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सीएम डॉ. मोहन यादव आज ग्वालियर दौरे पर, विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे और अंबेडकर धाम का भूमि-पूजन करेंगे

ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 5 जुलाई को ग्वालियर दौरे पर रहेंगे। ग्वालियर में शनिवार (पांच जुलाई) को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर आ रहे हैं। सीएम भोपाल से और केन्द्रीय मंत्री सिंधिया दिल्ली से दोपहर 3 बजे ग्वालियर आएंगे।  इसके बाद, दोपहर 12.15 बजे सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। वहीं 2.45 बजे सीएम ग्वालियर के लिए रवाना होंगे जहां वे विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इन कार्यों में सड़क निर्माण और जलापूर्ति जैसी जरूरी प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यह कार्यक्रम ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह तथा सांसद भारत सिंह कुशवाह की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तैयारियों का जायजा लिया और कमियां पूरी कराईं।ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर बदल रहा है और निरंतर विकास के पथ पर चल रहा है। विकसित, समृद्ध होते ग्वालियर की इस प्रगति यात्रा में शनिवार को हजीरा थाने के पास बिरला नगर ग्वालियर में अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद भारत सिंह कुशवाह की मौजूदगी में 281.81 करोड़ के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन होगा। आईएसबीटी का शुभारंभ व सिविल अस्पताल को मिलेगा नया भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव लगभग 4.25 बजे गोले का मंदिर-मुरैना रोड पर नवनिर्मित आईएसबीटी (अंतरराज्यीय बस अड्डा) परिसर पहुंचेंगे और लगभग 281 करोड़ 71 लाख रुपए के विकास कार्यों के भूमिपूजन व लोकार्पण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस दिन बदलते ग्वालियर को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के रूप में सिविल अस्पताल बिरला नगर के 15 करोड़ की लागत से निर्मित नवीन भवन की सौगात मिल रही है। वहीं हमारे बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास के लिए 20.12 करोड़ की लागत से निर्मित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा नगर और 35.93 करोड़ की लागत से निर्मित सीएम राइज कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल किला गेट के भवन का उपहार मिलेगा। 112 करोड़ की लागत से बने विद्युत सब स्टेशन का होगा लोकार्पण ऊर्जा मंत्री ने बताया कि ग्वालियर में विद्युत वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए 112 करोड़ की लागत से निर्मित 132 केव्ही जीआईएस विद्युत सब स्टेशन फूलबाग का लोकार्पण हो रहा है। इसके साथ ही ग्वालियर के हरित क्षितिज को नया गंतव्य देने के लिए 2.67 करोड़ की लागत से वेस्ट टू वंडर पार्क की शुरुआत हो रही है। बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक बनाने के लिए 2.84 करोड़ की लागत से जेसी मिल हाई स्कूल के पीछे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ, यातायात को सर्वसुलभ बनाने के लिए 77 करोड़ की लागत से निर्मित अंतरराज्यीय बस अड्डा का लोकार्पण और 16.15 करोड़ की लागत से बनने वाले 1000 बिस्तरीय अस्पताल को जेएएच अस्पताल से जोड़ने के लिए अंडर ब्रिज के भूमिपूजन के रूप में नई सौगातें मिल रही हैं। अंबेडकर धाम का भूमि-पूजन सीएम मोहन यादव ग्वालियर में जौरासी गांव में बनने वाले अंबेडकर धाम का भूमि-पूजन करेंगे। यह स्थल सामाजिक समरसता, न्याय और समानता के प्रतीक डॉ. अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाएगा। अंबेडकर धाम की स्थापना से ग्वालियर में सामाजिक सद्भावना को प्रोत्साहन मिलेगा और यह डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को जीवित रखेगा। सामाजिक समरसता के लिए कार्यक्रम इस अवसर पर सीएम विभिन्न गवर्नमेंट स्कीम्स के लाभार्थियों को लाभ वितरित करेंगे। साथ ही, वह सामाजिक समरसता की शपथ दिलाएंगे और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करेंगे। यह कदम राज्य सरकार के सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है। भगवान जगन्नाथ रथयात्रा वहीं, इन सभी के बाद सीएम शाम 7 बजे भगवान जगन्नाथ रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह धार्मिक आयोजन ग्वालियर में बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। कार्यक्रम का समापन सीएम डॉ. मोहन यादव की यह यात्रा शाम 8:30 बजे भोपाल लौटने के साथ समाप्त होगी। इस दौरान किए गए विकास कार्यों के भूमिपूजन और धार्मिक आयोजनों से ग्वालियर के नागरिकों में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यह रहेगी यातायात व्यवस्था     व्हीआईपी भ्रमण एवं भगवान जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा के दौरान शहर में सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।     व्हीआईपी भ्रमण के दौरान भिण्ड एवं मालनपुर की ओर से आने वाले सभी प्रकार के वाहन लक्ष्मणगढ़ पुल से बायपास होते हुए बेहटा चौकी, बड़ा गांव पुल, बड़ागांव चौराहा, आर्मी एरिया होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे।     व्हीआईपी भ्रमण के दौरान मुरैना की ओर से आने वाले वाहन जो गोले का मंदिर होते हुए भिण्ड, डबरा, दतिया, शिवपुरी की ओर जाना चाहते हैं। वे निरावली तिराहा से बायपास होते हुए जा सकेंगे।     व्हीआईपी भ्रमण के दौरान दतिया, डबरा की ओर से आने वाले वाहन जो विक्की फैक्ट्री, नाका चन्द्रबदनी चौराहा, सिटी सेंटर, गोले का मंदिर चौराहा होते हुए भिण्ड एवं मुरैना की ओर जाना चाहते हैं। वे सिकरोदा तिराहा से डायवर्ड होकर बायपास होते हुए भिण्ड एवं मुरैना की ओर जा सकेंगे।     व्हीआईपी भ्रमण एवं भगवान जगन्नाथ महाप्रभु रथ यात्रा के दौरान शिवपुरी, गुना, अशोकनगर की ओर से आने वाले भारी वाहन बेला की बावड़ी, चिरवाई नाका होते हुए भिण्ड एवं मुरैना की ओर जाना चाहते हैं। वे नया गांव तिराहा से डायवर्ड होकर, सिकरोदा तिराहा से बायपास होते हुए भिण्ड एवं मुरैना की ओर जा सकेंगे।     व्हीआईपी भ्रमण एवं भगवान जगन्नाथ महाप्रभु रथ यात्रा के दौरान शिवपुरी, गुना, अशोकनगर की ओर से आने वाले छोटे वाहन बेला की बावड़ी, चिरवाई नाका, कैंसर पहाड़िया कट, गोल पहाड़िया होकर शहर में प्रवेश कर भिण्ड एवं मुरैना की ओर जाना चाहते हैं। वे बेला की बावड़ी से डायवर्ड होकर चिरवाई नाका, विक्की फैक्ट्री, सिकरोदा तिराहा से बायपास होते हुए जा सकेंगे।     व्हीआईपी भ्रमण के दौरान एयरपोर्ट, डीडी नगर, पानी की टंकी की ओर से आने वाले वाहन जो गोले का मंदिर होते हुए मुरार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाड़ा, लश्कर की ओर जाना चाहते हैं। वे पानी की टंकी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सामाजिक समरसता से सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज के सर्वांगीण विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की सामाजिक समरसता की भावना के अनुसार सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश के सामाजिक परिदृश्य में तेजी से सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि विकास की मुख्यधारा में हर वर्ग को साथ लेकर चलने से ही सामाजिक एकता मजबूत होती है। सामाजिक समरसता ही वह भावना है जो कठिन परिस्थितियों में भी परस्पर सहयोग और मदद के लिए प्रेरित करती है। सशक्त समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर में शनिवार को ‘समरसता कार्यक्रम’ का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर के जौरासी गांव में बनने वाले अंबेडकर धाम का भूमि-पूजन करेंगे। यह स्थल सामाजिक समरसता, न्याय और समानता के प्रतीक डॉ. अंबेडकर के विचारों का जीवंत केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री इस अवसर पर विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित करेंगे, सामाजिक समरसता की शपथ दिलाएंगे और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में सामाजिक एकता पर विषय विशेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस अवसर पर सहभोज का आयोजन भी किया गया है। दृढ़ सामाजिक समरसता के लिए संकल्पित सरकार राज्य सरकार ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और योगदान को सम्मान देते हुए सामाजिक समरसता को सशक्त करने के लिए शिक्षा, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर कई योजनाएं शुरू की हैं। डॉ. अंबेडकर के जीवन, विचारों और योगदान को सम्मान देते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के सशक्तिकरण के लिए राज्य शासन की कई प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आर्थिक उन्नयन, शैक्षिक प्रगति और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करना है। डॉ. अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों — महू (जन्मस्थली), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), नागपुर (दीक्षाभूमि), मुंबई (चैत्यभूमि) और लंदन (शिक्षा स्थल) — को मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में शामिल किया गया है। महू स्थित डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली का समग्र विकास किया गया है, जिसमें स्मारक, संग्रहालय, पार्क, सभागार और स्वागत द्वार का निर्माण हुआ है। साथ इस “आस्था स्थल” और अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है।भोपाल स्थित डॉ. अंबेडकर स्मारक, पुस्तकालय और भवन का भी नवीनीकरण एवं विस्तार किया गया है। राज्य में वर्ष 2004 से संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण और ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। हाल ही में डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन और पशुपालकों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत 42 लाख तक के ऋण पर 33% तक की सब्सिडी दी जा रही है। डॉ. अंबेडकर उद्योग उदय योजना के माध्यम से एससी-एसटी उद्यमियों को एमएसएमई क्षेत्र में प्रोत्साहन और वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर मेधावी विद्यार्थी पुरस्कार योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को 30 हजार रुपये तक का पुरस्कार दिया जाता है। डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति योजना और अंबेडकर फेलोशिप के जरिए उच्च शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीहोर और मुरैना में स्थापित डॉ. अंबेडकर तकनीकी शिक्षा संस्थानों में आवासीय प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। सागर जिले में डॉ. अंबेडकर वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना अप्रैल माह में की गई है। भोपाल में प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाई-ओवर का नामकरण डॉ. अंबेडकर के नाम पर किया गया है। जून 2025 में अंबेडकर गौशाला विकास योजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत 5 हजार से अधिक पशुओं वाली गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ. अंबेडकर सामाजिक समरसता अभियान के तहत प्रदेशभर में पंचायत स्तर तक जनसंवाद, रैलियाँ, नाटक, प्रतियोगिताएं और संविधान जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रदेश के कई बस स्टैंड, सड़कें, उद्यान, पुस्तकालय एवं महाविद्यालयों का नामकरण डॉ. अंबेडकर किया गया है। वर्ष 2016 में महू रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अंबेडकर नगर स्टेशन किया गया। केन्द्र सरकार ने डॉ. अंबेडकर के विचारों, योगदान और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। इनका उद्देश्य सामाजिक न्याय, शिक्षा, सशक्तिकरण और समावेशी विकास को मजबूती देना है। डॉ. अंबेडकर को वर्ष 1990 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया, जो उनके ऐतिहासिक योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान था। डॉ. अंबेडकर की स्मृति से जुड़े बड़ोदरा स्थित संकल्प भूमि ‘बनयान ट्री कैंपस’ और सतारा (महाराष्ट्र) स्थित प्रताप राव भोंसले हाई स्कूल को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक घोषित किया गया है। यहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई थी। सामाजिक न्याय मंत्रालय ने देश के कई विश्वविद्यालयों में डॉ. अंबेडकर सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है, जिनका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को गुणवत्ता युक्त उच्च शिक्षा में सहायता प्रदान करना है। 

टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्लस्टर में मध्यप्रदेश के 22 एमएसएमई उद्यमियों का एक्सपोज़र विजिट

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की रैंप योजना एवं मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के नेतृत्व में 3 से 5 जुलाई 2025 तक सूरत के विख्यात टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्लस्टर में मध्यप्रदेश के 22 एमएसएमई उद्यमियों का एक्सपोज़र विजिट जारी है। लघु उद्योग निगम इस विजिट की नोडल एजेंसी है। इस एक्सपोज़र विजिट में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, मंदसौर, धार, गुना आदि से चयनित एमएसएमई इकाइयों ने भाग लिया। इनका चयन पूर्व निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर किया गया जिससे उच्च विकास क्षमता वाली इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस भ्रमण का उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों को देश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टरों से अवगत कराना, सफल व्यावसायिक मॉडल से सीखने का अवसर देना और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से उनके कौशल को विकसित करना है। दौरे के पहले दिन गुरूवार को रैंप योजना के राज्य नोडल अधिकारी तथा उप मुख्य महाप्रबंधक- लघु उद्योग, श्री अनिल थागले ने प्रतिभागियों को योजना और इस दौरे के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य महाप्रबंधक ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और इस प्रकार के अध्ययन दौरों की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से एमएसएमई इकाइयों को न केवल आधुनिक औद्योगिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है बल्कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर प्रतिस्पर्धात्मक रूप से आगे भी बढ़ सकते हैं। दक्षिण गुजरात चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी, मैन मेड टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (मंत्रा) के अध्यक्ष एवं प्रमुख उद्योगपति श्री रजनीकांत बच्छानीवाला तथा निदेशक श्री अरूप ने औद्योगिक क्लस्टरों पर आधारित उपयोगी जानकारियां साझा कीं। इन विशेषज्ञों ने क्लस्टर आधारित विकास, नवाचार और सहयोग के अवसरों पर प्रकाश डाला। एक्सपोज़र विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने श्री योगानंद टेक्सटाइल्स प्रा. लि., प्लस के लाइट फैशन प्रा. लि., मंत्रा, लक्ष्मीपति समूह की इकाइयों आदि का भ्रमण कर बड़े पैमाने पर उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन रणनीतियों को भी समझा। उद्यमियों ने बताया कि विजिट में उन्हें उन्नत उत्पादन तकनीकों और बेहतर प्रबंधन तरीकों की जानकारी मिली। नेटवर्किंग, संभावित सहयोग और विस्तार के नए अवसरों की भी पहचान हुई। यह दौरा इस बात का भी परिचायक बना कि कैसे एमएसएमई इकाइयाँ देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और अपने क्षेत्रों में रोजगार सृजन व सामाजिक विकास को आगे बढ़ा सकती हैं। यह कार्यक्रम राज्य शासन की ज्ञान आदान-प्रदान एवं क्षमता निर्माण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

अब लगाइए खूब तड़का आई गिरावट: सालों बाद सौ के नीचे पहुंचा दाम, अरहर दाल MSP पर खरीद रही मोहन सरकार

भोपाल अरहर दाल की कीमत अब जाकर तीन साल बाद सौ रुपए के अंदर पहुंची है। 2022 में अरहर दाल की कीमत 100 से 110 रुपए थी, अब यही कीमत इस समय हो गई है। चिल्हर में अच्छी क्वालिटी की दाल 100 रुपए और बहुत ज्यादा अच्छी क्वालिटी की कटनी की उपहार दाल 110 रुपए में मिल रही है। बीते साल के दिसंबर में ही अरहर दाल की कीमत चिल्हर में 180 रुपए थी। बीते साल तो इसके दाम दो सौ रुपए के पार भी गए। थोक में ही इसकी कीमत 190 रुपए तक चली गई थी। दूसरी दालों के दाम भी अब कम हो गए हैं। ज्यादातर दालों के दाम इस समय थोक में सौ रुपए के अंदर हैं। चिल्हर में दाम कुछ सौ रुपए के अंदर हैं। चिल्हर में दाम कुछ ज्यादा हैं।  भारत में ज्यादातर घरों में अरहर की दाल हर दिन बनने वाले भोजन में से एक है. शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का ये एक बड़ा आधार भी है. दाल फ्राई और दाल तड़का के शौकीन आपको जगह-जगह मिल जाएंगे. इसीलिए अरहर कितना भी महंगा क्यों न हो, थोड़ी ही सही लेकिन हर व्यक्ति खरीदता जरूर है. ऐसे में आम लोगों के लिए ये दाल कितना अहम है, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं. अब आम लोगों से जुड़ी खबर ही है, कि सालों बाद अरहर दाल के दाम 100 रुपए के आसपास आ चुके हैं. जो आम लोगों को राहत देने वाली खबर है. सालों बाद अरहर दाल हुआ है सस्ता अरहर दाल जिसे तुअर दाल, राहर दाल के नाम से भी जाना जाता है. साल 2022 में इसके दाम 100 रुपए से लेकर 110 रुपए तक आये थे. फिर उसके बाद अरहर दाल के दाम कुछ इस कदर बढ़े कि वो 200 रुपए तक पहुंच गया था. लंबे समय तक लोगों को अरहर दाल खाने के लिए महंगाई की मार झेलनी पड़ रही थी, लेकिन 3 साल बाद ही सही एक बार फिर से अरहर दाल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. तुअर दाल के दाम कम हुए  अब वर्तमान में अरहर दाल की कीमत पहले से बहुत कम है. अलग-अलग क्वालिटी में अरहर दाल 80 रुपए से लेकर के 110 रुपए किलो तक बाजार में बिक रहा है. शहडोल सूर्या मार्ट के शशांक जैन बताते हैं कि "कई सालों बाद अरहर दाल के दाम इतने कम हुए हैं. इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी." अलग-अलग दालों की कीमत किराना दुकान चलाने वाले अभिषेक गुप्ता बताते हैं कि "अरहर दाल की घटती कीमतों से उपभोक्ताओं को लंबे वक्त बाद थोड़ी बहुत राहत मिली है. तुअर दाल खुले बाजार में 80 रुपए से लेकर के 110 रुपए तक ब्रांड और क्वालिटी के हिसाब से बिक रहे हैं. उड़द दाल की बात करें तो 90-100 रुपए के आसपास बिक रहा है. मसूर दाल लगभग 70-80 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. चना दाल भी 80-90 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. क्वालिटी के हिसाब से दाम थोड़े बहुत ऊपर नीचे हो सकते हैं, लेकिन जिस तरह से कई सालों के बाद अरहर दाल के दाम घटे हैं. उसने सालों बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है." किचन के बजट पर राहत महीने भर का राशन लेने गईं हाउस वाइफ पार्वती और पूजा तिवारी "अरहर दाल के सस्ता होने पर खुश हैं. उनका कहना है कि थोड़ी ही सही दाल की महंगाई से राहत तो मिली. किचन के बजट में भी थोड़ी बहुत बचत होगी, क्योंकि तुअर दाल एक ऐसी चीज है. जिसे कितना भी महंगा क्यों न हो, खरीदना ही पड़ता है. घर में हर दिन खाने में इसे बनाना जरूरी भी होता है, क्योंकि इसे पौष्टिक आहार में से एक माना जाता है. क्यों सस्ता हुआ दाल ? इतने सालों तक अरहर दाल की कीमत आसमान छू रही थी, लेकिन मौजूदा साल आखिर ऐसा क्या हुआ जो अरहर दाल की कीमत पिछले तीन साल के बराबर आ चुकी है. इसे हम ऐसे समझ सकते हैं, दलहन में अगले 4 सालों में आत्मनिर्भर बनने के संकल्प के बीच अब बड़ी तादाद में दाल के आयात को प्राथमिकता दी जा रही है. जिससे दाल की कीमत में गिरावट आ रही है. तुअर दाल की कीमत क्यों हुई कम  विदेश व्यापार महानिदेशालय डीजीएफटी की जारी अधिसूचना के मुताबिक तुअर दाल के शुल्क मुक्त आयात की नीति 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है. भारत में मूंग के अलावा सभी तरह की दाल अरहर, उड़द, मसूर, चना और पीली मटर का शुल्क मुक्त आयात जारी रखे हुए हैं. जिससे अरहर जैसे दालों की कीमत टूटी है. अरहर का बड़ा उत्पादक, फिर भी बड़ा आयात अब ये बात आपको थोड़ी असहज जरूर कर सकती है कि भारत दलहन फसलों के उत्पादन में विश्व में पहले नंबर पर है. मतलब दलहन फसलों का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन फिर भी विश्व का सबसे बड़ा आयातक भी भारत ही है. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि भारत जितना भी उत्पादन दलहनी फसलों की करता है, वो उसकी जनसंख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है, मतलब खपत ज्यादा है. इसलिए उसे दूसरे देशों से भी दाल आयात करनी पड़ती है. भारत कहां से करता है दाल आयात भारत दाल का बड़ा आयातक है और मौजूदा वित्त वर्ष भी भारत ने काफी तेजी से दाल को अलग-अलग देशों से आयात किया है. भारत में दाल के आयात की बात करें तो अरहर और उड़द दाल ज्यादातर अफ्रीकी देशों से किया जाता है. कुछ म्यांमार से भी करता है, जबकि चना, मटर और मसूर जैसे दालों का आयात ऑस्ट्रेलिया रूस और कनाडा जैसे देशों से करता है. मध्य प्रदेश भी अरहर का बड़ा उत्पादक दलहनी फसल अरहर के उत्पादन की बात करें तो मध्य प्रदेश भी अरहर का एक बड़ा उत्पादक राज्य है. यहां के दाल की भी अच्छी खासी डिमांड है. अरहर उत्पादन में देश में महाराष्ट्र, कर्नाटक तो सबसे ज्यादा उत्पादन करते ही हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश भी इस मामले में तीसरे नंबर पर है. हलांकि इसके जानिए अरहर की फसल के बारे में अरहर की खेती खरीफ सीजन से ही शुरू हो जाती है. ये ज्यादा दिन की फसल होती है. कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर मृगेंन्द्र … Read more

भाजपा के नए अध्यक्ष की घोषणा अगले कुछ दिनों में, सूत्रों के मुताबिक तीन प्रमुख महिला नेताओं के नाम चर्चा में

नई दिल्ली  लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रही खींचतान के बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा ने हाल के वर्षों में महिला मतदाताओं को लुभाने में सफलता पाई है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में यह सफलता मिली है। आपको बता दें कि जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन पार्टी ने उन्हें जून 2024 तक का विस्तार दिया था। अब नए अध्यक्ष की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक तीन प्रमुख महिला नेताओं के नाम चर्चा में हैं। निर्मला सीतारमण वर्तमान वित्त मंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पार्टी संगठन में गहरी पैठ और केंद्र सरकार में लंबे अनुभव के चलते सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। हाल ही में उन्होंने भाजपा मुख्यालय में जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष के साथ बैठक की थी। उनका दक्षिण भारत से आना भाजपा के दक्षिण विस्तार रणनीति के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। डी. पुरंदेश्वरी आंध्र प्रदेश भाजपा की पूर्व अध्यक्ष डी पुरंदेश्वरी काफी अनुभवी और बहुभाषी नेता हैं। कई राजनीतिक दलों के साथ काम करने का अनुभव और पार्टी में व्यापक स्वीकार्यता है। उन्हें ऑपरेशन सिंदूर जैसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक अभियान का हिस्सा भी बनाया गया था। वनाथी श्रीनिवासन तमिलनाडु की कोयंबटूर दक्षिण सीट से विधायक और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी वनाथी श्रीनिवासन 1993 से भाजपा से जुड़ीं और संगठन में कई पदों पर रही हैं। 2022 में केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य बनीं और ऐसा करने वाली पहली तमिल महिला नेता। संघ का समर्थन सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस विचार को समर्थन दिया है कि भाजपा को अब एक महिला को शीर्ष नेतृत्व में लाना चाहिए। यह कदम 33% महिला आरक्षण विधेयक की भावना के अनुरूप भी होगा, जिसका प्रभाव अगले परिसीमन के बाद लोकसभा में दिखेगा।

प्रदेश के मुख्य शहरों में आधुनिक लांड्री खुलवाई जाएंगी, काम महिला स्व सहायता समूह करेंगे, सरकार आर्थिक रूप से मदद करेगी-मुख्यमंत्री यादव

भोपाल  आगामी समय में भोपाल, इंदौर और इनसे जुड़े बड़े शहरों के बीच नमो ट्रेन (namo train) चलेंगी। इनका स्ट्रक्चर मेट्रो ट्रेनों से अलग होगा। ये आम ट्रेनों की तरह ही चलेंगी। किराया बसों की तुलना में कम होगा। कम समय में गंतव्य तक पहुंचाएंगी। मुख्य शहरों में आधुनिक लांड्री भी खुलवाई जाएंगी। यह काम महिला स्व सहायता समूह करेंगे। सरकार इन्हें आर्थिक रूप से मदद करेगी। ये खुद भी कमाई से सक्षम बनेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (cm mohan yadav) ने इन नए कामों पर मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों को गुरुवार नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक में आगे बढ़ने को कहा है। रेल मंत्री से करूंगा बात सीएम ने अफसरों से कहा कि आप नमो रेल पर काम करें। मैं जल्द ही इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा करूंगा। केंद्र से इसके लिए मदद लेने के लिए प्रयास करेंगे। झुग्गी माफिया पर करें कार्रवाई सीएम ने अफसरों से कहा कि भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों में भी झुग्गियों का विस्तार हो रहा है। इसे हर हाल में रोकें। झुग्गी माफिया पर कार्रवाई करेंगे। यदि कोई जरूरतमंद व्यक्ति झुग्गी तान रहे हैं तो आवास योजना से जोड़ें। किफायती आवास उपलब्ध कराने अलग से योजना तैयार करें और उसे जमीन पर उतारें। बड़ा तालाब भोपाल की शान है, लेकिन अतिक्रमण नामक दीमक इसे चारों ओर से खा रही है। गंदे नालों का जुड़ाव इसके पानी में जहर खोल रहा है। सीएम ने कहा कि सर्वे कराएं और चुन-चुनकर अतिक्रमण (bhopal bada talab slums) हटाएं। कब्जा करने वाले किसी के साथ भी रियायत न बरती जाए। अफसर परिणाम नहीं ला पाए दो माह पहले सीएम ने भोपाल शहर के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में झुग्गीमुक्त शहर की बाल कही थी। तब भी बड़े तालाब किनारे से कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अफसर न तो झुग्गियां हटवाने की कार्रवाई कर पाए और न ही ताल किनारे से कब्जे हटवाए। चित्रकूट के लिए 2800 करोड़ रुपए की योजना नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम को बताया कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ का प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। रीडेसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाउसिंग बोर्ड से काम करने को कहा है। संकल्पों पर भी चर्चा सरकार पार्टी द्वारा लिए संकल्पों को पूरा करने में जुटी है। 2027 तक भोपाल-इंदौर मेट्रो लाइन का पूर्ण संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। 183 निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय चल रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसे उत्तारी जाएंगी। नगरीय क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनके लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत है। यह भी कहा शहरों में उद्यान विकसित करें। विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभीआवासीय परियोजनाओं में पौधरोपण को प्रोत्साहित करें।शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में बिल्डरों व कॉलोनाइजरों को जोड़ें।शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण करें। लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

काम मत करो, बच्चे पैदा करो… आबादी बढ़ाने के लिए चीन की जनता को मिलेंगे ₹12 लाख

बीजिंग  दुनिया भर के तमाम देशों में घटती युवा आबादी चिंता का सबब बनी हुई है. सरकारें युवाओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए मां और उसके नवजात शिशुओं के लिए कई स्कीमें भी ला रही हैं, लेकिन फिर भी जन्म दर नहीं बढ़ रही. लिहाजा अब जच्चा-बच्चा के बाद अब पुरुषों यानी पिता को प्रोत्साहन देने की तैयारी है. चीन इसमें पहल करेगा और ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पिता भी अब मालामाल होंगे. बच्चों के जन्म पर पिता को भी नकद इनाम मिलेगा.  चीन के सबसे अधिक आबादी वाले सिचुआन प्रांत ने शादी की छुट्टी को 3 से बढ़ाकर 20 दिन कर दिया है. अगर आप शादी से पहले मेडिकल चेकअप भी कराते हैं तो आपको 5 दिन की और छुट्टी मिल जाएगी. यानी कुल 25 दिन की छुट्टी, वो भी पूरी सैलरी के साथ. ये प्रस्ताव फिलहाल जून महीने तक लोगों की राय के लिए खुला है. क्यों देना पड़ा छुट्टियों का ये तोहफा? कन्फ्यूशियस की धरती कहे जाने वाले शेडोंग प्रांत में भी शादी की छुट्टी अब 18 दिन कर दी गई है. शांक्सी और गांसू जैसे प्रांतों ने तो इसे और आगे बढ़ाकर 30 दिन तक कर दिया है. चीन में फिलहाल केंद्र स्तर पर सिर्फ 3 दिन की शादी छुट्टी का प्रावधान है जो 1980 से चला आ रहा है. दरअसल, चीन में शादी करने वाले लोगों की संख्या लगातार घट रही है. 2025 की पहली तिमाही में केवल 1.81 मिलियन जोड़ों ने शादी की रजिस्ट्रेशन करवाई, जो पिछले साल के मुकाबले 8% कम है. 2023 में थोड़ी बढ़त के बाद आंकड़े फिर गिर गए और अब ये स्तर 1980 के बाद सबसे नीचे है. कितने पैसे मिलेंगे ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन सरकार बच्चे पैदा करने वाली माता को हर साल 3,600 युआन देगी। भारतीय रुपये में यह लगभग 42,000 रुपये होता है। यह पैसा बच्चे के तीन साल के होने तक मिलता रहेगा। स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उल्लेखनीय है कि इस समय चीन की जनसंख्या 141.05 करोड़ है। क्यों आई ऐसी नीति चीन में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसलिए सरकार यह कदम उठा रही है। पिछले साल, चीन में सिर्फ 95.4 लाख बच्चे पैदा हुए। साल 2016 में यह संख्या लगभग दोगुनी थी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने साल 2016 में चीन ने 'एक बच्चा नीति' को खत्म कर दिया था।स चीन में 'वन चाइल्ड पॉलिसी' खत्म हुए लगभग दस साल हो गए हैं। लेकिन, इसके बाद भी परिवार ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। वहां शादी करने वाले लोगों की संख्या भी पिछले पचास सालों में सबसे कम हो गई है। इसका मतलब है कि आने वाले सालों में और भी कम बच्चे पैदा होंगे। चीन की स्थानीय सरकारें (Local Government) बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए कई तरीके अपना रही हैं। वे लोगों को पैसे और मकान देने की कोशिश कर रही हैं। इनर मंगोलिया के होहोट जैसे शहर दूसरे बच्चे के लिए 50,000 युआन और तीसरे बच्चे के लिए 100,000 युआन दे रहे हैं। SCMP के अनुसार, यहां लोगों की कमाई कम है, इसलिए यह पैसा बहुत मायने रखता है। दूसरे देशों में इस तरह की योजनाओं के मिले-जुले नतीजे देखने को मिले हैं। दक्षिण कोरिया में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2024 में भुगतान बढ़ा दिया। एक साल बाद, जन्म दर में 3.1% की वृद्धि हुई – यह नौ सालों में पहली वृद्धि थी। जापान एक अलग रास्ता दिखाता है। वहां 2005 से अधिक चाइल्डकैअर केंद्र खोलकर, इसने अपनी प्रजनन दर में 0.1 की वृद्धि की। स्टडी से पता चलता है कि अतिरिक्त नकदी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकती है। 144,000 से अधिक माता-पिता के एक हालिया सर्वेक्षण में पाया गया कि सिर्फ 15% लोग और बच्चे चाहते थे। 1,000 युआन की संभावित सब्सिडी के बारे में जानने के बाद, यह आंकड़ा 8.5 प्रतिशत बढ़ गया। शादी कम, बच्चे और भी कम कम शादियां सीधे तौर पर घटती जन्मदर से जुड़ी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अब युवा तब तक शादी नहीं करना चाहते जब तक उन्हें बच्चे की प्लानिंग न करनी हो. ऊपर से पढ़ाई और करियर में व्यस्तता, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सोच ने पारंपरिक शादी की धारणा को और कमजोर किया है. सरकार क्या कर रही है? चीन अब शादी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी आसान बना रहा है. अब किसी भी शहर में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है हुकौ (घरेलू पंजीकरण) की जरूरत नहीं. साथ ही, मैटरनिटी और पितृत्व अवकाश भी बढ़ाया जा रहा है. हालांकि कुछ लोगों को डर है कि आर्थिक दबाव की वजह से ये सारी छुट्टियां केवल कागजी बनकर न रह जाएं. इसी को देखते हुए सरकार कंपनियों को मदद देने की बात भी कर रही है.

प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत लैपटॉप राशि अंतरण समारोह में हुए शामिल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र के विकास के लिए शिक्षा अनिवार्य है। जब तक लोग शिक्षित नहीं होंगे, वे न तो अपने अधिकारों को समझ पाएंगे और न ही अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन कर पाएंगे। शिक्षा से नई सोच, नई तकनीक और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होता है। आधुनिक युग में शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा तरक्की का आधार है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत कक्षा 12 वीं के एमपी बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक लाने वाले विद्याथियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राज्य सरकार द्वारा 25 हजार रूपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा विद्यार्थी को उच्च शिक्षा व आगे की पढाई करने के लिए यह लैपटॉप काफी मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि कमजोर तबके के विद्यार्थी भी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर जैसे अच्छे पदो में जाए इसके लिए हर संभव मदद की जा रही है, किसी भी स्थिति में शिक्षा के लिए आर्थिक संकट नही होने दिया जाएगा। विद्यार्थी अच्छी मेहनत और लगन से पढाई करें। असफलता भी मिल जाए तो निराश नही होना चाहिए, उस असफलता होने का कारण खोजे और सुधार करे तो सफलता अवश्य मिलती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा समाज के लिए वरदान है। इसके लिए अभिभावक, गुरूजन अपनी महती भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिल विकास के क्षेत्र में नये-नये आयाम गढ रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं गरीब, महिला, किसान, युवा सभी वर्गों का सशक्तीकरण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग तेजी से विकास की ओर बढ रहा है, शहडोल में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय आदि सुविधाओ का विस्तार किया गया है, जिससे शहडोल संभाग के लोगो को अन्य शहरो में न जाना पडे़ और लोगो की आवश्यकताओं को देखते हुए अन्य सुविधाओ का भी विस्तार किया जाएगा। विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, श्री जयसिंह मरावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सिंगरौली प्रदेश का सीमावर्ती, खनिज सम्पन्न और सर्वप्रिय जिला है

503 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 54 कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन गुरु पूर्णिमा पर स्कूल भवनों सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण सिंगरौली जिले के सरई में हुआ महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय गौरव सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंगरौली प्रदेश का सीमावर्ती, खनिज सम्पन्न और सर्वप्रिय जिला है। सिंगरौली को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। अगले साल से यहां पढ़-लिखकर डॉक्टर निकलेंगे। आज प्रदेशभर के 94 हजार 234 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि ट्रांसफर की गई है। इसमें 60 प्रतिशत छात्राएं और 40 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। राज्य सरकार जनजातीय अंचल में सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। बीते 2 साल में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 15 हजार से अधिक स्कूटी बांटी गई हैं। हमारी सरकार सबके चतुर्दिक विकास के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले के सरई गांव में महिला सशक्तिकरण तथा जनजातीय गौरव सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। कुछ दिनों बाद 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है, इस दिन प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज, हॉस्टल सहित बच्चों की सुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों का एक साथ लोकार्पण होगा। शासकीय स्कूलों के बच्चों को साइकिल, ड्रेस और किताबों का वितरण भी किया जाएगा। भागवत गीता से मध्यप्रदेश का संबंध है। वृंदावन ग्राम बनाकर भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता को जीवंत करना है। बच्चे पढ़ाई करके कहीं भी जाएं, पर अपने गरीब मित्र को न भूलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपक्षी दल की सरकार के समय प्रदेश में बेटे-बेटियों के लिंगानुपात में बड़ा अंतर था। हमारी सरकार में लाड़ली बेटी जन्म से ही लखपति हो, इसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से हुई। बेटियाँ जब 18 वर्ष की उम्र पूरी करेंगी, तो सरकार की ओर से उन्हें एक-एक लाख रुपए से अधिक राशि दी जाएगी। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को और अधिक सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। पहले प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार थी, लेकिन अब हमारी सरकार के प्रयासों से यह 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी। दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के हाथ में पैसा रहे तो घर ठीक से चलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के सम्मान और गरीबों के कल्याण के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हमने रानी दुर्गावाती और राजा भभूत सिंह की स्मृति में कैबिनेट की बैठक भी आयोजित की है। श्रीअन्न खरीदने पर किसानों को एक हजार रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जा रही है। किसानों से 26 सौ रूपये प्रति क्विंटल में गेंहू की खरीद की गई जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 27 हजार करोड़ से अधिक की बजट राशि महिलाओं को समर्पित की है। लाड़ली बहना योजना के लिए 18 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान रखा है। आज प्रदेश में 51 लाख से अधिक लाड़ली बेटियां पंजीकृत हैं इनमें से 12 लाख 99 हजार बेटियों को 672 करोड़ की छात्रवृ्त्ति दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 62 लाख बहनों के 5 लाख स्व-सहायता समूहों को राज्य सरकार सशक्त करने के लिए धनराशि दे रही है। प्रदेश की बहनों को नगर पालिका, नगर निगम और पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। अगले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बहनों को 33 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने में हमने कोई कमी नहीं रखी है। हमारी सरकार में प्रदेश के 4 जिलों में महिला अधिकारी जिला कलेक्टर का दायित्व संभाल रही हैं। राज्य सरकार गरीब से गरीब के जीवन में सबेरा लाने का कार्य कर रही है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास के लाभ से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए नए सिरे से सर्वे शुरू किया गया है। संपत्ति की रजिस्ट्री में एक प्रतिशत की छूट देने से आज 45 प्रतिशत रजिस्ट्री बहनों के नाम पर हो रही हैं। यह हमारी पहल का ही सुखद परिणाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए राज्य सरकार नेक-नीयत और विशेष भावना से कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। सिंगरौली की कुल आबादी में 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति है, इनमें से 5 लाख को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार की भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना और टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना से जनजातीय वर्ग को बड़ी मदद मिली है। प्रधानमंत्री जन-मन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ भी जनजातीय वर्ग को दिया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें फसलों का समुचित मूल्य देने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरई में कहा कि सिंगरौली में भरपूर कोयला एवं अन्य खनिज संपदा उपलब्ध है। यहां 4 लेन सड़क बनाई जाएगी। माडा अस्पताल को अपग्रेड कर सीएचसी बनाया जाएगा। सरई में उपखंड कार्यालय, बरगवा-परसवा में 52 किलोमीटर लंबी 4 लेन सड़क बनाई जायेगी। सरई में 100 बेड के नये अस्पताल की स्थापना के लिए सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली को हवाई सेवा से भी जोड़ा गया है। हमारी सरकार ने जरूरतमंदों को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई है। मृत्यु के बाद शव को अस्पताल से घर तक छोड़ने के लिए सभी जिलों में शव वाहन की सुविधा शुरू की जा रही है। राज्य सरकार ने देहदान/अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान और देहदान करने वालों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने का निर्णय किया है। अंगदान से किसी दूसरे जरुरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय गौरव सम्मेलन में शासकीय योजनाओं से लाभान्वित जनजातीय वर्ग के चार व्यक्तियों श्री महाबली सिंह, श्री शंकर सिंह पनिका, श्री वंश बहादुर सिंह और श्री दयाल सिंह का मंच से सम्मान किया। … Read more

एमपी भाजपा अध्यक्ष पद की कमान संभालते ही बोले खंडेलवाल – संगठन हित में करूंगा हर संभव प्रयास

देवास मध्य प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का शुक्रवार को भोपाल जाते समय देवास बाईपास पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। मीडिया से रूबरू हुए तो बोले, “जो जिम्मेदारी मुझे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से सौंपी गई है, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।” ग्राम बांगर से लेकर देवास बाईपास तक जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान देवास विधायक गायत्री राजे पवार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था, जो हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पार्टी को और मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मीडिया से बातचीत में हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। भाजपा का हर कार्यकर्ता पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करता है। मैं स्वयं को एक साधारण कार्यकर्ता मानता हूं और चाहता हूं कि हर कार्यकर्ता अपने आप में अध्यक्ष महसूस करे।” उन्होंने कार्यकर्ताओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यह जोश और समर्पण ही पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। देवास विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने भी हेमंत खंडेलवाल का जोरदार स्वागत किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और नए प्रदेश अध्यक्ष के प्रति अपना समर्थन जताया। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं देवास विधानसभा के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस मौसम में भी इतने उत्साह से मेरा स्वागत किया। हर कार्यकर्ता को उचित अवसर दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। भाजपा का लक्ष्य जनकल्याण के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना और पार्टी को और मजबूत करना है। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करने और जनता की सेवा करने का आह्वान किया। इस स्वागत समारोह ने न केवल हेमंत खंडेलवाल के प्रति कार्यकर्ताओं का विश्वास दर्शाया, बल्कि भाजपा की एकता और संगठन शक्ति को भी उजागर किया।