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लाल किला बना सुरक्षा अलर्ट का केंद्र, चूक पर 7 पुलिसकर्मी नपे

नई दिल्ली स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा से जुड़ी दिल्ली से बड़ी खबर आई है। दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा में तैनात एक हेड कांस्टेबल समेत 7 पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि लाल किले में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम को लेकर हर रोज पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मॉक ड्रिल करती है। शनिवार को भी एक ड्रिल की गई। इसमें दिल्ली पुलिस स्पेशल स्टाफ की एक टीम सिविल ड्रेस में डमी बम के साथ लाल किला परिसर में दाखिल हुई। लेकिन लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम का पता नहीं लगा सके जिसके बाद सुरक्षा में तैनात सभी 7 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया। तत्काल प्रभाव से पुलिसकर्मी सस्पेंड स्पेशल सेल की एक टीम शनिवार को सादे कपड़ों में डमी बम के साथ लाल किले परिसर में दाखिल हुई। उस समय, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम का पता नहीं लगा सके। इसलिए उन पर एक्शन हुआ है। लाल किले की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक का मामला होने से सात पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही बाकी जवानों को डीसीपी राजा बांठिया ने सख्त हिदायत दी।  तत्काल प्रभाव से संबंधित सभी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर इस चूक के बाद तत्काल प्रभाव से संबंधित सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है. डीसीपी का कहना है कि ये सुरक्षा में नहीं है, इस तरह हम अपनी तैयारी को और पुख्ता कर रहे हैं. वहीं, सोमवार को लाल किले में घुसपैठ कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनको बांग्लादेशी दूतावास को सौंपकर डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पूछताछ में फिलहाल कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है. सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. 15 अगस्त को लेकर लाल किले की सुरक्षा अभूतपूर्व -डीसीपी राजा बांठिया डीसीपी राजा बांठिया का कहना है कि 15 अगस्त को लेकर लाल किले की सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है. रात-दिन पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं. किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति की आवाजाही सख्ती से प्रतिबंधित है. खासकर आईआईटी गेट, नेटा गेट, लोहे वाले गेट समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर ट्रिपल लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है. उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा घेरा और सतर्कता आने वाले दिनों में और बढ़ाई जाएगी. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण व सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके. लाल किला में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे 6 बांग्लादेशी वहीं लाल किले की सुरक्षा से जुड़ी एक और खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर में जबरन घुसने के आरोप में 6 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनकी उम्र करीब 20-25 साल बताई जा रही है। ये सभी अवैध बांग्लादेशी हैं जो दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मजदूरी करते हैं। आरोपियों के पास से बांग्लादेशी दस्तावेज मिले  पुलिस को इनके पास से बांग्लादेशी दस्तावेज मिले हैं। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इनका लाल किले में घुसने का मकसद क्या था।

‘साड़ी गुरु’ बनी यूपी पुलिसवाली, विदेशी महिलाओं को सिखाई भारतीय परंपरा

आगरा  ताजमहल का पश्चिमी गेट. पर्यटकों की भीड़, संगमरमर की चमक, और उसके बीच नीली-गुलाबी साड़ी में इटली से आईं दो महिलाएं एलिसिया और ब्रूना. हवा तेज़ थी, साड़ी उड़ रही थी. पल्लू बार-बार नीचे गिर रहा था. उन्होंने कई बार कोशिश की, प्लेट्स बनाईं, लेकिन साड़ी सही नहीं हो रही थी. आसपास मौजूद लोग वीडियो बनाने , लोग लेकिन किसी ने पास आकर मदद नहीं की. तभी सामने आई यूपी पुलिस की महिला सिपाही लक्ष्मी देवी. लक्ष्मी न तो घबराईं, न झिझक दिखी. एक प्यारी-सी मुस्कान के साथ उन्होंने कहा May I help you? इसके बाद शुरू हुआ वो लम्हा, जो उन दोनों विदेशी मेहमानों की पूरी इंडिया ट्रिप का सबसे यादगार हिस्सा बन गया. लक्ष्मी देवी ने बड़े ही आत्मीय ढंग से दोनों की साड़ी संभाली. प्लेट्स बनाईं, पल्लू को सलीके से कंधे पर टिकाया और उन्हें सिखाया कि चलना कैसे है, बैठना कैसे है ताकि साड़ी पैर में न आए, और पूरे वक्त आरामदायक भी रहे. दोनों ने खूब सवाल भी किए  एलिसिया ने पूछा, आप रोज साड़ी पहनती हैं इस पर लक्ष्मी मुस्कराईं और कहा कि त्योहारों पर, घर में, और कभी-कभी ड्यूटी पर भी. हमारी वर्दी में भी साड़ी होती है. लक्ष्मी ने जब बताया कि पल्लू का मतलब गरिमा से है, और प्लेट्स अनुशासन की तरह होती हैं तो एलिसिया और ब्रूना की आंखों में जिज्ञासा और सम्मान साथ दिखा. ब्रूना ने कहा कि अब समझ में आया, भारतीय महिलाएं साड़ी में इतनी सहज और सुंदर कैसे लगती हैं. यह कपड़ा नहीं, एक संस्कृति है. लोग देखते रहे, पर लक्ष्मी ने जो किया, वो दिल छू गया इस पूरी प्रक्रिया को कोई रिकॉर्ड कर रहा हो या नहीं, फर्क नहीं पड़ता. जो दृश्य था, वो सीधे विदेशी मेहमानों के दिल में दर्ज हो चुका था. ताजमहल की छाया में, दो विदेशी सैलानी और एक भारतीय महिला पुलिसकर्मी तीनों के बीच भाषा अलग थी, लेकिन भाव और सम्मान एकदम एक से. सिर्फ स्मारक नहीं, अनुभव था ये एलिसिया और ब्रूना भारत भ्रमण पर थीं. दिल्ली देख चुकी थीं, अब आगरा आईं और आगे उनका रुख जयपुर की ओर था. लेकिन उनके मुताबिक, “ताजमहल सुंदर है, लेकिन हमें जो सबसे प्यारा अनुभव मिला, वो लक्ष्मी के साथ था. लक्ष्मी देवी ने इस पूरी घटना पर कहा, मैंने वही किया जो मेरी मां करतीं, मेरी बहन करतीं, या कोई भारतीय महिला करती. साड़ी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और वो हमारी मेहमान हैं. आखिर में एलिसिया ने कहा Thank you, Lakshmi.

सागर में एक ही परिवार की आत्महत्या के पीछे गहरी पारिवारिक कलह, जांच में खुली परतें

 सागर  खुरई के ग्राम टीहर में पति, सास और दोनों बच्चों द्वारा जहर खाकर की गई सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मां व उसके प्रेमी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला कायम कर लिया है। दरअसल घटना के एक माह पहले महिला की जवान बेटी ने मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद महिला ने घर में क्लेश मचाया और पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद पति, सास व बेटा व बेटी ने एक साथ जहर खाकर खुदकशी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खुरई थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 जुलाई की रात करीब पौने बाहर बजे टीहर गांव में मनोहर उसकी 70 वर्षीय मां फूलरानी, 18 वर्षीय बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकशी कर ली थी। घटना के समय मनोहर की पत्नी 41 वर्षीय पत्नी द्रौपदी घर पर नहीं थी। पत्नी को मायके भेज दिया मनोहर ने उसे मायके भेज दिया था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला था, जिसमें उनकी मृत्यु बाद संपत्ति के बंटवारे का जिक्र किया गया था, साथ ही उस संपत्ति में मां को कोई हिस्सा न देने की बात का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद से ही पुलिस को पत्नी पर संदेह हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घर वालों के साथ ही पत्नी के बयान भी लिए। जिसमें यह बात सामने आई कि घटना के एक माह पहले बेटी शिवानी ने अपनी मां को घर में भैंस बांधने वाले स्थान पर गांव के ही 39 वर्षीय सुरेंद्र पिता घनश्याम लोधी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, लेकिन बेटी ने कुछ नहीं कहा। इसके 15 दिन बाद बेटी ने जब फिर दोनों को संबंध बनाते देखा तो उसने अपनी मां को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, जिसके बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। पति और सास ने समझाया था, पर नहीं मानी पति और सास ने द्रौपदी को बैठाकर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, उल्टे पति व सास को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने आरोपित घनश्याम लोधी को भी समझाया, लेकिन उसने मनोहर की समाज में बदनामी करने की धमकी दी। इसके बाद पति, सास और दोनों बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या करने का निर्णय लिया। पुलिस ने खुरई शहर थाना में मर्ग जांच के बाद 107, 108, 3, 5, बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। शनिवार को महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया, जहां से घनश्याम को खुरई और महिला को सागर केंद्रीय जेल में भेज दिया है।

सतना में बदमाशों का तांडव! व्यापारी के घर पर गोलियां बरसाईं, परिवार सहमा

सतना  सतना शहर के पॉश इलाकों में शुमार चाणक्यपुरी में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक व्यापारी भागवत गुप्ता के निवास पर रविवार सुबह करीब 9 बजे नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना के समय घर में व्यापारी और उसका पूरा परिवार मौजूद था, जो इस हमले से बुरी तरह दहशत में आ गया। सूचना मिलते ही कोलगवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सभी हमलावर उत्तर प्रदेश नंबर प्लेट लगी गाड़ियों से आए थे। पुलिस के अनुसार, घटना स्थल पर तीन बुलेट कारतूस मिले हैं। दो अंदर घर में और एक बाहर बरामद किया गया है। दीवार में छेद कर गोली अंदर तक पहुंची गई थी। यह अच्छा रहा कि वह किसी को लगी नहीं। घटनास्थल पर थाना प्रभारी सुदीप सोनी स्वयं पहुंचे और एफएसएल टीम के साथ साक्ष्य जुटाए। पहले भी दी जा चुकी थी पुलिस को सूचना व्यापारी परिवार ने पूर्व में भी संभावित खतरे की आशंका को लेकर थाने में सूचना दी थी। परिजन इस फायरिंग की घटना को पुराने गुप्ता पैलेस जमीनी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। परिवार की ओर से संदेह व्यक्त किया गया है कि उन्हीं लोगों का हाथ इस हमले में हो सकता है, जो पूर्व विवाद में शामिल थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर विशेष सोशल टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही साइबर सेल को भी सक्रिय कर संदिग्ध नंबरों की निगरानी शुरू कर दी गई है। सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में टीआई सुदीप सोनी ने मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया और क्षेत्र के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। गोलीबारी की पुष्टि की जा चुकी है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और परिवार की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

किसानों से खरीदी मक्का, पैसे दबाए 3 करोड़! छिंदवाड़ा में व्यापारी पर पुलिस की कार्रवाई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में किसानों के साथ धोखा करने वाले एक व्यापारी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चौरई पुलिस ने इस व्यापारी को गिरफ्तार किया है। इस व्यापारी पर आरोप है कि उसने किसानों से मक्का खरीदा और लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी भारती जाट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। चौरई पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ा। भारी मात्रा में मक्का जब्त पुलिस ने आरोपी हिमांशु साहू की निशानदेही पर दादा गुरु वेयरहाउस कंडीपार से 4276.840 मीट्रिक टन मक्का जब्त की है। इस मक्के की कीमत लगभग 9 करोड़ 40 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस ने इस फसल को फ्रीज कर दिया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था। वह दूसरे स्थान पर अलग नाम से रह रहा था। पुलिस लगातार उस पर नजर रख रही थी। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। इन धाराओं में मामला दर्ज थाना चौरई में अपराध क्रमांक 502/25 के तहत धारा 318(4), 318(3), 316(5), 3(5) BNS में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ठगी के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं किसानों में भुगतान न होने के कारण असंतोष का भाव है।  

रीवा में महिला थाना प्रभारी की ऑन ड्यूटी रील वायरल, आईजी ने दी सख्त चेतावनी

रीवा  रीवा जिले के पुलिस विभाग से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, मामला ये है कि सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने थाने के अंदर एक रोमांटिक गाने पर रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रीवा रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) राजेश सिंह ने संभाग के समस्त पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर रील बनाने या ऐसी कोई भी पोस्ट डालने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो विभाग की गरिमा के खिलाफ हो। आरजू फिल्म के गाने पर बनाई रील यह मामला शनिवार को सामने आया, जब सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के एक रोमांटिक गाने पर बनाया गया रील वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंकिता मिश्रा ने आरजू फिल्म का गाना, "अब तेरे दिल में हम आ गए…' पर रील बनाई। अंकिता मिश्रा ने पुलिस स्टेशन के अंदर रील बनाई थी, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे। वर्दी में रील नहीं बनाने का आदेश डीआईजी राजेश सिंह ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सोमवार को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को एक कड़ा आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिसकर्मी वर्दी में या सिविल ड्रेस में किसी भी तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें। उन्होंने आदेश में लिखा है कि ऐसे कृत्यों से पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर इस तरह की गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं और पद की गरिमा के प्रतिकूल हैं, जिससे जनता के बीच पुलिस की छवि खराब होती है। सख्त कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी राजेश सिंह ने अपने आदेश में यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आदेश में लिखा- छवि पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव डीआईजी ने अपने आदेश में लिखा कि प्रायः देखा जा रहा है कि बहुत से पुलिसकर्मी वर्दी में अथवा सिविल में अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया में वायरल/अपलोड करते हैं। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा किया जाना अनुशासन के सर्वथा विपरीत होकर उसकी पद और गरिमा के भी प्रतिकूल है। इससे आज जनता के मध्य पुलिस की छवि पर भी अत्यधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि भविष्य में इस किस्म की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए अथवा कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन इस कार्यालय को भेजें। जिसके लिए वह अधिकारी या कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होगा। तीन मामले जब पुलिसकर्मियों की रील सामने आईं 1. शनिवार को सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा की अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के रोमांटिक गाने पर थाने के अंदर बनाई रील सामने आई थी। यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। लोगों ने थाना प्रभारी को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ ने तो यहां तक लिखा कि आपको पुलिस विभाग नहीं, बल्कि मुंबई में होना चाहिए। 2.16 अप्रैल 2025 को सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक संध्या वर्मा के वीडियो जमकर वायरल हुए थे। जहां प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी टाइम में कई फिल्मी और रोमांटिक गानों पर वर्दी में रील बनाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। जिसके बाद सभी वीडियो बैक टू बैक जमकर वायरल हो गए और पुलिस विभाग की जमकर किरकरी हो गई। इस पर इन्हें एसपी विवेक सिंह ने नोटिस जारी किया था। 3. 25 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाना रीवा जिले के एक पुलिस आरक्षक को महंगा पड़ गया था। जिले के सोहागी थाना अंतर्गत त्योंथर चौकी में पदस्थ आरक्षक मुन्ना यादव ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन किया था। आरक्षक ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया गया था। जिसकी रील जमकर वायरल हुई थी जिसमें उसने कहा था कि 400 का नारा धरा रह जाएगा। देखते ही देखते यह वीडियो और रील सोशल मीडिया में वायरल हो था। जिसके बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए रीवा एसपी विवेक सिंह ने आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया था। आदेश का सख्ती से पालन कराने के दिए निर्देश डीआईजी ने अपने आदेश में कहा- सभी पुलिस अधीक्षक सख्त निर्देश का पालन सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को देकर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि वे यह निर्देश सभी कर्मचारियों को 3 दिवस तक रोल काल में पढ़कर सुनाएं और इस आशय की रिपोर्ट रोजनामचा सान्हा में भी दर्ज करें और पुलिसकर्मियों को दें। कृपया निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

अब मध्यप्रदेश में बिजली चोरी रोकना होगाआसान, सरकार ‘विद्युत पुलिस थानों’ की शुरुआत करने जा रही

भोपाल  अब मध्यप्रदेश में बिजली चोरी रोकना आसान होगा। गुजरात की तर्ज पर प्रदेश सरकार 'विद्युत पुलिस थानों' की शुरुआत करने जा रही है। इन थानों में प्रतिनियुक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, जो बिजली विभाग की जांच टीमों के साथ जाकर औचक निरीक्षण करेगा, एफआईआर दर्ज करेगा और केस डायरी तैयार करेगा। पहले चरण में भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और रीवा में एक-एक विद्युत थाना खोला जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। सीएम ने बिजली चोरी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस बल की आसान उपलब्धता पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि 15 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे, जिससे बकाया बिलों की समस्या खत्म हो सके। वहीं, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के समय बिजली पर 20% सस्ती दरों का लाभ मिलेगा। यह छूट पहले से उद्योगों को मिल रही थी, अब घरेलू उपभोक्ताओं को भी दी जाएगी। फिलहाल प्रदेश में 21 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 1.34 करोड़ मीटर लगाने का लक्ष्य है। इस कार्य की धीमी गति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और तेजी से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “स्मार्ट मीटरिंग बिजली उपयोग में अनुशासन लाएगी और उपभोक्ताओं को फायदा भी होगा।” सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि पंपों को सोलर पंप में बदला जाए, ताकि बिजली लोड कम हो और आपूर्ति बेहतर हो। इसके साथ ही घने पेड़ों के नीचे से गुजरने वाली लाइनों पर कोटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बारिश या आंधी के समय बिजली बाधित न हो। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि बकाया बिल वसूली के लिए ‘समाधान योजना’ लाई जा रही है। घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को अधिभार में छूट दी जाएगी। यह योजना 6 महीने के लिए लागू होगी। इसके बाद भी बिल न चुकाने वालों के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। अगले दो साल में तीनों बिजली वितरण कंपनियों को लाभ में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट, सौर ऊर्जा, स्मार्ट मीटरिंग और राजस्व वृद्धि पर जोर दिया जा रहा है।

MP में बड़ा स्कॉलरशिप घोटाला, 40 स्कूलों-मदरसों ने की धोखाधड़ी, क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच

भोपाल मध्य प्रदेश में अल्पसंख्यक छात्रों को केंद्र सरकार से मिलने वाली विशेष छात्रवृत्ति योजना में घोटाला का मामला सामने आया है। भोपाल में आठवीं और 10वीं कक्षा तक की मान्यता वाले अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों ने 11वीं व 12वीं कक्षा के 972 विद्यार्थियों के नाम पर 57 लाख रुपये की छात्रवृत्ति हड़प ली। 20 मदरसों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक की शिकायत पर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 स्कूलों और 20 मदरसों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, मेरिट कम मीन्स, अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में भोपाल जिले की 83 शिक्षण संस्थाओं को रेड फ्लैग से चिह्नित किया था। राज्य सरकार ने भौतिक निरीक्षण कराया तो खुली पोल राज्य सरकार ने इसका भौतिक निरीक्षण कराया। पता चला कि इनमें से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकृत 20 निजी स्कूल और 20 मदरसे ऐसे हैं, जिनकी मान्यता तो आठवीं और 10वीं कक्षा तक की ही है, लेकिन उन्होंने 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों का पंजीयन पोर्टल पर करा रखा है। उनके नाम पर जारी छात्रवृत्ति निकाली जाती रही है। जिन विद्यार्थियों के नाम पर यह छात्रवृत्ति निकली, वे वास्तव में दूसरे स्कूलों में पढ़ रहे थे। पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की शुरुआती जांच के बाद पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक योगेंद्र राज ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की है। केंद्र सरकार की यह छात्रवृत्ति मुस्लिम, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई और पारसी समुदाय के विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए आती है।