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विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करें, उनके उज्जवल भविष्य की चिंता सरकार करेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2047 तक भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनेगा और इसमें देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रदेश सरकार बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। शासकीय स्कूलों में कक्षा 6 और 9 के विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख साइकिलें वितरित की जा रही हैं। बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म तैयार करवाकर दी जाएंगी। सरकार ने शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें बांटी हैं। अब पुण्योदय प्रकल्प के माध्यम से कॉपियां भी उपलब्ध करा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में हिंद रक्षक संगठन द्वारा पुण्योदय प्रकल्प के 21वें वर्ष के अवसर पर बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स परिसर में प्रियजनों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉपी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि: शुल्क कॉपी वितरित की। स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के सपने पूरे किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थी स्कूल में टॉप करेगा, राज्य सरकार उसे इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान करेगी। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों के चिकित्सा शिक्षा की फीस में भी सरकार सहायता कर रही है। आगामी दो वर्ष में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंचेगी। सरकार द्वारा युवाओं के स्वावलंबन के लिए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य किये। विद्यार्थियों को नि:शुल्क कॉपियां वितरण का कार्य भी उनकी पुण्य-स्मृति में ही है। इंदौर में प्रतिवर्ष रंगपंचमी मनाने का अपना अलग आनंद है, रंगपंचमी को यह भव्य स्वरूप प्रदान करने का श्रेय भी पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ को ही जाता है। कार्यक्रम के आयोजक "हिंद रक्षक संगठन" के संयोजक श्री एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ ने "पुण्योदय प्रकल्प" के बारे में बताते हुए कहा कि वर्ष 2003 से इंदौर शहर के लगभग 300 समाजसेवी परिवार मिलकर प्रति वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक कॉपियां विद्यार्थियों को प्रति कॉपी मात्र एक रुपए के सांकेतिक शुल्क पर वितरित करते हैं। विद्यार्थियों को कॉपी वितरण का कार्य प्रतिवर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक जारी रहता है। उन्होंने इस कार्य में भागीदारी करने वाले सभी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, महापौर इंदौर डॉ. पुष्यमित्र भार्गव, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।  

मोहन भागवत का बड़ा बयान: उम्र 75 पार तो राजनीति से संन्यास जरूरी?

नई दिल्ली  आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत की एक टिप्पणी की बहुत चर्चा हो रही है। इस टिप्पणी के बहाने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना का कहना है कि उन्होंने 75 साल में रिटायरमेंट की बात करके पीएम नरेंद्र मोदी को संकेत दिया है। मोहन भागवत के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल है। दिलचस्प तथ्य यह है कि खुद मोहन भागवत इस साल 11 सितंबर को 75 वर्ष के हो जाएंगे और फिर 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी 75 साल के हो जाएंगे। ऐसे में उनके बयान को प्रधानमंत्री से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन उनकी टिप्पणी के एक हिस्से की बजाय पूरे बयान को सुनने पर पता चलता है कि जो बात वायरल हो रही है, वह उनके अपने शब्द ही नहीं हैं। मोहन भागवत ने जो कहा, वह आरएसएस के एक दिवंगत प्रचारक और सीनियर नेता मोरोपंत पिंगले की टिप्पणी थी। मोहन भागवत ने उनके जीवन पर आधारित पुस्तक 'मोरोपंत पिंगले: द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस' का नागपुर में विमोचन किया तो उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्सों का जिक्र करने लगे। इसी दौरान मोहन भागवत ने 75 साल में रिटायरमेंट वाली पिंगले की बात का जिक्र किया, जिसे पीएम नरेंद्र मोदी के लिए उनकी सलाह बताया जा रहा है। मोहन भागवत ने दरअसल मोरोपंत पिंगले के 75 साल के होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके बयान का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आपको 75 साल का होने पर शॉल ओढ़ाए जाने का मतलब है कि आपको रिटायर हो जाना चाहिए। मोरोपंत पिंगले के बयान को उद्धृत करते हुए मोहन भागवत ने कहा, ‘वृंदावन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग थी। वहां कार्यकर्ता आ रहे थे। उसी दौरान एक कार्यक्रम में शेषाद्री जी ने कहा कि आज अपने मोरोपंत पिंगले जी के 75 साल पूरे हुए हैं औऱ इस अवसर पर उन्हें शॉल ओढ़ा कर सम्मान करते हैं। फिर मोरोपंत पिंगले जी से बोलने का आग्रह किया गया। इस दौरान कार्यकर्ता मुस्कुरा रहे थे। मोरोपंत पिंगले खड़े हुए कहा कि मैं उठता हूं तो लोग हंसते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि शायद लोग मुझे लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मुझे लग रहा है कि जब मैं मर जाऊंगा तो लोग पत्थर मारकर देखेंगे कि मैं मर गया हूं या नहीं। 75 साल की शॉल जब ओढ़ी जाती है तो उसका अर्थ यह होता है कि आपने बहुत किया और अब दूसरों को मौका दिया जाए।’ रामजन्मभूमि आंदोलन के रणनीतिकार थे मोरोपंत पिंगले इसके आगे मोहन भागवत ने कहा कि मुझे मोरोपंत पिंगले जी का जिक्र करते हुए गर्व होता है। हम जो हासिल करते हैं या महिमा पाते हैं तो उससे चिपक जाते हैं। चिपकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मोरोपंत महान व्यक्ति थे, उन्होंने कभी चर्चा पाने या महत्व के लिए कार्य नहीं किया। वह रामजन्मभूमि आंदोलन के रणनीतिकार थे, लेकिन कभी आगे नहीं आए। इसकी बजाय अशोक सिंघल जी को आगे किया। भागवत ने कहा, ‘मोरोपंत पूर्ण निस्वार्थता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अनेक काम यह सोचकर किए कि यह कार्य राष्ट्र निर्माण में सहायक होगा।’ मोरोपंत पिंगले की सही हुई थी 1977 के चुनाव वाली भविष्यवाणी आपातकाल के बाद राजनीतिक मंथन के दौरान पिंगले की भविष्यवाणियों का हवाला देते हुए भागवत ने कहा, 'जब चुनाव का मुद्दा चर्चा में आया, तो मोरोपंत ने कहा था कि अगर सभी विपक्षी दल एकजुट हो जाएं तो लगभग 276 सीटें जीती जा सकती हैं। जब नतीजे आए, तो जीती गई सीटों की संख्या 276 ही थी।’ फिर भी मोरोपंत पिंगले ने कभी इसका श्रेय नहीं लिया।  

वेतन वृद्धि की तैयारी? 8वें वेतन आयोग पर चर्चा तेज, कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी सौगात

नई दिल्ली करोड़ों सरकारी कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मचारी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस बीच एक खबर ने इनकी खुशी और बढ़ा दी है. द इकोनॉमिक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में कहा है कि इस वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी (Employees Salary) 30 से 34 फीसदी तक बढ़ सकती है.  ब्रोकरेज फर्म एम्बिट कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि वेतन और पेंशन में 30-34% की वृद्धि कर सकता है, जिससे लगभग 1.1 करोड़ लोगों को लाभ होगा. नया वेतनमान जनवरी 2026 से लागू होने की उम्‍मीद है, लेकिन इसके लिए पहले वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार करनी होगी, फिर सरकार को भेजनी होगी और उसे मंजूरी देनी होगी. अभी तक सिर्फ ऐलान ही हुआ है. आयोग का अध्‍यक्ष कौन होगा और उसका कार्यकाल क्‍या होगा? अभी ये फैसला होना बाकी है.  किसे मिलेगा ये लाभ? 8th Pay Commission से लगभग 1.1 करोड़ लोगों को लाभ मिल सकता है, जिनमें करीब 44 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 68 लाख पेंशनर्स हैं. 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्ते और रिटायरमेंट बेनिफिट में ग्रोथ होगी.  क्‍या होता है फिटमेंट फैक्‍टर?  नए वेतन तय करने का एक खास हिस्‍सा फिटमेंट फैक्‍टर है, यह वह संख्‍या है जिसका यूज मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय किया जाता है. उदाहरण- सातवें वेतपन आयोग ने 2.57 के फैक्‍टर का इस्‍तेमाल किया था. उस समय इसने मिनिमम बेसिक सैलरी  7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया था. रिपोर्ट कहती है कि इस बार फिटमेंट फैक्‍टर 1.83 और 2.46 के बीच हो सकता है. कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितनी बढ़ोतरी मिलेगी, इसमें सटीक आंकड़ा अहम भूमिका निभाएगा.  क्‍या रहा है सैलरी बढ़ोतरी का इतिहास?  पिछले वेतन आयोगों ने कई लेवल पर सैलरी ग्रोथ दिखाई है. 6वें वेतन आयोग (2006) ने कुल वेतन और भत्तों में लगभग 54% की ग्रोथ दी थी. इसके बाद 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू किया गया, तब बेसिक सैलरी में 14.3% और अन्‍य भत्ते जोड़ने के बाद पहले साल में करीब 23 फीसदी की ग्रोथ दिखाई थी.  कैसे किया जाता है सैलरी का कैलकुलेशन?  एक सरकारी कर्मचारी की सैलरी में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (एचआरए), परिवहन भत्ता (टीए), और अन्य छोटे-मोटे लाभ शामिल होते हैं. समय के साथ, मूल वेतन का हिस्सा कुल पैकेज के 65% से घटकर लगभग 50% रह गया है और अन्य भत्तों का हिस्सा इससे भी ज्‍यादा हो गया है. इन सभी को जोड़कर ही मंथली सैलरी दी जाती है. पेंशनर्स के लिए भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे. हालांकि HRA या TA नहीं दिया जाएगा. 

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम  

लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त 12 जुलाई को, सीएम डॉ. यादव ने दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए खुशखबरी है। शनिवार 12 जुलाई को उज्जैन से सीएम डॉ मोहन यादव योजना की 26वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा है कि अगले माह अगस्त में रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। अप्रैल से 10 से 15 तारीख के बीच भेजी जाती है योजना की किस्त आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से राशि वितरण की तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त, 15 मई को 24वीं किस्त और 16 जून को 25वीं किस्त जारी की गई थी।अब 12 जुलाई को मोहन सरकार योजना की अगली किस्त जारी करने जा रही है। दिवाली बाद बहनों को हर माह मिलेंगे 1500     दिवाली के बाद भाई दूज से योजना की राशि में 250 रु का इजाफा किया जाएगा और हर माह 1250 की जगह 1500 रुपए मिलेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी।     दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। अभी वर्तमान में योजना के तहत 1250 रूपये प्रति माह की राशि लाड़ली बहनों को दी जा रही है।योजना के तहत चरणबद्ध रूप से राशि बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रति माह तक की जायेगी। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जून 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 25 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैंजिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।     लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?

‘ऑपरेशन सिंदूर में भारत को नुकसान हुआ हो तो दिखाएं सबूत’, NSA डोभाल की दो टूक

नई दिल्ली पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. डोभाल ने आईआईटी मद्रास में अपने संबोधन के दौरान कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विदेशी मीडिया ने झूठी खबरें फैलाई हैं. मुझे एक तस्वीर दिखाइए, जिसमें भारत को नुकसान पहुंचा हो. भारत को इस दौरान कोई नुकसान नहीं पहुंचा. डोभाल ने कहा कि टेक्नोलॉजी और वॉरफेयर के बीच संबंध हमेशा महत्वपूर्ण होता है. हमें ऑपरेशन सिंदूर पर नाज है. हमें गर्व है कि इस ऑपरेशन के दौरान हमने स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया. हमने सीमापार नौ पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले का फैसला किया था. इनमें सीमावर्ती इलाके में एक भी ठिकाना नहीं था. हमारे सभी निशाने सटीक रहे. हमने सिर्फ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया. उन्होंने कहा कि यह पूरा ऑपरेशन 23 मिनट का था. मुझे एक तस्वीर दिखा दीजिए, जिसमें भारत को नुकसान पहुंचा हो. यहां तक कि एक गिलास भी नहीं टूटा. विदेशी मीडिया ने कई चीजें कहीं. उन्होंने कुछ चुनिंदा तस्वीरों को आधार बनाकर पाकिस्तान के 13 एयरबेस को लेकर कई बातें कहीं. लेकिन 10 मई से पहले और इसके बाद पाकिस्तान के 13 एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें देखें. सब साफ हो जाएगा.  बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था. इसके तहत, भारतीय सेना ने पाकिस्तान और Pok में 9 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया था. इससे बौखलाकर पाकिस्तानी सेना ने भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था. चार दिन तक चले सैन्य टकराव के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच 'सीजफायर' हो गया था. भारत के साथ इस सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने एक बार नहीं बल्कि दो बार संपर्क किया था. पाकिस्तान ने पहली बार 7 मई की शाम को भारत से सीजफायर के लिए संपर्क किया था. पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की ओर से औपचारिक संदेश सहित भारत से संपर्क साधा गया था. सात मई की सैन्य कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था.  इसके बाद 10 मई को शाम 3.35 मिनट पर DGMO स्तर की वार्ता हुई, जिस दौरान दोनों तरफ से सीजफायर पर सहमति बनी. यह सहमति दोनों देशों के सैन्य संचार माध्यमों के जरिए हुई, जिसका उद्देश्य तनाव को कम करना था. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश, शासकीय भर्ती प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें अधिकारी

नवीन शासकीय भर्तियों के कार्य की सतत् समीक्षा करें, वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव नवीन शासकीय भर्तियों की सतत समीक्षा करें वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश, शासकीय भर्ती प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विभिन्न शासकीय विभागों में रिक्त पदों को भरने का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। रिक्त पदों पर सतत् रूप से नियुक्तियों का कार्य होने से विभागों के नियमित कार्यों में भी गति आ रही है। साथ ही वर्षों पश्चात पदोन्नतियों की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने से भी बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्ति का कार्य आसान हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी नवीन शासकीय भर्तियों के कार्य की सतत् समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में हुई एक बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागों में नियुक्तियों के कार्य की निरंतर समीक्षा भी की जाए। मुख्य सचिव स्तर और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागों को समय सीमा में कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। इस क्रम में विभागों से पालन प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए। इस कार्य को आवश्यक समन्वय और सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय कुमार शुक्ल ने लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मंडल और अन्य स्तर से नवीन शासकीय भर्तियों की प्रगति से अवगत करवाया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री सिबि चक्रवर्ती, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

छांगुर बाबा के काले कारनामों पर नए खुलासे, स्विस बैंक में अकाउंट, लड़कियों को फंसाने की ट्रेनिंग…

लखनऊ जैसे-जैसे 70 वर्षीय जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा से पूछताछ बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे उसके काले कारनमों की परतें खुलती जा रही है. चार हजार से भी ज्यादा लोगों को धर्मांतरण कराने वाले इस बुजुर्ग पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), एटीएस और आयकर विभाग जैसी शीर्ष जांच एजेंसियों ने एक्शन शुरू कर दिया है. छांगुर बाबा का सबसे करीबी सलाहकार अब्दुल मोहम्मद राजा बाबा को लड़कियों को फंसाने की बाकायदा ट्रेनिंग देता था. वहीं छांगुर बाबा के सहयोगी नवीन रोहरा का स्विस बैंक में भी एकाउंट होने की जानकारी मिली है.  धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर उर्फ जलालुद्दीन इस समय काफी चर्चा में है. पकी हुई दाढ़ी, फकीरों जैसा लबादा और आंखों पर मोटा चश्मा और लड़खड़ाती हुई चाल. इसकी 78 साल की उम्र पर मत जाइये क्योंकि आरोप संगीन हैं कि ये जैसा दिख रहा है, असल में वैसा है नहीं. ये हिंदू लड़कियों को झांसे में लेकर उन्हें मुसलमान बनाने के बड़े मज़हबी रैकेट का मास्टरमाइंड है. इसी के पीछे नसरीन भी है वो लड़की जो कभी सिंधी हिंदू थी. छांगुर ने सबसे पहले इसे और इसके पति को ही मजहबी जाल में फंसाया था और इसे नीतू से नसरीन बनाया था. इसके बाद से धर्मांतरण के खेल में ये नसरीन ही इसका सबसे बड़ा मोहरा थी, जो हिंदू लड़कियों को फंसाकर छांगुर के पास लाती थी और फिर उनसे भी धर्म बदलवाया जाता था. अब छांगुर बाबा की धर्मांतरण की रेट लिस्ट भी सामने आई है. ब्राह्णण लड़की के धर्मांतरण के लिए 15 से 16 लाख रुपये था फिक्स इतना ही नहीं छांगुर ने हिंदू लड़कियों में भी ब्राह्रण, क्षत्रिय, OBC- SC-ST के हिसाब से टारगेट सेट करके उनके धर्मांतरण की रेट लिस्ट बनाई हुई थी. होटलों के रेट कार्ड की तरह धर्मांतरण की रेट लिस्ट आपने पहले नहीं सुनी होगी. जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के नेटवर्क ने इसमें ब्राह्मण लड़कियों को इस्लाम कबूल करवाने के लिये 15 से 16 लाख रुपये रेट फिक्स कर रखा था. धर्मांतरण का यही 15 से 16 लाख रुपये का रेट उसने क्षत्रिय राजपूत लडकियों को मुसलमान बनवाने के लिये तय किया हुआ था. OBC वर्ग की हिंदू लड़की के धर्मांतरण के लिए 10 से 12 लाख था फिक्स वहीं पिछड़ी जाति यानी OBC वर्ग की हिंदू लड़की को कोई इस्लाम में कन्वर्ट कराता है तो उसके लिये 10 से 12 लाख रुपये का रेट फिक्स किया था. अन्य हिंदू जातियों यानी SC-ST वर्ग की लड़कियों का कोई धर्मांतरण करवाता है, तो उसके लिये रेट लिस्ट में कीमत 8 से 10 लाख रुपये रखी गई थी. ये अपने आप में हैरान करने वाला है कि धर्मांतरण का भी रेट कार्ड बनाया गया हो. ये रेट लिस्ट भी सवाल पैदा करती है कि हिंदू धर्मांतरण के लिये छांगुर को ऐसी कितनी विदेशी फंडिंग मिल रही थी? क्या इसी फंडिंग की बदौलत उसने दरगाह के पास ही हिंदू धर्मांतरण का करोड़ों का अवैध हेडक्वार्टर खड़ा किया था ?.  3 से 4 हजार हिंदुओं की लिस्ट बना रखी थी  सूत्रों के मुताबिक छांगुर की धर्मांतरण गैंग ने 3 से 4 हजार हिंदुओं की लिस्ट बना रखी थी जो सॉफ्ट टारगेट थे. दावा किया जा रहा है कि 40 हिंदुओं का धर्मांतरण करा भी चुका है. छांगुर और नसरीन को रिमांड पर लेकर यूपी ATS को इस धर्मांतरण रैकेट के सारे मंसूबे पता करने हैं. हिंदू धर्मांतरण के इस सनसनीखेज मामले में 9 आरोपी हैं, लेकिन गिरफ्तारी अभी सिर्फ 4 की हुई है. छांगुर पर यूपी ATS ने नवंबर 2024 में FIR की थी लेकिन गिरफ्तारी 5 जुलाई को हुई. जब छांगुर और नसरीन लखनऊ के स्मार्ट रूम होटल में बाप-बेटी की पहचान बताकर छिपे हुए थे.  छांगुर के पास 106 करोड़ रुपये मिडिल ईस्ट से आए मुंबई की हाजी अली दरगाह पर अंगूठियां बेचने वाले जलालुद्दीन उर्फ करीमुल्ला शाह उर्फ छांगुर ने कब हिंदू धर्मांतरण की साजिश शुरू की, कैसे करोड़ों का आसामी बना ये गुत्थी ED भी सुलझा रहा है. छांगुर पर विदेशी फंडिंग लेने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का भी आरोप दर्ज हैं. ED जांच में खुलासा हुआ है कि छांगुर के पास 106 करोड़ रुपये मिडिल ईस्ट से आए थे, ये 106 करोड़ रुपये 40 अलग-अलग बैंक खातों में जमा हुए. FIR में दर्ज है कि छांगुर ने कुछ वर्षों में 100 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति बनाई है. ये पैसा धोखाधड़ी और धर्मांतरण के एवज में कमाया गया है. इन पैसों से घर, दुकानें, स्कूल और कई धार्मिक संस्थाएं बनवाई हैं. ED ने छांगुर पर आरोपों का सारा चिट्ठा यूपी ATS से ले लिया है, दुबई और शारजाह से फंडिंग की बात जांच दायरे में है. इसके लिये छांगुर के 40 खातों की डिटेल्स निकाली जा रही हैं. दरगाह से छांगुर ने धर्मांतरण का पूरा नेटवर्क खड़ा किया मधपुर गांव में अपने अवैध अड्डे के पास इसी चांद औलिया दरगाह से छांगुर ने धर्मांतरण का पूरा नेटवर्क खड़ा किया. खुद को पीर बताकर यहीं से हिदुओं को फंसाने और उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम को अपनाने के लिये बरगलाना शुरू किया था. छांगुर उर्फ़ जलालुद्दीन शिज्र-ए-तैयबा के हवाले से तकरीर करता था, चांद औलिया दरगाह पर भीड़ में ज्यादातर गरीब हिंदू दलित होते थे. छांगुर ब्रेनवॉश करता था, कहता था कि इस्लाम में ही हर दुख की दवा है. छांगुर बलरामपुर के आसपास भी कई कार्यक्रम आयोजित करता था, इन कार्यक्रमों में भीड़ जुटाकर इस्लाम कबूलने के लिये प्रेरित किया जाता था. गरीब हिंदुओं की भीड़ जुटाने में छांगुर के कई रिश्तेदारों के साथ नीतू उर्फ नसरीन का भी बड़ा रोल था. नीतू खुद के  नसरीन बनने की कहानी बताकर हिंदू लड़कियों को बरगलाती थी और चमत्कार का झांसा देकर छांगुर के पास लाती थी. ऐसे फैला रहा था धर्मांतरण का जाल एटीएस की एफआईआर में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. बाबा ने 'शिजरा-ए-तय्यबा' नाम की किताब के जरिए दलितों, गरीबों और महिलाओं को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया. उसके धार्मिक प्रवचनों में ऐसे तत्व थे जो लोगों के मन में भ्रम और असंतोष पैदा करते थे. जांच में सामने आया है कि 3 से 4 हजार हिंदुओं को टारगेट कर वह उन्हें जबरन या लालच देकर इस्लाम में शामिल कर चुका है. इनमें करीब 1500 से … Read more

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ जिले के सभी 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा वितरण रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है। रायगढ़ जिले के सभी 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट फूड अब महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की सभी परियोजनाओं रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

न्यू मार्केट में दिखे सीएम, बिना तामझाम के फल खरीदते देख हैरान रह गए लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 जुलाई की रात एक चौंकाने वाला लेकिन शानदार नजारा देखने को मिला, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक न्यू मार्केट पहुंचे। आम जनता के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल लोगों से बातचीत की और हालचाल जाना, बल्कि एक ठेले वाले से फल भी खरीदे और उसका डिजिटल पेमेंट किया। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को बेहद पसंद आया। बाजार में सीएम को देख चौंके लोग सीएम को अचानक बाजार में देख लोगों को उनकी सादगी पसंद आई। लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि उनके मुख्यमंत्री इतनी सहजता से उनके बीच खड़े हैं। अचानक सीएम को अपने बीच में देखकर लोग अचंभित नजर आए। काफिले में नहीं, सिर्फ दो गाडियों से पहुंचे न्यू मार्केट मुख्यमंत्री डॉ. यादव सादगी के साथ सिर्फ दो वाहनों में बाजार पहुंचे और 15 मिनट रुक कर फल खरीदे और निवास लौट गए। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन आमतौर पर सीएम का काफिला जिस रूट से गुजरता है। अमूमन 10-15 मिनट पहले पुलिस उस रूट पर ट्रैफिक रोक देती है लेकिन, सीएम ने अपने दौरे की किसी को जानकारी नहीं दी। वे जब फल लेकर वापस सीएम हाउस की तरफ जाने लगे तो सिग्नल पर रेड लाइट देखकर उनकी गाड़ी रुक गई। सीएम ने सिग्नल पर ट्रैफिक नहीं रोकने दिया। बल्कि, ग्रीन सिग्नल होने पर ही वे आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने सीएम का यह अंदाज देख वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। डॉ. मोहन यादव बिना भारी-भरकम सुरक्षा के केवल दो वाहनों के काफिले के साथ बाजार पहुंचे और करीब 15 मिनट तक वहां रुके। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का भी पूरी तरह पालन किया। फल विक्रेता से उन्होंने न सिर्फ सामान लिया, बल्कि उसके व्यवसाय और हालचाल की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री को यूं अपने बीच सहजता से खड़ा देख लोग आश्चर्यचकित रह गए और उनके इस व्यवहार की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह बेफिक्र और जनता से जुड़ाव दर्शाने वाला अंदाज सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन इतना ही नहीं, लौटते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेड सिग्नल पर अपनी गाड़ी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन किया। उनके इस आचरण से यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है, चाहे वह आम व्यक्ति हो या कोई पदाधिकारी। उनका सादगीभरा व्यवहार प्रदेशवासियों को यह सिखाता है कि सच्चे नेतृत्व का अर्थ केवल पद ग्रहण करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना भी है।