की विशेषताएं, यहाँ उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देकर निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं साथ ही विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रित कर रहे हैं जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ यादव एक बार फिर निवेशकों को मध्य प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। राज्य शासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा मध्य प्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दुबई में मुख्यमंत्री निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल कॉउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दुबई प्रवास पर इन बड़े ग्रुपों से करेंगे चर्चा  निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा। 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर, बार्सिलोना में करेंगे संवाद  दुबई के बाद सीएम डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। MP की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनेगी यात्रा  सरकार के अनुसार इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य निवेश के ज़रिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। यह निवेश यात्राएं मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनती जा रही हैं। पिछले वर्ष की थी यूके, जर्मनी, जापान की यात्रा  उल्लेखनीय है कि यूके, जर्मनी , जापान और अब दुबई से लेकर स्पेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सतत प्रयास मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी संकल्प का प्रमाण है। इन यात्राओं के ज़रिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्यप्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं। निवेश और रोजगार पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री दुबई में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के लोगों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश की उद्योग नीति और निवेश के मौके पर जानकारी देंगे। दुबई मिडिल ईस्ट का बड़ा व्यापारिक शहर है और वहां से प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज़्म जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने की कोशिश होगी। वहीं स्पेन में मुख्यमंत्री ऑटोमोबाइल, शिप मेकिंग और फैशन इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। स्पेन की डिजाइन, मशीनरी और टिकाऊ ढांचे की तकनीक से मध्यप्रदेश में नए मौके बन सकते हैं। इस यात्रा का मकसद है कि इन क्षेत्रों में तकनीक का आदान-प्रदान हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी मजबूत हो। साथ ही मध्यप्रदेश के युवाओं को रोज़गार मिले  और अलग अलग क्षेत्रों में विकास हो, ये भी इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।

नक्सलवाद से लोकतंत्र की ओर लौटता बस्तर: 24 घंटे में 45 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा में 1.18 करोड़ रुपये के 23 इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे, बीते 15 महीनों में 1521 ने छोड़ी हिंसा रायपुर छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में बदलाव की बयार बह रही है। बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं और लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है। इसी परिवर्तनशील वातावरण में आज सुकमा जिले में ₹1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हें  मिलाकर पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास जताया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अभूतपूर्व घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की उस जीत का प्रतीक है, जो हमारी सरकार ने 'नियद नेल्ला नार' जैसी जनउन्मुख योजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया है। अब यहां बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की पहुंच और विश्वास निरंतर बढ़ा है। यह सफलता राज्य सरकार की ‘नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ की सकारात्मकता को भी दर्शाती है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को न केवल सामाजिक सम्मान, बल्कि पुनर्वास और आजीविका का अवसर भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में चल रहे सुशासन के विजन का सजीव उदाहरण है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा प्रदेश तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।

मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी निर्माण से खत्म होगी बंगाल पर निर्भरता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मत्स्य पालन को मिलेगा उद्योग का दर्जा, अन्य उद्योगों की तरह मिलेगी सुविधाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को मत्स्य उत्पादन में देश का नम्बर वन राज्य बनाएंगे मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी निर्माण से खत्म होगी बंगाल पर निर्भरता भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क का निर्माण जारी इंदिरा सागर बांध में हुआ 92 करोड़ रुपए से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का किया भूमि-पूजन मछली पालन में स्टार्टअप और आधुनिक मशीनों का उपयोग शुरू महाराज निषादराज ने सबसे पहले श्रीराम की प्रभुता को पहचाना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन को किया संबोधित उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम के मित्र महाराज निषादराज ने सबसे पहले श्रीराम की प्रभुता को पहचाना था। मछुआ समुदाय अपने जीवन को खतरे में डालकर पानी में खेती करता है, यह साहस का कार्य है। मछली और मछुआरों का सदियों से संबंध रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में भी मछुआ कल्याण बोर्ड के माध्यम से कई योजनाएं संचालित हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार का लाभ दे रही है। मछली पालन भी एक उद्योग है, इसे भी अन्य उद्योगों की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का भूमि-पूजन और इंदिरा सागर बांध में लगभग 92 करोड़ लागत से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मछुआरा समुदाय को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्स्य पालन से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर एवं भगवान निषादराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मछली पालन सिर्फ पारम्परिक कार्य नहीं, एक आधुनिक उद्योग है। इसमें निवेश बढ़ेगा, उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क (मछलीघर) का निर्माण किया जा रहा है। सरकार मस्त्य पालन के लिए मछुआरों को अनुदान देगी। राज्य सरकार ने प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया है, जिसका लाभ मछुआरों को भी मिल रहा है। पिछली सरकार में प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती थी, यह रकबा हमारी सरकार में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना से सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचेगा। कई तालाब भी बनाए जाएंगे। मछलियां कई लोगों के लिए आजीविका का साधन हैं। इंदिरा सागर सहित अन्य जलाशयों में 3 लाख से अधिक केज स्थापित किए जाएंगे। मछुआरों को आईस बॉक्स लगी 430 मोटरसाइकिलें बांटी गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मछुआरों को 430 मोटर साइकिलें बांटी गई हैं, जिनमें आईस बॉक्स भी लगे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 4.4 लाख हेक्टेयर में मछली पालन कार्य हो रहा है, वर्ष 2024-25 में प्रदेश का मछली उत्पादन 3.81 लाख मैट्रिक टन रहा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक मत्स्य पालक पंजीकृत हैं। महिलाएं भी इस व्यवसाय में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि 217 करोड़ लागत से मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। इससे बीज के लिए बंगाल पर निर्भरता खत्म होगी। हमारी सरकार दूध उत्पादन और मस्त्य उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बदलते समय में मछली पालन क्षेत्र में आधुनिक मशीनों का उपयोग और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। रक्षाबंधन का समय आ रहा है, आज लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरित करने का दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 15 से 30 जुलाई तक प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थितजन को नशा मुक्ति एवं फिजूलखर्ची से बचने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में स्वयं को बदलने की जरूरत है। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद पिछड़े मछुआ समुदाय को मुख्य धारा में लाने की पहल शुरू की गई है। मछुआरों को व्यापार संचालन के लिए मछुआ क्रेडिट कार्ड बांटे जा रहे हैं। वर्ष 2028 तक मछुआ कल्याण विभाग प्रदेश में कई उपलब्धियां अर्जित करेगा। म.प्र. मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सीताराम बाथम ने कहा कि प्रत्येक जिले में कुछ निषाद मंगल भवन बने हैं। बाथम ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जो कार्य वर्षों में नहीं हुए, वे अब महीनों में हो रहे हैं। यह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है। राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन में उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित थे।  

सदी पुरानी वास्तुकला को मिलेगा नया जीवन, वल्लभ भवन की पुरानी संरचना की तैयारी शुरू

भोपाल वल्लभ भवन की पुरानी इमारत को इसी महीने से नया रूप दिया जाएगा। सबसे पहले पांचवीं मंजिल का काम शुरू होगा। यहां पहले मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी बैठते थे। इसके बाद बाकी मंजिलों का काम होगा। सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी के अफसर संजय कुमार शुक्ल ने 19 विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस रेनोवेशन में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पुरानी बिल्डिंग को नया बनाने में लगभग दो साल लगेंगे और 86 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग को नया बनाने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। जीएडी के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काम इसी महीने शुरू हो जाएगा। सबसे पहले पांचवीं मंजिल का रेनोवेशन होगा। इसके बाद चौथी, तीसरी, दूसरी, पहली और फिर ग्राउंड फ्लोर का काम किया जाएगा। फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी होगा काम संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्होंने 19 विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम शुरू करने के लिए कहा है। उन्होंने जीएडी के रजिस्ट्रार और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को भी जरूरी निर्देश दिए हैं। जीएडी के एसीएस के तौर पर काम शुरू करने के बाद संजय कुमार शुक्ल ने एक मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने कहा कि पुरानी बिल्डिंग के फायर सेफ्टी सिस्टम और बिजली की लाइनों को ठीक किया जाएगा। इस तरह से खर्च होंगे 86 करोड़ शुक्ल ने रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव को विभागों के अफसरों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अफसरों को शिफ्ट कराएं, ताकि ठेकेदार इसी महीने से काम शुरू कर सके। खबर है कि ठेकेदार जुलाई के आखिरी हफ्ते में काम शुरू कर सकता है। पहले वह डंपिंग यार्ड बनाएगा। पीडब्ल्यूडी इस रेनोवेशन पर 86 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसमें 49 करोड़ रुपए सिविल वर्क पर और 36 करोड़ रुपए बिजली के काम पर खर्च होंगे।  

ऋषभ पंत ने लॉर्ड्स में वेस्ट इंडीज़ के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया

 लॉर्ड्स  भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही 5 टेस्ट मैचों की सीरीज़ का तीसरा मुकाबला ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जा रहा है, जहां भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक रूप देखने को मिला. खासकर ऋषभ पंत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह टेस्ट क्रिकेट में भी छक्के लगाने के उस्ताद हैं. पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अब तक सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. ऋषभ पंत ने रचा इतिहास अब तक के आंकड़ों के अनुसार, पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में 35 छक्के जड़ दिए हैं, जिससे उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज सर विवियन रिचर्ड्स को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम इंग्लैंड के खिलाफ 34 छक्के दर्ज थे. पंत की इस उपलब्धि को उनके आक्रामक अंदाज़ और बेखौफ बल्लेबाजी शैली का नतीजा कहा जा सकता है, जिसने टेस्ट क्रिकेट में भी नई सोच की झलक दी है. छक्कों के मामले में टॉप 5 बल्लेबाज (vs England in Tests): 1. ऋषभ पंत – 35 छक्के 2. विव रिचर्ड्स – 34 3. टिम साउदी – 30 4. यशस्वी जायसवाल – 27 5. शुभमन गिल – 26 इस सूची में भारत के दो और युवा बल्लेबाज शामिल हैं– यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल. इन दोनों ने हाल के समय में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैचों में आक्रामक बल्लेबाजी कर टेस्ट क्रिकेट में एक नया आयाम जोड़ दिया है. जायसवाल ने सिर्फ कुछ ही मैचों में 27 छक्के जड़ दिए हैं, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में वह इस सूची में और ऊपर जा सकते हैं. वहीं शुभमन गिल ने भी 26 छक्कों के साथ इस सूची में जगह बनाई है. भारत vs इंग्लैंड H2H (लॉर्ड्स) कुल टेस्ट मैच: 19 इंग्लैंड ने जीते: 12 भारत ने जीते: 3 ड्रॉ: 4 इंग्लैंड का लॉर्ड्स में टेस्ट रिकॉर्ड कुल मुकाबले: 145 इंग्लैंड ने जीते: 59 इंग्लैंड ने हारे: 35 ड्रॉ: 51 क्या रिकॉर्ड टूटा?     पंत ने लॉर्ड्स में यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल की जब उन्होंने एशियाई विकेटकीपर-बल्लेबाजों में एक SENA (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए, जो पूर्व में एमएस धोनी के नाम दर्ज था — अब यह रिकॉर्ड पंत के नाम हो गया है       इसके अलावा, पंत ने लॉर्ड्स में अपनी तेज़ पारी से विकेटकीपर के रूप में सबसे तेज़ 50 बनाई — जिसमें उन्होंने 6 वें छक्के भी जमा दिए ।

TIT कॉलेज गैंगरेप प्रकरण: छठे आरोपी को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने लगाई स्ट्रिक्ट शर्तें

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के टीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स से गैंगरेप मामले के छठे आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। 20 जून को आरोपी अबरार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। न्यायाधीश नीलू राजीव श्रृंगीऋषि ने फैसला सुनाया है। गैंगरेप के सभी आरोपी अब जेल के सलाखों के पीछे है। यह था मामला दरअसल, राजधानी भोपाल में लव जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया था। आरोपियों ने धर्म देखकर रेप की वारदात को अंजाम दिया था। धर्म देखकर दोस्ती की फिर तीन युवतियों से रेप किया गया। फरहान खान, साहिल खान और अली खान ने पहले नाम बदलकर दोस्ती की थी। नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, रेप, ब्लैकमेलिंग ही नहीं, जबरन धर्म परिवर्तन की दबाव भी बनाया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट देर फंसाया। पीड़िताओं को नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए गए। इन वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें डराया गया और दूसरी लड़कियों को फंसाया गया। आयोग ने यह भी पाया कि आरोपी आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से थे। आरोपियों की भव्य जीवनशैली ड्रग या अपराध के नेटवर्क से जुड़ाव की ओर इशारा करता है। भोपाल में भी सामने आया अजमेर जैसा कांड  भोपाल में रायसेन रोड स्थित TIT कॉलेज से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह केस इस कदर खौफनाक है कि 1992 के कुख्यात अजमेर रेप कांड की याद दिला देता है। TIT कॉलेज में एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ रेप किया, अश्लील वीडियो बनाए और इन वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों और बहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने इस मामले में 2 मुख्य आरोपियों, फरहान खान और मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है, और SIT मामले की गहन जांच कर रहा है। 20 वर्षीय छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए कराई FIR यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया, जब 17 अप्रैल 2025 को बैतूल की रहने वाली एक 20 साल की छात्रा ने बागसेवनिया थाने में हिम्मत जुटाकर FIR दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि फरहान खान ने 2022 में उसे प्रेम जाल में फंसाया और जहांगीराबाद स्थित अपने दोस्त हमीद के घर ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस दौरान उसका अश्लील वीडियो बनाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण किया जाता रहा। यही नहीं, फरहान ने उसकी बहन को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर शिकार बनाया। पीड़िता ने जब फरहान के मोबाइल में अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो देखे, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। मांस खाने का बनाया दबाव और धर्मांतरण की कोशिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, पीड़िताओं को गांजा, शराब जैसे नशीले पदार्थ दिए गए और जबरन मांस, खासकर मटन, खिलाने का दबाव बनाया गया। कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन पर धर्मांतरण का दबाव भी डाला गया। बैतूल की 2 सगी बहनों ने बताया कि फरहान और उसके साथियों ने उन्हें गांजा पिलाया, मांस खिलाया, और फिर गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि बाकी लोगों ने भी उनका यौन शोषण किया। आरोपियों की हरकतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़िता ने डर के मारे तीसरे वर्ष में पढ़ाई तक छोड़ दी। 3 थानों में दर्ज की गई FIR, जांच के लिए SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बागसेवनिया, अशोका गार्डन, और जहांगीराबाद थानों में 3 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें BNS, POCSO एक्ट, IT एक्ट, और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। चौथी पीड़िता की काउंसलिंग जारी है, जिसके बाद एक और FIR दर्ज हो सकती है। पुलिस ने TIT कॉलेज के छात्र और जहांगीराबाद के रहने वाले मुख्य आरोपी फरहान खान के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करने वाले और अशोका गार्डन में रहने वाले मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 10 से 15 अन्य युवतियों के अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनकी साइबर फॉरेंसिक टीम जांच रही है। अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है यह केस DCP जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया, ‘बागसेवनिया थाने में एक नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज की गई है। POCSO और रेप की धाराओं में कार्रवाई शुरू की गई है। वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई है, और SIT इसकी गहन जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जा सके।’ पुलिस के अनुसार, यह मामला 1992 के अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है, जहां एक गिरोह ने छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों को भी निशाना बनाया। भोपाल में भी आरोपियों ने पहले एक छात्रा को फंसाया, उसका वीडियो बनाया, और फिर उसे अपनी सहेलियों से मिलवाने के लिए मजबूर किया। बीजेपी नेताओं ने की सख्त सजा की मांग भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को ‘केरल स्टोरी जैसी साजिश’ करार देते हुए आरोपियों को सार्वजनिक सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने बेटियों के वीडियो बनाकर उनका अपमान किया, उन्हें बंद कमरों में क्यों रखा जा रहा है? उनकी ठुकाई सार्वजनिक होनी चाहिए। यह अकेली घटना नहीं, तीन ऐसी वारदातें हुई हैं। सरकार हर एंगल से जांच कर रही है, और किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।’ मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, ‘पुलिस ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार किया। SIT का गठन किया गया है ताकि इस साजिश की हर कड़ी का खुलासा हो। मध्य प्रदेश में लव जिहाद जैसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

विश्व धरोहर स्थल में शामिलहुए 12 मराठा किले, 11 महाराष्ट्र में और 1 तमिलनाडु

नई दिल्ली भारत की सांस्कृतिक विरासत में यूनेस्को ने 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप' यानी 'मराठा सैन्य परिदृश्य' को अपनी विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है. इसमें मराठा साम्राज्य के 12 ऐतिहासिक किलों को शामिल किया गया है, जिनमें 11 महाराष्ट्र और 1 तमिलनाडु में स्थित हैं. यह भारत की 44वीं संपत्ति है जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, "इस सम्मान से हर भारतीय गदगद है. इन 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप' में 12 भव्य किले शामिल हैं, जिनमें से 11 महाराष्ट्र में और 1 तमिलनाडु में है." ऐसा है मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स "भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य" वर्ष 2024-25 के लिए यूनेस्को की विश्व विरासत सूची के लिए नामांकन किया गया था. इसमें बारह घटक भाग हैं- महाराष्ट्र में सालहेर किला, शिवनेरी किला, लोहागढ़, खंडेरी किला, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला किला, विजय दुर्ग, सिंधुदुर्ग और तमिलनाडु में जिंजी किला. वैविध्यपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों एवं क्षेत्रों में फैले हुए ये घटक मराठा शासन की रणनीतिक सैन्य शक्तियों को प्रदर्शित करते हैं. सुवर्णदुर्ग किला 17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच विकसित हुए भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य तत्कालीन  मराठा शासकों द्वारा परिकल्पित की गई एक असाधारण किलेबंदी और सैन्य प्रणाली का प्रतिनिधित्व करते हैं. किलों का यह असाधारण तन्त्र, पदानुक्रम, पैमाने और प्रतीकात्मक वर्गीकरण की विशेषताओं में भिन्नता लिए हुए  भारतीय प्रायद्वीप में सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं, कोंकण तट, दक्कन के पठार और पूर्वी घाटों के लिए विशिष्ट परिदृश्य,क्षेत्र एवं भौगोलिक विशेषताओं को एकीकृत करने का परिणाम है. सिंधुदुर्ग किला महाराष्ट्र में विद्यमान 390 से अधिक किलों में से केवल 12 किले भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य के अंतर्गत चुने गए है और  इनमें से आठ किले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया) द्वारा संरक्षित हैं. ये हैं शिवनेरी किला, लोहगढ़, रायगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला किला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग और जिंजी किलाI जबकि सालहेर किला, राजगढ़, खंडेरी किला और प्रतापगढ़ पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा संरक्षित हैं. भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य में सालहेर किला, शिवनेरी किला, लोहागढ़, रायगढ़, राजगढ़ और जिंजी किला पहाड़ी किले हैं, वहीं प्रतापगढ़ पहाड़ी-वन्य किला है एवं  पन्हाला पहाड़ी-पठार किला है तथा विजयदुर्ग तटीय किला है जबकि खंडेरी किला, सुवर्णदुर्ग और सिंधुदुर्ग द्वीपीय किले हैंI पन्हाला किला मराठा सैन्य विचारधारा की शुरुआत 17वीं शताब्दी में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल के समय 1670 ई. में हुई और यह बाद के नियमों के अनुसार 1818 ई. तक चले पेशवा शासन तक जारी रही.   सुशासन, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक कल्याण पीएम मोदी ने आगे लिखा, "जब हम गौरवशाली मराठा साम्राज्य की बात करते हैं, तो हम इसे सुशासन, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक कल्याण पर जोर से जोड़ते हैं. महान शासक किसी भी अन्याय के आगे न झुकने के अपने साहस से हमें प्रेरित करते हैं. मैं सभी से इन किलों को देखने और मराठा साम्राज्य के समृद्ध इतिहास के बारे में जानने का आह्वान करता हूं." पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट करते हुए लिखा, "ये 2014 में रायगढ़ किले की मेरी यात्रा की तस्वीरें हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन करने का अवसर मिला था. उस यात्रा को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा." महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपलब्धि पर एक्स पोस्ट में लिखा, "सचमुच, यह महाराष्ट्र और भारत के लिए एक अद्भुत क्षण है." उन्होंने संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का जिक्र करते हुए कहा, "इसे संभव बनाने के लिए आपके सभी प्रयासों और समर्थन के लिए धन्यवाद." वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह सम्मान भारत की प्राचीन सभ्यता और मराठा साम्राज्य की वास्तुकला की उत्कृष्टता को रेखांकित करता है. 'गौरव का क्षण…' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "यह सभी देशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है, जब UNESCO ने महाराजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज जी के जीवन से जुड़े 12 किलों को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया है. अभी कुछ ही दिन पहले रायगढ़ किले पर जाकर छत्रपति शिवाजी महाराज जी के जीवन से जुड़े प्रतीकों से आत्मसाक्षात्कार का सौभाग्य प्राप्त हुआ था." अमित शाह ने आगे कहा कि ये किले हिंदवी स्वराज की रक्षा के प्रमुख स्तंभ रहे हैं, और यहीं से स्वभाषा तथा स्वसंस्कृति के प्रति करोड़ों देशवासियों को सतत प्रेरणा मिलती रही है. ऐसा है इतिहास ये किले 17वीं से 19वीं सदी के बीच निर्मित हुए और मराठा साम्राज्य की सैन्य रणनीति, स्थापत्य कला और पर्यावरण के साथ सामंजस्य का प्रतीक हैं. इन किलों में रायगढ़, शिवनेरी, तोरण, लोहगढ़ और साल्हेर जैसे नाम शामिल हैं, जो मराठा शौर्य और साहस की कहानियां बयां करते हैं. इस उपलब्धि से महाराष्ट्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ

भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा से पेड़-पौधों में भी जीवन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय वैदिक साहित्य और परंपरागत ज्ञान ने हमें सिखाया है कि पेड़-पौधों में भी जीवन है। इसी आधार पर हम पेड़ -पौधों की पूजा भी करते हैं और उनको अपना संरक्षक भी मानते हैं। वे हमारे लिए जीवन यापन का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन में महाकाल परिसर में पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। अभियान का शुभारंभ मंत्रोउच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी और महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीत गिरी महाराज का शाल और महाकाल का प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने विदेशों में जाकर यह सिद्ध किया कि वनस्पतियों में भी जीवन है। वहां के लोगों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। विदेशी नागरिकों ने कहा कि जब आप यह बात भारत में बताएंगे तो आपकी खूब प्रशंसा होगी। इस पर डॉ. बोस ने बताया हम भारतीय तो परंपरागत ज्ञान से ही जानते हैं कि पेड़-पौधों में जीवन होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए। इससे हमें प्रकृति के उपकार को चुकाने अवसर मिलता है। हम कोशिश करें कि वर्षा ऋतु में पांच पौधे अवश्य लगाएं, इससे हम प्रकृति को उसके आशीर्वाद के बदले एक उपहार दे सकते हैं। इस अवसर पर उज्जैन प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद और संत उमेश नाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, अनिल जैन कालूखेड़ा, संजय अग्रवाल और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।