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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ‘कृष्णायन’ की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों की कृष्णायन" में प्रस्तुति सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्णायन में श्रीकृष्ण के जीवन की प्रेरक झलकियाँ, डॉ. यादव ने की सराहना "मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की 'कृष्णायन' की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण विधानसभा के मानसरोवर सभागार में कलाकारों ने दिखाए भगवान के जीवन के प्रसंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए "कृष्णायन" जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रभावशाली माध्यम हैं। इस प्रस्तुति में शामिल कलाकारों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश के ऐसे स्थानों जिनसे भगवान श्रीकृष्ण का संबंध है, उनके महत्व को भी ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुति से समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभाकक्ष में कृष्णायन की प्रस्तुति देखी। इसमें भगवान कृष्ण की जीवन की संपूर्ण कथा को सांगीतिक रूप से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रस्तुति के कलाकारों को एक लाख 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने जहां सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की वहीं अमझेरा में विवाह संबंध, नारायणा धाम से सुदामा के साथ मैत्री और जानापाव में सुदर्शन चक्र प्राप्त करने के प्रसंग जन रूचि के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "कृष्णायन" के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों की जानकारी वाद्य यंत्रों, ध्वनि, प्रकाश और आतिशबाजी के साथ रोचक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किये जाने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों को सम्मानित भी किया। मध्यप्रदेश बन सकता है, दूसरा वृंदावन: स्पीकर तोमर इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान कृष्ण का गहरा संबंध रहा है जिसे जन-जन तक पहुंचाया जाए तो मध्यप्रदेश दूसरा वृंदावन बन जाएगा। स्पीकर तोमर ने भजनों और गीतों के साथ की गई सुंदर प्रस्तुति के लिए समस्त कलाकारों को बधाई दी। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री गण, विधायक गण सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति कृष्णायन प्रस्तुति में निर्देशक और प्रमुख कलाकार मोहित शेवानी के साथ ही अभिषेक बरथरे, शुभम, अंतिका विश्वकर्मा, श्रीजा उपाध्याय, हिमांशु पवार, विजय गौर, स्वप्निल, अनानंद, करन, दिव्यांश, राहुल, दिव्या, धनीराम, पंकज और ओमी शामिल थे।  

मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने किया शिवपुरी के ग्राम पचावली में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

सरकार का पहला कर्त्तव्य है नागरिकों की सुरक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी प्रभावितों को शीघ्र प्रदान किया जायगा मुआवजा : केंद्रीय मंत्री सिंधिया मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने किया शिवपुरी के ग्राम पचावली में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण प्रभावितों को सहायता राशि वितरित शिवपुरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शिवपुरी जिले के ग्राम पचावली पहुंचकर हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित स्‍थानीय नागरिकों को मकान क्षति तथा खाद्यान्न के लिए सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने ग्राम पचावली में ग्रामवासियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेन्द्र सिंह यादव, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनहानि, पशुहानि अथवा फसल क्षति जैसी हर स्थिति में सरकार पीड़ितों के साथ है। प्रभावित परिवार को राहत राशि सीधे उनके खाते में प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे बाढ़ प्रभावितों के दुख-दर्द जानने आए हैं। सरकार हर हाल में प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अतिवर्षा से उत्पन्न परिस्थितियाँ हमारे लिए परीक्षा की घड़ी हैं। जनता के सहयोग और प्रशासन के समर्पण से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया है। उन्‍होंने कहा कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ग्रस्‍त क्षेत्रों में राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। शासन-प्रशासन पूरी मुस्‍तैदी के साथ राहत कार्यों में लगा है। उन्‍होंने बाढ़ प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि चिंता न करें, दुख की घड़ी में सरकार आपके साथ है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि हम सुख-दुख के हर क्षण प्रभावितों के साथ हैं। संकट की घड़ी में हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार औसत वर्षा से कहीं अधिक वर्षा हुई है, जिसके कारण सिंध नदी में उफान आया और पचावली सहित 32 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर से दो हेलीकॉप्टर राहत कार्य के लिए भेजे गए थे। मौसम प्रतिकूल होने के कारण वे प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाए। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राहत दलों के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। लगभग 400 लोगों की जान बचाई गई और प्रभावितों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने कहा कि मक्का एवं सोयाबीन की फसल को व्यापक क्षति हुई है, जिसकी भरपाई के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाए।  

5 अगस्त को मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स के पदक विजेता होंगे सम्मानित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स 2025 के पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान समारोह मंगलवार 5 अगस्त को होगा। रवीन्द्र भवन में शाम 5 बजे शुरू होने वाले सम्मान समारोह की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। समारोह में संचालक खेल एवं युवा कल्याण राकेश गुप्ता भी शामिल होंगे। 11 खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार समारोह में शूटिंग खिलाड़ी रितुराज बुंदेला, क्याकिंग-कैनोइंग (स्लॉलम) खिलाड़ी भूमि बघेल, स्क्वैश खिलाड़ी कृष्णा मिश्रा, फेंसिंग खिलाड़ी पूजा दांगी, रोइंग खिलाड़ी प्रभाकर सिंह राजावत, सेलिंग खिलाड़ी नेहा ठाकुर, तैराकी खिलाड़ी प्रखर जोशी, एथलेटिक्स खिलाड़ी अर्जुन वास्कले, कुश्ती खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत, हॉकी खिलाड़ी अंकित पाल और पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी गौरव पचौरी को एकलव्‍य पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। 12 खिलाड़ियों को विक्रम पुरस्कार शूटिंग खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, क्याकिंग-कैनोइंग (स्लॉलम) खिलाड़ी जान्हवी श्रीवास्तव, तीरंदाजी खिलाड़ी रागिनी मार्को, कुश्ती खिलाड़ी शिवानी पवार, बॉक्सिंग खिलाड़ी श्रुति यादव, जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य, खोखो खिलाड़ी सचिन भार्गो, हॉकी खिलाड़ी नीलू डाडिया, सॉफ्टबाल खिलाड़ी प्रवीण कुमार दवे, शूटिंग (दिव्यांग श्रेणी) रूबिना फ्रांसिस, पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी अपूर्व दुबे और एडवेंचर स्पोर्टस् के लिये भावना डेहरिया को विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। विश्वामित्र/लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार सम्मान समारोह में क्याकिंग-कैनोइंग प्रशिक्षक पीजूष कांती बारोई, तीरंदाजी प्रशिक्षक अशोक कुमार यादव और हॉकी प्रशिक्षक लोकेन्द्र शर्मा को विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। जिम्नास्टिक के रतनलाल वर्मा को लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। सम्मान समारोह में 38वें नेशनल गेम्स 2025 के 34 स्वर्ण पदक विजेता, 25 रजत और 23 कास्य पदक विजेता, कुल 82 पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ

भगवान गणेश, मां दुर्गा और महालक्ष्मी की प्रतिमाएं मिट्टी से ही निर्मित हों : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान गणेश सबके मनोरथ पूरे करें, कृपावंत का शुभाशीष सब पर बरसे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के पूजन से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश सबके मनोरथ पूर्ण करें। कृपावंत भगवान का शुभाशीष हम सब पर बरसे और हमारे प्रदेश में सुख-समृद्धि का सतत् संचार हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि भगवान गणेश, नवरात्रि में मां दुर्गा और दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं भी मिट्टी से ही निर्मित हो। इसके लिये जागरूकता अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं मिट्टी में ही समाहित हो जाती हैं, इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और गणेश चतुर्थी पर्व पर जन-जन को पवित्र माटी और गौमाता के गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहे और प्राकृतिक संतुलन भी अक्षुण्ण रहे। पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल है "माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में निहित संकल्पना पर केन्द्रित एक सचित्र पोस्टर का विमोचन भी किया। परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी की 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना करायी जायेगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संकल्पना गीत एवं पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर भी उपस्थित थे। सभी ने संकल्प लिया कि इस वर्ष घरों में केवल मिट्टी और गौमाता के गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं ही स्थापित की जाएंगी और इन प्रतिमाओं का विसर्जन भी नितांत प्राकृतिक तरीके से ही किया जाएगा। म.प्र. जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ ने बताया कि परिषद् ने नर्मदा समग्र संस्था के साथ "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान की नई पहल की है। परिषद् के प्रशिक्षित नेटवर्क द्वारा अपने ग्राम की महिलाओं को मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जायेगा, जिससे 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।  

मुख्यमंत्री जूनियर स्टेट लेवल बैडमिंटन चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में बैडमिंटन प्रति अच्छा वातावरण बन रहा है। उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम का विकास 11:45 करोड रुपए की लागत से किया गया है। आने वाले समय में यहां 50 करोड़ रुपए की लागत से एस्ट्रो टर्फ और पेवीलियन बनाए जाने की मंजूरी सरकार द्वारा दी गई है। यहां सिंथेटिक ट्रेक भी बनाया जाएगा। स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी में 1000 एकड़ जमीन उद्योगों की स्थापना के लिए आवंटित की गई है, आने वाले समय में 1000 एकड़ जमीन और दी जाएगी। विकास के मामलों में अब उज्जैन पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित जी एच रायसोनी मेमोरियल 58 वीं मध्यप्रदेश राज्य जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया और एसोसिएशन के सदस्यों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैडमिंटन चैंपियनशिप के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार वितरण किये। चैंपियनशिप के फाइनल में जीते खिलाड़ी मिक्स्ड डबल अंडर 17 कन्हैया शर्मा, कृतिका पाठक, मिक्स्ड डबल्स अंडर 19 ओम पटेल, कीर्ति तिवारी, बॉयज सिंगल अंडर 17 मेदांश शर्मा, बॉयज सिंगल अंडर 19 नैवेद्य तोंडे, गर्ल्स सिंगल अंडर 17 नित्या जादौन, बॉयज डबल अंडर 19 देव कुमावत, अंगद मुछाल, गर्ल्स डबल अंडर 19 आस्था शर्मा, कीर्ति तिवारी, गर्ल्स सिंगल अंडर 19 माही पवार, बॉयज डबल्स अंडर 17 शौर्य मिश्रा, अथर्व सक्सेना, गर्ल्स डबल अंडर 17 नित्या जादौन, नाविका सोमानी को ट्राफी प्रदान की गई। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित एसोसिएशन के राजेंद्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, अश्विन गुप्ता और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अंडर 19 के यहां के जो विनर हैं वे गोवा में बेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की टीम का नेतृत्व करेंगे। आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के सचिव अनुराग शर्मा ने किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सान्निध्य में जन अभियान परिषद करेगी दो अहम करार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में जन अभियान परिषद के साथ दो एमओयू होंगे साइन CM डॉ. यादव की मौजूदगी में जन अभियान परिषद और दो संस्थाओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सान्निध्य में जन अभियान परिषद करेगी दो अहम करार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद् द्वारा दो समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होंगे। पहला त्रिपक्षीय एमओयू जनअभियान परिषद्, दीनदयाल शोध संस्थान एवं राज्य आनंद संस्थान के मध्य होगा। इसका उद्देश्य आपसी प्रशिक्षण द्वारा प्रदेश में आनंद ग्रामों का विकास एवं सतत् विकास लक्ष्य आधारित ग्राम विकास अवधारणा के क्रियान्वयन के साझा पहल करना है। दूसरा द्विपक्षीय एमओयू जनअभियान परिषद् और नर्मदा समग्र भोपाल के मध्य होगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश में नदी संरक्षण के विविध आयामों पर मनःस्थिति और परिस्थिति बदलने के साझा प्रयास करना है। "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का होगा शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन अभियान परिषद के "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का सोमवार को शुभारंभ करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अभियान की संकल्पना पर केन्द्रित पोस्टर का विमोचन भी किया जायेगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुडी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी के गणेश की घर-घर स्थापना करायी जायेगी।  

रक्षाबंधन पर CM डॉ. यादव का संदेश: भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल

भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है रक्षाबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – रक्षाबंधन स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन पर CM डॉ. यादव का संदेश: भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल मुख्यमंत्री ग्राम तालोद और उज्जैन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुए शामिल उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत तालोद में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे रक्षाबंधन पर्व पर बहनों से मिले प्रेम और स्नेह से अभिभूत हैं। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। आज बहनों ने मुझे जो राखियाँ बांधी हैं वह सभी बहनों का प्रेम, विश्वास और सम्मान दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में सरकार निरंतर विकास के कार्य कर रही है। गाँवों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए निरंतर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। शासन ने द्वारा "एक पेड-माँ के नाम” अभियान से प्रेरित होकर "एक बगिया-माँ के नाम" योजना बनाई है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को हरा भरा बनाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुडी महिलाओं को उनकी निजी भूमि पर फलदार पौधों के बगीचे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार द्वारा बगिया में फलदार पौधे, खाद, गड्डे खोदने का खर्च, फेंन्सिग, सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर के जल कुंड बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को पूरे देश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रतिमाह प्रदाय की जाने वाली राशि में भी वृध्दि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन कर फल और मिठाई की टोकरी भेंट स्वरुप दी। मुख्यमंत्री ने बहनों से राखी बंधवाई और उन्हें परंपरा अनुसार सावन का झूला भी झुलाया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, सदस्य शोभाराम मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, राजेश धाकड, संजय अग्रवाल, रवि वर्मा, अमृत लाल कुमावत, लाल सिंह भाटी, दिनेश पटेल, अनिल मालवीय, गोपाल आंजना एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के अथर्व होटल में आयोजित लाडली बहना रक्षाबंधन उत्सव कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी बहनों का स्नेह उन्हें बीते कई वर्षों से प्राप्त हो रहा है। वर्ष में भाई-बहन के दो उत्सव आते हैं एक रक्षाबंधन और दूसरा भाई दूज। इस वर्ष दिवाली के बाद आने वाली भाई दूज से लाडली बहनों को 1250 रूपए के स्थान पर 1500 रूपए प्रति माह प्रदान किए जाएंगे। आने वाले वर्षों में बहनों को प्रदाय की जाने वाली राशि में और वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन, देवास और धार शहर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएगी। आने वाले दिनों में शहर में सदावल, पुलिस डीआरपी लाइन और दताना मताना में हेलीपैड होंगे। दताना मताना को हवाई अड्डे के रुप में भी विकसित किया जाएगा। श्रीमहाकालेश्वर और श्रीओमकारेश्वर ज्योर्तिलिंग को हवाई मार्ग से जोडा जाएगा। चिंतामण, पंवासा और विक्रम नगर रेलवे स्टेशन को भी विकसित किया जाएगा। लाल पुल से रामघाट, मंगलनाथ से सिद्धवट और शनि मंदिर से गउघाट तक नाव का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में उज्जैन में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से लगभग 20 हजार नागरिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। आने वाले दिनों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नए उद्योगो की स्थापना भी सतत की जा रही है। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें एवं नागरिक उपस्थित थे।  

उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों के मेधावी बच्चों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही है। यहां अध्ययन का अलग ही महत्व है। उन्होंने कहा कि वे उज्जैन में पहली बार पत्रकारों के मेधावी बच्चों के सम्मान के कार्यक्रम में उपस्थित होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मेधावी बच्चों से खूब पढ़ने और उज्जैन के साथ ही मध्यप्रदेश और देश का नाम रौशन करने की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सिटी प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा आयोजित समारोह में पत्रकारों के 50 से अधिक मेधावी बच्चों का सम्मान करने के बाद संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को पुष्पमाला पहनाई और सम्मान पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम को सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष शैलेंद्र कुल्मी ने संबोधित करते हुए इस अवसर को पत्रकारों और उनके परिवार को संबल बताया। इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्प समय में प्रदेश में जो विकास कार्य प्रारंभ किए हैं, वह अद्वितीय हैं। उन्होंने कहा कि आज के युग में शिक्षित होने के साथ-साथ प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है और जब पत्रकारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ते हैं, तो यह पूरी पत्रकार बिरादरी का सम्मान होता है। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, मुकेश यादव, रवि सोलंकी, दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में दी जायेगी 250 रूपये अतिरिक्त राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा: रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिलेंगे 250 रुपये अतिरिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार उज्जैन की "बेस्ट लाइफ स्टाइल" कम्पनी की बहनों ने बांधी मुख्यंमंत्री को राखी आने वाले समय में 4 हजार बहनों को मिलेगा कम्पनी में रोजगार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 07 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जायेगी, जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार कंपनी को नवीन जगह दे रही है, जहां बहनों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बेस्ट लाइफस्टाइल कंपनी उज्जैन में कार्यशील बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभा सिंटेक्स भी 7 हजार से अधिक बहनों को रोजगार दे रही है और यह बहने अपनी कार्य कुशलता से ऐसे उत्पाद बना रही हैं, जो सीधे अमेरिका को निर्यात किया जा रहा है। कंपनी ने 11 लाख यूनिट कपड़े बनाकर अमेरिका को निर्यात किये है, आने वाले समय में यह कंपनी 20 लाख यूनिट बनाकर निर्यात करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एकसी कर्मशील बहनों के चरणों में प्रणाम है, बहनें मेरे लिए सब कुछ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के कपड़ा मिलो से पहले में 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलता था, वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है और आने वाले समय में यह संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की उद्योग धंधे उज्जैन में आ रहे हैं। निवेशक हमारे प्रदेश के प्रति आकर्षित हो रहे हैं, निवेश कर रहे हैं हमें रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। यह देश-विदेश में हमारे लिए सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहने हमारे लिए ईश्वर की एक सौगात है। त्यौहारों का राजा रक्षाबंधन है, इस त्यौहार में बहने अपने भाइयों के लिए सब कुछ निछावर कर देती है। प्यार, सम्मान, दुलार और दूसरे परिवार में जाकर उनका सम्मान भी बढ़ाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी बहनों को इस बात का भी ध्यान रखना है कि यह कंपनी लगातार कार्य करती रहे और इस कंपनी में अपने समर्पण के साथ काम करें। इस कंपनी से हमें रोजगार मिलता है जीवन यापन का साधन मिल रहा है तो हमें भी समर्पण के साथ काम करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार इस कंपनी की बहनों को 5 हजार रूपये प्रदान कर रही है ऐसी भी और कई योजनाएं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सरकार और बेहतर काम करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कंपनी की बहनों ने राखी बांधी और तिलक लगाया। मुख्यमंत्री ने बहनों को उपहार प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित हजारों की संख्या में लाड़ली बहने उपस्थित रही।  

आपदा राहत दल द्वारा 432 बचाव अभियान चलाकर 3628 नागरिकों को किया गया रेस्क्यू

अतिवृष्टि से प्रभावितों के हर पल साथ है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत एवं बचाव के लिए उठाए जा रहे हैं सभी कदम आपदा राहत दल द्वारा 432 बचाव अभियान चलाकर 3628 नागरिकों को किया गया रेस्क्यू प्रभावितों को तेजी से बांटी जा रही है राहत राशि अब तक 28.49 करोड़ रूपए राहत राशि प्रभावितों को दी गई अतिवृष्टि से प्रभावितों को कोई कठिनाई न होने पाये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को दिये निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुछ जिलों में हाल ही में अतिवृष्टि हुई थी। राज्य सरकार ने अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को राहत देने में बेहद तत्परतापूर्ण कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अतिवृष्टि वाले जिलों में अब तक 3628 नागरिकों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि बारिश थमने के साथ कुछ नागरिक अपने-अपने घरों को चले गए हैं। परंतु अब भी 53 राहत शिविरों में 3065 प्रभावितों को रखकर उन्हें सभी प्रकार की जरूरी मदद जैसे खाना-पीना दवाइयां कपड़े आदि मुहैया कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अतिवृष्टि प्रभावित हर व्यक्ति के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि या बाढ़ प्रभावितों को कोई भी कठिनाई न आने पाये। जल्द ही जल्द सर्वे पूरा कर पीड़ितों को उनके नुकसान की समुचित भरपाई की जाए। अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टर्स द्वारा अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगातार यह प्रयास किए गए कि अतिवृष्टि से प्रदेश की जनता को किसी भी स्थिति में परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा है कि शासन संवेदनशील शासन वह होता है, जो हर समय समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए हमेशा उपलब्‍ध रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के तहत शासन द्वारा अतिवृष्टि/बाढ़ प्रबंधन की सभी तैयारियां पहले ही प्रारंभ कर दी गई थीं। मुख्य सचिव द्वारा विगत 9 जून को विस्‍तृत समीक्षा की गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी 22 जुलाई को सभी कलेक्टर्स को बाढ़ की पूर्व तैयारियों के संबंध में और जनता को लाभ पहुंचाने के दिशा-निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के पालन में शासन द्वारा वृहद स्तर पर तैयारियां की गईं। NDRF की टीमों को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और धार में तैनात किया गया। SDRF को प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया। पूरे प्रदेश में 259 संवेदनशील क्षेत्र चिन्‍हांकित करते हुए Disaster Response Centre स्थापित किए गए तथा 111 Quick Response Team तैनात की गयी। इन कार्यों में जन सामान्य को जोड़ने के लिए 3300 आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए थे कि आमजन को बाढ़ के खतरों के बारे में समय रहते सूचित किया जाये। इस कार्य के लिए राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के द्वारा लगातार रेड अलर्ट मोबाइल के माध्यम से भेजे गए। सिंचाई विभाग द्वारा विस्तृत व्यवस्थाएं की गई, जिससे बांधों के जल स्तर एवं छोड़े जाने वाले जल की जानकारी समय रहते कलेक्टर और संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाई जा सके। मौसम विभाग से मिली जानकारियों को भी सभी संबंधित अधिकारियों तथा बचाव दलों को लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सभी कार्यों की निगरानी के लिए 24 घंटे चलने वाले राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किए गए। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य शिविरों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रहें तथा 62 स्थानों पर अग्रिम खाद्यान्न का भण्डारण किया गया, जिससे आम जनता को आवश्यकता पड़ने पर किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। प्रदेश में अब तक लगातार 711.3 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है। यह सामान्य से अधिक वर्षा भी कम समय में तेजी से हुई है। मंडला में 1107 मिमी बारिश में से लगभग 51 प्रतिशत बारिश केवल 4 दिनों में हो गई है। प्रदेश के कुल 40 जिलों में सामान्‍य से अधिक वर्षा हुई है, शेष 9 जिलों में सामान्य वर्षा एवं 2 जिलों में सामान्‍य से कम वर्षा हुई है। अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के प्रभावित लगभग 254 ग्रामीण सड़कों में से 212 सड़कों में तत्‍काल सुधार कार्य किया गया है। बैरीकेड्स के जरिए ये सुनिश्चित किया गया कि इसके कारण कोई मृत्‍यु न हो। प्रदेश के सभी छोटे-बड़े बांधों में जलभराव में तो वृद्धि हुई है, किंतु समय रहते हुई गेट ऐसे खोले और बंद किए गए, ताकि कहीं भी कोई जन-हानि न हो एवं भविष्‍य में सिंचाई के पानी की उपलब्‍धता बनी रहे। प्रदेश के सभी बांधों की सतत् रूप से नियमित निगरानी की जा रही है। बाढ़ के बचाव के लिए आवश्यकतानुसार सेना की मदद ली जा रही है। भारत सरकार से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रदेश में दवाईयों, खाद्य सामग्रियों की पूर्ति सुनिश्चित कर दी गयी है। सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार बाढ़ आपदा में शासन ने बेहद संवेदनशीलता और तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर रेस्क्यू कार्यवाहियां की है। प्रदेश में अतिवृष्टि प्रभावित 2325 लोगों के लिए राहत शिविर अभियान चलाकर उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएँ/राहतें प्रदान की जा रही है। इन राहत शिविरों में दवाइयां, भोजन तथा पेयजल त्‍वरित रूप से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। इसके अलावा राजमार्ग एवं मुख्‍य मार्ग में 94 पुलियां क्षतिग्रस्‍त हुई थीं, लेकिन वैकल्पिक मार्ग तत्‍काल उपलब्‍ध कराये गए, ताकि आवागमन में कोई व्‍यवधान उत्‍पन्‍न न हो। प्रदेश में तैनात मोचन दलों/बचाव राहत दलों द्वारा 432 बचाव अभियान चलाए गए हैं, जिसमें 3628 नागरिकों तथा 94 मवेशियों को जीवित बचाया गया है। अतिवृष्टि से 47, नदी-नाले में दुघर्टनावश डूबने से 132, आकाशीय बिजली से 60 तथा दीवार/मकान/पेड़ गिरने से 13 लोगों की मृत्‍यु दर्ज हुई है। साथ ही 432 पशु हानि एवं 1200 मुर्गियां की मृत्‍यु हुई है और 128 मकानों को पूर्ण एवं 2333 मकानों को आंशिक क्षति हुई है। जिला कलेक्‍टर्स द्वारा प्रभावित व्‍यक्तियों को 28.49 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित कर दी गई है। शासन द्वारा लगभग 3600 करोड़ रूपए की व्‍यवस्‍था राहत मद में की गई है, … Read more