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प्रदेश के मुख्य शहरों में आधुनिक लांड्री खुलवाई जाएंगी, काम महिला स्व सहायता समूह करेंगे, सरकार आर्थिक रूप से मदद करेगी-मुख्यमंत्री यादव

भोपाल  आगामी समय में भोपाल, इंदौर और इनसे जुड़े बड़े शहरों के बीच नमो ट्रेन (namo train) चलेंगी। इनका स्ट्रक्चर मेट्रो ट्रेनों से अलग होगा। ये आम ट्रेनों की तरह ही चलेंगी। किराया बसों की तुलना में कम होगा। कम समय में गंतव्य तक पहुंचाएंगी। मुख्य शहरों में आधुनिक लांड्री भी खुलवाई जाएंगी। यह काम महिला स्व सहायता समूह करेंगे। सरकार इन्हें आर्थिक रूप से मदद करेगी। ये खुद भी कमाई से सक्षम बनेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (cm mohan yadav) ने इन नए कामों पर मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों को गुरुवार नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक में आगे बढ़ने को कहा है। रेल मंत्री से करूंगा बात सीएम ने अफसरों से कहा कि आप नमो रेल पर काम करें। मैं जल्द ही इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा करूंगा। केंद्र से इसके लिए मदद लेने के लिए प्रयास करेंगे। झुग्गी माफिया पर करें कार्रवाई सीएम ने अफसरों से कहा कि भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों में भी झुग्गियों का विस्तार हो रहा है। इसे हर हाल में रोकें। झुग्गी माफिया पर कार्रवाई करेंगे। यदि कोई जरूरतमंद व्यक्ति झुग्गी तान रहे हैं तो आवास योजना से जोड़ें। किफायती आवास उपलब्ध कराने अलग से योजना तैयार करें और उसे जमीन पर उतारें। बड़ा तालाब भोपाल की शान है, लेकिन अतिक्रमण नामक दीमक इसे चारों ओर से खा रही है। गंदे नालों का जुड़ाव इसके पानी में जहर खोल रहा है। सीएम ने कहा कि सर्वे कराएं और चुन-चुनकर अतिक्रमण (bhopal bada talab slums) हटाएं। कब्जा करने वाले किसी के साथ भी रियायत न बरती जाए। अफसर परिणाम नहीं ला पाए दो माह पहले सीएम ने भोपाल शहर के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में झुग्गीमुक्त शहर की बाल कही थी। तब भी बड़े तालाब किनारे से कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अफसर न तो झुग्गियां हटवाने की कार्रवाई कर पाए और न ही ताल किनारे से कब्जे हटवाए। चित्रकूट के लिए 2800 करोड़ रुपए की योजना नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम को बताया कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ का प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। रीडेसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाउसिंग बोर्ड से काम करने को कहा है। संकल्पों पर भी चर्चा सरकार पार्टी द्वारा लिए संकल्पों को पूरा करने में जुटी है। 2027 तक भोपाल-इंदौर मेट्रो लाइन का पूर्ण संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। 183 निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय चल रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसे उत्तारी जाएंगी। नगरीय क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनके लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत है। यह भी कहा शहरों में उद्यान विकसित करें। विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभीआवासीय परियोजनाओं में पौधरोपण को प्रोत्साहित करें।शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में बिल्डरों व कॉलोनाइजरों को जोड़ें।शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण करें। लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण

सबको शिक्षा ही हमारा विकास मंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम बनायेंगे प्रदेश का नया और उज्जवल भविष्य मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अगले साल से दिए जाएंगे और अपडेटेड लैपटॉप 15 साल में 4 लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रोत्साहन योजना का लाभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि अंतरण का राज्य स्तरीय समारोह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा मनुष्य के समग्र विकास की धुरी है और ‘सबको शिक्षा’ ही राज्य सरकार का विकास मंत्र है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने के हरसंभव प्रयास किए हैं। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को नई तकनीक और नई शिक्षा पद्धति से जोड़कर उनके उज्जवल भविष्य की नींव भी रखी जा रही है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर हम प्रदेश का एक बेहतर और स्वर्णिम भविष्य गढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लैपटॉप प्रोत्साहन राशि अंतरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले प्रदेश के 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय करने के लिए 235 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। योजना के तहत लैपटॉप खरीदने के लिए प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25-25 हजार रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उनके बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए हस्तांतरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले साल से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के स्थान पर 25 हजार रुपए मूल्य के और अधिक गुणवत्ता वाले अपडेटेड लैपटॉप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंच से 15 मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने खुद सेल्फी लेकर सभी बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रतिभाओं को सम्मान देना और स्वर्णिम भविष्य की संभावनों को पोषित करना और हर संभव सहायता करना प्रदेश सरकार का दायित्व है। योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले जिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि दी गई है, उनमें 60 प्रतिशत छात्राएं और 40 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां चुनौतियों को पार करते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। 15 साल पहले शुरू हुई इस योजना का लाभ अब तक 4 लाख 32 हजार से अधिक मेधावी विद्याथियों को मिल चुका है। इस दौरान राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण पर 1080 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि खर्च की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से लैस होकर बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। लैपटॉप सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि यह सुनहरे भविष्य की तैयारी का सशक्त माध्यम है। नई विधाएं, नए कौशल और नई सोच के साथ हमारे बच्चे अब प्रतिस्पर्धा की दौड़ में और भी आगे बढ़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को कापी-किताबें, गणवेश, सायकिल और स्कूटी भी दिलाई गई है और अब हम लैपटॉप भी दे रहे हैं। यह कदम विद्यार्थियों को डिजिटल एवं आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में बेहद मददगार सिद्ध होगा। शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों से रहा अधिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है और शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष शासकीय स्कूलों में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 52 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 48 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2025 में सरकारी स्कूलों के लगभग 49 हजार और निजी स्कूलों के 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ मिला है। यह योजना 2009 में शुरू की गई थी, तब 85 प्रतिशत प्राप्तांक की सीमा तय की गई थी और मात्र 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप राशि बांटी गई थी, लेकिन आज प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार 234 हो गई है। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर हाल ही में 15 हजार 600 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के लिए स्कूल में मिला पुरस्कार जीवन भर याद रहता है। पुरस्कार स्वरूप पुस्तकें भी दी जानी चाहिए, क्योंकि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी साथी होती हैं। मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में भी सहयोग कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूल से आगे उच्च शिक्षा में भी सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मेधावी छात्र-छात्राओं की मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार की ओर से भरी जा रही है। अगर कोई विद्यार्थी नीट प्रवेश परीक्षा पास कर लेता है, तो उसकी चिकित्सा शिक्षा नि:शुल्क हो जाती है। पूरे कोर्स की करीब 80 लाख रुपये फीस राज्य सरकार भर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, इस वित्त वर्ष के अंत तक प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। अगले 2 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 तक पहुंचाने का हमारी सरकार का लक्ष्य है। विद्यार्थी किसी भी कोर्स की पढ़ाई करना चाहें, सरकार सदैव उनके साथ खडी है। मुख्यमंत्री ने आहवान किया कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें लिखें, आगे बढ़ें परन्तु अपने गृह प्रदेश से प्रेम करें और अपने लोगों की सेवा करने का जज्बा जरूर रखें। मातृ भूमि को हमेशा याद रखना चाहिए। सरकारी स्कूलों से निकल रहे गुदड़ी के लाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सीमित संसाधन होते हुए भी कई गुदड़ी के लाल सामने आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वे स्वयं और मंत्रिमंडल के सभी साथियों ने सरकारी स्कूलों में ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की है। सरकारी स्कूलों से ही देश को गुदड़ी के लाल मिले हैं। सरकारी … Read more

सीएम मोहन यादव स्टूडेंट्स को दिया मेगा गिफ्ट, 94,234 छात्रों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि बैंक खातों में की ट्रांसफर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 4 जुलाई को राज्य के 94,234 मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। यह राशि “प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना” के तहत दी जा रही है। इस योजना के लिए राज्य सरकार कुल 238 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह भी पहुंचे है। 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को मिली राशि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को यह लाभ मिला। योजना के तहत छात्रों को सीधे उनके बैंक खाते में ₹25,000 की राशि भेजी जाती है ताकि वे अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकें। इस साल 94 हजार 234 छात्रों को कुल ₹235.58 करोड़ की राशि दी गई। सीएम ने कहा- यह आर्थिक मदद नहीं, प्रतिभा का सम्मान है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की मेधा शक्ति को सम्मान देने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि आज के युग में तकनीक सफलता की कुंजी है, और एक लैपटॉप छात्रों को भविष्य संवारने में मदद कर सकता है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे। पिछले साल भी 89 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली थी राशि 2023-24 में सरकार ने 89,710 छात्रों को ₹224.27 करोड़ की राशि दी थी। यह योजना वर्ष 2009-10 से लागू है। पिछले 15 वर्षों में अब तक 4.32 लाख विद्यार्थियों को लगभग ₹1,080 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस अवसर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देवास में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, शहडोल में राजेन्द्र शुक्ल, सिवनी में करण सिंह वर्मा, सिंगरौली में संपतिया उइके, और ग्वालियर में तुलसीराम सिलावट सहित अन्य मंत्रीगण, सांसद और विधायक उपस्थित रहेंगे।  

मुख्यमंत्री यादव आज अनूपपुर और सिंगरौली में आयोजित कार्यक्रम में 950 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे

अनूपपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 जुलाई को अनूपपुर जिले में 443.31 करोड़ रूपये लागत के 114 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण और सिंगरौली में आयोजित कार्यक्रम में 503 करोड़ 9 लाख 19 हजार रूपये लागत के 54 विकास कार्यों की सौगात देंगे। कोतमा में लोकार्पण-भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव अनूपपुर जिले के कोतमा में आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन एक, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 28, राजस्व के एक, लोक शिक्षण/स्कूल शिक्षा के 2, राज्य शिक्षा केंद्र के 21, लोक निर्माण विभाग के 2, नगरीय प्रशासन एवं विकास के 3, जनजातीय कार्य के एक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के एक और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के एक कुल 61 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। जिनकी अनुमानित लागत 365.39 करोड़ रुपये है। साथ ही 9 विभागों के 53 कार्यों जिनकी लागत 77.92 करोड़ रुपये है का लोकार्पण करेंगे।   सिंगरौली जिले में लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री सिंगरौली जिले के सरई में हायर सेकण्डरी स्कूल परिसर में जनजातीय और महिला सम्मेलन में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री सम्मेलन में सिंगरौली जिले को 503 करोड़ 9 लाख 19 हजार रुपए के 54 निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। समारोह में मुख्यमंत्री 104 करोड़ 67 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 20 निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री 398 करोड़ 41 लाख 93 हजार रुपए की लागत के 34 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंगरौली जिले में सांदीपनि हायर सेकण्डरी स्कूल चकरिया एवं हिरवाह, विद्युत सब स्टेशन हरफरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 8 सड़कों का डामरीकरण, कालेज भवन बरगवां, लोक सेवा केन्द्र माड़ा एवं सरई और आयुष विंग के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 सड़क, मेडिकल कालेज में 400 बिस्तर के अस्पताल भवन, एकल नल जल योजनाओं, नगर निगम सिंगरौली में सड़क निर्माण, नाली निर्माण सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के 13, विधानसभा क्षेत्र सिंगरौली के 25, विधानसभा क्षेत्र देवसर के 15 तथा विधानसभा क्षेत्र धौहनी के एक निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे।  

मुख्यमंत्री यादव ने उज्जैन की बिटिया, अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी कु. प्रियांशी प्रजापति ने भेंट की, वियतनाम में जीता गोल्ड मेडल

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में उज्जैन की बिटिया, अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी कु. प्रियांशी प्रजापति ने भेंट की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में वियतनाम में सम्पन्न एशियाई कुश्ती चैंम्पियनशिप में प्रियांशी ने अंडर- 23 श्रेणी में गोल्ड मैडल प्राप्त कर मध्यप्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभाशाली बिटिया प्रियांशी को इस उपलब्धि के लिए शाबाशी और बधाई देते हुए कहा कि कु. प्रियांशी प्रजापति को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। इस क्रम में पूर्व में भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि के साथ ही विभिन्न सेवाओं में लेने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट और राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सदैव इसी तरह प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर श्री रवि सोलंकी, मप्र कुश्ती संघ के सह सचिव श्री विजय चौधरी, उज्जैन जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष श्री उमेश ठाकुर , सचिव श्री सुरेंद्र यादव, उपाध्यक्ष श्री मुकेश प्रजापति और श्री सावन बजाज उपस्थित थे। गृह नगर उज्जैन से लेकर राजधानी भोपाल तक प्रियांशी को बधाइयां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रियांशी का स्वागत किया। भोपाल के अलावा उज्जैन में भी प्रियांशी के स्वागत के लिए सभी लालायित हैं। जहां जिला प्रशासन उज्जैन, खेल विभाग एवं कुश्ती प्रेमियों ने भी प्रियांशी को बधाई दी है, वहीं खेल जगत में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी की उपलब्धि से प्रसन्नता का वातावरण है। प्रियांशी को 11 वर्ष की उम्र से ही कुश्ती का शौक रहा है। प्रियांशी की बड़ी बहन नुपुर भी कुश्ती की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रही हैं। प्रियांशी ने विभिन्न स्पर्धाओं में पहले भी मैडल प्राप्त किए हैं। इनमें वर्ष 2018 में अंडर-15 श्रेणी में जापान में चौथा स्थान, वर्ष 2020 में सीनियर फेडरेशन कप पंजाब में गोल्ड मैडल, वर्ष 2022 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप बुल्गारिया में तीसरा स्थान, वर्ष 2023 जूनियर वर्ग में ही में जॉर्डन एशियाई चैंपियनशिप में तीसरा स्थान और वर्ष 2025 में सीनियर वर्ग में एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल प्राप्त कर मध्यप्रदेश एवं राष्ट्र का नाम गौरवान्वित किया है। प्रियांशी आगामी 29 जुलाई को तुर्की में आयोजित होने वाली 53 किलो वर्ग में रैंकिग सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेने जाएंगी और भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रियांशी अपने पिता रेसलर श्री मुकेश बाबूलाल प्रजापति के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं।  

मध्यप्रदेश में खत्म होगा प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का इंतजार, सीएम आज विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार 4 जुलाई को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप वितरित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक अर्जित करने वाले प्रति विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की राशि लैपटॉप क्रय करने के लिये उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस वर्ष 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिये 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपये की राशि दी जा रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक सहभागिता करेंगे। प्रदेश में पिछले वर्ष 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की गयी थी। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है। पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिये अंतरित की जा चुकी है।  इस बारे में राज्य सरकार की तरफ से जारी प्रेसनोट के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग की इस प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत सालाना कार्यक्रम इस हफ्ते आयोजित होगा। जिसमें राज्य सरकार मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा उससे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को 25 हजार रुपए की राशि लैपटॉप खरीदने के लिए उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी। इस वर्ष इस योजना के अंतर्गत 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाने हैं, और इसके लिए सरकार कुल 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपए खर्च करेगी और यह रकम उनके खाते में ट्रांसफर करेगी। कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से ज्यादा विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहेंगे। प्रदेश में पिछले साल 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। बता दें कि मध्य प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है। पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिए ट्रांसफर की जा चुकी है। एक साल में दूसरी बार वितरण लैपटॉप(Laptop Distribution) के लिए राशि बांटने का काम साल में दूसरी बार है। 21 फरवरी को आयोजन हुआ था। इसमें 89 हजार 710 बच्चों राशि दी गई। ये वे बच्चे थे जिन्होंने 2024 में कक्षा बारहवीं पास की थी। अभी 2025 में परीक्षा पास करने वाले के लिए कार्यक्रम होगा। इसमें 94 हजार बच्चों को शामिल गया है। राजधानी के बच्चों की सूची विभाग को दे चुके हैं। बैंक खाते अपडेट कर बच्चों को सूचित कर दिया गया है।– नरेन्द्र अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकार पिछले साल बांटे थे 224 करोड़ रुपए प्रदेश के 94 हजार छात्रों को 235 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे। इनमें 10 करोड़ भोपाल के शामिल हैं। पिछले साल प्रदेश में 89 हजार 700 स्टूडेंट को राशि दी गई। उन्हें 224 करोड़ रुपए बांटे गए थे। योजना 2010 में शुरू हुई थी। पहले 85 प्रतिशत या इससे अधिक प्रतिशत लाने वाले बच्चों को फायदा दिया जाता था। बाद में दस प्रतिशत कम कर दिए गए।

नगरीय क्षेत्रों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नगरीय क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने कार्य-योजना बनाई जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के दृष्टिगत किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित हो नगरीय क्षेत्रों में उद्यानों और नगर वनों के विकास को प्रोत्साहित किया जाए सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को दें विशेष महत्व भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का करवाएं सर्वेक्षण दीनदयाल रसोई योजना के प्रबंधन में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से, लोगों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित करने कार्य-योजना बनाई जाए। नगरीय क्षेत्र में पर्यावरण की बेहतरी के लिए उद्यानों को विकसित करना और विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में देश के प्रतिष्ठित बिल्डर्स एंड कॉलोनाईजस को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण तत्काल किया जाए। अंतर्शहरी क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार के लिए नमो ट्रेन की योजना तैयार की जाए। जल्द ही इस पर केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा कर मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में मीट-मछली के दुकानदारों को व्यवस्थित करने और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकायों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक क्षेत्रों में दीनदयाल रसोई योजना के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकारी मदद के साथ स्वंयसेवी संस्थाओं और निजी दानदाताओं की मदद ली जाए। शहरी क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय के स्व-सहायता समूह तैयार कर उन्हें आधुनिक लॉण्ड्री शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं अन्य योजनाओं में तैयार किए गए आवासों के आधिपत्य बनने के साथ ही सौंपे जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए जरूरी है कि शहरी क्षेत्रों में आरक्षित भूमि चयनित कर 'नगर वन' अधिक से अधिक विकसित किए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय बैठक में प्रमोशन प्रक्रिया की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को तय समय-सीमा में प्रमोशन दिया जाए। इससे रिक्त होने वाले पदों पर अभी से भर्ती की प्रक्रिया की कार्य-योजना तैयार कर ली जाए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ रूपए की कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ रूपए का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रीडेंसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाऊसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की एक करोड़ 30 लाख लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 55 हजार आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में अब तक 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए हैं। बैठक में संकल्प-पत्र के बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि संकल्प बिन्दु के अनुसार वर्ष 2027 तक भोपाल और इंदौर मेट्रो लाईन का पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ रूपए की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। बताया गया कि 183 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के मुद्दे पर चर्चा की गई। नगरीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति और सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पर करीब 11 हजार करोड़ रूपए की राशि मंजूर हुई है। ई-गवर्नेंस-ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर चर्चा करते हुए इसके विस्तार के संबंध में निर्देश दिए गए। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 36 जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य पूर्ण किया गया है और 38 हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं। विभिन्न नगरीय निकायों में 3963 रैनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं निर्मित की गई है। इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में एक्विफायर मैनेजमेंट और गंदे पानी के शोधन के लिए 30 नालों की कार्ययोजना तैयार की गई।  

CM यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप की राशि अंतरित करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार 4 जुलाई को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह की भी गरिमामय उपस्थिति रहेगी। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक अर्जित करने वाले प्रति विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की राशि लैपटॉप क्रय करने के लिये उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस वर्ष 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिये 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपये की राशि दी जा रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक सहभागिता करेंगे। प्रदेश में पिछले वर्ष 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की गयी थी। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है। पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिये अंतरित की जा चुकी है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण के भोपाल में होने वाले राज्यस्तरीय आयोजन का जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में सीधे प्रसारण करवाने की व्यवस्था भी की गई है। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में मंत्रिगण, जिला पंचायत अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे मंत्रीगण जिला मुख्यालयों पर होने वाली प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण समारोह में मंत्रीगण शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा देवास, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शहडोल, मंत्री करण सिंह वर्मा सिवनी, संपतिया उइके सिंगरौली, तुलसीराम सिलावट ग्वालियर, एंदल सिंह कंषाना दतिया, सुनिर्मला भूरिया मंदसौर, गोविंद सिंह राजपूत गुना, विश्वास सारंग हरदा, नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, नागर सिंह चौहान आगर-मालवा, प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी, राकेश शुक्ला अशोकनगर, चेतन्य कुमार काश्यप राजगढ़, इंदर सिंह परमार दमोह, धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी खंडवा, दिलीप जायसवाल सीधी, गौतम टेटवाल उज्जैन, लखन पटेल विदिशा, नारायण सिंह पंवार रायसेन, नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल, श्रीमती प्रतिमा बागरी डिंडोरी, दिलीप अहिरवार अनूपपुर, श्रीमती राधा सिंह मैहर से कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह सतना, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े सागर, सुधीर गुप्ता नीमच, शंकर लालवानी इंदौर, गजेन्द्र पटेल बड़वानी, ज्ञानेश्वर पाटिल बुरहानपुर, शिवमंगल सिंह तोमर मुरैना, दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, श्रीमती संध्या राय भिंड, आशीष कुमार दुबे जबलपुर, जनार्दन मिश्रा रीवा में शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायकगण भी शामिल होंगे प्रदीप पटेल मऊगंज, शिवनारायण सिंह उमरिया, बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, अनिल जैन निवाड़ी, कमलेश शाह छिंदवाड़ा, गौरव सिंह पारधी बालाघाट, श्रीमती नीना वर्मा धार के कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिला मुख्यालय पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चंद्रवंशी रतलाम, सुसुनीता रमेश मेहरा कटनी, श्रीमती हाजरीबाई खरत अलीराजपुर, श्रीमती विद्या अग्निहोत्री छतरपुर, श्रीमती अनुबाई तंवर खरगोन, श्रीमती रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा सीहोर, श्रीमती ज्योति काकोड़िया नरसिंहपुर, दीपक कुशराम मंडला में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही सीताराम आदिवासी उपाध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण श्योपुर, संदीप घाटोडे अध्यक्ष नगरपालिका पांढुर्णा और श्रीमती कविता सिंगार अध्यक्ष नगर पालिका परिषद झाबुआ के कार्यक्रम में शामिल होंगे।  

बिजली सबकी जरूरत है, सबको जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्मार्ट मीटर लगवाएं और 20 प्रतिशत सस्ती बिजली पाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए साल भर चलाएं मेंटीनेंस गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ऊर्जा विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली सबकी जरूरत है। सबको जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिजली सस्ती दरों पर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर मॉडल सबसे अच्छा है, इसलिए विद्युत उपभोक्ताओं के हित में सबके घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। इससे उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत सस्ती दर पर बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें उपभोक्ता को खुद की खपत का आंकलन कर ऊर्जा का अपनी सुविधानुसार उपयोग कर अपने बिजली बिल की राशि को कम से कम करने की सुविधा भी मिलती है। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्मार्ट मीटर लगाने की गति को और तेज करने के निर्देश दिये। बताया गया कि प्रदेश में 1.34 करोड़ घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 21 लाख से भी अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मई-जून में विभिन्न स्थानों पर हुए विद्युत अवरोधों पर चर्चा करते हुए कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए साल भर मेंटीनेंस गतिविधियां चलाई जाएं, ताकि आंधी, पानी या अन्य किसी घटना के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कहा कि मेंटीनेंस गतिविधियों में नई एप्रोच के साथ नए उपाय किए जाएं। नये उपकरण क्रय किये जाएं। जहां घने पेड़ हैं, उनके नीचे से गुजरने वाले बिजली के तारों में कोटिंग कराएं। पॉवर/लाईन लॉसेस कम से कम करें और ऊर्जा की बचत के सभी तरीकों पर गंभीरता से अमल करें। विद्युत उपभोक्ताओं को सोलर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रेरित करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घरेलू हो या औद्योगिक सभी जगह विद्युत का उपयोग बढ़ रहा है। इसलिए घरेलू और औद्योगिक संस्थानों को सोलर पॉवर के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली स्वयं पैदा कर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विद्युत उपयोग को भी सोलर पॉवर से चलित पम्पों पर शिफ्ट किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरत वाले जिलों में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट की स्थापना के लिए विभागीय नीति तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को सर्वाधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग मिलकर प्रयास करें। बिजली कंपनियों को दो वर्ष में लाएं लाभ की स्थिति में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले दो साल में तीनों विद्युत वितरण कंपनियां लाभ की ‍स्थिति में आ जाएं इसके लिए विद्युत कंपनियां अपनी आय के साधन बढ़ाने के प्रयास करें। नई तकनीक इस्तेमाल करें, नवाचार करें, ताकि कंपनी के साथ-साथ उपभोक्ताओं को फायदा मिले। रबी सीजन में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रबी 2025-26 के लिये पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके लिये अभी से तैयारियां शुरू करें। बैठक में बताया गया कि रबी सीजन में लगभग 20200 मेगावॉट विद्युत मांग संभावित है। गत वर्ष यह मांग 18 हजार 913 मेगावॉट थी। वन टाइम सेटलमेंट स्कीम ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली बिल की बकाया राशि के समाधान के लिए विभाग द्वारा वन टाइम सेटलमेंट स्कीम प्रारंभ की जा रही है। घरेलू, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को उनकी मूल बिजली बिल राशि में अधिभार की छूट देकर बकाया राशि जमा करने की सुविधा दी गई है। यह स्कीम छह माह की अवधि के लिए लागू की जाएगी। इस अवधि के बाद भी बिजली बिल भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तओं का विद्युत कनेक्शन विच्छेदित कर दिया जाएगा। उन्होंने विद्युत वितरण कम्पनियों के नये सेटअप के संबंध में भी चर्चा की। तोमर ने मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा विभाग के विभिन्न प्रस्तावों की स्वीकृति पर उनका आभार व्यक्त किया। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मंडलोई ने बताया कि दूसरे राज्यों की तुलना में ऊर्जा के प्रमुख सूचकांकों में (संग्रहण दक्षता में) मध्यप्रदेश देश में पहले नम्बर पर है। प्रदेश में 97.92 प्रतिशत संग्रहण क्षमता हासिल की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग ने वर्तमान वित्त वर्ष के साथ-साथ अगले तीन वर्षों के लिए अपने लक्ष्य तय कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 तक ऊर्जा विभाग बिजली दर टैरिफ में कमी लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इसी दौरान विभाग बिल दक्षता 90 प्रतिशत, संग्रहण दक्षता 99 प्रतिशत और एटी एण्ड सी हानि को 14 प्रतिशत तक कम कर लेने के लक्ष्य के लिए प्रयासरत है। पीएम जन-मन में शत प्रतिशत परिवारों को विद्युतिकृत करने का लक्ष्य बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा ने बताया कि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के 29 हजार 290 परिवारों के घरों को शत प्रतिशत विद्युतीकरण कर देने का लक्ष्य लिया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 21 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों के घरों को विद्युतीकृत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के 55 हजार 795 परिवारों के घरों को भी शतप्रतिशत विद्युतिकृत करने की विभाग की योजना है। यह लक्ष्य इसी वित्त वर्ष में प्राप्त लिया जाएगा। प्रदेश के छह महानगरों में खोले जाएंगे एक-एक विद्युत पुलिस थाने अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा पुलिस संरचना स्थापित की जाएगी। पहले चरण में प्रदेश के छह महानगरों में एक-एक (कुल छह) विशेष विद्युत पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। आगामी वर्षों में सभी जिला मुख्यालयों में यह पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। ये पुलिस थाने चेकिंग अभियान के दौरान चेकिंग दस्तों को सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे। औचक निरीक्षण करेंगे और केस डायरी भी तैयार करेंगे। विद्युत अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे और अदालती कार्यवाही का अवलोकन भी करेंगे ताकि डिस्कॉम की सम्पत्ति की सुरक्षा और बकाया राशि की वसूली के लिए बकाया वसूली अधिनियम के तहत कार्यवाही करेंगे। … Read more

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल में स्थापित किए जाने पर सैंद्धातिक स्वीकृति

ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण योजना के क्रियान्वयन के लिए 4 हजार 572 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल में स्थापित किए जाने पर सैंद्धातिक स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में एक ऐसे ग्राम का चयन किया जाएगा जिसकी वर्तमान जनसंख्या न्यूनतम 2000 हो एवं गौ-वंश की न्यूनतम संख्या 500 हो। ऐसे ग्रामों को मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम के रूप में विकसित कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। ये ग्राम आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के अन्य ग्रामों के समक्ष विकास का आदर्श प्रस्तुत करेंगे। इस योजना के अंतर्गत गौ-पालन एवं डेयरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, चारागाह विकास, अधोसंरचना विकास, स्वरोजगार सहित ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किये जाने का निर्णय लिया गया। राज्य शासन की अवधारणा है कि प्रदेश में कुछ ग्राम इस प्रकार विकसित किये जायें ताकि वे आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के समस्त ग्रामों के लिए उदाहरण बनें तथा अन्य ग्राम इन चयनित ग्रामों से प्रेरित होकर स्वयं भी आत्मनिर्भरता और चहुँमुखी विकास की ओर अग्रसर हों। इन चयनित ग्रामों में विभिन्न विभागों के अन्य विकास कार्यों के साथ मुख्य रूप से गौवंशीय एवं अन्य दुधारू पशुओं के पालन, दुग्ध-उत्पादन एवं डेयरी विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा। जहां स्वच्छता एवं हरियाली के साथ-साथ गौसेवा और आध्यात्मिकता से समन्वित आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रत्यक्षतः दृष्टिगोचर हो और ग्राम "वृन्दावन" के रूप में साकार हो सके। मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के उद्देश्यों में गौपालन एवं डेयरी विकास को बढ़ावा देना। ग्राम को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ सहकारिता के माध्यम से दुग्ध व्यवसाय का प्रसार करना, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो सके। पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण तथा सौर ऊर्जा संबंधी गतिविधियों को जनभागीदारी से क्रियान्वित करना, चारागाह विकास, ग्राम में अधोसंरचना विकास, ग्रामीण परिवारों का रोजगार/स्वरोजगार आधारित आर्थिक सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों को अपनाते हुए सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना है। चयनित वृन्दावन ग्राम में विभिन्न विभागों के माध्यम से जो सुविधाएं उपलब्ध करायी जाना है, वे 6 श्रेणियों में होगी। चयनित वृन्दावन ग्राम में अधोसरंचना के लिए गौशाला, ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, आँगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल भवन, यात्री प्रतीक्षालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, पुस्तकालय, सर्वसुविधायुक्त आजिविका भवन/ग्रामीण आजीविका के लिए वर्कशेड, पशु चिकित्सालय, ग्राम तक कनेक्टिविटी, ग्राम के अंतर्गत आंतरिक सड़कें/नाली, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान एवं गोडाउन, हर घर जल (सोलर उर्जा आधारित पम्प के माध्यम से), ग्रामीण उद्योग आधारित आर्ट एण्ड क्राफ्ट सेंटर, बायोगैस सयंत्र, शांतिधाम निर्माण, गौ-समाधि स्थल, सेग्रीगेशन शेड, जल निकासी के लिए नाली, कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, ग्राम में विद्युत प्रवाह के लिए सौर उर्जा एवं गैर परम्परागत उर्जा क्षेत्र में विकास, पात्र परिवारों के लिये जलवायु अनुकूल आवास तथा (व्यक्तिगत शौचालय), सार्वजनिक उद्यान (पार्क), सार्वजनिक शौचालय, सिंचाई स्रोत विकास एवं ड्रिप एरीगेशन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। आजीविका संबंधी गतिविधियों में नंदन फलोद्यान, पोषण वाटिका, दुग्ध कलेक्शन सेंटर, लघु वनोपज आधारित लघु उद्योग, कृषि/फल उपज आधारित उद्योग, ग्राम में उपलब्ध कौशल आधारित सेवाओं के विकास की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। वाटर कनजर्वेशन संबंधी जल संचयन संरचनाएं, रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग, नलकूप रिचार्ज, डगवेल रिचार्ज, स्टॉप डेम/चेकडेम, तालाबों का संरक्षण इसी प्रकार पंचायत सशक्तिकरण संबंधी में स्वयं की आय के स्रोत का विकास तथा ई-पंचायत /CSCकी सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। विशेष लक्ष्य में प्राकृतिक कृषि, धार्मिक स्थलों / भूमियों का संरक्षण, घर से कचरा उठाने स्वच्छता वाहन, ग्रे वाटर मैनेजमेंट, मल-कीचड प्रबंधन, राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करना, शत प्रतिशत समग्र ईकेवाइसी, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे, ग्राम के आर्ट एवं क्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए हस्तशिल्प कला केन्द्र, ग्राम की शालाओं/आंगनबाडियों में अध्यनरत बच्चों के लिये पौष्टिक भोजन, अतिक्रमण मुक्त ग्राम तथा ग्राम की स्थानिक योजना की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण योजना के क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य मद अंतर्गत क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक 1766 पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 4 हजार 572 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण किया जाकर बारहमासी संपर्क सुविधा प्रदान की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनीटिरिंग के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को समुचित निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किये जाने की स्वीकृति दी गयी। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, की स्थापना भोपाल में किए जाने की सैंद्धातिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर के परिसर (Campus) की स्थापना भोपाल में किए जाने के लिए सैंद्धातिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्ववि‌द्यालय (आरआरयू) की स्थापना के लिए तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष एक करोड़ 5 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्ववि‌द्यालय के स्थायी परिसर के लिए राजीव गांधी प्रौ‌द्योगिकी विश्ववि‌द्यालय (आरजीपीवी), भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ भूमि को विभाग स्तर से हस्तांतरित किया जायेगा। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्ववि‌द्यालय के स्थाई भवन का निर्माण पूर्ण होने तक राजीव गांधी प्रौ‌द्योगिकी विश्ववि‌द्यालय में उपलब्ध भवन को अस्थायी रूप से राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए उपलब्ध कराये जाने का अनुमोदन किया गया। इसके स्थापित होने से राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार एवं कौशल, विशिष्ट उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा में वृद्धि, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के मध्य सहयोग में वृद्धि होगी। विभागीय छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए मेस संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के विभागीय छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए मेस संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। विभाग के छात्रावास की संख्या 108, विद्यार्थियों की संख्या 9050 है। इसके लिए 14 करोड़ अनावर्ती तथा 17 करोड़ आवर्ती व्यय कुल 31 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुल 1266 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए … Read more