News Aazad Bharat

अब मेट्रोपॉलिटन रीजन बनेंगे MP के बड़े शहर, बदलेगा विकास का नक्शा

भोपाल  प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को मेट्रोपॉलिटन रीजन का दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। सोमवार को विधानसभा में "मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025" पेश किया गया। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा की जाएगी। विधेयक के लागू होते ही भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों को नए शहरी ढांचे के तहत विकसित किया जाएगा। इन शहरों के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। भोपाल के लिए सीमांकन का सर्वे कार्य जारी है, जबकि इंदौर में यह प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रस्तावित प्राधिकरण में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, आयुक्त, नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण जैसे विभागों के प्रतिनिधि, साथ ही मेट्रो, रेलवे, दूरसंचार, नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। विकास को मिलेगा नया ढांचा प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र मेट्रोपॉलिटन एरिया होगा, जहां वह भूमि उपयोग, अधोसंरचना, परिवहन, ऊर्जा, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विषयों पर योजनाएं तैयार करेगा। इसके दायरे में नगरीय निकायों की विकास योजनाओं की निगरानी, टाउनशिप योजना का निर्माण, भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन, तथा निवेश की संभावनाएं तलाशना शामिल रहेगा। एकीकृत परिवहन प्रणाली का गठन प्राधिकरण द्वारा मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित शहरों में परिवहन नेटवर्क के विकास, संचालन, टिकटिंग प्रणाली और परिवहन संबंधी नीतिगत सलाह के लिए कार्य करेगी। योजना समिति और विकास अधिकार प्रत्येक महानगर क्षेत्र में एक योजना समिति बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय सांसद, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि सदस्य होंगे। यह समिति निवेश योजनाओं को अंतिम रूप देगी और दो या अधिक महानगरों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रूपरेखा तैयार करेगी। भूमि उपयोग और शुल्क वसूली का अधिकार प्राधिकरण को बीडीए (भोपाल विकास प्राधिकरण) या आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) की तर्ज पर योजनाएं लागू करने और शुल्क वसूली का अधिकार प्राप्त होगा। इसके तहत दावा-आपत्ति और अधिसूचना की प्रक्रिया भी अनिवार्य रूप से अपनाई जाएगी।  

लाल किले की सुरक्षा में सेंध: स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी लापरवाही, 5 विदेशी पकड़े गए, 7 पुलिसकर्मी निलंबित

नई दिल्ली  दिल्ली स्थित लाल किले में घुसने का प्रयास कर रहे 5 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है। इन्होने यह प्रयास सोमवार (4 अगस्त 2025) को किया। ये सभी 20 से 25 साल के हैं और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के ज़रिए दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को जब शक हुआ तो इन सभी को हिरासत में लिया गया जिसके बाद पूछताछ में इसका खुलासा हुआ। पुलिस कर रही है पूछताछ पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये पांचों बांग्लादेश के रहने वाले हैं और अवैध प्रवासी हैं. पुलिस के मुताबिक सभी की उम्र 20 से 25 के करीब है जो दिल्ली में लेबर का काम करते हैं. पुलिस ने उनके पास से बांग्लादेश के कुछ डॉक्यूमेंट बरामद किए हैं. फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह लाल किला परिसर में क्यों घुस रहे थे और इनका क्या मकसद था. 15 अगस्त को लेकर लाल किला परिसर में सिक्योरिटी काफी टाइट है. इसे लेकर कई तरह की ड्रिल भी हो रही हैं. 15 अगस्त के दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं. यही वजह है कि अगस्त का महीना शुरू होते ही यहां कई लेयर सिक्योरिटी होती है. इस सुरक्षा में अगर चूक होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाता है. यही वजह है कि अब लाल किले में घुसने की कोशिश कर रहे इन युवकों को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया. डमी बम नहीं पकड़ पाए पुलिसकर्मी, सभी सस्पेंड बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ के इस मामले के साथ ही लाल किले की सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है. जिसमें कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. इन सभी को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में सस्पेंड किया गया है. दरअसल लाल किले में 15 अगस्त को लेकर रोजाना अलग-अलग सिक्योरिटी ड्रिल होती हैं, जिसमें ये देखा जाता है कि सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है. इसी दौरान जब स्पेशल सेल की टीम ने सिविल ड्रेस में पहुंचकर अपने बैग में एक डमी बम रखा और अंदर घुसने की कोशिश की तो वो इसमें सफल रहे. ये लाल किले की सुरक्षा में एक बड़ी चूक थी, इसीलिए इसके लिए जिम्मेदार 7 पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया.

राज्यपाल पटेल ने कहा- योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के प्रत्येक चरण के क्रियान्वयन में गंभीरता रखें। पात्र हितग्राही को योजना का लाभ दिया जाए। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो। विभागीय अधिकारी समय-समय पर हितग्राहियों से संवाद करें। उनके घर जाकर योजना से मिल रहे लाभों की वास्तविक जानकारी लें। हितग्राहियों की कठिनाईयों को गंभीरतापूर्वक सुनकर समाधान करें। राज्यपाल श्री पटेल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना की समीक्षा कर रहे थे। राजभवन के जवाहर खण्ड सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना अति पिछड़ी जनजातियों के कल्याण की महत्वाकांक्षी योजना है। यह बैगा, भारिया और सहारिया जनजातियों के जीवन स्तर को बेहतर करने वाली योजना है। पशुपालन विभाग पात्र और गरीब हितग्राहियों के लिए विशेष संवेदनशील रहे। उनके लिए हमेशा मदद के भाव के साथ काम करें। राज्यपाल श्री पटेल ने बैठक में मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना के विगत तीन वर्षों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन से हितग्राहियों के जीवन स्तर में हुए सुधार की जानकारी ली। योजना के प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा के दौरान हितग्राही चयन, पशु प्रदाय, आय, लक्ष्य एवं पूर्ति संबंधी जरूरी निर्देश दिए। पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा कि योजना की सफलता के लिए सतत मॉनिटरिंग आवश्यक है। विभाग इसके लिए आवश्यक व्यवस्था बनाएं। जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर ने योजना के तहत् हितग्राही को जरूरी प्रशिक्षण प्रदाय, पशु की देखभाल आदि पर चर्चा की। पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने योजना की पात्रता, मूल्यांकन, आगामी लक्ष्य, प्रशिक्षण और प्रबंधन आदि बिन्दुओं पर जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव डॉ. सत्येन्द्र सिंह, संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, प्रबंध संचालक डॉ. सत्यनिधि शुक्ला, डॉ. संजय गोवानी, महाप्रबंधक श्री असीम निगम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री को स्व-सहायता समूह की बहनों ने बांधीं बांस से बनी राखियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025" में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी लक्ष्य की पूर्ति और प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किए हैं। प्रदेश के औद्योगिकीकरण में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सिंचाई के लिए 32 लाख सोलर पंप बांटने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य की कृषि उत्पादकता अच्छी है और अब हम फूड प्रोसेसिंग में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) केवल किसानों से फसल खरीदने तक सीमित न रहें, बल्कि अनाज और अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग कर उसे बाजार में बेचें, जिससे एफपीओ से जुड़े किसान सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्था में 'समृद्ध एफपीओ-आत्मनिर्भर किसान-विकसित भारत' संकल्प के अंतर्गत एफपीओ फेडरेशन मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित "एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में रतलाम जिले से आई स्व-सहायता समूह की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर बांस से बनी राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए किसानों को स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और श्री बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों को फूड प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। मालवा अंचल में आलू चिप्स निर्माण के लिए बड़ा उद्योग स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिकरण में एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। एफपीओ केवल फूड प्रोसेसिंग ही न करें, बल्कि वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स में भी योगदान दें। एफपीओ के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाएं। सरकार सभी प्रकार के उद्योगों को बिजली, पानी और जमीन देकर हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार द्वारा उद्योगों में नियोजित महिला कर्मचारी को उनके मासिक वेतन में 6000 रुपए और पुरूष कर्मचारी को पांच हजार रूपए अनुदान, 10 वर्ष तक दिया जाएगा। विश्व में मध्यप्रदेश के जैविक कपास की विशेष मांग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उत्पादन बढ़ाने के लिए फसलों में रासायनिक दवाओं के उपयोग की चुनौतियां आ रही हैं। प्रदेश में पारंपरिक खेती का दायरा कम हुआ है। पहले जहां चावल उत्पादन नहीं होता था, वहां अब चावल की खेती बढ़ रही है। इसी प्रकार कपास का रकबा कम हो रहा है। पहले मालवा और निमाड़ अंचल का कपास उत्पादन में विशेष स्थान था। मध्यप्रदेश में उच्च गुणवत्ता का जैविक कपास होता है। दुनिया में धागा और कपड़ा बनाने के लिए चीन के कपास को पसंद नहीं किया जाता, मध्यप्रदेश के कपास की विशेष मांग है। चीन और वियतनाम अपने कपास को मध्यप्रदेश के कपास के नाम से बेच रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार किसान संगठनों का सहयोग लेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गतिविधियों के संचालन में राज्य सरकार, भारतीय किसान संघ और मालवम फेडरेशन जैसे संगठनों की सहायता लेगी। राज्य सरकार ने किसानों को गेहूं का प्रति क्विंटल दाम 2600 रुपए कर दिया है। तुअर दाल पर टैक्स हटाया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज (कोदो-कुटकी) खरीदने की भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी पर गाय-भैंस जैसे दुधारू पशु उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग के साथ प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग और मिल्क प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है – मंत्री श्री कंषाना कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। जब प्रदेश का किसान समृद्ध होगा, तो देश समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन डीएपी की थोड़ी कमी है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 14 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 12 लाख मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। सरकार 10 लाख मैट्रिक टन यूरिया किसानों को बांट चुकी है। किसानों पर भगवान श्रीराम की कृपा है। प्रदेश में पर्याप्त वर्षा हो रही है। बाढ़-बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करेगी।  

अलीगढ़ में रक्षा उत्पादन की नई क्रांति, CM योगी बोले- अब देश की शान बनेगा शहर

अलीगढ़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना आज देश के अंदर एक मॉडल बनकर उभरी है। सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि आज स्वदेशी अपनाना हम सब लोगों की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमारा ही पैसा अगर हमारे ही कारीगर और हस्तशिल्पियों के पास जाएगा तो यह विकास और समृद्धि का आधार बनेगा। प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने कहा कि 2018 में शुरू हुआ डिफेंस कॉरिडोर आज ब्रह्मोस मिसाइल जैसे उन्नत हथियारों का उत्पादन कर रहा है। यह मिसाइल विश्व में अद्वितीय है और भारत के हर दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलीगढ़ ड्रोन और हार्डवेयर उद्योग में भी अपनी पहचान बना रहा है, जो स्थानीय कारीगरों को रोजगार और समृद्धि प्रदान कर रहा है। सीएम योगी ने मंगलवार को अलीगढ़ के नुमाइश मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में 958 करोड़ रुपए की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अगर हमारा यह पैसा विदेशी हाथों में जाएगा, तो आतंकवाद के रूप में, धर्मांतरण के रूप में, अव्यवस्था के रूप में, विस्फोट के रूप में, भारत को अस्थिर करने के लिए भारत के खिलाफ ही इस्तेमाल किया जाएगा।" सीएम योगी ने आने वाले सभी त्योहारों पर लोगों से अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को गिफ्ट के रूप में देने की अपील की। समारोह में सीएम योगी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सहायता राशि, टैबलेट, आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। सीएम ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भगवान कृष्ण के रूप में सजे बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चॉकलेट, माखन और खिलौने भेंट किए। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने अलीगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह ने अलीगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके सपनों को साकार करते हुए हम 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के माध्यम से ताला उद्योग को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं। उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय जल्द ही अलीगढ़ को उच्च शिक्षा का नया केंद्र बनाएगा, जो स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को जीवित रखने के साथ-साथ युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को दोहराते हुए सीएम योगी ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का ताला उद्योग, पीतल की मूर्तियां, और हार्डवेयर आज देश-विदेश में मांग को पूरा कर रहे हैं। विदेशी सामान खरीदने से हमारा पैसा आतंकवाद और अस्थिरता को बढ़ावा देता है। जब हम विदेशी सामान खरीदते हैं, तो उसका मुनाफा आतंकवाद, धर्मांतरण और देशविरोधी ताकतों को मिलता है। उन्होंने मुरादाबाद, फिरोजाबाद, भदोही, और मेरठ जैसे जिलों के ओडीओपी उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये स्थानीय कारीगरों की समृद्धि और रोजगार का आधार बन रहे हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना और इसे बढ़ावा देना आज की जरूरत है। इसी से हम अपने राष्ट्र को मजबूत कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी लोग स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। 'सिंगल यूज प्लास्टिक' का उपयोग बंद करें, ताकि नालियां न चोक करें और जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की अपील की और कहा कि 13 से 15 अगस्त तक हर घर, प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान में तिरंगा लहराएं। स्वाधीनता संग्राम के स्मारकों की सफाई करें और शहीदों को श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ झंडा नहीं, भारत के गौरव, बलिदान और आत्मसम्मान का प्रतीक है। सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अलीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिले दंगों और अराजकता से जूझ रहे थे। आज बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। हाल ही में हुई 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती में अलीगढ़ से 1,344 युवाओं का चयन हुआ, जिसे उन्होंने स्थानीय परिवारों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आगे हम यूपी पुलिस में 30 हजार और भर्तियां करने वाले हैं। उन्होंने कहा, "2017 से पहले सरकारी नौकरियां कुछ परिवारों की बपौती थीं, लेकिन अब चयन मेरिट के आधार पर हो रहा है। लॉजिस्टिक्स और निवेश परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं।" सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ ने मूर्ति के निर्माण को लेकर के पूरे देश के अंदर एक नया केंद्र बिंदु बना है। सीएम ने रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी लोग अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को उपहार में दें। इससे हमारी मेहनत का पैसा हमारे घर में ही रहेगा। योगी ने कहा कि सरकार 8 से 10 अगस्त तक महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। सीएम ने जनप्रतिनिधियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि आपके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों ने डबल इंजन सरकार को समर्थन देकर अलीगढ़ के विकास को गति दी है। हम उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

महापौर का बयान: अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने की सिफारिश, परिषद में जाएगा प्रस्ताव

इंदौर  लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोपी पार्षद अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव एमआईसी में पारित करेंगे और उस प्रस्ताव को परिषद में रखने का निर्णय लिया है। जल्द अगली परिषद में हम दो-तिहाई बहुमत और जिन मुद्दों पर उनको हटाना जरूरी है उन पर चर्चा करेंगे। पार्षद अनवर कादरी को भी सुनवाई का मौका देंगे। पार्षदी समाप्त करने का प्रस्ताव अगली परिषद में लेकर आने का भी एमआईसी में शिकायत के आधार पर निर्णय लिया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अनवर कादरी जैसे पार्षद ने न केवल अपनी पार्षदी का, बल्कि इस निगम और शहर का मान कम करने का काम किया है। डिविजनल कमिश्नर को भी लिखा लेटर महापौर ने बताया कि कई प्रकरणों के कारण, कब्जों के कारण, लव जिहाद की फंडिंग करने के आरोपों के कारण फरार चल रहा है। इस पार्षद का पार्षद बने रहना न तो शहर हित में है न ही निगम हित में। हमने एक लेटर डिविजनल कमिश्नर को लिखा था कि वह धारा 19 के प्रावधान के तहत तत्काल कार्र‌वाई करें। वो अपनी कार्रवाई कर रहे होंगे। मैं मानता हूं कि वो कार्रवाई करेंगे, नहीं करेंगे तो इंदौर की जनता और हमारे पार्षद उनसे सवाल जरूर करेंगे, लेकिन जो काम हमारी सीमा में है हम वो करेंगे। जानलेवा हमले पर 14 साल पहले काटी एक साल की सजा 2011 में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। यह हमला 6 मई 2009 को इंदौर के आजादनगर चौराहे के पास अनवर हुसैन पर किया गया था। अनवर हुसैन आरोपियों पर चल रहे एक अन्य मामले में गवाह था। पुलिस ने कादरी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पिस्तौल, कट्टा, तलवार और चाकू बरामद किए गए थे। उज्जैन में डकैती का केस, इसी से मिला डकैत नाम अनवर कादरी पर 1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाने लगा। अनवर ने इंदौर में भी मारपीट, घर में घुसकर धमकाने जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया। अनवर कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है। उसकी पत्नी दो बार पार्षद रही है। प्रमोद टंडन के शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए अनवर को शहर कांग्रेस का महामंत्री भी नियुक्त किया गया था। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, जेल जाना पड़ा 28 अप्रैल 2025 को अनवर ने इंदौर के वार्ड 58 स्थित बड़वाली चौकी पर पहलगाम हमले के विरोध में पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला दहन किया था। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कादरी ने 'पाकिस्तान' शब्द बोला, वहां मौजूद उसके कुछ समर्थकों ने 'जिंदाबाद' के नारे लगा दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। घटना के वीडियो को लेकर बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर अनवर कादरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

बंगाल में वोटर वेरिफिकेशन का नया चरण, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया का आदेश जारी किया

नई दिल्ली बिहार के बाद अब बंगाल में भी चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस बारे में सूचित किया है और राज्य के निर्वाचन अधिकारियों से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है. बता दें कि बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम अपने अंतिम चरण में है. एसआईआर प्रक्रिया के तहत राज्य में 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई. इस प्रक्रिया के बाद बिहार में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटेंगे. इनमें ज्यादातर वे मतदाता हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे. बाकी ऐसे वोटर हैं जो स्थायी रूप से किसी दूसरे राज्य में स्थानांतरित हो चुके हैं. कुछ ऐसे मतदाता भी हैं, जिनके नाम एक से ज्यादा निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज था. हालांकि, विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहा है और इसे बीजेपी के इशारे पर वोटों की चोरी करार दे रहा है.  बिहार में विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) का पहला चरण पूरा बिहार में विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) का पहला चरण पूरा हो चुका है, लेकिन इस दौरान राजनीतिक दलों की ओर से एक भी आपत्ति दर्ज या सुझाव नहीं मिला है. दूसरी ओर आम वोटरों ने मतदाता सूची को दुरुस्त करने में सक्रियता दिखाई और 1,927 मामले निर्वाचन आयोग के समक्ष दाखिल किए. ये मामले योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने से संबंधित हैं. जबकि 10,977 आवेदन फॉर्म-6 के तहत नए वोटर जोड़ने, हटाने और अन्य घोषणा पत्र से जुड़े हैं. बिहार में आम वोटरों ने मतदाता सूची को साफ-सुथरा करने में निभाई भूमिका बिहार में, राजनीतिक दलों की निष्क्रियता के बीच आम वोटरों ने मतदाता सूची को साफ-सुथरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. आयोग को प्राप्त 1,927 शिकायतें और 10,977 आवेदन इस बात का प्रमाण हैं कि आम लोग अपने मताधिकार को लेकर सजग हैं. ये आवेदन मुख्य रूप से नए मतदाताओं को जोड़ने, गलत नाम हटाने और मतदाता सूची में सुधार से संबंधित हैं. राजनीतिक दलों की इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्षी दलों के करीब 60,000 बूथ लेवल एजेंट्स शायद अब तक मतदाता सूची में आपत्तिजनक नाम ढूंढ नहीं पाए हैं. वहीं, चुनाव आयोग ने सभी दलों और नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची को और सटीक बनाने में सहयोग करें. आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले सभी पक्षों को पर्याप्त वक्त दिया जाएगा.

सीएम भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी बहनों संग बांधा भाईचारे का बंधन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में ‘आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह’ को संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और आंगनबाडी बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान शर्मा ने डीबीटी के माध्यम से प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को राखी के उपहार स्वरूप 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी बहनों को छाता एवं मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। समारोह में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ भी किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों को पोषण शपथ भी दिलवाई।

मध्यप्रदेश में साइबर क्राइम का कहर: सिर्फ 10% रकम हो पाई होल्ड, 5 साल में 1054 करोड़ की ठगी

भोपाल  मध्यप्रदेश साइबर ठगों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है। आंकड़े बताते हैं की पिछले 5 साल में प्रदेश के अंदर 1 हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है। साल 2021 से 13 जुलाई 2025 तक में साइबर ठगों ने नागरिकों से करीब 1054 करोड़ की ठगी की है। ये धोखाधड़ी बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन गेमिंग जैसे माध्यमों से की गई है। ठगी की राशि में से सिर्फ 10 फीसदी ही पुलिस होल्ड करवा पाई।  जब ठगी की राशि वापस नहीं आने कारण का पता लगाया तो सामने आया कि ठगी किसी और शहर में बैठकर की जाती और जिस अकाउंट में पैसा आता है वो किसी और शहर का रहता है और पैसा किसी तीसरे शहर में निकाला जाता है। ठगी की राशि जिस अकाउंट में जाती थी वो गरीब व्यक्ति का होता। साथ ही फ्रॉड के बाद 2 घंटे का समय गोल्डन पीरियड माना जाता है जिसमें राशि को फ्रीज करने की सबसे अधिक संभावना होती है लेकिन जागरूकता की कमी के चलते पीड़ित इतनी जल्दी पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताए आंकड़े कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के सवाल के जवाब में सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि 2020 से 2024 तक साइबर क्राइम के मामलों में साल-दर-साल भारी इजाफा हुआ। जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक प्रदेशभर में कुल 2.48 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 579 साइबर ठगी के केस थे। अभी तक सिर्फ 166 मामलों का निपटारा हो सका है। 2022 से जुलाई 2025 तक कुल 3541 साइबर अपराध के केस दर्ज किए गए, जिनमें से 717 का समाधान हो सका, जबकि 1575 केस अभी भी लंबित हैं। सबसे अधिक शिकार युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बनाया गया है। साइबर क्राइम में कई गुना बढ़ोतरी पुलिस की चुनौती: रिकवरी बेहद कम 5 साल में कुल ठगी ₹1054 करोड़ होल्ड की गई राशि ₹105.21 करोड़ (करीब 10%) पीड़ितों को लौटी रकम ₹1.94 करोड़ (लगभग 2%) सायबर फ्रॉड गंभीर समस्या मध्यप्रदेश में बीते पांच सालों में साइबर ठगी ने गंभीर रूप ले लिया है। हालांकि विधानसभा में हैरान करने वाले आंकड़े सामने आने के बाद भाजपा के विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने दावा किया कि सरकार लोगों को जागरूक करने के साथ, नई टेक्नोलॉजी को अपनाकर इन पर अंकुश लगाने का काम कर रही है। हजारों केस अब भी अधूरे एक सिंगल क्लिक और आपका अकाउंट खाली, पैसे डबल होने के लालच कई बार इंसान को मुसीबत में डाल देते हैं अगर सायबर फ्रॉड से बचना है तो आपको जागरूक होना पड़ेगा, पुलिस की कोशिशों के बावजूद रिकवरी की दर बेहद कम है और हजारों केस अब भी अधूरे हैं।

MP कैबिनेट बैठक संपन्न, पेंशन-पीएमयू सेल सहित विकास से जुड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर

भोपाल   मध्यप्रदेश में आज कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें कई अहम् प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। जबलपुर में ईएसआईसी अस्पताल के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दिए जाने के साथ ही सौर ऊर्जा और शहरी विकास समिति प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा के बाद कई अहम प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने जबलपुर के रांझी तहसील में 100 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल के लिए 5 एकड़ जमीन मंजूर करते हुए अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को हरी झंडी दिखाई है। इसके अलावा नवगठित जिला मऊगंज और पांढुर्ना में भाजपा कार्यालय के लिए सरकारी जमीन आवंटित करने का फैसला किया गया है। इससे स्थानीय संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिलेगी। ऊर्जा कैबिनेट ने मुरैना में 600 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के बिजली खरीद भुगतान के लिए राज्य सरकार ने गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय राज्य की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण को भी कैबिनेट में मंजूरी दी है। इसके तहत विभिन्न शहरों में सड़क, जल, सीवरेज और अन्य नगरीय सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा। बैठक में पुलिस कर्मियों और पेंशन से जुड़े कुल 7 मामलों पर भी चर्चा की गई है। जिन्हें कैबिनेट ने प्रस्ताव के अनुसार स्वीकृति प्रदान की है। राजधानी भोपाल में सहकारिता आयुक्त और पंजीयन सहकारी संस्थाओं के अधीन PMU के गठन को भी मंजूरी दी गई है। यह फैसला सहकारी संस्थाओं की निगरानी और कार्य क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। विधानसभा परिसर में मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में सात पुलिस कर्मचारियों और पेंशन संबंधी मामलों पर भी चर्चा के बाद उस पर प्रस्ताव के मुताबिक मंजूरी देने का फैसला किया है। कैबिनेट बैठक में मऊगंज और पांढुर्णा में बीजेपी दफ्तर के लिए सरकारी जमीन दिए जाने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर चर्चा कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण को सरकार ने मंजूरी दी गई है। साथ ही सहकारिता आयुक्त और पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल में पीएमयू सेल के गठन को लेकर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (श्रम और रोजगार मंत्रालय) भारत सरकार को 100 बिस्तर अस्पताल के लिए जबलपुर जिले के रांझी तहसील स्थित रिछाई गांव में 2.024 हेक्टेयर (पांच एकड़) जमीन देने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही भाजपा जिला कार्यालय के निर्माण के लिए मऊगंज जिला मुख्यालय में सरकारी जमीन के रकबा 29/12 में से 0.100 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भाजपा के पांढुर्णा जिला कार्यालय के निर्माण के लिए पांढुर्णा में जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ कैबिनेट ने मुरैना में 600 मेगावाट कैपिसिटी के सौर ऊर्जा सह ऊर्जा भंडारण परियोजना से उत्पादित व मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए राज्य सरकार की ओर से गारंटी दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।