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केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर : लेवल 1 से 10 तक सरकारी कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन की नियुक्ति और टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) को अंतिम रूप दिए जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 1.2 करोड़ से अधिक केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने वेतन और पेंशन में संशोधन का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में अप्रूव्ड 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के 2027 के आसपास लागू होने की उम्मीद है। इससे पूरे भारत में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव होगा। हालांकि, आधिकारिक टर्म्स ऑफ रेफरेंस, अध्यक्ष और आयोग के सदस्यों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। 8वां वेतन आयोग क्या है? वेतन आयोग भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे को संशोधित करने के लिए आयोजित एक आवधिक अभ्यास है। यह न केवल सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन और भत्तों को प्रभावित करता है, बल्कि पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों को भी प्रभावित करता है। 8वां वेतन आयोग 7वें सीपीसी की जगह लेगा, जिसे 2016 में लागू किया गया था। सीपीसी की सिफारिशों के मूल में पे मैट्रिक्स है, एक ऐसी सिस्टम जो सर्विस के स्तरों और सालों के आधार पर सैलरी तय करती है। फिटमेंट फैक्टर, जो नए मूल वेतन पर पहुंचने के लिए मौजूदा वेतन को गुणा करता है, को 2.57 (7वें सीपीसी के तहत) से बढ़ाकर 8वें सीपीसी के तहत 2.86 किए जाने की उम्मीद है। कितनी बढ़ सकती है सैलरी उदाहरण के लिए, वेतन लेवल 1 के कर्मचारी, जो वर्तमान में ₹18,000 का मूल वेतन कमा रहे हैं, उन्हें ₹51,480 तक का लाभ हो सकता है। वहीं, लेवल 2 के कर्मचारियों को ₹19,900 से ₹56,914 तक का लाभ हो सकता है। लेवल 3 के कर्मचारियों को ₹21,700 से बढ़कर ₹62,062 मिल सकते हैं। लेवल 6 पर, मूल वेतन ₹35,400 से बढ़कर ₹1 लाख से अधिक हो सकता है, जबकि एंट्री लेवल के IAS और IPS अधिकारियों सहित स्तर 10 के अधिकारियों को ₹56,100 से ₹1.6 लाख तक का लाभ हो सकता है। 8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। 8वां वेतन आयोग जल्द लागू हो सकता है। जनवरी 2025 में इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। ऐसी उम्मीद है कि ये 2026 या 2027 की शुरुआत में लागू कर दिया जाएगा। हालांकि अभी आयोग के सदस्य, चेयरमैन और उसकी टर्म्स ऑफ रेफरेंस का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इसकी घोषणा से ही कर्मचारियों में सैलरी को लेकर चर्चा है। 8वें वेतन आयोग में नई सैलरी का कैलकुलेशन फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के जरिये होगी। यहां जानिये अलग-अलग लेवल पर कितनी सैलरी बढ़ेगी। फिटमेंट फैक्टर क्या होता है? फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीपल (multiplier) होता है जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी में गुणा किया जाता है, ताकि नई सैलरी निकाली जा सके। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे बेसिक पे 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हुआ। 8वें वेतन आयोग में यह 2.86 होने की उम्मीद है, जिससे बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। यानी, अगर किसी की बेसिक सैलरी अभी 18,000 रुपये है, तो 2.86 के गुणा से यह बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है। हालांकि, नेट सैलरी इससे थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि PF, टैक्स जैसी कटौतियां भी होती हैं। अलग-अलग लेवल पर अनुमानित सैलरी बढ़ोतरी 8वें वेतन आयोग के तहत अलग-अलग लेवल पर कर्मचारियों की अनुमानित सैलरी में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। लेवल-1 पर काम करने वाले कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जो बढ़कर करीब 51,480 रुपये हो सकती है। यानी उन्हें 33,480 रुपये का अनुमानित इजाफा मिलेगा। लेवल-2 के कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी 19,900 रुपये है, जो बढ़कर लगभग 56,914 रुपये हो सकती है। इस तरह, उनकी सैलरी में 37,014 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। लेवल-3 में शामिल कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी 21,700 रुपये है, जो नए आयोग में बढ़कर 62,062 रुपये हो सकती है। इसका मतलब है कि उन्हें 40,362 रुपये तक का फायदा मिलेगा। लेवल 4 से लेवल-6 – के सब-इंस्पेक्टर या जूनियर इंजीनियर जैसे कर्मचारियों की सैलरी 35,400 रुपये से बढ़कर लगभग 1,01,244 रुपये हो सकती है, यानी 65,844 रुपये की बढ़ोतरी। वहीं लेवल 7 से 10 तक औसत अधिकारियों की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से बढ़कर 1,60,446 रुपये हो सकती है। यानी उन्हें 1,04,346 रुपये का अनुमानित फायदा हो सकता है। इसमें  IAS, IPS जैसे ग्रुप के अधिकारी आते हैं। यह अनुमान फिटमेंट फैक्टर 2.86 के आधार पर लगाया गया है, और अंतिम फैसला सरकार की सिफारिशों के बाद तय होगा। कौन-कौन कर्मचारी किस लेवल में आते हैं? लेवल 1: चपरासी, अटेंडेंट, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) लेवल 2: लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) लेवल 3: कांस्टेबल, ट्रेड स्टाफ लेवल 4: स्टेनोग्राफर ग्रेड D, जूनियर क्लर्क लेवल 5: सीनियर क्लर्क, तकनीकी सहायक लेवल 6: इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, जूनियर इंजीनियर लेवल 7: अधीक्षक, सेक्शन ऑफिसर, असिस्टेंट इंजीनियर लेवल 8: सीनियर सेक्शन ऑफिसर, ऑडिट ऑफिसर लेवल 9: डिप्टी एसपी, अकाउंट्स ऑफिसर लेवल 10: IAS, IPS, IFS जैसे ग्रुप-A अधिकारी हालांकि ये सभी आंकड़े फिलहाल अनुमानित हैं, लेकिन सरकार की तरफ से जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सार्वजनिक होंगी, तो स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।  

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान में विभाग द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में विभाग द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत खेत तालाब, अमृत सरोवर, रीचार्ज पिट लक्ष्य से अधिक बनाये गये। अभियान में किये गये कार्यों के परिणाम आगामी वर्षों में परिलक्षित होंगे। मंत्री पटेल ने कहा कि बड़ी नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिये छोटी नदियों के उद्गम स्रोतों का संरक्षण आवश्यक है। मंत्री पटेल सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद कार्यकारणी की 7वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने के लिये विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य हमें सतत् जारी रखना है। भविष्य में पौधरोपण एवं उनके संरक्षण के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों से पौधरोपण एवं संरक्षण के लिये “मां की बगिया” योजना 15 अगस्त से लागू की जा रही है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन में महत्वपूर्ण कारक बनेगी। 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चिन्हित शासकीय भूमि पर एवं 15 अगस्त से 15 सितंबर पर निजी भूमि पर सघन पौधरोपण किया जायेगा। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन” अभियान में सिपरी सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों का उपयोग करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारे यह प्रयास निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे। मंत्री पटेल ने कहा कि संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों की नवीन सेवा शर्तों में आकस्मिक मृत्यु/दुर्घटना के समय सहायता राशि प्रदान करने के प्रावधानों का समावेश करें। इस संबंध में सामान्य प्रशासन एवं वित्त विभाग के नियमों का पालन किया जाए। आयुक्त मनरेगा, अविप्रसाद ने मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी कार्यकारणी परिषद की 6वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में मनरेगा की भौतिक और वित्तीय प्रगति संविदा कर्मचारियों/अधिकारियों की नवीन सेवा शर्तों, ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा शर्तों, विषय विशेषज्ञों की सेवाएं लेने, यंग प्रोफेशनल्स को संबद्ध करने, मनरेगा में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने, भारत सरकार को भेजे गये प्रस्ताव आदि बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री पटेल ने कहा कि गौशालाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ) स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत बनने वाली सड़कों की मरम्मत करने के लिये समय-सीमा तय की जाये। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” अभियान के अंतर्गत किये गर्ये कार्यों का प्रभाव आंकलन 3 वर्ष उपरांत कराया जाये। इसके लिये बेस डेटा एवं एजेंसी अभी से तय की जाये। उन्होंने कहा कि सिपरी सॉफ्टवेयर के उपयोग के संबंध में अन्य विभागों, संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थाओं को सिपरी का एक्सेस उपलब्ध कराने के लिये विस्तृत नीति शीघ्र तय की जाये। मंत्री पटेल ने मनरेगा योजना अंतर्गत पदस्थ अमले के लिये विभिन्न प्रकार का बीमा लाभ, वित्तीय एवं प्रशासकीय अधिकारों का प्रत्यायोजन, जीआरएस के रिक्त पदों की पूर्ति, संविदा अधिकारी-कर्मचारी और जीआरएस की विदेश यात्रा संबंधित प्रकरणों आदि विषयों की समीक्षा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायती राज छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसआरएलएम श्रीमत हर्शिता सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए दीपक आर्य सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का करियर मार्गदर्शन यूनिसेफ के सहयोग से दिया जायेगा

सांदीपनि विद्यालयों में यूनिसेफ के सहयोग से चलेगा कॅरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम नोडल शिक्षक की मदद से सभी विद्यार्थियों के करियर डायरी और फोल्डर होंगे तैयार प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का करियर मार्गदर्शन यूनिसेफ के सहयोग से दिया जायेगा भोपाल प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का करियर मार्गदर्शन यूनिसेफ के सहयोग से दिया जायेगा। कॅरियर रिफ्रेशर प्रशिक्षण के द्वारा प्रत्येक विद्यालय के एक नोडल शिक्षक को संसाधनों को उपयोग करने के लिये सक्षम बनाया जा रहा है। नोडल शिक्षक के माध्यम से ही विद्यालय में कॅरियर मार्गदर्शन प्रदान करने वाली गतिविधियां संचालित की जायेंगी। कॅरियर मार्गदर्शन के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय ने प्रदेश के समस्त सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्यों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश जारी किये हैं। विद्यालय स्तर पर गतिविधियों का संचालन नोडल शिक्षक एवं कक्षा शिक्षक की सहायता से सभी विद्यार्थियों से कॅरियर इनफॉर्मेशन डायरी और कॅरियर फोल्डर तैयार कराया जायेगा, जिसमें हर माह की कॅरियर संबंधी जानकारी संधारित कराई जायेगी। कॅरियर गतिविधियों का संचालन राज्य स्तर से जारी कॅरियर कैलेंडर के अनुसार विद्यालयों में नियमित रूप से संचालित कराया जायेगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि विद्यालय समय सारणी में विद्यार्थियों के कॅरियर मार्गदर्शन के लिये कम से कम 2 पीरियड प्रति माह आवंटित किये जायें। विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार कॅरियर नोडल शिक्षक एवं सहयोगी शिक्षकों के माध्यम से कॅरियर मार्गदर्शन सत्रों की योजना बनाकर सुव्यवस्थित संचालन करवाया जाये। कॅरियर गाइडेंस में प्रशिक्षित नोडल शिक्षक के माध्यम से विद्यालय के कक्षा 9 से 12 तक अध्यापन कराने वाले अन्य 2 शिक्षकों को भी शाला स्तर पर प्रशिक्षित करके उनका सहयोग लिया जाये। प्रार्थना सभा में मिलेगी विस्तृत जानकारी विद्यालय में प्रार्थना सभा में कॅरियर गाइडेंस के तहत किसी एक डोमेन से संबंधित एक या दो कॅरियर कार्ड की संक्षिप्त जानकारी सप्ताह में किन्हीं 3 दिनों में साझा की जा सकती है। इस प्रक्रिया से विद्यार्थी कॅरियर के प्रति रूचि लेकर स्वयं कार्ड पढ़कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेगा। निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक सांदीपनि विद्यालय में एक कॅरियर कार्नर बनाया जाये जिसमें कॅरियर संबंधी सामग्री, कॅरियर कार्ड, पोस्टर, ब्रोशर और विद्यार्थी द्वारा बनाई गई सामग्री प्रदर्शित की जाये। कॅरियर मेला का आयोजन सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्यों से इस शैक्षणिक सत्र में जनवरी माह में कॅरियर मेला आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिये कहा गया है। विद्यालय स्तर पर मॉनिटरिंग के लिये प्राचार्यों से कहा गया है कि कॅरियर मार्गदर्शन से संबंधित विमर्श पोर्टल की मॉनिटरिंग फार्म को नोडल शिक्षक की सहायता से भरवाया जाये। प्राचार्य द्वारा कम से कम 2 कॅरियर मार्गदर्शन कक्षाओं का अवलोकन करके संबंधित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन दिया जाये। राज्य स्तर की गतिविधियां राज्य स्तर कॅरियर मार्गदर्शन के लिये आवश्यक संसाधन जिनमें 501 करियर कार्डस् हिन्दी एवं अंग्रेजी में, पोस्टर, ब्रोशर और 7 एजुकेशनल वीडियो को विमर्श पोर्टल पर अपलोड कराया जा रहा है। प्रत्येक माह में नोडल शिक्षकों के साथ एक घंटे की ऑनलाइन समीक्षा की जायेगी। इस वर्ष अक्टूबर एवं दिसंबर में कॅरियर  संबंधित विषयों पर वेबिनार के आयोजन का भी किया जाना प्रस्तावित है।  

मंत्री पटेल ने राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक

जल, भूमि संरक्षण के लिये ठोस प्रयास आवश्यक : मंत्री पटेल हमें जल, भूमि संरक्षण के लिये अभी से ठोस प्रयास करने होंगे: मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि हमें जल, भूमि संरक्षण के लिये अभी से ठोस प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के रिचार्जिंग सिस्टम को बढ़ाना होगा। फसलों का चक्रीकरण और पौधरोपण में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना होगा। मंत्री पटेल सोमवार को राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में चिंता करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण जल स्रोतों के रिचार्जिंग सिस्टम धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण नहीं करने के कारण उनके स्रोत सूखते जा रहे हैं। मरूस्थलीकरण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव पीएचई पी. नरहरि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री पटेल ने कहा कि “राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन” के अंतर्गत विभिन्न विभागों से मिशन के परिणामों की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत सभी परियोजनाओं का थीमेटिव विश्लेषण किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि वॉटर शेड परियोजनाओं के बेहतर परिणामों के लिये एनजीओ को संबद्ध करने की नीति तैयार की जाये। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” की प्रगति का आंकलन जमीनी स्तर पर करें। मंत्री पटेल ने कहा कि वॉटर शेड परियोजनाओं के अंतर्गत क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन का कार्य अच्छा करने वाले जिलों का स्वयं भ्रमण करेंगे। इस अवसर पर चंदेला-बुंदेला तालाबों का जीर्णोद्धार कार्यशाला प्रतिवेदन की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मिशन संचालक अवि प्रसाद ने बैठक में साधारण सभा के समक्ष विभिन्न एजेंडा प्रस्तुत किये। उन्होंने पीएमकेएसवाय 2.0 की प्रगति, वॉटर शेड परियोजनाओं का सोशल ऑडिट, परियोजना के प्रभावों का विश्लेषण, मिशन के संस्थागत सुदृढ़ीकरण, जीआईएस एवं एआई सुविधा विकसित करने आदि विषयों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत वॉटर शेड परियोजनाओं के निरीक्षण के लिये एरिया ऑफिसर मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने वॉटर शेड वर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की जानकारी भी दी।  

नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो थीम पर होगा कॉन्क्लेव

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो थीम पर होगा कॉन्क्लेव इंदौर प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में "मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव" का आयोजन किया जा रहा है। "नेक्स्ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो" थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025' के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है। मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है। निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।  प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं। निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं। मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण

मध्यप्रदेश की गतिशीलता-शांति और संसाधनों का लाभ उठाएँ निवेशक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जहां संभावना दिखती है, वहां नियम बदलने से नहीं हिचकिचाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना स्थित वर्धमान औद्योगिक परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से भेंट की और उन्हें मध्यप्रदेश की समावेशी, उदार और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार  न केवल उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यदि किसी सेक्टर में संभावना दिखती है, तो वहां आवश्यकतानुसार नियमों में परिवर्तन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष अवसर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर की हुकुमचंद मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य हो रहा है और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सौ करोड़ रु. से अधिक के सेटलमेंट क्लियर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और श्रमिकों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता हर स्तर पर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामले में भी राज्य सरकार ने सह्रदयता से निर्णय किये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेने के लिए कैबिनेट स्तर पर नीतियों में बदलाव को भी तैयार है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में आकर संभावनाओं को देखें और राज्य की गतिशीलता, शांति और संसाधनों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटॉइल, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग गुड्स, स्टील प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे सेक्टरों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से यह भी कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लिए एयर एंबुलेंस सेवा और राहगीर सेवा योजना जैसी अभिनव योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं की उद्योगपतियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की सोच और संवेदनशीलता शायद ही किसी अन्य राज्य में दिखती हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्धमान ग्रुप के एमडी नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन संजीव पहवा, कंगारू इंडस्ट्रीज के एमडी अंबरीश जैन, टीके स्टील रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी लोकेश जैन, रजनीश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राहुल आहूजा, फार्मपार्ट्स कंपनी के उपाध्यक्ष जे.एस. भोगल, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा, कमल (सरजवन होजरी) के प्रतिनिधि सुदर्शन जैन और अरुण जैन सहित विभिन्न सेक्टर के उद्योगपतियों ने मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में बिजली दरें प्रतिस्पर्धी हैं और नियम संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सोलर और पॉवर सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर कोई पर्यावरणीय क्लियरेंस लंबित है, तो मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर उसे शीघ्र दिलाने का भी प्रयास करेगी। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीति स्पष्टता, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि देश के सबसे भरोसेमंद और निवेश के योग्य राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है। 

देर नहीं, अब एक सॉफ्टवेयर से संचालित होंगी सरकारी और निजी एंबुलेंस सेवाएं

ग्वालियर मध्य प्रदेश सरकार ने राहवीर योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसके अंतर्गत राज्य की सभी सरकारी और निजी एंबुलेंस को एक ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया जाएगा। यह कदम प्रदेश को एंबुलेंस सेवाओं के एकीकृत प्रबंधन में एक नया आयाम प्रदान करेगा। मध्य प्रदेश संभवतः ऐसा करने वाला पहला राज्य होगा, जहां सभी एंबुलेंस एक ही प्लेटफार्म पर संचालित होंगी। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।   लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस को बुलाएगा वर्तमान में, प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग, एमपीआरडीसी, एनएचएआइ और निजी एंबुलेंस सेवाएं संचालित हैं, लेकिन अब परिवहन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं, जो सड़क दुर्घटना की लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस को बुलाएगा। इस योजना के तहत डायल-100 सेवा को एंबुलेंस सेवा के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे घायल व्यक्तियों को शीघ्र सहायता मिल सकेगी। एंबुलेंस सेवाओं की भूमिका की समीक्षा प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के पास लगभग एक हजार एंबुलेंस हैं, जिनमें 300 जननी एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इन सभी एंबुलेंस को भी इस नए सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, ताकि घायल व्यक्तियों को गोल्डन टाइम में अस्पताल पहुंचाया जा सके। राहवीर योजना के लागू होने के बाद एंबुलेंस सेवाओं की भूमिका की समीक्षा की गई है। वर्तमान में, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न एजेंसियों के बीच एंबुलेंस सेवाओं का संचालन एकीकृत नहीं है। जैसे कि हाइवे पर एंबुलेंस की सहायता के लिए एनएचएआइ का नंबर और 108 सेवा अलग है। कॉल भी इसी सॉफ्टवेयर पर होगी दर्ज अब राहवीर योजना के तहत घायलों के गोल्डन टाइम को बचाने के लिए एक ही कॉल पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस भेजी जाएगी। डायल-100 सेवा के अंतर्गत आपातकालीन कॉल करने पर सूचना दी जाती है, और अब यह कॉल भी इसी सॉफ्टवेयर पर दर्ज होगी। जब सड़क दुर्घटना की सूचना मिलेगी, तो सबसे नजदीकी एंबुलेंस तुरंत भेजी जाएगी। देर से एंबुलेंस पहुंचने के घटेंगे मामले इस नए सॉफ्टवेयर का पूरा नियंत्रण भोपाल से होगा, जिससे एंबुलेंस के देर से पहुंचने की घटनाओं में कमी आएगी। अक्सर देखा गया है कि एंबुलेंस देर से पहुंचने के कारण घायल की जान पर संकट आ जाता है। अब एंबुलेंस की शीघ्रता से उपलब्धता से पीड़ित का प्राथमिक इलाज भी तुरंत शुरू हो सकेगा। स्वास्थ्य और परिवहन विभाग मिलकर सॉफ्टवेयर तैयार करा रहे हैं, जिसमें सभी एंबुलेंस सरकारी और निजी को एक ही जगह जोड़ा जा रहा है। यह डायल-100 से जुड़ेगा और कॉल पहुंचने पर सबसे नजदीकी एंबुलेंस जाएगी। प्रदेश ऐसा करने वाला संभवतः पहला राज्य होगा। राहवीर योजना के दृष्टिगत यह कवायद की जा रही है। किरण कुमार, उपायुक्त, परिवहन विभाग, मध्य प्रदेश

पीएम मोदी का BRICS समिट में आतंकवाद पर करारा प्रहार, देखते रह गए बाकी देश

जोहान्सबर्ग जोहान्सबर्ग में आयोजित BRICS समिट 2025 में भारत के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले का मुद्दा छाया रहा। BRICS के सभी सदस्य देशों ने इस हमले की सख्त निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प दोहराया। रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों ने भी भारत के साथ एकजुटता दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है। आतंक को समर्थन देने वालों को मिले सजा : पीएम मोदी पीएम मोदी ने इस मंच से पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर हमला बोलते हुए कहा, आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। आतंक को शह और समर्थन देने वालों को सजा मिलनी चाहिए। कोई भी देश या संस्था इस खतरे से अलग नहीं रह सकता। मोदी ने कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर किया गया हमला कायरता की निशानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता रहेगा और आतंक को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में पहलगाम में अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ. यह मानवता पर हमला था. ब्रिक्स में पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र के दौरान पीएम मोदी ने शांति और भाईचारे के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जताते हुए पड़ोसी मुल्क पर निशाना साधते हुए कहा कि दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं है. अगर कोई देश आतंकवाद का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन करता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन या इसकी मौन सहमति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने सभी देशों से इस पर निर्णायक फैसला लेने को कहा है. उन्होंने कहा कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध से प्रेरित होकर शांति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा. फिर चाहे परिस्थितियां कितनी भी मुश्किल हो, शांति मानवता के कल्याण के लिए सबसे बेहतरीन मार्ग रहेगा. ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की इतना ही नहीं ब्रिक्स समिट में शामिल नेताओं ने भी कड़े शब्दों में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की. इस दौरान आतंकवाद के हर प्रारूप से निपटने, सीमापार आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकियों को पनाह देने से निपटने पर प्रतिबद्धता जताई. आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेस नीति बनाने और इसके लिए दोहरे मानदंड को खारिज किया जाना चाहिए. ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए संयुक्त बयान जारी किया. इस बयान में कहा गया कि हम 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए. हम आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस अपनाने का आग्रह करते हैं और आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को खारिज करने का आग्रह करते हैं.

10 लाख का इनामी नक्सली कन्ना बीजापुर के नेशनल पार्क में हुई मुठभेड़ में ढेर

बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में एक कुख्यात नक्सली ढेर हो गया है। मारा गया नक्सली नक्सलियों की मिलिट्री कंपनी का स्नाइपर बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मारा गया नक्सली सोढ़ी कन्ना था, जो जगरगुंडा थाना क्षेत्र के किस्टारम का रहने वाला था। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस मुठभेड़ को सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। क्योंकि सोढ़ी कन्ना लंबे समय से कई नक्सली वारदातों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में शामिल था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लुधियाना में करेंगे उद्योग जगत से सीधा संवाद, पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे

भोपाल/लुधियाना  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार लुधियाना में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक खास कार्यक्रम ‘एडवांटेज एमपी’ आयोजित कर रही है। 7 जुलाई को होने वाले इस रोड शो में टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों के बड़े उद्योगपति शामिल होंगे। कार्यक्रम का मकसद है- मध्यप्रदेश की औद्योगिक ताकत, निवेश के लिए अनुकूल माहौल और नई नीतियों की जानकारी देना, ताकि देश के उद्योगपति राज्य में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार करें। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बेंगलुरु और सूरत में हुए निवेश रोड शो को बड़ी सफलता मिली थी। लुधियाना में यह कार्यक्रम राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, स्थायी नीतियों और निवेश-अनुकूल माहौल को देशभर के निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित प्रतिष्ठित उद्योग समूहों वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे उत्पादन, तकनीक और प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी लेंगे और मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। डॉ. यादव लुधियाना के उद्योगजगत की हस्तियों से व्यक्तिगत बैठकों के माध्यम से संभावित निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक साझेदारी और सरकारी सहयोग की जरूरतों पर चर्चा करेंगे। इन संवादों का उद्देश्य व्यावहारिक, परिणामोन्मुखी और दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री एक विशेष सत्र के तहत राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक-क्लस्टर्स जैसी योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। यह सेशन लुधियाना के उद्यमियों के लिए निवेश की गहराई से समझ का अवसर होगा। इसके अलावा डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी सत्र में भी भाग लेंगे, जहां कंपनी के नेतृत्व से संभावित साझेदारी और औद्योगिक विस्तार पर खुले संवाद होंगे। यह सत्र सहयोग, विश्वास और विकास की भावना को मजबूत करने वाला होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे इंडस्ट्री विजिट्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। ये यात्रा उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षता और प्रबंधन प्रणाली की समझ को गहरा करने के साथ-साथ इन समूहों के साथ संभावित निवेश के बिंदुओं पर चर्चा का अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री उद्योगों की कार्य संस्कृति और नवाचार क्षमताओं को जानने के साथ मध्यप्रदेश में व्यवहारिक सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे। वन टू वन मीटिंग्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना के प्रमुख उद्यमियों और औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे। इन संवादों में उद्योग प्रतिनिधियों से संभावित निवेश प्रस्तावों, साझेदारी के क्षेत्रों और आवश्यक सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इन बैठकों का उद्देश्य व्यावहारिक और परिणाममूलक संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है। इंटरएक्टिव सेशन– इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एक विशेष सत्र में लुधियाना के उद्योगपतियों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स की जानकारी देंगे। यह इंटरएक्टिव सेशन संभावित निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की गहराई से समझ का अवसर होगा। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी इंटरएक्शन में भाग लेंगे। यह संवाद औपचारिकता से परे जाकर सहयोग, विस्तार और विश्वास की भावना को आगे बढ़ाने का मंच होगा, जिसमें कंपनी के नेतृत्व के साथ संभावित औद्योगिक निवेश और साझेदारी के पहलुओं पर चर्चा होगी। कुल जमा यह रोड शो सिर्फ एक निवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की बदलती औद्योगिक सोच, सक्षम नेतृत्व और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की प्रभावशाली प्रस्तुति है। लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्र से संवाद और सहयोग स्थापित कर प्रदेश व्यवहारिक समन्वय और साझे विकास की दिशा में नए कदम रख रहा है।