News Aazad Bharat

विश्व जन्मजात दोष दिवस

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल ने विश्व जन्मजात हृदय दोष जागरूकता दिवस पर दिया समय पर पहचान और उपचार का संदेश
भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल (एम्स भोपाल) ने विश्व जन्मजात हृदय दोष जागरूकता दिवस के अवसर पर लोगों को जन्मजात हृदय रोगों के प्रति जागरूक करते हुए समय पर पहचान और उपचार का संदेश दिया। संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि जन्मजात हृदय दोष (Congenital Heart Disease) ऐसे हृदय संबंधी विकार हैं जो शिशु में जन्म के समय से मौजूद होते हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, यदि नवजात शिशु में सांस लेने में कठिनाई, त्वचा या होंठों का नीला पड़ना, वजन न बढ़ना, अत्यधिक थकान या बार-बार निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

एम्स भोपाल के विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं और सर्जरी की मदद से अधिकांश जन्मजात हृदय दोषों का सफल उपचार संभव है। कई मामलों में शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर दवा और नियमित निगरानी से भी स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

संस्थान ने गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रसवपूर्व जांच कराने और जन्म के बाद नवजात की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें।

इस अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विशेषज्ञों ने कहा कि सही समय पर निदान और उचित उपचार से जन्मजात हृदय दोष से पीड़ित बच्चों का जीवन सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

Loading spinner

Leave a Comment