News Aazad Bharat

मुंबई में पक्षियों को दाना खिलाना अपराध! 51 कबूतरखाने बंद, 100 लोग चालान के शिकंजे में

मुंबई महाराष्ट्र सरकार के निर्देश और बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने दादर कबूतरखाना में कबूतरों को दाना डालने पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है. बीएमसी ने 2 अगस्त को दादर कबूतरखाना के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इसे प्लास्टिक की बड़ी तिरपालों से ढक दिया. यह प्रतिबंध गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के कारण लागू किया गया है, क्योंकि कबूतरों की बीट (मल) से सांस संबंधी बीमारियां और संक्रमण होने की संभावना होती है, विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में. बीएमसी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को लागू करते हुए दादर कबूतरखाना में बने अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया और कबूतरों को खिलाने के लिए रखे गए अनाज को जब्त कर लिया गया. कबूतरों को दाना डालने पर प्रतिबंध लागू होने के बाद से बीएमसी ने दादर कबूतरखाना में 100 से अधिक लोगों पर जुर्माना लगाया है. बॉम्बे उच्च न्यायालय ने बीएमसी को प्रतिबंध का उल्लंघन कर कबूतरों को दाना डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और आपराधिक शिकायत दर्ज करने का अधिकार दिया है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा बार-बार आदेश का उल्लंघन पर संभावित गिरफ्तारी भी शामिल है. बीएमसी को इस कार्रवाई में मुंबई पुलिस का भी सहयोग मिला है और उन जगहों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जहां लोग कबूतरों को दाना डालते हैं. कबूतरों को दाना डालने के पीछे सांस्कृतिक और धार्मिक आधारों का हवाला देकर स्थानीय लोग बीएमसी के एक्शन का विरोध कर रहे हैं. हालांकि, बीएमसी का कहना है कि वह हाई कोर्ट के आदेश पर जन स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता दे रही है.  दादर निवासी नीलेश त्रेवाडिया ने कहा कि बीएमसी को इस तरह के प्रतिबंध के परिणामों पर भी ध्यान देना चाहिए. यह प्रतिबंध दादर सहित मुंबई के सभी प्रमुख कबूतरखानों पर लागू है और हाई कोर्ट ने बीएमसी से इसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो रही है. मुंबई में 51 कबूतरखाने हैं, जिनमें दादर कबूतरखाना जैसे प्रतिष्ठित स्थल भी शामिल हैं. मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मुंबई के म्युनिसिपल कमिश्नर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पक्षी प्रेमियों, जैन साधुओं और नागरिकों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं को ध्यान में रखा जाए. बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए उन्होंने बीएमसी से कोई बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया है. मुंबई में पिजन फीडिंग की सदियों पुरानी प्रथा मुंबई में लोगों द्वारा कबूतरों को दाना डालना सदियों से चली आ रही एक प्रथा है, जो कई बार विवादों का कारण भी बना है. भारतीय संस्कृति में कबूतरों को दाना डालना पुण्य का कार्य माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि इससे पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है. कहा जाता है कि कबूतरों को भोजन कराने से मृत पूर्वजों की आत्मा को तृप्ति मिलती है और पितृ-पीड़ा से मुक्ति मिलती है. विशेष रूप से अमावस्या के दिन कबूतरों को दाना डालना शुभ माना जाता है. कुछ संस्कृतियों में यह भी मान्यता है कि कबूतरों को सांसारिकता और आध्यात्म के बीच संदेशवाहक के रूप में देखा जाता है, उन्हें भोजन कराने से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है और ईश्वर के साथ बेहतर संबंध बनता है. जैन धर्म में, कबूतरों को दाना डालना जीव दया या जीवों के प्रति करुणा का एक रूप है, जो जैन परंपरा के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है. जैन मंदिर और ट्रस्ट कबूतरखाना संचालित करते हैं. जैन धर्म के अनुयायी इन स्थानों पर नियमित रूप से कबूतरों को दाना डालने जाते हैं. दादर कबूतरखाना को भी एक जैन मंदिर द्वारा स्थापित किया गया था. मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने का इतिहास मुंबई में गुजराती और जैन व्यापारियों की बड़ी संख्या के कारण शहरभर में कबूतरखाने मिल जाते हैं. इस कारण मुंबई में कड़ी संख्या में कबूतर देखे जा सकते हैं. एडवर्ड हैमिल्टन ऐटकेन ने 1909 में अपनी किताब 'द कॉमन बर्ड्स ऑफ बॉम्बे' में शहर में कबूतरों की बड़ी आबादी के कारणों पर विस्तार से बताते हुए लिखा, 'वे दो चीजों से बंबई की ओर आकर्षित होते हैं: उनके रहने के लिए यहां इमारतों की कोई कमी नहीं है और हिंदू अनाज व्यापारियों की उदारता के कारण उन्हें भोजन की कमी नहीं होती.' बॉम्बे नगरपालिका ने 1944 में दादर स्थित जैन मंदिर को एक पत्र लिखकर पक्षियों के भोजन के लिए एक ट्रैफिक आइलैंड के निर्माण की अनुमति दी. यह पत्र जैन मंदिर द्वारा भेजे गए उस पत्र के जवाब में जारी किया गया था जिसमें मंदिर के पास झुंड में रहने वाले और कारों से कुचले जाने के खतरे में रहने वाले कबूतरों की सुरक्षा के लिए एक बाड़ा बनाने की अनुमति मांगी गई थी. ट्रैफिक आइलैंड सड़क पर एक उठा हुआ या चिह्नित क्षेत्र होता है जिसका उपयोग यातायात को नियंत्रित करने, पैदल यात्रियों को सुरक्षित स्थान प्रदान करने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किया जाता है. ऐसे स्ट्रक्चर चौराहों पर या सड़कों के बीच में बनाए जाते हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सके और पैदल चलने वालों को सड़क पार करने के लिए सुरक्षित स्थान मिल सके.  मुंबई में कबूतरों की बीट से स्वास्थ्य जोखिम तत्कालीन बॉम्बे में कबूतरों को दाना डालना व्यापक रूप से स्वीकार्य था. लेकिन 90 के दशक के मध्य में इस पर चिंताएं उभरने लगीं, जब मेडिकल स्टडीज में कबूतरों की बीट को सांस संबंधी बीमारियों से जोड़ा गया. इसके बाद, मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने से संबंधित शिकायतें बढ़ने लगीं, नागरिकों ने कबूतरों की अधिक संख्या के कारण श्वसन संबंधी समस्याओं की शिकायत की. 2013 में, 30 जून को ग्रांट रोड पर कबूतरखाना के पास एक कबूतर के अचानक सामने आने से बीएमसी के एक इंजीनियर की मोटरसाइकिल से गिरकर मौत हो गई थी. घटना के बाद स्थानीय पार्षद ने दाना बेचने वालों को सड़क से हटा दिया. दो दिन बाद, तत्कालीन बीएमसी लॉ कमिटी के चेयरमैन मकरंद नार्वेकर ने कबूतरखानों को कम भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा. हालांकि, इस प्रस्ताव … Read more

IAS अधिकारियों के हुए तबादले, पदस्थापना आदेश जारी, देखें लिस्ट

भोपाल. मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (IAS Transfer) के तबादला आदेश जारी किये हैं, सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किये हैं। GAD MP द्वारा जारी तबादला आदेश में 5 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है वहीं तीन IAS अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभाव वापस लिया है और अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इन IAS अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव  राज्य शासन ने मंत्रालय में पदस्थ पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे सीनियर IAS अधिकारी मनीष सिंह को प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी है इसके अलावा उन्हें प्रमुख सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग (अतिरिक्त प्रभार) सौंपा है। शासन ने पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहीं IAS जी व्ही रश्मि को सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश बीज एवं फार्म विकास निगम तथा उप सचिव, , किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग (अतिरिक्त प्रभार) अनुराग सक्सेना को अपर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल पदस्थ किया है। IAS अभिलाष मिश्रा को राज्य शासन ने अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इन्दौर के पद से ट्रांसफर करते हुए आयुक्त नगर पालिक निगम उज्जैन पदस्थ किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्रीमती अर्चना सोलंकी मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासन), मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, भोपाल की पदस्थापना में बदलाव करते हुए शासन ने उप सचिव, “कार्मिक”, सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी है। 

5 अगस्त को मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स के पदक विजेता होंगे सम्मानित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स 2025 के पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान समारोह मंगलवार 5 अगस्त को होगा। रवीन्द्र भवन में शाम 5 बजे शुरू होने वाले सम्मान समारोह की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। समारोह में संचालक खेल एवं युवा कल्याण राकेश गुप्ता भी शामिल होंगे। 11 खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार समारोह में शूटिंग खिलाड़ी रितुराज बुंदेला, क्याकिंग-कैनोइंग (स्लॉलम) खिलाड़ी भूमि बघेल, स्क्वैश खिलाड़ी कृष्णा मिश्रा, फेंसिंग खिलाड़ी पूजा दांगी, रोइंग खिलाड़ी प्रभाकर सिंह राजावत, सेलिंग खिलाड़ी नेहा ठाकुर, तैराकी खिलाड़ी प्रखर जोशी, एथलेटिक्स खिलाड़ी अर्जुन वास्कले, कुश्ती खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत, हॉकी खिलाड़ी अंकित पाल और पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी गौरव पचौरी को एकलव्‍य पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। 12 खिलाड़ियों को विक्रम पुरस्कार शूटिंग खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, क्याकिंग-कैनोइंग (स्लॉलम) खिलाड़ी जान्हवी श्रीवास्तव, तीरंदाजी खिलाड़ी रागिनी मार्को, कुश्ती खिलाड़ी शिवानी पवार, बॉक्सिंग खिलाड़ी श्रुति यादव, जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य, खोखो खिलाड़ी सचिन भार्गो, हॉकी खिलाड़ी नीलू डाडिया, सॉफ्टबाल खिलाड़ी प्रवीण कुमार दवे, शूटिंग (दिव्यांग श्रेणी) रूबिना फ्रांसिस, पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी अपूर्व दुबे और एडवेंचर स्पोर्टस् के लिये भावना डेहरिया को विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। विश्वामित्र/लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार सम्मान समारोह में क्याकिंग-कैनोइंग प्रशिक्षक पीजूष कांती बारोई, तीरंदाजी प्रशिक्षक अशोक कुमार यादव और हॉकी प्रशिक्षक लोकेन्द्र शर्मा को विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। जिम्नास्टिक के रतनलाल वर्मा को लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। सम्मान समारोह में 38वें नेशनल गेम्स 2025 के 34 स्वर्ण पदक विजेता, 25 रजत और 23 कास्य पदक विजेता, कुल 82 पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ

भगवान गणेश, मां दुर्गा और महालक्ष्मी की प्रतिमाएं मिट्टी से ही निर्मित हों : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान गणेश सबके मनोरथ पूरे करें, कृपावंत का शुभाशीष सब पर बरसे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के पूजन से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश सबके मनोरथ पूर्ण करें। कृपावंत भगवान का शुभाशीष हम सब पर बरसे और हमारे प्रदेश में सुख-समृद्धि का सतत् संचार हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि भगवान गणेश, नवरात्रि में मां दुर्गा और दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं भी मिट्टी से ही निर्मित हो। इसके लिये जागरूकता अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं मिट्टी में ही समाहित हो जाती हैं, इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और गणेश चतुर्थी पर्व पर जन-जन को पवित्र माटी और गौमाता के गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहे और प्राकृतिक संतुलन भी अक्षुण्ण रहे। पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल है "माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में निहित संकल्पना पर केन्द्रित एक सचित्र पोस्टर का विमोचन भी किया। परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी की 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना करायी जायेगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संकल्पना गीत एवं पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर भी उपस्थित थे। सभी ने संकल्प लिया कि इस वर्ष घरों में केवल मिट्टी और गौमाता के गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं ही स्थापित की जाएंगी और इन प्रतिमाओं का विसर्जन भी नितांत प्राकृतिक तरीके से ही किया जाएगा। म.प्र. जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ ने बताया कि परिषद् ने नर्मदा समग्र संस्था के साथ "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान की नई पहल की है। परिषद् के प्रशिक्षित नेटवर्क द्वारा अपने ग्राम की महिलाओं को मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जायेगा, जिससे 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।  

त्योहार से पहले खुशखबरी! लाड़ली बहनों के खातों में जल्द आएंगे ₹1500

भोपाल   मध्यप्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जहां रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बहनों के खाते में 1500 सौ रुपए ट्रांसफर करेंगे। सीएम ने कहा कि मैं उज्जैन में इस परंपरा का पालन करता रहा हूं। अब लाड़ली बहन के माध्यम से हम पूरे प्रदेश में यह कार्यक्रम कर रहे हैं। नरसिंहगढ़ में जारी होगी 27वीं किस्त सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि इस साल नरसिंहगढ़ में हमारी बहनों के लिए इस महीने की रक्षाबंधन की किश्त वहीं से जारी होगी। हम इस साल अपनी लाडली बहनों की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये करने जा रहे हैं, और खासकर रक्षाबंधन पर हम 250 रुपये अलग से दे रहे हैं।  7 अगस्त को शगुन के रूप में मिलेंगे 250 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। आने वाले 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। भाईदूज पर मिलेंगे 1500 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों के जीवन में समृध्दि लाने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार बहनों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करती रहेगी। लाड़ली बहनों को वर्तमान में 1250 रुपए की राशि दी जा रही है। आगे उसे बढ़ाकर भाईदूज से 1500 रूपए कर दिए जाएंगे।  सीएम ने सैकड़ों महिलाओं से बंधवाई राखी नागझिरी क्षेत्र की बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी परिसर, रघुनंदन गार्डन, राधाकृष्ण गार्डन और होटल अथर्व में रखे रक्षाबंधन कार्यक्रम में उन्होंने सैकड़ों महिलाओं से राखी बंधवाई और यह संदेश दिया कि बहनों के सशक्तिकरण में सरकार पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने जबलपुर-रायपुर, रीवा-पुणे (हड़पसर) और भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस ट्रेनों को यहीं से वीडियो कॉंफ्रेंसिंग कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रेल दो स्टेशनों के साथ-साथ दो संस्कृतियों और जीवन शैलियों को जोड़ने का कार्य करती है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करती है। सीएम मोहन योदव ने अपने एक बयान में कहा कि रक्षाबंधन पर 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की किस्त भेजे जाएंगे. इससे पहले लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की लाभार्थी महिलाओं को योजना की 26वीं किस्त 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी. उज्जैन के नलवा गांव में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1543.16 करोड़ रुपये की राशि सीधे 1.27 करोड़ बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी. जुलाई की इस किस्त में हर पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता दी गई थी, जो योजना की नियमित मंथली पेमेंट का हिस्सा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 56.74 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य पात्र नागरिकों को 340 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में ट्रांसफर की थी. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 30 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थी बहनों को 46.34 करोड़ रुपये की राशि रिफिलिंग के लिए सीधे खातों में दी गई थी. क्या है लाड़ली बहना योजना? शुरुआत: जून 2023 में, महिलाओं की आर्थिक मदद और सम्मान बढ़ाने के लिए लाभार्थी: 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या विधवा महिलाएं वर्तमान लाभ: मंथली 1250 रुपये नई घोषणा: अक्टूबर से मंथली 1500 रुपये सहायता राशि इस बार: 9 अगस्त को 1250 रुपये और 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन यह योजना क्यों है खास? 'लाड़ली बहना योजना' केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हर महीने की राशि से महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले सकती हैं, परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ती है और आत्मसम्मान भी.  

फारूक अब्दुल्ला का विवादित दावा: ‘जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म नहीं हो सकता’

श्रीनगर   जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने प्रदेश में आतंकवाद को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में जब तक हालात नहीं सुधरेंगे, तब तक कश्मीर में आतंकवाद कभी भी खत्म नहीं होने वाला है.  मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं दावा करता हूं कि यहां मिलिटेंसी कभी खत्म नहीं होगी, जब तक हमारे पड़ोसी देश और वहां के हालात बेहतर नहीं होते. मिलिटेंसी यहां तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान की स्थिति सुधर नहीं जाती.' वहीं, दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है. पांच अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर के अनुच्छेद 370 के तहत दी गई विशेष स्थिति को रद्द कर दिया गया था. इस साल अब तक इतने आतंकवादी मारे गए इस साल की शुरुआत से अब तक सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में 59 आतंकियों को मार गिराया है. इनमें 31 आतंकी पाकिस्तान और 28 स्थानी आतंकी थे. ये आंकड़े गृह मंत्रालय और मीडिया के खबरों के अनुसार हैं.  पहलगाम हमले के बाद आतंकियों की खैर नहीं 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी. इस आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबल आतंकियों पर जबरदस्त प्रहार कर रहे हैं. 22 अप्रैल के बाद 6 अलग-अलग मुठभेड़ों में 21 आतंकवादी मारे गए.  फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम हमले पर क्या-क्या कहा था? पहलगाम हमले के बाद 24-25 अप्रैल को फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि इस तरह के आतंकवादी हमले इंसानियत के ख़िलाफ़ हैं. उन्होंने आतंक के ख़िलाफ़ स्थानीय लोगों से एकजुटता दिखाने की अपील की थी. 1 से 3 मई के बीच, उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान इस हमले के लिए सुरक्षा और खुफिया तंत्र की चूक को मुख्य वजह बताया था. उन्होंने सिंधू जल समझौते को स्थगित करने के फैसले पर भारत सरकार से इस मुद्दे पर दोबारा विचार करने की बात कही थी.  27 मई को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि जंग कोई समस्या का हल नहीं है, जंग से केवल बर्बादी आती है.

टीम इंडिया का ओवल पर धमाका! गिल की अगुवाई में अंग्रेजों के जबड़े से निकाली जीत

 ओवल  वाह टेस्ट क्रिकेट, वाह टीम इंड‍िया… क्या जबरदस्त मैच रहा. क्या शानदार तरह से जीता. भारतीय टीम के ल‍िए मैच में जीत के हीरो मोहम्मद सिराज और प्रस‍िद्ध कृष्णा रहे, ज‍िन्होंने क्रमश: 5 और 4 विकेट झटककर भारतीय टीम की झोली में जीत डाल दी. भारत की यह 6 रनों की जीत टेस्ट क्रिकेट में रनों के अंतर के ल‍िहाज से सबसे कम अंतर की जीत रही.  ओवल मैच की पहली पारी में पिच पर घास ज्यादा थी, जिससे गेंदबाजों को काफी मदद मिली. भारत की ओर से करुण नायर ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक लगाया, साथ में साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर ने भी थोड़ा योगदान दिया जिससे भारत ने किसी तरह 200 का आंकड़ा पार किया. इस तरह टीम इंड‍िया 224 रन पर ऑलआउट हो गई. इंग्लैंड के लिए गस एटकिंसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए.  जवाब में इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 13 ओवर में 92 रन बना लिए. लेकिन फिर मोहम्मद सिराज ने दूसरी सेशन में कमाल की गेंदबाजी की और इंग्लैंड की मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गई. इंग्लैंड की टीम 247 रन पर सिमट गई. दूसरी पारी में पिच थोड़ी आसान हो गई और यशस्वी जायसवाल ने इस दौरे का अपना दूसरा शतक लगाया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी तेज अर्धशतक मारा. भारत ने इस तरह इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का बड़ा लक्ष्य दिया.  लेकिन इंग्लैंड ने इस लक्ष्य को आसानी से हासिल करने की कोशिश की. शुरुआत बेन डकेट ने की, फिर जो रूट ने पारी को संभाला और आखिर में हैरी ब्रूक ने धमाकेदार 111 रन (सिर्फ 98 गेंदों में) बनाए और लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से जीत जाएगा.  ओवल टेस्ट आख‍िरी दिन कैसे पलटा?  आखिरी दिन (4 अगस्त) को मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया. भारत को जीत के ल‍िए 4 व‍िकेट चाहिए थे और इंग्लैंड को 35 रन. पांचवें द‍िन मैच की शुरुआत में इंग्लैंड ने दो चौके मारे और लगा कि वे जीत जाएंगे, लेकिन वह आत्मविश्वास झूठा निकला. सिराज ने पहले जैमी स्मिथ को आउट किया, फिर जैमी ओवरटन को LBW किया.  इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने जोश टंग को बोल्ड किया. जब इंग्लैंड को सिर्फ कुछ रन चाहिए थे, तब एटकिंसन ने एक बड़ा शॉट मारा लेकिन फील्डर आकाश दीप कैच पकड़ने में चूक गए और गेंद छक्के के लिए चली गई. अब इंग्लैंड को सिर्फ 6 रन चाहिए थे, तभी सिराज ने एक शानदार यॉर्कर फेंका और एटकिंसन का स्टंप उड़ा दिया. इंग्लैंड की टीम 6 रन से हार गई.  कुल मिलाकर, 25 दिन तक चली यह टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच बेहद रोमांचक और यादगार रहा. भारत ने लगभग हार चुके मैच को जीत में बदल दिया. यही टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती है.  क्रिस वॉक्स ने टूटे कंधे के बावजूद बैटिंग की भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल टेस्ट मैच के आखिरी दिन बेहद रोमांचक हो चुके मैच में क्रिस वॉक्स ने टूटे कंधे के बावजूद बैटिंग के लिए मैदान पर कदम रखा. अपनी टीम की डूबती लुटिया को बचाने के लिए  जो उनकी हिम्मत और जुझारूपन की इस वक्‍त हर कोई तारीफ कर रहा है. वो मैदान पर एक हाथ से बैटिंग करते नजर आए. क्रिकेट में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां खिलाड़ियों ने चोट के बावजूद खेल को प्राथमिकता दी. साउथ अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ ने साल 2008-09 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में चोटिल कंधे के साथ एक हाथ से बैटिंग की थी. सिडनी टेस्ट में उनके कंधे में गंभीर चोट लगी, फिर भी उन्होंने नाबाद 36 रन बनाए. यह प्रदर्शन उनकी दृढ़ता का प्रतीक था. स्मिथ ने टीम की जरूरत को समझते हुए दर्द को नजरअंदाज किया, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने मैच बचा लिया. यह पल क्रिकेट इतिहास में उनकी वीरता के लिए याद किया जाता है. वेस्‍टइंडीज के माल्कम मार्शल ने इंग्लैंड के खिलाफ, लीड्स 1984 टेस्‍ट मैंच में भी ऐसा ही किया था. उन्‍होंने एक हाथ से बैटिंग का अनोखा रिकॉर्ड बनाया था. उनके बाएं हाथ में प्लास्टर था, फिर भी उन्होंने नौवें विकेट के लिए लैरी गोम्स का साथ दिया. मार्शल ने एक हाथ से चार रन बनाए और गोम्स को शतक पूरा करने में मदद की. यह बलिदान वेस्टइंडीज की जीत में महत्वपूर्ण था और उनकी बहादुरी को अमर कर गया. वेस्‍टइंडीज के ब्रायन लारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2005 में सेंट जॉन्स टेस्ट में चोटिल हाथ के साथ एक हाथ से बैटिंग की. उनकी उंगली में फ्रैक्चर था, लेकिन उन्होंने टीम को संकट से निकालने के लिए बल्ला थामा. लारा ने 20 रन बनाए, जो उनकी तकनीक और हिम्मत को दिखाता है. यह प्रदर्शन वेस्टइंडीज के लिए प्रेरणादायक था, भले ही मैच हारा गया. सचिन तेंदुलकर साल 2004 में पाकिस्तान में मुल्तान टेस्ट के दौरान टेनिस एल्बो की चोट के बावजूद एक हाथ से खेले थे. उनकी बांह में दर्द था, लेकिन उन्होंने 194 रन की ऐतिहासिक पारी खेली. हालांकि यह पूरी तरह एक हाथ से नहीं थी, लेकिन चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन असाधारण था, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार है. इंजमाम-उल-हक (पाकिस्तान) – ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 1999: चैंपियंस ट्रॉफी में इंजमाम-उल-हक ने टूटी हुई कोहनी के साथ एक हाथ से बैटिंग की थी. उन्होंने 21 रन बनाए और टीम को संभाला. यह प्रदर्शन उनकी नेतृत्व क्षमता और जुझारूपन को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी क्रिकेट में मील का पत्थर रहा. क्रिस वोक्स का हालिया कारनामा इन महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो सकता है. एक हाथ से बैटिंग न केवल शारीरिक साहस की मांग करती है, बल्कि टीम भावना का भी प्रतीक है. यह परंपरा क्रिकेट के इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद की जाएगी.

सिंहस्थ आयोजन से पहले किसानों को बड़ी राहत, मिलेगा स्पेशल मुआवजा पैकेज

उज्जैन  सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावित होने वाले किसानों के लिए भी स्पेशल मुआवजे (special package of compensation) का ऐलान किया है। विधायक अनिल जैन ने किया था अनुरोध विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सीएम डॉक्टर मोहन यादव से अनुरोध किया था कि लैंड पुलिंग में जिन किसानों (MP Farmers) की जमीन अधिगृहित की जा रही है, उन्हें गाइड लाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलेगा। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। विधायक की इस माग को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और कहा कि ऐसी ही स्थिति विक्रम उद्योगपुरी में भी बन रही थी, वहां के किसानों को स्पेशल पैकेज दिया गया है। जिस तरह सिंहस्थ जरूरी, उसी तरह किसान हित जरूरी सीएम ने आगे कहा कि जिस तरह हमारे लिए सिंहस्थ 2028 जरूरी है, उसी तरह किसानों का हित भी जरूरी है। सीएम ने कहा, किसान घबराएं नहीं, भले ही उन्हें मुआवजा गाइडलाइन के हिसाब से कम मिला हो, लेकिन उन्हें स्पेशल पैकेज के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा। लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं और उनके भाइयों के लिए बड़ी खबर, सीएम ने किया ऐलान सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 1500 रुपए करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि दीपावली लाड़ली बहनों के लिए बेहद शुभ होने वाली है। ये पर्व इनके लिए मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेकर आया है। मां लक्ष्मी की कृपा से दीपावली पर पड़ने वाली भाईदूज से प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि दी जाएगी। यानी हर महीने 1500 रुपए लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र बहनों के खाते में भेजी जाएगी। यही नहीं सीएम ने लाड़ली बहनों को खुशखबरी देते हुए ये भी ऐलान किया है कि जल्द ही लाड़ली बहना योजना की पात्र युवा बहनों और उनके युवा भाइयों को रोजगार भी दिया जाएगा। उज्जैन में की घोषणा बता दें कि सीएम मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये ऐलान किया है। जहां उन्होंने बहनों से राखी भी बंधवाई। यही नहीं उन्होंने रक्षाबंधन के उपहार को लेकर तारीख की भी घोषणा की है। उन्होंने लाड़ली बहना को राखी पर नेग देने की तारीख का ऐलान करते हुए कहा कि नेग देने की तारीख तय हो गई है। 7 अगस्त को 1250 रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। इसी दिन राखी का नेग 250 रुपए भी देंगे। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को 1500 रुपए मिलेंगे। मोहन सरकार 1600 करोड़ खातों में 1905 करोड़ रुपए भेजेगी। वहीं दिवाली की भाईदूज से यह राशि हर माह 1500 रुपए ही दी जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावितों को मिलेगा स्पेशल पैकेज प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावित होने वाले किसानों के लिए भी स्पेशल मुआवजे का ऐलान किया है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सीएम डॉक्टर मोहन यादव से अनुरोध किया था कि लैंड पुलिंग में जिन किसानों की जमीन अधिगृहित की जा रही है, उन्हें गाइड लाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलेगा। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। विधायक की इस माग को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और कहा कि ऐसी ही स्थिति विक्रम उद्योगपुरी में भी बन रही थी, वहां के किसानों को स्पेशल पैकेज दिया गया है। सीएम ने आगे कहा कि जिस तरह हमारे लिए सिंहस्थ जरूरी है, उसी तरह किसानों का हित भी जरूरी है। सीएम ने कहा, किसान घबराएं नहीं, भले ही उन्हें मुआवजा गाइडलाइन के हिसाब से कम मिला हो, लेकिन उन्हें स्पेशल पैकेज के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में आई रफ्तार, मुंबई-अहमदाबाद यात्रा होगी महज 2 घंटे की

मुंबई  देश में पहली बुलेट ट्रेन (Bullet Train In India) चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं और इससे जुड़े तमाम काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं. मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली इस पहली बुलेट ट्रेन (Mumbai Ahmedabad Bullet Train) को लेकर अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है. जी हां, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने रविवार को कहा कि, 'भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा बहुत जल्द शुरू होगी और इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटेरह जाएगा.'  जल्द शुरू होने वाली है बुलेट ट्रेन केंद्रीय रेलवे मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने रविवार को गुजरात के भावनगर टर्मिनस से अयोध्या एक्सप्रेस, रीवा-पुणे एक्सप्रेस और जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और इस कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए Bullet Train को लेकर ये बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन से मुंबई से अहमदाबाद के बीच की दूरी महज 2 घंटे और 7 मिनट में पूरी होगी. इस बीच इसकी शुरुआत को लेकर टाइमलाइन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत जल्दी चालू होने वाली है और इसे लेकर तेजी के साथ काम चल रहा है. बता दें कि रेलवे मिनिस्ट्री (Ministry Of Railway) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर लगातार Bullet Train Project को लेकर युद्धस्तर पर जारी काम के बारे में अपडेट शेयर किया जाता रहता है. बीते दिनों ही एक पोस्ट में रेलवे की ओर से बताया गया था कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR Corridor) पर एक बड़े निरंतर सुरंग खंड का काम सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो उस 21 किलोमीटर की सुरंग का एक हिस्सा है, जिससे होकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन गुजरेगी.  अमृत भारत में  Vande Bharat के फीचर कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन (Amrit Bharat Train) नई चालू हुई है और अभी करीब 8 गाड़ियां ऐसी चलाई जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि अमृत भारत गाड़ी में वंदे भारत जैसे फीचर हैं, लेकिन ये एकदम कम किराये की गाड़ी, एकदम कम टिकट वाली ट्रेन है. उनके मुताबिक, पोरबंदर-राजकोट नई डेली ट्रेन जल्दी चालू होगी. राणावाव स्टेशन पर नई कोच मेंटिनेंस फैसिलिटी, सरदिया-वासजालिया नई लाइन, फिर भद्रकाली गेट, पोरबंदर शहर में नया फ्लाईओवर, भावनगर में 2 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल और एक नया पोर्ट बनने वाला है.  वंदे भारत स्लीपर भी जल्द  इसके साथ ही अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे का सेफ्टी पर बहुत फोकस है, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान है. उन्होंने कहा कि Indian Railway का हर तरीके से विकास हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का ऐसा प्रयास है. इसके साथ ही एक और बड़ा अपडेट जारी करते हुए उन्होंने बताया कि बहुत जल्द ही वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper Train) भी आने वाली है.  11 साल में रेलवे में बड़ा परिवर्तन रेल मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे में हुए बदलावों के बारे में बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का रेलवे के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव है. उनका ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि रेलवे को कैसे विकसित करें, कैसे नई टेक्नोलॉजी लाएं और इसका कैसे विस्तार करें. अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, बीते 11 वर्षों में रेलवे में बहुत नए काम चालू किए गए हैं और बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है. फिलहाल, 1300 स्टेशनों का नवनिर्माण किया जा रहा है, जो आज की तारीख में दुनिया में स्टेशन के नवनिर्माण का सबसे बड़ा काम है. इसके अलावा 11 वर्षों में 34000 किमी नए रेलवे ट्रैक बनाए गए हैं, डेली करीब 12 किमी नए ट्रैक बनते हैं, जोकि इतिहास में कभी नहीं हुआ.

भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में लापरवाही! चार्टर विमान की गलत लैंडिंग से बढ़ा खतरा

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चार्टर विमान की गलत लैंडिंग का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। घटना 31 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे की है, जब सीएम दिल्ली से फालौदी के लिए फाल्कन-2000 चार्टर विमान से रवाना हुए थे। विमान को फालौदी के एयरफोर्स स्टेशन पर उतरना था, लेकिन पायलटों की गलती से वह पास ही स्थित सिविल एयरस्ट्रिप पर उतर गया। रनवे पर लैंड करते ही पायलटों को अपनी चूक का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत विमान को दोबारा टेक-ऑफ कराया। करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित फालौदी वायुसेना स्टेशन पर फिर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। अब इस मामले में DGCA ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम भजनलाल के प्लेन की इसिलए कराई गई गलत लैडिंग       चार्टर कंपनी ने इस चूक की सूचना DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) को दी। जांच में सामने आया कि दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा और भौगोलिक स्थिति आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। इसी वजह से पायलटों को कन्फ्यूजन हुआ और यह बड़ी चूक हो गई।     DGCA सूत्रों के अनुसार, पायलटों को उड़ान से पहले दोनों एयरफील्ड की सटीक जानकारी नहीं दी गई थी। यही इस चूक का मुख्य कारण माना जा रहा है। पायलटों से क्यों हुई चूक? डीजीसीए सूत्रों के अनुसार, इस चूक का मुख्य कारण फलौदी में दो हवाई पट्टियों की समान भौगोलिक स्थिति है। फलौदी में सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के रनवे की दिशा और बनावट में काफी समानता है, जिसके चलते पायलट भ्रमित हो गए। इसके अलावा, उड़ान से पहले पायलटों को दोनों हवाई अड्डों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग को और सख्त करना होगा। चार्टर कंपनी ने डीजीसीए को इस गलत लैंडिंग की स्वैच्छिक रिपोर्ट दर्ज की है। सूत्रों ने बताया कि सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के बीच करीब 5-10 किलोमीटर का फासला है, लेकिन दोनों की समान विशेषताओं के चलते पायलटों से गलती हो गई। डीजीसीए ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम और वापसी? बता दें, लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से रामदेवरा पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ घंटे बिताए। इसके बाद वे उसी विमान से फलौदी वायुसेना स्टेशन से जयपुर लौटे। विमान रात में दिल्ली वापस चला गया। सूत्रों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के लिए बेहतर तालमेल की जरूरत है। फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है फाल्कन बताते चलें कि फाल्कन-2000 एक फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है, जो 8-10 यात्रियों को 6,000 किलोमीटर की रेंज तक ले जा सकता है। डीजीसीए की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पायलटों को उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग में क्या कमियां थीं और इस चूक को कैसे रोका जा सकता था। क्योंकि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ऑपरेटरों को उड़ान-पूर्व प्रक्रियाओं को और मजबूत करना होगा। क्यों राजस्थान के पायलट ड्यूटी से हटे     सुरक्षा पर सवाल DGCA ने तत्काल प्रभाव से दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस तरह की गलती अगर मिलिट्री एरिया में होती तो सुरक्षा और कानूनी संकट खड़ा हो सकता था।     सीएम भजनलाल शर्मा घटना के बाद हेलीकॉप्टर से रामदेवरा दर्शन के लिए गए और फिर फालौदी लौटकर उसी विमान से जयपुर पहुंचे। बाद में विमान दिल्ली रवाना हो गया। DGCA ने इस मामले को सुरक्षा में गंभीर चूक माना     दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा, भौगोलिक स्थिति और पहचान—पायलटों को उड़ान से पहले स्पष्ट तौर पर पता होनी चाहिए थी।     सैन्य हवाईपट्टी के बजाय सिविल एयरस्ट्रिप पर उतरने से सुरक्षा, परिचालन और संभावित कानूनी संकट पैदा हो सकता था।     घटना के बाद चार्टर कंपनी ने खुद यह पूरी रिपोर्ट विभाग को दी, और जांच में पाया गया कि उड़ान से पहले पर्याप्त ब्रीफिंग और सतर्कता नहीं बरती गई थी।     इसी गंभीर प्रोफेशनल लापरवाही और सुरक्षा के मद्देनज़र DGCA ने दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।