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सावन का पहला सोमवार कब है? जानें तिथि, मुहूर्त और जलाभिषेक समय

 आषाढ़ पूर्णिमा के बाद भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना शुरू होता है। इस महीने को महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए खास माना जाता है। इस दौरान रोजाना शिव भक्त शंकर जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कमान करते हैं। इस माह में पड़ने वाले सोमवार और मंगलवार का व्रत भी किया जाता है। इससे साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही विवाह में आ रही बाधा से छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब से शुरू हो रहा है सावन (Sawan kab se start h) का महीना। भक्त इस महीने में भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए सभी सोमवारों पर व्रत रखते हैं जिनको श्रावण सोमवार या सावन सोमवार व्रत के नाम से जाना जाता है. वहीं, कुछ भक्त 16 सोमवार के व्रत भी रखते हैं और 16 सोमवार की शुरुआत सावन मास के पहले सोमवार से ही होती है. इसके अलावा, श्रावण मास में माता पार्वती की उपासना की जाती है. पहले सोमवार की पूजा के लिए शुभ समय     ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:16 बजे से लेकर 5:04 बजे तक      अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:58 तक     अमृत काल: दोपहर 12:01 से 1:39 बजे तक      प्रदोष काल: शाम 5:38 से 7:22 बजे तक  सावन 2025 तिथि पंचांग के अनुसार, इस बार सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 के दिन समाप्त होगा. इस साल सावन रक्षाबंधन के दिन खत्म होगा, जो कि 9 अगस्त को ही है. पूजा की शुरुआत करने से पहले दाहिने हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। सावन सोमवार की पूजा विधि      सावन सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से पहले उठें। स्नान करके शरीर और मन को शुद्ध करें। स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र पहनें, विशेषतः सफेद या पीले रंग को शुभ माना जाता है। इसके बाद अपने घर के पूजा स्थान की सफाई करें और वहां गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव करें।     भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र पूजा स्थल पर रखें। एक थाली में पूजा की सारी सामग्री जैसे फूल, अक्षत (चावल), जल, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, फल और मिठाई आदि सजा लें। दीपक और अगरबत्ती भी तैयार रखें।     पूजा की शुरुआत करने से पहले दाहिने हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।     अब आप शिवलिंग का अभिषेक करें। पहले गंगाजल से स्नान कराएं, फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत अर्पित करें। पुनः गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन और फूल अर्पित करें। भगवान गणेश और माता पार्वती की भी पूजा करें।     ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। चाहें तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव पुराण का पाठ करना भी अत्यंत पुण्यकारी होता है। धूप-दीप दिखाकर शिवजी की आरती करें।     भगवान को फल, मिठाई या जो भी आप बना सकें वह अर्पित करें। आरती के बाद सभी परिजनों में प्रसाद बांटें।     अगर आपने निर्जल व्रत रखा है, तो अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करें। उस दिन सात्विक भोजन करें और जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें। जलाभिषेक का मुहूर्त- सावन के दिन आप सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर दोपहर तक जल चढ़ा सकते हैं. इसके अलावा, 11 जुलाई से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में सावन शुरू होगा. वहीं, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजराज, कर्नाटक और तमिलनाडु में सावन की शुरुआत 25 जुलाई से होगी और उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में सावन 16 जुलाई से शुरू होगा. सावन के सभी सोमवारों की तिथि पहला सावन सोमवार- 14 जुलाई, सोमवार दूसरा सावन सोमवार- 21 जुलाई तीसरा सावन सोमवार- 28 जुलाई चौथा सावन सोमवार– 4 अगस्त शिव जी के भक्तों के लिए सावन सोमवार के व्रतों की बहुत ज्यादा महत्वता है. इस सभी लोग माता पार्वती और भगवान शिव के लिए व्रत रखते हैं. इस दिन लोग पूजा के साथ साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं, दूध, बेलपत्र और गंगाजल भी अर्पित करते हैं. सावन शुभ योग  सावन की शुरुआत में इस बार कई सारे ग्रहों की चा बदलने जा रही है सूर्य, मंगल व शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे. साथ ही, बुध और शनि वक्री चाल चलेंगे. इनके अलावा, कई शुभ योग शिव योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग भी बनने जा जा रहे हैं. सावन पूजन विधि  सावन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्नान करके शिवजी के मंदिर जरूर जाएं. अगर आप घर के मंदिर में छोटे से शिवलिंग रखते हैं तो आप वहां भी पूजन कर सकते हैं. साथ ही शिवलिंग का जल और कच्चे दूध से अभिषेक अवश्य करना चाहिए. इनके अलावा आप चाहें तो दही, घी, शहद और गन्ने के रस से भी भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं. भगवान शिव का विशेष अभिषेक आप चाहे तो प्रतिदिन कर सकते हैं और नहीं तो सोमवार के दिन अवश्य करें. इससे भगवान शिव की विशेष कृपा आपको प्राप्त होगी और भगवान शिव के मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए जैसे नमः शिवाय, ऊं नमः शिवाय.

पाकिस्तान का बड़ा यू-टर्न! हाफिज और मसूद को भारत को सौंपने पर बोले बिलावल भुट्टो

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि उनके देश को विश्वास बहाली के उपाय के रूप में 'जांच के दायरे में आए व्यक्तियों' को भारत को प्रत्यर्पित करने में कोई आपत्ति नहीं है बशर्ते नई दिल्ली इस प्रक्रिया में सहयोग करने की इच्छा दिखाए। 'डॉन अखबार' की खबर के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल ने शुक्रवार को अल जजीरा के साथ एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। खबर में कहा गया कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर को संभावित समझौते और सद्भावनापूर्ण रुख के तहत भारत को प्रत्यर्पित करने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बिलावल ने यह टिप्पणी की। बिलावल ने कहा, ''पाकिस्तान के साथ एक व्यापक वार्ता के हिस्से के रूप में, जहां आतंकवाद उन मुद्दों में से एक है जिन पर हम चर्चा करते हैं, मुझे यकीन है कि पाकिस्तान इनमें से किसी भी चीज का विरोध नहीं करेगा।'' राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (नैक्टा) के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद दोनों को पाकिस्तान ने प्रतिबंधित कर रखा है, जबकि 26/11 मुंबई आतंकी हमले का मुख्य षड्यंत्रकारी हाफिज सईद वर्तमान में आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए 33 साल की सजा काट रहा है। इसी तरह संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित अजहर को भी नैक्टा ने प्रतिबंधित कर रखा है। बिलावल ने कहा कि इन 'व्यक्तियों' के खिलाफ मुकदमे वाले मामले पाकिस्तान से संबंधित थे, जैसे कि आतंकवादी गतिविधियों का वित्तपोषण। हालांकि, उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के लिए उन पर मुकदमा चलाना मुश्किल था क्योंकि दिल्ली की ओर से बुनियादी चीजों का 'अनुपालन' नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ''भारत कुछ बुनियादी चीजों का पालन करने से इनकार कर रहा है जिसकी दोषसिद्धि के लिए आवश्यकता होती है। यह महत्वपूर्ण है … इन अदालतों में सबूत पेश करना, लोगों को भारत से गवाही देने के लिए आना, जो भी जवाबी आरोप लगेंगे उन्हें सहन करना।'' बिलावल ने कहा, ''अगर भारत इस प्रक्रिया में सहयोग करने को तैयार है, तो मुझे यकीन है कि किसी भी 'जांच के दायरे में आए व्यक्ति' को प्रत्यर्पित करने में कोई बाधा नहीं आएगी।'' उन्होंने आतंकवादियों को पकड़ने के भारत के संकल्प पर भी चिंता व्यक्त की और इसे 'नई असामान्यता' करार दिया। उन्होंने कहा, ''यह पाकिस्तान के हितों की पूर्ति नहीं करता है, और यह भारत के हितों की भी पूर्ति नहीं करता है।'' सईद और अजहर के ठिकानों के बारे में पूछे जाने पर बिलावल ने कहा कि सईद जेल में है, जबकि इस्लामाबाद का मानना है कि अजहर अफगानिस्तान में है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर को दी 265.56 करोड़ लागत के विकास कार्यों की सौगात

अब बीहड़ की बिजली से जगमगायेंगे मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश ग्वालियर में 77 करोड़ से निर्मित आईएसबीटी और 112 करोड़ से बने 132 केवी सब स्टेशन सहित फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए खेल कॉम्पलेक्स का भी हुआ लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए संकल्पित है। हम सबके जीवन में उजाला लाने के लिए कटिबद्ध हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र शीघ्र ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन बेचने की कतई न सोंचे, क्योंकि इस क्षेत्र में शीघ्र ही रोजगार के नए अवसर और विकास की नई धाराएं बहने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के आईएसबीटी परिसर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 265.56 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदियों को जोड़ने का अभियान चल रहा है। केंद्र सरकार की मदद से यहां पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों को आपस में जोड़ने की राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना पर करीब 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से काम किया जा रहा है। साथ ही केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना से भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के किसानों को व्यापक स्तर पर लाभ मिलने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र के बीहड़ों को अब बेहतर तरीके से विकसित किया जा रहा है। यहां के बीहड़ों में जल्द ही केंद्र सरकार के सहयोग से 2000 मेगावाट क्षमता का एक बड़ा सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त परियोजना होगी। इस परियोजना से दोनों ही प्रदेशों को ऊर्जा आपूर्ति होगी। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश 6-6 माह बराबरी से इस परियोजना से उत्पादित बिजली का उपभोग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगरा से ग्वालियर के बीच बन रहे नये सिक्स-लेन नेशनल हाई-वे के चलते बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने इस क्षेत्र में बड़ा निवेश करने में अपनी रुचि दिखाई है। इससे यहां तेजी से औद्योगिक विकास होगा और इस क्षेत्र का कायाकल्प भी सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर के गौरवशाली अतीत का स्मरण करते हुए कहा कि यह भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मभूमि और राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्मभूमि रही है। प्रदेश की धरती से भारत के विकास का दीपक अटलजी के रूप में प्रज्ज्‍वलित हुआ था। भारत मानवता के लिए जीता है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने तीन-तीन देशों से लड़ाई लड़ी। सर्जिकल स्टाइक में पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए हमारे सुखोई विमान ग्वालियर से ही उड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के स्वर्णिम भविष्य के निर्माण के लिए सरकार ने शुक्रवार को ही 94 हजार से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि दी है। उन्होंने ग्वालियर की जनता को बधाई देते हुए कहा कि वाकई यहां अतिभव्य आईएसबीटी लोकार्पित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर का हजीरा अस्पताल प्रदेश में नंबर-1 आया है। चंबल के नौजवान हमारी सेना की ताकत बढ़ा रहे हैं। ग्वालियर में 6 लेन हाई-वे का निर्माण प्रारंभ होने से आगरा के बड़े व्यापारी अपने उद्योग-धंधे स्थापित करने के लिए ग्वालियर आ रहे हैं। ग्वालियर के विकास की बात पर हम सबके साथ हैं, जो भी मांगा है, उसे क्रमबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विश्व पटल पर भारत के गौरव को प्रतिस्थापित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिन-रात एक कर प्रदेश की जनता के लिए औद्योगिक क्रांति की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव शगुन का लिफाफा लेकर ग्वालियर आए हैं। हमारी मांग थी कि ग्वालियर-चंबल संभाग में डॉ. अंबेडकर धाम की स्थापना हो, जो बाबा साहेब की विचारधारा का मंथन केंद्र बने। उन्होंने बताया कि ग्वालियर जिले के डबरा के जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपए की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज इसी अंबेडकर धाम के विकास के दूसरे चरण में 50 हजार वर्गफीट भूमि में एक भव्य इमारत चौरासी गांव में ही बनाने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे सांदिपनि विद्यालयों में निजी स्कूलों के जैसी शिक्षा बच्चों को मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आगरा से ग्वालियर तक 5000 करोड़ रुपए लागत से नये 6 लेन हाई-वे की सौगात दी गई है। इस 6 लेन हाई-वे के बनने पर सिर्फ 45 मिनट में आगरा से ग्वालियर पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में वेस्टर्न हाई-वे बन रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से ग्वालियर क्षेत्र में करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं। सांसद ग्वालियर श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिसकी नीयत और नीति नेक होती है, वही देश ओर प्रदेश को आगे ले जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। देश को कर्मठ प्रधानमंत्री और प्रदेश को कर्मनिष्ठ मुख्यमंत्री मिले हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भव्य स्मारक बन रहा है।  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आज ग्वालियर के लिए गौरवशाली दिन है। ग्वालियर के हजीरा अस्पताल को पहला स्थान मिला है। इसे जिला अस्पताल के समकक्ष बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अब मरीजों की बायपास सर्जरी की व्यवस्था भी की जाए। ग्वालियर में बड़े उद्योगों की स्थापना की जाए। कार्यक्रम के अंत में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार विकास के कामों को तेजी से बढ़ा रही है। प्रदेश का कोई भी क्षेत्र विकास के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर, श्री प्रीतम लोधी, … Read more

54 साल में पहली बार: शुभमन गिल ने डबल सेंचुरी के बाद ठोका शतक, बनाया खास रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में शतक जड़ दिया है। गिल ने 129 गेंदों में 100 रन पूरे किए। इससे पहले भारतीय स्टार बल्लेबाज ने पहली पारी में दोहरा शतक लगाया था। इसके साथ ही शुभमन गिल एक मैच में दोहरा शतक और शतक लगाने वाले दुनिया के नौवें बल्लेबाज बन गए हैं। वह सुनील गावस्कर के बाद ऐसा करने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज हैं। शुभमन गिल का टेस्ट करियर का ये आठवां शतक है।   54 साल बाद गिल ने किया कारनामा भारत के दिग्गज सुनील गावस्कर ने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक पारी में शतक और दोहरा शतक लगाया था। उन्होंने पहली पारी में 124 और दूसरी पारी में 220 रन बनाए थे। शुभमन गिल 54 साल बाद एक मैच में दोहरा शतक और शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने हैं। शुभमन गिल ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 269 रन बनाए और दूसरी पारी में 100 रन बनाए। एक टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय शुभमन गिल एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ा। सुनील गावस्कर ने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में 344 रन बनाए थे। शुभमन गिल नेइस टेस्ट मैच में 369* रन बनाए हैं। वीवीएस लक्ष्मण ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में 340 रन बनाए थे। सौरव गांगुली ने पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में टेस्ट मैच में 330 रन बटोरे थे। इससे पहले गिल पहली पारी के दौरान इंग्लैंड की सरजमीं पर सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बने थे। उन्होंने सुनील गावस्कर को पीछे छोड़ा जिन्होंने 1979 में ओवल में 221 रन की पारी खेली थी। लीड्स में टेस्ट कप्तान के रूप में अपने पदार्पण मैच में 147 रन बनाने वाले गिल ने जोश टंग की गेंद पर डीप फाइन लेग पर एक रन लेकर लेकर पारंपरिक प्रारूप में अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया। वह भारत के लिए दोहरा शतक लगाने वाले कप्तानों की सूची में एमएके पटौदी, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी के साथ शामिल हो गए। विराट कोहली के नाम भारत के लिए कप्तान के रूप में सात दोहरे शतक जड़ने का रिकॉर्ड है।  

युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को मिल रहे नए आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए कार्यों में सहकारी समितियों को दी जा रही है प्राथमिकता युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां युवाओं को दिए सहकारिता के मूल मंत्र किसी भी काम में सफल होने के लिए जरूरी है मजबूत आत्मविश्वास सफलता के लिए कार्य अनुभव और उसके संबंध में जानकारी आवश्यक सहकारिता को लेकर लागू है पारदर्शी व्यवस्था, अब 30 दिन में हो रहा नई समिति का पंजीयन महिलाएं समिति बनाकर सतपुड़ा टाइगर रिर्जव में चला रही हैं सफारी मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर युवाओं से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के सहकारिता क्षेत्र को नए आयाम मिल रहे हैं। दुग्ध-उत्पादन, औद्योगिक विकास सहित अन्य क्षेत्रों में हो रहे नए कार्यों में सहकारी समितियों को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समाज को एक करने के साथ ही युवाओं को बेरोजगारी से बचाने का माध्यम है। रोजगार का अर्थ सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं है। युवाओं को स्वरोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है और वर्ष 2025 को रोजगार एवं उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी है, क्योंकि आंख पर पट्टी रहते हुए न्याय कैसे हो सकता है। नागरिकों के मूल अधिकार संविधान में उल्लेखित हैं और इसी भावना से व्यक्तियों के आपसी स्वावलंबन और सहभागिता का समावेश सहकारिता में है। वर्तमान सरकार में सहकारिता को लेकर व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। नई समिति की पंजीयन प्रक्रिया 30 दिन में पूर्ण की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी दिवस के अवसर पर समन्वय भवन में म.प्र. राज्य सहकारी संघ एवं अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से आयोजित सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता ध्वज फहराकर समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों को पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता से उद्योग प्राप्त करने वाली 30 महिलाओं को सिलाई मशीन टूल किट वितरण के प्रतीक स्वरूप एक महिला को सिलाई किट प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश में सहकारिता का आंदोलन खड़ा करने के लिए गुजरात में अमूल की स्थापना की। हजारों लोगों को दुग्ध-उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और बेरोजगारी खत्म करने का कार्य किया। राज्य सरकार भी दुग्ध-उत्पादन बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। अभी दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जो भविष्य में शीर्ष पर पहुंचेगा। इसी उद्देश्य से दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सहकारिता क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दिए मूल मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें सहकारिता क्षेत्र से जुड़े मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता में आने का एक सूत्र है- जब भी कोई नया काम करें तो आत्मविश्वास मजबूत रखें। युवा जिस भी क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, पहले उसका अनुभव लें और यह भी देखें कि सहकारी समिति के माध्यम से इस क्षेत्र में क्या-क्या किया जा सकता है। सहकारी समिति के नेतृत्वकर्ता का दायित्व है कि पहले वह स्वयं पूरी जानकारी रखें और दूसरे साथियों को भी बताएं। सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के जीवन की असली परीक्षा कॉलेज की शिक्षा पूर्ण होने के बाद शुरू होती है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश वन्य संपदा और जलराशियों से संपन्न है। प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार संकल्पित है। हमारे युवा सभी साधनों से संपन्न होकर प्रदेश को आग बढ़ाए, इसी भावना से राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग मंचों पर युवाओं से संवाद किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में उन्हें भी नेतृत्व का अवसर मिले। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा। सहकारिता और भारतीय दर्शन के माध्यम से हम सबके कल्याण की प्रार्थना करते हैं। आय बढ़ाने के साथ समाज को एक करने की पहल है सहकारिता सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि आज विश्व अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में देश की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। उन्होंने विकसित भारत के लिए सहकारिता को आगे बढ़ाने पर बल दिया। देश में सहकारिता मंत्रालय बनाकर केन्द्रीय मंत्री अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपी। देश का इतिहास है कि जहां व्यक्ति है, वहां सहकारिता है। जब व्यक्ति का एक-दूसरे से समन्वय होगा, तभी देश एक होगा। सहकारिता केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि देश और समाज को एक करने की पहल है। हमें रोजमर्रा की जिंदगी में सहकारिता को आत्मसात करना होगा। हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा का किया समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने महाविद्यालय छात्र-छात्राओं ने युवा संवाद कार्यक्रम में कई जिज्ञासाएं रखीं। एक छात्रा के सहकारी समिति बनाने की प्रक्रिया और शासकीय कार्य-प्रणाली संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सहकारिता में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की गई है और नई समितियों का पंजीयन 30 दिन में पूर्ण हो रहा है। एक अन्य छात्रा ने सहकारिता संबंधी विषय स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर विषय पाठ्यक्रम में रखना कठिन है। लोगों को स्वयं सहकारिता की ओर पहल करनी चाहिए। सहकारिता में सबका स्वागत है, इसमें शिक्षा या आय का कोई बंधन नहीं है। … Read more

धार्मिक यात्राओं के लिए योगी सरकार की योजना, पात्र लोगों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

लखनऊ यूपी की योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। प्रदेश के धार्मिक स्थलों के लिए पहले ही खजाना खोला जा चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के अलावा तमाम हिंदू धर्मस्थलों को सजाया और संवारा जा रहा है। अब इसी क्रम में बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लेकर आई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सरकार दो तीर्थ यात्राएं शुरू करने जा रही है। तीर्थ यात्रियों को दस-दस हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया भी जाएगा। शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशष्टि तीर्थ यात्राओं हेतु 'बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना' और सिख श्रद्धालुओं के लिए 'पंच तख्त यात्रा योजना' प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वह अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पाँच पवित्र 'तख्त साहिब' स्थल की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में 'श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,' शामिल हैं। प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए। दोनो ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को और सशक्त करेंगी। प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी। इसके साथ ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी।  

CM साय ने पंचायत प्रतिनिधियों को दिए नेतृत्व के मंत्र, बोले – पंचायतों का विकास ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि की नींव, सेवा भाव से करें काम

रायपुर नवा रायपुर स्थित निमोरा में आज राज्य के नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेवा भावना और ईमानदारी से काम करने पर जनता हमेशा साथ देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने कई बार निर्विरोध चुनाव जीते हैं। विधायक और सांसद दोनों रूपों में जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है, क्योंकि जब भावनाएं सच्ची होती हैं, तब जनता भी मजबूती से साथ खड़ी रहती है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को अब डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है, जिससे योजनाएं और तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जबकि अब भाजपा सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा पहले बस्तर में गोलियों की आवाजें आती थीं, अब वहां विकास की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है और यदि पंचायतों का सशक्तिकरण होता है तो छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। हम सब भी सीखने की प्रक्रिया में हैं। हमारे मंत्रीगण भी दो-दो बार प्रशिक्षण ले चुके हैं। आगामी समय में मैनपाट में भी इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की 11,000 पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा” की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी और स्थानीय प्रशासन तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेगा। CM ने नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर दी प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, “हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो जवाब भी मिलेगा।” मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा कि पंचायतें यदि जागरूक और सक्रिय होंगी तो छत्तीसगढ़ के गांवों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शासन की गहराई को समझने और अपने क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहिए। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें पंचायत संचालन, वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों को शामिल किया गया। इससे नवचयनित जनप्रतिनिधियों को शासन की बारीकियों को समझने और बेहतर कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।

सीएम यादव ने डॉ. मुखर्जी के कश्मीर एकीकरण और धारा 370 के विरोध में किए गए संघर्ष को ऐतिहासिक बताया

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार से मुलाकात की। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उनके साथ उपस्थित थे। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम चहुमुंखी प्रगति कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर दो कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी का योगदान अतुलनीय है और आज भी हम सब उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण करते हैं। मुख्यमंत्री ने की वरिष्ठ बीजेपी नेता से भेंट सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के भोपाल स्थित निवास पहुँचकर उनसे भेंट की और हालचाल जानें। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित रहे। इसके बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमोत्सव को एशिया का वाउ गोल्ड अवार्ड मिलने पर प्रसन्नता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह उनके साथ है और ये सौभाग्य की बात है कि प्रदेश के युवा नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर होंगे प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम  रविवार को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मौके पर राज्य सरकार दो बड़े आयोजन करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ श्यामाप्रसाद का सबसे महत्वपूर्ण योगदान जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष था। वे एक देश, एक विधान, एक निशान के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने धारा 370 के खिलाफ जम्मू-कश्मीर बचाओ आंदोलन शुरू किया, जो बेहद उल्लेखनीय है। उन्होंने डॉ. मुखर्जी को याद करते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि आज भी उनकी शिक्षा प्रासंगिक हैं और सभी उससे प्रेरणा लेते हैं।

सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सलियों को झटका, मुठभेड़ में दो ढेर

बीजापुर शनिवार को छत्तीसगढ़ एक बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में दो माओवादियों की मौत हो गई है। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माओवादी कैडरों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था और शुक्रवार से ही इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। मुठभेड़ स्थल से दो पुरुष नक्सली के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से जानकारी गोपनीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।  

मुख्यमंत्री साय संसदीय पत्रकारिता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।