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मुख्यमंत्री यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश के शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश के शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। इससे बढ़ती नगरीय जनसंख्या की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। समृद्ध और विकसित शहर, प्रदेश के समावेशी विकास की आधारशिला बनेंगे। इसे साकार करने के लिए मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। 'नेक्स्ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज ऑफ टुमॉरो' थीम पर केन्द्रित कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश के शहरी विकास और निवेश पर देश की रियल एस्टेट सेक्टर के दिग्गज विकसित मध्यप्रदेश@2047 के लिए शहरी विकास के ब्लूप्रिंट पर चर्चा करेंगे। शहरी क्षेत्रों में विकास की प्रगति मध्यप्रदेश में शहरी अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है। प्रदेश में 4 शहर ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। साथ ही केन्द्र की स्मार्ट सिटी परियोजना में 7 शहर शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में अधो-संरचाना विकास के संबंधित 72 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसी के साथ करीब 88 हजार करोड़ रुपये की शहरी क्षेत्र से जुड़ी विकास योजनाएं प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के लिये देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इंदौर देश में पिछले 7 वर्षों से स्वच्छतम शहरों की श्रेणी में पहले नम्बर पर रहा है। भोपाल को देश की दूसरे नंबर की स्वच्छतम राजधानी बनने का गौरव हासिल किया है। प्रदेश के बजट में शहरी क्षेत्र के विकास के लिए 15 हजार 780 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में शहरी क्षेत्र का योगदान 35.55 प्रतिशत है। शहरी क्षेत्रों में संचालित केन्द्र की फ्लैग शिप योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों शामिल है। नगरीय विकास से जुड़ी योजनाओं की गति तेज बनाए रखने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम की प्रशासनिक व्यवस्था की गई है। हाउसिंग सेक्टर में बेहतर निवेश की संभावना प्रदेश में हाउसिंग सेक्टर में निवेश की अच्छी संभावना है। अफोर्डेबल हाउसिंग में8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके है। प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किये जा रहे है। इनमें 50 हजार करोड़ रूपये का निवेश होगा। रियल एस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में मानव संसाधन की गुणवत्तापूर्ण वर्क फोर्स उपलब्ध है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 6 हजार किलोमीटर सड़क, 80 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शत् प्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई है। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाईज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है।  

राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 देशों पर लगाया टैरिफ, भारत को लेकर क्या बोले ? पास में बैठे थे नेतन्याहू

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को 14 देशों पर टैरिफ लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने इस संबंध इन सभी देशों को लेटर भी भेजा है जिसमें अमेरिकी सरकार के टैरिफ वाले फैसले के बारे में अवगत कराया गया है। अमेरिका ने एशिया में अपने दो महत्वपूर्ण सहयोगियों जापान और दक्षिण कोरिया से आयातित वस्तुओं पर भी 25 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया। हालांकि भारत पर अभी नए टैरिफ को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत के साथ डील जल्द हो सकती है। भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मेजबानी के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ एक व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप ने 14 देशों को नई टैरिफ दरों से संबंधित पत्र भेजे हैं, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होंगी। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमने यूनाइटेड किंगडम और चीन के साथ समझौते किए हैं। हम भारत के साथ भी डील करने के बहुत करीब हैं।" उन्होंने आगे बताया कि जिन देशों के साथ समझौता संभव नहीं लग रहा, उन्हें पत्र भेजकर टैरिफ दरों की जानकारी दी जा रही है। ट्रंप ने कहा, "हमने अन्य देशों से मुलाकात की और हमें नहीं लगता कि हम कोई सौदा कर पाएंगे, इसलिए हम उन्हें एक पत्र भेज रहे हैं। हम विभिन्न देशों को पत्र भेज रहे हैं, जिसमें उन्हें बताया जा रहा है कि उन्हें कितना टैरिफ देना होगा।" ट्रंप ने जोर देकर कहा, "हम निष्पक्षता के साथ काम कर रहे हैं। कुछ देशों को थोड़ी छूट मिल सकती है, अगर उनके पास कोई उचित कारण होगा।" ट्रंप ने सुझाव दिया कि प्रमुख साझेदारों के साथ प्रगति हुई है, लेकिन जो देश अमेरिकी शर्तों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं हैं, उन्हें नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। 14 देशों को टैरिफ पत्र, 25% से 40% तक की दरें ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर 14 देशों को भेजे गए पत्रों के स्क्रीनशॉट साझा किए। इन देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, थाइलैंड, म्यांमार, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, कजाकिस्तान, लाओस, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया, बोस्निया और हर्जेगोविना, और सर्बिया शामिल हैं। इन पत्रों में टैरिफ दरें 25% से लेकर 40% तक निर्धारित की गई हैं। उदाहरण के लिए, जापान और दक्षिण कोरिया पर 25%, म्यांमार और लाओस पर 40%, और बांग्लादेश व सर्बिया पर 35% टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने इन पत्रों में चेतावनी भी दी कि अगर ये देश अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाते हैं, तो अमेरिका भी बदले में टैरिफ बढ़ा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर ये देश अपनी व्यापार नीतियों में बदलाव करते हैं, तो टैरिफ दरों में कमी की जा सकती है। 1 अगस्त तक टैरिफ की No Tension… अमेरिका ने सभी देशों को दी राहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर दुनियाभर के देशों को राहत दी है. ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ बढ़ाने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है. ट्रंप ने टैरिफ की आखिरी तारीख नौ जुलाई से बढ़ाकर एक अगस्त कर दी है. इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील जल्द ही हो सकती है.  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि रेसिप्रोकल टैरिफ पर छूट की अंतिम तारीख नौ जुलाई से बढ़ाकर एक अगस्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे. बता दें कि ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत सहित कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया था लेकिन बाद में विरोध बढ़ने पर इसमें 90 दिनों की छूट दी थी. इस तरह टैरिफ पर यह छूट नौ जुलाई थी.  वहीं, अमेरिका ने बांग्लादेश और जापान समेत 14 देशों पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान भी किया है. ट्रंप सरकार के इस फैसले के तहत कुछ देशों पर 25 फीसदी टैक्स लगाया गया है, जबकि कुछ पर 30 से 40 फीसदी तक का भारी शुल्क लगाया गया है. ट्रंप सरकार ने म्यांमार और लाओस पर सबसे अधिक 40 फीसदी टैरिफ लगाया है. थाईलैंड और कंबोडिया पर 36 फीसदी टैरिफ, बांग्लादेश और सर्बिया पर 35 फीसदी टैरिफ, इंडोनेशिया को 32 फीलदी टैरिफ लगाया गया है. साउथ अफ्रीका और बोस्निया एंड हर्जेगोविना पर 30 फीसदी टैरिफ लगाया है. वहीं, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिसाय, कजाकिस्तान और ट्यूनीशिया पर 25 फीसदी टैक्स लगाया गया है. इसके साथ ही अमेरिका ने अभी तक ब्रिटेन और वियतनाम के साथ ही डील की है.  भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में प्रगति भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर पिछले कुछ महीनों से गहन वार्ता चल रही है। पिछले महीने भारतीय अधिकारी वाशिंगटन में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ समझौते को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा में जुटे थे। ट्रंप ने अप्रैल में भारतीय सामानों पर 26% का जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 10% कर दिया गया और 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया, जो 9 जुलाई को समाप्त हो रहा है। भारत के लगभग 53 बिलियन डॉलर के निर्यात क्षेत्र को नुकसान से बचाने के लिए दोनों देशों के बीच तीव्र गति से बातचीत चल रही है। ट्रंप ने पहले ही वियतनाम और चीन के साथ समझौते किए हैं, जबकि यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ भी बातचीत चल रही है। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप स्वयं टैरिफ दरें निर्धारित कर रहे हैं और प्रत्येक देश के लिए "विशेष रूप से तैयार किए गए व्यापार प्लान" बना रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि जिन देशों का अमेरिका के साथ व्यापार घाटा है, उनके लिए टैरिफ जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया, "हमारा देश पहले से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। हमारे पास पहले कभी इतना निवेश नहीं था।" नेतन्याहू के साथ मुलाकात के दौरान बयान ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब वह वाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ निजी रात्रिभोज के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने वैश्विक व्यापार और अपनी … Read more

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए की नई बन रही सड़कों के निर्माण के साथ ही बिजली पोल लगाने का कार्य भी करें

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि सड़कों के निर्माण को तय समय सीमा में पूरा करें। राज्यमंत्री श्रीमती गौर मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा क्षेत्र के सड़कों के निर्माण प्रगति की समीक्षा कर रही थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए की नई बन रही सड़कों के निर्माण के साथ ही बिजली पोल लगाने का कार्य भी करें, क्योंकि सड़क तो बन जाती है, लेकिन मार्ग पर अंधेरा रहने से जनता को परेशानी होती है। अधिकारियों ने बताया कि जे के रोड का निर्माण कार्य जल्दी पूरा हो जाएगा। सेंट्रल ब्रिज व रेलिंग का कार्य 31 जुलाई तक पूरा हो जाएगा। जेके रोड पर चल रहे निर्माण कार्य में कवर्ड नाली में बड़े-बड़े पत्थर पड़े होने पर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नाराजगी व्यक्ति की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नाली सफाई और सड़क पर से मिट्टी और मलवा को हटाने के निर्देश दिए। बिजली के पोल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने शटडाउन का टाइम बढ़ाकर कार्य को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। आनंद नगर फ्लाईओवर के कार्य में देरी पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर का कार्य अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। नाली बन चुकी है, दो स्लैब डल चुके हैं, चार बाकी हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निर्माण कार्य में आ रही बाधा को दूर करे। उन्होंने निर्देश दिए कि बाग सेवानिया रेतघाट में स्विमिंग पूल का काम अभी तक शुरू नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिए।  

राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना

वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 वैश्विक संवाद और आतिथ्य का अभूतपूर्व अवसर : राज्यपाल आयोजन, विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल: राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का भोपाल में आयोजन, भारत के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। यह आयोजन विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल है। भारत को विश्वगुरू के रूप में स्थापित करने की ओर बढ़ा कदम है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल 21वें वर्ल्ड रोज कन्वेंशन- 2028 संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थें। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के मुख्य संरक्षक के रूप में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को 2028 के आयोजन की मेजबानी के लिए मई 2025 में सौंपे गए ध्वज को ग्रहण किया। कन्वेंशन का आयोजन भोपाल में वर्ष 2028 में 7 से 13 जनवरी तक होगा। बैठक का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में इण्डियन रोज फेडरेशन के तत्वावधान में मध्यप्रदेश रोज सोसायटी द्वारा किया गया था। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के ध्वज को ग्रहण करना देश और प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह ध्वज 2028 के ऐतिहासिक आयोजन के गौरवपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी, वैश्विक संवाद और आतिथ्य के अभूतपूर्व अवसर का प्रतीक है। राज्यपाल पटेल ने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को पहली बार आयोजन की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने पर सुशील प्रकाश को सम्मानित किया। इण्डियन रोज फेडरेशन और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजन, प्रदेश को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। आयोजन की मेजबानी सम्पूर्ण मध्यप्रदेश और भोपाल शहर के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। आयोजन के लिए रोज सोसायटी द्वारा भोपाल को रोज सिटी के रुप में विकसित करने की जानकारी पर राज्यपाल पटेल ने राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों के वर्तमान उत्पादन को दोगुना करने की पहल करने के लिए कहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गुलाब धार्मिकता और पर्वित्रता का प्रतीक है। यह आत्मीयता और सहृदयता की पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी आयोजन से जुड़े प्रत्येक कार्य और जिम्मेदारियों को भव्यता और दिव्यता के साथ सम्पन्न करने का संकल्प ले ताकि यह आयोजन दुनियां भर के प्रतिनिधियों के मन में प्रेरणादायी और यादगार अनुभव के रूप में अंकित हो। राज्यपाल पटेल ने मध्यप्रदेश और भोपाल के गुलाब प्रेमियों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म को बढ़ाने में भी मददगार होगा। पर्यटन विभाग द्वारा मेहमानों को मध्यप्रदेश दर्शन कराने की योजना भी तैयार की जाएगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में इस आयोजन के लिए वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी को धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी का स्वागत उच्च शिक्षा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. शिवशेखर शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और परिचयात्मक उद्बोधन दिया।बैठक में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के अध्यक्ष सुशील प्रकाश ने वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 की तैयारी, योजना आदि पर आधारित पी.पी.टी. प्रस्तुतिकरण दिया। आभार मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष एस.एस. गर्दे ने व्यक्त किया।    

जनगणना के लिए घर-घर जाने वाले कर्मचारी भी मोबाइल से ही डेटा जुटाएंगे और उसे रियलटाइम अपलोड करेँगे

नई दिल्ली भारत में हर 10 साल पर जनगणना की परंपरा रही है, लेकिन इस बार 16 साल के लंबे गैप के बाद 2027 में जनगणना शुरू होगी। यह जनगणना भले ही देर से आई है, लेकिन इसके प्रावधान पहले के मुकाबले काफी दुरुस्त हैं। इनमें से एक प्रावधान यह है कि लोग अपने घर से ही ऑनलाइन माध्यम से जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दे सकेंगे। इस संबंध में जल्दी ही एक पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल पर लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। फिर अपने और परिवार के बारे में पूरी जानकारी दे सकेंगे। यहीं पर लोग जनगणना में शामिल सभी सवालों के जवाब भर के सबमिट कर देंगे तो यह जानकारी दर्ज हो जाएगी। इसके माध्यम से ऐसे लोगों की शिकायतें दूर हो जाएंगी, जो अकसर कहते हैं कि जनगणना वाले तो उनके घर तक आए ही नहीं। ऐसे में जनगणना में शामिल कर्मचारियों का इंतजार किए बिना ही लोग अपने बारे में जानकारी भर सकेंगे। यही नहीं जनगणना के लिए घर-घर जाने वाले कर्मचारी भी मोबाइल से ही डेटा जुटाएंगे और उसे रियलटाइम अपलोड कर देंगे। सरकार का कहना है कि इससे डेटा हासिल करने में आसानी होगी और उसका विश्लेषण भी जल्दी ही किया जा सकेगा। जनगणना का पूरा डेटा जल्दी उपलब्ध होगा। इसके अलावा अलग-अलग मानकों पर उसका विश्लेषण भी किया जा सकेगा। सूत्रों का कहना है कि जनगणना के लिए रजिस्ट्रेशन कमोबेश ऐसे ही होगा, जैसे वोटर आईडी बनवाने के लिए ऑनलाइन सुविधा है। संभावना है कि इसे आधार कार्ड से भी जोड़ा जा सकता है। पोर्टल पर पहले लोगों को रजिस्ट्रेशन करके प्रोफाइल बनानी होगी। इसके बाद जनगणना के लिए दिए गए फॉर्म में पूरी डिटेल भरकर सबमिट करना होगा। यही नहीं यह सुविधा भी दो चरणों में मिलेगी। दोनों राउंड में जानकारी देने का रहेगा विकल्प पहले राउंड में हाउस लिस्टिंग होगी। पहले उसके संबंध में लोग जानकारी दे सकेंगे। इसके बाद दोबारा जनगणना के दौरान अपने और परिवार के बारे में डिटेल दे सकेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब देश भर में जाति जनगणना कराई जाएगी।

फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट से 7 मौतें, अब देशभर के कैथ लैब के डॉक्टरों की परखी जाएगी योग्यता,मृतक के परिजनों को 10-10 लाख का मुआवजा

भोपाल  मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा की गई दिल की सर्जरी से 7 लोगों की मौत के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर रूप से लिया गया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पूरे देश की कैथ लैब्स में कार्यरत डॉक्टरों की योग्यता की जांच के निर्देश दिए हैं। परिजनों को 10-10 लाख रुपए दे MP सरकार : NHRC फर्जी डॉक्टर के इलाज से मारे गए लोगों के मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने को कहा है। आयोग ने इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार तथा केंद्र के लिए कई सिफारिशें की हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच समिति ने मध्य प्रदेश के दमोह में मिशन अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में काम करने वाले एक फर्जी डॉक्टर द्वारा किए गए इलाज से लोगों की मौत के मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने राज्य सरकार को प्रत्येक मृतक के परिजनों को दस-दस लाख रुपए की अनुग्रह राशि का भुगतान करने को कहा है। आयोग ने सोमवार को यहां बताया कि उसकी जांच समिति ने मामले की जांच के बाद मध्य प्रदेश सरकार तथा केंद्र के लिए कई सिफारिशें की हैं। दोनों से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने गत 28 मार्च को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। संबंधित राज्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने के अलावा अपनी ओर से भी जांच की थी। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार को सिफारिश की है। आयोग ने कहा कि वह इस अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा इलाज के बाद मरने वाले सभी सात मरीजों के परिजनों को राहत के रूप में दस-दस लाख रुपए का भुगतान करे। मानवाधिकार आयोग ने मामले के निपटारे तक मिशन अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की भी सिफारिश की है। साथ ही अधिकारियों को मध्य प्रदेश में कार्यरत सभी कैथ लैब का निरीक्षण करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार यह सत्यापित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी करेगी कि सभी डॉक्टर कैथ लैब में काम करने के लिए योग्य हैं या नहीं। जांच समिति ने कुछ अन्य सिफारिशें भी की हैं जिनमें बीमा राशि, सर्जरी से संबंधित जानकारी, भूखंड पर अनधिकृत निर्माण और जांच से जुड़े लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उठाये गये कदमों की जानकारी मांगी गई है। उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल में उपचार के बाद कई मरीजों की मौत हो गई थी। क्या है मामला? इसी वर्ष मार्च में यह मामला सामने आया था। आयोग ने 28 मार्च, 2025 को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। इसमें संबंधित राज्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने के अलावा अपनी जांच भी की थी। आयोग को अपनी जांच में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई में कई अनियमितताएं मिली थीं। इसी के आधार पर कई अनुशंसाएं की हैं। आयोग ने अपनी अनुशंसाओं पर चार सप्ताह में कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जांच में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), दमोह के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। इसमें मामले के अंतिम निपटारे तक मिशन अस्पताल का लाइसेंस रद करना भी सम्मिलित है। दमोह के मिशन अस्पताल में डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन. जान कैम ने लंदन का कार्डियोलॉजिस्ट बताकर कई मरीजों की हार्ट सर्जरी की। मार्च 2025 में हुए इस खुलासे में सात मरीजों की मौत हुई। मामला सामने आने के बाद NHRC ने संज्ञान लिया और राज्य से रिपोर्ट तलब की। जांच में अनियमितताएं, लापरवाही और प्रशासनिक चूक सामने आई। NHRC ने दिए ये निर्देश देशभर में सभी कैथ लैब्स के डॉक्टरों की योग्यता की जांच सभी राज्य सरकारों को आयुष्मान भारत योजना के दुरुपयोग की जांच करने को कहा सात मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर अलग-अलग FIR दर्ज करने का निर्देश गैर इरादतन हत्या, ठगी, जालसाजी, चिकित्सकीय लापरवाही जैसे मामलों में कानूनी कार्रवाई पुलिस और CMHO द्वारा की गई लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने और संपत्ति की जांच के निर्देश गंभीर सवाल जिनकी होगी जांच     क्या मरीजों को सर्जरी से पहले खतरे और विकल्पों की जानकारी दी गई थी?     क्या अस्पताल ने बीमा कराया था, और क्या परिजनों को उसका लाभ मिला?     भूमि, भवन निर्माण, और अस्पताल संचालन में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं? व्हिसल ब्लोअर्स की सुरक्षा जो लोग इस आपराधिक कृत्य को सामने लाने में मददगार रहे, उन्हें व्हिसल ब्लोअर सुरक्षा कानून 2014 के तहत संरक्षण देने की भी सिफारिश की गई है।

सरगुजा: मैनपाट में बीजेपी का प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन, SC-ST पर केंद्रित है चौथा सत्र

सरगुजा   छत्तीसगढ़ के शिमला का मौसम खुशमिजाज है. इस खुशमिजाज मौसम में छत्तीसगढ़ सरकार मैनपाट में है. बीजेपी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का आज दूसरा दिन है. इस दिन की शुरुआत योगा से हुई. सुबह उठने के बाद सभी प्रशिक्षु विधायक, मंत्री और सांसद योग करते देखे गए. वर्ग के पहले दिन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने क्लास लगाईं थी. योगा से हुई दूसरे दिन की शुरुआत  शिवराज सिंह चौहान लेंगे क्लास : आज दूसरा दिन भी बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि बीजेपी के सबसे अनुभवी पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ट्रेनर बनकर आ रहे हैं. हालांकि शिवराज रायपुर आ चुके हैं. जारी प्रोटोकाल के अनुसार सुबह दस बजे उनको दरिमा एयरपोर्ट पहुंचना था. लेकिन सभी तक शिवराज रायपुर से उड़ान नहीं भर पाए हैं. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह पहुंचे शिविर, लोक व्यवहार और समय प्रबंधन पर देंगे प्रशिक्षण… भाजपा प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े आज मैनपाट पहुंचे. केंद्रीय मंत्री चौहान जहां लोक व्यवहार और समय प्रबंधन पर, तो वहीं विनोद तावड़े सोशल मीडिया और मीडिया पर सांसदों-विधायकों को प्रशिक्षण देंगे.  शिविर में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के अंबिकापुर स्थित मां महामाया एयरपोर्ट पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गर्मजोशी से स्वागत किया. अंबिकापुर से सड़क के जरिए मैनपाट स्थित शिविर स्थल पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव सहित अन्य भाजपा पदाधिकारियों, सांसदों-विधायकों ने स्वागत किया. शिविर स्थल पर अतिथियों ने पौधरोपण किया. कृषि मंत्री शिवराज सिंह शिविर में लोक व्यवहार और समय प्रबंधन वक्तृत्व कौशल पर तो वहीं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े सोशल मीडिया और मीडिया स्थानीय, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय विमर्श निर्माण: हमारी भूमिका विषय पर सांसदों-विधायकों को प्रशिक्षण देंगे.  नेताओं ने किया योग  जेपी नड्डा ने किया था शुभारंभ : मैनपाट में आयोजित बीजेपी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा दुर्ग अंबिकापुर ट्रेन से सुबह ही अंबिकापुर पहुंच गए थे. वहां दोनों ने महामाया मंदिर में दर्शन किया और दरिमा एयरपोर्ट में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को रिसीव किया. विमान से नड्डा अंबिकापुर के दरिमा एयरपोर्ट तक तो आ गए. लेकिन दरिमा से मैनपाट तक इन सभी नेताओं को हेलीकॉप्टर से आना था. खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नही उड़ सका जिसके बाद सभी सड़क मार्ग से दरिमा से मैनपाट पहुंचे थे. वापसी में मौसम खराब हुआ और जेपी नड्डा को करीब एक घंटे विमान में बैठकर विमान के उड़ने का इंतजार करना पड़ा था. नड्‌डा की क्लास में क्या हुआ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंद कमरे में सभी नेताओं से बातचीत की। जहां नड्‌डा बोल रहे थे वहां मोबाइल फोन ले जाने की किसी को अनुमति नहीं थी। सभी सांसद, विधायक और मंत्रियों के मोबाइल फोन बाहर ही जमा करवा लिए गए। इसके बाद शुरू हुई क्लास, भीतर मौजूद सूत्रों ने बताया कि नड्डा ने सांसद विधायकों को कड़ी नसीहत दी। जेपी नड्‌डा ने कहा कि- व्यवहार ऐसा हो की जब जनता के बीच जाए तो शर्मिंदगी महसूस न हो। जनता के बीच अपने आप को बड़ा महसूस न होने दें क्योंकि जनता बड़ी है। ग्राउंड पर रहें, साधारण बन कर रहें। मीडिया में सोच समझ कर बयान दीजिए। कोई ऐसा बयान न दें जिससे पार्टी की छवि पर बुरा असर हो। किसी भी विषय पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें, किसी तरह की भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं हो ये ध्यान रखें। नड्‌डा ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक पेड़ लगाया। उसके बाद छत्तीसगढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया। नड्‌डा के बताए 5 मंत्र     समाज, संगठन और सरकार के प्रति जागरूक हो। तैयारी अगले चुनाव की रखिए, आपके काम और व्यवहार का प्रभाव जनता पर होता है।     भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचार, मूल्य और सेवा का एक समर्पित आंदोलन है। जनता को इससे जोड़ना है।     सरकार में मौजूद सांसद-विधायकों को संगठन के साथ अधिक तालमेल बैठाकर जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।     बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति हो केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम आपका है। विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने की रणनीति हमें अपनानी है।     ये प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, यह नेतृत्व को तैयार करने, संगठन को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का माध्यम है।     देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के विकास कार्यों और इनिशिएटिव को छत्तीसगढ़ के गांव–गांव, घर–घर पहुंचाना है। सरगुजिया पगड़ी और स्टूडेंट्स की तरह लाइन में नेताजी छत्तीसगढ़ के तमाम मंत्री विधायक और सांसद मैनपाट में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस दौरान सभी किसी स्टूडेंट की तरह अनुशासन में दिखाई दिए। सभी को सफेद और सुर्ख लाल रंग के कॉम्बिनेशन में तैयार की गई सरगुजिया पगड़ी पहनाई गई। इस तरह के रंगों के गमछे सरगुजा के आदिवासी धारण करते हैं। वैसी ही पगड़ी सभी नेताओं के सिर पर थी। एक मौका ऐसा भी आया जब प्रशिक्षण शिविर की जगह पर सभी एक लाइन एक कतार में ग्रुप फोटो सेशन करते दिखे जैसे स्कूलों में स्टूडेंट्स करवाते हैं।

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो -मुख्यमंत्री

लखनऊ  सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था की कमान सीएम योगी खुद संभाल रहे हैं. गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से बिजनौर तक हेलीकॉप्टर द्वारा पूरे यात्रा मार्ग का उन्होंने हवाई निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक भावना के सम्मान में कोई कमी न रह जाए. मुख्यमंत्री  साफतौर पर कहा कि कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का विषय है. ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से यात्रा की पवित्रता बनाए रखने पर बल दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति खानपान की वस्तुओं को दूषित करने या श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने जैसा कोई भी निंदनीय प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और संबंधित आरोपियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज किया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में यात्रा का वातावरण बिगड़ना नहीं चाहिए. अव्यवस्था फैलाने वालों को नहीं मिलेगी रियायत मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव, झगड़ा, विवाद या अव्यवस्था फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही उन्होंने जोर दिया कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की सतत निगरानी और पर्याप्त बल की तैनाती हो. श्रद्धालुओं के लिए पूरी हो व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द काम किया जाए. सीएम ने कहा कि  टेंट, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय, और एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं को हर हाल में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.. उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां कांवड़िए रुकते हैं, वहां साफ-सफाई, साफ पेयजल और ठहरने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, यात्रा मार्ग पर उचित विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. स्वयंसेवी संस्था भी बनें हिस्सा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि इस यात्रा में स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक समूहों की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की सहभागिता से न केवल व्यवस्थाएं बेहतर होंगी, बल्कि जनसहयोग का संदेश भी जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि  समाज के सहयोग से व्यवस्था और मजबूत होगी. सेवा का भाव ही इस यात्रा की आत्मा है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार और गंगा नदी से जल लाकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आते हैं. यह यात्रा कई जिलों से होकर गुजरती है. इसलिए सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. गर्मी और बारिश को ध्यान में रखते हुए उनके लिए ठंडे पानी की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र, आराम स्थल और यातायात की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग

मंत्री सारंग ने किया नरेला विधानसभा के तीन वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है- मंत्री सारंग समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75, 70 एवं 69 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। बारिश की तेज़ बौछारों के बीच कार्यक्रम समय पर आरंभ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि नरेला के नागरिक विकास के प्रति कितने जागरूक और प्रतिबद्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के नित नए आयाम स्थापित कर रही है। विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के हर नागरिक से किया गया हर वादा प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। नरेला के हर घर में नर्मदा जल, सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले यही हमारा संकल्प है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे। भीषण बारिश में भी लोगों का उत्साह नहीं हुआ कम कार्यक्रम के दौरान तेज़ बारिश के बावजूद न तो रहवासियों की उपस्थिति कम हुई और न ही उनका उत्साह। लोग बारिश में भीगते हुए भी मंत्री सारंग का उद्बोधन सुनते रहे। रहवासियों को मिली इन विकास कार्यों की सौगात नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75 के बजरंग कॉलोनी छेहगरा व कृषक नगर में नवीन सीसी सड़क निर्माण एवं वार्ड 70 के बिजली नगर कॉलोनी में पार्क का विकास, पुलिया निर्माण, सांस्कृतिक मंच निर्माण, सी.सी बेंच निर्माण व सीवेज पाइपलाइन का निर्माण तथा वार्ड 69 के ओल्ड सुभाष नगर में नाली निर्माण व लाला लाजपत राय कॉलोनी में पेवर ब्लॉक निर्माण की रहवासियों को सौगात मिली है।  

प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे: CM

रायपुर छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र और विविध जनजातीय समुदायों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। बस्तर के विकास में बाधक रहे नक्सलवाद के अब यहां से नक्सल उन्मूलन की अंतिम लड़ाई जारी है। बस्तर संभाग अपनी कला एवं संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है अकेले बस्तर संभाग में ही हल्बी, गोड़ी, भतरी दोलरी जैसे पारंपरिक बोली, बोली जाती है। वर्षों से अशांत रहे बस्तर अंचल में ढोल और मांदर की थाप अब फिर से सुनाई देने लगेगी। मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है। सटीक रणनीति के साथ यहां आतंक के खात्मे और सामाजिक- आर्थिक विकास के काम हो रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में जिस तरह लोगों ने भागीदारी की वो इस बात का प्रमाण है की बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि ‘‘लाल आतंक के खात्मे के लिए नक्सलियों के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई जोर शोर से जारी है। इसका परिणाम है कि नक्सलियों की कमर अब टूट गई है। प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे।’’  केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 22 जून 2025 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए थे इस दौरान उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएंगे। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल ऑपरेशन जारी रहेगा।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के वीर जवान कठिन चुनौतियों और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद नक्सलवाद के खात्मे के अभियान को ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों का अद्वितीय साहस और बलिदान न केवल हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित करता है, बल्कि पूरे देश को एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि हमारा देश अब नक्सलवाद की बेड़ियों से मुक्त होने की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ में बीते 21 मई 2025 को माओवादी सरगना बसव राजू के साथ अबूझमाड़ के जंगल में 26 नक्सलियों को सुरक्षा बल के जवानों के हाथों मारे जाने से नक्सलवाद की कमर टूटी है। इस पर सवा 3 करोड़ का ईनाम घोषित था। तीन दशकों में पहली बार हुआ है कि जनरल सेक्रेटरी रैंक का कोई माओवादी न्यूट्रलाइज किया गया। यह असाधरण कामयाबी है और इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सल के ताबूत में हमने अंतिम कील जड़ दिया है। इसके अलावा शीर्ष ईनामी नक्सली लक्ष्मी नरसिम्हा चालम उर्फ सुधाकर भी 05 जून 2025 को नेशनल पार्क एरिया में पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया, इस पर 1 करोड़ का ईनाम था।   नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। प्रदेश में पिछले डेढ़ साल के भीतर सुरक्षाबलों ने अपनी बहादुरी से 438 नक्सलियों को मार गिराया है। साथ ही 1515 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 1476 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर विवश किया है। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षा बल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से हमारी सरकार अंदरूनी गांवों तक सुरक्षा के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करने में सफल हो रहे हैं।  आखिर क्यों खास है पूवर्ती गांव     सुकमा जिले के अंदरूनी व अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ पूवर्ती गांव एक वक्त नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था। एक करोड़ रूपए का ईनामी नक्सली हिड़मा तथा टेकलगुड़ा कैंप निर्माण के दौरान नक्सली हमले की घटना का मास्टरमाइंड देवा का यह पैतृक गांव होने के कारण हमेशा चर्चा में रहा है। माओवादियों का प्रभाव में होने के कारण पूवर्ती गांव में शासन की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन अब इस गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने से यहां के लोगों को तेजी से मूलभूत सुविधाएं सुलभ होने लगी है। आदिवासी बाहुल्य आबादी, अनुपम नैसर्गिक सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर में आज विकास का सबसे बढ़ा अवरोधक है नक्सली हिंसा। पिछले 3 दशकों में नक्सलियों ने यहां अपने पैर पसारे। बंदूक के दम पर हिंसा के साथ विकास कार्यों में बाधा पहुंचाई। नक्सलियों ने अपने झूठे, खोखले सिद्धांतों के जरिए लंबे समय तक भोले-भाले आदिवासियों को भ्रम में डाला, हिंसा का सहारा लेकर उन्हें डराने की कोशिश की। बच्चों से उनके स्कूल छीने, उनका बचपन छीना उन्हें हिंसा की राह पर धकेला। कई परिवारों को बर्बाद किया, सुहागनों की सिंदूर उजाड़े, बेटियों को अगवा किया और उन्हें भी हिंसा के रास्ते पर ले गए। इसी वजह से संसाधनों से परिपूर्ण बस्तर पर देश के सबसे पिछड़े इलाकों में एक होने का धब्बा लगा। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ विकास के इस अवरोध को पूरी तरह से समाप्त करने पर डटी हुई है। बस्तर में विकास का अब नया सबेरा होने वाला है। यहां नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। लोगों को अब खुशहाल बस्तर मिलेगा। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान पूरे हौंसले के साथ नक्सल मोर्चे पर डटे और अब जल्द ही नक्सलियों का समूल अंत होगा।