इंदौर कलेक्टर ने सख्ती से नियम पालन कराने को कहा
इंदौर में अभिभावकों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूलों द्वारा तय की गई किताबें, कॉपियां और ड्रेस केवल स्कूल से ही खरीदना अनिवार्य नहीं होगा—पेरेंट्स इन्हें बाजार से भी खरीद सकेंगे। इस फैसले का उद्देश्य निजी स्कूलों की मोनोपोली खत्म करना और अभिभावकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना है।
क्या है नया आदेश?
- सभी निजी स्कूलों को रिजल्ट जारी होने के बाद जरूरी किताबों और ड्रेस की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
- स्कूल किसी विशेष दुकान से ही किताब या ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकेंगे।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1)(2) के तहत जारी किया गया है।
क्या होगा फायदा?
- किताबों और यूनिफॉर्म की कीमतों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से अभिभावकों को सस्ते विकल्प मिल सकेंगे।
- स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी।
यह आदेश इसी शिक्षा सत्र से लागू किया जाएगा, जिससे हजारों अभिभावकों को सीधे तौर पर राहत मिलने की उम्मीद है।