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कब्जा हटाने के आदेश में आपत्तिजनक भाषा, यूपी अफसर पर कार्रवाई, सीएम योगी का त्वरित एक्शन

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के एक हालिया आदेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को जाति व धर्म विशेष से जोड़कर निर्देशित किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आदेश को पूर्वाग्रह से प्रेरित और अस्वीकार्य मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश दिया है. साथ ही इस आदेश के लिए जिम्मेदार संयुक्त निदेशक (पंचायती राज) सुरेंद्र नाथ सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पंचायती राज विभाग की ओर से जारी यह पत्र प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय उपनिदेशकों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया था. इसमें प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि, जैसे कि ग्राम सभा की भूमि, पोखरे, खलिहान, खाद गड्ढे, श्मशान भूमि आदि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, पत्र की भाषा में विशेष रूप से यादव जाति और मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा किए गए कथित कब्जे का उल्लेख किया गया, जिसे लेकर कई स्तरों पर आपत्ति दर्ज की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आदेश को न केवल संविधान की भावना के विरुद्ध बताया, बल्कि यह भी कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं हो सकतीं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होता है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के अनुसार होनी चाहिए न कि जातिगत या धार्मिक पहचान के आधार पर. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की भाषा, जो सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकती है, का प्रयोग किसी भी सरकारी पत्राचार में न किया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि शासन की ओर से कोई भी निर्णय लेते समय संवैधानिक मूल्यों, निष्पक्षता और प्रशासनिक मर्यादा का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए.

योगी सरकार की सख्ती जारी, दालमंडी के अतिक्रमण चिन्हित; कार्रवाई की तैयारी

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया हैं. इसमें सबसे प्रमुख  वाराणसी के चर्चित दाल मंडी बाजार को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के बाद सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू किया जाए. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर भी पैनी नजर रखने के साथ-साथ सख़्ती से निपटने का आदेश दिया है. बारिश के बाद शुरू होगा दालमंडी का चौड़ीकरण कार्य वाराणसी के सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि अराजकता फैलाने वाले और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा वाराणसी के सबसे बड़े थोक मार्केट दालमंडी पर होने वाले चौड़ीकरण कार्य को लेकर सीएम योगी ने दिशा निर्देश देते हुए कहा है कि – दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बारिश के बाद तत्काल शुरू किया जाए. दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काफी सुर्खियों में रहा है. दरअसल यहां पर सैकड़ो ऐसे दुकान मकान और धार्मिक स्थल हैं जो इस अभियान के जद में आ सकते हैं.  माहौल बिगड़ता वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए – सीएम योगी अधिकारियों संग बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए और उनसे पूरी तरह सख्ती से निपटा जाए. जातिगत विषय आधारित मुद्दों पर अराजकता फैलाने वाले, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कठोर कार्रवाई के लिए सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया है. इसके अलावा विकास परियोजनाओं को लेकर भी स्पष्ट किया कि 24 बड़ी परियोजनाएं गतिमान है जिनकी कीमत लगभग 15000 करोड रुपए है. वाराणसी के सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देश दिया है.  

सीएम योगी ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर संदेश यात्रा का शुभारंभ किया

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक के लिए निकली संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। सीएम योगी यात्रा में शामिल हुए और दिल्ली के लिए रवाना किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से निकली और सीएम आवास तक गई। सीएम योगी ने यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया। योगी अपने सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया। साथ ही शबद कीर्तन एवं कथा विचार के बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। गौरतलब हो कि यात्रा यूपी से दिल्ली जाएगी। लखनऊ के बाद यात्रा कानपुर, इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली के चांदनी चौक, शीशगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगी। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा की, औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने जबरन धर्म परिवर्तन की नीतियां अपनाईं। औरंगजेब ने भय, प्रलोभन और तरह-तरह के अत्याचार के जरिए गुरु तेग बहादुर जी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने उसका डटकर मुकाबला किया और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपनी शहादत देकर आने वाली पीढ़ी को एक प्रेरणा दी। धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी भड़के और इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम राष्ट्रविरोधी साजिशों का पर्दाफाश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी देश में धर्मांतरण की साजिशें चल रही हैं। बलरामपुर में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग हो रही थी। धर्मांतरण के लिए रेट तय किए गए थे। जांच में 100 करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसे षड्यंत्रकारियों से सावधान रहने की जरूरत है और समाज को तोड़ने वाली ताकतों को नाकाम करें। सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा।

सीएम योगी करेंगे पांच बहुमंजिला भवनों का लोकार्पण—KGMU में स्वास्थ्य संरचना को और मिलेगा बल

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर रोगियों को सुविधाओं की साैगात देंगे। इसके तहत दो भवनों का लोकार्पण और तीन का शिलान्यास होना है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि सोमवार को शाम 4.00 बजे मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और शिलान्यास के लिए समय दिया है। इसके तहत कार्डियोलाॅजी भवन और ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही जनरल सर्जरी के नए भवन, नए प्रशासनिक भवन और ट्रामा-2 का शिलान्यास किया जाएगा। 300 बेड का होगा जनरल सर्जरी विस्तार भवन केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग का नया भवन बनाया जाना है। 9.62 एकड़ में 37,128.76 वर्ग मीटर में बनने वाले इस विस्तार भवन के निर्माण में करीब 315 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इस भवन में कार पार्किंग के लिए दो मंजिला अंडर ग्राउंड बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर समेत कुल 11 मंजिला भवन बनाया जाएगा। नए भवन में कुल 300 बेड की क्षमता होगी। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। दोगुनी हो जाएगी कार्डियोलाॅजी भवन की क्षमता केजीएमयू के लारी कार्डियोलाॅजी विभाग में छह महीने से नया भवन बनकर तैयार है। इसकी शुरुआत होने पर दिल के रोगियों का इलाज करने की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी। यहां आईसीयू के बेड की क्षमता 84 से बढ़कर 180 हो जाएगी। इस 10 मंजिला भवन के छह मंजिलों पर मरीजों को भर्ती, इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रशासनिक भवन भी होंगे। नीचे की चार मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा रहेगी। इसकी शुरुआत होने पर कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में मचने वाला घमासान कम हो जाएगा। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में होगे 340 बेड केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में हड्डी रोग के तीन विभाग आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक शिफ्ट किए जाएंगे। नए भवन में 340 बेड पर मरीज भर्ती करने की क्षमता है। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भवन में सभी जांचों की सुविधा एक ही भवन में मिल जाएगी। यहां एमआरआई, खून की जांच, सीटी स्कैन और एक्सरे जांच की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। यहां 24 प्राइवेट रूम, 24 आईसीयू, 340 बेड, आठ ओटी, आठ ओपीडी रूम, एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, खून की जांच, हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड की सस्ती दर की दुकान, डॉक्टरों के कमरे, बेसमेंट में पार्किंग, कैंटीन की सुविधा मिलेगी।   ट्राॅमा-2 के निर्माण से मिलेगी गंभीर मरीजों को राहत केजीएमयू में ट्रॉमा सेंटर फेज-2 का निर्माण होने पर गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इस पर करीब 296 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। नए भवन में पांच सौ बेड पर भर्ती की सुविधा मिलेगी। ट्रॉमा सेंटर फेज-2 के नए भवन में सड़क दुर्घटना वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जबकि पुराना भवन गंभीर रोगियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस समय ट्रॉमा सेंटर में घायल और अन्य प्रकार के रोगी एक ही साथ भर्ती किए जा रहे हैं। वर्तमान ट्राॅमा सेंटर की क्षमता 466 बेड की है। लखनऊ ही नहीं, यहां पूरे प्रदेश से गंभीर मरीज लाए जाते हैं। क्षमता के मुकाबले ज्यादा मरीज आने से रोजाना 30 से 40 मरीज वापस किए जाते हैं। इसको देखते हुए नया भवन बनाया जा रहा है। नया प्रशासनिक भवन केजीएमयू में माैजूदा कुलसचिव कार्यालय के बगल में नया प्रशासनिक भवन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसकाशिलान्यास करेंगे। इससे यहां कामकाज में आसानी होगी।  

जनता की पुकार पर मुख्यमंत्री योगी का भरोसा, बोले- कोई भी असहाय नहीं रहेगा अकेला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा कि परेशान मत हों, आपकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक महिला इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो उन्होंने कहा कि इलाज का इस्टीमेट मंगा लीजिए, सरकार भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में एक महिला समेत कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।  

छांगुर बाबा को बताया जल्लाद, CM योगी बोले– कानून ने दिखाया अपना असर

आजमगढ़ आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- अभी आपने देखा होगा कि कैसे बलरामपुर में समाज विरोधी, राष्ट्रद्रोही कार्यो में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. आपने देखा होगा कैसे एक जल्लाद को हमने गिरफ्तार किया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था, उनकी सौदेबाजी करता था.  सीएम योगी ने धर्मांतरण मामले में बोलते हुए आगे कहा कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. हम समाज को टूटने नहीं देंगे. राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तत्वों को चकनाचूर कर के रहेंगे. कानून के तहत इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे. साथ ही धरती माता की रक्षा भी करेंगे.  दरअसल, सीएम योगी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने आजमगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती मां के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे. यह वृक्षारोपण अभियान इसी का परिणाम है. आपको बता दें कि धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन बलरामपुर में स्थित उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला और अब ED भी बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.  आजमगढ़ में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया के द्वारा अव्यवस्था फैलाई गई थी, विकास नहीं होता था, न वनाच्छादन होता था, हमने जो अभियान 8 वर्ष पहले शुरू किया था, वो अबतक 204 करोड़ पेड़ लगाने तक पहुंच चुका है. अबतक 8 वर्ष में 204 करोड़ वृक्षारोपण किया गया है. पिछली सरकार ने आजमगढ़ के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाता है तो देखने वालों की आंखे चमक जाती हैं. 

योगी सरकार पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए, नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को को जनांदोलन बनाया जाए

 अयोध्या  उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई को इतिहास रचने का दावा किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे. इसी दिन प्रदेश के सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने जिलों में पौधरोपण कर इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी विभागों और नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को जनांदोलन बनाया जाए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरठ और ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे. वहीं, वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या और आजमगढ़ में सीएम के साथ मौजूद रहेंगे. सभी 18 मंडलों में चलेगा अभियान पौधरोपण महाभियान प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा. लखनऊ मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी मंडलों में विभागीय समन्वय, नोडल अधिकारियों की तैनाती और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है. वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे महाअभियान में वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से 14 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा, जो इस अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा होगा. इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है. थीम आधारित ‘हरियाली वन’ की स्थापना होगी पौधरोपण अभियान के दौरान थीम आधारित विशेष वन क्षेत्रों की भी स्थापना की जाएगी. इनमें शामिल हैं.अटल वन (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में), शौर्य वन (सैनिकों की वीरता को समर्पित), एकता वन (राष्ट्रीय एकता के प्रतीक), त्रिवेणी वन (पवित्र नदियों के संगम की प्रेरणा से) इन स्थलों पर विशेष देखरेख और जनभागीदारी के साथ पौधरोपण किया जाएगा ताकि ये स्थान भविष्य में पर्यावरणीय पर्यटन और जनजागरूकता के केंद्र बन सकें. गरीबों को जोड़ेगी 'सहजन भंडारा योजना' अभियान में गरीब और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'सहजन भंडारा योजना' चलाई जा रही है. इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के लाभार्थियों द्वारा सहजन के दो-दो पौधे रोपे जाएंगे. इस कदम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ सामाजिक समावेशिता को भी बल मिलेगा. नदियों के किनारे 3.5 करोड़ पौधों से हरियाली का घेरा अभियान के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों, जिनमें गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, घाघरा आदि शामिल हैं, के किनारे 21313.52 हेक्टेयर भूमि पर 3.56 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण भी करना है. एक्सप्रेसवे और सड़कों पर भी होगा वृक्षारोपण प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़क मार्गों के किनारे भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा. इसके तहत 1.14 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि वायु प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. 2.50 लाख पौधे विशेष रूप से एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे. तैयारियों को मिला अंतिम रूप मुख्यमंत्री के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री जनसंवाद करेंगे और पर्यावरणीय प्रयासों में सहभागी सात किसानों को कार्बन क्रेडिट के तहत चेक भी सौंपेंगे. यह पहल ना सिर्फ हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देगी.

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो -मुख्यमंत्री

लखनऊ  सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था की कमान सीएम योगी खुद संभाल रहे हैं. गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से बिजनौर तक हेलीकॉप्टर द्वारा पूरे यात्रा मार्ग का उन्होंने हवाई निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक भावना के सम्मान में कोई कमी न रह जाए. मुख्यमंत्री  साफतौर पर कहा कि कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का विषय है. ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से यात्रा की पवित्रता बनाए रखने पर बल दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति खानपान की वस्तुओं को दूषित करने या श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने जैसा कोई भी निंदनीय प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और संबंधित आरोपियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज किया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में यात्रा का वातावरण बिगड़ना नहीं चाहिए. अव्यवस्था फैलाने वालों को नहीं मिलेगी रियायत मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव, झगड़ा, विवाद या अव्यवस्था फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही उन्होंने जोर दिया कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की सतत निगरानी और पर्याप्त बल की तैनाती हो. श्रद्धालुओं के लिए पूरी हो व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द काम किया जाए. सीएम ने कहा कि  टेंट, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय, और एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं को हर हाल में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.. उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां कांवड़िए रुकते हैं, वहां साफ-सफाई, साफ पेयजल और ठहरने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, यात्रा मार्ग पर उचित विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. स्वयंसेवी संस्था भी बनें हिस्सा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि इस यात्रा में स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक समूहों की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की सहभागिता से न केवल व्यवस्थाएं बेहतर होंगी, बल्कि जनसहयोग का संदेश भी जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि  समाज के सहयोग से व्यवस्था और मजबूत होगी. सेवा का भाव ही इस यात्रा की आत्मा है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार और गंगा नदी से जल लाकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आते हैं. यह यात्रा कई जिलों से होकर गुजरती है. इसलिए सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. गर्मी और बारिश को ध्यान में रखते हुए उनके लिए ठंडे पानी की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र, आराम स्थल और यातायात की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

प्रथम स्थान पाने वाले विकास खंड को 2.5 करोड़ रुपए , दूसरे को 1.5 करोड़ रुपए, तीसरे को 1 करोड़ रुपए देगी योगी सरकार

विष्णुपुरा उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'आकांक्षात्मक विकास खण्ड' योजना के तहत वर्ष 2024-25 की वार्षिक डेल्टा रैंकिंग जारी की गई है. जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विकास खंडों को 20 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन विकास खंडों को सम्मानित करेंगे. प्रदेश के नियोजन विभाग की ओर से की गई रैंकिंग में जालौन, रामपुरा (जालौन), देवकली (गाजीपुर), विष्णुपुरा (कुशीनगर) और मड़िहान (मिर्जापुर) विकास खंडों ने टॉप 5 में जगह बनाई है. इन विकास खंडों को उनके समग्र विकास जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा और सामाजिक प्रगति में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया जाएगा. रैंकिंग के आधार पर तय हुई राशि प्रोत्साहन राशि को प्रदर्शन के क्रम में बांटा गया है. प्रथम स्थान पाने वाले विकास खंड को 2.5 करोड़ रुपए , दूसरे को 1.5 करोड़ रुपए, तीसरे को 1 करोड़ रुपए और शेष दो टॉप परफॉर्मर्स को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे. योगी सरकार का मानना है कि इससे अन्य विकास खंडों को भी प्रेरणा मिलेगी और जिलेवार प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समग्र ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जालौन का जलवा रैंकिंग के अनुसार, रामपुरा (जालौन) ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि खेसराहा (सिद्धार्थनगर) और जालौन विकास खंड ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया है. शिक्षा के क्षेत्र में भी जालौन और रामपुरा ने पहला और दूसरा स्थान अर्जित किया, जबकि देवकली (गाजीपुर) तीसरे स्थान पर रहा. वहीं बलिया, सोनभद्र और बदायूं के कुछ विकास खंडों का प्रदर्शन शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों में कमजोर रहा. कृषि और बुनियादी ढांचे में भी दिखा असर कृषि क्षेत्र में विष्णुपुरा (कुशीनगर) सबसे आगे रहा. जबकि अंबेडकरनगर के टांडा और संभल का संभल विकास खंड भी टॉप तीन में शामिल हुए. बुनियादी ढांचे के विकास में सैदनगर (रामपुर) शीर्ष पर रहा, जबकि नवाबगंज (फर्रूखाबाद) और असफपुर (बदायूं) ने भी उल्लेखनीय सुधार दिखाया. सामाजिक विकास में सैदनगर सबसे आगे सामाजिक विकास श्रेणी में भी सैदनगर (रामपुर) पहले स्थान पर रहा. इसके अलावा पीलीभीत का पूरनपुर, मीरजापुर का मड़िहान, संभल का राजपुरा और चित्रकूट का पहाड़ी विकास खंड भी बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे. जहां विकास की रफ्तार धीमी रही रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ विकास खंड अब भी पिछड़े हुए हैं. शुकुलबाजार (अमेठी), गौरीबाजार (देवरिया) और निचलौल (महराजगंज) जैसे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अब भी तेज़ प्रयासों की आवश्यकता है. सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधन और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी.

उत्तर प्रदेश में अब नक्शा पास कराने की झंझट खत्म, घर के साथ आसानी से खोलिए दुकान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी निर्माण को लेकर बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब अगर आप मकान बना रहे हैं और उसके साथ दुकान भी खोलना चाहते हैं, तो नक्शा पास कराने की झंझट नहीं होगी। साथ ही छोटे भूखंडों पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराना अब अनिवार्य नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शहरी इलाकों के लिए नई भवन निर्माण उपविधियां और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत अब बड़े शहरों में 24 मीटर और छोटे शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर आवासीय भवनों के साथ दुकानें बनाने की छूट दी जाएगी। मकान में ही बना सकेंगे दुकान नई व्यवस्था के तहत अब विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने के लिए लंबी प्रक्रियाओं और पैसों की वसूली पर भी लगाम लगाने की कोशिश की गई है. सरकार ने 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर नक्शा पास कराने की बाध्यता खत्म कर दी है. इन भूखंडों पर लोग सिर्फ विकास प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन कराकर निर्माण करा सकेंगे. यूपी सरकार ने पुराने नियमों को बदलते हुए ‘उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025’ लागू करने का फैसला किया है. अब बड़ी आबादी वाले शहरों में 24 मीटर और कम आबादी वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़क पर मकान के साथ दुकान बनाने की अनुमति होगी. बिल्डिंग बनाने का नियम भी आसान सरकार ने बिल्डिंग बनाने के नियम भी आसान कर दिए हैं. 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर ऊंची इमारतें बनाने पर अब कोई एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशियो की सीमा नहीं होगी. वहीं, छोटे प्लॉट्स के लिए भी एफएआर बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा ग्रीन रेटेड भवनों को अतिरिक्त एफएआर का फायदा दिया जाएगा. अब 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर शॉपिंग मॉल बनाने की भी इजाजत दी गई है. वहीं, 3000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंड पर ही अस्पताल और शॉपिंग मॉल बन सकेंगे. छोटे भूखंडों पर डॉक्टर्स, आर्किटेक्ट्स, वकीलों जैसे प्रोफेशनल्स को अपने घर का 25 फीसदी हिस्सा दफ्तर के तौर पर इस्तेमाल करने की छूट मिलेगी, जिसके लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी. पार्किंग के लिए नई व्यवस्था पार्किंग को लेकर भी नई व्यवस्था की गई है. 4000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर अलग से पार्किंग ब्लॉक बनाना होगा, पोडियम और मेकेनाइज्ड ट्रिपल स्टैक पार्किंग की भी अनुमति दी गई है. इसके अलावा अस्पतालों में एंबुलेंस पार्किंग और स्कूलों में बस पार्किंग और पिक-एंड-ड्रॉप ज़ोन बनाने के भी नए प्रावधान किए गए हैं. सरकार का दावा है कि इन बदलावों से शहरी विकास को नई रफ्तार मिलेगी और आम लोगों को राहत भी. सरकार ने नक्शा पास कराने की बाध्यता भी काफी हद तक खत्म कर दी है। अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया जा सकेगा। केवल विकास प्राधिकरण में पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इससे आम लोगों को न केवल राहत मिलेगी बल्कि भ्रष्टाचार और फर्जी वसूली पर भी लगाम लगेगी। इतना ही नहीं, जिन क्षेत्रों में ले-आउट पहले से स्वीकृत है, वहां 500 वर्ग मीटर के आवासीय और 200 वर्ग मीटर के व्यावसायिक भूखंडों के लिए नक्शा ऑनलाइन दाखिल करने के बाद उसे “ट्रस्ट बेस्ड अप्रूवल” माना जाएगा। यानी संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी पर नक्शा स्वतः स्वीकृत माना जाएगा, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। इस नई व्यवस्था से शहरों में मिश्रित भूमि उपयोग (मल्टी यूज जोन) को बढ़ावा मिलेगा। आम नागरिक अब सरल तरीके से घर और व्यवसाय एक साथ शुरू कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम शहरी विकास को गति देगा और छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहित करेगा।