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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना का शुभारंभ

शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए महू, देवास, नरसिंहपुर के स्कूलों को 5-5 लाख का पुरस्कार शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व सुविधा युक्त भवन का लोकार्पण 36 करोड़ की लागत से निर्मित भवन में प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम की सुविधाएं स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को अब दी जाएगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई देशों के नागरिक सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव में गुरुजनों का किया सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगार परक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। बेहतर शिक्षा के बूते ही भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र बनकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हमारी वसुधैव कुटुबंकम की भावना से ऋषि-मुनियों के काल में भारतीय ज्ञान से दुनिया के कई देश प्रकाशमान हुए थे। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं छात्रों को गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुभकामानाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए महू, देवास, नरसिंहपुर के विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक प्रबंधन विकास के लिए 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को कुलगुरु की संज्ञा दी गई है, क्योंकि गुरु ही हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। प्रतीक स्वरूप 50 विद्यार्थियों को साइकिल वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को नि:शुल्क साइकिल वितरण के 2 दिवसीय अभियान का शुभारंभ करते हुए 50 विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने एक धुन में साइकिल की घंटी बजाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। अभियान के पहले दिन विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों को 4 लाख 30 हजार साइकिलें बांटी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गुरुजनों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए शिक्षक श्री मनोज सोहनी, श्री देवेंद्र बंसल, डॉ. एस.के. पाल, श्री मनोज कौशल, श्री सुरीत दास बनोथे, श्रीमती शुभांगी नामड़े, श्रीमती सारिका शर्मा, श्रीमती वंदना रामचंदानी, श्री योगेश विश्नोई और श्रीमती बख्तौर खान को अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया। प्रधानमंत्री को 27 देशों का सर्वोच्च सम्मान मिलना देशवासियों को करता है गौरवान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री मोदी को नामीबिया, ब्राजील, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा घाना के राष्ट्राध्यक्षों द्वारा अपने देश का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान दिए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। भारत हर क्षेत्र में विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री को 27 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना 140 करोड़ देशवासियों को गौरवान्वित करता है। झाबुआ और रतलाम सांदीपनि विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत के साथ विकास की भावना से प्रदेश के सर्व सुविधायुक्त विद्यालय अब महर्षि सांदीपनि के नाम से पहचान बना रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए शासकीय बस सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। दूसरी ओर, पात्र स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने के लिए राज्य सरकार साइकिलें बांट रही है। ये साइकिलें हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। इनसे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। सरकार अगले सत्र में बच्चों को यूनिफॉर्म तैयार करवा कर बांटेगी। साथ ही अगले वर्ष 75 प्रतिशत तक अंक लाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लगभग 1 लाख लैपटॉप बांटे जाएंगे। प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी भी वितरित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष झाबुआ और रतलाम सांदीपनि विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार मिला। दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ दिया।    उज्जैन में प्रारंभ होगा आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों के उन्नयन के साथ प्रदेश के 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों में भी नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जहां विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसी उद्देश्य से उज्जैन में आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का विलय कर मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्थ सेक्टर में नवाचार किया है। सरकार छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज खोलने पर जोर दे रही है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश में आगामी 2 वर्ष के अंदर एमबीबीएस की सीटें 10 हजार हो जाएंगी। मध्यप्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जहां नीट पास करने के बाद सरकार मेडिकल एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों को भरपूर सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी केवल नौकरी करने वाले नहीं, नौकरी देने वाले भी बनें। डॉक्टर बनकर छोटे शहरों में अस्पताल खोलें, राज्य सरकार इसके लिए भी 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है। सरकार युवाओं के स्वावलंबन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को मिलेगा रक्षाबंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय समाज में उनका अलग ही स्थान है। प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में 2029 तक देश की बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को छात्रा संतोषी साहू ने हस्तनिर्मित पोर्ट्रेट भेंट किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय के 36 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। शाला परिसर में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- महर्षि सांदीपनि की शिक्षा से भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु की मिली उपाधि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरू महर्षि सांदीपनि द्वारा प्रदान की गई विद्या से ही भगवान श्रीकृष्ण को विश्व-गुरू की उपाधि मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन के महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के दर्शन किये और पूजन-अर्चन कर आरती की। पंडित राजेश जोशी ने पूजा अर्चना संपन्न करवायी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अति प्राचीन श्री कुंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से लगातार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सांदीपनि आश्रम आकर दर्शन और पूजा अर्चना करते हैं। महर्षि सांदीपनि आश्रम का अतीत अत्यंत गौरवशाली और अद्वितीय रहा है। आज से लगभग 5000 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण, श्री सुदामा और श्री बलराम ने यहां आकर महर्षि सांदीपनि से विद्या ग्रहण की थी। भगवान श्रीकृष्ण ने यहां उनके गुरु महर्षि सांदीपनि व्यास से बहुत कम दिनों में 14 विद्या और 64 कलाओं का अध्ययन किया था। एक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास कैसे हो सकता है, इसका इतिहास इसी सांदीपनि आश्रम में रचा गया था। महर्षि सांदीपनि के द्वारा प्रदान की गई विद्या से ही भगवान श्रीकृष्ण को विश्व गुरु की उपाधि मिली। वर्तमान में भारत फिर अपने गौरवशाली अतीत को प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को गुरु पूर्णिमा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री संजय अग्रवाल, श्री राजपाल सिंह सिसोदिया सहित अधिकारी और नागरिक मौजूद रहे। महर्षि सांदीपनि व्यास के वंशज और मंदिर के पुजारी परिवार के सदस्यों ने जानकारी दी कि प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में विशेष आयोजन किया जाता है। सांदीपनि आश्रम में प्रातः विशेष पूजन अर्चन और पंचामृत अभिषेक किया गया। साथ ही प्रथम बार शिक्षा प्रारंभ करने वाले विद्यार्थियों के द्वारा यहां पर स्लेट की पूजा की गई।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री काल भैरव का पूजन किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में भगवान श्री काल भैरव मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजन अर्चन किया और देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री महाकाल की नगरी से देश और प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा पर्व की मंगलकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी प्राचीन विरासत को सहेजकर 'विरासत से विकास' के ध्येय को आत्मसात कर तीव्र गति से विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनेगा।

महाराष्ट्र के हिंगोली में चिंता बढ़ाने वाला खुलासा, हजारों महिलाओं में दिखे कैंसर के संकेत,स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

 हिंगोली  महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 14,500 महिलाओं में कैंसर जैसे लक्षण पाए गए हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबितकर ने गुरुवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की संजीवनी स्कीम के तहत स्क्रीनिंग के दौरान इन महिलाओं के बारे में यह जानकारी मिली। प्रकाश आबितकर ने अपने एक लिखित जवाब में विधानसभा में बताया कि 8 मार्च को महिला दिवस से सर्वे की शुरुआत की गई थी। इसके तहत कुल 2,92,996 महिलाओं के बीच जाकर सर्वे किया गया। इस सर्वे के दौरान महिलाओं से कुछ सवाल पूछे गए, जिनके उन्होंने जवाब दिया। इन जवाबों के आधार पर ही यह पता चला है कि करीब 14,500 महिलाओं में कैंसर जैसे लक्षण हैं। उन्होंने कहा, 'कुल 14,542 महिलाओं में से तीन को गर्भाशय का कैंसर पाया गया है। इसके अलावा एक महिला को स्तन कैंसर है और 8 को माउथ कैंसर है। यह जानकारी जिला कलेक्टर की ओर से कैंसर को लेकर चलाए गए जागरूकता अभियान में सामने आई है। यह अभियान इसलिए चलाया गया है ताकि कैंसर की जानकारी शुरुआती स्टेज में ही पता चल सके और फिर उन लोगों का इलाज कराया जा सके।' हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए अलग से किसी कैंसर अस्पताल के निर्माण का प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह जरूर कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्क्रीनिंग की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि पता चल सके कि महिलाओं में कैंसर की क्या स्थिति है। जिला अस्पतालों में भी इसकी जांच की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से करार हुआ है। टाटा मेमोरियल अस्पताल की ओर से एक टीम महीने में दो बार अस्पतालों में जाएगी और वहां कैंप लगाकर जांच करेगी। यही नहीं निचले स्तर पर जांच के लिए कैंसर योद्धाओं को ट्रेनिंग भी टीम की ओर से दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 8 जिला अस्पतालों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर भी शुरू किए गए हैं। इसके अलावा ऐसे सेंटर्स को राज्य के अन्य जिलों में भी स्थापित करने की तैयारी है।

वनांचल में वनोपज बना आजीविका का आधार, केदार कश्यप ने बताया बदलाव का सूत्र

वन मंत्री की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति रायपुर वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति(आईडीसी)की 307वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा मजबूती मिलेगी और वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 306वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों जैसे महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया। इस अवसर पर सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ की झलक दिखाने वाला दर्शनीय भवन होगा विधानसभा की नई बिल्डिंग – अरुण साव

विधानसभा के नए भवन का काम सितम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य, इंटीरियर और फर्नीचर का काम जोरों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन विधानसभा भवन के कार्यों का किया निरीक्षण, निर्धारित समय पर काम पूर्ण करने के दिए निर्देश छत्तीसगढ़ की झलक दिखाने वाला दर्शनीय भवन होगा विधानसभा की नई बिल्डिंग – अरुण साव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन तीनों विंगों के कार्यों का बारिकी से अवलोकन कर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। विधानसभा के नवीन भवन का सिविल वर्क पूर्ण होने के बाद फर्नीचर और इंटीरियर का काम प्रगति पर है। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नए विधानसभा भवन में कार्यों के निरीक्षण के बाद कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा यहां सभी कार्यों को सितम्बर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। तदनुसार आगामी 1 नवम्बर को राज्योत्सव पर इसे छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित करने की तैयारी की जाएगी। नए भवन में विंग-ए जहां विधानसभा सचिवालय लगेगा और विंग-सी जहां उप मुख्यमंत्रियों एवं मंत्रियों के कार्यालय रहेंगे, का काम लगभग पूर्णता की ओर है। विधानसभा के सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय वाले विंग-बी में भी फर्नीचर और इंटीरियर का काम जल्दी चालू होगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यों के निरीक्षण के दौरान विधानसभा के सदन में विधायकों के लिए लगने वाली कुर्सी का अवलोकन कर इसकी विशेषताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विधानसभा के नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प की झलक मिलेगी। यह राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए दर्शनीय भवन होगा। 52 एकड़ में बन रहा विधानसभा भवन, 200 सदस्य बैठ सकेंगे सदन में नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन 52 एकड़ में निर्माणाधीन है। इसके सदन में सदस्यों की बैठक क्षमता 200 होगी। नए विधानसभा भवन के एक विंग में विधानसभा सचिवालय, दूसरे में विधानसभा का सदन, सेंट्रल-हॉल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का कार्यालय तथा तीसरे विंग में मंत्रियों के कार्यालय होंगे। यहां 500 दर्शक क्षमता का ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। 700 कारों की पार्किंग क्षमता वाले परिसर में डेढ़-डेढ़ एकड़ के दो सरोवरों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के सहकारी कार्यकर्ताओं के साथ किया संवाद महिला प्रतिनिधियों ने साझा किये केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से संवाद के अनुभव केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना भोपाल  केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुजरात के आणंद में अमूल एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के विविध विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से आये सहकारी समितियों के सदस्यों, विशेषकर महिला प्रतिनिधियों से संवाद कर सहकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा। इसमें मध्यप्रदेश की विभिन्न पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए, जिस पर उन्हें सराहना मिली। धार जिले की श्रीमती रुचिका परमार – नवाचार की ओर बढ़ती पैक्स केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की नौगांव पैक्स की प्रबंधक श्रीमती रुचिका परमार ने बताया कि उनकी संस्था से 2508 सदस्य जुड़े हैं और प्रतिवर्ष लगभग ₹15 करोड़ मूल्य का नकद एवं खाद वितरण किया जाता है। संस्था समर्थन मूल्य योजना और पीडीएस संचालन के साथ अनुपयोगी भूमि पर मैरिज गार्डन की योजना पर कार्य कर रही है। मंत्री शाह ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक से ऋण के लिए आवेदन करने की सलाह दी एवं पैक्स को आयवर्धक गतिविधियाँ जैसे हर घर नल योजना का रखरखाव, सीएससी सेंटर, डेयरी इकाई, माइक्रो एटीएम और बैंक मित्र जैसी सेवाएँ शुरू करने के लिये प्रेरित किया। किसान श्रीमती सुदामा अछालिया – आधुनिक तकनीकों से बढ़ी आय केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की कृषक श्रीमती सुदामा अछालिया ने बताया कि वे ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर टमाटर, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती कर रही हैं। संस्था से उन्हें बिना ब्याज पर ऋण भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के उपयोग से उनकी उत्पादकता में 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री शाह ने उन्हें एनएएफईडी और एनसीसीएफ के माध्यम से पंजीकरण कर फसलें एमएसपी पर बेचने की सलाह दी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसान मंडी में बेहतर दाम पाएँ तो स्वतंत्र हैं, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर होने पर भारत सरकार उनकी फसल खरीदेगी। श्रीमती सुदामा ने मक्का की बुवाई के लिए हाथ से चलने वाली मशीन सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, जिस पर केंद्रीय मंत्री शाह ने बताया कि एक नई योजना के तहत पैक्स के माध्यम से कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। रायसेन के कुंवर सिंह दांगी – नेपियर घास से बढ़ी आमदनी केंद्रीय मंत्री शाह को रायसेन जिले की सलामतपुर पैक्स के प्रतिनिधि कुंवर सिंह दांगी ने बताया कि उनकी समिति ने 50 एकड़ क्षेत्र में नेपियर घास की खेती प्रारंभ की है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ ₹1 लाख तक का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का मशरूम वर्ल्ड कंपनी से टाईअप भी हुआ है। मंत्री शाह ने पैक्स के बायलॉज में किए गए संशोधन का उल्लेख करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक के निरीक्षक से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नई गतिविधियों को जोड़ने की सलाह दी। दांगी ने बताया कि उनकी समिति प्रधानमंत्री अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत 2 एकड़ भूमि पर 3000 टन क्षमता का वेयरहाउस स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। खरगोन के वीरेंद्र सिंह चौहान – जनऔषधि केंद्र से ग्रामीणों को राहत केंद्रीय मंत्री शाह को खरगोन पैक्स के सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनकी संस्था जन औषधि केंद्र का संचालन कर रही है, जहाँ बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। छह माह में ₹8 लाख की औषधियाँ बेची गई हैं। केंद्र स्थानीय अस्पताल से मात्र 300 मीटर दूर है, जिससे लोगों को सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि एक बी-फार्मा केमिस्ट को नियुक्त किया गया है और प्रचार के लिए घरों में पेम्फलेट वितरण एवं हाट में उद्घोषणा की जा रही है। मंत्री शाह ने सुझाव दिया कि गाँव में प्रचार कर लोगों को जागरूक करें कि यहाँ डायबिटीज की दवाएँ मात्र 20 प्रतिशत, बीपी की दवाएँ 10 प्रतिशत, और मौसमी बीमारियों की दवाएँ 35 प्रतिशत लागत में मिलती हैं, जिससे केंद्र की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी सराहा कि डॉक्टर अब जन औषधि की दवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहकारिता आंदोलन को गति देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश में दो लाख नई पैक्स का गठन किया जाएगा, जो उत्पादन, अनाज विक्रय और ग्रामीण सेवा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। साथ ही, एक राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय तथा तीन नई डेयरी आधारित सहकारी समितियाँ स्थापित की जाएंगी, जिससे सहकारिता क्षेत्र को शिक्षित, संगठित और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा। पैक्स को बहुआयामी संस्था में रूपांतरित करने का आह्वान कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि पैक्स को केवल खाद या बीज वितरण तक सीमित न रखें। उन्हें खाली जमीन का उपयोग, मशीन किराये पर देना, जनऔषधि केंद्र का संचालन, और नई कृषि तकनीकों का प्रयोग करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। उन्होंने सभी सहकारी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मॉडल बायलॉज, कृषि एप्स, और नवीन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपनी समिति को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सेवा-प्रधान इकाई के रूप में विकसित करें।  

छत्तीसगढ़ PWD की बड़ी कार्रवाई, 16 सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए मांगी ऑनलाइन टेंडर

छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रदेश के 16 सड़क और पुल निर्माण कार्यों की ऑनलाइन निविदा जारी छत्तीसगढ़ में 16 सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने जारी की ऑनलाइन निविदा प्रदेश में अधोसंरचना विकास को लेकर पहल, लोक निर्माण विभाग ने 16 कार्यों की निविदा की जारी छत्तीसगढ़ PWD की बड़ी कार्रवाई, 16 सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए मांगी ऑनलाइन टेंडर रायपुर  बरसात आते ही प्रदेश के कई गांव शहरों से कट जाते थे। मरीजों का अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल, स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई ठप और बाजार में सब्जी-धान पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता था। मगर अब लोक निर्माण विभाग, नवा रायपुर-अटल नगर ने इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने अत्याधुनिक ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली से 601.89 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 16 सड़क और पुल निर्माण कार्यों की ऑनलाइन निविदा जारी कर दी है। वहीं, निर्माण कार्य सितंबर से प्रारंभ होने की संभावना है। इन जगहों पर बिछेगा सड़कों का जाल धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायपुर जिले के दूरदराज गांव, जो अब तक हर बरसात में मुख्य शहरों से कट जाते थे, वहां अब मजबूत पुलों और चौड़ी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। मरीजों को होती थी दिक्कत कई क्षेत्रों में बरसात के दौरान पुलिया बह जाने या कच्ची सड़कें धंस जाने से एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती थी। अब रोड का निर्माण होने पर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा। अब तकनीक से होगी राहत की शुरुआत पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी इन टेंडरों में सड़कों का मजबूतीकरण, चौड़ीकरण, सीमेंट-कांक्रीट निर्माण और उच्च क्षमता वाली पुल-पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। सबसे बड़ा काम छुरा से नवागांव होकर भटगांव तक 24 किमी मार्ग का है, जिसकी लागत 270.30 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं रायपुर-बलौदाबाजार-भाटापारा, पत्थलगांव जैसे इलाकों में भी करोड़ों की लागत से सड़कों का निर्माण होगा। चितरपुर–रेवई मार्ग पर सेमरमुड़ा नदी पर उच्चस्तरीय पुल व पहुंच मार्ग बेमेतरा–नवागढ़–मुंगेली मार्ग (एसएच-07) चौड़ीकरण व मजबूतीकरण राजनांदगांव–कवर्धा–पोंडी मार्ग (एसएच-05) चौड़ीकरण व मजबूतीकरण डोंगरगढ़–चौकी–मोहला–मानपुर मार्ग (एसएच-24) चौड़ीकरण व मजबूतीकरण पैगा से सरईकेरचा पहुंच मार्ग (5.00 किमी) पालीटेक्निक कालेज भवन निर्माण बहतराई हाकी स्टेडियम में फ्लड लाइट सप्लाई व इंस्टालेशन धनुहारपारा–नवागांव मार्ग पर बोराई नदी पर पुल सिलादेही–मौहाडीह मार्ग निर्माण (2.325 किमी) सिरगिट्टी–सरवानी–बरतोरी मार्ग उन्नयन (28.45 किमी) धारानगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में 100 सीटर छात्रावास भवन भदरापारा–बरभांठा मार्ग निर्माण (2.70 किमी) केरापाठ–गायबुड़ा मार्ग (4.86 किमी, पुल-पुलिया सहित) भैरमगढ़ टाउन मार्ग निर्माण (5.00 किमी, शेष कार्य) चैनपुर–खम्हरिया मार्ग पर रेहण्ड नदी पर पुल व सड़क सुबरा (कटंगपारा)–सलिहापारा मार्ग पर खारून नदी पर उच्चस्तरीय पुल व सड़क गौरतलब है कि प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में भारी बारिश के कारण कई बार वहां के लोगों का संपर्क पास के शहरों के कट जाता था। अब इस समस्या के समाधान के लिए सरकार की ओर से कदम उठाया गया है। ऐसे 16 सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य के लिए सरकार की ओर से 601.89 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया गया है।  

मुख्यमंत्री साय ने पद्म सम्मानित डॉ. सुरेंद्र दुबे को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा स्थित सालासर बालाजी धाम के सभागार में आयोजित सुप्रसिद्ध कवि पद्मडॉ. सुरेंद्र दुबे की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय डॉ. दुबे के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें  श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। सभी को हँसाने वाला यह महान कवि आज हमें रुलाकर चला गया। उन्होंने अपनी विलक्षण काव्य प्रतिभा के माध्यम से न केवल देशभर में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उनका आकस्मिक निधन पूरे राज्य और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई असंभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक कवि सम्मेलनों में भाग लिया है, और शायद ही कोई प्रमुख आयोजन ऐसा रहा हो जहाँ डॉ. दुबे की उपस्थिति न रही हो। हर मंच पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा विशेष सम्मान प्राप्त होता था। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी श्रद्धांजलि सभा में स्व. डॉ. सुरेंद्र दुबे को नमन करते हुए कहा कि वे केवल एक कवि नहीं, बल्कि एक जिंदादिल और ऊर्जावान व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को सम्मान दिलाया। उन्होंने प्रदेश के कोने-कोने में घूम-घूमकर लोगों को न केवल हँसाया, बल्कि सामाजिक चेतना भी जगाई। इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र दुबे के परिजन एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

194वीं SLBC बैठक में मुख्य सचिव ने की अध्यक्षता, बैंकिंग योजनाओं की हुई समीक्षा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन की अघ्यक्षता में मंत्रालय में 194 वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक हुई। बैठक में 192 एवं 193 वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बैंक बिजनिस, क्रेडिट प्लान, प्रदेश में नवीन बैंक शाखाओं की अद्यतन स्थिति, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा स्कीम, के अलावा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य विषयों पर चर्चा की गयी।    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएम स्वनिधि योजना के 19196 प्रकरणों के लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त की एवं संबंधित बैंक प्रबंधकों को नोटिस देने के निर्देश दिये। साथ ही सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण 15 दिन में करने के लिए निर्देशित किया। स्वामित्व योजना का लाभ हितग्राहियों को देने के निर्देश दिये गये। मुख्य सचिव ने विभिन्न योजनाओं में इंश्योरंस क्लेम की जानकारी देने वित्तीय जागरूकता अभियान चलाने के लिए वित्त विभाग को निर्देशित किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, अनुपम राजन,  प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश राघवेंद्र  कुमार सिंह, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक कुमार पोरवाल एवं बैंकों के मुख्य महाप्रबंधक, प्रबंधक एवं निदेशक उपस्थित थे।       

शशि थरूर बोले– आज का भारत अलग है, इमरजेंसी जैसे हालात दोहराए नहीं जा सकते

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि इससे पता चलता है कि किस तरह से अक्सर आजादी को छीना जाता है. उन्होंने कहा कि आपातकाल यह भी दिखाता है कि कैसे दुनिया 'मानवाधिकारों के हनन' से अनजान रही. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 1975 की इमरजेंसी पर एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी के इस फैसले की जमकर आलोचना की है. लोकतंत्र के समर्थक रहें सतर्क प्रोजेक्ट सिंडीकेट की तरफ से प्रकाशित लेख में थरूर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सत्तावादी नजरिये ने सार्वजनिक जीवन को डर और दमन की स्थिति में धकेल दिया. थरूर ने लिखा कि पचास साल पहले प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल ने दिखाया था कि कैसे आज़ादी को छीना जाता है, शुरू में तो धीरे-धीरे, भले-बुरे लगने वाले मकसद के नाम पर छोटी-छोटी लगने वाली आजादियों को छीन लिया जाता है. इसलिए यह एक ज़बरदस्त चेतावनी है और लोकतंत्र के समर्थकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. थरूर ने लिखा, 'इंदिरा गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कठोर कदम जरूरी थे, सिर्फ आपातकाल की स्थिति ही आंतरिक अव्यवस्था और बाहरी खतरों से निपट सकती थी, और अराजक देश में अनुशासन और दक्षता ला सकती थी.' जून 1975 से मार्च 1977 तक करीब दो साल तक चले आपातकाल में नागरिक स्वतंत्रताएं निलंबित कर दी गईं और विपक्षी नेताओं को जेल में भर दिया गया.  उन्होंने कहा कि अनुशासन और व्यवस्था की चाहत अक्सर बिना कहे ही क्रूरता में तब्दील हो जाती थी, जिसका उदाहरण इंदिराजी के बेटे संजय गांधी की ओर से चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान थे, जो गरीब और ग्रामीण इलाकों में केंद्रित थे, जहां मनमाने लक्ष्य हासिल करने के लिए ज़बरदस्ती और हिंसा का इस्तेमाल किया जाता था. इमरजेंसी में हजारों लोग हुए बेघर उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे शहरी केंद्रों में बेरहमी से की गई झुग्गी-झोपड़ियों को ढहाने की कार्रवाई ने हज़ारों लोगों को बेघर कर दिया और उनके कल्याण की कोई चिंता नहीं की गई. उन्होंने लिखा कि आपातकाल ने इस बात का ज्वलंत उदाहरण पेश किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं कितनी कमज़ोर हो सकती हैं, यहां तक कि ऐसे देश में भी जहां वे मज़बूत दिखती हैं. इसने हमें याद दिलाया कि एक सरकार अपनी नैतिक दिशा और उन लोगों के प्रति जवाबदेही की भावना खो सकती है जिनकी वह सेवा करने का दावा करती है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता थरूर ने यह भी बताया कि किस तरह अहम लोकतांत्रिक स्तंभों को खामोश कर दिया गया और हिरासत में यातनाएं दी गईं. एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल हत्याएं बड़े पैमाने पर की गईं, जिससे उन लोगों के लिए 'काली सच्चाई' की तस्वीर सामने आई, जिन्होंने शासन की अवहेलना करने की हिम्मत दिखाई थी.  थरूर ने कहा कि न्यायपालिका भी भारी दबाव के आगे झुक गई, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण और नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकार को निलंबित कर दिया. उन्होंने कहा, 'पत्रकार, कार्यकर्ता और विपक्षी नेता सलाखों के पीछे पाए गए. व्यापक संवैधानिक उल्लंघनों ने मानवाधिकारों के हनन की एक भयावह सीरीज को को जन्म दिया. आज का भारत ज्यादा मजबूत अपने लेख में थरूर ने कहा कि आज का भारत 1975 का भारत नहीं है. हम ज़्यादा आत्मविश्वासी, ज़्यादा समृद्ध और कई मायनों में ज़्यादा मज़बूत लोकतंत्र हैं. फिर भी आपातकाल के सबक चिंताजनक रूप से प्रासंगिक बने हुए हैं. सत्ता को केंद्रीकृत करने, आलोचकों को चुप कराने और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने का लालच कई रूपों में उभर सकता है. उन्होंने कहा कि अक्सर राष्ट्रीय हित, इस अर्थ में आपातकाल एक ज़बरदस्त चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए और लोकतंत्र के समर्थकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए.