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मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा – खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए।  मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल – छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

राम मंदिर में पहली बार होगा ध्वजारोहण समारोह, प्रधानमंत्री मोदी और हजारों विशिष्ट अतिथि रहेंगे मौजूद

अयोध्या  रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक गूंज अभी भी जनमानस में ताजा है। राम मंदिर ट्रस्ट अब एक और भव्य अध्याय जोड़ने जा रहा है। नवंबर में प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह को लेकर तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन एक बार फिर अयोध्या को भक्तिभाव, वैदिक अनुष्ठानों और विश्व भर से जुटने वाले श्रद्धालुओं से सराबोर कर देगा। ध्वजारोहण समारोह को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तर्ज पर ही भव्यता प्रदान की जाएगी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से मेहमानों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें देश-विदेश के संत, धर्माचार्य, प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि और रामभक्त शामिल रहेंगे। अनुमान है कि हजारों की संख्या में अतिथि इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे। अयोध्या में मेहमानों की आगवानी के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। ट्रस्ट और प्रशासनिक तंत्र ने कमरे बुक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रमुख होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउसों में आवास की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक-चौबंद किया जा रहा है। नवंबर में समारेाह के लिए शुभ मुहूर्त भी ज्योतिषियों से निकलवाया जा रहा है। 16 नवंबर व 25 नवंबर दो शुभ तिथियों में से किसी एक तिथि के चयन पर विमर्श हो रहा है।   161 फीट ऊंचे शिखर पर होगा ध्वजारोहण राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर रामध्वज फहराया जाएगा। इसके अलावा परिसर के अन्य सभी मंदिरों के शिखर पर ध्वज फहराया जाएगा। रामध्वज का आरोहण केवल एक प्रतीकात्मक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की विजय और धर्म की प्रतिष्ठा का उद्घोष होगा। यह आयोजन मंदिर निर्माण की पूर्णता की ओर बढ़ते कदम का संकेत भी माना जा रहा है। ध्वज पताका को वैदिक मंत्रोच्चार, संगीत, और विशेष पूजा विधियों के साथ मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा। कार्यक्रम में विविध प्रकार के अनुष्ठान भी होंगे। रामकथा का भी आयोजन संभव है। इस अवसर पर देश के कई प्रसिद्ध संगीतज्ञ व कलाकार प्रस्तुतियां देंगे, जिससे समारोह की भव्यता बढ़ेगी।  

डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के विचार को किया है क्रियान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे राष्ट्रभक्त और लोकतंत्र सेनानी थे डॉ. मुखर्जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक देश एक विधान कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के योगदान का किया स्मरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प " एक निशान, एक विधान और एक प्रधान" को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में "एक देश एक विधान" विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. मुखर्जी के विचार को प्रधानमंत्री मोदी ने किया क्रियान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान के अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए संसद में भाषण दिया था। वे कश्मीर को विशेष दर्जा देने के प्रबल विरोधी थे। उनका मानना था कि कश्मीर हमारे लिए केवल एक भू-भाग नहीं अपितु भारत की आत्मा है। डॉ. अम्बेडकर का भी यही विचार था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि भारत की एकता से कोई समझौता नहीं बल्कि संकल्प है। कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय जनसंघ ने सत्याग्रह भी किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर पहुंचे वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया। यह उनका बलिदान था। डॉ. मुखर्जी ने बताया राष्ट्र के लिए कैसी हो हमारी दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रवासियों को यह बताया कि राष्ट्र के लिए हमारी दृष्टि कैसी होनी चाहिए। आज भारत दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। स्वतंत्रता के समय हुई त्रुटियों को याद रखने की आवश्यकता है। डॉ. मुखर्जी जैसे महापुरूषों के योगदान का इसलिए निरंतर स्मरण करना जरूरी है। आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र के शत्रुओं को उनके घर में घुसकर मारने का हौसला रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के लिए आयोजक और प्रतिभागियों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को बधाई दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि धरती पर बमुश्किल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसा महापुरूष पैदा होता है। डॉ. मुखर्जी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। नेहरू जी से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति आदि उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।  

CM साय और डिप्टी सीएम ट्रेन से अंबिकापुर के लिए रवाना हुए ,आज BJP के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मैनपाट में आज से सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत होने वाली है. इसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णु देव साय इस बार ट्रेन से रवाना हुए. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर के लिए रविवार की रात को ट्रेन में सवार हुए. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा,  सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी भी थे.  उत्साहित दिखे CM रायपुर से अंबिकापुर तक की ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बेहद उत्साहित दिखे. सीएम ने कहा कि कहा ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है. इस बार ट्रेन से अंबिकापुर तक जाने का फैसला भी इसीलिए ही लिया है.  ये है कार्यक्रम  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मैनपाट में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. सीएम ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई विषयों पर व्याख्यान होंगे.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह को संबोधित करेंगे.साय ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी व्याख्यान देंगे. उन्होंने कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहायक होगा. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर तक करेंगे रेल का सफर, ट्रेन यात्रा को लेकर उत्साहित दिखे मुख्यमंत्री, कहा – ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है .सफर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी भी मौजूद

इंडिया ने रच दिया 93 साल में पहली बार टेस्ट क्रिकेट में यह इतिहास, एक मैच में 1000 रन बनाने वाली बनी पांचवी टीम

एजबेस्टन में भारत बनाम इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जो पिछले 93 सालों में कभी नहीं हुआ था। शुभमन गिल की शानदार पारी की बदौलत भारत ने इस मैच में दोनों पारियों को मिलाकर 1000 से ज्यादा रन बना दिए। इससे पहले टेस्ट इतिहास में सिर्फ चार ही टीमों ने ऐसा कारनामा किया है। एजबेस्टन भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का दूसरा मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 336 रनों से जीत हासिल की. मुकाबले में इंग्लैंड को जीत के लिए 608 रनों का टारगेट मिला था, जिसका पीछा करते हुए उसकी पूरी टीम पांचवें दिन के दूसरे सेशन में 271 रनों पर ऑलआउट हो गई. इंग्लैंड की दूसरी पारी में आकाश दीप ने 6 विकेट झटके. शुभमन गिल की कप्तान में ये भारत की पहली जीत रही. शुभमन ने इस मैच में 269 और 161 रन बनाए थे. इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. सीरीज का तीसरा मुकाबला 10 जुलाई से लॉर्ड्स में खेला जाएगा. विदेश में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत, 58 साल का सूखा खत्म देखा जाए तो भारत ने पहली बार बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर टेस्ट जीत हासिल की है. इससे पहले जो उसने इस मैदान पर 8 टेस्ट मैच खेले थे, उसमें से सात में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. जबकि एक मुकाबला ड्रॉ पर छूटा. भारतीय टीम ने इस मैदान पर पहला टेस्ट जुलाई 1967 में खेला था, जिसमें उसे 132 रनों से पराजय का मुंह देखना पड़ा था. अब भारत ने 58 साल का सूखा खत्म किया है. भारत की विदेशी जमीन पर ये रनों के लिहाज से सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी रही. इससे पहले 2019 में एंटीगा टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को 318 रनों से हराया था. बता दें कि भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 427/6 के स्कोर पर घोषित की थी. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 587 और इंग्लैंड ने अपनी पहली इनिंग्स में 407 रन बनाए. पहली पारी के आधार पर भारत को 180 रनों की बड़ी लीड मिली थी. इंग्लैंड की ऐसी रही दूसरी पारी विशाल टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उसने 50 रनों तक अपने तीन विकेट गंवा दिए. जैक क्राउली (0) को मोहम्मद सिराज ने आउट किया. वहीं बेन डकेट (25) और जो रूट (6) को आकाश दीप ने चलता किया. इसके बाद ओली पोप और हैरी ब्रूक ने चौथे दिन (5 जुलाई) के खेल में इंग्लैंड को कोई और नुकसान नहीं होने दिया था. पांचवें दिन जब बारिश के खलल के बाद मुकाबला शुरू हुआ तो आकाश दीप ने भारत को जल्द ही सफलता दिला दी. आकाश ने सेट बल्लेबाज ओली पोप को बोल्ड कर दिया, जो 24 रन बना पाए. फिर आकाश ने हैरी ब्रूक (23 रन) को आउट करके भारत को पांचवीं सफलता दिला दी. ब्रूक के आउट होने के बाद बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ ने छठे विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी करके इंग्लैंड को संभालने की कोशिश की. वॉशिंगटन सुंदर ने लंच से ठीक पहले बेन स्टोक्स (33 रन) को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. लंच के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने क्रिस वोक्स (7) को आउट किया. वहीं आकाश दीप ने जेमी स्मिथ को आउट करके पारी में पांच विकेट हॉल पूरे किए. आकाश ने पहली बारी टेस्ट पारी में 5 विकेट झटके हैं. स्मिथ ने 99 गेंदों पर 88 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जोश टंग (2) नौवें विकेट के रूप में आउट हुए और उन्हें रवींद्र जडेजा ने चलता किया. वहीं ब्रायडन कार्स (38) को आउट करके आकाश ने भारत को जीत दिला दी. आकाश ने मैच में कुल 10 विकेट झटके. टेस्ट इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा टीम टोटल (दोनों पारियों को मिलाकर):     इंग्लैंड – 1121 रन बनाम वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 1930     पाकिस्तान – 1078 रन बनाम भारत, फैसलाबाद, 2006     ऑस्ट्रेलिया – 1028 रन बनाम इंग्लैंड, द ओवल, 1934     भारत – 1014 रन बनाम इंग्लैंड, एजबेस्टन, 2025*     ऑस्ट्रेलिया – 1013 रन बनाम वेस्टइंडीज, सिडनी, 1969     दक्षिण अफ्रीका – 1011 रन बनाम इंग्लैंड, डरबन, 1939 अगर शुभमन गिल की बात करें, तो उन्होंने इस मैच में दो शतक जमाकर (269 और 161) अकेले ही 430 रन बना दिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने भारत को इस ऐतिहासिक माइलस्टोन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जीत के हीरो  शुभमन गिल- बर्मिंघम में ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के लिए कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. कप्तान शुभमन गिल ने मैच की दोनों पारी में सेंचुरी लगाई. गिल ने पहली पारी में 269 रन बनाए और दूसरी पारी में 161 रन बनाए. आकाश दीप- आकाश दीप को सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मौका नहीं मिला था. दूसरे मैच में आकाश दीप जसप्रीत बुमराह की जगह पर गए. आकाश दीप ने मैच में बुमराह की कमी खलने नहीं दी. आकाशदीप ने पहली पारी में 4 विकेट लिए और दूसरी पारी में 6 विकेट लिए. बर्मिंघम टेस्ट में जीत में आकाश दीप का बड़ा रोल रहा. मोहम्मद सिराज– आकाशदीप के अलावा बाकी बॉलर्स ने भी शानदार बॉलिंग की. मोहम्मद सिराज इस समय भारतीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं. दूसरे मैच की पहली पारी में मोहम्मद सिराज ने आकाश दीप के साथ मिलकर शानदार बॉलिंग की. मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में पांच विकेट लिए. रविन्द्र जडेजा- पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन न करने की वजह से ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा की काफी आलोचना हुई थी. बर्मिंघम में रविन्द्र जडेजा ने जीत में अहम रोल निभाया. दोनों पारियों में जडेजा ने गिल के साथ अच्छी पार्टनरशिप की. रविन्द्र जडेजा ने दोनों पारियों में फिफ्टी जड़ी. बॉलिंग में रविन्द्र जडेजा को इस मैच में 1 विकेट मिला. सधी बॉलिंग से जडेजा ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव जरूर बनाया. भारत ने तोड़ा 21 साल पुराना रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रचते हुए 21 साल पुराना … Read more

राजस्थान में बारिश का कहर जारी, सवाई माधोपुर में बाढ़ जैसे हालात

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, नागौर, जयपुर, अजमेर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दर्ज की गई, जहां 214 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर शहर में 124 मिमी, बौंली में 130 मिमी, मित्रपुरा में 50 मिमी, खंडार और मलारना डूंगर क्षेत्र में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। चौथ का बरवाड़ा में जलभराव के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। यहां तक कि कलेक्ट्रेट ऑफिस में भी पानी भर गया। राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश जयपुर, सीकर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में 1 से 2 इंच तक वर्षा हुई। बीसलपुर बांध, जो जयपुर को पानी सप्लाई करता है, उसका जलस्तर बढ़कर 313.74 मीटर हो गया है और त्रिवेणी नदी से लगातार पानी की आवक हो रही है। राज्य में अब तक सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 70.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 167.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

OBC को 27% आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, जल्द लेगी सरकार ऐतिहासिक फैसला

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार OBC के लिए 27% आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले यह घोषणा बिना सर्वे और तैयारी के की गई थी, इसलिए इसमें देरी हुई। अब अधिकारियों को कहा गया है कि वे तथ्यों और डेटा के आधार पर विधानसभा के लिए एक बिल बनाएं। मुख्यमंत्री यादव ने यह बात समन्वय भवन में मीडिया से बात करते हुए कही। EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उन्होंने यह भी कहा कि सरकार EWS के लिए 10% आरक्षण लागू कर रही है। साथ ही, कोर्ट के कारण जिन छात्रों को नियुक्ति नहीं मिल पाई, उन्हें अब नियुक्ति मिलेगी। सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले भी सुलझा लिए हैं। PM मोदी की पहल के बाद जाति-आधारित जनगणना भी शुरू हो गई है। मूंग की MSP को लेकर शिवराज सिंह को भी लिखा है पत्र मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग का कम से कम 40% उत्पादन MSP पर खरीदने का लक्ष्य रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग का MSP 8,682 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस साल मूंग की खेती का रकबा भी बढ़ा है। राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा चंबल ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह जल्द ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने की अपील की, क्योंकि यहां तेजी से औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर आने वाले हैं। उन्होंने ग्वालियर में 265.56 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बनाया जा रहा है।

मंदिरों के बाहर लगे ड्रेस कोड वाले पोस्टर, मिनी स्कर्ट और क्रॉप टॉप पहनने पर आपत्ति

जबलपुर जिले में एक पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पोस्टर मंदिरों के बाहर लगाया गया जिस पर लिखा है कि मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही कपड़े पहन कर अंदर प्रवेश करें। बताया जा रहा है कि यह पोस्टर हिन्दूवादी संगठन ने शहर के कई मंदिरों के बाहर लगाया है। पोस्टर में कहा गया है कि मिनी स्कर्ट,जींस-टॉप तथा वेस्टर्न कपडे पहनकर आने पर बाहर से दर्शन करें। दरअसल, जबलपुर शहर में महाकाल संघ अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल ने मंदिरों के बाहर पोस्टर लगाया है और उसमें लिखा है, "निवेदन है कि मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही वस्त्र पहनकर प्रवेश करें। छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमुंडा, मिनी स्कर्ट, नाईट-शूट, कटी फटी जींस और क्राप टॉप आदि वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने पर मंदिर के बाहर से ही दर्शन करें। बालिकाएं और महिलाएं मंदिर परिसर में सिर ढक कर प्रवेश करें। पोस्टर पर आगे लिखा है कि इसे अन्यथा न लें और भारतीय संस्कृति आपको ही बचानी है। पोस्टर में निवेदक के रूप में महाकाल संघ अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल लिखा हुआ है। शहर भर के 40 मंदिरों में लगेंगे पोस्टर इस पोस्टर को लेकर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के जिला मीडिया प्रभारी अंकित मिश्रा ने बताया कि ऐसे पोस्टर शहर के लगभग 30 से 40 मंदिरों में लगाए गए हैं। इन पोस्टरों को शहर के अन्य मंदिर में भी लगाया जायेगा। महिलाएं ही धर्म के कार्य में सबसे आगे आती हैं। भारतीय संस्कृति को बचाना उनके हाथों में है। मेरा उनसे निवेदन है कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप कपड़े पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश करें। पोस्टर को लेकर वकील ने क्या कहा? वहीं दूसरी ओर पोस्टर के संबंध में अधिवक्ता अंजना कुरलिया का कहना है कि महिला को कैसे कपड़े पहनना है, यह उनका विवेकाधिकार है। महिलाओं के लिए कई प्रकार के कपड़े हैं। प्राचीन भारतीय संस्कृति में बिना सिलाई वाले कपड़े नहीं थे। सिलाई वाले कपड़े ईरान से आये हैं, जिसे पहना जा रहा है। जींस-टीशर्ट सहित वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने वाली महिला व युवती मंदिर आकर ऐसे पोस्टर देखेगी तो उन्हें आघात होगा।

उज्जैन में आस्था का सैलाब: दो वर्षों में 12 करोड़ श्रद्धालु और 1 अरब से अधिक का चढ़ावा

उज्जैन महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी संख्या में वृद्धि हुई है। बीते दो साल में 12.32 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। इससे महाकाल मंदिर में मिलने वाला दान बीते दो वर्ष में एक अरब रुपये को पार कर गया। महाकाल मंदिर में किसी समय 15-20 करोड़ रुपये सालाना दान आता था।   दान राशि में अचानक वृद्धि महाकाल लोक बनने के बाद दान राशि में अचानक वृद्धि हो गई। वर्ष 2023-24 में दान 59.91 करोड़ रुपये रहा। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 51.22 करोड़ रुपये रहा। यानि दोनों वर्ष का मिलाकर यह आंकड़ा एक अरब को पार कर गया। यह राशि सिर्फ भेंट पेटियों में डाले गए दान की है। गत वर्ष का आंकड़ा 7.32 करोड़ रहा मंदिर में अन्य कमाई भी मिला दो तो आंकड़ा कहीं अधिक है। इसके साथ ही उज्जैन में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या भी बीते दो वर्ष में मिलाकर 12.32 करोड़ रही। गत वर्ष का आंकड़ा 7.32 करोड़ रहा। आने वाले श्रावण मास में श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि का अनुमान है।

उज्जैन में विराजमान अष्ट भैरव को पूर्णिमा पर लगेगा छप्पन भोग, होगी दिव्य महाआरती

उज्जैन आषाढ़ी पूर्णिमा पर 10 जुलाई को भगवान कालभैरव को छप्पन पकवानों का भोग लगाया जाएगा। शहर के अन्य भैरव मंदिरों में भी सुबह अभिषेक पूजन, दिन में हवन अनुष्ठान तथा शाम को महाआरती के आयोजन होंगे। कुल परंपरा अनुसार घरों में भी कुलभैरव का पूजन किया जाएगा। आषाढ़ मास की पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा महाभैरव की पूजा का भी दिन है। मालवा की लोकपरंपरा अनुसार इस दिन घरों में कुल भैरव का पूजन किया जाता है।   भैरव मंदिर में दर्शनार्थियों का लगेगा तांता धर्मधानी उज्जैन में अष्ट महाभैरव की मान्यता है। इसलिए यह आदि अनादिकाल से भैरव साधना का केंद्र भी रही है। आज भी कालभैरव, विक्रांत भैरव आदि यहां तंत्र के अधिष्ठात्र देवता के रूप में पूजे जाते हैं। भैरव पूर्णिमा पर अष्ट महा भैरव मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगेगा। कालभैरव मंदिर के पं.ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया आषाढ़ी पूर्णिमा पर सुबह कालभैरव का भैरव सहस्त्रनामावली से महा अभिषेक होगा।   इसके बाद विशेष शृंगार किया जाएगा। सुबह शाम मदिरा का विशेष भोग लगेगा। शाम को महाआरती होगी। भक्तों को दिनभर महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार सिंहपुरी स्थित आताल पाताल भैरव, भागसीपुरा स्थित आनंद भैरव, छप्पन भैरव, कालिदास उद्यान स्थित दंडपाणि भैरव, चक्रतीर्थ स्थित बम बटुक भैरव मंदिर में भी अभिषेक, पूजन, शृंगार, महाप्रसादी व महाआरती होगी। सांदीपनि महोत्सव के रूप में मनाएं गुरुपूर्णिमा पंचांगकर्ता, ज्योतिर्विद पं.आनंद शंकर व्यास ने मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव को पत्र लिखकर गुरुपूर्णिमा को सांदीपनि महोत्सव के रूप में मनाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए पं.व्यास ने लिखा है कि पांच हजार साल पहले आपके गृह नगर उज्जैन में मुनि सांदीपनि के आश्रम में प्रथम गुरुकुल की स्थापना हुई थी। भगवान बलराम, श्रीकृष्ण मुनि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण करने आए और उसी दिन से गुरु शिष्य परंपरा की शुरुआत हुई। गुरुपूर्णिमा इसी परंपरा का उत्सव रूप है। इसलिए मध्य प्रदेश के स्कूल, कॉलेज में यह उत्सव सांदीपनि महोत्सव के नाम से मनाया जाना चाहिए।