राष्ट्रगीत में हुए बदलाव
दिल्ली-सरकार ने बड़ा निर्देश जारी किया केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) ने वंदे मातरम् को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अब सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और महत्वपूर्ण ऑफिशियल अवसरों पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद बजाना या गाना अनिवार्य होगा। 1= 6 छंदों वाला यह संस्करण लगभग 3 मिनट 10 सेकंड का है, और इसे राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ से पहले प्रस्तुत किया जाएगा जब दोनों को एक साथ कार्यक्रम में बजाया/गाया जाता है। 2=जब ‘वंदे मातरम्’ बज रहा/गाया जा रहा हो, तो सभी उपस्थित लोगों को खड़े होकर सम्मान दिखाना आवश्यक है (जैसे राष्ट्रगान के लिए होता है)। 3= आदेश में कई महत्वपूर्ण सरकारी अवसरों का उल्लेख है — जैसे तिरंगे का फहराना, राष्ट्रपति या राज्यपाल के आगमन-प्रस्थान, और अन्य सरकारी समारोह — जहाँ अब छह छंद अनिवार्य होंगे। 4= यह फैसला वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के अवसर पर लिया गया है और यह वंशानुगत अधिकारियों, राज्य सरकारों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है। यह पहली बार है कि “वंदे मातरम्” के लिए एक स्पष्ट औपचारिक प्रोटोकॉल और समय-सीमा निर्धारित किया गया है; पहले केवल राष्ट्रगान (जन गण मन) के लिए ही ऐसा नियम मौजूद था। खबरों में यह भी बताया गया है कि सिनेमा हॉल आदि जैसे विशेष स्थानों पर गीत बजने पर खड़े होना अनिवार्य नहीं होगा, ताकि प्रदर्शन में व्यवधान न आए। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले साल कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस विषय पर राजनीतिक बहस भी हुई थी, लेकिन सरकार ने नियम जारी कर पूरी छह-छंद वाली प्रस्तुति का निर्णय लिया है। क्या बदल रहा है? 🇮🇳 पहले: आमतौर पर वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंद ही सरकारी कार्यक्रमों में गाए जाते थे। 📢 अब: सभी छह छंद का गायन/वादन अनिवार्य, 3:10 मिनट का पूरा संस्करण, और राष्ट्रगान से पहले प्रदर्शन। 🙋♂️ आचरण: खड़े होना अनिवार्य (कुछ विशेष स्थितियों को छोड़कर)।