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भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

नगरीय क्षेत्रों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को दें विशेष महत्व भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का करवाएं सर्वेक्षण दीनदयाल रसोई योजना के प्रबंधन में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से, लोगों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित करने कार्य-योजना बनाई जाए। नगरीय क्षेत्र में पर्यावरण की बेहतरी के लिए उद्यानों को विकसित करना और विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में देश के प्रतिष्ठित बिल्डर्स एंड कॉलोनाईजस को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण तत्काल किया जाए। अंतर्शहरी क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार के लिए नमो ट्रेन की योजना तैयार की जाए। जल्द ही इस पर केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा कर मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में मीट-मछली के दुकानदारों को व्यवस्थित करने और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकायों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक क्षेत्रों में दीनदयाल रसोई योजना के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकारी मदद के साथ स्वंयसेवी संस्थाओं और निजी दानदाताओं की मदद ली जाए। शहरी क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय के स्व-सहायता समूह तैयार कर उन्हें आधुनिक लॉण्ड्री शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं अन्य योजनाओं में तैयार किए गए आवासों के आधिपत्य बनने के साथ ही सौंपे जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए जरूरी है कि शहरी क्षेत्रों में आरक्षित भूमि चयनित कर 'नगर वन' अधिक से अधिक विकसित किए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय बैठक में प्रमोशन प्रक्रिया की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को तय समय-सीमा में प्रमोशन दिया जाए। इससे रिक्त होने वाले पदों पर अभी से भर्ती की प्रक्रिया की कार्य-योजना तैयार कर ली जाए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ रूपए की कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ रूपए का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रीडेंसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाऊसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की एक करोड़ 30 लाख लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 55 हजार आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में अब तक 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए हैं। बैठक में संकल्प-पत्र के बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि संकल्प बिन्दु के अनुसार वर्ष 2027 तक भोपाल और इंदौर मेट्रो लाईन का पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ रूपए की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। बताया गया कि 183 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के मुद्दे पर चर्चा की गई। नगरीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति और सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पर करीब 11 हजार करोड़ रूपए की राशि मंजूर हुई है। ई-गवर्नेंस-ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर चर्चा करते हुए इसके विस्तार के संबंध में निर्देश दिए गए। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 36 जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य पूर्ण किया गया है और 38 हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं। विभिन्न नगरीय निकायों में 3963 रैनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं निर्मित की गई है। इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में एक्विफायर मैनेजमेंट और गंदे पानी के शोधन के लिए 30 नालों की कार्ययोजना तैयार की गई। 

मंत्री सिरसा के निशाने पर गाड़ी बैन नीति, दिल्ली सरकार कर सकती है बड़ा यू-टर्न

नई दिल्ली   राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से लागू हुए 'एंड ऑफ लाइफ व्हीकल' (ELV) नियमों के तहत की जा रही वाहनों की जब्ती पर फिलहाल रोक लग सकती है. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजधानी में लागू किए जा रहे ELV नियम को लेकर CAQM (Commission for Air Quality Management) को औपचारिक पत्र लिखकर इसकी प्रमुख खामियों को उजागर किया है और फिर से समीक्षा करने की मांग की है. सरकार ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली में इस नियम को लागू करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे जनता को असुविधा हो रही थी और व्यवहारिक कठिनाइयां सामने आ रही थीं. दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में यह नियम समान रूप से लागू नहीं होता, तब तक दिल्ली में इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जाएगा.   बता दें कि पुराने वाहनों की जब्ती को लेकर दिल्ली सरकार घिरी हुई थी. विपक्षी दलों ने इसपर सवाल उठाते हुए रेखा सरकार को घेरा था. दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए इस नियम को जरूरी बताया था. लेकिन अब इसकी खामियां गिनाकर वह खुद बैकफुट पर नजर आ रही है. नई व्यवस्था पर काम कर रही है दिल्ली सरकार दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हम ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ को लेकर एक नई प्रणाली (New System) विकसित कर रहे हैं. हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली का वायु प्रदूषण भी न बढ़े और साथ ही दिल्ली के नागरिकों की गाड़ियां भी जब्त न हों. गाड़ियों को केवल उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि उनके प्रदूषण स्तर के आधार पर चलने या बंद करने का निर्णय लिया जाएगा. बिना तैयारी नियम लागू करना जनता पर बोझ: प्रवेश वर्मा रेखा गुप्ता सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी आम जनता की परेशानी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने इस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के लोग पहले से ही ट्रैफिक और प्रदूषण को लेकर दबाव में हैं, ऐसे में बिना पर्याप्त तैयारी के यह नियम लागू करना जनता पर और बोझ डालने जैसा है. प्रवेश वर्मा ने कहा कि गाड़ियों को उनकी उम्र नहीं, बल्कि उनके पॉल्यूशन स्टेटस को देखकर उसके आधार पर रोका जाना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी गुरुग्राम और नोएडा जैसे एनसीआर क्षेत्रों में यह नियम लागू नहीं है, फिर दिल्ली पर ही अचानक इसे लागू क्यों कराया गया है. दिल्ली सरकार इस नियम को लेकर विचार कर रही है. दिल्ली सरकार और CAQM के बीच होने जा रही है बैठक प्रवेश वर्मा ने जानकारी दी कि इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार और Commission for Air Quality Management (CAQM) के बीच बैठक होने जा रही है, जहां इस नियम को लेकर पुनः विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा, “हम चाहेंगे कि इस पर व्यापक बातचीत हो. जब पूरे एनसीआर में नियम लागू होंगे, तभी दिल्ली में इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए.” उन्होंने ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इस टेक्नोलॉजी को लागू करना आसान नहीं है. इसमें कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं हैं. हाईकोर्ट का दखल- दिल्ली सरकार और CAQM से मांगा जवाब  बुधवार को हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और CAQM से जवाब मांगा है. दरअसल, Delhi Petrol Dealers Association ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उन्हें 'एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल' को ईंधन न देने के निर्देशों का पालन करवाने की कानूनी शक्ति नहीं है, फिर भी अगर कोई गाड़ी छूट जाए, तो उन्हें सजा दी जा रही है. याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत में कहा, 'पेट्रोल पंप डीलर कानून प्रवर्तन एजेंसी नहीं हैं, उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपना नियम के खिलाफ है.' कोर्ट ने सरकार और CAQM को सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही कहा कि यदि पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई की जाती है, तो उसे अदालत के संज्ञान में लाया जाए. क्या है नियम? बता दें कि CAQM के निर्देश के अनुसार, दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को फ्यूल न देने का आदेश है. दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग और पुलिस इसके लिए संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है. हालांकि, CNG गाड़ियों को इस आदेश से छूट दी गई है. साथ ही कहा गया है कि यदि कोई पेट्रोल पंप ऐसे वाहनों को ईंधन देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीसाबंदी श्री तपन भौमिक का किया सम्मान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में माता-बहनों को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास जारी हैं। आज नरसिंहपुर जिले में एसपी और कलेक्टर दोनों पद महिला अधिकारियों के पास हैं। शहडोल संभाग की संभागायुक्त भी महिला ही हैं। प्रदेश की मुख्य सचिव भी महिला अधिकारी रह चुकी हैं। महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार विशेष रूप से संवेदनशील है, मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने दुष्कर्म के मामलों में सबसे पहले फांसी का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय महिला मॉक पार्लियामेंट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपुल्स यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, राज्यसभा सांसद श्री माया नारोलिया, विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, श्री हितानंद शर्मा सहित जनप्रतिनिधि तथा प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीसाबंदी श्री तपन भौमिक का तुलसी पौधा एवं अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों से आपातकाल संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला मॉक पार्लियामेंट एक वैचारिक मंच है। संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की हर स्थिति में रक्षा करना सभी नागरिकों का दायित्व है। देश और हम सभी के व्यक्तित्व विकास में इन दोनों बिन्दुओं का महत्वपूर्ण स्थान है। मॉक पार्लियामेंट जैसी पहल से युवाओं में देश की राजनीतिक व्यवस्था की समझ विकसित होती है। युवा पीढ़ी को 50 साल पहले के आपातकाल के इतिहास से परिचित कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए दिए गए योगदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, धारा 370, तीन तलाक, आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ हुई सैन्य कार्यवाहियों, संविधान संशोधनों और राजनैतिक मंशा के औचित्य आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की।  

यूपी में विकास को मिलेगी रफ्तार, नया एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को जोड़ेगा दिल्ली से

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी' ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह मंजूरी प्रदान की गयी है। लगभग 49.96 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसका निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर किया जाएगा।  लखनऊ में खत्म होगा जाम का झंझट  परियोजना पर अनुमानित 4775.84 करोड़ रुपये का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम, त्वरित और बाधारहित हो सकेगा। उन्होने बताया कि खासकर राजधानी लखनऊ के भीतर होने वाले भारी यातायात दबाव को कम करने और यात्रा समय को घटाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  'एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार कर रहे हैं लिंक एक्सप्रेसवे' औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक विकसित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे आपस में मिलकर एक एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार कर रहे हैं। यह ग्रिड प्रदेश के किसी भी कोने तक यात्रा को तेज, सुरक्षित और निर्बाध बनाएगा। 

नगरीय क्षेत्रों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नगरीय क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने कार्य-योजना बनाई जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के दृष्टिगत किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित हो नगरीय क्षेत्रों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को दें विशेष महत्व भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का करवाएं सर्वेक्षण दीनदयाल रसोई योजना के प्रबंधन में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से, लोगों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित करने कार्य-योजना बनाई जाए। नगरीय क्षेत्र में पर्यावरण की बेहतरी के लिए उद्यानों को विकसित करना और विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में देश के प्रतिष्ठित बिल्डर्स एंड कॉलोनाईजस को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण तत्काल किया जाए। अंतर्शहरी क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार के लिए नमो ट्रेन की योजना तैयार की जाए। जल्द ही इस पर केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा कर मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में मीट-मछली के दुकानदारों को व्यवस्थित करने और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकायों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक क्षेत्रों में दीनदयाल रसोई योजना के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकारी मदद के साथ स्वंयसेवी संस्थाओं और निजी दानदाताओं की मदद ली जाए। शहरी क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय के स्व-सहायता समूह तैयार कर उन्हें आधुनिक लॉण्ड्री शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं अन्य योजनाओं में तैयार किए गए आवासों के आधिपत्य बनने के साथ ही सौंपे जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए जरूरी है कि शहरी क्षेत्रों में आरक्षित भूमि चयनित कर 'नगर वन' अधिक से अधिक विकसित किए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय बैठक में प्रमोशन प्रक्रिया की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को तय समय-सीमा में प्रमोशन दिया जाए। इससे रिक्त होने वाले पदों पर अभी से भर्ती की प्रक्रिया की कार्य-योजना तैयार कर ली जाए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ रूपए की कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ रूपए का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रीडेंसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाऊसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की एक करोड़ 30 लाख लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 55 हजार आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में अब तक 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए हैं। बैठक में संकल्प-पत्र के बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि संकल्प बिन्दु के अनुसार वर्ष 2027 तक भोपाल और इंदौर मेट्रो लाईन का पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ रूपए की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। बताया गया कि 183 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के मुद्दे पर चर्चा की गई। नगरीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति और सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पर करीब 11 हजार करोड़ रूपए की राशि मंजूर हुई है। ई-गवर्नेंस-ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर चर्चा करते हुए इसके विस्तार के संबंध में निर्देश दिए गए। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 36 जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य पूर्ण किया गया है और 38 हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं। विभिन्न नगरीय निकायों में 3963 रैनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं निर्मित की गई है। इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में एक्विफायर मैनेजमेंट और गंदे पानी के शोधन के लिए 30 नालों की कार्ययोजना तैयार की गई।  

शुभमन गिल ने एजबेस्टन में मचाया तहलका, दोहरा शतक जड़कर बना नया कीर्तिमान

बर्मिंघम  इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में कप्तान शुभमन गिल का जलवा देखने को मिला है. शुभमन गिल ने भारत की पहली पारी में दोहरा शतक जड़ दिया है. शुभमन इंग्लैंड में किसी टेस्ट मैच दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं. शुभमन का टेस्ट करियर का ये पहला दोहरा शतक भी रहा. अब शुभमन विदेशी धरती पर टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं. शुभमन ने विराट कोहली को पछाड़ दिया. कोहली ने जुलाई 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉर्थसाउंड टेस्ट में 200 रन बनाए थे. शुभमन गिल अब इंग्लैंड में भी सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेलने वाले भारतीय कप्तान बन चुके हैं. गिल ने मोहम्मद अजहरुद्दीन को पछाड़ दिया. अजहरुद्दीन ने अगस्त 1990 में मैनचेस्टर टेस्ट मैच में 179 रनों की पारी खेली थी.   कप्तान के रूप में दोहरा शतक बनाने वाले सबसे युवा भारतीय (टेस्ट) 23 वर्ष & 39 दिन- मंसूर अली खान पटौदी बनाम इंग्लैंड, दिल्ली, 1964 25 वर्ष & 298 दिन- शुभमन गिल बनाम इंग्लैंड, एजबेस्टन, 2025 26 वर्ष & 189 दिन- सचिन तेंदुलकर बनाम न्यूजीलैंड, अहमदाबाद, 1999 27 वर्ष & 260 दिन- विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज, नॉर्थ साउंड, 2016

घाना में होना सौभाग्य की बात है, यह एक ऐसी भूमि है जो लोकतंत्र की भावना से ओतप्रोत है: पीएम मोदी

अकारा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी ने गुरुवार को घाना की संसद को संबोधित किया। इससे पहले घाना सरकार की ओर से उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। बता दें कि तीन दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने घाना का दौरा किया है। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दो दिवसीय यात्रा पर घाना पहुंचे हैं। गुरुवार को घाना ने पीएम मोदी को घाना के  सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से सम्मानित किया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने घाना की संसद को संबोधित किया। संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सर्वोच्च सम्मान देने के लिए आभार जताया।  घाना में होना सौभाग्य की बात है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि आज इस प्रतिष्ठित सदन को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत गौरव का अनुभव हो रहा है। घाना में होना सौभाग्य की बात है, यह एक ऐसी भूमि है जो लोकतंत्र की भावना से ओतप्रोत है। पीएम मोदी ने आगे कहा, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में मैं अपने साथ 1.4 अरब भारतीयों की सद्भावना और शुभकामनाएं लेकर आया हूं। घाना से मिले सर्वोच्च सम्मान के लिए मैं 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं।  घाना को सोने की भूमि के रूप में जाना जाता है, न केवल आपकी धरती के नीचे छिपी हुई चीजों के लिए बल्कि आपके दिल में मौजूद गर्मजोशी और ताकत के लिए भी'। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज मुझे दूरदर्शी राजनेता तथा घाना के प्रिय पुत्र डॉ. क्वामे नक्रूमा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने एक बार कहा था कि हमें एकजुट करने वाली ताकतें हमें अलग रखने वाले आरोपित प्रभावों से कहीं अधिक बड़ी हैं। उनके शब्द हमारी साझा यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे। घाना साहस के साथ खड़ा है- पीएम मोदी अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत में 2500 राजनीतिक दल हैं। 20 अलग-अलग पार्टियां अलग-अलग राज्यों में सरकार चला रही हैं। यही वजह है कि भारत में आने वाले लोगों को भारत में भव्य स्वागत होता है। घाना में भारत के लोग उसी तरह घुले-मिले हैं जैसे चाय में शक्कर मिली होती है। पीएम ने कहा, जब हम घाना को देखते हैं तो हम एक ऐसे राष्ट्र को देखते हैं जो साहस के साथ खड़ा है। समावेशी प्रगति के प्रति आपकी प्रतिबद्धता ने वास्तव में घाना को पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया है। हमारे लिए लोकतंत्र सिस्टम नहीं संस्कार हैं- पीएम मोदी घाना की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- भारत और घाना के संबंध काफी मजबूत हैं। भारत-घाना समावेशी विकास की ओर बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे लिए लोकतंत्र सिस्टम नहीं संस्कार हैं। घाना में पिछले कुछ वर्षों से काफी तेजी से विकास हुआ है। इस वक्त भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा- दुनिया इस वक्त कई समस्याओं से जूझ रही है, जिसमें आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन इस समय बड़ी समस्याएं हैं। वहीं भारत का लोकतंत्र आशा की किरण बना हुआ है।   भारत सबके भले की बात करता है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने इस मौके कहा- दुनिया ने कोरोना काल का संकट भी देखा और भारत ने दुनिया के तमाम देशों को वैक्सीन भेजे। हमारा मंत्र सबका साथ-सबका विकास है। लोकतंत्र जितना मजबूत होगा, दुनिया उतनी ही सशक्त बनेगी। घाना एक ऐसा देश है जो साहस के साथ खड़ा है। भारत सबके भले की बात करता है। वैश्विक उठपटक सबके लिए चिंता का कारण है।  

CM यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप की राशि अंतरित करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार 4 जुलाई को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह की भी गरिमामय उपस्थिति रहेगी। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक अर्जित करने वाले प्रति विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की राशि लैपटॉप क्रय करने के लिये उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस वर्ष 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिये 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपये की राशि दी जा रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक सहभागिता करेंगे। प्रदेश में पिछले वर्ष 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की गयी थी। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है। पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिये अंतरित की जा चुकी है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण के भोपाल में होने वाले राज्यस्तरीय आयोजन का जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में सीधे प्रसारण करवाने की व्यवस्था भी की गई है। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में मंत्रिगण, जिला पंचायत अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे मंत्रीगण जिला मुख्यालयों पर होने वाली प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण समारोह में मंत्रीगण शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा देवास, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शहडोल, मंत्री करण सिंह वर्मा सिवनी, संपतिया उइके सिंगरौली, तुलसीराम सिलावट ग्वालियर, एंदल सिंह कंषाना दतिया, सुनिर्मला भूरिया मंदसौर, गोविंद सिंह राजपूत गुना, विश्वास सारंग हरदा, नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, नागर सिंह चौहान आगर-मालवा, प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी, राकेश शुक्ला अशोकनगर, चेतन्य कुमार काश्यप राजगढ़, इंदर सिंह परमार दमोह, धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी खंडवा, दिलीप जायसवाल सीधी, गौतम टेटवाल उज्जैन, लखन पटेल विदिशा, नारायण सिंह पंवार रायसेन, नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल, श्रीमती प्रतिमा बागरी डिंडोरी, दिलीप अहिरवार अनूपपुर, श्रीमती राधा सिंह मैहर से कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह सतना, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े सागर, सुधीर गुप्ता नीमच, शंकर लालवानी इंदौर, गजेन्द्र पटेल बड़वानी, ज्ञानेश्वर पाटिल बुरहानपुर, शिवमंगल सिंह तोमर मुरैना, दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, श्रीमती संध्या राय भिंड, आशीष कुमार दुबे जबलपुर, जनार्दन मिश्रा रीवा में शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायकगण भी शामिल होंगे प्रदीप पटेल मऊगंज, शिवनारायण सिंह उमरिया, बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, अनिल जैन निवाड़ी, कमलेश शाह छिंदवाड़ा, गौरव सिंह पारधी बालाघाट, श्रीमती नीना वर्मा धार के कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चंद्रवंशी रतलाम, सुसुनीता रमेश मेहरा कटनी, श्रीमती हाजरीबाई खरत अलीराजपुर, श्रीमती विद्या अग्निहोत्री छतरपुर, श्रीमती अनुबाई तंवर खरगोन, श्रीमती रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा सीहोर, श्रीमती ज्योति काकोड़िया नरसिंहपुर, दीपक कुशराम मंडला में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही सीताराम आदिवासी उपाध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण श्योपुर, संदीप घाटोडे अध्यक्ष नगरपालिका पांढुर्णा और श्रीमती कविता सिंगार अध्यक्ष नगर पालिका परिषद झाबुआ के कार्यक्रम में शामिल होंगे।  

हॉकी एशिया कप 2025 को लेकर आई बड़ी खबर, पाकिस्तान की हॉकी टीमें भारत आएगी, खेल मंत्रालय से मंजूरी मिली

नई दिल्ली पाकिस्तान की हॉकी टीम को अगले महीने भारत में होने वाले एशिया कप में खेलने से नहीं रोका जाएगा. यह जानकारी गुरुवार को खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने दी है. यानी पाकिस्तान की हॉकी टीम एशिया कप और जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप खेलने भारत आएगी सूत्र ने कहा- हम किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी टीम के भारत में खेलने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन द्विपक्षीय (सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच) मुकाबलों का मामला अलग होता है.  एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट 27 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में खेला जाएगा.  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण अगले महीने एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर संदेह था. एशिया कप के अलावा नवंबर-दिसंबर में होने वाले जूनियर विश्व कप में भी पाकिस्तान की टीम को खेलने की अनुमति दी जाएगी. एशिया कप के अलावा नवंबर-दिसंबर में होने वाले जूनियर विश्व कप में भी पाकिस्तान की टीम को खेलने की अनुमति दी जाएगी. हॉकी इंडिया के सचिव भोला नाथ सिंह ने पाकिस्तान टीम के भारत आने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- हम सरकार के निर्देशों के अनुसार ही काम करेंगे. सरकार जो तय करेगी, वही हमारा रुख होगा.  भोला नाथ का यह बयान स्पष्ट करता है कि हॉकी इंडिया किसी भी राजनीतिक या कूटनीतिक फैसले में दखल नहीं देगा और पूरी तरह सरकार के निर्देशों का पालन करेगा.  क्रिकेट के मैदान पर भी होगी भ‍िड़ंत!  वहीं भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप मेंस टी20 एशिया कप 2025 में भ‍िड़ंत हो सकती है.  यह टूर्नामेंट 4 या 5 सितंबर से शुरू हो सकता है और 21 सितंबर तक होगा. वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच मैच यूएई (UAE) में होने की संभावना जताई गई है.   फाइनल शेड्यूल और वेन्यू का आधिकारिक ऐलान जल्द किया जाएगा.  टूर्नामेंट के लिए यूएई (UAE) को न्यूट्रल वेन्यू के तौर पर लगभग तय माना जा रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा मुकाबला 7 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा. इसी मैदान पर दोनों टीमें हाल ही में ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी 2025 में भी भिड़ी थीं.

छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म पीड़िताओं के लिए 40 करोड़ रुपए स्वीकृत, वितरण की प्रक्रिया शुरू

बिलासपुर प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाओं से प्रभावित महिलाओं को मुआवजा न मिलने को लेकर दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने  अंतिम सुनवाई की है । हाई कोर्ट ने मामले का निराकरण कर दिया है। कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िताओं को मुआवजा वितरण के लिए प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट को सूचित किया गया कि राज्य शासन ने 40 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है, जो अब जिलों के जरिए पीड़िताओं को प्रदान की जाएगी। केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं के लिए एक विशेष मुआवजा योजना लागू की थी, जिसका उद्देश्य उनके पुनर्वास और सहायता सुनिश्चित करना था। योजना के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 6,000 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन बड़ी संख्या में पीड़ितों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया था। शासन की ओर से इस योजना को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की जिम्मेदारी बताते हुए शुरुआत में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। केवल उन्हीं पीड़ितों को मुआवजा मिल सका जिन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। 36 मामलों के आधार पर दायर हुई थी जनहित याचिका समाजसेवी सत्यभामा अवस्थी ने अधिवक्ता देवेश कुमार के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मांग की थी कि 2018 की इस योजना का पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। याचिका में यह भी बताया गया कि प्रदेश में ऐसे 36 मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़िताओं को मुआवजा नहीं मिल पाया। जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उसका निराकरण किया। गृह सचिव ने बताया, प्रक्रिया हुई शुरू बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति की डिवीजन बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन की ओर से गृह सचिव ने एक शपथपत्र दाखिल किया। जिसमें कोर्ट को अवगत कराया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के निर्देश पर पीड़ित महिलाओं के मुआवजे के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस राशि को अब सभी जिलों में वितरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य शासन ने बताया कि यह राशि संबंधित जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को भेज दी गई है। वे आवेदनकर्ताओं को मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया में लगे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि वर्ष 2018 से अब तक कुल 5,500 आवेदन सालसा को प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश पर अब कार्रवाई की जा रही है।