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केजरीवाल बोले- LG की रुकावटों के बावजूद दिल्ली में किए बहुत काम, ‘मेरे को तो नोबेल प्राइज मिलना चाहिए…

नई दिल्ली आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी डिमांड कर दी है। ट्रंप की ही तरह केजरीवाल ने भी नोबेल पुरुस्कार की मांग कर दी है। मंगलवार को कहा कि दिल्ली को आज आम आदमी पार्टी की याद आ रही है। भाजपा सरकार ने चार महीनों में सब कुछ बर्बाद कर दिया है। एक के बाद एक मोहल्ला क्लीनिक बंद हो रहे हैं। हमने अस्पतालों में दवाइयाँ मुफ़्त कर दी थीं, लेकिन वो बंद कर दी गईं। मुफ़्त जाँचें बंद कर दी गई हैं। दिल्ली का बुरा हाल है। सारी सड़कें टूटी हुई हैं। हर तरफ गंदगी फैली हुई है। ‘छह घंटे की बिजली कटौती शुरू हो गई है’ मोहाली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “छह घंटे की बिजली कटौती शुरू हो गई है। पिछले सात सालों से दिल्ली में एक मिनट की भी बिजली कटौती नहीं हुई। अभी बारिश का मौसम है, फिर भी बिजली कटौती हो रही है। इनकी नीयत खराब है। हर मंत्री ने अपनी दुकान खोल रखी है। इन्हें पैसा कमाना है, इन्हें सुधारों में कोई दिलचस्पी नहीं है।” ‘मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए’ उन्होंने आगे कहा, “जब तक हमारी सरकार सत्ता में थी, हमें काम नहीं करने दिया गया। इसके बावजूद हमने काम किया। मुझे लगता है कि मुझे शासन और प्रशासन के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए क्योंकि मैंने उपराज्यपाल रहते हुए दिल्ली में बहुत काम किया।” अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जून 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। दिल्ली में रात में आठ घंटे बिजली कटौती होती थी। हमने 2013 का चुनाव बिजली आंदोलन के ज़रिए जीता था। 2013 में पहली बार सरकार बनने से पहले, मैंने पूरी दिल्ली का चक्कर लगाया और 15 दिन तक उपवास किया। एलजी की रुकावटों के बावजूद दिल्ली में किए बहुत काम- केजरीवाल नोबेल प्राइज को लेकर AAP नेता केजरीवाल के लिए कोई नॉमिनेशन फिलहाल नहीं किया गया है. फिर भी उनका कहना है, "एलजी के रहते हमने दिल्ली में इतने सारे काम कर दिए. इतनी मुश्किलों के अंदर जानकर ताज्जुब होगा कि हमने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक बनवाए. पांच मोहल्ला क्लीनिक बीजेपी के नगर निगम ने बुल्डोजर भेजकर तोड़ दिए. जिस तरह से इन्होंने हमें परेशान किया…" केजरीवाल ने कहा, "पिछले साल जून में, जब तापमान 50 डिग्री सेल्सियस था, एक मिनट भी बिजली नहीं कटी थी, लेकिन अब बिजली कटौती हो रही है. उन्होंने (बीजेपी) दिल्ली को बर्बाद कर दिया है. वे राजनीति कर रहे हैं, और उन्हें बस पैसा कमाना है. मुझे शासन और प्रशासन के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए क्योंकि मेरी AAP सरकार ने एलजी की रुकावटों के बावजूद राजधानी में इतना काम किया है." दो साल पहले भी केजरीवाल ने जताई थी नोबेल की इच्छा दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने नोबेल प्राइज की अपनी इच्छा पहली बार जाहिर नहीं की है. इससे पहले भी कह चुके हैं कि वह नोबेल प्राइज के हकदार हैं. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उन्होंने कहा था कि 'एलजी दिल्ली सरकार के कामों में अड़ंगा लगाते हैं और बावजूद इसके इतने सारे काम कर दिए हैं कि मुझे नोबेल प्राइज मिलना चाहिए.' क्या शासन-प्रशासन के लिए भी मिलता है नोबेल प्राइज? नोबेल प्राइज की शुरुआत 1901 में अल्फ्रेड नोबेल की याद में की गई थी. अब तक यह प्राइज अलग-अलग कैटगरी में 627 बार 1012 लोगों और संगठनों को दिया गया है. कुछ को एक से ज्यादा बार नोबेल प्राइज मिलने के साथ कुल 976 लोगों और 28 संगठनों को नोबेल प्राइज मिले हैं. फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मेडिसिन, लिट्रेचर, पीस और इकोनॉमिक साइंस जैसे छह कैटगरी में नोबेल दिए जाते हैं. मसलन, अरविंद केजरीवाल जिस कैटगरी के लिए अपनी इच्छा जाहिर कर रहे हैं उस कैटगरी में नोबेल प्राइज अब तक किसी को नहीं दिया गया है. AAP ने बिजली-पानी मुफ्त दिया आप के राष्ट्रीय संयोजक ने आगे कहा, “आम आदमी को क्या चाहिए? उसे बिजली चाहिए, उसे पानी चाहिए, उसके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। घर में कोई बीमार हो तो उसका अच्छा इलाज हो। हमने तय किया कि हम हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ़्त देंगे। हम हर परिवार को 20 हज़ार लीटर पानी मुफ़्त देंगे। हमने तय किया कि हम स्कूल और अस्पताल ठीक करेंगे।”

PM मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च सम्मान, ‘नेशनल ऑर्डर ऑफ सदर्न क्रॉस’ मिला

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक प्रतिष्ठा में एक और तमगा जुड़ गया है। मंगलवार को ब्राजील ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस से सम्मानित किया है। उन्हें ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया है। ब्राजील ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और प्रमुख वैश्विक प्लेटफार्मों पर भारत-ब्राजील सहयोग को बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि मई 2014 में पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी को यह 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। पीएम मोदी ने अपने भव्य स्वागत और सर्वोच्च सम्मान देने के लिए ब्राजील की सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। पीएम ने कहा है कि यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा, “आज राष्ट्रपति जी द्वारा मुझे ब्राजील के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया जाना, मेरे लिए ही नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के लिए अत्यंत गर्व और भावुकता का पल है। इसके लिए ब्राजील की सरकार और लोगों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत इससे पहले ब्राजील में राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। यहां प्रधानमंत्री मोदी के औपचारिक स्वागत कार्यक्रम में 114 घुड़सवारों का दस्ता मौजूद था। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उनके स्वागत की झलकियां साझा करते हुए कहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को गति मिलेगी। उन्होंने पोस्ट में कहा,“ ब्रासीलिया में औपचारिक स्वागत की झलकियां। ब्राजील की यह राजकीय यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करेगी।” बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले 57 वर्षों में ब्राजील की राजकीय यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पीएम मोदी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में ब्राजील पहुंचे हैं, जहां उन्होंने सोमवार को रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया था। PM का हुआ भव्य स्वागत जब पीएम ब्रासीलिया पहुंचे तो वहां एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने उन कलाकारों की सराहना की जिन्होंने उनके स्वागत में पारंपरिक ब्राजीलियाई सांबा रेगे नृत्य पेश किया. साथ ही इस दौरान पीएम मोदी के सम्मान में भारतीय संस्कृति को भी पेश किया गया. दरअसल, पीएम मोदी 6-7 जुलाई को रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद ब्रासीलिया पहुंचे. इस यात्रा के दौरान ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डी सिल्वा ने पीएम मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और प्रमुख वैश्विक मंचों पर भारत-ब्राजील सहयोग बढ़ाने में योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया. कई मुद्दों पर हुई द्विपक्षीय वार्ता विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित आपसी हित के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर द्विपक्षीय चर्चा की. PM ब्रिक्स समिट में हुए शामिल इसी के साथ पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट को प्रोडक्टिव बताया. पीएम ने कहा कि उन्होंने और बाकी देश के नेताओं ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यापक विचार-विमर्श किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठकें विभिन्न देशों के साथ भारत की दोस्ती को बढ़ावा देंगी. पीएम मोदी अर्जेंटीना की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार (स्थानीय समय) को ब्राजील पहुंचे. ब्राजील के बाद, प्रधानमंत्री मोदी 9 जुलाई को नामीबिया पहुंचे हैं. पीएम वहां की संसद को भी संबोधित करेंगे. उन्होंने बुधवार को घाना से पांच देशों की अपनी यात्रा शुरू की थी. घाना से प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो गए और फिर अर्जेंटीना और ब्राजील का दौरा किया.

पीएम नरेंद्र मोदी अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंचे, पारंपरिक नृत्य के साथ हुआ स्वागत

नामीबिया पांच देशों के विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव में पीएम नरेंद्र मोदी अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह 11 बजे (भारतीय समयानुसार) दक्षिण अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंचे। राजधानी विंडहोक के एयरपोर्ट पर लैंड होने के बाद पीएम मोदी का पारंपरिक नृत्य के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने खुद कलाकारों के साथ नामीबियाई पारंपरिक ढोलक भी बजाया। मोदी राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा के निमंत्रण पर नामीबिया की यात्रा पर पहुंचे हैं। नामीबियाई राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नामीबिया यात्रा है। साथ ही 27 सालों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नामीबिया दौरा है। वहीं भारत से किसी प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा है। PM मोदी से पहले 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया गए थे। इससे पहले 1990 में उस वक्त PM रहे वीपी सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित कई हाई रैंक लीडर नामीबिया के स्वतंत्रता दिवस पर वहां गए थे। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री नामीबिया के संस्थापक जनक एवं प्रथम राष्ट्रपति दिवंगत डॉ. सैम नुजोमा को भी श्रद्धांजलि देंगे। साथ ही नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, शिक्षा, रक्षा, व्यापार, और वन्यजीव संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. भारत, नामीबिया में तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है, जो ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी, जिसमें स्वास्थ्य और औषधि निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मोदी यहां राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मिलेंगे। दोनों देशों के बीच डायमंड बिजनेस, जरूरी खनिजों और यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा की संभावना है। इसके अलावा मोदी नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे। मोदी का नामीबिया दौरा 2 जुलाई से 10 जुलाई तक 5 देशों की यात्रा का हिस्सा है, जिसमें घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया शामिल हैं। नामीबिया हीरा, यूरेनियम, तांबा, फॉस्फेट और अन्य खनिजों से समृद्ध देश है। नामीबिया में क्या है खास? नामीबिया में यूरेनियम, लिथियम और डिसप्रोशियम जैसे दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार हैं। ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं. भारत यूरेनियम आयात को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है। नामीबिया डायमंड प्रोसेसिंग का हब भी है। यह देश हीरे, सोना, और अन्य खनिजों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है. यहां का नामीब रेगिस्तान दुनिया के सबसे खूबसूरत और प्राचीन रेगिस्तानों में से एक है। यह अपनी सुंदरता और लाल रेत के टीलों के लिए प्रसिद्ध है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नामीब सैंड सी का हिस्सा है। यहां के एटोशा नेशनल पार्क, स्वाकॉपमुंड और स्केलेटन कोस्ट जैसे क्षेत्र वन्यजीव और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं।

डॉ. यादव बोले– गुरु ही हैं वह दीपक जो अंधकार से निकालकर दिखाते हैं ज्ञान का रास्ता

10 जुलाई गुरू पूर्णिमा पर विशेष अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं गुरूः मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरु अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश डॉ. यादव बोले– गुरु ही हैं वह दीपक जो अंधकार से निकालकर दिखाते हैं ज्ञान का रास्ता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरू हमें अज्ञानता के अधंकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। भारतीय संस्कृति में गुरू को ईश्वर के समान माना गया है। गुरू का शिक्षा का प्रकाश ही जीवन को सही दिशा दिखाते हैं। इस दिन शिष्य अपने गुरूओं का पूजन करते हैं, उनके चरण वंदन कर आशीर्वाद लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 10 जुलाई से 2 दिवसीय गुरू पूर्णिमा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गुरू पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिकों, गुरूजनों एवं साधु-संतों की भागीदारी रहेगी। गुरू पूर्णिमा का दिन गुरू-शिष्य परंपरा की समृद्ध विरासत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने दिन का है। प्रदेश में अनेक शिक्षक हैं जिन्होंने अपने उल्लेखनीय कार्य से विद्यार्थियों के साथ समाज में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश में सिंगरौली की एक शिक्षिका ने अनोखी पहल कर शिक्षा का प्रकाश घर-घर तक पहुँचाया। सिंगरौली के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका सुऊषा दुबेने एक स्कूटी को ‘चलती-फिरती लाइब्रेरी’ में बदलकर मोहल्लों और गांवों में बच्चों तक किताबें पहुँचाईं। बच्चों ने उन्हें प्यार और आदर से किताबों वाली दीदी कह कर सम्मान दिया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीअपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कर चुके हैं। सुऊषा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्कूलों के बच्चे ताजे कमल के फूल लेकर घर आये, बच्चों की भावना को समझकर उनका भरोसा बनाये रखने के लिए मैने अपने अध्यापन को क्लास-रूम से बाहर निकाल कर चलता-फिरता पुस्तकालय बना दिया। इससे बच्चे खुश हो गये उन्हें खुश देख कर मुझे बच्चों को निरंतर पढ़ाई से जोड़े रखने के लिये स्कूटी पर चलता-फिरता पुस्तकालय जारी रखने की प्रेरणा मिली। वे बताती है कि मैंने गांव-गांव जाकर बच्चों को रीडिंग हेबिट्स से जोड़े रखा है मेरे लिये वह गौरव का क्षण था जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस प्रयास का जिक्र अपने मासिक कार्यक्रम "मन की बात" में किया। सुऊषा ने बताया, “इसके बाद मैने गांवों में स्वच्छता-जागरुकता के लिये साबुन बैंक बनाया। मेरे पुस्तकालय से जुड़े बच्चों ने अपने जन्मदिन के मौके पर साबुन दान करना शुरू किया, तब लगा कि शिक्षा से संस्कार के साथ आदतें भी बदली जा सकती हैं। बच्चों का उत्साह मुझे आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करता है। सैंकड़ों बच्चों पर सफल प्रयोग सीहोर जिले के भैरूंदा तहसील (नसरूल्लागंज) के माध्यमिक शिक्षक संतोष कुमार धनवारे ने अपने क्षेत्र के अनेक बच्चों पर सफल प्रयोग किया। वे बताते हैं कि शिक्षक के रूप में छात्रों का जीवन संवारने और भविष्य बनाने के लिये वह लगातार प्रयास करते रहे हैं। बच्चों के लिये सपनों की डायरी, टीचिंग लर्निंग मटेरियल, फ्लैश कार्ड और पोर्ट फोलियो तैयार किये हैं। धनवार ने बताया कि जिन सरकारी स्कूलों में उनकी पदस्थापना रही वहां वे अपने कामों के साथ बच्चों के साथ घुल-मिल गये। उन्होंने बच्चों के अलावा पालकों के साथ भी संवाद कायम रखा। उनके सिखाने की कला ने टाटा ट्रस्ट के पराग द्वारा प्रकाशित पत्रिका में उनका उल्लेख किया गया। संतोष बताते हैं कि उन्होंने अपने पदस्थापना वाले स्कूल में चित्रकला, रंगरोगन और कला कौशल के साथ खुद के खर्चे पर विद्यालय का वातावरण बदला। उनके इस काम के फलस्वरूप उनके पदस्थापना वाले स्कूल में विकास के लिये शासन ने 5 लाख रूपये की राशि प्रदान की। उनके पढ़ाये बच्चे आज अपने जीवन के अलग-अलग क्षेत्र में लगातार सफलता पा रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं। एक अच्छा शिक्षक अपने परिश्रम से उन्हें एक अच्छे सांचे में ढाल सकता है।  

बीआरटीएस हटने से मृत्यु में 70 और हादसों में 51 प्रतिशत कमी आई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश की लाड़ली बहनों को 12 जुलाई को मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के नवाचार को जेएनयू दिल्ली ने भी अपनाया म.प्र. की तरह जेएनयू में भी अब कुलगुरु के नाम से जाने जायेंगे कुलपति बीआरटीएस हटने से मृत्यु में 70 और हादसों में 51 प्रतिशत कमी आई गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय का होगा लोकार्पण जिलों में भी होंगे गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाडली बहनों के खाते में 12 जुलाई को राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले माह आने वाले रक्षाबंधन के अवसर पर लाडली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के अतिरिक्त 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार के एक नवाचार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी अपना लिया है। मध्यप्रदेश की तरह जेएनयू दिल्ली में भी कुलपति अब कुलगुरु के नाम से जाने जाएंगे। जेएनयू ने मध्यप्रदेश से प्रेरणा लेकर यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को है। इस दिन प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालय में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री भी प्रमुखता से शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, गुरुजन एवं साधु संतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भोपाल शहर में (कमला नेहरू स्कूल)  सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीआरटीएस हटाने से बड़े ही सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि बीआरटीएस हटाने से हादसों में 51 प्रतिशत और हादसों की वजह से मृत्यु में 70 प्रतिशत तक की कमी आई है। यह मध्यप्रदेश सरकार के जनहित में लिए गए निर्णयों के सुचारू क्रियान्वयन का सुखद परिणाम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जनवरी 2024 में बीआरटीएस हटाने का निर्णय लिया था। निषादराज सम्मेलन होंगे 12 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन के क्षेत्र में कार्यरत सभी व्यक्तियों के समग्र कल्याण एवं सम्मान के लिए निषादराज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निषादराज जयंती 10 जुलाई को है, परंतु प्रदेश में समन्वित रूप से 12 जुलाई को निषादराज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस सम्मेलन में मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों की पारिश्रमिक दरों में वृद्धि, बोनस वितरण, उनके विश्राम के लिए जलाशयों के किनारे प्लेटफॉर्म्स की स्थापना के संबंध में प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में करीब 5 करोड़ की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभावार बनवायें विज़न डाक्यूमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रीगण से कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के विजन 2023 के संदर्भ में अपने-अपने प्रभार के जिलों में भ्रमण करें और शेष रह गयीं विधानसभा से विज़न डाक्यूमेंट तैयार करने संबंधी कार्यों को अगले 10 दिन में पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विकास से संबंधित कार्यों को बजट में शामिल करायें और इनके क्रियान्वयन के लिए भी समुचित कार्रवाई करें। लुधियाना के उद्योगपति भी जुड़ना चाहते हैं मध्यप्रदेश से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 7 जुलाई को पंजाब के लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ हुए संवाद  के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर वहां बड़े उद्योगपतियों से चर्चा हुई। इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योग जगत के 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने बड़ी आत्मीयता और सक्रियता से भाग लिया। उन्होंने बताया कि लुधियाना सत्र में सरकार को 15606 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस निवेश के धरातल पर आने से मध्यप्रदेश में लगभग 20275 से अधिक नये रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के सभी उद्योगपति मध्यप्रदेश से आत्मीयता से जुड़ना चाहते हैं। 13 से 19 जुलाई के दौरान होगी दुबई और स्पेन यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल 13 से 19 जुलाई के दौरान दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल व्यावसायिक बैठकों और विभिन्न कंपनियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी करेगा। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में निवेश प्राप्त करना, प्रौद्योगिकी के पारस्परिक हस्तांतरण और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहुंच बनाना, रोजगार के नए अवसर सृजित करने एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में और अधिक इजाफा करना है। उन्होंने कहा कि म.प्र. में वैश्विक निवेश की संभावनाएं तलाशने की दिशा में यह प्रवास एक बड़ा कदम साबित होगा। समय पर हो जाति प्रमाण-पत्र प्रदाय की समुचित व्यवस्था मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उनकी सहदृयता के लिए पौधा भेंटकर स्वागत-सम्मान किया। उन्होंने बताया कि जाति प्रमाण-पत्र में आंशिक त्रुटि होने के कारण गत दिवस एमपीपीएससी से चयनित दो अभ्यार्थियों की जॉइनिंग में परेशानी आ रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से संबंधित जिला कलेक्टर को निर्देशित किये जाने पर उन दोनों अभ्यर्थियों को समय पर जाति प्रमाण-पत्र मिल गया और अब उन्होंने अपने नए पद पर ज्वाइन कर लिया है। इस प्रसंग का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे सभी जरूरतमंदों को जाति प्रमाण-पत्र की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समुचित व्यवस्था करें। सिर्फ जाति प्रमाण-पत्र के अभाव या इसमें आंशिक त्रुटि के कारण किसी को भी परेशान न होना पड़े। 

तीन दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण शिविर का अंतिम दिन, हमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा : सीएम साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय भाजपा सांसद-विधायक प्रशिक्षण शिविर का आज समापन होगा. इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और सांसद हिस्सा लेंगे. शिविर का उद्घाटन 7 जुलाई को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था, जबकि समापन सत्र में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को समापन सत्र में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम और लौटने में संभावित देरी के कारण उनका दौरा अंतिम समय पर रद्द हो गया. आज शिविर के अंतिम दिन तीन सत्र आयोजित किया जाएगा. पहले सत्र में “हमारा विचार परिवार, पंच परिवर्तन एवं शताब्दी वर्ष की योजना” पर चर्चा में प्रांत प्रचारक अभय राम ने वक्तव्य दे रहे हैं. दूसरा सत्र “जिज्ञासा एवं समाधान” पर केंद्रित होगा, जिसमें बीएल संतोष ने जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब और पार्टी की रणनीति पर मार्गदर्शन देंगे. समापन सत्र में “देश के सम्मुख चुनौतियों के समाधान में भाजपा की भूमिका” पर विचार-मंथन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिविर को लेकर कहा है कि, “भाजपा में प्रशिक्षण की परंपरा रही है. समय-समय पर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है. यह सतत सीखने की प्रक्रिया है, जो जनप्रतिनिधियों को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करती है. तीन दिनों तक हमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिला, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा.”

छांगुर बाबा को बताया जल्लाद, CM योगी बोले– कानून ने दिखाया अपना असर

आजमगढ़ आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- अभी आपने देखा होगा कि कैसे बलरामपुर में समाज विरोधी, राष्ट्रद्रोही कार्यो में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. आपने देखा होगा कैसे एक जल्लाद को हमने गिरफ्तार किया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था, उनकी सौदेबाजी करता था.  सीएम योगी ने धर्मांतरण मामले में बोलते हुए आगे कहा कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. हम समाज को टूटने नहीं देंगे. राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तत्वों को चकनाचूर कर के रहेंगे. कानून के तहत इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे. साथ ही धरती माता की रक्षा भी करेंगे.  दरअसल, सीएम योगी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने आजमगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती मां के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे. यह वृक्षारोपण अभियान इसी का परिणाम है. आपको बता दें कि धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन बलरामपुर में स्थित उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला और अब ED भी बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.  आजमगढ़ में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया के द्वारा अव्यवस्था फैलाई गई थी, विकास नहीं होता था, न वनाच्छादन होता था, हमने जो अभियान 8 वर्ष पहले शुरू किया था, वो अबतक 204 करोड़ पेड़ लगाने तक पहुंच चुका है. अबतक 8 वर्ष में 204 करोड़ वृक्षारोपण किया गया है. पिछली सरकार ने आजमगढ़ के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाता है तो देखने वालों की आंखे चमक जाती हैं. 

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जमकर बरस रहा, 35 जिलों में आज भारी बारिश की चेतवनी, शिवपुरी में 3 युवक बाइक समेत बहे

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश का दौरा जारी है. प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जमकर बरस रहा है. प्रदेशभर में अब तक 14 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा है. मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में जमकर बरसात हुई. बुधवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 35 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जमकर बरस रहा है। इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक औसत 14 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 74% ज्यादा है। बुधवार को प्रदेश के 35 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है।  इन जिलों में अति भारी बारिश मौसम विभाग ने बुधवार को विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है. इन जिलों भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, सीहोर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. इंदौर, उज्जैन, धार, बड़वानी, श्योपुर, हरदा समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है. बीते 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 136 मिमी यानी साढ़े 5 इंच हुई है। वहीं, नर्मदापुरम में 2.2 इंच, बैतूल में 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। भोपाल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर, सीधी, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, विदिशा, दतिया, नरसिंहपुर, मऊगंज, मंडला, सागर, रायसेन, टीकमगढ़, हरदा, रतलाम, छतरपुर, गुना, इंदौर, दमोह समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर चला। उधर, मंडला-नरसिंहपुर समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रास्ते बंद हो गए हैं। कई गांव पानी में डूबे हैं। शिवपुरी में गूगरीपुरा गांव के रपटे को पार करने के दौरान बाइक बहने लगी। इस पर सवार तीनों युवक पानी में आ गिरे। एक युवक बाइक समेत बह गया। हालांकि, कुछ देर बाद वह तैरकर बाहर आ गया। 12 जुलाई तक बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में दो ट्रफ का असर है, साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है. यही वजह है कि प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश हो रही है. अगले चार दिन यानी 12 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा. रायसेन में उफान पर नर्मदा नदी… डूब गया बोरास पुल, रायसेन और नरसिंहपुर के बीच संपर्क टूटा रायसेन जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ नजर आने लगा है. यहां नर्मदा नदी उफान पर है, जिसकी वजह से बोरास पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है. पुल पर 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे रायसेन और नरसिंहपुर जिले का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है. बता दें कि रायसेन जिले में बीते दो दिनों से भारी बारिश हो रही है. इसके चलते नदी-नालों में उफान आ गया है. नर्मदा नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई, जिससे बोरास पुल पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया. पुल के डूबते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक रोक दिया.  होमगार्ड और पुलिस कर्मियों की ड्यूटी मौके पर लगाई गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति या वाहन पुल पार न कर सके. प्रशासन की ओर से निचले इलाकों डुंडी और पिटवा गांवों में अलर्ट जारी किया गया. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी या बाढ़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, क्योंकि स्थिति किसी भी वक्त और गंभीर हो सकती है. स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बोरास पुल हर साल बारिश में डूब जाता है. यदि पुल को 2-3 फीट ऊंचा बनाया गया होता तो आवागमन बाधित नहीं होता. ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है. इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री कंप्यूटर बाबा का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. प्रदेश में 14 इंच बारिश मध्यप्रदेश में अभी तक औसत 14 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 74% ज्यादा है. 9-10 जुलाई को स्ट्रॉन्ग सिस्टम के रहने का अनुमान है. पूर्वी हिस्से में सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा. कई जिलों में बाढ़ के हालात लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं. नर्मदा नदी उफान पर होने से नरसिंहपुर के कई गांव पानी में आधे डूब गए. टीकमगढ़ में सुजारा बांध के 5 गेट और खोल दिए गए हैं. बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोल दिए गए.  स्कूलों की हुई छुट्टी नर्मदापुरम में लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है. मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. धार में खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो रही हैं.  9 घंटे में 5 इंच बारिश हुई मंगलवार को नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 9 घंटे में 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा. नर्मदापुरम में सवा इंच, बैतूल, बालाघाट के मलाजखंड में 1 इंच, श्योपुर, छिंदवाड़ा-दमोह में पौन इंच पानी गिरा. वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश का दौर जारी रहा.   

पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद सहित 2 महिला नक्सली गिरफ्तार

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो महिला नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार नक्सली पारो हप्का और सुनीता उर्फ़ संगीता मंडावी माड़ डिवीजन के कुतुल एलओएस में सक्रीय थी. मौके से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है. लंबे समय से कुतुल एलओएस में थे एक्टिव प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में पुलिस ने बड़ी कोहकामेटा थाना क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की. दो महिला नक्सली पारो हपका और सुनीता उर्फ़ संगीता मंडावी को गिरफ्तार किया गया. दोनों माड़ डिवीजन के कुतुल एलओएस में एक्टिव थी. वहीं लंबे वक्त से जनताना सरकार के विस्तार, युवाओं की भर्ती, माओवाद के प्रचार और पुलिस पर हमले की साजिशों में शामिल थी. कई हथियार और विस्फोटक साम्रग्री बरामद पुलिस ने नक्सलियों के पास से कई हथियार और विस्फोटक साम्रग्री बरामद किया है. इसमें 12 बोर बीजीएल लॉचर बंदूक, 2 बीजीएल बम, 1 टिफिन बम, 1 डेटोनेटर, 24 पेंसिल सेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल है.

मध्यप्रदेश के 40 हजार बैंककर्मी आज हड़ताल पर, 8500 शाखाओं में काम ठप

भोपाल  बुधवार को मध्य प्रदेश में 40 हजार बैंककर्मी ने हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल अपनी 17 विभिन्न सूत्रीय मांगों के समर्थन को लेकर हो रही हैं। वहीं इससे राज्य की करीब साढ़े आठ हजार ब्रांच के कामों पर असर पड़ेगा। ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने केंद्रीय श्रमिकों की मांगों को समर्थन करते हुए बैंकिंग उद्योग और बैंक कर्मियों ने अखिल भारतीय बैंक बंद करने का आह्वान किया है।  हड़ताल जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ भी हो रही है। मीडिया खबरों के मुताबिक, जिन मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर आए हैं। उनमें केंद्रीय श्रमिक संगठनों की निराकरण की मांग, बैंकिंग सेक्टर और एलआईसी में निजीकरण सहित विनिवेश के रोकने। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियां बैंकों को मजबूत करने। बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई बढ़ोतरी रोकी जाए। पर्याप्त भर्ती निकालने के संबंध में, एनपीएस को रोकने एवं ओपीएस को बहाल समेत कई अन्य मांगे भी हैं। इसको लेकर ट्रेड यूनियन संयुक मोर्चा के प्रवक्ता वीके शर्मा ने कहा कि केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र ट्रेड यूनियन ने केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी 17 सूत्रीय मांगे के समाधान के लिए राष्ट्रीयव्यापी हड़ताल करेंगे। एक तरफ जहां बिहार में विपक्षी पार्टियों ने आज भारत बंद बुलाया है। वहीं दूसरी तरफ देशभर में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के करीब 25 करोड़ कर्मचारी और मजदूरों संगठन संगठनो जे जुड़े लोग हड़ताल पर रहेंगे। इसी बीच मध्यप्रदेश में बुधवार को 40 हजार बैंककर्मी अपनी मांगों लेकर सड़क पर उतरे हैं। एमपी में बैंक कर्मी अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल की है। जिसकी वजह से प्रदेश की करीब साढ़े 8 हजार शाखाओं का कामकाज प्रभावित रहेगा। एमपी में इन मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बैंककर्मी     बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई बढ़ोतरी रोका जाना चाहिए।     केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांगों का जल्द निराकरण किया जाए।     सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों को मजबूत करें।     बैंकों और एलआईसी में निजीकरण और विनिवेश रोके।     सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों को एक इकाई के रूप में विलय करें।     पर्याप्त भर्तियां सुनिश्चित करें।     आउटसोर्सिंग और अनुबंध नौकरियों को रोक लगाएं।     एनपीएस को खत्म करें, ओपीएस को बहाल करें जल्द।     कॉर्पोरेट्स से खराब ऋण वसूलने के लिए कड़े कदम उठाएं जाएं।     प्रतिगामी श्रम संहिताओं को लागू न करें।      ट्रेड यूनियन अधिकारों का उल्लंघन न करें।      बैंक कर्मियों की लंबित मांगों का निराकरण शीघ्र किया जाए।     आम ग्राहकों के लिए बैंकों में सेवा शुल्क कम करें।     जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लें। एमपी में कौन-कौन से विभाग कर रहे हड़ताल बता दें कि इस हड़ताल से प्रदेश की करीब 8 हजार बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित रहेगा। स्ट्राइक करने वाले संगठनों में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांगों का समर्थन करते हुए बैंकिंग उद्योग एवं बैंककर्मियों की मांगों को लेकर अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। यानि जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ और बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों की तरफ से यह हड़ताल की जा रही है। भोपाल में कौन-कौन से बैंक रहेंगे बंद? वहीं अगर बात राजधानी यानि भोपाल शहर की बात की जाए तो यहां निजी, विदेशी, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के 40 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से भोपाल की 400 बैंक शाखाओं के काम पर असर रहेगा। यानि भोपाल में भी हड़ताल का असर देखने को मिलेगा। भोपाल में 400 शाखाएं, 5 हजार बैंककर्मी राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल में सार्वजनिक, निजी, विदेशी, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के 40 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। इससे बैंकों का कामकाज ठप रहेगा। भोपाल में भी हड़ताल का असर देखने को मिलेगा। यहां विभिन्न बैंकों की 400 शाखाएं हैं। जहां 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया- केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस ने केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ, अपनी 17 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए यह राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है।